Category: Madhya Pradesh

  • MP कैबिनेट: गेहूं खरीदी पर बोनस को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रुपये स्वीकृत

    MP कैबिनेट: गेहूं खरीदी पर बोनस को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रुपये स्वीकृत


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिए जाने का निर्णय लिया है।

    सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने मंत्रालय में मंत्रि-परिषद के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक 4-लेन एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरीडोर के निर्माण के लिए 945 करोड़ 20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके साथ रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की भी स्वीकृति दी है।

    उन्होंने बताया कि निर्णय अनुसार उपार्जित गेहूं में से भारत सरकार द्वारा स्वीकार न की जाने वाली सरप्लस मात्रा का निस्तारण मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा खुली निविदा के माध्यम से किया जाकर इस पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। किसानों को बोनस राशि का भुगतान विभागीय मद में बजट प्रावधान कराकर तथा सरप्लस मात्रा के निस्तारण व्यय की प्रतिपूर्ति मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजनांतर्गत आवंटित बजट से किया जाएगा।


    लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रुपये की स्वीकृति

    मंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2 लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर लंबाई 5.32 कि.मी. के निर्माण कार्य को विभागीय सूचकांक से मुक्त रखते हुए लागल राशि 945 करोड़ 20 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 और जन भागीदारी अंतर्गत विकास हेतु अनुदान योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 7 करोड़ 38 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। एनडीबी से वित्त पोषण पुल और सड़क निर्माण की योजना की निरंतरता के लिए 50 करोड़ 10 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

    मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1543 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,476 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। शासकीय आवास गृह, विश्राम गृहों के रखरखाव और अनुरक्षण के लिये 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 200 करोड़ 35 रुपये की स्वीकृति दी गई है। कार्यालय भवनों के रखरखाव, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनुरक्षण कार्य एवं शौर्य स्मारक के संचालन और संधारण हेतु 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 300 करोड़ 70 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।


    रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति

    मंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 228 करोड़ 42 लाख रुपयें, सैंच्य क्षेत्र 7350 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 37 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।


    मध्य प्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम को वित्त विभाग के अंतर्गत किए जाने का अनुमोदन दिया गया है। “मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम” को एमएसएमई से वित्त विभाग को आवंटित किये जाने से राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं आयेगा।


    पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की मंजूरी

    मंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों की अनुसूची में संशोधन की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम संशोधित कर गौपालन एवं पशुपालन विभाग और संचालनालय, पशुपालन एवं डेयरी का नाम परिवर्तित कर संचालनालय, गौपालन एवं पशुपालन किये जाने का अनुमोदन किया गया है।

  • केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने शिवपुरी में विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने शिवपुरी में विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ


    शिवपुरी।
    केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में श्रीमंत माधवराव सिंधिया सेवा स्वास्थ्य मिशन और रोटरी रीजनल मेडिकल मिशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया।

    इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने दिव्यांगजन किट वितरण शिविर में 5260 दिव्यांगजन भाइयों-बहनों को 22,475 सहायक उपकरण सौंपे और 786 दिव्यांगजनों को स्वयं अपने हाथों से सहायक उपकरण प्रदान किए।

    कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा की यह परंपरा नई नहीं है, बल्कि इसकी नींव वर्षों पहले उनके पिता माधवराव सिंधिया ने रखी थी। उन्होंने दूरदराज के ग्रामीण अंचलों तक आधुनिक चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाने के उद्देश्य से बड़े शहरों से डॉक्टरों को गांव-गांव भेजने की परिकल्पना की थी, जो आज एक व्यापक मिशन के रूप में साकार होती दिखाई दे रही है।


    ‘ज्ञानदाता’ और ‘अन्नदाता’ के बाद सिंधिया ने किया ‘जानदाता’ को नमन

    केंद्रीय मंत्री ने चिकित्सक को “जानदाता” की संज्ञा देते हुए कहा कि चिकित्सकों के यह नाम एक दम सही है क्योंकि वे जीवन देने का कार्य करते हैं। जिस प्रकार शिक्षकों को “ज्ञानदाता” और किसानों को “अन्नदाता” के रूप में सम्मान दिया गया है, उसी प्रकार चिकित्सक को “जानदाता” कहकर सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने मंच से कहा कि उनके लिए ये तीनों ही वर्ग इस धरती पर ईश्वर के समान हैं और वे “जानदाता, ज्ञानदाता और अन्नदाता” तीनों को हृदय से प्रणाम करते हैं।


    शिवपुरी में लग रहा आधुनिक सुविधाओं के विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर स्वास्थ्य

    शिविर का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 17 से 24 मार्च तक लगने जा रहे इस विशाल स्वास्थ्य शिविर में एम्स दिल्ली, एम्स भोपाल और मेदांता जैसे देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से सैकड़ों विशेषज्ञ चिकित्सक शिवपुरी पहुँचे हैं और विभिन्न आधुनिक मशीनों से सुसज्जित चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इस स्वास्थ्य शिविर में प्रतिदिन 25,000 ओपीडी और 500 से 700 ऑपरेशन की व्यवस्था की गई है। जिस स्तर की चिकित्सा व्यवस्था आज शिवपुरी में स्थापित हुई है, वह शायद आसपास के कई जिलों में भी उपलब्ध नहीं है।


    दिव्यांगजनों को वितरित किए जा चुके हैं कुल 7 करोड़ रुपये के सहायक उपकरण

    केन्द्रीय मंत्री ने शिवपुरी में दिव्यांगजन किट वितरण शिविर के दौरान दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज का दायित्व है कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान किए जाएँ। उन्होंने बताया कि अशोकनगर में आयोजित शिविर में 1456 दिव्यांगजनों को 5172 उपकरण प्रदान किए गए, जबकि कल गुना में 1929 दिव्यांगजनों को लगभग 8500 उपकरण वितरित किए गए। आज शिवपुरी में 5260 लाभार्थियों के लिए 22,475 सहायक उपकरण, लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से प्रदान किए जा रहे हैं। इस प्रकार पूरे संसदीय क्षेत्र में कुल 8640 दिव्यांगजनों को लगभग 35,884 सहायक उपकरण, लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।


    786 दिव्यांगजनों से स्वयं मिलकर दिया उपकरण, हेलमेट पहनने की दी सीख

    कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने शिविर में उपस्थित सभी 786 दिव्यांगजनों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें सहायक उपकरण प्रदान किए। उन्होंने कई लाभार्थियों को स्वयं ट्राइसाइकिल सौंपते हुए उन्हें सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनने की सलाह दी और मंच से ही यह भी दिखाया कि हेलमेट को किस प्रकार लॉक और अनलॉक किया जाता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी लाभार्थियों को सुरक्षित तरीके से इन उपकरणों का उपयोग करना चाहिए।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य है कि क्षेत्र का प्रत्येक व्यक्ति सशक्त, स्वावलंबी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” लक्ष्य तभी संभव होगा जब देश का प्रत्येक नागरिक इस यात्रा का सहभागी बने।

    यह लोग उपस्थित रहे
    ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी प्रद्युम्न सिंह तोमर, शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, कोलारस विधायक महेन्द्र यादव, कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक का अमन सिंह राठौड़, भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव, भूपेंद्र जैन, डॉ.वीरेंद्र गंगवाल, डॉ.अनूप राज चौपड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव, नपा अध्यक्ष गायत्री शर्मा, सांसद प्रतिनिधि राकेश गुप्ता, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य केशव सिंह तोमर, विजय शर्मा, जिला महामंत्री भाजपा लवलेश जैन, योगेंद्र रघुवंशी, के.पी.परमार, जिला मीडिया प्रभारी मुकेश जैन पत्रकार, अशोक ठाकुर, हरवीर सिंह रघुवंशी, सतीश शर्मा, जिला मंत्री भाजपा नीरज तोमर, डॉ रश्मि गुप्ता, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राठखेड़ा, पूर्व विधायक माखनलाल राठौर, पूर्व नपा अध्यक्ष मुन्ना लाल कुशवाह सहित अधिकारी, कर्मचारीगण, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

  • मंडला में जनपद CEO के खिलाफ सरपंचों का प्रदर्शन, 42 जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से की शिकायत; 7 दिन में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

    मंडला में जनपद CEO के खिलाफ सरपंचों का प्रदर्शन, 42 जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से की शिकायत; 7 दिन में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी


    मंडला। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में बीजाडांडी जनपद पंचायत क्षेत्र के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने जनपद पंचायत CEO के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जनपद सीईओ बसंती दुबे को पद से हटाने की मांग को लेकर 42 सरपंचों जनपद अध्यक्ष और सदस्यों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

    प्रदर्शन कर रहे जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। सरपंचों ने सीईओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हर कार्य में कमीशन की मांग की जाती है और काम समय पर नहीं किए जाते जिससे पंचायतों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जनपद स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है और अधिकारियों द्वारा मनमानी तरीके से कार्य किया जा रहा है। सरपंचों का कहना है कि प्रशासनिक सहयोग के बजाय उन्हें अनावश्यक दबाव का सामना करना पड़ रहा है जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।

    जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायतों में कोई भी काम सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है और स्थानीय स्तर पर समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इससे पहले भी निवास जनपद क्षेत्र में इसी तरह के आरोपों को लेकर एक अन्य सीईओ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है जिससे यह मुद्दा और गंभीर हो गया है।

    इस मामले में जनपद सीईओ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं शिकायतकर्ताओं में राजेंद्र पुटा मदन सिंह और पुष्पा मरकाम शामिल हैं जिन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पूरे मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि तय समय सीमा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो जिले में बड़ा जनआंदोलन देखने को मिल सकता है।

  • दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने पर जोर, भोपाल में हुई क्षेत्रीय बैठक में जागरूकता अभियान की जरूरत बताई गई

    दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने पर जोर, भोपाल में हुई क्षेत्रीय बैठक में जागरूकता अभियान की जरूरत बताई गई


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित क्षेत्रीय परामर्श बैठक में दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण और पुनर्वास को लेकर गंभीर मंथन हुआ। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को संस्थाओं से निकालकर परिवार का स्नेह दिलाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है।

    मंत्री भूरिया ने कहा कि समाज की सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता से ही इन बच्चों को सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिल सकता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिव्यांग शब्द के उपयोग से समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया गया है।

    उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में गैर संस्थागत पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के माध्यम से स्पॉन्सरशिप और आफ्टर केयर जैसी सुविधाएं देकर बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

    बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव जी. वी. रश्मि ने कहा कि भारतीय समाज में संस्कारों का महत्व होने के बावजूद दिव्यांग बच्चों को गोद लेने में सामाजिक रूढ़ियां बाधा बनती हैं। उन्होंने जोर दिया कि समाज की संवेदनशीलता ही इन बच्चों का भविष्य बदल सकती है।

    वहीं केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण की उप निदेशक ऋचा ओझा ने बताया कि देशभर में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश में दत्तक ग्रहण का प्रतिशत अभी भी काफी कम है और इसे बढ़ाने के लिए नीति सुधार और जागरूकता जरूरी है।

    मंत्री भूरिया ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2024 25 में देश में 4 155 बच्चों को गोद लिया गया जिनमें केवल 7 प्रतिशत दिव्यांग बच्चे थे। इनमें से अधिकांश को विदेशी दंपत्तियों ने अपनाया जो देश में जागरूकता की कमी को दर्शाता है।

    उन्होंने सुझाव दिया कि सफल दिव्यांग व्यक्तियों को ब्रांड एम्बेसडर बनाकर समाज में सकारात्मक संदेश फैलाया जा सकता है। साथ ही ऐसे बच्चों को गोद लेने वाले परिवारों के लिए चिकित्सा फिजियोथेरेपी शिक्षा सहायता और बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जाना चाहिए।

    बैठक में उत्तर प्रदेश उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए। इस दौरान दत्तक ग्रहण की वर्तमान स्थिति कानूनी प्रक्रियाओं की चुनौतियों और बेहतर समन्वय के उपायों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में बालिका गृह भोपाल और जवाहर बाल भवन के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दत्तक ग्रहण के महत्व का संदेश भी दिया।

  • मध्यप्रदेश ने HPV टीकाकरण में देश में पहला स्थान हासिल किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य टीम को दी बधाई

    मध्यप्रदेश ने HPV टीकाकरण में देश में पहला स्थान हासिल किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य टीम को दी बधाई


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की टीम एएनएम आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एचपीवी HPV टीकाकरण अभियान में शानदार प्रदर्शन करने पर बधाई दी है। अभियान के तहत मात्र 15 दिनों में प्रदेश की 1 लाख से अधिक बेटियों को वैक्सीन दी गई जिससे मध्यप्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किया गया था ताकि बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित किया जा सके। डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के सफल क्रियान्वयन में स्वास्थ्य विभाग की टीम और स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।

    इस पहल से न केवल बेटियों को गंभीर बीमारी से बचाने में मदद मिलेगी बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता और टीकाकरण के प्रति समुदाय में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।

  • बुंदेलखंड के लोक-हृदय में रचे-बसे प्रभु श्रीराम, कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी

    बुंदेलखंड के लोक-हृदय में रचे-बसे प्रभु श्रीराम, कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी


    सागर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय, सागर में ‘बुंदेलखंड के लोक-हृदय में श्रीराम’ विषय पर सोमवार को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का गरिमामय शुभारंभ हुआ। रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. विनोद मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-दुनिया के प्रख्यात विद्वानों ने श्रीराम के लोक-व्यापी स्वरूप और बुंदेलखंड की संस्कृति में उनके गहरे प्रभाव पर गहन मंथन किया।
    प्राचार्य का संबोधन और वैचारिक आधार
    संगोष्ठी की संरक्षक एवं प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि श्रीराम केवल एक नाम मात्र नहीं, बल्कि नर और नारायण के साक्षात् रूप हैं। उन्होंने भारत को ऋषि-मुनियों की धरा बताते हुए कहा कि श्रीराम का जीवन एक विशाल वटवृक्ष की भांति है, जिसकी छाया में संपूर्ण मानवता पल्लवित होती है। डॉ. गुप्ता ने रेखांकित किया कि बुंदेलखंड में रामलीलाओं के मंचन के माध्यम से रामकथा हर वर्ष जीवंत होती है और यहाँ की लोक-कथाओं व गीतों में राम पूरी तरह रचे-बसे हैं।

    अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. विनोद मिश्र ने कहा कि पिछले 500 वर्षों से भले ही कई लोगों ने राम की सत्यता को विवादास्पद बनाने की कोशिश की, लेकिन लोक मानस में उनकी जड़ें अत्यंत गहरी हैं। उन्होंने हिंदी और बुंदेली कवियों के योगदान को सराहते हुए कहा कि इन साहित्यकारों ने राम के आदर्शों और सौंदर्य को आधार बनाकर कालजयी साहित्य की रचना की है।

    सत्र में आशीर्वचन देते हुए महंत केशव गिरि जी महाराज ने श्रीराम को अखंड ब्रह्मांड के कण-कण का प्राण बताया। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि माता-पिता की सेवा ही सच्ची भक्ति है और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे नई पीढ़ी को कुसंग और नशे से बचाकर सन्मार्ग पर ले जाएं।

    कार्यक्रम में डॉ. नीरज दुबे ने महाविद्यालय के शोधपरक वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा से अधिक संस्कार की आवश्यकता है। वहीं डॉ. शक्ति जैन ने जैन पद्मपुराण में वर्णित श्रीराम की कथा का उल्लेख करते हुए उनके आदर्शों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

    मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात विद्वान पं. श्यामसुंदर दुबे ने अपने बीज वक्तव्य में ‘लोक स्मृति’ और ‘लोक उपाख्यान’ पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि लोक स्मृति इतिहास निर्माण में सहायक होती है। जहाँ वाल्मीकि ने रामायण में लोक स्मृतियों के माध्यम से रामचरित का संकेंद्रण किया, वहीं तुलसीदास ने लोक कथाओं और गीतों के माध्यम से राम को जन-जन में स्थापित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम बुंदेलखंड के हास-परिहास, करुणा, स्नेह और संपत्ति-विपत्ति, हर परिस्थिति में विद्यमान हैं।

    उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. अमर कुमार जैन ने किया और आभार डॉ. आशीष द्विवेदी ने व्यक्त किया। संगोष्ठी में रिपोर्टिंग और मीडिया समन्वय का महत्वपूर्ण दायित्व डॉ. रेणु सोलंकी, डॉ. संदीप सबलोक एवं रश्मि दुबे ने संभाली।

    अगस्त्य संस्थान भोपाल के अध्यक्ष श्री प्रभु दयाल मिश्र की अध्यक्षता में संगोष्ठी के द्वितीय सत्र में ‘बुंदेलखंड के ऐतिहासिक पटल पर श्रीराम की भूमिका’ विषय पर चर्चा करते हुए नॉर्वे से पधारे मुख्य वक्ता एवं प्रवासी साहित्यकार डॉ. सुरेश चंद्र शुक्ला ने कहा कि भगवान श्रीराम का व्यक्तित्व भौगोलिक सीमाओं से परे है। उन्होंने कहा, “सिर्फ बुंदेलखंड या भारत ही नहीं, बल्कि नॉर्वे समेत दुनिया के कई देशों में श्रीराम के व्यक्तित्व को आत्मसात किया गया है। उनके आदर्श आज भी वैश्विक शांति और मानवीय मूल्यों के लिए पथ-प्रदर्शक हैं।


    इस सत्र में डॉ नागेश दुबे डॉ. किरण आर्य तथा डॉ आशीष द्विवेदी ने भी अपने विचार रखते हुए बुंदेलखंड के जनमानस में भगवान श्री राम के विराट स्वरूप पर चर्चा की।
    इस अवसर पर महाविद्यालय के शोधपरक वातावरण को दर्शाती पांच से अधिक पुस्तकों और पत्रिकाओं का विमोचन किया गया, जिनमें मुख्य रूप से ‘बुंदेलखंड एक दृष्टि – बुंदेली विश्वकोश’, ‘पर्यावरणीय चुनौतियां’, ‘उत्कर्ष’ (ई-जर्नल), और ‘अन्त्योदय न्यूज बुलेटिन’ शामिल रहे। सत्र के द्वितीय सत्र में डॉ हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय से चंदा बैन ने कहा रामचरितमानस के प्रत्येक पात्र में राम समाए हुए हैं।

    वरिष्ठ पत्रकार एवं हिन्‍दुस्‍थान समाचार के ब्‍यूरो प्रमुख डॉ. मयंक चतुर्वेदी ने भगवान श्री राम के नाम की वैज्ञानिक व्याख्या करते हुए उनकी सार्थकता को सिद्ध किया। डॉ हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय के प्राध्यापक शशि किरण सिंह ने कहा कि लोक के लिए श्री राम ने अपना संपूर्ण जीवन के सुख वैभव का त्याग किया। टीकाराम त्रिपाठी ने कहा बुंदेलखंड में शपथ के रूप में भी रामदई कहा जाता है जो इस बात का प्रमाण है की राम का जीवन बुंदेलखंड में व्याप्त है। पूर्व अतिरिक्त संचालक डॉ राधास बल्लभ शर्मा ने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से अपनी बात कही। कार्यक्रम का संचालन डॉ रेणु सोलंकी तथा आभार डॉ शुचिता अग्रवाल ने किया।
    कार्यक्रम की अंतिम सत्र में श्री राम के ऊपर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें अशोक मिजाज, डॉ श्याम मनोहर सिरोठिया, पूरन सिंह राजपूत, की विशिष्ट उपस्थिति में आयोजित किया गया। काव्य गोष्ठी का संचालन डॉ शैलेंद्र राजपूत ने किया। यह संगोष्ठी कुल छह सत्रों में आयोजित की जा रही है, जिसमें दूसरे दिन मंगलवार को भी कई महत्वपूर्ण शोध पत्र पढ़े जाएंगे।
  • भिंड जिला पंचायत में 18 कर्मचारी गैरहाजिर, सीईओ ने वेतन काटने के दिए निर्देश

    भिंड जिला पंचायत में 18 कर्मचारी गैरहाजिर, सीईओ ने वेतन काटने के दिए निर्देश


    नई दिल्ली। मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय में की गई सर्प्राइज चेकिंग में 18 कर्मचारियों की गैरहाजिरी सामने आई। सुबह करीब 10:35 बजे सीईओ वीरसिंह चौहान ने अचानक कार्यालय का निरीक्षण किया और विभिन्न शाखाओं में कर्मचारियों की उपस्थिति चेक की। इस दौरान अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।

    अनुपस्थित कर्मचारी

    अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में लेखा अधिकारी दिनेश कुमार ओझा, परियोजना अधिकारी नितिन दुबे, लेखपाल देवेंद्र सिंह यादव, सहायक ग्रेड-2 चयन सिंह दोहरे, प्रभारी एसवीएम विनोद सिंह भदौरिया, सहायक ग्रेड-3 सर्वेश वैद्य, डाटा एंट्री ऑपरेटर हर्षित शर्मा, सुरेन्द्र सिंह कुशवाह और भृत्य रुस्तम सिंह शामिल हैं।

    इसके अलावा आजीविका मिशन (एनआरएलएम) कार्यालय में जिला प्रबंधक गब्बर सिंह तोमर, पंकज कुमार सिंह, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में नीरज सिंह भदौरिया, कुलदीप सिंह, जगदीश प्रसाद शाक्य, डाटा एंट्री ऑपरेटर मेघा श्रीवास्तव तथा श्रम विभाग में श्रम निरीक्षक मनीष झा, उप श्रम निरीक्षक प्रमोद मिश्रा और सहायक ग्रेड-3 राघवेन्द्र सिंह तोमर भी अनुपस्थित पाए गए।

    सीईओ ने कड़ी चेतावनी दी

    सीईओ ने कहा कि कार्यालय समय का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को साप्ताहिक उपस्थिति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की अनियमितता मिलने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    संकेत और संदेश

    इस कार्रवाई से स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यदक्षता पर सख्ती से निगरानी कर रहा है। कार्यालय समय और जिम्मेदारी की अनदेखी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • सिवनी मालवा में जनसुनवाई: बुकिंग के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं, विधवा ने आर्थिक सहायता की लगाई गुहार

    सिवनी मालवा में जनसुनवाई: बुकिंग के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं, विधवा ने आर्थिक सहायता की लगाई गुहार


    नई दिल्ली। मंगलवार सुबह 11 बजे जनपद सभागार में आयोजित जनसुनवाई में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों ने अपनी समस्याओं को लेकर नायब तहसीलदार कीर्ति प्रधान को आवेदन सौंपे। इस अवसर पर कुल 15 शिकायतें दर्ज की गईं।

    आवेदन में सबसे ज्यादा 7 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित थीं। इसके अलावा विद्युत कंपनी की 3, वन विभाग और नगर पालिका की 2-2, तथा पुलिस विभाग की 1 शिकायत शामिल थी।

    गैस सिलेंडर न मिलने की शिकायत

    जनसुनवाई में जीवन सिंह यादव ने गैस एजेंसी की मनमानी के खिलाफ आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि 8 मार्च को गैस बुकिंग कराने के बावजूद रसीद मिलने के बाद भी उन्हें अब तक सिलेंडर नहीं मिला। एजेंसी संचालक ने पहले 4-5 दिन में डिलीवरी का आश्वासन दिया था, लेकिन अब वे किसी दूसरी एजेंसी से टंकी लेने की बात कह रहे हैं। यादव ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की।

    आर्थिक सहायता के लिए भटकती विधवा

    ग्राम नागझिर की अनिता धुर्वे ने भी अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि दो साल पहले मजदूरी के दौरान उनके पति की मौत हो गई थी। शासन की योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए वे कई बार ग्राम पंचायत सचिव के पास आवेदन दे चुकी हैं, लेकिन आज तक उन्हें कोई राशि नहीं मिली। अनिता ने प्रशासन से गुहार लगाई कि उन्हें जल्द से जल्द सहायता राशि दिलाई जाए।

    अधिकारियों को सख्त निर्देश

    नायब तहसीलदार कीर्ति प्रधान ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सौंपा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोगों की समस्याओं को लटकाया न जाए और नियम अनुसार उनका तुरंत निराकरण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

    इस जनसुनवाई में यह भी स्पष्ट हुआ कि सिवनी मालवा में नागरिकों की समस्याओं का समाधान समय पर न होना उनके जीवन को प्रभावित कर रहा है। विशेष रूप से गैस सिलेंडर और आर्थिक सहायता जैसी मामूली लेकिन आवश्यक सुविधाओं में देरी ने लोगों में असंतोष बढ़ा दिया है।

    नायब तहसीलदार ने कहा कि राजस्व, विद्युत, वन विभाग, नगर पालिका और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आवेदन मिलने के 7 दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करें। इसके साथ ही नागरिकों को इस प्रक्रिया के बारे में सूचना देने का भी आदेश दिया गया।

    जनसुनवाई के इस सत्र ने प्रशासन और नागरिकों के बीच एक संवाद का माध्यम स्थापित किया, जिससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।

  • उज्जैन में सीएम बोले- हमारे समय ऐसे बड़े कार्यक्रम नहीं होते थे, कुलगुरु की मांग पर दिए 51 लाख और 5 ड्रोन

    उज्जैन में सीएम बोले- हमारे समय ऐसे बड़े कार्यक्रम नहीं होते थे, कुलगुरु की मांग पर दिए 51 लाख और 5 ड्रोन


    उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके समय में इतने बड़े कार्यक्रम नहीं होते थे। न तो राज्यपाल आते थे और न ही मुख्यमंत्री। आज विद्यार्थियों को सम्मान और गोल्ड मेडल मिलने की परंपरा ने कार्यक्रम को भव्य बना दिया है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल कर रही थीं। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मंच पर भाषण दे रहे थे, तभी कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने उन्हें पर्ची भेजी, जिसमें विश्वविद्यालय के कार्यों के लिए 10 लाख रुपए और कृषि अध्ययन शाला के लिए एक ड्रोन मांगा गया था। मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा, “इतने से क्या होता है? मैं आपको 51 लाख रुपए और पांच ड्रोन देता हूँ।”

    दीक्षांत समारोह की विशेष बातें

    समारोह का शुभारंभ राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 103 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, 74 विद्यार्थियों को पीएचडी और 1 विद्यार्थी को डी-लिट की उपाधि प्रदान की गई। मंच पर सांसद अनिल फिरोजिया, निगम अध्यक्ष कलावती यादव, कुलगुरु अर्पण भारद्वाज और कुलसचिव अनिल शर्मा भी उपस्थित थे।

    राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और ग्रुप फोटो सेशन में भी भाग लिया।

    गीता भवन का निर्माण

    शिप्रा विहार वाणिज्यिक परिसर के सामने त्रिवेणी विहार योजना स्थल पर 77 करोड़ रुपए की लागत से गीता भवन बनाया जाएगा। यह भवन एक लाख वर्ग फीट में बनेगा और सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए उपयोग होगा। इस परियोजना में आडिटोरियम 12,700 वर्ग फीट और ई-लाइब्रेरी 3,600 वर्ग फीट में तैयार की जाएगी।

    इसके अलावा उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी समारोह में किया गया, जिसकी कुल लागत 662.46 करोड़ रुपए है।

    सीएम ने घायल छात्र के परिवार से की मुलाकात

    दीक्षांत समारोह के बाद मुख्यमंत्री गुरकीरत सिंह मनोचा के घर पहुंचे, जो कनाडा पढ़ाई के लिए जा रहे थे, और उनके परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने मीडिया से कहा कि गुरकीरत सिंह की कार से हत्या हुई थी और उनकी बॉडी लाने में सरकार सभी खर्च उठाएगी।

    सीएम ने बताया कि भारत सरकार के माध्यम से कनाडा सरकार से संपर्क किया गया है और परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा, ये हमारे राज्य और खासकर हमारे परिवार का मामला है। अंतिम संस्कार सहित जितना भी खर्च आएगा, सरकार वह उठाएगी।

  • उज्जैन-नागदा मार्ग पर कार-ट्रक टक्कर में 2 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल

    उज्जैन-नागदा मार्ग पर कार-ट्रक टक्कर में 2 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल

    नई दिल्ली।  उज्जैन-नागदा मार्ग पर मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे एक भीषण हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार स्विफ्ट कार और ट्रक की जोरदार टक्कर में कार में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उन्हेल टोल नाके से लगभग 5 किलोमीटर पहले हुआ।

    जानकारी के अनुसार, कार में आगे की सीट पर बैठे सांवरिया सेठ जा रहे दो युवक जीवन की जंग हार गए। जबकि पीछे बैठे दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को ग्लोबल और अवंति अस्पताल, उज्जैन में भर्ती कराया गया।

    राहगीर ने किया बचाव

    हादसे के समय मौके पर भारी भीड़ थी, लेकिन किसी ने तुरंत मदद नहीं की। वहीं राहगीर नंद कुमार मिश्रा, जो ग्रेसिम कंपनी में इंजीनियर हैं, मौके पर पहुंचे और उन्होंने घायल युवकों की मदद की। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक युवक को CPR देने की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इसके बाद उन्होंने दो युवकों के शव एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाए और घायल देवेंद्र को अपनी गाड़ी से ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया।

    घायल युवकों की स्थिति

    घायलों में प्रवेश मारोठिया शामिल हैं, जिनके पैर में फ्रैक्चर आया है। वहीं देवेंद्र की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रवेश के अंकल सुनील शर्मा को उनके भाई ने घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायलों की जानकारी ली।

    हादसे की वजह

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा कार की अधिक रफ्तार और ट्रक के साथ नियंत्रण न होने के कारण हुआ। मार्ग पर मंगलवार सुबह काफी ट्रैफिक था, लगभग 20-25 वाहन खड़े थे।

    प्रशासन की कार्रवाई

    उज्जैन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज कर लिया है। हादसे की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे की मुख्य वजह तेज गति या किसी अन्य चालक की लापरवाही थी।

    इस हादसे ने उज्जैन-नागदा मार्ग पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम और दुर्घटना रोकने के उपाय तेज करने की जरूरत महसूस हो रही है।