Category: Madhya Pradesh

  • विजय शाह मामले में राजभवन पहुंची कांग्रेस, राज्यपाल से मंत्री पर केस चलाने की मंजूरी देने की मांग

    विजय शाह मामले में राजभवन पहुंची कांग्रेस, राज्यपाल से मंत्री पर केस चलाने की मंजूरी देने की मांग

    भोपाल। जनजातीय कार्य विभाग मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी न देने के सरकार के फैसले को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने कैबिनेट के फैसले पर पुनर्विचार कर मंत्री के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी देने की मांग की। राज्यपाल ने मामले पर पुनर्विचार करने और सरकार से चर्चा के बाद उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

    मंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस का विरोध
    कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान को लेकर विजय शाह पहले से ही राजनीतिक विवादों में घिरे हैं। इसी मामले में राज्य कैबिनेट द्वारा उनके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं देने के फैसले का कांग्रेस ने विरोध किया है। उमंग सिंघार के साथ विधायक आरिफ मसूद और सुरेश राजे भी राजभवन पहुंचे।

    राज्यपाल से मुलाकात के बाद सिंघार ने कहा कि सरकार अपनी बदनामी से बचने के लिए राज्यपाल को बीच में ला रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री और सरकार के पास मंत्री को हटाने और केस चलाने की मंजूरी देने का अधिकार है, तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

    ‘देश की बेटी के अपमान पर सरकार चुप’
    उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और ‘लाड़ली बहना’ जैसे अभियानों की बात करने वाली सरकार सेना की महिला अधिकारी के अपमान के मामले में चुप है। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाए।

    सिंघार के मुताबिक, राज्यपाल ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया है कि वे मामले पर पुनर्विचार करेंगे और सरकार से चर्चा कर उचित कदम उठाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मंत्री पर कार्रवाई करने के बजाय जिम्मेदारी राज्यपाल के पाले में डाल दी है।

    केके मिश्रा ने भी सरकार पर साधा निशाना
    पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा ने भी मामले में सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गैर-जमानती धाराओं में दर्ज संज्ञेय अपराध में सरकार का यह फैसला उचित नहीं है। उनका कहना था कि यह मामला देश की संप्रभुता और भारतीय सेना के सम्मान से जुड़ा है।

    मिश्रा ने 2015 के व्यापमं मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय तत्कालीन राज्यपाल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई थी। उन्होंने कहा कि राजभवन को संविधान और न्यायपालिका के सामने चुनौती खड़ा करने वाला संस्थान नहीं बनना चाहिए।

    यूसीसी को लेकर भी सरकार पर हमला
    राज्यपाल से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे ‘काला कानून’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर इसे खत्म किया जाएगा। सिंघार ने आरोप लगाया कि बहुमत के आधार पर विधानसभा में यह कानून पारित कराया गया है।

    विधायक आरिफ मसूद ने भी यूसीसी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इसके लागू होने से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित होगी और इसे संविधान के अनुच्छेद 29 से जोड़ते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।

  • आईपीएस निरंजन वायंगणकर को मिली पदोन्नति, बने साइबर पुलिस के नए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक

    आईपीएस निरंजन वायंगणकर को मिली पदोन्नति, बने साइबर पुलिस के नए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक

    भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वर्ष 1999 बैच के अधिकारी निरंजन वी. वायंगणकर को पदोन्नति देते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) के पद पर पदस्थ किया है।

    गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, वायंगणकर वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक (IG), साइबर, पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर कार्यरत हैं। पदोन्नति के बाद उन्हें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक/साइबर, पुलिस मुख्यालय, भोपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    आदेश में कहा गया है कि अधिकारी द्वारा नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-11 के अंतर्गत उनके द्वारा धारित पद की प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी के अनुरूप अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर वेतनमान एवं अन्य सुविधाएं देय होंगी। गृह विभाग ने यह आदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा उनके आदेशानुसार जारी किया है।
  • फर्जी IAS मामले में नया VIDEO वायरल: विधानसभा में प्रोबेशनर होने का दावा, कथित ठगी के बाद अब सहेलियों की भूमिका पर सवाल

    फर्जी IAS मामले में नया VIDEO वायरल: विधानसभा में प्रोबेशनर होने का दावा, कथित ठगी के बाद अब सहेलियों की भूमिका पर सवाल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में फर्जी IAS बनकर कथित तौर पर लोगों को ठगने के आरोप में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत से जुड़े नए VIDEO सामने आने के बाद पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। अशोकनगर के चंदेरी से शुरू हुए इस मामले की कड़ियां अब भोपाल तक पहुंच चुकी हैं और विधानसभा परिसर में बनाए गए एक VIDEO ने तृप्ति की कथित फर्जी अफसर वाली पहचान पर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। VIDEO में तृप्ति अपनी दो सहेलियों के साथ विधानसभा परिसर के बाहर घूमती और ब्लॉग बनाती नजर आ रही है। लाल साड़ी में दिखाई दे रही तृप्ति को उसकी एक सहेली सीनियर अधिकारी बताती है जबकि तृप्ति खुद को प्रोबेशनर बताते हुए मजाक में कहती नजर आती है कि उनकी हरकतों को देखकर कोई उन्हें अधिकारी नहीं मानेगा।

    विधानसभा परिसर के बाहर शूट किए गए VIDEO में तृप्ति की सहेली कहती है कि वे विधानसभा अटेंड करने आई हैं और उन्होंने अपना पहला ब्लॉग बनाने का फैसला किया है। बातचीत के दौरान तृप्ति और उसकी सहेलियों के बीच हंसी मजाक भी होता है। एक सहेली कहती है कि वे दोनों प्रोबेशनर्स हैं जबकि तृप्ति पहले से उनकी सीनियर हैं। तृप्ति भी इस बातचीत में खुद को सीनियर बताते हुए अपनी सहेलियों के साथ दोस्ताना व्यवहार करने की बात कहती है। यह VIDEO सामने आने के बाद पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या ऐसे वीडियो और सोशल मीडिया गतिविधियों का इस्तेमाल लोगों के बीच खुद को असली सरकारी अधिकारी साबित करने के लिए किया जाता था।

    तृप्ति पर आरोप है कि वह अलग अलग जगहों पर खुद को IAS अधिकारी और मध्य प्रदेश पर्यटन निगम की बड़ी अधिकारी बताकर लोगों का भरोसा जीतती थी। चंदेरी में उसके खिलाफ चार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 9 लाख 80 हजार रुपए लेने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच के दौरान भोपाल में भी उसके खिलाफ 39 लाख 17 हजार रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया। शिकायत के अनुसार एक व्यक्ति से होटल और रिसॉर्ट की संपत्ति लीज पर दिलाने के नाम पर 35 लाख 30 हजार रुपए और नौकरी लगवाने के नाम पर 3 लाख 87 हजार रुपए लिए गए।

    जांच में यह भी सामने आया है कि तृप्ति के पास कथित तौर पर सरकारी पहचान से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामग्री मौजूद थी। पुलिस को CBI लिखा पहचान पत्र और सरकारी लेटरहेड जैसे दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा भारत सरकार लिखा एक इनोवा वाहन भी पुलिस जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन चीजों का इस्तेमाल लोगों पर सरकारी अधिकारी होने का प्रभाव डालने के लिए किया जाता था या नहीं।

    पुलिस जांच में मंत्रालय और IAS अधिकारियों के नामों की सूची मिलने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि तृप्ति जरूरत पड़ने पर अधिकारियों के नाम लेकर खुद को उनके करीब बताती थी जिससे लोगों का भरोसा आसानी से जीता जा सके। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इस कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था और कितने लोग इसके प्रभाव में आए।

    भोपाल के मामले में शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बाद न तो होटल रिसॉर्ट की लीज दिलाई गई और न ही नौकरी लग सकी। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर केवल 1 लाख रुपए लौटाए गए जबकि बाकी रकम को लेकर विवाद बढ़ने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले में तृप्ति के भाई और अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

    विधानसभा परिसर के VIDEO सामने आने के बाद अब पुलिस की नजर तृप्ति के पूरे नेटवर्क पर है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि उसकी सहेलियों और अन्य सहयोगियों को कथित फर्जी पहचान के बारे में कितनी जानकारी थी। चंदेरी से भोपाल तक फैले मामलों और विधानसभा परिसर के VIDEO ने इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में पुलिस पूछताछ और जांच से इस कथित फर्जी IAS नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।

  • 1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए, सीएम मोहन यादव बोले- सफलता को सिर पर न चढ़ाएं और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें

    1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए, सीएम मोहन यादव बोले- सफलता को सिर पर न चढ़ाएं और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें


    भोपाल । भोपाल में आयोजित लैपटॉप वितरण कार्यक्रम मेधावी विद्यार्थियों के लिए यादगार बन गया जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक साथ 1 लाख 21 हजार से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की बड़ी पहल की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 10 विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से लैपटॉप सौंपे जबकि 1 लाख 21 हजार 804 पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को केवल अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रहने बल्कि जीवन की हर चुनौती से सीखते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता मिलने पर उसे सिर पर नहीं चढ़ाना चाहिए और असफलता आने पर निराश होकर रुकने के बजाय अपनी गलतियों से सीखकर नई शुरुआत करनी चाहिए। विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य तय करने और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ नॉलेज और स्किल्स को मजबूत करना भी आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए विद्यार्थियों के सामने जीवन के बदलते दौर का उदाहरण रखा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिलने वाले लड्डू के लिए भी तरसना पड़ता था लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के संसाधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज सीखोगे तो कल कमाओगे। उनके अनुसार लैपटॉप केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं बल्कि डिजिटल लर्निंग ई-लाइब्रेरी और उच्च शिक्षा के नए अवसरों तक पहुंचने का माध्यम है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्थर और मूर्तिकार का उदाहरण देकर विद्यार्थियों को संघर्ष का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि जिस पत्थर में छेनी और हथौड़ी की चोट सहने की क्षमता होती है वही आगे चलकर सुंदर मूर्ति बनता है और सम्मान पाता है। जीवन की कठिनाइयां भी इंसान को इसी तरह मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी ही हार सकता है लेकिन जीत का सपना भी वही देखता है जो मुकाबला करने का साहस रखता है।

    लैपटॉप योजना के विस्तार पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इसकी शुरुआत कभी केवल 473 विद्यार्थियों से हुई थी लेकिन आज इसका दायरा बढ़कर 1 लाख 21 हजार से अधिक मेधावी विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने अपने भविष्य के सपने भी साझा किए। 12वीं में 97.2 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले धीरेंद्र सिंह मुंडेला ने बताया कि वह पहले यूपीएससी की तैयारी करना चाहते हैं और आगे चलकर राजनीति में आकर देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं। वहीं 95 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली हिमांशी पाठक ने नौकरी करने के साथ भविष्य में अपना व्यवसाय शुरू करने और नौकरी देने वाली बनने की इच्छा जताई।

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि केवल डॉक्टर इंजीनियर और वकील बनने का सपना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि अच्छे किसान और योग्य राजनेता भी समाज और देश की जरूरत हैं। उन्होंने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्यों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर मार्गदर्शन से कमजोर शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थी भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

    स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का भरोसा बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर में लगातार कमी आई है। वर्ष 2025-26 में करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों ने 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं जबकि पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 92 हजार थी। उन्होंने कहा कि लैपटॉप योजना से अब तक करीब 6 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं और सरकार इस योजना पर लगभग 1620 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। साथ ही करीब 18 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी भी आगे बढ़ाई जा रही है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर माहौल मिल सके।

  • भोपाल में सीलिंग ने बढ़ाया सियासी और कारोबारी पारा: सड़क पर व्यापारी, पुलिस से भिड़ंत, शहरव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    भोपाल में सीलिंग ने बढ़ाया सियासी और कारोबारी पारा: सड़क पर व्यापारी, पुलिस से भिड़ंत, शहरव्यापी आंदोलन की चेतावनी


    भोपाल । भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई ने मंगलवार को एक बार फिर व्यापारियों के गुस्से को भड़का दिया। शहर में सुबह से शुरू हुई कार्रवाई के बाद भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी सड़कों पर उतर आए और सीलिंग अभियान को तुरंत बंद करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब व्यापारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने के लिए सीएम हाउस की ओर बढ़ने लगे और पुलिस ने उन्हें रोशनपुरा चौराहे के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

    नगर निगम की टीम ने मंगलवार सुबह करीब 9 बजे से रहवासी क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। कोहेफिजा क्षेत्र में चाय लीला कैफे सहित होटल बुक शॉप और बेकरी जैसे प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों में नाराजगी फैल गई। कुछ संचालकों ने निगम की कार्रवाई से पहले ही अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद कर दिए लेकिन व्यापारिक संगठनों ने इसे कारोबारियों के लिए बड़ी परेशानी बताते हुए विरोध का फैसला किया।

    सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में व्यापारी न्यू मार्केट स्थित नानके पेट्रोल पंप के पास एकत्र हुए और वहां से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू किया। व्यापारियों का कहना था कि वे सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना चाहते हैं और सीलिंग की कार्रवाई बंद करने के साथ शहर में मास्टर प्लान लागू करने की मांग कर रहे हैं। जैसे ही प्रदर्शनकारी रोशनपुरा चौराहे के पास पहुंचे पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उनका रास्ता रोक दिया। इसके बाद कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की की स्थिति बन गई। इस दौरान कुछ व्यापारी नीचे गिर गए हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।

    प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने तानाशाही बंद करो के नारे लगाकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। कई व्यापारी सशक्त आवाज व्यापारियों की आवाज लिखे बैनर पहनकर प्रदर्शन में पहुंचे। विरोध को अलग तरीके से दर्ज कराने के लिए व्यापारियों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए थाली शंख और डमरू भी बजाए। मौके पर मौजूद ACP अखिल पटेल ई रिक्शा पर चढ़कर व्यापारियों को समझाने और स्थिति को शांत करने की कोशिश करते नजर आए लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।

    भोपाल व्यापारी महासंघ संघर्ष समिति के अध्यक्ष नवीन सोनी ने कहा कि व्यापारी सरकार तक अपना ज्ञापन पहुंचाने आए हैं और उनकी सबसे बड़ी मांग सीलिंग की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को राहत देते हुए शहर में मास्टर प्लान लागू किया जाना चाहिए ताकि वर्षों से संचालित कारोबारियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा न हो। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अभी प्रदर्शन में भोपाल के केवल 10 प्रतिशत व्यापारी ही शामिल हुए हैं। यदि सीलिंग की कार्रवाई जारी रही तो शहर के सभी व्यापारी एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे और पूरे भोपाल में विरोध तेज किया जाएगा।

    सीलिंग कार्रवाई को लेकर बढ़ता विरोध अब नगर निगम और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। एक ओर निगम नियमों के तहत कार्रवाई जारी रखे हुए है तो दूसरी ओर व्यापारी इसे अपने कारोबार और भविष्य पर संकट बता रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन इस विवाद का क्या समाधान निकालते हैं इस पर अब पूरे शहर की नजर बनी हुई है।

  • MP: भोपाल में CJP की बैठक में हंगामा….छात्रों ने लगाए नारे, माइक छीनने की कोशिश

    MP: भोपाल में CJP की बैठक में हंगामा….छात्रों ने लगाए नारे, माइक छीनने की कोशिश


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में सीजेपी (CJP) की बैठक के दौरान उस वक्त हंगामा हो गया, जब छात्रों और युवाओं का एक समूह बैठक में पहुंच गया. युवकों ने CJP के प्रतिनिधियों (Representatives) से स्कूलों के ऑडिट (School audits) और संगठन की गतिविधियों को लेकर सवाल किए. सवाल-जवाब के दौरान विवाद बढ़ गया और कुछ युवकों ने नारेबाजी शुरू कर दी. इस दौरान माइक छीनने की कोशिश भी की गई. हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस गांधी भवन पहुंची और छात्रों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।

    दरअसल, शहर के गांधी भवन का यह मामला है. यहां CJP की बैठक के दौरान अचानक हंगामे की स्थिति बन गई. दरअसल, छात्रों और युवाओं का एक समूह बैठक के दौरान अंदर पहुंचा था. इनमें कुछ युवक काली टी-शर्ट पहने हुए थे। युवकों ने CJP के प्रतिनिधियों से स्कूलों के ऑडिट को लेकर सवाल पूछना शुरू किया।

    सवाल-जवाब के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. युवकों ने दिल्ली में हुए पिछले प्रदर्शनों और संगठन की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए। इसी दौरान कुछ युवकों ने नारेबाजी शुरू कर दी. ‘यह दिल्ली नहीं, भोपाल है’, ‘कॉकरोच पार्टी मुर्दाबाद’ और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए गए. मामला बढ़ने पर माइक छीनने की कोशिश भी हुई।

    हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल गांधी भवन पहुंचा. पुलिस ने मौके पर मौजूद छात्रों और युवाओं को समझाइश दी. पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बैठक के दौरान युवकों की नारेबाजी और हंगामे का दृश्य दिखाई दे रहा है।

  • ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा मोड़: जिस कोर्ट से मिली थी गिरिबाला सिंह को बेल वहीं चलेगा मां-बेटे पर मुकदमा

    ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा मोड़: जिस कोर्ट से मिली थी गिरिबाला सिंह को बेल वहीं चलेगा मां-बेटे पर मुकदमा


    भोपाल  भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब मुकदमे की अगली प्रक्रिया उसी विशेष अदालत में आगे बढ़ेगी जहां से पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को इस मामले में शुरुआत में अग्रिम जमानत मिली थी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को विशेष न्यायाधीश ओडब्ल्यू पल्लवी द्विवेदी की अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद अब रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे तथा ट्विशा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर इसी अदालत में आगे की सुनवाई होगी।

    मामले में अधिवक्ता अंकुर पांडे के अनुसार विशेष अदालत ने ही पहले गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी। हालांकि बाद में जबलपुर हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया था। इसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए गिरिबाला सिंह को हिरासत में लिया था। वह तब से जेल में हैं। अब मामले को उसी विशेष अदालत में भेजे जाने के बाद मुकदमे की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

    ट्विशा शर्मा मौत मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है और इसकी जांच सीबीआई कर रही है। जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने 17 अगस्त को भोपाल की अदालत में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत के सामने अगला अहम चरण आरोप तय करने का है। उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुसार चार्जशीट दाखिल होने के बाद निचली अदालतों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आरोपियों पर आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रयास करना होता है। ऐसे में इस मामले में भी सुनवाई की दिशा अब तेजी से आगे बढ़ सकती है।

    मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में एम्स दिल्ली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार ट्विशा के शरीर पर किसी तरह की गंभीर चोट के निशान नहीं मिले थे। दूसरी ओर इससे पहले एम्स भोपाल में तैयार की गई शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले शरीर पर छह चोटों के निशान दर्ज किए गए थे। दोनों रिपोर्टों में सामने आए इस अंतर ने मामले को और गंभीर बना दिया है और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों की अहमियत बढ़ गई है।

    अब अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान चार्जशीट में शामिल साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया होगी। आरोप तय होने के बाद मुकदमे की सुनवाई किस दिशा में जाती है यह अदालत के सामने पेश किए जाने वाले दस्तावेजों और साक्ष्यों पर निर्भर करेगा। फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा घटनाक्रम यही है कि मुकदमे को विशेष न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है और इसी अदालत में गिरिबाला सिंह तथा समर्थ सिंह के खिलाफ मामले की अगली कार्यवाही आगे बढ़ेगी।

  • एमपी में अगले 4 दिन तेज बारिश के आसार, सतना-रीवा समेत 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में अगले 4 दिन तेज बारिश के आसार, सतना-रीवा समेत 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया और ट्रफ के असर से अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने का अनुमान है। मंगलवार को उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि सतना, रीवा, पन्ना समेत 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश को देखते हुए मैहर में मंगलवार को भी सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी रहेगी।

    4 सितंबर तक कई संभागों में बारिश

    IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया और ट्रफ के कारण 4 सितंबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 1 और 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश होगी। 3 सितंबर को भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 4 सितंबर को सिस्टम पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग को प्रभावित करेगा।

    आज 17 जिलों में अलर्ट

    मंगलवार को उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    मैहर में आज भी स्कूल बंद

    मैहर में लगातार भारी बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने 1 सितंबर को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सोमवार देर रात आदेश जारी किया।

    डैमों में 70% से ज्यादा पानी

    लगातार बारिश से प्रदेश के ज्यादातर डैमों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। अधिकांश बांधों में 70% तक पानी पहुंच चुका है और कुछ के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों की स्थिति अभी अपेक्षाकृत कमजोर है।

    भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट खाली है। बड़ा तालाब भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। इससे कलियासोत डैम का जलस्तर भी बढ़ेगा।

    अब तक 27.7 इंच बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 702.9 मिमी यानी 27.7 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 782.6 मिमी यानी 30.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अभी 3.1 इंच बारिश कम हुई है। ओवरऑल बारिश सामान्य से 10% कम है। पूर्वी हिस्से में 5% और पश्चिमी हिस्से में 15% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में 2 से 57% तक कम बारिश

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर 5% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत जिलों में 4% से 53% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 4% से 53% तक कम बारिश हुई है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    IMD के मुताबिक अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • सीलिंग से सहमा भोपाल का कारोबार अरेरा कॉलोनी में निगम टीम का विरोध 15 से ज्यादा प्रतिष्ठान बंद व्यापारियों ने मास्टर प्लान की मांग उठाई

    सीलिंग से सहमा भोपाल का कारोबार अरेरा कॉलोनी में निगम टीम का विरोध 15 से ज्यादा प्रतिष्ठान बंद व्यापारियों ने मास्टर प्लान की मांग उठाई


    भोपाल । भोपाल के रहवासी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने सोमवार सुबह से बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुए अभियान के तहत शहर के अलग अलग इलाकों में दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराया गया। चार घंटे के भीतर 15 से ज्यादा प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दौरान अरेरा कॉलोनी में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब नगर निगम की टीम आर्य समाज मंदिर के पास कार्रवाई करने पहुंची। दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए सवाल उठाया कि केवल छोटे कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर ही कार्रवाई क्यों की जा रही है जबकि बड़े शॉपिंग मॉल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर समान कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।

    अरेरा कॉलोनी में विरोध कर रहे दुकानदारों का कहना था कि एक ही इलाके में कई जगह कमर्शियल गतिविधियां संचालित हो रही हैं लेकिन निगम का अमला चुनिंदा दुकानों को ही निशाना बना रहा है। दुकानदारों के विरोध के बाद निगम की टीम आगे बढ़ गई। इस दौरान निगम अधिकारी पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। कार्रवाई के दौरान कई व्यापारियों ने अपनी परेशानी सामने रखते हुए कहा कि अचानक प्रतिष्ठान बंद होने से उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

    10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि व्यापारियों को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि अगर भोपाल का मास्टर प्लान समय पर लागू किया जाता तो आज इस तरह की समस्या सामने नहीं आती। व्यापारियों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द मास्टर प्लान लागू करे या फिर मिक्स्ड लैंड यूज की व्यवस्था को लेकर समाधान निकाले ताकि रहवासी इलाकों में लंबे समय से चल रहे कारोबार को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बन सके।

    व्यापारियों का दावा है कि सीलिंग की कार्रवाई का असर भोपाल के बड़े हिस्से के कारोबार पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि पिछले डेढ़ महीने से मुख्यमंत्री मंत्री सांसद विधायक महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी समस्या रखी जा चुकी है लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। व्यापारियों के मुताबिक कार्रवाई से कई बाजारों में सन्नाटा छा गया है और छोटे कारोबारियों के सामने भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    नगर निगम की कार्रवाई रचना नगर सर्वधर्म अरेरा कॉलोनी खानूगांव और गौतम नगर तक पहुंची। रचना नगर में जूंबा डांस हाउस को सील किया गया। सर्वधर्म बी सेक्टर में एक होटल को बंद कराया गया। गौतम नगर में एक होटल संचालक ने खुद ही कमर्शियल गतिविधि बंद कर दी। खानूगांव में भी एक भवन में चल रही व्यावसायिक गतिविधि को बंद कराया गया। ई-3 अरेरा कॉलोनी में कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने कुछ और समय देने की मांग की लेकिन निगम अधिकारियों ने कहा कि पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है।

    इस बीच मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले रहवासी विवेक त्रिपाठी ने भी निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बड़े और प्रभावशाली लोगों के प्रतिष्ठानों को छोड़कर छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में रखी जाएगी। दूसरी ओर निगम की कार्रवाई के बाद कई प्रतिष्ठानों पर यह तख्तियां भी लगाई गई हैं कि भवन में व्यवसायिक गतिविधियां बंद हैं। अब इस पूरे मामले में व्यापारियों और नगर निगम के बीच टकराव बढ़ता नजर आ रहा है और स्थायी समाधान के लिए मास्टर प्लान तथा मिक्स्ड लैंड यूज की मांग फिर तेज हो गई है।

  • उज्जैन में धधकती चिता के सामने तांत्रिक क्रिया का वीडियो वायरल, मानव अवशेष खाने का दावा; संतों ने मांगी कार्रवाई

    उज्जैन में धधकती चिता के सामने तांत्रिक क्रिया का वीडियो वायरल, मानव अवशेष खाने का दावा; संतों ने मांगी कार्रवाई

    उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में किन्नर अखाड़े से जुड़ी किन्नर साधक काली उर्फ नंद गिरि धधकती चिता के सामने कथित रूप से तांत्रिक क्रिया करती नजर आ रही हैं। वीडियो में वह तलवार की मदद से चिता से कथित मानव अवशेष निकालकर उसे खाने का दावा करती दिखाई देती हैं। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।

    बताया गया है कि उक्त वीडियो काली उर्फ नंद गिरि ने अपने इंस्टाग्राम खाते पर साझा किया था। वीडियो में वह जलती चिता के सामने तलवार लेकर तांत्रिक क्रिया करती दिखाई देती हैं। इसके बाद वह तलवार से चिता के भीतर से कथित मानव अंग का अवशेष निकालती हैं और कैमरे के सामने उसे खाने का दावा करती हैं।

    वीडियो में किन्नर साधक यह कहते हुए भी सुनाई देती हैं कि गर्म अवस्था में मानव शरीर का हिस्सा खाना हर किसी के बस की बात नहीं है और यह उनके लिए रोजमर्रा की साधना का हिस्सा है। वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और मामले में कार्रवाई की मांग उठ रही है।

    संत समाज ने कहा है कि अघोर एवं तांत्रिक साधना की अपनी परंपराएं और मर्यादाएं होती हैं। ऐसी साधनाओं को सार्वजनिक प्रदर्शन या प्रचार का माध्यम बनाना उचित नहीं है। संतों का कहना है कि इस प्रकार के वीडियो से धार्मिक परंपराओं को लेकर समाज में गलत संदेश जाता है।

    महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरि ने कहा कि अघोर साधना की अपनी मर्यादा है और तांत्रिक क्रियाओं का सार्वजनिक प्रदर्शन उचित नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, वैदिक परंपराओं के नाम पर इस तरह की गतिविधियों का प्रचार-प्रसार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि निजी प्रसिद्धि और प्रचार के लिए ऐसी गतिविधियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

    इधर, अघोरी अखाड़े के पीठाधीश्वर एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णुनाथ ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि वीडियो में एक महिला जलती चिता के पास धारदार हथियार लेकर चिता की सामग्री और कथित मानव अवशेषों से छेड़छाड़ करती दिखाई दे रही है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार, यदि वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री वास्तव में मानव शव के अवशेष हैं और उनके साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है, तो यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 301 के अंतर्गत अपराध के दायरे में आ सकता है। शिकायत में पुलिस से वीडियो की सत्यता की जांच कराने तथा तथ्य सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की गई है।

    वीडियो के वायरल होने के बाद चक्रतीर्थ श्मशान घाट की सुरक्षा और वहां होने वाली कथित तांत्रिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों और उसमें दिखाई दे रही सामग्री की वास्तविक प्रकृति की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।