Category: Madhya Pradesh

  • मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: हायर सेकेंडरी स्कूल से हटाए गए अतिथि स्पेशल एजुकेटर

    मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: हायर सेकेंडरी स्कूल से हटाए गए अतिथि स्पेशल एजुकेटर


    भोपाल। मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ अतिथि स्पेशल एजुकेटर को हटाने का बड़ा फैसला किया है ये स्पेशल एजुकेटर अतिथि शिक्षक के रूप में स्कूलों में दिव्यांग बच्चों को पढ़ाते थे और प्रदेश भर में हजारों ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं

    शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षा अभियान की आगामी स्वीकृति के संबंध में भारत सरकार से कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुआ इस स्थिति में अतिथि स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं 31 मार्च तक ही ली जाएंगी

    पहले आदेश के अनुसार इनकी सेवाएं 30 अप्रैल 2026 तक लेने का निर्देश था, लेकिन इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है आदेश में स्पष्ट किया गया कि 31 मार्च के बाद यदि कोई स्पेशल एजुकेटर पदस्थ पाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी संस्था प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी की होगी

    इस फैसले के बाद स्कूलों में दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा संचालन पर असर पड़ सकता है, क्योंकि स्पेशल एजुकेटर बच्चों को विशेष रूप से पढ़ाने और उनकी जरूरतों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं शिक्षा विभाग के इस कदम को लेकर शिक्षा जगत और अभिभावकों में चिंता का माहौल है

    प्रदेश में अतिथि शिक्षक लंबे समय से सामाजिक और विशेष शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और उनकी सेवाओं का अचानक समाप्त होना स्कूलों के संचालन में व्यवधान पैदा कर सकता है इस फैसले के बाद संबंधित स्कूलों और जिला प्रशासन को सुनिश्चित करना होगा कि पढ़ाई प्रभावित न हो और बच्चों को आवश्यक शिक्षा समय पर मिलती रहे

  • एक मंडप तीन दुल्हनें अनोखी शादी ने मचाया तहलका मध्यप्रदेश से आई चौंकाने वाली कहानी

    एक मंडप तीन दुल्हनें अनोखी शादी ने मचाया तहलका मध्यप्रदेश से आई चौंकाने वाली कहानी

    अलीराजपुर । मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के नानपुर गांव से सामने आई एक अनोखी शादी इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है जहां एक शख्स ने अपनी एक नहीं बल्कि तीन प्रेमिकाओं के साथ एक ही मंडप में सात फेरे लेकर सबको हैरान कर दिया। यह शादी सिर्फ एक निजी समारोह नहीं रही बल्कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती हुई एक ऐसी कहानी बन गई जिसने परंपरा समाज और रिश्तों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

    समरथ मौर्य नाम के इस व्यक्ति ने अपनी तीनों प्रेमिकाओं के साथ जनजातीय रीति रिवाजों के अनुसार विवाह किया। यह विवाह एक दिन का नहीं बल्कि पूरे तीन दिनों तक चलने वाला आयोजन था जिसमें गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए और इस अनोखे पल के गवाह बने। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इस शादी में उनके छह बच्चे भी शामिल हुए जिन्होंने अपने पिता की बारात में जमकर नृत्य किया और इस आयोजन को एक अलग ही रंग दे दिया।

    बताया जाता है कि समरथ मौर्य का अपनी पहली प्रेमिका के साथ रिश्ता साल 2003 से जुड़ा हुआ था और समय के साथ बाकी दो महिलाएं भी उनके जीवन का हिस्सा बन गईं। पिछले करीब 15 वर्षों से ये सभी एक साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे और एक परिवार की तरह जीवन बिता रहे थे। लंबे समय तक बिना शादी के साथ रहने के बाद आखिरकार उन्होंने सामाजिक मान्यता और पारिवारिक पहचान के लिए विवाह करने का निर्णय लिया।

    इस फैसले के पीछे दो मुख्य कारण सामने आए हैं। पहला यह कि उनके बच्चों को समाज में किसी तरह की असहज स्थिति का सामना न करना पड़े और उन्हें एक स्पष्ट पहचान मिल सके। दूसरा कारण जनजातीय परंपराओं से जुड़ा हुआ है जहां किसी भी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए विवाहित होना आवश्यक माना जाता है। ऐसे में इस परिवार ने अपने रिश्ते को औपचारिक रूप देने का रास्ता चुना।

    इस अनोखी शादी को लेकर कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा तेज हो गई है। सामान्य परिस्थितियों में एक से अधिक विवाह भारतीय कानून के तहत मान्य नहीं होते लेकिन जनजातीय समुदायों को उनके पारंपरिक रीति रिवाजों के अनुसार कुछ विशेष छूट दी गई है। इसी वजह से यह विवाह उस समाज की परंपराओं के अंतर्गत वैध माना जा रहा है।

    सोशल मीडिया पर इस शादी की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। कोई इसे प्रेम और जिम्मेदारी का उदाहरण बता रहा है तो कोई इसे सामाजिक मान्यताओं के खिलाफ मानकर सवाल उठा रहा है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बात साफ कर दी है कि भारत के अलग अलग हिस्सों में परंपराएं और सामाजिक संरचनाएं आज भी विविधता से भरी हुई हैं जहां रिश्तों को देखने का नजरिया भी अलग अलग हो सकता है।

    यह शादी अब सिर्फ एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं रही बल्कि एक ऐसी कहानी बन गई है जो यह दिखाती है कि बदलते समय के बीच भी परंपराएं किस तरह लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं और कैसे लोग अपने हालात और सामाजिक जरूरतों के अनुसार फैसले लेते हैं।

  • युद्ध का सीधा असर इंदौर के उद्योगों पर 30 फीसदी तक महंगा कच्चा माल शटडाउन की आशंका

    युद्ध का सीधा असर इंदौर के उद्योगों पर 30 फीसदी तक महंगा कच्चा माल शटडाउन की आशंका


    इंदौर । मध्यप्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों पर इज़राइल ईरान संघर्ष का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है जहां कच्चे माल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी और सप्लाई में बाधा ने उद्योगों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। खासतौर पर इंदौर जैसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में हालात तेजी से बदल रहे हैं और कई यूनिट्स अब उत्पादन घटाने या सीमित करने को मजबूर हो गई हैं।

    उद्योग जगत के मुताबिक कच्चे माल की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि लॉजिस्टिक लागत 4 से 5 गुना तक बढ़ चुकी है। इसका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ रहा है जिससे तैयार उत्पाद महंगे हो रहे हैं और बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है। स्थिति यह है कि 10 से 15 प्रतिशत उद्योग अब दो शिफ्ट की बजाय केवल एक शिफ्ट में ही काम कर रहे हैं जबकि कुछ जगहों पर शटडाउन की नौबत बनती दिख रही है।

    सबसे ज्यादा असर फार्मा इंडस्ट्री पर देखा जा रहा है जहां दवाइयों के निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल के दाम तेजी से बढ़े हैं। पैरासिटामॉल जैसे सामान्य उत्पाद के कच्चे पाउडर की कीमत एक ही दिन में 290 रुपए से बढ़कर 360 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई। इसके अलावा प्लास्टिक दाना और अन्य पैकेजिंग सामग्री भी महंगी हो चुकी है जिससे उत्पादन लागत और बढ़ गई है।

    इंदौर के पीथमपुर सांवेर रोड और पालदा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित हजारों उद्योगों की लगभग 60 प्रतिशत निर्भरता मिडिल ईस्ट से आने वाले कच्चे माल पर है। बहरीन कतर और सऊदी अरब जैसे देशों से बल्क ड्रग्स और पेट्रोकेमिकल्स की सप्लाई प्रभावित होने के कारण उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है। वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय शिपिंग भी प्रभावित हुई है जिससे चीन और यूरोप से आने वाला माल भी समय पर नहीं पहुंच पा रहा।

    एक तरफ जहां कच्चे माल की कमी है वहीं दूसरी ओर उसकी कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इससे उद्योगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। फुटवियर और प्लास्टिक उद्योगों में लागत 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है जबकि मुनाफा सीमित होने के कारण कारोबारी नुकसान की स्थिति में पहुंच रहे हैं।

    एलपीजी की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उद्योगों को अब पीएनजी पर निर्भर होना पड़ रहा है और गैस कंपनियों ने उधार की सुविधा भी बंद कर दी है जिससे तत्काल भुगतान का दबाव बढ़ गया है। इसके अलावा कंटेनर भाड़ा 5 गुना तक बढ़ने और बीमा मिलने में दिक्कतों के कारण एक्सपोर्ट भी प्रभावित हो रहा है।

    उद्योग संगठनों का कहना है कि यदि हालात अगले 10 से 15 दिनों तक नहीं सुधरे तो कई फैक्ट्रियों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है। खासकर फार्मा और केमिकल सेक्टर में स्थिति ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि इनकी निर्भरता आयातित कच्चे माल पर अधिक है।

    कुल मिलाकर वैश्विक तनाव का यह असर अब स्थानीय उद्योगों तक पहुंच चुका है और यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो इसका प्रभाव न केवल उत्पादन बल्कि रोजगार और बाजार पर भी गहराई से पड़ सकता है।

  • पानी और विकास की डबल डोज इंदौर दौरे पर सीएम मोहन यादव देंगे हजारों करोड़ की योजनाओं की सौगात

    पानी और विकास की डबल डोज इंदौर दौरे पर सीएम मोहन यादव देंगे हजारों करोड़ की योजनाओं की सौगात


    इंदौर । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम मोहन आज इंदौर दौरे पर रहेंगे जहां वे शहर को विकास की कई बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। संकल्प से समाधान अभियान के तहत दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर वे विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित करेंगे और साथ ही शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमिपूजन भी करेंगे।

    इस दौरे का सबसे अहम हिस्सा नर्मदा पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन है जिसे शहर के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तेजी से बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए यह परियोजना इंदौर के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनेगी। वर्तमान में शहर की जलापूर्ति नर्मदा नदी पर आधारित है जहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर से पानी पंप कर शहर तक पहुंचाया जाता है।

    अब अमृत 2.0 योजना के तहत जल आपूर्ति को और अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत शहर की जल क्षमता को वर्तमान स्तर से बढ़ाकर आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। अनुमान है कि 2040 तक इंदौर की आबादी करीब 58 लाख से अधिक हो जाएगी जिसके लिए 1200 एमएलडी से ज्यादा पानी की आवश्यकता होगी। ऐसे में यह परियोजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।

    भूमिपूजन के तहत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य शुरू किए जाएंगे जिनमें लंबी पाइपलाइन बिछाना, आधुनिक टनल निर्माण और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्लोरिनेशन सिस्टम की स्थापना शामिल है। इसके अलावा शहर में नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे और पुराने टैंकों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा जिससे पानी का वितरण अधिक प्रभावी और सुचारू हो सके।

    इस परियोजना के जरिए लाखों घरों तक नए जल कनेक्शन दिए जाएंगे और स्मार्ट वाटर मीटर लगाए जाएंगे जिससे 24 घंटे दबावयुक्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि शहर में शामिल नए गांवों तक भी पहली बार नियमित जलापूर्ति पहुंचाई जाएगी जिससे वहां के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री सिरपुर तालाब के संरक्षण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना का लोकार्पण भी करेंगे। इस पहल के तहत सीवेज को सीधे तालाब में जाने से रोका जाएगा और आधुनिक तकनीक से उसका शोधन किया जाएगा। इससे न सिर्फ तालाब का पानी साफ होगा बल्कि उपचारित जल का उपयोग शहर के बगीचों और अन्य कार्यों में भी किया जा सकेगा।

    संकल्प से समाधान अभियान के तहत भी इंदौर जिले में बड़ी सफलता मिली है जहां लाखों आवेदनों का निराकरण कर हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है। इस अभियान के जरिए सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।

    कुल मिलाकर यह दौरा इंदौर के लिए विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है जिसमें बुनियादी सुविधाओं से लेकर जल प्रबंधन तक कई अहम क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

  • घर से निकला फिर नहीं लौटा युवक 4 दिन बाद नदी में मिला शव डिप्रेशन एंगल की जांच

    घर से निकला फिर नहीं लौटा युवक 4 दिन बाद नदी में मिला शव डिप्रेशन एंगल की जांच


    डबरा मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के डबरा क्षेत्र से एक दुखद और रहस्यमयी मामला सामने आया है जहां चार दिन से लापता युवक का शव सिंध नदी के स्टॉप डैम के पास तैरता हुआ मिला है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है।

    जानकारी के अनुसार आरुषि गांव निवासी 21 वर्षीय सूर्यभान रावत 23 मार्च की सुबह अचानक घर से लापता हो गया था। बताया जा रहा है कि वह अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़कर निकला था जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई थी। जब देर तक उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला।

    अगले दिन 24 मार्च को उसकी बाइक सिंध नदी के पुल पर खड़ी मिली जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया। इस सूचना के बाद पुलिस और बचाव टीम सक्रिय हो गई और राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल की टीम ने नदी में युवक की तलाश शुरू की। बोट और अन्य संसाधनों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन शुरुआती दिनों में कोई सफलता नहीं मिली।

    इसी बीच इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई जिसमें सूर्यभान करीब चार घंटे तक इधर उधर घूमता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला जिससे परिजनों की चिंता और गहरी होती चली गई। आखिरकार चार दिन बाद युवक का शव सिंध नदी के स्टॉप डैम के पास तैरता हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक तौर पर यह मामला आत्महत्या से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।

    परिजनों के अनुसार सूर्यभान लंबे समय से मानसिक तनाव में था और डिप्रेशन से जूझ रहा था। बताया गया है कि करीब छह महीने पहले भी उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई थी। इस बार हालांकि वह बच नहीं सका और परिवार को गहरा सदमा देकर चला गया।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल परिजनों से पूछताछ की जा रही है और मामले की हर एंगल से जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और समय पर मदद कितनी जरूरी है। एक युवा जिंदगी का इस तरह खत्म हो जाना न केवल परिवार बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।

  • उज्जैन के नागदा में बेखौफ चोर दोपहर में घर में घुसकर सिलेंडर ले उड़े पूरी घटना कैमरे में कैद

    उज्जैन के नागदा में बेखौफ चोर दोपहर में घर में घुसकर सिलेंडर ले उड़े पूरी घटना कैमरे में कैद

    नागदा । मध्यप्रदेश के नागदा क्षेत्र में इन दिनों गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और किल्लत के बीच अब चोरी की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं जिससे लोगों में चिंता का माहौल बन गया है। ताजा मामला उज्जैन जिले के नागदा स्थित राजीव कॉलोनी का है जहां दिनदहाड़े एक घर से गैस सिलेंडर चोरी कर लिया गया और पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

    जानकारी के अनुसार घटना उस समय की है जब दोपहर में घर पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी हुई थी। सिलेंडर को कमरे में रख दिया गया था और परिवार के सदस्य उस वक्त मकान की पहली मंजिल पर मौजूद थे। इसी बीच मौके का फायदा उठाकर दो युवक घर में घुसे और बड़ी ही चालाकी से सिलेंडर उठाकर बाहर ले गए।

    सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक सिलेंडर को उठाकर बाहर लाता है जहां पहले से उसका एक साथी बाइक लेकर इंतजार कर रहा था। दोनों ने मिलकर सिलेंडर को बाइक पर रखा और कुछ ही सेकंड में वहां से फरार हो गए। यह पूरी वारदात इतनी तेजी से अंजाम दी गई कि आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी।

    करीब दो घंटे बाद जब परिवार के लोग नीचे आए तो उन्हें सिलेंडर गायब मिला। पहले तो उन्हें लगा कि शायद कहीं और रखा हो लेकिन काफी तलाश के बाद जब सिलेंडर नहीं मिला तो उन्होंने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। फुटेज देखने के बाद चोरी की पूरी घटना सामने आई जिससे परिवार के लोग भी हैरान रह गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई जिसके बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की जा रही है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और बाजार में मांग के चलते इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अपने घरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। दिनदहाड़े हुई इस चोरी ने यह साफ कर दिया है कि अब चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे किसी भी समय वारदात को अंजाम देने से नहीं हिचक रहे हैं।
    फिलहाल पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा लेकिन इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • मौत बनकर दौड़ी कार पलटते ही लगी आग तीन जिंदगियां राख दो जिंदगी मौत से जूझती

    मौत बनकर दौड़ी कार पलटते ही लगी आग तीन जिंदगियां राख दो जिंदगी मौत से जूझती


    बालाघाट । मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शनिवार रात एक कार अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी और देखते ही देखते आग का गोला बन गई। इस भयावह दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार यह हादसा मलाजखंड मार्ग पर केवलारी चौराहे के पास हुआ। बताया जा रहा है कि सीतम केलकर अपनी पत्नी सविता और तीन साल के बेटे अभि के साथ दो दिन पहले अपने गृहग्राम गए हुए थे। शनिवार रात खाना खाने के बाद वे अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वापस लौट रहे थे। कार में कुल छह लोग सवार थे और माहौल सामान्य था लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में यह सफर एक भयानक त्रासदी में बदल जाएगा।

    रास्ते में केवलारी चौराहे के पास अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने छोटे नाले में जा गिरी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पलट गई और कुछ ही क्षणों में उसमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया। देखते ही देखते कार धू धू कर जलने लगी और चीख पुकार के बीच तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

    इस हादसे में नगारची केलकर सविता केलकर और मासूम अभि केलकर जिंदा जल गए। वहीं कार चला रहे सीतम केलकर और उनकी मां नाना बाई गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गोंदिया रेफर किया गया है जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इस भयावह हादसे में आठ साल की बच्ची पूर्वी रहांगडाले किसी तरह बच निकली जो इस त्रासदी की प्रत्यक्षदर्शी बन गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। जब तक आग बुझाई गई तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोई संभावना नहीं बची थी। घटनास्थल का मंजर इतना भयावह था कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।

    यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए गहरा सदमा बन गया है। एक ही पल में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं और एक खुशहाल परिवार बिखर गया। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चलाते समय सतर्कता की जरूरत को उजागर किया है।

    इस तरह की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि सड़क पर एक छोटी सी चूक भी कितना बड़ा नुकसान कर सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

  • एमपी में आज से बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश की संभावना, 30-31 मार्च को रहेगा ज्‍यादा प्रभाव

    एमपी में आज से बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश की संभावना, 30-31 मार्च को रहेगा ज्‍यादा प्रभाव

    मध्य प्रदेश में रविवार से मौसम करवट लेने जा रहा है। अगले चार दिनों तक प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर बना रहेगा। इसकी वजह वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और टर्फ सिस्टम की सक्रियता है। मौसम केंद्र के मुताबिक 30 और 31 मार्च को यह सिस्टम ज्यादा प्रभावी रहेगा, जिससे कई इलाकों में तेज गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इस दौरान ग्वालियर और चंबल संभाग में ओले गिरने की भी आशंका है।

    सिस्टम की सक्रियता से बढ़ेगा असर
    शनिवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दोनों सिस्टम सक्रिय रहे, जो रविवार को आगे बढ़ेंगे। इसके चलते प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू होगा। अगले 24 घंटों में ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है।

    30-31 मार्च को तेज रहेगा मौसम का मिजाज
    मौसम विभाग के अनुसार 30 मार्च से सिस्टम का असर और बढ़ेगा। ग्वालियर, भिंड और दतिया में ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा। 31 मार्च को भी यही स्थिति रहने का अनुमान है। 1 अप्रैल से सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    गर्मी से मिलेगी राहत
    आंधी और बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट दर्ज होगी। फिलहाल प्रदेश के ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बना हुआ है। नर्मदापुरम सबसे गर्म बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी आ सकती है।

    तापमान में उतार-चढ़ाव जारी
    शनिवार को भी प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। नर्मदापुरम में 1.5 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 38.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खंडवा में भी इतना ही तापमान रहा। रतलाम में 38.2 डिग्री, खरगोन में 38 डिग्री, बैतूल में 37.7 डिग्री, नरसिंहपुर और खजुराहो में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, धार और सिवनी में 37.2 डिग्री, जबकि श्योपुर और सागर में तापमान 37 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

    बड़े शहरों का हाल
    बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री रहा। भोपाल में 36.2 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, ग्वालियर में 35.3 डिग्री और उज्जैन में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • मप्रः खरगोन में पेट्रोल पंप के पास खड़े ट्रक में लगी आग, टला बड़ा हादसा

    मप्रः खरगोन में पेट्रोल पंप के पास खड़े ट्रक में लगी आग, टला बड़ा हादसा


    खरगोन।
    मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में शनिवार देर शाम डायवर्सन रोड पर एक पेट्रोल पंप के पास खड़े ट्रक में अचानक आग लग गई। ट्रक चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते वाहन को करीब 300 मीटर दूर ले जाकर खड़ा किया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।

    जानकारी के अनुसार, ट्रक श्रीजी ऑटो सेंटर स्थित पेट्रोल पंप के पास खड़ा था, तभी उसमें आग लग गई। एक तांगा चालक ने पंप कर्मचारियों को सूचना दी। कर्मचारियों ने तुरंत इमरजेंसी स्विच बंद कर दिया और फायर बॉटल से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। साथ ही दमकल विभाग को सूचना दी गई। ट्रक चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते वाहन को पेट्रोल पंप से दूर करीब 300 मीटर आगे खाली चावला मार्केट परिसर में ले जाकर रोका, जिससे संभावित बड़ा नुकसान टल गया।

    सूचना मिलते ही नगरपालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक ट्रक में रखा सामान काफी हद तक जल चुका था। ट्रक एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का था, जिसमें स्टेशनरी और कॉस्मेटिक सहित विभिन्न प्रकार का सामान रखा था। आग से पूरा माल जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

  • मप्र हाईकोर्ट के न्यायाधीश भोजशाला पहुंचे, 53 मिनट तक किया परिसर का गोपनीय निरीक्षण

    मप्र हाईकोर्ट के न्यायाधीश भोजशाला पहुंचे, 53 मिनट तक किया परिसर का गोपनीय निरीक्षण


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश शनिवार को केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक भोजशाला पहुंचे। उन्होंने करीब 53 मिनट तक भोजशाला परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। आगामी 2 अप्रैल को भोजशाला मामले की सुनवाई से पहले इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी शनिवार दोपहर एक बजकर 52 मिनट पर भोजशाला परिसर पहुंचे। उनके साथ कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी भी मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उन्होंने करीब 53 मिनट तक परिसर में रहकर हर हिस्से का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने संरचना के संरक्षण के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी।

    गौरतलब है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा लगभग 98 दिनों तक भोजशाला परिसर में किए गए सर्वे की रिपोर्ट उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जा चुकी है और इसकी प्रतियां सभी पक्षकारों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। भोजशाला के कानूनी विवाद को लेकर गत 16 मार्च को इंदौर उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान पक्षकारों से दावे और आपत्तियां मांगी गई थीं, उसी दौरान न्यायमूर्ति ने स्वयं भोजशाला का निरीक्षण करने की इच्छा जताई थी। साथ ही दो अप्रैल की तारीख सुनवाई के लिए निर्धारित की थी।

    मामले की सुनवाई से पहले न्यायाधीश शनिवार को धार पहुंचे। न्यायाधीशों के आगमन की सूचना मिलते ही सुबह से ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया था। न्यायमूर्ति के दौरे को देखते हुए भोजशाला के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।

    निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति शुक्ला ने भोजशाला परिसर के भीतर स्तंभों की नक्काशी, प्राचीन खंभों पर उकेरी गई आकृतियों और ऐतिहासिक शिलालेखों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने दीवारों पर अंकित लिपियों को भी ध्यानपूर्वक देखा। साथ ही एएसआई द्वारा किए गए सर्वे के निशानों और चिन्हित स्थलों की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किए गए कार्यों और वर्तमान व्यवस्थाओं से भी अवगत कराया।

    भोजशाला को लेकर चल रहे कानूनी विवाद और वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांगों के बीच अब इस दौरे के बाद सभी की निगाहें आगामी 2 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जहां मामले में महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।