Category: Madhya Pradesh

  • मध्यप्रदेश के कटनी में दावा: जमीन से प्रकट हुई हनुमान प्रतिमा, पूरे इलाके में भक्ति का माहौल

    मध्यप्रदेश के कटनी में दावा: जमीन से प्रकट हुई हनुमान प्रतिमा, पूरे इलाके में भक्ति का माहौल

    मध्य प्रदेश /कटनी जिले के बहोरीबंद क्षेत्र में इन दिनों एक ऐसी घटना की चर्चा है, जिसने पूरे इलाके को आस्था और आश्चर्य के माहौल में बदल दिया है। रूपनाथ क्षेत्र के पास एक खेत में खुदाई के दौरान कथित तौर पर पवनपुत्र हनुमान की एक प्रतिमा मिलने का दावा सामने आया है। जैसे ही यह बात फैली, आसपास के गांवों में हलचल मच गई और लोग बड़ी संख्या में उस स्थान की ओर पहुंचने लगे।

    यह घटना उस समय हुई जब ग्राम सजहरी मोहनिया के कुछ किसान अपने खेत में सामान्य खुदाई का कार्य कर रहे थे। बताया जाता है कि मिट्टी हटाने के दौरान अचानक जमीन के भीतर एक पत्थरनुमा आकृति दिखाई दी। धीरे-धीरे जब खुदाई आगे बढ़ी, तो वहां मौजूद लोगों के अनुसार एक प्रतिमा जैसी संरचना स्पष्ट होने लगी, जिसे उन्होंने बजरंगबली की मूर्ति बताया।

    यह स्थान पहले से ही धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां एक गऊ समाधि भी स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले से ही श्रद्धा और आस्था का वातावरण रहा है, लेकिन इस घटना के बाद इसकी धार्मिक मान्यता और भी गहरी हो गई है। ग्रामीण इसे एक सामान्य घटना नहीं बल्कि आस्था से जुड़ा एक विशेष संकेत मान रहे हैं।

    जैसे ही यह खबर आसपास के गांवों तक पहुंची, लोग बिना देर किए उस स्थान पर पहुंचने लगे। कुछ ही घंटों में वहां श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। लोग प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना करने लगे और पूरा वातावरण भक्ति भाव से भर गया। कई जगहों पर जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी और माहौल पूरी तरह धार्मिक ऊर्जा से भर गया।

    स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि जब उन्होंने खुद मिट्टी हटाई, तो उन्हें पहले समझ नहीं आया कि यह क्या है, लेकिन जैसे-जैसे प्रतिमा सामने आती गई, सभी लोग आश्चर्य में पड़ गए। कई ग्रामीणों ने इसे अपने जीवन का एक अनोखा अनुभव बताया और इसे ईश्वर की कृपा से जोड़कर देखा।

    हालांकि इस पूरे मामले को लेकर अभी तक किसी आधिकारिक स्तर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है। न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि यह प्रतिमा कितनी पुरानी है या इसका ऐतिहासिक महत्व क्या हो सकता है। इसके बावजूद लोगों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है और श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

    यह स्थान अब केवल एक खेत नहीं रह गया है, बल्कि आस्था और उत्सुकता का केंद्र बन चुका है। कोई इसे चमत्कार मान रहा है, तो कोई इसे पुरातात्विक जांच का विषय बता रहा है। लेकिन फिलहाल वहां का माहौल पूरी तरह श्रद्धा, विश्वास और भावनाओं से भरा हुआ है।

    कटनी की यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि ग्रामीण भारत में आस्था कितनी गहराई से लोगों के जीवन से जुड़ी हुई है, जहां एक छोटी सी घटना भी पूरे समाज के लिए बड़े धार्मिक अनुभव में बदल जाती है।

  • एमपी में आज 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओलों की चेतावनी, 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    एमपी में आज 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओलों की चेतावनी, 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच पिछले दो दिनों से प्रदेश के आधे से अधिक जिले आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को ग्वालियर सहित 21 जिलों में बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

    पिछले दो दिनों में प्रदेश के करीब 35 जिलों में कहीं न कहीं बारिश, आंधी या ओले गिर चुके हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को भी कई जिलों में मौसम खराब रहा। आज जिन जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं।

    वहीं दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा और सिंगरौली में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि कुछ इलाकों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है, खासकर भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभाग में।

    शुक्रवार को जबलपुर और दमोह में बारिश दर्ज की गई। वहीं खंडवा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। नरसिंहपुर में 42.2 डिग्री, रतलाम में 41.2 डिग्री, टीकमगढ़ में 41 डिग्री, बैतूल में 40.8 डिग्री, गुना में 40.4 डिग्री, जबकि शाजापुर, दमोह और सागर में 40.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। श्योपुर में पारा 40 डिग्री दर्ज हुआ। अगर बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में तापमान 40.5 डिग्री के साथ सबसे अधिक रहा। भोपाल में 39.8 डिग्री, इंदौर में 39.4 डिग्री, ग्वालियर में 37.4 डिग्री और जबलपुर में 38 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    आमतौर पर मई महीने की शुरुआत तेज गर्मी के साथ होती है, लेकिन इस बार मौसम का रुख बदला हुआ है और महीने की शुरुआत आंधी-बारिश से हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति 5 मई तक बनी रह सकती है। मौसम में इस बदलाव की वजह साइक्लोनिक सर्कुलेशन और हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इन सिस्टम्स के चलते प्रदेश में आगे भी आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • बरगी क्रूज़ हादसे के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उच्च स्तरीय समिति करेगी जांच: मोहन यादव

    बरगी क्रूज़ हादसे के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उच्च स्तरीय समिति करेगी जांच: मोहन यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर जिले के बरगी में हुए क्रूज़ दुर्घटना पर गहन शोक व्यक्त कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अत्यंत पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ है। दुर्घटना के दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जायेगा। पीड़ित परिवारों की सरकार हरसंभव सहायता करने के लिये प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना में लापरवाही करने वाले दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेन्द्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। होटल मैकल रिसार्ट और मैनेजर बोट क्लब बरगी सुनील मरावी को लापरवाही के लिये निलंबित कर दिया गया है। साथ ही रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्र को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच संस्थित कर दी गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को जबलपुर के बरगी में घटनास्थल का मौका मुआयना करने और पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद स्थानीय मीडिया को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने व्यथित मन से कहा कि जिन परिजनों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। कठिन समय में पीड़ितों के परिजन खुद को कतई अकेला न समझें। सरकार की ओर से सहायता राशि दी जा रही है। शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि दु:ख की इस घड़ी उनके साथ हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना के हर पहलू की गहनता से जांच के लिये उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जा रही है। समिति में महानिदेशक होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, सचिव मध्य प्रदेश शासन, आयुक्त जबलपुर संभाग शामिल किए गए हैं। यह समिति तीन बिंदुओं पर दुर्घटना की बारीकी से जांच करेगी, जिसमें दुर्घटना के कारण, क्रूज संचालन के नियम सहित अन्य जरूरी जानकारियां भी जुटाई जाएंगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, जिससे कि भविष्य में इस तरह की दु:खद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्यटन विभाग के माध्यम से क्रूज संचालन से जुड़ी एसओपी तैयार की जाएगी।

    बचाव दल के सभी बहादुरों को सम्मानित करेगी राज्य सरकार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत और बचाव कार्य में जुटे श्रमिकों को प्रोत्साहन स्वरूप 51-51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बचाव दल के सभी बहादुरों को राज्य सरकार सार्वजनिक रूप से सम्मानित करेगी। रेस्क्यू टीम की जीवटता और कर्मठता से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जीवित बचाया जा सका है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। क्रूज बोट को खींचकर किनारे पर लाया गया है। कुछ लोग अभी लापता हैं, जिनकी हरसंभव तरीकों से तेजी से तलाश की जा रही है। जल्द ही सभी को रेस्क्यू कर लिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज हादसे में पीड़ित परिवारों के निवास पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना के बारे में बताया कि जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार की शाम हुए दु:खद हादसे में 9 लोगों की असमय मृत्यु हो गई। रेस्क्यू टीम ने तत्परता से कार्रवाई कर 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। उन्होंने कहा कि हादसे से पूरा प्रदेश स्तब्ध है। क्रूज हादसे के दौरान डैम के पास जल जीवन मिशन का कार्य चल रहा था, जिससे तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू हो पाया। सूचना मिलते ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी और जबलपुर सांसद आशीष दुबे तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए थे। साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तत्परता से यहां राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। उप-मुख्यमंत्री और जबलपुर जिले के प्रभारी जगदीश देवड़ा भी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना के गोताखोरों की भी मदद ली गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि क्रूज़ में 4 से 5 घंटे तक पानी में फंसे रहे पीड़ित रियाज को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। पीड़ित रियाज को शायद उम्मीद भी नहीं थी कि वे जिंदा रह पाएंगे, लेकिन रेस्क्यू टीम के अथक परिश्रम से आज वे हमारे साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने पीड़ित रियाज सहित अन्य पीड़ितों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुश्किल दौर में राज्य सरकार सभी परिवारों के साथ है। हमारी संवेदनाएं सभी के साथ हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्रूज दुर्घटना में जान गंवाने वालों के निकटतम परिजन को दो-दो लाख रुपये और राज्य सरकार ने चार-चार लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी को मौसम विभाग द्वारा समय-समय दी जाने वाली सूचनाओं और चेतावनियों को पूरी गंभीरता के साथ अमल में लाना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनियां हमें सचेत करती हैं और ऐसी दुर्घटनाओं से बचाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज़ हादसे में दिन-रात काम करने वाले बचाव दल के सभी जवानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्थानीयजनों और मीडिया बंधुओं के सहयोग की प्रशंसा की।

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। शुक्रवार शाम तक चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान नौ लोगं के शव बरामद किए गए हैं, जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया है। तीन बच्चों सहित चार लोग लापता हैं, जिनका खबर लिखे जाने तक पता नहीं चल सका। रेस्क्यू के दौरान वहां तेज बारिश भी होने लगी। इसके बाद सर्चिंग रोक दी गई है। शनिवार सुबह 5 बजे से एक बार फिर सर्चिंग की जाएगी।

    बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में 45 से अधिक पर्यटक मौजूद थे। टिकट सिर्फ 29 लोगों की कटी थी। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ, जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक, एसडीआरएफ ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ। हादसे में मरीना मैसी और उनके चार साल के बेटे त्रिशान की भी मौत हो गई। बचाव दल को शुक्रवार को दोनों के शव मिले। मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट के भीतर अपने कलेजे के टुकड़े को समेट लिया था। उसने बच्चे को अपने सीने से इतनी मजबूती से चिपकाया था कि काल का क्रूर झोंका भी उन्हें अलग नहीं कर सका। रेस्क्यू टीम ने जब उन्हें बाहर निकाला, तो दोनों के शव एक-दूसरे को बाहों में जकड़े हुए थे। यह परिवार दिल्ली से घूमने आया था। पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

    बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के अनुसार, हादसे में जिन नौ लोगों के शव मिले हैं, उनके एक बच्चा और आठ महिलाएं शामिल हैं। मृतकों की पहचान नीतू सोनी (43), निवासी कोतवाली, जबलपुर, सौभाग्यम अलागन (42), निवासी अन्नानगर, वेस्ट तारापुरम, तमिलनाडु, मधुर मैसी (62), निवासी खाजन बस्ती, नई दिल्ली, काकुलाझी (38) पत्नी कामराज, निवासी वेस्ट लैंड खमरिया, जबलपुर, रेशमा सैयद (66), निवासी सिविल लाइन, भसीन आर्केड, जैक्सन होटल के पास, शमीम नकवी (68), निवासी डेरखी, भोपाल, मरीना मैसी (39) पत्नी प्रदीप मैसी निवासी दिल्ली, त्रिशान (4 वर्ष) पुत्र प्रदीप मैसी निवासी दिल्ली और ज्योति सेन, निवासी फूटाताल,घमापुर के आगे, जबलपुर के रूप में हुई है।

    वहीं, तीन बच्चे समेत 4 लोग अब भी लापता हैं, इनमें श्रीतमिल (5 वर्ष) पुत्र कामराज, कामराज पुत्र श्रीरामालिंगम, विराज सोनी (6 वर्ष) पुत्र कृष्णा सोनी और मयूरम (9 वर्ष) पुत्र परिमल शामिल हैं।

  • MP: मऊगंज में अश्लील वीडियो बनाकर पूर्व जनपद उपाध्यक्ष से मांगे 5 लाख…आरोपी दंपति गिरफ्तार

    MP: मऊगंज में अश्लील वीडियो बनाकर पूर्व जनपद उपाध्यक्ष से मांगे 5 लाख…आरोपी दंपति गिरफ्तार


    मऊगंज।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मऊगंज जिले (Mauganj district) में पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा का अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल (Blackmail) करने वाले पति और पत्नी को पुलिस ने ओडिशा (Odisha) से गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस हनी ट्रैप का मामला दर्ज करते हुए साइबर सेल की मदद से उनके ठिकाने तक पहुंची, और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। महिला और उसका पति मऊगंज में रेस्टोरेंट और कैफे चलाते थे। यहां पर उन्होंने पूर्व जनपद उपाध्यक्ष को अपना शिकार बनाया था, फिर उन्हें ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपए की मांग कर रहे थे।

    आरोपी रुची और उसका पति मऊगंज में रुचि रेस्टोरेंट और कैफे चलाते थे। पुलिस के मुताबिक पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा को, पहले चाय पर बुलाकर नशीला चीज पिलाई गई, और फिर स्पाई कैमरे से अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया। उसके बाद उन्हें ब्लैकमेल किया जाने लगा, और उनसे 5 लाख रुपए की मांग की गई। जब उन्होंने पैसे नहीं दिए तो वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया।

    हनीट्रैप का केस
    मामला सामने आने के बाद पुलिस ने हनी ट्रैप का मामला दर्ज कर लिया। वीडियो वायरल होने के बाद मामले को तूल पकड़ता देख दोनों पति पत्नी, मऊगंज से फरार हो गए थे। पुलिस से बचने के लिए दोनों अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस साइबर सेल की मदद से दोनों आरोपियों को, ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से गिरफ्तार कर मऊगंज ले आई है।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के मोबाइल से शुरुआती जांच में कई चैट के साथ फोटो और वीडियो भी मिले हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई है, और दोनों से पूछताछ कर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तरह से और कितने लोगों को इन्होंने अपना शिकार बनाया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है, जहां से उनकी रिमांड लेने का पुलिस प्रयास कर रही है, जिससे आरोपियों से अच्छे से पूछताछ हो सके।

  • सीहोर के बाबरी घाट पर जान जोखिम में: ओवरलोड नावों में ट्रैक्टर-कार तक ढोए जा रहे, सुरक्षा नियमों की अनदेखी

    सीहोर के बाबरी घाट पर जान जोखिम में: ओवरलोड नावों में ट्रैक्टर-कार तक ढोए जा रहे, सुरक्षा नियमों की अनदेखी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बाबरी घाट पर नाव संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर ओवरलोड नावों में यात्रियों के साथ-साथ ट्रैक्टर, कार और मोटरसाइकिल तक को नदी पार कराया जा रहा है।
    स्थानीय लोगों के अनुसार नावों में तय क्षमता से कई गुना अधिक यात्री बैठाए जा रहे हैं, लेकिन न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं और न ही आपात स्थिति के लिए कोई गोताखोर तैनात हैं। इससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
    हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद भी यहां हालात में कोई सुधार नहीं देखा गया है। नियमों के मुताबिक मोटर चालित नावों में फायर एक्सटिंगुइशर, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हैं, लेकिन बाबरी घाट पर ये सभी व्यवस्थाएं नदारद हैं।
    नाव यात्री राजीव पटेल ने बताया कि ओवरलोड नावों में यात्रा करना बेहद जोखिम भरा है, लेकिन मजबूरी में लोगों को ऐसा करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार की मनमानी और प्रशासनिक ढिलाई के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
    स्थिति को देखते हुए भेरुंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह ने घाट का निरीक्षण किया और ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होंगे और नावों की नियमित तकनीकी जांच की जाएगी। केवल प्रशिक्षित नाविकों को ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
    एसडीएम ने यह भी निर्देश दिए कि घाट पर चेतावनी संकेतक, सुरक्षा बैरिकेडिंग और सूचना पट्ट लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
  • बरगी डैम क्रूज हादसे पर बुरहानपुर में श्रद्धांजलि सभा: ताप्ती सेवा समिति ने जताया शोक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

    बरगी डैम क्रूज हादसे पर बुरहानपुर में श्रद्धांजलि सभा: ताप्ती सेवा समिति ने जताया शोक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में सामाजिक संगठनों ने जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। ताप्ती सेवा समिति ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना सभा आयोजित की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
    समिति के सदस्यों ने इस हादसे को व्यवस्थागत लापरवाही का परिणाम बताया। उनका कहना है कि दुर्घटना स्थल कोई दूरस्थ क्षेत्र नहीं था, इसके बावजूद समय पर पर्याप्त बचाव दल और संसाधन उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
    श्रद्धांजलि सभा में उस दर्दनाक दृश्य का भी जिक्र किया गया, जिसमें एक मां अपने बच्चे को सीने से लगाए हुए मृत अवस्था में मिली थी। इस घटना ने सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
    ताप्ती सेवा समिति ने जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की गंभीरता से समीक्षा करने की मांग की है। सदस्यों ने सवाल उठाया कि क्या लाइफ जैकेट और आपातकालीन व्यवस्थाएं सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई हैं, और आपात स्थिति में तुरंत सक्रिय होने वाली रेस्क्यू टीम क्यों मौजूद नहीं थी।
    समिति ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि सभी जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। हर क्रूज और नाव में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की अनिवार्यता होनी चाहिए।
    इसके साथ ही, उन्होंने यह भी मांग की कि आपात स्थिति के लिए त्वरित कार्रवाई करने वाली रेस्क्यू टीम और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। समिति ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
    इस अवसर पर कई सामाजिक कार्यकर्ता और समिति सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने हादसे को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया।
  • MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर

    MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शनिवार को 21 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इन जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। यह मौसम परिवर्तन 5 मई तक जारी रहने का अनुमान है।

    जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं।

    वहीं दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, रायसेन, धार, खंडवा, खरगोन, रतलाम, सागर, छिंदवाड़ा और अन्य जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर दोपहर बाद मौसम बदल सकता है।

    बीते दिनों भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहा। जबलपुर और दमोह में बारिश दर्ज की गई, जबकि खंडवा में तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहा।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। इसके चलते नमी बढ़ रही है और आंधी-बारिश का दौर बना हुआ है।

    इस अचानक बदले मौसम का असर जनजीवन पर भी दिख रहा है। कई जगहों पर तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

  • MP बोर्ड की बड़ी राहत: द्वितीय परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की डेट बढ़ी, फेल के साथ पास छात्र भी दे सकेंगे एग्जाम

    MP बोर्ड की बड़ी राहत: द्वितीय परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की डेट बढ़ी, फेल के साथ पास छात्र भी दे सकेंगे एग्जाम


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की द्वितीय परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी 4 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। पहले यह तारीख 26 अप्रैल तय थी।

    यह आवेदन प्रक्रिया माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश के तहत एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी की जा रही है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अन्य सभी नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे।

    इस साल बोर्ड ने बड़ा बदलाव करते हुए पुरानी पूरक परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर दिया है और उसकी जगह ‘द्वितीय परीक्षा’ प्रणाली लागू की है। इस नई व्यवस्था में न सिर्फ फेल छात्र शामिल हो सकेंगे, बल्कि पास छात्र भी अपने अंक सुधारने के लिए परीक्षा दे सकेंगे।

    नई व्यवस्था के अनुसार, जो छात्र किसी विषय में फेल हैं, उन्हें उस विषय की परीक्षा देनी होगी। वहीं पास छात्र भी बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए इच्छानुसार किसी भी विषय में शामिल हो सकते हैं। इससे छात्रों को अपने परिणाम सुधारने का एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

    परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, 12वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक और 10वीं की परीक्षा 7 मई से 19 मई 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। सभी परीक्षाएं निर्धारित केंद्रों पर ही होंगी।

    बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि मुख्य परीक्षा और द्वितीय परीक्षा दोनों में से जो भी बेहतर अंक होंगे, वही अंतिम परिणाम में मान्य किए जाएंगे। इससे छात्रों पर दबाव कम होगा और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अवसर मिलेगा।

    आवेदन करने के लिए छात्रों को परिणाम जारी होने के बाद सात दिनों के भीतर फॉर्म भरना होगा। प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा। अधिक जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

  • MP में गेहूं खरीदी पर अफसर अलर्ट मोड में: 80 लाख टन के लिए स्लॉट बुक, कई केंद्रों पर किसान परेशान

    MP में गेहूं खरीदी पर अफसर अलर्ट मोड में: 80 लाख टन के लिए स्लॉट बुक, कई केंद्रों पर किसान परेशान


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में इस साल गेहूं खरीदी प्रक्रिया तेज रफ्तार से चल रही है, लेकिन तकनीकी और व्यवस्थागत दिक्कतों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में स्लॉट बुकिंग सिस्टम पर दबाव के कारण किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 5 लाख किसानों से 22 लाख टन से अधिक गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। वहीं, सरकार का दावा है कि कुल 80 लाख टन गेहूं के लिए स्लॉट बुक हो चुके हैं। हालांकि, किसानों को स्लॉट बुकिंग कराने में सर्वर स्लो होने जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।

    राज्य सरकार ने इस बार गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाकर 100 लाख टन रखा है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा करीब 77 लाख टन था। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों की क्षमता भी बढ़ाई गई है, जहां प्रतिदिन स्लॉट सीमा को 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दिया गया है।

    इसके बावजूद कई केंद्रों पर अव्यवस्था बनी हुई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, जबलपुर, ग्वालियर, विदिशा और रायसेन जैसे जिलों में किसान स्लॉट बुकिंग और गेहूं बेचने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में कई उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था, जिसके बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाओं का दावा किया है, जैसे कि पेयजल, छायादार स्थान, बैठने की सुविधा और शौचालय आदि। साथ ही किसानों को यह सुविधा भी दी गई है कि वे अपने जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर गेहूं बेच सकते हैं।

    इस बार गेहूं की खरीद 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है।

    हालांकि, जमीनी स्तर पर तकनीकी दिक्कतों और अव्यवस्थाओं के कारण किसान अब भी सिस्टम से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।

  • जबलपुर क्रूज हादसा: “मम्मी ने हाथ पकड़ा था, लेकिन छूट गया” – 9 की मौत, कई परिवार बिखरे

    जबलपुर क्रूज हादसा: “मम्मी ने हाथ पकड़ा था, लेकिन छूट गया” – 9 की मौत, कई परिवार बिखरे


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी है। तेज आंधी और करीब 74 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के बीच क्रूज पलट गया, जिसमें 9 लोगों की मौत हो चुकी है और 4 लोग अब भी लापता हैं।

    हादसे में बचे लोगों की कहानियां दिल दहला देने वाली हैं। 13 साल की तनिष्का ने रोते हुए बताया कि हादसे के वक्त उसकी मां ने उसका हाथ पकड़ा हुआ था, लेकिन अचानक क्रूज पलटने पर वह छूट गया। “मम्मी ने हमें पकड़ा था… फिर सब कुछ खत्म हो गया,” यह कहते हुए वह सदमे में है।

    एक अन्य परिवार के रोशन आनंद ने बताया कि क्रूज पलटते ही वे किसी तरह अपनी पत्नी और एक बच्चे के साथ बाहर निकल पाए, लेकिन बाकी लोग बिछड़ गए। उन्होंने बताया कि कई घंटों तक उन्होंने अपने बच्चे की तलाश की और बाद में वह सुरक्षित मिला, लेकिन उस भयावह अनुभव ने उन्हें अंदर तक हिला दिया।

    इसी हादसे में दिल्ली से आई 13 साल की सिया ने अपनी मां, छोटे भाई और नानी को खो दिया। सिया ने बताया कि शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन अचानक मौसम बदल गया और क्रूज में पानी भरने लगा। लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग लाइफ जैकेट तक नहीं पहन पाए।

    परिजनों का आरोप है कि क्रूज पर मौजूद स्टाफ ने समय रहते मदद नहीं की और लाइफ बोट भी देर से पहुंची। उनका कहना है कि अगर बचाव दल समय पर पहुंचता तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।

    कामराज नाम के एक यात्री का परिवार भी इस हादसे की चपेट में आ गया। उनकी पत्नी और भाभी की मौत हो चुकी है, जबकि बेटा और कुछ रिश्तेदार अब भी लापता हैं। किनारे खड़े परिजन लहरों में फंसे अपने अपनों को बचाने के लिए कुछ नहीं कर सके।

    हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। प्रशासन द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन खराब मौसम के कारण कई बार रेस्क्यू कार्य रोकना पड़ा है।

    यह हादसा न सिर्फ एक पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि कई परिवारों को गहरे सदमे में छोड़ गया है, जहां अब सिर्फ यादें और दर्द बाकी है।