Category: Madhya Pradesh

  • KBC में 50 लाख जीतने वाली तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, हो सकती है गिरफ्तारी

    KBC में 50 लाख जीतने वाली तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, हो सकती है गिरफ्तारी


    श्‍योपुर। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को बाढ़ राहत राशि घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दी है। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है, और प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।

    2.57 करोड़ के बाढ़ राहत घोटाले का मामला

    साल 2021 में श्योपुर जिले में आई बाढ़ के बाद पीड़ितों के लिए राहत राशि वितरित की गई थी। आरोप है कि उस समय बड़ौदा तहसील में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने करीब 25 पटवारियों और 100 से अधिक दलालों के साथ मिलकर 127 फर्जी खातों में लगभग 2.57 करोड़ रुपये की राशि बांटी। यह गड़बड़ी डिप्टी कलेक्टर की ऑडिट में पकड़ी गई, जिसके बाद बड़ौदा थाने में FIR दर्ज कराई गई।

    जांच में आरोप लगा कि राहत राशि वितरण के दौरान रिश्तेदारों और परिचितों को बाढ़ पीड़ित दिखाकर रकम उनके खातों में डलवाई गई। पुलिस ने इस मामले में 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें अमिता सिंह तोमर और 25 पटवारी शामिल हैं।

    सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज की

    गिरफ्तारी से बचने के लिए अमिता सिंह तोमर ने पहले हाई कोर्ट ग्वालियर खंडपीठ में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में SLP के साथ अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई, जिसे 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दिया। अब या तो उन्हें स्वयं सरेंडर करना होगा या पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है।

    सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद राजस्व अमले और प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है। बड़ौदा थाने की पुलिस कभी भी अमिता सिंह तोमर की गिरफ्तारी कर सकती है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अब उनके पास केवल सरेंडर या कस्टोडियल इंटरोगेशन की तैयारी करने के विकल्प हैं।

    KBC से विवादित पोस्ट तक का सफर

    महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट किए, जिनमें प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाना और संविधान से जुड़ी पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट शामिल था। इसके चलते उन्हें निलंबित भी किया गया। इतना ही नहीं, अमिता सिंह ने बार-बार तबादलों के खिलाफ पीएम मोदी को पत्र लिखा और साल 2023 में तहसील का प्रभार नहीं मिलने पर इस्तीफे का पत्र भी लिखा था।

  • एनओसी के लिए किसान का अनोखा प्रदर्शन: बैंक में ढोल बजाकर किया डांस, अधिकारियों के उड़े होश

    एनओसी के लिए किसान का अनोखा प्रदर्शन: बैंक में ढोल बजाकर किया डांस, अधिकारियों के उड़े होश

    धार। जिले में एक किसान ने बैंक की कार्यप्रणाली से परेशान होकर विरोध का ऐसा तरीका अपनाया जिसने सभी को चौंका दिया। ग्राम आहू के पास चंदवाडा के किसान विजय पाटीदार अपने परिवार और ढोल के साथ आईडीएफसी बैंक पहुंचे और बैंक के अंदर ही ढोल बजाकर जमकर डांस करने लगे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बैंक कर्मचारी और अधिकारी हैरान रह गए।

    डेढ़ महीने से एनओसी के लिए भटक रहा किसान

    किसान विजय पाटीदार ने बताया कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत करीब 13 लाख रुपये का लोन लिया था जिसे उन्होंने लगभग डेढ़ महीने पहले चुका दिया है। इसके बावजूद बैंक की ओर से अब तक उन्हें एनओसी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है।उनका आरोप है कि वे पिछले डेढ़ महीने से लगातार बैंक के चक्कर काट रहे हैं लेकिन हर बार अलग-अलग कारण बताकर उन्हें टाल दिया जाता है जिससे वे काफी परेशान हो चुके हैं।

    ढोल बजाकर सुनाई अपनी परेशानी
    किसान का कहना है कि जब बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने यह अनोखा तरीका अपनाया। वह ढोल लेकर बैंक पहुंचे और अंदर ही प्रदर्शन करते हुए डांस करने लगे ताकि अधिकारियों का ध्यान उनकी समस्या की ओर जाए। इस दौरान बैंक में मौजूद लोग और कर्मचारी यह नजारा देखकर हैरान रह गए।

    मैनेजर के आश्वासन पर शांत हुआ मामला

    काफी देर तक चले इस प्रदर्शन के बाद बैंक मैनेजर ने किसान को समझाइश दी और आश्वासन दिया कि उन्हें शाम तक एनओसी दे दी जाएगी। इसके बाद किसान शांत होकर बैंक से बाहर निकल गया।

    मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

    किसान विजय पाटीदार ने साफ कहा है कि यदि शाम तक उन्हें एनओसी नहीं मिलती है तो वे बैंक के बाहर धरने पर बैठकर आंदोलन शुरू करेंगे। उनका यह अनोखा विरोध अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • एमपी में मौसम ने ली करवट, 36 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, ओले गिरने का भी अलर्ट

    एमपी में मौसम ने ली करवट, 36 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, ओले गिरने का भी अलर्ट


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में दो ट्रफ लाइन और एक साइक्लोनिक सिस्टम के एक्टिव होने से मजबूत वेदर सिस्टम बन गया है, जिसका असर अगले 72 घंटे तक देखने को मिलेगा। बुधवार को राज्य के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों के करीब 10 जिलों में कहीं आंधी-बारिश हुई तो कहीं बादल छाए रहे। बालाघाट में करीब 1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।

    36 जिलों में आंधी-बारिश, 3 जिलों में ओलावृष्टि का खतरा

    मौसम विभाग ने गुरुवार को भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 36 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

    तेज हवाओं के साथ 3 दिन तक रहेगा असर

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। यह सिस्टम धीरे-धीरे पूरे मध्यप्रदेश को कवर करेगा। 19 और 20 मार्च को इसका असर सबसे ज्यादा रहेगा, जबकि 22 मार्च से मौसम साफ होने लगेगा। तापमान में गिरावट के चलते कई जिलों में हल्की ठंडक भी महसूस की जा रही है।

    मार्च में पहली बार ओले, किसानों की चिंता बढ़ी

    इस सीजन में मार्च महीने में पहली बार ओलावृष्टि का अनुमान है। खासकर सिवनी, मंडला और बालाघाट में दो दिन तक ओले गिर सकते हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

    पहले गर्मी, अब बदला मौसम का रुख

    मार्च के पहले पखवाड़े में तेज गर्मी का असर देखने को मिला था, लेकिन दूसरे पखवाड़े में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस महीने पहली बार इतना स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है, जिसका असर लगातार तीन दिन तक बना रहेगा। पूरे प्रदेश में कहीं बारिश, कहीं आंधी-तूफान और कहीं बादल छाए रहने की स्थिति रहेगी।

    अप्रैल-मई में लू के तेवर रहेंगे तेज

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल अप्रैल और मई में 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है। मार्च के आखिरी सप्ताह से ही गर्म हवाओं का असर शुरू होने के संकेत हैं।

  • कवि सम्मेलन हमारी समृद्ध काव्य परम्पराओं के हैं सजीव संवाहक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    कवि सम्मेलन हमारी समृद्ध काव्य परम्पराओं के हैं सजीव संवाहक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की मिट्टी कवियों की उर्वर भूमि है। काव्य परम्पराओं से हमारी साहित्यिक विरासत हमेशा से ही समृद्ध रही है। कवि सम्मेलन हमारी इन्हीं समृद्ध काव्य परम्पराओं के सजीव संवाहक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की रात भोपाल के अटल पथ पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देना हमारा ध्येय है। श्रीराम की नगरी को राजधानी से सीधे जोड़ने के लिए हम बहुत जल्द भोपाल से ओरछा तक धार्मिक पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने जा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में आए सभी कवियों और विभिन्न सामाजिक सेवा समितियों का उनके सेवा प्रकल्पों में उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए सभी को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत एवं सम्मान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में 7 हजार भाषाएं-बोलियां बोली जाती हैं। सबका समृद्ध साहित्य है। इतनी बड़ी भाषाई विविधता और समृद्धि किसी और देश में देखने को नहीं मिलती। मध्यप्रदेश की धरती पर बाणभट्ट, कालिदास, राजशेखर, पतंजलि, भर्तहरि, अनंगहर्ष, वत्सराज, केशवदास, पद्माकर, बिहारी जैसे रत्न हुए। आज जिस नगरी भोपाल पधारे हैं, वहां के शासक स्वयं सरस्वती पुत्र राजा भोज रहे। राजा भोज स्वयं एक कालजयी कवि, प्रकांड दार्शनिक और अद्वितीय विचारक थे। उनके शासनकाल में ज्ञान और कला का निरंतर अभिषेक होता था। राजा भोज के बारे में एक ऐतिहासिक किंवदंति बहुत प्रसिद्ध है कि उनके शासनकाल में ज्ञान और कला का इतना सम्मान था कि बुनकर भी संस्कृत कविताएं रचते थे। आज फिर से भोज नगरी में सरस्वती पुत्रों का समागम हुआ है, यहाँ सबका स्वागत है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कवियों की वाणी ने ही युवाओं में साहित्य के प्रति प्रेम बचाए रखा है। उन्होंने इस आयोजन के सूत्रधार विधायक श्री रामेश्वर शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि कर्मश्री संस्था द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आज अपनी रजत जयंती मना रहा है। विगत 25 वर्षों से कवि सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि चैत्र प्रतिपदा, गुड़ी पड़वा, उगादि, चैती चांद, नवरेह के मौके पर होने वाला यह आयोजन अनेकता में एकता और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का सजीव उदाहरण है। भले ही हम ये सभी त्योहार विभिन्न नामों से मनाते हैं, लेकिन ये हमारे विविधता संपन्न राष्ट्र के अलग-अलग कोनों में पारंपरिक रूप से नए साल के शुभारंभ के प्रतीक हैं। ये हमें एकता, प्रेम, सद्भाव और समृद्धि का संदेश देते हैं। मुख्यमंत्री ने मंगलकामना करते हुए कहा कि नव संवत्सर सभी के लिए मंगलमय हो।

    कार्यक्रम को विधायक रामेश्वर शर्मा, प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, कवि दिनेश बावरा, सुदीप भोला, अजय अंजान, कुशल कुशलेन्द्र, सान्या राय सहित रविन्द्र यति, तीरथ सिंह मीणा, राहुल कोठारी, सुमित पचौरी सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित थे।

    कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने अपने संबोधन में सियासी तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि पहले रामकाल था, जब अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि एक वोट खरीदकर भी सरकार बनती हो, तो ऐसी सरकार को मैं चिमटे से छूना भी पसंद नहीं करूंगा। वह रामकाल था, लेकिन अब मोहन काल और कृष्ण काल है। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि थोड़ी देर के लिए कांग्रेस की सरकार आई थी। कमलनाथ जी बड़े भले आदमी हैं। जैसे-तैसे इस उम्र में उनकी बारात निकली थी। आगे-आगे दिग्विजय सिंह चल रहे थे, लेकिन पीछे के बारातियों को भाजपा वाले अपने साथ ले गए। जब पीछे मुड़कर देखा, तो बारात में गिने-चुने लोग ही बचे थे।

    हास्य कवि और व्यंग्यकार कुशल कौशलेंद्र ने कवि सम्मेलन के दौरान एक कवि ने कविता पाठ करते-करते समसामयिक मुद्दों पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने मोदी-ट्रंप फोन कॉल का जिक्र करते हुए चुटकी ली। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने ट्रंप से शायद यही कहा होगा कि अगली बार उज्जैन में कुंभ लगने जा रहा है, जितना पाप करना है कर लो, यहां आकर दो डुबकी में सब धुल जाएंगे।” इस तंज पर श्रोताओं के बीच हंसी और तालियों का माहौल बन गया।

    कवि कुशल कुशलेंद्र ने भोपाल में काव्य पाठ के दौरान अपने व्यंग्य और सियासी तंज से माहौल को जीवंत कर दिया। “तालियों की ताल दीजिए” जैसी पंक्तियों के बीच उन्होंने केंद्र की नीतियों पर चुटकी लेते हुए कहा, “हमसे लोग पूछते हैं मोदी जी ने क्या किया, हम कहते हैं रुपयों का बैग छीनकर बोरा थमा दिया, बोरी की डोर तोड़कर डोरी थमा दिया।” उनकी इस टिप्पणी पर श्रोताओं के बीच ठहाके और तालियों की गूंज सुनाई दी।

    इसके बाद उन्होंने सिंधिया पर कटाक्ष करते हुए कविता सुनाई— “सच को दिखा सकूं मीडिया ही बना दो, रंग ऐसे भरो मुझको इंडिया बना दो, मैं जिस जगह रहूं उस जगह मौज में रहूं, भगवान मुझको आप सिंधिया ही बना दो।” उनकी प्रस्तुति में व्यंग्य, हास्य और राजनीति का मिश्रण नजर आया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

    मुंबई से आए कवि दिनेश बावरा ने भोपाल में काव्य पाठ के दौरान अपने खास अंदाज में हास्य और व्यंग्य का तड़का लगाया। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “घर वालों ने कहा था कि जब तक कुछ बन ना जाना, घर मत लौटना… मैं बेशर्म बन गया।” उनकी इस पंक्ति पर श्रोताओं के बीच ठहाके गूंज उठे और माहौल हल्का-फुल्का हो गया। इसके बाद उन्होंने समकालीन जीवन पर तंज कसते हुए कहा कि आज दुनिया को सबसे बड़ा खतरा किसी देश से नहीं, बल्कि मोबाइल से है। उन्होंने कहा, “इस दुनिया को खतरा न चीन, न अमेरिका, न पाकिस्तान और इजराइल से है… आज की तारीख में सबसे ज्यादा खतरा आपकी जेब में रखे मोबाइल से है।” उनकी इस टिप्पणी ने श्रोताओं को सोचने पर भी मजबूर कर दिया।

    उत्तर प्रदेश के औरैया से आए कवि अजय अंजाम ने मंच से देशभक्ति काव्य पाठ कर श्रोताओं में जोश भर दिया। उन्होंने अपनी ओजपूर्ण पंक्तियों में कहा, “कश्मीर का दर्रा-दर्रा वंदे मातरम बोलेगा, कारतूस का छर्रा-छर्रा वंदे मातरम बोलेगा। जिस दिन भोपाल के बेटे, जिस दिन भारत मां के बेटे अपनी पर आ जाएंगे, इस धरती का जर्रा-जर्रा वंदे मातरम बोलेगा।” उनकी इस प्रस्तुति पर पूरा पंडाल तालियों और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।

  • भोपालः हिंदू नववर्ष के स्वागत में प्रभात चौराहे पर लहराया विशाल भगवा झंडा, हुई भव्य आतिशबाजी

    भोपालः हिंदू नववर्ष के स्वागत में प्रभात चौराहे पर लहराया विशाल भगवा झंडा, हुई भव्य आतिशबाजी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को हिंदू नववर्ष की पूर्व संध्या पर भोपाल के नरेला विधानसभा के प्रभात चौराहे पर आयोजित भव्य आतिशबाजी और देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति कार्यक्रम में सम्मिलित होकर विशाल भगवा झंडा लहराया और नागरिकों को हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दी।

    मंत्री सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू नववर्ष केवल एक तिथि परिवर्तन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और नवचेतना का प्रतीक है। यह दिन हमें हमारी सनातन परंपराओं, ऋषि-मुनियों के ज्ञान और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि चैत्र मास से प्रारंभ होने वाला यह नववर्ष सृष्टि के नवसृजन का प्रतीक है, जब प्रकृति स्वयं नवीन रूप में सजती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

    सारंग ने कहा कि भारतीय पंचांग पर आधारित यह नववर्ष वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ऋतु परिवर्तन, कृषि चक्र और जीवन के संतुलन से जुड़ा हुआ है। यह पर्व हमें अपने संस्कारों, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक प्रबल करने का अवसर प्रदान करता है।

    राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ मनाएं नववर्ष
    मंत्री सारंग ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि यह नववर्ष केवल उत्सव का अवसर न होकर, एक नई शुरुआत का प्रतीक बने। उन्होंने कहा कि हम सभी को इस पावन अवसर पर सामाजिक समरसता, स्वच्छता, सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। मंत्री सारंग ने आग्रह किया कि हर नागरिक अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, जरूरतमंदों की सहायता करने, समाज में भाईचारे और एकता को मजबूत करने तथा सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने का संकल्प ले। छोटे-छोटे प्रयास ही मिलकर बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं और यही प्रयास हमारे राष्ट्र को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


    भव्य आतिशबाजी और देशभक्ति गीतों के साथ हिंदू नववर्ष का स्वागत

    नववर्ष की पूर्व संध्या पर प्रभात चौराहे पर आकर्षक आतिशबाजी के साथ देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति से संपूर्ण वातावरण देशभक्ति और उत्साह से सराबोर हो उठा। रंग-बिरंगी रोशनी से सजा आकाश और देशभक्ति के जोश से भरे गीतों ने हर हृदय में गर्व, उत्साह और नई उमंग का संचार किया। कार्यक्रम में पार्षद सूर्यकांत गुप्ता, अशोक वाणी, राकेश यादव बाबा, विमलेश ठाकुर, प्रदीप शेखावत, मण्डल अध्यक्ष विक्की ठाकुर, नितिन पाठक, संदीप चौकसे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में युवा साथी उपस्थित रहे।

  • मप्र के मुख्यमंत्री से मिले नेशनल डिफेंस कॉलेज का 5 देशों के ऑफिसर्स का प्रशिक्षण दल

    मप्र के मुख्यमंत्री से मिले नेशनल डिफेंस कॉलेज का 5 देशों के ऑफिसर्स का प्रशिक्षण दल


    भोपाल।
    भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन नेशनल डिफेंस कॉलेज में ट्रेनिंग ले रहे पांच देशों के ट्रेनी ऑफिसर्स ने मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान बुधवार देर शाम भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की।

    इस अवसर पर बताया गया कि रक्षा मंत्रालय के मेजर जनरल पवनपाल सिंह एवं समकक्ष कुनाल सत्यार्थी के नेतृत्व में फ्रांस, यूएई, भूटान, नेपाल एवं म्यांमार (बर्मा) का 16 सदस्यीय प्रशिक्षण दल 15 से 20 मार्च तक मध्य प्रदेश प्रवास पर आया हुआ है। गुरुवार, 19 मार्च को यह प्रशिक्षण दल भोपाल जिले के होम स्टे ग्राम खारी सहित उज्जैन एवं इंदौर जिले के प्रवास पर रहेगा।

    बताया गया कि बीते तीन दिनों में इस दल ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भेंट सहित भोजपुर मंदिर, वन विहार, भीमबैठका गुफाएं, राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, जनजातीय संग्रहालय सहित अन्य स्थलों का अवलोकन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षण दल का मध्य प्रदेश की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि आप सब देश के सबसे हरे-भरे एवं घने वन वाले प्रदेश और टाइगर स्टेट में हैं। भोपाल ऐसी जगह है, जहां प्राय: सड़कों पर बाघ घूमता दिखाई दे जाता है। यह मनुष्य और वन्य प्राणियों के साहचर्य जीवन का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भोपाल के बड़े तालाब का निर्माण करीब 1000 साल पहले और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर का निर्माण सैकड़ों साल पहले हुआ था।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वन, जंगली वन्य जीवों से भरे पड़े हैं। हमारे यहां 100 से ज्यादा हाथी हैं और 25 मार्च को ही असम से लाए हुए जंगली भैंसे बालाघाट जिले के जंगल में छोड़ने जा रहे हैं। इससे हमारे वन और भी समृद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में 250 से अधिक नदियां बहती हैं। जल की कोई कमी नहीं है और यही कारण है कि मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर देश में सबसे कम (2 प्रतिशत से भी कम) है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े धार्मिक मेले सिंहस्थ : 2028 के आयोजन के लिए हमारी तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। सिंहस्थ के दौरान एक दिन में पांच करोड़ से अधिक श्रद्धालु शिप्रा में स्नान कर पुण्य लाभ ले सकें, हम ऐसे प्रबंधन करने जा रहे हैं। उज्जैन भ्रमण के दौरान प्रशिक्षण दल इन तैयारियों का भी मुआयना करे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देशों के बीच इस तरह से मिलने-जुलने का सिलसिला जारी रहना चाहिए। इससे एक-दूसरे के पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षण दल के साथ समूह चित्र भी क्लिक करवाये।

    इस अवसर पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल के संचालक मुजीबुर्रहमान खान एवं प्रशिक्षण संचालक डॉ. अनुपमा रावत सहित ट्रेनी ऑफिसर्स उपस्थित थे।

  • मप्र में बॉयोमास एग्रीकल्चर वेस्ट से ऊर्जा उत्पादन के लिए 3200 करोड़ निवेश करेगी एसएईएल

    मप्र में बॉयोमास एग्रीकल्चर वेस्ट से ऊर्जा उत्पादन के लिए 3200 करोड़ निवेश करेगी एसएईएल


    भोपाल।
    नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन (ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन) के नामी कंपनी एसएईएल बॉयोमास एग्रीकल्चर वेस्ट से ऊर्जा उत्पादन के लिए मध्य प्रदेश में 3200 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है।

    एसएईएल के पदाधिकारियों ने बुधवार देर शाम भोपाल पहुंचकर समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। कंपनी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश में अपनी भावी निवेश योजना की जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एसएईएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सुखबीर सिंह आवला ने मध्य प्रदेश में बॉयोमास एग्रीकल्चर वेस्ट उर्जा उत्पादन के लिए 3200 करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दिया। कंपनी के एमडी ने इसके अतिरिक्त भी अन्य संभावनाओं पर खुलकर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंपनी द्वारा मप्र में निवेश करने की मंशा पर प्रसन्नता जताई और कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर निवेशकों का स्वागत और अभिनंदन है। राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव मदद करने को तत्पर है।

    सौजन्य भेंट के दौरान मप्र के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह, मप्र औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला, एसएईएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पदाधिकारी इंदरदीप सिंह गिल एवं संदीप सिंह चढ्ढा भी उपस्थित थे।

  • इंदौर अग्निकांड: 8 की दर्दनाक मौत, सीएम डॉ मोहन यादव ने जताया दुख

    इंदौर अग्निकांड: 8 की दर्दनाक मौत, सीएम डॉ मोहन यादव ने जताया दुख


    भोपाल/इंदौर। इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के हुई भीषण अग्नि दुर्घटना ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया। इस हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर में लगी आग ने 8 लोगों की जान ले ली, जिनमें मनोज पुगलिया और उनकी गर्भवती बहू सिमरन भी शामिल हैं।

    जानकारी के मुताबिक, यह दुखद घटना तब घटी जब मनोज पुगलिया के घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट के कारण आग पकड़ गई। चिंगारियां घर तक पहुंच गईं और देखते ही देखते तीन मंजिला मकान आग की चपेट में आ गया। हादसे के समय घर में कई लोग सो रहे थे, जिनमें से 7-8 लोग अंदर फंस गए और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    इस हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गहरा दुख जताया। कि इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है और दिवंगत नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

    सीएम डॉ मोहन यादव ने आग लगने के समय की गंभीरता को देखते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे और अन्य सुरक्षा उपकरण सुरक्षा के लिए अच्छे हैं, लेकिन कभी-कभी ये उपकरण मुसीबत का कारण भी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुबह 4 बजे हुई घटना में यह स्पष्ट हो गया कि तकनीकी उपकरण सुरक्षा तो देते हैं, लेकिन इनसे जुड़े जोखिमों से निपटना चुनौतीपूर्ण भी है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन टीम ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    हादसे के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे। तीन मंजिला मकान में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई लोग अंदर फंस गए। राहत और बचाव कार्य में पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय रूप से जुटे रहे।

    यह घटना शहर और राज्य के लिए एक बड़ा सदमा है। इंदौर के नागरिकों और व्यवसायियों के लिए यह दुर्घटना आग सुरक्षा के महत्व की याद दिलाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग उपकरणों के सही तरीके से उपयोग और समय-समय पर रखरखाव अत्यंत आवश्यक है, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

    इस अग्निकांड ने तकनीकी उपकरणों के फायदे और खतरों दोनों को उजागर कर दिया। मृतकों के परिवारों को प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान करने की घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनकी आर्थिक और सामाजिक मदद सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।

    इंदौर अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को सदमे में डाल दिया है। नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशासन ने आग सुरक्षा और तकनीकी उपकरणों के सुरक्षित उपयोग को लेकर चेतावनी जारी की है।

  • इंदौर: संभाग आयुक्त कार्यालय को बम धमकी, प्रशासन अलर्ट

    इंदौर: संभाग आयुक्त कार्यालय को बम धमकी, प्रशासन अलर्ट


    इंदौर । इंदौर में बुधवार को संभाग आयुक्त कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। धमकी अज्ञात ईमेल आईडी saurabh@21 से आई थी जिसमें दोपहर 2:10 बजे बम फटने और गैस रिसाव जैसी स्थिति पैदा होने की चेतावनी दी गई थी। मेल सीधे संभाग आयुक्त कार्यालय और श्रम आयुक्त कार्यालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजा गया था।

    ईमेल मिलने के बाद अधिकारियों में अफरा तफरी मच गई। तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई और सुरक्षा बल मौके पर तैनात कर दिए गए। बम स्क्वॉड डॉग स्क्वॉड और भारी पुलिस बल पहुंचा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे कार्यालय परिसर को खाली कराया गया। अंदर मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

    मौके पर पहुंचे एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि धमकी को गंभीरता से लेते हुए पूरे भवन की तलाशी करवाई गई। बम स्क्वॉड की टीम ने हर कमरे गलियारे और कार्यालय की जांच की लेकिन तलाशी के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री का पता नहीं चला। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी तरह से सावधानी और गंभीरता के साथ की गई ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके।

    पुलिस ने कहा कि ईमेल किसने और कहां से भेजा इसकी जांच साइबर सेल टीम को सौंपी गई है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ईमेल आईडी फर्जी होने की संभावना है लेकिन पुलिस किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं कर रही। सुरक्षा के मद्देनजर संभाग आयुक्त कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आसपास के इलाके में भी निगरानी तेज कर दी गई है।

    अधिकारियों ने कहा कि धमकी झूठी साबित हो सकती है लेकिन प्रशासन इसे हल्के में नहीं ले रहा। दोषी की पहचान कर पकड़ने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं कर्मचारियों और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

    यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी साबित हुई है कि साइबर माध्यम से किसी भी तरह की धमकी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। इंदौर पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध ईमेल या संदेश की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

    हादसे के संभावित खतरे और फर्जी धमकी के बावजूद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई कर सुरक्षा सुनिश्चित की। बम स्क्वॉड डॉग स्क्वॉड और पुलिस बल की तैनाती ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और किसी भी अप्रिय घटना को टालने में मदद की। इस बीच साइबर जांच से जल्द ही यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि धमकी देने वाला व्यक्ति कौन है और उसका मकसद क्या था।

    इंदौर का यह प्रशासनिक परिसर अब पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं और आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बनाए रखी जा रही है। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि ऐसे किसी भी अपराध को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार को सख्त कार्रवाई के तहत लाया जाएगा।

  • सलकनपुर में चैत्र नवरात्रि की धूम, मां विजयासन देवी मंदिर सज-धज कर स्वागत को तैयार

    सलकनपुर में चैत्र नवरात्रि की धूम, मां विजयासन देवी मंदिर सज-धज कर स्वागत को तैयार

    बुधनी । मध्यप्रदेश के मशहूर शक्तिपीठ मां विजयासन देवी मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का उत्सव फिर से देखने को मिलेगा। 19 मार्च 2026 से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्रि के लिए मंदिर समिति ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। बुधनी विधानसभा क्षेत्र में स्थित यह दिव्य धाम हर साल लाखों श्रद्धालुओं का आकर्षण केंद्र बनता है और इस बार भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

    गुरुवार सुबह 10:47 बजे शुभ मुहूर्त में घट स्थापना और ज्योति स्थापना के साथ नौ दिवसीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा। यह पर्व 27 मार्च को राम नवमी के दिन समाप्त होगा। भक्तों की आस्था उत्साह और भक्ति का संगम इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई देगा।

    मंदिर समिति ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी छांव और परिक्रमा मार्ग में कारपेट बिछाने जैसी व्यवस्थाओं का खास इंतजाम किया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए समिति हर संभव प्रयास कर रही है। मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्त लगभग 1400 सीढ़ियों का रास्ता तय कर सकते हैं। इसके अलावा रोपवे और सड़क मार्ग की सुविधा भी उपलब्ध है जिससे बुजुर्ग और छोटे बच्चों वाले परिवार भी आसानी से दर्शन कर सकते हैं।

    सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। नवरात्रि के दौरान सैकड़ों पुलिस जवान और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहेंगे ताकि भक्तों के लिए व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी भी तरह की असुविधा न हो। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

    मंदिर का वातावरण नवरात्रि की शुरुआत से ही भक्तिमय हो जाएगा। श्रद्धालु सुबह शाम पूजन हवन और आरती में भाग लेंगे। इस दौरान देवी मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा और भजन कीर्तन का आयोजन भी होगा। मंदिर के आसपास स्थानीय बाजार भी सज धज कर उत्सव का रंग बिखेरेंगे जहां भक्त पूजा सामग्री और नवरात्रि से जुड़े अन्य सामान खरीद सकते हैं।

    भक्ति श्रद्धा और उत्साह के इस महापर्व में सलकनपुर एक बार फिर आस्था के रंग में रंगने को तैयार है। हर उम्र के भक्त इस अवसर पर माता के दर्शन के लिए दूर दूर से यहां पहुंचते हैं। नौ दिन तक चलने वाले इस पर्व में भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए देवी की उपासना करेंगे और मंदिर परिसर में चारों ओर भक्तों की भीड़ भजन और आरती का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा।

    सलकनपुर और मां विजयासन देवी मंदिर इस बार भी श्रद्धालुओं को यादगार अनुभव देने के लिए पूरी तरह सज धज कर तैयार हैं। नवरात्रि के इस महापर्व में हर कोई आस्था उल्लास और भक्तिभाव में डूबकर माता के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करेगा।