Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर में जनगणना की तैयारी तेज तीसरे चरण का प्रशिक्षण शुरू 2000 अधिकारी बने प्रक्रिया का हिस्सा

    इंदौर में जनगणना की तैयारी तेज तीसरे चरण का प्रशिक्षण शुरू 2000 अधिकारी बने प्रक्रिया का हिस्सा


    इंदौर । इंदौर में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है और इसी कड़ी में प्रशिक्षण का तीसरा चरण शुरू कर दिया गया है। इस चरण में लगभग 2000 अधिकारी और कर्मचारी भाग ले रहे हैं जिन्हें जनगणना की पूरी प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझाने और लागू करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शहर में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम होलकर साइंस कॉलेज में आयोजित किया जा रहा है जहां मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रतिभागियों को विस्तृत और व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।

    इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक सटीक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है ताकि एकत्रित की जाने वाली जानकारी पूरी तरह विश्वसनीय हो सके। बदलते समय के साथ अब जनगणना की प्रक्रिया भी डिजिटल होती जा रही है और इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार डिजिटल डेटा कलेक्शन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों को यह बताया जा रहा है कि किस प्रकार डिजिटल माध्यम से डेटा को सही तरीके से एकत्रित किया जाए और फॉर्म भरने की प्रक्रिया को सरल और त्रुटिरहित बनाया जाए।

    प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को अलग अलग मॉड्यूल के माध्यम से तैयार किया जा रहा है ताकि वे फील्ड में जाकर बिना किसी परेशानी के अपना कार्य कर सकें। उन्हें यह भी सिखाया जा रहा है कि जनगणना के दौरान किन बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है और किस प्रकार प्रत्येक परिवार से सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान भी मौके पर ही किया जा रहा है जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की उलझन न रहे।

    प्रशासन का मानना है कि यदि प्रशिक्षण मजबूत होगा तो फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे और जनगणना की पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न होगी। यही कारण है कि इस बार प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और हर स्तर पर अधिकारियों को तैयार किया जा रहा है।

    जनगणना किसी भी देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है क्योंकि इसके आधार पर ही भविष्य की नीतियां और योजनाएं तैयार की जाती हैं। ऐसे में डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बेहद जरूरी हो जाती है। इंदौर में शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जो आने वाले समय में जनगणना को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

    प्रशासन को उम्मीद है कि इस तरह के व्यवस्थित और तकनीकी रूप से सशक्त प्रशिक्षण के माध्यम से जनगणना प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी और शहर में इसे बिना किसी त्रुटि के पूरा किया जा सकेगा। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में सुधार होगा बल्कि विकास योजनाओं को भी सही दिशा देने में मदद मिलेगी।

  • गेहूं खरीदी पर सियासी संग्राम तेज सरकार के दावों पर कांग्रेस का बड़ा हमला

    गेहूं खरीदी पर सियासी संग्राम तेज सरकार के दावों पर कांग्रेस का बड़ा हमला


    भोपाल । मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा खरीदी का कोटा बढ़ाने के दावों के बीच अब कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि जमीनी हकीकत सरकार के दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है।

    कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार भले ही 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का दावा कर रही हो लेकिन असल स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पिछले पंद्रह दिनों के आंकड़े ही सरकार की पोल खोलने के लिए काफी हैं। उनके अनुसार इस अवधि में लगभग 2.25 लाख किसानों से केवल 9.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो पाई है जबकि राज्य में कुल 19.04 लाख किसानों से खरीदी किया जाना बाकी है।

    उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मध्यप्रदेश में वास्तविक आवश्यकता लगभग 160 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी की है लेकिन वर्तमान गति को देखते हुए यह लक्ष्य बेहद दूर दिखाई दे रहा है। चौधरी का कहना है कि अगर इसी रफ्तार से काम चलता रहा तो पूरी खरीदी प्रक्रिया को पूरा होने में करीब छह महीने का समय लग सकता है जो किसानों के हित में बिल्कुल भी नहीं है।

    कांग्रेस नेता ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह केवल विज्ञापनों के जरिए उपलब्धियां दिखाने में लगी हुई है जबकि जमीनी स्तर पर किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर गेहूं की खरीदी को घुन या मिट्टी का हवाला देकर रोक दिया जा रहा है जिससे किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में खड़े हैं लेकिन खरीदी प्रक्रिया धीमी होने के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    चौधरी ने यह भी कहा कि सरकार को किसानों को भ्रमित करना बंद करना चाहिए और वास्तविक स्थिति को स्वीकार करते हुए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार 24 घंटे के भीतर खरीदी प्रक्रिया को तेज करे ताकि किसानों को राहत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसानों से किए गए वादों को निभाना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी हर साल एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहता है क्योंकि बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए इस पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में खरीदी की धीमी रफ्तार न केवल किसानों की आय को प्रभावित करती है बल्कि राज्य की कृषि व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या वास्तव में खरीदी प्रक्रिया को तेज करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।

  • डिजिटल सिस्टम से धर्मांतरण का खेल उजागर, खरगोन में बाइबिल लैपटॉप ,और प्रोजेक्टर बरामद

    डिजिटल सिस्टम से धर्मांतरण का खेल उजागर, खरगोन में बाइबिल लैपटॉप ,और प्रोजेक्टर बरामद


    खरगोन । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक कथित धर्मांतरण नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है जहां डिजिटल उपकरणों के जरिए प्रार्थना सभा के नाम पर गतिविधियां संचालित किए जाने की बात सामने आई है यह मामला ग्राम बमनाला का है जहां सेल्दा रोड पर स्थित पेट्रोल पंप के पीछे खेत में बने एक मकान में यह गतिविधियां चल रही थीं

    सूचना मिलने पर पुलिस ने बुधवार को मौके पर दबिश दी और कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया पुलिस ने मौके से बाइबिल धार्मिक साहित्य लैपटॉप प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम सहित कई उपकरण जब्त किए हैं जिनका उपयोग कथित रूप से लोगों को एकत्र कर धार्मिक प्रचार प्रसार के लिए किया जा रहा था

    बमनाला चौकी प्रभारी राजेंद्र आवास्या के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची जहां से 13 बाइबिल 7 ईसाई साहित्य की पुस्तकें एक लैपटॉप एक प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम बरामद किया गया प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि इन डिजिटल साधनों के माध्यम से लोगों को प्रार्थना के लिए बुलाया जाता था और उन्हें कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं और आदिवासी क्षेत्र के लोगों को बीमारी दूर होने और चमत्कारिक लाभ का दावा करके प्रार्थना सभा में शामिल किया जाता था इसके साथ ही हिंदू रीति रिवाज छोड़ने और ईसाई धर्म अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाता था

    पुलिस ने इस मामले में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धाराओं 3 और 5 के तहत केस दर्ज किया है और सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है गिरफ्तार आरोपियों में गांव के राजू बड़ोले बबलू जमरे उमरिया झाबुआ निवासी सेतु मेड़ा और कल्यापुरा निवासी पंकज बारिया शामिल हैं पुलिस के अनुसार बबलू जमरे ने लगभग दो से तीन साल पहले ही खेत में यह मकान बनवाया था जहां से यह गतिविधियां संचालित की जा रही थीं

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तलाशी के दौरान कुछ गोपनीय दस्तावेज भी जब्त किए हैं जिनकी जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क के पीछे और कौन लोग जुड़े हैं और यह गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है

  • कांग्रेस आईटी सेल केस में बड़ा एक्शन, हाईकोर्ट ने CCTV सुरक्षित ,रखने के दिए निर्देश


    जबलपुर । जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कांग्रेस आईटी सेल से जुड़े एक मामले में भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सख्त रुख अपनाया है यह मामला उन तीन युवकों से जुड़ा है जिन्हें हिरासत में लेकर बिना किसी न्यायिक आदेश और ट्रांजिट रिमांड के राजस्थान पुलिस को सौंप दिए जाने का आरोप है

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी व्यक्ति को दूसरे राज्य की पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया पूरी तरह वैधानिक और न्यायिक आदेशों के अनुसार होनी चाहिए लेकिन इस मामले में नियमों की अनदेखी किए जाने की बात सामने आई है जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है

    कोर्ट ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाए

    इसके अलावा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए गिरफ्तारी स्थल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को कहा है कोर्ट ने विशेष रूप से 20 अप्रैल की रात 2 बजे से लेकर 21 अप्रैल की शाम 5 बजे तक के सभी सीसीटीवी रिकॉर्ड सुरक्षित करने के आदेश दिए हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो सके

    मामले में कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी जिसमें कहा गया था कि प्रक्रिया के पालन के बिना ही युवकों को राजस्थान पुलिस को सौंप दिया गया जानकारी के अनुसार तीनों युवक बिलाल निखिल और इनाम पर आरोप है कि उन्होंने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से जुड़े महिला आरक्षण के एक कथित फर्जी पत्र को वायरल किया था इस मामले में राजस्थान के जयपुर स्थित ज्योति नगर थाने में केस दर्ज किया गया है

    राजस्थान पुलिस इन तीनों युवकों को जयपुर ले जा चुकी है लेकिन अब इस पूरे घटनाक्रम ने कानूनी प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि तीनों युवकों को 27 अप्रैल को हर हाल में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है और हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका पर निगाहें और तेज हो गई हैं

  • टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन 5 हजार रिश्वत लेते वनरक्षक गिरफ्तार

    टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन 5 हजार रिश्वत लेते वनरक्षक गिरफ्तार


    टीकमगढ़ । टीकमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है यह कार्रवाई वनरक्षक अरुण अहिरवार के खिलाफ की गई है जिसे 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय दबोचा गया

    पूरा मामला उत्तर प्रदेश के ललितपुर निवासी लकड़ी व्यापारी अरबाज खान की शिकायत से जुड़ा है उन्होंने लोकायुक्त पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि वनरक्षक द्वारा उनके वाहन को छोड़ने और कार्य में किसी प्रकार की बाधा न डालने के एवज में पहले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी

    शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में बातचीत के दौरान यह रकम घटकर 10 हजार रुपये पर तय हो गई लेकिन आरोपी ने पहले किस्त के रूप में 5 हजार रुपये देने की मांग की थी इसी शिकायत के आधार पर लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर जाल बिछाया और कार्रवाई को अंजाम दिया

    निर्धारित योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 5 हजार रुपये दिए उसी समय लोकायुक्त पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वनरक्षक को रंगे हाथों पकड़ लिया इस कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया और आरोपी के पास से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई सूत्रों के मुताबिक आरोपी वनरक्षक पर लंबे समय से वाहन चालकों और छोटे व्यापारियों से अवैध वसूली करने के आरोप लगते रहे हैं जिससे क्षेत्र में लोगों में काफी नाराजगी थी

    लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में भी हड़कंप मच गया है और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं फिलहाल लोकायुक्त टीम मामले की आगे जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब सख्ती बरती जा रही है और किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी

  • 100 कैमरे 22 लाख की रिकवरी ग्वालियर में पुलिस ने पेश की ईमानदारी की अनोखी कहानी

    100 कैमरे 22 लाख की रिकवरी ग्वालियर में पुलिस ने पेश की ईमानदारी की अनोखी कहानी


    ग्वालियर । ग्वालियर में पुलिस की ईमानदारी और तेज कार्यप्रणाली की एक सराहनीय मिसाल सामने आई है जहां मुरार बाजार में सड़क पर गिरे करीब 22 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने पुलिस ने न केवल बरामद किए बल्कि उन्हें सुरक्षित रूप से असली मालिक तक भी पहुंचा दिया यह पूरी घटना 20 अप्रैल की है जब आदित्यपुरम निवासी कृपाल सिंह गुर्जर अपनी बहन के साथ शादी की खरीदारी के लिए मुरार बाजार पहुंचे थे

    खरीदारी के दौरान कार से उतरते समय उनकी बहन के हाथ से गहनों से भरा बैग अनजाने में सड़क पर गिर गया इस बैग में एक सोने का हार और तीन अंगूठियां थीं जिनका कुल वजन लगभग 15 तोला बताया गया और कीमत करीब 22 लाख रुपये आंकी गई

    बैग खोने की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया जिसके बाद तुरंत मुरार थाना पुलिस को सूचना दी गई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की और बाजार क्षेत्र में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की

    लगातार जांच के दौरान फुटेज में दो महिलाएं सड़क से बैग उठाकर ले जाती हुई दिखाई दीं इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और रूट ट्रैकिंग के आधार पर दोनों महिलाओं की पहचान की और उनके घर तक पहुंच बनाई

    जब पुलिस टीम चिन्हित स्थान पर पहुंची तो वहां रहने वाली दोनों महिलाएं जो रिश्ते में देवरानी और जेठानी बताई जा रही हैं उन्होंने गहनों से भरा बैग बिना किसी विवाद के पुलिस के सुपुर्द कर दिया महिलाओं ने बताया कि उन्होंने बैग खोला भी नहीं था क्योंकि उन्हें डर था कि मामला संदिग्ध हो सकता है

    पुलिस ने मौके पर बैग की जांच की तो सभी गहने सुरक्षित और ज्यों के त्यों पाए गए इसके बाद फरियादी परिवार को थाने बुलाकर पूरे गहने विधिवत रूप से वापस सौंप दिए गए अधिकारियों के अनुसार महिलाओं से पूछताछ भी की गई लेकिन उनकी नीयत में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं पाई गई इसलिए उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई

    यह घटना न केवल ग्वालियर पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है बल्कि आम नागरिकों की ईमानदारी का भी उदाहरण पेश करती है जिससे समाज में भरोसे और नैतिकता का संदेश मजबूत हुआ है

  • जबलपुर में दर्दनाक हादसा बरगी नहर में नहाते समय डूबी तीन लड़कियां सर्चिंग जारी

    जबलपुर में दर्दनाक हादसा बरगी नहर में नहाते समय डूबी तीन लड़कियां सर्चिंग जारी

    जबलपुर । जबलपुर से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है जहां बरगी नहर में नहाने गई तीन लड़कियां डूब गईं यह हादसा बरगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुआ बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान अचानक पैर फिसल जाने से तीनों लड़कियां तेज बहाव वाले पानी में बह गईं और देखते ही देखते गहराई में समा गईं जिससे मौके पर अफरा तफरी मच गई

    घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और एनडीआरएफ की टीम के साथ पुलिस बल मौके पर पहुंच गया रेस्क्यू टीम ने तत्काल सर्चिंग ऑपरेशन शुरू किया लेकिन पानी का बहाव और गहराई राहत कार्य में बाधा बन रही थी

    स्थिति को देखते हुए बरगी बांध से नहर का पानी बंद कराया गया ताकि सर्चिंग ऑपरेशन को तेज किया जा सके और डूबे हुए लोगों की तलाश आसान हो सके मौके पर मौजूद बचाव दल लगातार नहर में खोजबीन कर रहा है लेकिन अभी तक तीनों लड़कियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है

    बताया जा रहा है कि डूबी हुई तीनों लड़कियां शादी समारोह में शामिल होने के लिए अपने रिश्तेदार के घर आई हुई थीं और गुरुवार को नहाने के लिए बरगी नहर पहुंची थीं जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार और स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है

    घटना के बाद से ही परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है वहीं पूरे इलाके में मातम का माहौल है प्रशासन की ओर से लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है एनडीआरएफ की टीम हर संभव प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द लड़कियों का पता लगाया जा सके फिलहाल बरगी नहर क्षेत्र में सर्चिंग ऑपरेशन जारी है और पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है यह हादसा एक बार फिर जलस्रोतों के पास सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर करता है

  • सीहोर को जल्द मिलेगी रेल सौगात ,इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट ,एक्सप्रेस का होगा ठहराव

    सीहोर को जल्द मिलेगी रेल सौगात ,इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट ,एक्सप्रेस का होगा ठहराव


    सीहोर । सीहोर जिले के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है जहां जल्द ही इंदौर जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस का ठहराव सीहोर रेलवे स्टेशन पर शुरू हो सकता है इस प्रस्ताव को लेकर क्षेत्र के सांसद आलोक शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और यह बहुप्रतीक्षित मांग उनके सामने रखी जिसके बाद रेल मंत्री ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मंजूरी का आश्वासन दिया है

    इस मुलाकात के दौरान सांसद ने स्पष्ट रूप से बताया कि सीहोर जिले में रेल सेवाओं का विस्तार समय की आवश्यकता बन चुका है क्योंकि यहां से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री इंदौर जबलपुर और अन्य प्रमुख शहरों की ओर यात्रा करते हैं वर्तमान में सीहोर स्टेशन पर सीमित ट्रेनों का ही ठहराव है जिससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है

    सांसद ने यह भी उल्लेख किया कि सीहोर संसदीय क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कुबेरेश्वर धाम में देश भर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं ऐसे में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है इसके अलावा जिले में शैक्षणिक व्यापारिक और प्रशासनिक गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है जिससे रेलवे सेवाओं पर दबाव बढ़ा है

    इसी को ध्यान में रखते हुए गाड़ी संख्या 22191 और 22192 इंदौर जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस के सीहोर स्टेशन पर ठहराव की मांग को प्रमुखता से रखा गया है जिससे न केवल स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा रेल मंत्री द्वारा इस मांग पर सकारात्मक संकेत मिलने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी और सीहोर को एक महत्वपूर्ण रेल कनेक्टिविटी की सौगात मिल सकेगी

    स्थानीय लोगों में इस संभावित निर्णय को लेकर उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि लंबे समय से सीहोर स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग की जा रही थी यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो सीहोर से इंदौर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों तक यात्रा और अधिक सुगम और तेज हो जाएगी जिससे क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी

  • लोन दिलाने के नाम पर टीचर से 9 लाख की ठगी, दलाल ने नकद और जेवर लेकर किया फरार

    लोन दिलाने के नाम पर टीचर से 9 लाख की ठगी, दलाल ने नकद और जेवर लेकर किया फरार


    नई दिल्ली । डिंडोरी जिले में लोन दिलाने के नाम पर एक शिक्षक से लाखों की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में दलालों के जाल में फंसे शिक्षक से करीब 9 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर ली गई। आरोपी ने एक लाख रुपए नकद और करीब 8 लाख रुपए के जेवरात अपने कब्जे में ले लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    ट्रैक्टर की ईएमआई के चलते फंसे शिक्षक
    मेहदवानी जनपद के कलगी टोला निवासी शिक्षक नारायण पन्द्राम आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे। उनके ट्रैक्टर की ईएमआई लगातार बाउंस हो रही थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात गांव के दुर्गेश सोनवानी से हुई, जिसने पहले एक परिचित को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से लोन दिलवाया था। भरोसे में आकर शिक्षक ने उससे मदद मांगी।
    KCC लोन का झांसा देकर वसूले पैसे
    दुर्गेश ने शिक्षक को केसीसी लोन दिलाने का झांसा दिया और सर्च रिपोर्ट बनवाने के नाम पर 20 हजार रुपए ले लिए। जब लोन नहीं मिला और शिक्षक ने पैसे वापस मांगे, तो दुर्गेश ने उन्हें एक अन्य दलाल ब्रजेश टांडिया से मिलवाया, जो कथित रूप से बड़े बैंक अधिकारियों से संपर्क होने का दावा करता था।
    जेवर गिरवी रखकर लिया गया पैसा
    ब्रजेश ने शिक्षक को बड़ा लोन दिलाने का भरोसा दिलाते हुए बैलेंस ट्रांसफर कराने की बात कही। इसके बाद उसने शिक्षक को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कैंटीन में बुलाकर उनके जेवरात की जानकारी ली। फिर मंडला बस स्टैंड के पास अपने परिचित जनक राठौर के पास 414 ग्राम सोना और 20 ग्राम चांदी के जेवर अमानत के रूप में रखवा दिए, जिसके बदले में 1.45 लाख रुपए दिलाए गए।
    नकद रकम भी ठगी, फिर बंद किया संपर्क
    इसके बाद आरोपी ने 13 और 14 फरवरी को ट्रैक्टर की ईएमआई भरने के नाम पर शिक्षक से 50-50 हजार रुपए, कुल 1 लाख रुपए नकद भी ले लिए। यह रकम शिक्षक ने उधार लेकर दी थी। कुछ दिनों बाद जब शिक्षक ने संपर्क करना चाहा, तो ब्रजेश ने फोन उठाना बंद कर दिया।
    सच सामने आते ही पहुंचा पुलिस के पास
    जब शिक्षक मंडला जाकर जनक राठौर से मिले, तो उन्हें भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
    पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
    सिटी कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में लोन के नाम पर सक्रिय दलालों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

  • आस्था का अद्भुत संगम नीमच में महावीर जिनालय ध्वजारोहण और भव्य शोभायात्रा ने मोहा मन

    आस्था का अद्भुत संगम नीमच में महावीर जिनालय ध्वजारोहण और भव्य शोभायात्रा ने मोहा मन

    नीमच । नीमच में जैन समाज की आस्था और परंपरा का भव्य संगम उस समय देखने को मिला जब श्री आदिनाथ जिनालय एवं जिन कुशल सूरी खरतरगछ ट्रस्ट द्वारा आयोजित आठ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत विकास नगर स्थित महावीर जिनालय पर वार्षिक ध्वजारोहण विधि विधान के साथ संपन्न हुआ इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का वातावरण छाया रहा

    सुबह सात बजे से ही महावीर जिनालय परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी जहां भक्तों ने भक्ति भाव के साथ पूजा अर्चना में भाग लिया विधि विधान से ध्वजारोहण के बाद भव्य वरघोड़ा यानी शोभायात्रा का आयोजन किया गया जिसने पूरे शहर को धार्मिक रंग में रंग दिया

    शोभायात्रा में सबसे आगे हाथी घोड़े और बैंड बाजों की धुन ने माहौल को और अधिक भव्य बना दिया वहीं चांदी और स्वर्ण जड़ित रथ में भगवान महावीर स्वामी विराजमान थे जिनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला रथ के साथ दो दीक्षार्थी जोड़े सुसज्जित बग्गी में सवार होकर आगे बढ़ रहे थे जिन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी

    वरघोड़े के दौरान समाजजनों ने जगह जगह दीक्षार्थियों का अक्षत और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया महिलाओं और युवाओं ने ढोल धमाकों की थाप पर नृत्य करते हुए शोभायात्रा में भाग लिया जिससे पूरा वातावरण भक्ति और आनंद से भर गया शोभायात्रा विकास नगर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई ग्वालटोली स्थित नवनिर्मित दादाबाड़ी धाम तक पहुंची जहां इसका समापन हुआ

    पूरे मार्ग में गुरुदेव के जयकारे और दीक्षार्थियों का संयम अमर रहे जैसे धार्मिक नारे गूंजते रहे जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन संत और महासतीजी भी उपस्थित रहे जिनके सानिध्य में समाजजनों ने धर्म लाभ प्राप्त किया

    नवनिर्मित आदिनाथ जिनालय की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे जैन समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और यह आठ दिवसीय महोत्सव लगातार धार्मिक गतिविधियों से सराबोर है प्रतिदिन विभिन्न अनुष्ठान और पूजा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं

    यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना हुआ है बल्कि समाज में एकता और संस्कारों की परंपरा को भी मजबूत कर रहा है और पूरे नीमच शहर में इस समय भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है