Category: Madhya Pradesh

  • धनतेरस से पहले बना दुर्लभ संयोग, रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग में खरीदारी से जुड़ेगी समृद्धि की मान्यता

    धनतेरस से पहले बना दुर्लभ संयोग, रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग में खरीदारी से जुड़ेगी समृद्धि की मान्यता


    भोपाल । त्योहारों के मौसम में खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए 1 नवंबर का दिन विशेष माना जा रहा है। धनतेरस से पांच दिन पहले रविवार को रवि पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सोना चांदी वाहन मकान जमीन और कारोबार से जुड़ी वस्तुएं खरीदने से सुख समृद्धि आती है। यही वजह है कि बाजारों में भी इस दिन ग्राहकों की अच्छी आवाजाही रहने की उम्मीद है। इसे अबूझ मुहूर्त भी माना जाता है। यानी शुभ कार्य करने के लिए अलग से मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती।

    भोपाल के ज्योतिष मठ संस्थान के पंचांग कार्यकर्ता पं. विनोद गौतम के अनुसार 1 नवंबर को सुबह 5 बजकर 39 मिनट से पुष्य नक्षत्र शुरू होगा। यह नक्षत्र 2 नवंबर की सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र होने से रवि पुष्य योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही 1 नवंबर को सुबह 6 बजकर 33 मिनट से सर्वार्थ सिद्धि योग भी शुरू होगा जो अगले दिन सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन दोनों योगों को शुभ कार्यों और खरीदारी के लिए अच्छा माना जाता है।

    खरीदारी के लिए दिन में दो विशेष मुहूर्त बताए गए हैं। पहला अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। वहीं शाम को गोधूलि मुहूर्त 5 बजकर 36 मिनट से 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। इन समयों में लोग अपनी सुविधा के अनुसार खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि पूरे दिन रवि पुष्य योग रहने की मान्यता के चलते इस दिन को खरीदारी के लिए विशेष महत्व दिया जा रहा है।

    पं. गौतम के मुताबिक 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। इसके देवता देवगुरु बृहस्पति और स्वामी शनिदेव माने गए हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार पुष्य नक्षत्र में किया गया निवेश लंबे समय तक लाभ देने वाला माना जाता है। इसी कारण इस दिन सोना चांदी लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां और सिक्के खरीदने की परंपरा है। इसके अलावा नया वाहन खरीदने या मकान जमीन फ्लैट दुकान और फैक्ट्री के लिए मशीनरी लेने को भी शुभ माना जाता है।

    व्यापारियों के लिए भी यह दिन नई शुरुआत का अवसर लेकर आया है। वे नए खाते बही शुरू कर सकते हैं और दुकान या कारोबार का शुभारंभ कर सकते हैं। जिन लोगों का बजट बड़ी खरीदारी की अनुमति नहीं देता वे भी इस अवसर पर छोटी वस्तुएं खरीद सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार श्री यंत्र शंख कौड़ी चंदन इत्र और मिट्टी के दीये खरीदना भी शुभ माना गया है। इस तरह कम बजट में भी लोग इस विशेष योग से जुड़ी परंपराओं का पालन कर सकते हैं।

    इस बार 1 नवंबर को अहोई अष्टमी का व्रत भी रखा जाएगा। इस दिन माताएं संतान की सुख समृद्धि और लंबी आयु की कामना के लिए व्रत करती हैं। पं. गौतम के अनुसार इस अवसर पर चांदी की अहोई और बच्चों के लिए चांदी के आभूषण खरीदने की भी परंपरा है। इसके साथ ही दान पुण्य और गुरु मंत्र का जाप करना भी शुभ फलदायी माना जाता है।

    धनतेरस और दीपावली से पहले आने वाला यह रवि पुष्य योग खरीदारी के लिहाज से खास महत्व रखता है। सोना चांदी और वाहन जैसे बड़े सामान खरीदने वालों के साथ ही छोटे बजट में खरीदारी करने वाले लोग भी इस दिन का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि इन सभी शुभ फलों का आधार ज्योतिषीय मान्यताएं और धार्मिक परंपराएं हैं। खरीदारी करते समय अपनी जरूरत और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखना भी जरूरी है।

  • लाल परेड ग्राउंड पर आज सजेगा मध्यप्रदेश का गौरव, मोनाली ठाकुर की प्रस्तुति से लेकर देशज व्यंजन मेले तक होंगे खास आयोजन

    लाल परेड ग्राउंड पर आज सजेगा मध्यप्रदेश का गौरव, मोनाली ठाकुर की प्रस्तुति से लेकर देशज व्यंजन मेले तक होंगे खास आयोजन


    भोपाल । मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस का मुख्य समारोह राजधानी भोपाल में रविवार को धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। तीन दिन तक चलने वाले राज्यस्तरीय आयोजन का सबसे बड़ा कार्यक्रम शाम 6 बजकर 30 मिनट पर लाल परेड ग्राउंड में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समारोह का शुभारंभ करेंगे। इस बार स्थापना दिवस की थीम विरासत से विकास के पथ की ओर अग्रसर प्रदेश रखी गई है। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान जनजातीय परंपराओं कृषि नवाचारों महिला उद्यमिता और विकास कार्यों की झलक दिखाई जाएगी। समारोह में आम नागरिक बिना किसी प्रवेश पत्र या पास के शामिल हो सकेंगे। वहीं स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए विशेष स्टूडेंट ब्लॉक बनाया गया है। विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए अपने संस्थान का पहचान पत्र दिखाना होगा।

    स्थापना दिवस के अवसर पर सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री लाल परेड ग्राउंड में आधुनिक कृषि प्रदर्शनी विकास दीर्घा महिला उद्यमिता मंडप और देशज व्यंजन मेले का उद्घाटन करेंगे। इन आयोजनों में प्रदेश की उपलब्धियों और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच दिया जाएगा। आधुनिक कृषि प्रदर्शनी में उन्नत बीज जैविक इनपुट्स स्मार्ट सिंचाई और एग्री स्टार्टअप्स से जुड़े नए प्रयोग देखने को मिलेंगे। महिला उद्यमिता मंडप और किसान बाजार में स्व-सहायता समूहों के उत्पाद हस्तशिल्प और स्थानीय वस्तुओं की प्रदर्शनी तथा बिक्री होगी।

    शाम के मुख्य समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता गायिका मोनाली ठाकुर की संगीत प्रस्तुति होगी। मुंबई से आए कलाकारों के साथ वे सुगम संगीत की प्रस्तुति देंगी। मोनाली ठाकुर बॉलीवुड के कई लोकप्रिय गीतों के लिए जानी जाती हैं। फिल्म लुटेरा का सवार लूं और दम लगा के हईशा का मोह मोह के धागे उनके चर्चित गीतों में शामिल हैं। उनकी आवाज से स्थापना दिवस की शाम संगीतमय होगी। कार्यक्रम में 71 बच्चे सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गायन करेंगे। इसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस बैंड राष्ट्रगान की प्रस्तुति देगा। समारोह का समापन आतिशबाजी के साथ होगा।

    इस अवसर पर शिक्षा और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रदेश के 102 मेधावी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपए की छात्रवृत्ति और प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे। जिलों से चयनित विद्यार्थियों में खंडवा के छह विद्यार्थी शामिल हैं। वहीं अशोकनगर बड़वानी नर्मदापुरम सिवनी सिंगरौली और उमरिया से चार-चार विद्यार्थियों का चयन किया गया है।

    किसानों के लिए भी इस बार स्थापना दिवस पर खास सौगात रखी गई है। किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज के 165 विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे। इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में प्रदेश के करीब 40 हजार किसानों ने भाग लिया था। चयनित किसानों को 55 ट्रैक्टर 55 बुलेट मोटरसाइकिल और 55 ई-स्कूटर दिए जाएंगे। प्रत्येक जिले से तीन विजेताओं का चयन किया गया है। भोपाल के विजेताओं को मुख्यमंत्री स्वयं पुरस्कार देंगे जबकि अन्य जिलों में प्रभारी मंत्री सम्मानित करेंगे।

    सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए भी विशेष तैयारियां की गई हैं। लाल परेड ग्राउंड में राजा भोज के भोपाल विषय पर 160 वॉटर कलर चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की ओर से तैयार यह प्रदर्शनी शहर के ऐतिहासिक गौरव को सामने लाएगी। वहीं देशज व्यंजन मेले में मालवा निमाड़ बुंदेलखंड बघेलखंड और महाकौशल के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद मिलेगा। यह मेला प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक चलेगा।

    मुख्य समारोह से पहले स्थापना दिवस के पूर्वरंग कार्यक्रमों के तहत भोपाल में सांस्कृतिक गौरव यात्राएं भी निकाली गईं। इनमें 400 से अधिक लोक और जनजातीय कलाकारों ने हिस्सा लिया। गोंड बैगा भील कोरकू सहरिया और भारिया जनजातियों के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया। करमा सैला भगोरिया मटकी घूमर भांगड़ा पंथी और लेझिम जैसे लोकनृत्यों ने शहर की सड़कों को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। इस तरह मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस संस्कृति विकास किसान कल्याण और प्रतिभाओं के सम्मान का बड़ा उत्सव बनने जा रहा है।

  • भोपाल में पहली बार सजेगी सेना दिवस परेड, आसमान में गरजेंगे लड़ाकू विमान और टैंकों से दिखेगी ताकत

    भोपाल में पहली बार सजेगी सेना दिवस परेड, आसमान में गरजेंगे लड़ाकू विमान और टैंकों से दिखेगी ताकत


    भोपाल । मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में सेना दिवस 2027 के आयोजनों का शुभारंभ एक खास पहल के साथ किया गया। शौर्य स्मारक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सुदर्शन चक्र कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने संकल्प वृक्ष का रोपण किया। इस पौधे को खास बनाने के लिए इसमें प्रदेश के सभी 55 जिलों से लाई गई मिट्टी मिलाई गई। एनसीसी कैडेट्स ने अपने-अपने जिलों से मिट्टी एकत्रित की और उसे कलशों में भरकर भोपाल पहुंचाया। इसके बाद सभी जिलों की मिट्टी को एक साथ मिलाकर संकल्प वृक्ष लगाया गया। इस पहल के माध्यम से प्रदेश की एकता और अखंडता का संदेश दिया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सेना और एनसीसी ने संकल्प वृक्ष के जरिए एक अनूठा प्रयोग किया है। प्रदेश के सभी 55 जिलों की मिट्टी को एक स्थान पर मिलाकर पौधे का रोपण करना मध्यप्रदेश की सामूहिक पहचान और एकजुटता को दर्शाता है। उन्होंने इस पहल के लिए सेना और एनसीसी के अधिकारियों तथा कैडेट्स को बधाई दी। मुख्यमंत्री के मुताबिक यह वृक्ष केवल एक पौधा नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की एकता और साझा संकल्प का प्रतीक है।

    भोपाल में अगले साल 15 जनवरी को 79वां सेना दिवस मनाया जाएगा। यह राजधानी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा क्योंकि पहली बार यहां सेना दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भारतीय सेना की ताकत और आधुनिक युद्ध क्षमता का प्रदर्शन होगा। सेना की ओर से दिखाई गई लघु फिल्म में आयोजन की झलक प्रस्तुत की गई। इसमें आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना से लेकर जमीन पर टैंकों की रफ्तार तक सेना के शौर्य को प्रदर्शित करने की तैयारी दिखाई गई।

    सेना दिवस परेड में सुदर्शन चक्र कोर के जवान कॉम्बैट ड्रिल्स और युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगे। भारतीय टैंकों की ताकत के साथ आधुनिक सैन्य तकनीक और उपकरणों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इस आयोजन के जरिए आम लोगों को सेना के अनुशासन वीरता और राष्ट्रसेवा की भावना को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। सेना की आधुनिक तैयारियों और युद्ध क्षमता की झलक युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1 नवंबर से 15 जनवरी तक सेना दिवस से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है जबकि वर्ष 2027 युवा वर्ष होगा। ऐसे में युवा वर्ष की शुरुआत सेना के शौर्य और पराक्रम से होना मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सैनिकों का अनुशासन और देश के प्रति समर्पण युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर शाम को प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसान कल्याण वर्ष के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं और विभिन्न कार्यक्रमों के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल विधायक भगवान सबनानी और महापौर मालती राय सहित सेना तथा प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

    सुदर्शन चक्र कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सांस्कृतिक ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से देश का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सेना दिवस परेड और इससे जुड़े कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार और प्रशासन हरसंभव सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी 55 जिलों से एनसीसी कैडेट्स द्वारा मिट्टी लाकर संकल्प वृक्ष का रोपण करना इस आयोजन को विशेष पहचान देता है।

    गौरतलब है कि भारत में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1949 में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने भारतीय सेना की कमान संभाली थी। इस ऐतिहासिक घटना की याद में सेना दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2027 में इसकी 79वीं वर्षगांठ होगी। भोपाल में होने वाली परेड प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की वीरता और आधुनिक सैन्य क्षमता से रूबरू कराने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगी।

  • पचमढ़ी के आर्मी एजुकेशन सेंटर में बायसन का हमला, फुटबॉल खेल रहे 26 वर्षीय जवान की मौत

    पचमढ़ी के आर्मी एजुकेशन सेंटर में बायसन का हमला, फुटबॉल खेल रहे 26 वर्षीय जवान की मौत

    मध्य प्रदेश: के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में जंगली बायसन के हमले में सेना के एक जवान की मौत हो गई। घटना गुरुवार शाम आर्मी एजुकेशन सेंटर परिसर की है। यहां कुछ सैनिक फुटबॉल खेल रहे थे। इसी दौरान जंगल से अचानक निकला एक बायसन मैदान में पहुंच गया और सैनिकों की ओर दौड़ पड़ा। हमले में 26 वर्षीय जवान आकाश चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल मिलिट्री अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

    मृतक जवान की पहचान उत्तराखंड निवासी आकाश चौहान के रूप में हुई है। वह आर्मी एजुकेशन सेंटर में चीनी भाषा का प्रशिक्षण ले रहे थे और 17वीं कमांड रेजिमेंट में पदस्थ थे। घटना के बाद सैन्य परिसर में शोक का माहौल है। अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद सैनिक भी सकते में आ गए।

    जानकारी के अनुसार, सैनिक जब मैदान में फुटबॉल खेल रहे थे, तभी झाड़ियों से निकलकर बायसन वहां पहुंचा। उसने अचानक सैनिकों पर हमला कर दिया। इस दौरान आकाश चौहान उसकी चपेट में आ गए। बायसन ने पीछे से उन पर हमला किया और उसके सींग जवान के पेट के आसपास लगे। इससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। साथी सैनिकों ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए मिलिट्री अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक पचमढ़ी संजीव शर्मा ने बताया कि सेना की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, सैनिक मैदान में फुटबॉल खेल रहे थे, तभी बायसन झाड़ियों से निकलकर वहां पहुंचा और उन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि आर्मी परिसर जंगल से लगा हुआ है। इस वजह से बायसन का झुंड कई बार जंगल से निकलकर परिसर में आ जाता है। हालांकि, इस तरह की घटना पहले कभी सामने नहीं आई थी। मामले की जांच की जा रही है।

    पचमढ़ी में पिछले कुछ दिनों से बायसन के झुंड की आवाजाही लगातार देखी जा रही है। पचमढ़ी थाने में पदस्थ एसएन यादव के मुताबिक, आकाश चौहान प्रशिक्षण के लिए यहां आए थे। वह उत्तराखंड में देहरादून के पास के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में बायसन का झुंड कई बार पचमढ़ी नगर के भीतर भी दिखाई दिया है।

    एक दिन पहले ही बायसन का झुंड शहीद द्वार के पास स्थित छोटी पुलिया पर आकर बैठ गया था। इसके कारण कई घंटे तक वहां से आवागमन बंद रहा। सड़क पर झुंड की मौजूदगी के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन से बायसन के झुंड को वापस जंगल में भेजने की मांग भी की थी।

    स्थानीय स्तर पर इस दिशा में कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी बीच आर्मी एजुकेशन सेंटर परिसर में हुए हमले ने वन्यजीवों की आवाजाही और मानव आबादी के बीच बढ़ते टकराव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल घटना की जांच की जा रही है।

  • बुरहानपुर के गरबा मंडल ने जीते 21 लाख रुपये, इसी संस्था के लकी ड्रॉ में बच्चे को मिली थी फॉर्च्यूनर

    बुरहानपुर के गरबा मंडल ने जीते 21 लाख रुपये, इसी संस्था के लकी ड्रॉ में बच्चे को मिली थी फॉर्च्यूनर


    मध्य प्रदेश: के बुरहानपुर के एक गरबा मंडल ने शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर 21 लाख रुपये का पुरस्कार अपने नाम किया है। इस उपलब्धि के बाद मंडल के सदस्यों में खुशी का माहौल है। इस आयोजन की खास बात यह भी रही कि प्रतियोगिता कराने वाली संस्था पहले भी अपने एक लकी ड्रॉ को लेकर चर्चा में आ चुकी है। इसी संस्था के लकी ड्रॉ में कुछ समय पहले बुरहानपुर के छह साल के बच्चे के नाम करीब 50 लाख रुपये की टोयोटा फॉर्च्यूनर कार निकली थी।

    गरबा प्रतियोगिता का आयोजन खरगोन जिले की झिरनिया तहसील के आभापुरी स्थित श्री सरकार धाम नर नारायण सेवा संस्थान की ओर से किया गया था। संस्था की ओर से हर साल शरद पूर्णिमा पर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष इसमें बुरहानपुर के गरबा मंडल ने पहला स्थान हासिल किया। विजेता मंडल को 21 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। पुरस्कार मिलने के बाद मंडल के सदस्यों ने उत्साह जताया और इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।

    आयोजकों के मुताबिक, प्रतियोगिता कराने का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूक करना है। इसमें खास तौर पर जेनरेशन जेड यानी युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जाता है। संस्था का मानना है कि गरबा जैसे पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का अवसर मिलता है।

    इस वर्ष प्रतियोगिता में बुरहानपुर के मंडल ने अपनी प्रस्तुति के आधार पर पहला स्थान हासिल किया। इसके लिए उसे 21 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। विजेता पक्ष की ओर से इस पुरस्कार राशि को देश में आयोजित गरबा प्रतियोगिताओं में सबसे बड़ी राशि बताया गया है। हालांकि, यह दावा आयोजकों और विजेताओं की ओर से किया गया है।

    इसी संस्था का नाम इससे पहले एक लकी ड्रॉ के कारण भी चर्चा में आया था। बुरहानपुर के सीलमपुरा क्षेत्र में रहने वाले छह वर्षीय मेदांश रायकवार के नाम पर उसकी दादी किरण रायकवार ने करीब एक साल पहले गरबा कार्यक्रम के दौरान 200 रुपये का कूपन खरीदा था। उन्होंने कूपन पर अपने पोते का नाम दर्ज कराया था। उस समय परिवार को अंदाजा नहीं था कि इस कूपन के जरिए उन्हें इतना बड़ा पुरस्कार मिल सकता है।

    बाद में लकी ड्रॉ का परिणाम घोषित हुआ तो पहला पुरस्कार मेदांश के नाम निकला। उसे करीब 50 लाख रुपये कीमत की टोयोटा फॉर्च्यूनर कार मिली। इस खबर के बाद बच्चे के परिवार में खुशी का माहौल बन गया था। कार मिलने पर ढोल-नगाड़ों के साथ उसका स्वागत किया गया और वाहन की पूजा-अर्चना भी की गई थी।

    अब उसी संस्था की शरद पूर्णिमा गरबा प्रतियोगिता में बुरहानपुर के मंडल को 21 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है। इस तरह कुछ समय के अंतराल में संस्था से जुड़े दो अलग-अलग आयोजनों के कारण बुरहानपुर चर्चा में रहा है। पहले लकी ड्रॉ में छह साल के बच्चे के नाम फॉर्च्यूनर कार निकली थी और अब गरबा प्रतियोगिता में शहर के मंडल ने पहला स्थान हासिल कर 21 लाख रुपये जीते हैं।

  • MP: CM यादव ने 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटा 30 करोड़ का बोनस,,, बैतूल को दी विकास कार्यों की सौगात

    MP: CM यादव ने 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटा 30 करोड़ का बोनस,,, बैतूल को दी विकास कार्यों की सौगात


    भोपाल/बैतूल।
    मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) 31 अक्टूबर को बैतूल (Betul) पहुंचे. उन्होंने यहां पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में जिले को कई सौगातें प्रदान कीं. उन्होंने 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों (Tendu leaf Collectors) के खातों में 30 करोड़ से अधिक की बोनस राशि (Bonus amount) ट्रांसफर की. इसके अलावा उन्होंने ग्राम वन समितियों के सदस्यों को 13 करोड़ से अधिक की काष्ठ लाभांश राशि भी  सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया. इस मौके पर उन्होंने 297 करोड़ से अधिक की लागत के 52 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 145 करोड़ से अधिक की लागत के 55 विकास कार्यों का लोकार्पण किया. इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में आए स्थानीय नागरिकों का पुष्पवर्षा कर स्वागत-अभिनंदन किया. उन्होंने विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सच्चा वादा और पक्का काम के संकल्प के साथ जनहितैषी कार्यों को आगे बढ़ा रही है. प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए अनेकों कार्य हो रहे हैं. कल ही किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की राशि की सौगात मिली है. प्रदेश के किसानों को पर्याप्त बिजली और सिंचाई सुविधाएं मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि आज बैतूल में चार जिलों के 3.69 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 30 करोड़ रुपये से अधिक की बोनस राशि मिली है. यह दक्षिण बैतूल, पश्चिम बैतूल, उत्तर बैतूल, पांढुर्णा (दक्षिण छिंदवाड़ा), पूर्व छिंदवाड़ा, पश्चिम छिंदवाड़ा एवं नर्मदापुरम वन मंडल के तेंदूपत्ता संग्राहकों के हक की राशि है. प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब तक 80 करोड़ से अधिक राशि दी गई है।


    छात्रों का पूरा ख्याल रख रही सरकार

    सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार माताओं-बहनों के कल्याण के लिए निरंतर लाड़ली बहनों को लाभ दे रही है. ग्राम वन समितियों को 13 करोड़ से अधिक काष्ठ लाभांश राशि भी मिली है. अद्भुत वन संपदा और नैसर्गिक सौन्दर्य के मामले में बैतूल जिला अतुलनीय है. बैतूल जिले के समग्र विकास के लिए यहां 443 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की अनुपम सौगात मिली है. प्रदेशभर में बन रहे सांदीपनि विद्यालय बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का मॉडल बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि बैतूल में जनजातीय बेटियों के लिए 50 करोड़ की लागत से कन्या शिक्षा परिसर और छात्रावास का भूमि-पूजन किया गया है. राज्य सरकार मेधावी योजना के अंतर्गत बोर्ड परीक्षाओं में 70 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले बच्चों को 25 हजार रुपए कीमत के लैपटॉप और स्कूल टॉपर्स को स्कूटी प्रदान कर रही है।


    सरकार ने खोले नौकरियों के रास्ते

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार विद्यार्थियों के स्वर्णिम भविष्य के लिए किताबें, साइकिल, ड्रेस और छात्रवृत्ति देकर उनकी हर तरीके से मदद कर रही है. बच्चे और युवा मध्यप्रदेश का भविष्य हैं. उनके लिए पर्याप्त रोजगार उपलब्ध हों, इसके लिए प्रदेशभर में उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं. हमारे बच्चे पढ़-लिखकर नौकरी मांगने की बजाय रोजगार देने वाले बनें, इसके लिए उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. राज्य सरकार ने अब तक 85 हजार शासकीय पदों पर युवाओं को नियुक्ति दी है. उन्होंने कहा कि अब एक लाख नए पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है. पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की गई है. प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर, माइनिंग इंस्पेक्टर, डॉक्टर जैसे पदों पर भी भर्ती हुई है. प्रदेश के 1 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है. हमारी सरकार सबका साथ-सबका विकास की भावना से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले कर्मचारियों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त डीए की सौगात भी मिली है।


    बैतूल-मुलताई में लगेंगे नए कारखाने

    मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बैतूल के कुकरू खामला का सौंदर्य देखती ही बनता है. यहां 15 करोड़ रुपए की लागत से पर्यटन सुविधिओं को विस्तार दिया जा रहा है. यहां कॉफी के बागान लगाए जाएंगे. बैतूल-मुलताई में 24 करोड़ के नए कारखाने लगाए जाएंगे. भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के अवसर प्रदेशभर में 15 नवंबर से 17 नवंबर तक तीन दिन उत्सव मनाया जाएगा. राज्य सरकार ने जनजातीय नायकों को सम्मान देने के लिए विशेष कैबिनेट आयोजित कीं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गोवर्धन पूजा के अवसर पर वृंदावन गांवों में अच्छे पशुधन की प्रतियोगिताएं आयोजित करने और पशुपालकों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है. हमारे किसान भाई, जनजातीय बंधु गोपालन और दूध उत्पादन से आय बढ़ाएं. राज्य सरकार कोदो-कुटकी सहित सभी मोटे अनाज को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है. मजरे-टोले में रहने वाले जनजातीय भाई-बहनों को भी बेहतर सड़कों और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बसों की सौगात मिल रही है. मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करवाई जा रही है. हमारे जनजातीय किसान भाइयों को भी सम्मान से जीने का हक मिले. इसके लिए लगातार जनकल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ा रही है. सीएम मोहन यादव ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनका स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार गरीब, किसान, युवा, नारी और जनजातीय सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए समान रूप से काम करेगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को दीपावली और गोवर्धनपूजा की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।


    मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं

    1. नल जल योजना के कार्यों के लिए 50 करोड़ राशि दी जाएगी .
    2. बैतूल में 15 करोड़ की लागत से गीता भवन और हाट बाजार बनेगा.
    3. सड़क चौड़ीकरण के लिए 47 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.
    4. जिले में 70 करोड़ की लागत से चार जलाशयों को निर्माण किया जाएगा.
    5. 154 करोड़ की लागत से रामघाटी मध्यम सिंचाई परियोजना विकसित की जाएगी.
    6. घोड़ाडोंगरी में बैराज और जलाशय बनाएं जाएंगे.
    7. शासकीय हाई स्कूलों में 50 करोड़ की लागत से सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी.
    8. 100 करोड़ से अधिक लगात से फुटबॉल टर्फ, इनडोर और आउटडोर स्टेडियम बनाएं जाएंगे.
    9. बैतूल में जनजातीय संग्रहालय बनाया जाएगा.
    10. प्रदेश के पहले ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व फॉरेस्ट में 7 करोड़ की लागत से सफारी गेट का निर्माण किया जाएगा.
    11. ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व फॉरेस्ट के पास 3 करोड़ की लागत से बटर फ्लाई पार्क विकसित किया जाएगा।

  • दिग्विजय बोले- 'मुझसे बड़ा सनातनी बताओ', राम मंदिर और EVM मुद्दे को लेकर BJP पर साधा निशाना

    दिग्विजय बोले- 'मुझसे बड़ा सनातनी बताओ', राम मंदिर और EVM मुद्दे को लेकर BJP पर साधा निशाना


    राजगढ़। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को राजगढ़ में अपनी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के दौरान भाजपा पर चंदा चोरी, वोट चोरी और धार्मिक स्थलों में कथित अनियमितताओं को लेकर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन की खरीद-फरोख्त पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की। ईवीएम के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि चुनाव हारने से उन्हें फर्क नहीं पड़ता, लेकिन चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए। आजम खान से अपनी मित्रता का जिक्र करते हुए उन्होंने उन्हें अच्छा राजनेता भी बताया।

    जिला मुख्यालय पर रात्रि विश्राम के बाद दिग्विजय सिंह ने मां जालपा देवी के दर्शन किए और नेवज नदी की पूजा की। इसके बाद उनकी यात्रा कालीपीठ मार्ग स्थित दंड जोड़ के भगवान बाबा रामदेव मंदिर पहुंची, जहां उन्होंने प्रेस वार्ता की। सिंह ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म की मूल भावना, धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण करना है। उनके मुताबिक, चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दे भी इसी लड़ाई का हिस्सा हैं।

    राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन की खरीद पर उठाए सवाल

    दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर के चंदे और ट्रस्ट की जमीन से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के आसपास जमीनों की कीमतें बढ़ने के दौरान कुछ मामलों में भाजपा नेताओं ने सस्ती कीमत पर जमीन खरीदी और 24 घंटे के भीतर उसे राम मंदिर ट्रस्ट को बेच दिया।

    एक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दो करोड़ रुपये में खरीदी गई जमीन अगले ही दिन ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपये में बेच दी गई। सिंह ने कहा कि इस मामले में जांच की मांग की गई थी और एसआईटी को प्रमाण सौंपे जाने की बात भी सामने आई, लेकिन जांच नहीं हुई।

    उन्होंने चंदा संग्रह में गड़बड़ी की शिकायत करने वाले आरएसएस के पूर्व प्रचारक महिपाल सिंह का भी उल्लेख किया। वैष्णोदेवी ट्रस्ट, केदारनाथ, ओरछा और उज्जैन के धार्मिक स्थलों का जिक्र करते हुए उन्होंने दान की राशि के पारदर्शी इस्तेमाल की जरूरत बताई।

    EVM पर बोले- हार गए तो हार गए, बैलेट पेपर से चुनाव कराइए

    ईवीएम के विरोध और बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर कांग्रेस की हार से जुड़े सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनका मुद्दा चुनाव में जीत या हार नहीं, बल्कि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता है। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिक के रूप में मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में होना और अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देना उसका अधिकार है।

    उन्होंने वीवीपैट की पर्ची मतदाता को हाथ में नहीं दिए जाने पर सवाल उठाया और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती दी। सिंह ने कहा, “चुनाव हार गए तो हार गए, चलेगा, कोई बात नहीं। आप बैलेट पेपर से पूरा चुनाव करा दीजिए। जब आप कह रहे हैं कि बैलेट पेपर से कांग्रेस हार रही है, तो हराइए।”

    बोले- भाजपा में मुझसे बड़ा सनातनी बताओ

    भाजपा नेताओं के इस सवाल पर कि उनकी सरकार के समय उन्हें भगवान राम की याद क्यों नहीं आई, दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने रामलीला पूजन में चंदा दिया था और गौ सेवा आयोग का गठन किया था। उन्होंने अपने गृह क्षेत्र राघौगढ़ के 400 साल पुराने राघवजी मंदिर का भी उल्लेख किया।

    इसके बाद उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि कोई ऐसा व्यक्ति बताया जाए, जो उनसे ज्यादा धार्मिक हो। उन्होंने आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद में भी ऐसा व्यक्ति बताने की बात कही।

    सिंह ने दावा किया कि उनकी यात्रा में ऐसे लोग भी शामिल हो रहे हैं, जो किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं। उनके मुताबिक, कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं और आरएसएस के लोगों के संदेश भी आए हैं। उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेद के बावजूद इन लोगों ने राम मंदिर में चंदे की कथित गड़बड़ी को लेकर उनके सवालों का समर्थन किया है।

    आजम खान को बताया मित्र, बोले- अच्छा राजनेता मानता हूं

    समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के कांग्रेस में आने की संभावना से जुड़े सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि आजम खान से उनकी अच्छी मित्रता है और वह उन्हें अच्छा राजनेता मानते हैं।

    उन्होंने कहा कि आजम खान ने विश्वविद्यालय शुरू किया और अपनी संपत्ति उसमें लगा दी। यूपीए सरकार के दौरान विश्वविद्यालय को मंजूरी दिलाने में उन्होंने अपनी ओर से जितनी मदद संभव थी, की थी। सिंह ने कहा कि आजम खान जिस पार्टी में रहना चाहें, रह सकते हैं। समाजवादी पार्टी उनके गठबंधन का हिस्सा है और वे एक-दूसरे के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते।

    नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बारे में पूछे गए सवाल पर भी दिग्विजय सिंह ने उन्हें अपना मित्र बताया। उन्होंने कहा कि वे विजयवर्गीय को काफी समय से जानते हैं।

    राहुल गांधी की महारैली पर भी रखी बात

    दिल्ली में एक नवंबर को प्रस्तावित राहुल गांधी की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो नेता दिल्ली जा सकते हैं, वे वहां जाएं और जो नहीं जा सकते, वे उनकी यात्रा में शामिल हों। उन्होंने बताया कि उनकी यात्रा पहले से निर्धारित थी, इसलिए वह दिल्ली नहीं जा रहे हैं। सिंह ने वोट चोरी को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इसका असर नागरिकों के अधिकारों पर पड़ता है।

    राजगढ़ में भैंस चोरी का मुद्दा भी उठाया

    प्रेस वार्ता के दौरान दिग्विजय सिंह ने राजगढ़ जिले में भैंस चोरी की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि जिले में भैंस चोरी के मामले बढ़ रहे हैं और जिन लोगों की भैंस चोरी हुई हैं, उनमें अधिकतर कांग्रेसी हैं। इस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि चोरी हर जगह बढ़ रही है।

    सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में दिग्विजय सिंह के साथ उनकी पत्नी अमृता सिंह, पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह, पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी, बापू सिंह तंवर, यात्रा प्रभारी चंदर सिंह सौंधिया, रामचंद्र दांगी सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे। यात्रा का जगह-जगह फूलों से स्वागत किया गया।

  • MP में दिन के तापमान में गिरावट, रात का पारा अब भी सामान्य से अधिक, 4 दिन बारिश-आंधी का अलर्ट

    MP में दिन के तापमान में गिरावट, रात का पारा अब भी सामान्य से अधिक, 4 दिन बारिश-आंधी का अलर्ट


    भोपाल। ‘अर्नब’ तूफान के असर से मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में 6.6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जबकि रात का पारा अब भी सामान्य से 4.8 डिग्री तक ज्यादा बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले चार दिन प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड बढ़ने के आसार हैं।

    भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी के कारण ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में ठंडी हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। यहां अधिकतम तापमान में 6.2 से 6.6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। अमरकंटक, रीवा, सतना, पचमढ़ी, करौंदी, उमरिया, ग्वालियर और दतिया में दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    इसके उलट प्रदेश के कई संभागों में रात का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। इंदौर, चंबल, रीवा और सागर-जबलपुर संभाग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.3 डिग्री तक ज्यादा दर्ज किया गया। वहीं भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में यह अंतर 4.8 डिग्री तक पहुंच गया है।

    विदिशा में दृश्यता घटकर 50 मीटर रह गई

    विदिशा में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। इसके चलते दृश्यता घटकर महज 50 मीटर रह गई। सड़कों पर आगे का रास्ता साफ दिखाई नहीं देने से वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। हाईवे और खुले रास्तों पर भी लोगों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी।

    अगले चार दिन ऐसा रहेगा मौसम

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नाइक के अनुसार, अगले चार दिन प्रदेश में मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। दिन के तापमान में गिरावट जारी रहने की संभावना है, जबकि रातें अपेक्षाकृत गर्म रहेंगी। इस दौरान कई इलाकों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

    रविवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित कई जिलों में धूप खिलने का अनुमान है।

    24 घंटे में 26 जिलों में हुई बारिश

    चक्रवात के असर से बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 26 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इनमें जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, राजगढ़, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड और दतिया शामिल हैं। इस दौरान मुरैना में हवा की रफ्तार 31 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।

  • शिवपुरी में कोर्ट में गवाही देने नहीं पहुंचे आरक्षक पर कार्रवाई, 5 हजार रुपये का बंधपत्र जब्त, सात दिन में जमा करनी होगी राशि

    शिवपुरी में कोर्ट में गवाही देने नहीं पहुंचे आरक्षक पर कार्रवाई, 5 हजार रुपये का बंधपत्र जब्त, सात दिन में जमा करनी होगी राशि


    शिवपुरी: में निर्धारित तारीख पर न्यायालय में गवाही के लिए उपस्थित नहीं होना करैरा थाने में पदस्थ आरक्षक मनोज कतरोलिया को महंगा पड़ गया। एनडीपीएस एक्ट के विशेष सत्र प्रकरण में गवाही देने के लिए अदालत में उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय ने उसके 5 हजार रुपये के बंधपत्र की राशि जब्त कर ली है। विशेष न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने 30 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी करते हुए आरक्षक को सात दिन के भीतर यह राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार, आरक्षक मनोज कतरोलिया करैरा थाने में पदस्थ है। वह विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 24/2025 में मध्य प्रदेश राज्य विरुद्ध कमल सिंह व अन्य मामले में साक्षी के रूप में नामित था। इस मामले में उसकी गवाही दर्ज की जानी थी। न्यायालय ने उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 5 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया था। संबंधित वारंट की तामील भी कराई जा चुकी थी।

    न्यायालय में निर्धारित तारीख पर उपस्थित रहने के लिए आरक्षक ने 11 सितंबर 2026 को 5 हजार रुपये का बंधपत्र निष्पादित किया था। इसके तहत उसे तय तारीख पर अदालत में उपस्थित होना था, लेकिन वह निर्धारित समय पर न्यायालय में पेश नहीं हुआ। उसकी अनुपस्थिति के संबंध में कोई उचित कारण भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बंधपत्र की राशि जब्त करने का आदेश दिया।

    विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट, शिवपुरी ने एमजेसी प्रकरण क्रमांक 409/2026 में 30 अक्टूबर को आदेश पारित किया। इसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 491 के तहत आरक्षक के 5 हजार रुपये के बंधपत्र को जब्त करने की कार्रवाई की गई। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित राशि सात दिन के भीतर जमा कराई जाए।

    आदेश के मुताबिक, आरक्षक मनोज कतरोलिया को 5 हजार रुपये की राशि अनुविभागीय अधिकारी करैरा के माध्यम से न्यायालय में जमा करनी होगी। निर्धारित अवधि के भीतर राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई न्यायालय में उपस्थित रहने के लिए दिए गए बंधपत्र की शर्तों का पालन नहीं करने के मामले में की गई है।

    इस प्रकरण में न्यायालय की ओर से जारी आदेश के तहत आरक्षक को तय समयसीमा में राशि जमा करानी होगी। मामला एनडीपीएस एक्ट से जुड़े विशेष सत्र प्रकरण में गवाही के लिए उपस्थित नहीं होने से संबंधित है। अदालत ने पहले उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी किया था और बंधपत्र भी निष्पादित कराया गया था। इसके बावजूद निर्धारित तारीख पर उपस्थित नहीं होने और अनुपस्थिति का उचित कारण नहीं बताए जाने के बाद बंधपत्र की राशि जब्त करने का आदेश दिया गया।

  • शिवपुरी में रास्ते के पुराने विवाद ने लिया हिंसक रूप, मारपीट में 35 वर्षीय महिला की मौत..

    शिवपुरी में रास्ते के पुराने विवाद ने लिया हिंसक रूप, मारपीट में 35 वर्षीय महिला की मौत..

    शिवपुरी जिले: में रास्ते को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया। बदरवास थाना क्षेत्र के ग्राम खजूरी में दो पक्षों के बीच हुए झगड़े और मारपीट में 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना में महिला का बेटा और उसकी सास भी घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम खजूरी में रास्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच पिछले करीब 10 वर्षों से विवाद चला आ रहा था। लंबे समय से जारी इस विवाद को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआत में उनके बीच कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस दौरान हुई हिंसा में भूरिया पत्नी फेरन जाटव, उम्र 35 वर्ष, गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    मारपीट के दौरान भूरिया के सिर में चोट लगी। चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना में उनके परिवार के दो अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं। इनमें उनकी सास रामवती पत्नी गंगाराम जाटव और पुत्र राहुल, जो फेरन जाटव के बेटे हैं, शामिल हैं। दोनों को चोटें आने के बाद उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में घायलों की स्थिति के बारे में विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रास्ते को लेकर चल रहा पुराना विवाद शुक्रवार को किस परिस्थिति में दोबारा भड़का और मारपीट की नौबत कैसे आई। साथ ही घटना में शामिल लोगों की भूमिका और विवाद के दौरान हुई घटनाओं के क्रम की भी जांच की जा रही है।

    ग्राम खजूरी में रास्ते को लेकर करीब एक दशक से विवाद चला आ रहा था। इतने लंबे समय से जारी विवाद का इस तरह हिंसक घटना में बदल जाना गंभीर मामला है। शुक्रवार को हुए झगड़े में एक महिला की जान चली गई, जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य घायल हो गए। घटना के बाद गांव में चर्चा का माहौल है और लोग पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद के दौरान किन परिस्थितियों में मारपीट हुई और महिला के सिर में चोट कैसे लगी। मामले में आरोपियों की भूमिका तथा घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रास्ते के पुराने विवाद को ही इस झगड़े की वजह बताया गया है। जांच पूरी होने के बाद घटना से संबंधित विस्तृत तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

    गांव में रास्ते जैसे स्थानीय विवादों को लेकर लंबे समय तक तनाव बने रहने से आपसी टकराव की आशंका बनी रहती है। खजूरी की इस घटना में विवाद का परिणाम एक महिला की मौत और दो लोगों के घायल होने के रूप में सामने आया है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।