Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर में ‘नो रोड-नो टोल’ आंदोलन में तोड़फोड़, बसपा नेता समेत 2-3 आरोपियों पर केस दर्ज

    ग्वालियर में ‘नो रोड-नो टोल’ आंदोलन में तोड़फोड़, बसपा नेता समेत 2-3 आरोपियों पर केस दर्ज


    नई दिल्ली। ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार को हुए “नो रोड-नो टोल” आंदोलन का वीडियो मंगलवार को सामने आया, जिसमें भीड़ और कुछ नेताओं के टोल प्लाजा में उत्पात करते हुए नजर आ रहे हैं। आंदोलन में शामिल लोगों ने बरैठा टोल के कंट्रोल रूम, कंप्यूटर, CCTV कैमरे और सेंसर डिवाइस को नुकसान पहुंचाया।

    इस मामले में भिंड के बसपा नेता रक्षपाल सिंह राजावत और 2-3 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ महाराजपुरा थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि हंगामे के दौरान पुलिस ने नेता को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने कहा, “क्या टोल वाले आपको पैसा देते हैं, जो मुझे रोक रहे हो?”

    आंदोलन का कारण

    ग्वालियर-भिंड-इटावा हाईवे लंबे समय से सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर विवादों में रहा है। पिछले वर्षों में इस मार्ग पर सैकड़ों सड़क हादसों में लोगों की मौत हो चुकी है। साधु-संतों ने इस मुद्दे पर आंदोलन शुरू किया, जो अब बड़े पैमाने पर “नो रोड-नो टोल” आंदोलन में बदल गया है।

    सोमवार को आंदोलन के दौरान संत समाज और आम लोग बरैठा टोल पर यज्ञ कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने वाहनों को बिना शुल्क छोड़े जाने के दौरान हंगामा शुरू कर दिया और तोड़फोड़ की।

    तोड़फोड़ और घटना का विवरण

    बरैठा टोल प्लाजा के मैनेजर अमित सिंह राठौर के मुताबिक, घटना दोपहर 1:30 बजे हुई। इस दौरान रक्षपाल सिंह राजावत अपने 2-3 साथियों के साथ आए और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ियों से टोल क्यों वसूला जा रहा है। चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने कंप्यूटर, कैमरे और सेंसर में तोड़फोड़ की।

    आरोपी और उनका राजनीतिक परिचय

    रक्षपाल सिंह राजावत बहुजन समाज पार्टी से जुड़े नेता हैं। वर्ष 2023 में उन्हें भिंड विधानसभा सीट से पार्टी का टिकट मिला था, लेकिन नामांकन से पहले ही उन्हें बदल दिया गया। वह प्रॉपर्टी और रेत के कारोबार से जुड़े हैं और भिंड के वर्तमान विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के विरोधी के रूप में जाने जाते हैं।

    पुलिस कार्रवाई

    महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।

    ग्वालियर-भिंड बॉर्डर पर यह आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है और स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि हाईवे चौड़ीकरण की मांग को लेकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

  • मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला आज: केरल को 554 एकड़ जमीन बेचने पर लगेगी मुहर, कई अहम प्रस्ताव भी एजेंडे में

    मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला आज: केरल को 554 एकड़ जमीन बेचने पर लगेगी मुहर, कई अहम प्रस्ताव भी एजेंडे में



    भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज होने वाली कैबिनेट बैठक में एक बड़ा और अहम फैसला लेने जा रही है। बैठक में केरल के वायनाड में स्थित 554.05 एकड़ जमीन को केरल सरकार को सौंपने (बेचने) के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना है। यह जमीन दि प्रोविडेंट इंवेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड (PICL) के अधीन है, जो मध्य प्रदेश सरकार से जुड़ी है।

    यह मामला लंबे समय से विवादों में रहा है। वायनाड स्थित इस बीनाची एस्टेट के लगभग 453.96 एकड़ हिस्से को केरल प्राइवेट फॉरेस्ट एक्ट, 1971 के तहत केरल सरकार ने अपने अधीन ले लिया था, जिसके खिलाफ PICL ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

    लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 3 नवंबर 2023 को केरल हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों को आपसी सहमति से मामला सुलझाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मध्य प्रदेश और केरल के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। अंततः 12 फरवरी 2024 की बैठक में यह तय हुआ कि उचित मुआवजे के आधार पर जमीन केरल सरकार को सौंप दी जाएगी।

    सूत्रों के मुताबिक, जमीन हस्तांतरण के बाद केरल सरकार वहां रह रहे करीब 160 अतिक्रमणकारी परिवारों के पुनर्वास पर भी विचार करेगी। हालांकि मुआवजे की अंतिम राशि अभी तय नहीं हुई है और आवश्यकता पड़ने पर आर्बिट्रेटर नियुक्त किया जा सकता है।

    कैबिनेट में कई अहम प्रस्ताव

    आज मंत्रालय में होने वाली कैबिनेट बैठक में सिर्फ जमीन हस्तांतरण ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया जाएगा।

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण का अनुमोदन

    राजधानी भोपाल में विंध्याचल, सतपुड़ा भवन और शौर्य स्मारक से जुड़े कार्यों को जारी रखने का फैसला

    पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति

    नर्मदा बेसिन परियोजनाओं के लिए अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराने पर चर्चा

    इंदौर मेट्रो परियोजना के लिए एडीबी (ADB) से ऋण लेने का प्रस्ताव

    उज्जैन को मिलेगा 945 करोड़ का एलिवेटेड कॉरिडोर

    कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण विभाग से जुड़ा एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसके तहत उज्जैन में 5.32 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 945.20 करोड़ रुपए है।

    यह कॉरिडोर चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) से इंदौर गेट और विकास चौराहा से इंदौर गेट तक विकसित किया जाएगा, जिससे शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

    किसानों को भी मिलेगा फायदा

    कैबिनेट में रबी सीजन 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों को बोनस देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है।कुल मिलाकर, आज की कैबिनेट बैठक में जमीन सौदे से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, मेट्रो और किसानों से जुड़े कई बड़े फैसले होने जा रहे हैं, जिनका असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास पर सीधे तौर पर पड़ेगा।

  • फतवा वायरल होने पर बढ़ा विवाद, मुस्लिम त्योहार कमेटी पहुंची थाने; शहर काजी को बदनाम करने की साजिश का आरोप

    फतवा वायरल होने पर बढ़ा विवाद, मुस्लिम त्योहार कमेटी पहुंची थाने; शहर काजी को बदनाम करने की साजिश का आरोप


    नई दिल्ली। राजधानी में सोशल मीडिया पर वायरल हुए फतवे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार को ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारी शाहजहांनाबाद थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

    कमेटी ने आरोप लगाया कि यह फतवा सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल कर शहर काजी की छवि धूमिल करने और शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।कमेटी ने आरोप लगाया कि यह फतवा सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल कर शहर काजी की छवि धूमिल करने और शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक, पीरगेट निवासी सैयद सोहेल अली ने 6 मार्च 2026 को दारुल इफ्ता, मसाजिद कमेटी भोपाल से एक बीमारी के आधार पर फतवा मांगा था। इसके जवाब में 10 मार्च को फतवा जारी किया गया, जिस पर मुफ्ती-ए-शहर अब्दुल कलाम, मुफ्ती रईस और मुफ्ती जसीम दाद के हस्ताक्षर हैं।

    कमेटी का कहना है कि यह फतवा मूल रूप से एक व्यक्तिगत दस्तावेज था, लेकिन पिछले एक-दो दिनों से इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।

    कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद दानिश ने कहा कि “फतवा किसी व्यक्ति विशेष के लिए होता है, लेकिन उसे सार्वजनिक कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। यह एक साजिश हो सकती है, जिसका उद्देश्य शहर काजी को पद से हटाना है।”

    वहीं, संरक्षक शमशुल हसन ने मांग की कि फतवा लेने वाले, जारी करने वाले और उसे वायरल करने वाले—तीनों की जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि ईद से ठीक पहले इस तरह की घटना समाज में आक्रोश पैदा कर सकती है।

    कमेटी ने यह भी कहा कि परंपरा के अनुसार ईद पर शहर काजी ही ईदगाह में नमाज अदा कराते हैं, ऐसे में इस समय फतवा वायरल होना कई सवाल खड़े करता है और माहौल बिगड़ने की आशंका बढ़ा रहा है।

    उधर, शाहजहांनाबाद थाना प्रभारी यूपीएस चौहान ने बताया कि कमेटी की शिकायत मिल गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि फतवा सोशल मीडिया पर किसने वायरल किया।

    साथ ही पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि ईद को देखते हुए शहर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

  • मोबाइल चोरी के शक में युवक की चाकू मारकर हत्या, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

    मोबाइल चोरी के शक में युवक की चाकू मारकर हत्या, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप


    नई दिल्ली। अशोकागार्डन थाना क्षेत्र के कैलाश नगर, सेमरा में मोबाइल चोरी के शक में हुई मारपीट में घायल 27 वर्षीय अंकित जोशी की इलाज के दौरान सोमवार रात मौत हो गई। मृतक का पोस्टमार्टम हमीदिया अस्पताल में मंगलवार को किया गया।

    परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी मोहित राव ने अंकित पर झूठा मोबाइल चोरी का आरोप लगाया और उसी बहस के दौरान पीछे से चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी गर्दन की नस कट गई। गंभीर चोट के कारण अंकित 15 दिन तक अस्पताल में इलाज के बाद जिंदगी की जंग हार गया।

    मृतक के भाई शक्ति जोशी ने बताया कि अंकित केवल सच जानने के लिए आरोपी के घर गया था। वहां आरोपी की बहन ने साफ किया कि मोबाइल उसके पास है और अंकित ने चोरी नहीं की। इसके बाद आरोपी की मां से बात करने के दौरान मोहित राव ने पीछे से हमला किया। शांति रखने की कोशिश के बावजूद चाकू लगभग ढाई इंच तक गर्दन में घुस गया, जिससे अंकित का शरीर सुन्न पड़ गया।

    परिजन पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका दावा है कि घटना के समय मौके पर पहुंची 112 डायल पुलिस ने आरोपी को उसके मामा से पैसे लेने के बाद छोड़ दिया। साथ ही एफआईआर में घटना का विवरण गलत लिखा गया और अंकित पर ही चोरी का आरोप दर्शाया गया।

    अशोकागार्डन थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।

  • मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल

    मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल


    भोपाल। मध्यप्रदेश के मध्य प्रदेश में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी का कार्यक्रम जल्द शुरू होने जा रहा है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से होगी जबकि शेष संभागों में यह 7 अप्रैल से शुरू होगी। खरीदी शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष गेहूँ खरीदी पर किसानों को 40 रुपये अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा। इसके साथ प्रदेश में गेहूँ की दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है।

    इस रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु कुल 19,04,651 किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले वर्ष 15,44,000 से अधिक है। जिलेवार पंजीयन की बात करें तो इंदौर में 71,713 उज्जैन में 1,23,281 भोपाल में 37,129 और नर्मदापुर में 71,831 किसानों ने पंजीयन कराया है। अन्य जिलों में भी हजारों किसानों ने अपना पंजीयन कराया है जिससे इस वर्ष खरीदी की तैयारी मजबूत दिखाई दे रही है।

    मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय और केंद्रों पर पहुंचकर अपने गेहूँ का पंजीयन और विक्रय सुनिश्चित करें। राज्य सरकार ने किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। इस कार्यक्रम से मध्यप्रदेश में गेहूँ उत्पादन करने वाले किसानों को अच्छा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है और खरीदी के साथ ही रबी विपणन वर्ष का संचालन सुचारू रूप से होगा।

  • मोनालिसा की शादी बनी विवाद का केंद्र, सुप्रीम कोर्ट वकील नाजिया बोलीं- "प्रॉपर लव जिहाद", शरजील इमाम की पैरोल के बाद आतंकी संगठन एक्टिव

    मोनालिसा की शादी बनी विवाद का केंद्र, सुप्रीम कोर्ट वकील नाजिया बोलीं- "प्रॉपर लव जिहाद", शरजील इमाम की पैरोल के बाद आतंकी संगठन एक्टिव


    नई दिल्ली।
    कुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गई है। सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान ने इसे सामान्य विवाह मानने से इंकार करते हुए इसे “प्रॉपर अप्रोप्रिएट लव जिहाद” बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि शरजील इमाम की अपने भाई की शादी के लिए पैरोल मिलने के बाद आतंकी संगठन सक्रिय हो गए हैं और देश की सुरक्षा एजेंसियों को इस पर तत्काल कदम उठाना चाहिए।

    हिंदू मैरिज एक्ट का उल्लंघन
    नाजिया खान ने कहा कि यह शादी सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं है। इसमें इस्लामिक जिहादी रेडिकल और पीएफआई का हाथ है और हिंदू मैरिज एक्ट 1955 का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक मुसलमान व्यक्ति हिंदू प्रथा के तहत शादी कैसे कर सकता है, जबकि उसने अब तक हिंदुत्व स्वीकार करने का कोई प्रमाण नहीं दिखाया।

    शरजील इमाम की पैरोल के बाद एक्टिव हुए आतंकी संगठन
    नाजिया ने आरोप लगाया कि शरजील इमाम की पैरोल मिलने के बाद लव जिहाद और अन्य रेडिकल गतिविधियों में सक्रियता बढ़ गई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बस्ती में हाल ही में देखे गए लव जिहाद मामलों का हवाला दिया और कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

    मदरसे और कट्टरपंथी गतिविधियां
    वकील ने मदरसों की भी आलोचना की और कहा कि वहाँ से कोई सभ्य नागरिक नहीं निकल रहा, बल्कि केवल लव जिहाद और कट्टरपंथी तत्व सामने आ रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की ताकि मोनालिसा सुरक्षित रहे और इस पूरे मामले में नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

    Keywords (comma separated): मोनालिसा शादी, लव जिहाद, शरजील इमाम, नाजिया इलाही, आतंकी संगठन

  • नर्मदापुरम में शर्मनाक स्वास्थ्य व्यवस्था: एंबुलेंस नहीं चली, ग्रामीणों ने खुद धक्का दिया, घायल की मौत

    नर्मदापुरम में शर्मनाक स्वास्थ्य व्यवस्था: एंबुलेंस नहीं चली, ग्रामीणों ने खुद धक्का दिया, घायल की मौत


    नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के माखननगर में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर विफलता उजागर हुई है। सोमवार रात माखननगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर रूप से घायल राजेश मालवीय को रेफर करते समय इमरजेंसी एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई। ग्रामीणों ने आक्रोश में आकर खुद गाड़ी को धक्का दिया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और घायल ने दम तोड़ दिया।

    जानकारी के अनुसार ग्राम माना के पास दो बाइकों की आमने सामने भिड़ंत हुई जिसमें राजेश मालवीय और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। तत्काल 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया लेकिन गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। परिजन निजी वाहन से घायलों को लगभग 10 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।

    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें नर्मदापुरम जिला अस्पताल रेफर किया। जब परिजनों ने एंबुलेंस से ले जाने को कहा तो अस्पताल स्टाफ ने गाड़ी खराब होने का बहाना दिया। इसके बाद ग्रामीण भड़क गए और अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। तनाव बढ़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची।

    भारी दबाव के बाद एंबुलेंस में घायलों को रखा गया लेकिन वाहन स्टार्ट नहीं हुआ। अंततः ग्रामीणों ने खुद गाड़ी को धक्का दिया जिससे एंबुलेंस रवाना हो सकी। इस देरी के दौरान राजेश मालवीय की मौत हो गई।

    हैरानी की बात यह है कि यह एंबुलेंस विधायक निधि से दान की गई थी। 108 एंबुलेंस के जिला प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि वाहन उनके विभाग का नहीं है और इसकी देखरेख बीएमओ BMO माखननगर की जिम्मेदारी है।  स्थानीय लोगों का आरोप है कि एंबुलेंस में अक्सर डीजल नहीं होता या बैटरी खराब रहती है।इस घटना ने प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी है और एक परिवार का चिराग बुझा दिया। गंभीर घायल को समय पर उचित इलाज नहीं मिलना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर कमियों को सामने लाता है।

  • इंदौर में फिर सुर्खियों में शिलोम जेम्स, मारपीट मकी का नया केस दर्ज; टी-20 जीत के जश्न में हुआ विवाद

    इंदौर में फिर सुर्खियों में शिलोम जेम्स, मारपीट मकी का नया केस दर्ज; टी-20 जीत के जश्न में हुआ विवाद


    इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ा आरोपी एक बार फिर विवादों में आ गया है। साक्ष्य छुपाने के मामले में पहले से आरोपी शिलोम जेम्स के खिलाफ अब मारपीट और धमकाने का एक और मामला दर्ज किया गया है। लसूड़िया थाना पुलिस ने जांच के बाद शिलोम जेम्स और उसके साथी विकास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

    पुलिस के अनुसार 8 मार्च को आईसीसी टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारत की जीत के बाद कॉलोनी में जश्न का माहौल था। इसी दौरान पटाखे फोड़ने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने झगड़े का रूप ले लिया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि शिलोम जेम्स और उसके साथी ने पड़ोसियों के साथ न केवल मारपीट की बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।

    इस घटना ने इसलिए भी ज्यादा ध्यान खींचा है क्योंकि शिलोम जेम्स पहले से ही राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी रह चुका है। जांच के दौरान सामने आया था कि उसने मुख्य आरोपियों की मदद की थी और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। इस मामले में उसकी भूमिका को लेकर पहले ही पुलिस कार्रवाई कर चुकी है।

    अब ताजा मामले के सामने आने के बाद पुलिस शिलोम जेम्स के आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने में जुट गई है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि गंभीर अपराधों में नाम आने के बावजूद आरोपी किस तरह खुलेआम विवादों में शामिल हो रहे हैं।

    लसूड़िया थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे। कुल मिलाकर एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों ने शिलोम जेम्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और पुलिस अब उसके खिलाफ हर पहलू से जांच कर रही है।

  • भोपाल में नकली डेयरी उत्पादों का बड़ा खुलासा, मिल्क मैजिक ब्रांड से जुड़े किशन मोदी गिरफ्तार, 20 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

    भोपाल में नकली डेयरी उत्पादों का बड़ा खुलासा, मिल्क मैजिक ब्रांड से जुड़े किशन मोदी गिरफ्तार, 20 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मिलावटी डेयरी उत्पादों के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है। जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक किशन मोदी को प्रवर्तन निदेशालय ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई PMLA 2002 के तहत की गई है।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी कंपनी मिल्क मैजिक ब्रांड के तहत मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्माण और निर्यात कर रही थी। आरोप है कि असली मिल्क फैट की जगह पाम ऑयल और अन्य हानिकारक रसायनों का उपयोग कर नकली डेयरी प्रोडक्ट्स तैयार किए जा रहे थे। इतना ही नहीं इन उत्पादों को असली और गुणवत्तापूर्ण दिखाने के लिए फर्जी लैब परीक्षण रिपोर्ट का सहारा लिया गया।

    ED के अनुसार इन मिलावटी उत्पादों का निर्यात कई विदेशी देशों में किया गया जिनमें बहराइन हांगकांग सिंगापुर ओमान कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं। इस अवैध कारोबार के जरिए कंपनी ने करीब 20.59 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित की जिसे एजेंसी ने अपराध की आय माना है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए ED ने 14 मार्च 2026 को आरोपी किशन मोदी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय भोपाल के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने आगे की पूछताछ और जांच के लिए उन्हें 18 मार्च 2026 तक ED की रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान एजेंसी आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क सहयोगियों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।

    प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कंपनी लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने उत्पाद भेज रही थी। इससे न केवल उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ हुआ बल्कि देश की खाद्य निर्यात साख पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर लगाम लगाई जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।

  • जबलपुर में नाले से मिला बम का खोल, खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से जुड़ाव की आशंका, इलाके में सनसनी

    जबलपुर में नाले से मिला बम का खोल, खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से जुड़ाव की आशंका, इलाके में सनसनी


    जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब नाले की सफाई के दौरान एक घातक बम का खोल कवर बरामद हुआ। यह बम कवर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में निर्मित होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस बम स्क्वॉड और संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय स्तर पर चल रहे सफाई अभियान के दौरान मजदूरों को नाले में संदिग्ध धातु वस्तु दिखाई दी। करीब से देखने पर वह बम का खोल निकला जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने सतर्कता बरतते हुए बम के खोल को अपने कब्जे में ले लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जांच प्रक्रिया शुरू की।

    इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया प्रबंधन को पत्र लिखकर बम के खोल के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है। प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि यह खोल भारतीय सेना के उपयोग में आने वाले गोला-बारूद का हिस्सा हो सकता है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    इस घटना ने दो साल पहले हुए एक भीषण हादसे की यादें भी ताजा कर दी हैं। इसी क्षेत्र में स्थित एक स्क्रैप गोदाम में विस्फोट हुआ था जिसमें भारी नुकसान हुआ था। उस मामले में अवैध रूप से गोला-बारूद से जुड़े सामान के भंडारण और कारोबार की आशंका सामने आई थी। अब ताजा बरामदगी के बाद उसी कड़ी को फिर से जोड़ा जा रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक इस बम के खोल का संबंध इलाके के हिस्ट्रीशीटर शमीम कबाड़ी से भी हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है।

    गौरतलब है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में भारतीय सेना के लिए अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक गोला-बारूद तैयार किया जाता है। ऐसे में फैक्ट्री से जुड़े किसी भी सामग्री का बाहर मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    फिलहाल पुलिस और बम निरोधक दस्ता पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहा है। आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चलाया जा सकता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और इस तरह की सामग्री तो नहीं फेंकी गई है।