Category: Madhya Pradesh

  • MP में LPG संकट के बीच राहत: भोपाल-इंदौर समेत प्रमुख शहरों में गैस सप्लाई शुरू, कमर्शियल सिलेंडर भी उपलब्ध

    MP में LPG संकट के बीच राहत: भोपाल-इंदौर समेत प्रमुख शहरों में गैस सप्लाई शुरू, कमर्शियल सिलेंडर भी उपलब्ध


    भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से चल रहे एलपीजी संकट के बीच अब राहत की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई दोबारा शुरू कर दी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिली है।

    राजधानी भोपाल में रविवार को लगभग 14 हजार घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग दर्ज की गई, जबकि एक दिन पहले ही करीब 11 हजार सिलेंडरों की डिलीवरी की गई थी। इसके अलावा इंदौर ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी सप्लाई की स्थिति में सुधार देखा जा रहा है।

    राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मंत्रिमंडल की समिति लगातार गैस सप्लाई की स्थिति पर निगरानी रखे हुए है। शुरुआत में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की गई थी, लेकिन अब व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई भी बहाल कर दी गई है।

    पिछले सप्ताह गैस संकट के कारण होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर बड़ा असर पड़ा था। कई जगहों पर व्यवसायियों को इंडक्शन चूल्हों और लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेना पड़ा। अब सप्लाई शुरू होने से प्रदेश के करीब 50 हजार से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी तेज की जा रही है और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त नजर रखी जा रही है। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराकर अनावश्यक बुकिंग न करें और जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर बुक करें।

  • हमीदिया अस्पताल फायरिंग कांड: मुख्य आरोपी शादाब पर 30 हजार का इनाम, पुलिस जांच में सामने आई लापरवाही

    हमीदिया अस्पताल फायरिंग कांड: मुख्य आरोपी शादाब पर 30 हजार का इनाम, पुलिस जांच में सामने आई लापरवाही


    भोपाल। राजधानी में हुए हमीदिया अस्पताल फायरिंग कांड में मुख्य आरोपी शादाब गेट की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपी की तलाश में क्राइम ब्रांच सहित चार थानों की पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

    जांच में सामने आया है कि घटना के समय अस्पताल में तैनात तीन पुलिसकर्मियों के पास हथियार नहीं थे। इस गंभीर लापरवाही को लेकर पुलिस विभाग के अंदर जांच शुरू कर दी गई है और कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी शादाब गेट पर 18, अनस पर 1, अल्लू परवेज पर 6 और गुड्डू स्टेशन पर 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस इन सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। इस मामले में फायरिंग में शामिल दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर पूछताछ भी की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत अशोक गार्डन इलाके से हुई थी, जहां बदमाशों ने लालू रईस के बेटे को निशाना बनाकर फायरिंग की थी। घायल को परिजन इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान हमलावर वहां भी पहुंच गए और अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में खुलेआम गोली चला दी।

    बताया जा रहा है कि करीब सवा घंटे के भीतर तीन अलग-अलग जगहों पर फायरिंग की घटनाएं हुईं और हमलावर चार थानों के क्षेत्र से गुजरते हुए फरार हो गए। इस घटना के बाद हमीदिया अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में पुलिस चौकी होने के बावजूद पर्याप्त पुलिस बल की कमी बताई जा रही है।

    फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में जिम्मेदार पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

  • 19 मार्च से शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल: मुख्यमंत्री मोहन यादव

    19 मार्च से शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल: मुख्यमंत्री मोहन यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि जल है तो कल है का कोई विकल्प नहीं है और पानी की हर बूंद बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और जल आत्मनिर्भरता से ही प्रदेश को समृद्ध बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार 19 मार्च से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ शुरू करने जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि यह 100 दिवसीय अभियान भारतीय नववर्ष प्रतिपदा गुढ़ी पड़वा के अवसर पर 19 मार्च को उज्जैन में Shipra River के तट से राज्य स्तरीय रूप में शुरू होगा। यह अभियान 30 जून तक चलेगा जिसमें पूरे प्रदेश में जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े व्यापक कार्य किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को सामाजिक आंदोलन बनाना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए गांव-गांव में लोगों को वर्षा जल संरक्षण भूजल पुनर्भरण और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा। पंचायतों स्वयंसेवी संगठनों और विभिन्न सरकारी विभागों की साझेदारी से यह अभियान जल संवर्धन की नई मिसाल बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तालाब कुएं और बावड़ियों की परंपरा सदियों पुरानी है। सरकार इस परंपरा को आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के साथ फिर से मजबूत करने का प्रयास कर रही है। अभियान के तहत नई जल संरचनाओं का निर्माण करने के साथ-साथ पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

    उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे श्रमदान कर गांवों में तालाबों और कुओं की सफाई करें घरों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था बनाएं और जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समाज और सरकार मिलकर काम करेंगे तो मध्यप्रदेश जल समृद्ध राज्य बन सकता है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 में शुरू किए गए जल गंगा संवर्धन अभियान के पहले चरण में 2.79 लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण और पुनर्जीवन किया गया था। इनमें तालाब कुएं बावड़ियां नहरें और सूखी नदियों के पुनर्जीवन जैसे कार्य शामिल थे जिससे कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार हुआ और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी मिला।

    वहीं वर्ष 2025 में अभियान के दूसरे चरण में भी बड़े पैमाने पर कार्य हुए। इस दौरान 72 हजार 647 से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है जबकि 64 हजार 395 जल संरचनाओं पर काम अभी जारी है। इनमें खेत तालाब चेक डैम स्टॉप डैम और अन्य जल संचयन संरचनाएं शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

  • उज्जैन में 27 साल की काली नंद गिरी बनी देश की सबसे कम उम्र की महामंडलेश्वर: श्मशान और कार में करतीं तंत्र साधना, सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स

    उज्जैन में 27 साल की काली नंद गिरी बनी देश की सबसे कम उम्र की महामंडलेश्वर: श्मशान और कार में करतीं तंत्र साधना, सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स


    नई दिल्ली। उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़े की दो दिवसीय बैठक के दौरान चार नए महामंडलेश्वरों का पट्टाभिषेक हुआ। इनमें सबसे चर्चा में रही 27 साल की काली नंद गिरी दिगंबर अघोरी माता, जिन्हें देश की सबसे कम उम्र की महामंडलेश्वर बनने का गौरव प्राप्त हुआ। वे किन्नर अखाड़े की पहली अघोरी महामंडलेश्वर मानी जा रही हैं।

    काली नंद गिरी का जीवन बेहद अद्भुत और साधना से जुड़ा है। उन्होंने बचपन में ही माता-पिता को छोड़कर संन्यास का रास्ता अपनाया। 6 साल की उम्र में तंत्र साधना सीखना शुरू किया और 12 साल की उम्र में काशी चली गईं। बाद में असम के कामाख्या धाम में अपने गुरु से तंत्र साधना का प्रशिक्षण प्राप्त किया। अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़े की आचार्य डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के आशीर्वाद से उन्होंने अखाड़े से जुड़कर आध्यात्मिक साधना जारी रखी।

    महामंडलेश्वर बनने के बाद भी उनका जीवन बेहद अनोखा है। पिछले 18 सालों से वे देश-विदेश में भ्रमण करती आई हैं, उनका स्थायी आश्रम नहीं है और उनका निवास मुख्य रूप से श्मशान और अपनी कार में होता है। कार में मां काली का बड़ा चित्र, त्रिशूल और लगभग 70 सिद्ध नरमुंड रखे जाने का दावा किया जाता है।

    काली नंद गिरी 18 भाषाओं की जानकार हैं, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़, गुजराती, उड़िया, पंजाबी, असमिया और मराठी शामिल हैं। देश-विदेश की यात्राओं के दौरान उन्होंने ये भाषाएँ सीखी।

    महामंडलेश्वर बनने के बाद उनका सोशल मीडिया पर भी खासी लोकप्रियता है। उनके दो अकाउंट हैं, जिनमें कुल 60 लाख फॉलोअर्स हैं। वे नियमित रूप से तंत्र साधना से जुड़े वीडियो और अन्य आध्यात्मिक सामग्री साझा करती हैं, जिनके लाखों व्यूज मिलते हैं।

    इस अनोखे जीवन और साधना के कारण काली नंद गिरी दिगंबर अघोरी माता ने न सिर्फ धार्मिक जगत में, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लाखों लोगों का ध्यान खींचा है। उनका कहना है कि महामंडलेश्वर बनने के बाद अब वे उज्जैन में अपना स्थायी आश्रम बनाएंगी, ताकि साधना और सेवा कार्य को और विस्तार दे सकें।

  • पहले पहाड़ खत्म कराए, अब पानी बचाने की मुहिम:खंडवा की देशगांव घाटी पर 8 हजार कंटूर ट्रेंच खुदेंगे

    पहले पहाड़ खत्म कराए, अब पानी बचाने की मुहिम:खंडवा की देशगांव घाटी पर 8 हजार कंटूर ट्रेंच खुदेंगे


    खंडवा खंडवा-इंदौर नेशनल हाईवे पर स्थित देशगांव घाटी अब जल संरक्षण की मुहिम का केंद्र बन गई है। छैगांवमाखन जनपद पंचायत ने सैकड़ों एकड़ जमीन पर करीब 8 हजार कंटूर ट्रेंच खोदने की योजना बनाई है। सोमवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने पंडित से विधिवत भूमिपूजन कराया और खुद श्रमदान कर गेंती चलाकर कंटूर ट्रेंच कार्य का शुभारंभ किया।

    खंडवा जिले में ‘गांव का पानी गांव में’ अभियान के तहत ग्राम देशगांव में प्रशासन, ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कंटूर ट्रेंच खुदाई का काम शुरू किया गया। इस दौरान कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने ग्रामीणों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जल संग्रहण की शपथ दिलाई।

    कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, जनपद अध्यक्ष महेंद्र सावनेर, जिला पंचायत सदस्य श्रीराम चौधरी, नानकराम बरवाहे और अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।

    हाईवे पर कारोबारियों ने खत्म कर दी घाटी
    देशगांव घाटी को पहले ही 150 फीट तक खोदकर नेशनल हाईवे का फोरलेन बनाया जा चुका है। एनएचएआई ने पहाड़ी को समतल किया, वहीं कुछ शहर के कारोबारी ने पहाड़ी जमीन खरीदकर उसे पूरी तरह खत्म कर दिया और पेट्रोल पंप खोल दिए। इस प्रक्रिया में खनिज विभाग और शासन को एक रूपए की रॉयल्टी भी नहीं दी गई।

    अब इसी घाटी में जल संरक्षण के लिए कंटूर ट्रेंच खुदाई की जा रही है ताकि भूजल स्तर में सुधार हो और गांवों के पानी की समस्या दूर की जा सके।

  • MP के युवक गुरकीरत सिंह की कनाडा में हत्या, परिवार ने इंसाफ और आर्थिक मदद की लगाई गुहार

    MP के युवक गुरकीरत सिंह की कनाडा में हत्या, परिवार ने इंसाफ और आर्थिक मदद की लगाई गुहार


    उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन निवासी गुरकीरत सिंह मनोचा का 14 मार्च 2026 को कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन ब्रिटिश कोलंबिया में दुखद निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उनकी हत्या हुई है। गुरकीरत लगभग सवा वर्ष पूर्व उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गए थे जहां वे नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट पोस्ट डिग्री डिप्लोमा प्रोग्राम कर रहे थे।

    परिवार के अनुसार 14 मार्च को कॉलेज में कुछ युवकों के बीच विवाद के दौरान गुरकीरत पर हमला किया गया जिससे उनकी मौत हो गई। कनाडा में उनके मित्र ने देर रात इस घटना की जानकारी उनके भाई प्रबकीरत सिंह मनोचा को फोन पर दी।

    गुरकीरत का परिवार उज्जैन में C 86 पार्श्वनाथ सिटी देवास रोड में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने मुख्यमंत्रीमोहन यादव  को भी जानकारी दी।

    कनाडा पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है। शव की वापसी में लगभग 40 50 लाख रुपये का खर्च अनुमानित है जिसके लिए परिवार ने आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई है। परिजन चाहते हैं कि शव जल्द मिले या उन्हें वहां पहुंचने का कोई माध्यम उपलब्ध कराया जाए।

    परिवार के अनुसार हत्या का कारण कॉलेज में चुनावी गुटबाजी थी। मृतक सरल सौम्य और शांत स्वभाव का था। उनके भाई प्रबकीरत ने कहा कि गुरकीरत ने जीवन में कभी विवाद या अपशब्द का प्रयोग नहीं किया।

    उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया भी लगातार परिजनों से संपर्क में हैं और शव की वापसी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रयासरत हैं। परिवार ने प्रदेश और केंद्र सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द शव की वापसी कराई जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले।

  • भोपाल में संदिग्ध हालात में केमिस्ट की मौत, घर में मिली लाश; हाथ पर फफोले और सिर में चोट के निशान

    भोपाल में संदिग्ध हालात में केमिस्ट की मौत, घर में मिली लाश; हाथ पर फफोले और सिर में चोट के निशान


    भोपाल। Bhopal के कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक केमिस्ट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार तड़के उसका शव घर में मिला। परिजनों ने शरीर पर चोट के निशान और हाथों पर जलने जैसे फफोले मिलने के कारण हत्या की आशंका जताई है।पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान Padam Solanki (42) पुत्र रमेशचंद सोलंकी के रूप में हुई है। वह गेहूंखेड़ा इलाके में अकेले रहते थे और Arera Colony स्थित एक अस्पताल के मेडिकल स्टोर में काम करते थे।

    शरीर पर मिले चोट के निशान
    परिजनों का आरोप है कि मृतक के सिर में चोट, हाथों पर फफोले और पीठ पर नील के निशान मिले हैं। इस कारण उन्होंने मामले में हत्या की आशंका जताई है।

    पत्नी से अलग रह रहे थे
    पुलिस के मुताबिक पदम सोलंकी की पत्नी और दो बेटे करीब एक साल से उनसे अलग रह रहे थे। इस कारण वह मानसिक तनाव में थे और शराब का सेवन भी करने लगे थे।

    भतीजे ने लगाए आरोप
    मृतक के भतीजे Mahendra Solanki ने आरोप लगाया कि चाचा और चाची के बीच अक्सर विवाद होता था। उनका दावा है कि चाची किसी अन्य युवक के प्रभाव में आकर अलग रहने लगी थीं और बच्चों को भी साथ ले गई थीं।

    पुलिस कर रही जांच
    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    भोपाल के कजलीखेड़ा इलाके में एक केमिस्ट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शरीर पर चोट और फफोले मिलने से परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

  • सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीएम मोदी से की भेंट, किसान कल्याण वर्ष की गतिविधियों से कराया अवगत

    सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीएम मोदी से की भेंट, किसान कल्याण वर्ष की गतिविधियों से कराया अवगत


    भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट की और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर सीएम ने पीएम मोदी को प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषि विकास किसानों की आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश में कई पहलें की जा रही हैं। पीएम मोदी ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए मार्गदर्शन और आशीर्वाद दिया।

    सीएम डॉ. यादव ने कहा “प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी के बताए मार्ग के अनुसार चार श्रेणियों किसान महिला गरीब और युवा के लिए काम कर रही है। करीब 16 विभागों को जोड़कर कृषि पशुपालन मछली पालन और बागवानी जैसे क्षेत्रों में अच्छी पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे काम को आगे बढ़ाने का आशीर्वाद दिया है।

    नई दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने संसद भवन का भ्रमण भी किया और विभिन्न सांसदों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश के विकास केंद्र राज्य समन्वय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के हित में विकास कार्यों को और गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।  सीएम ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के समन्वय से प्रदेश में निवेश रोजगार और किसान कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल होंगी।

  • उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे टीम इंडिया के स्टार तिलक वर्मा, बोले- वर्ल्ड कप जीत के बाद दर्शन का संकल्प था

    उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे टीम इंडिया के स्टार तिलक वर्मा, बोले- वर्ल्ड कप जीत के बाद दर्शन का संकल्प था


    नई दिल्ली। टी-20 वर्ल्ड कप विजेता भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज Tilak Varma सोमवार को Mahakaleshwar Temple में भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी कही।तिलक वर्मा दोपहर करीब 2 बजे मंदिर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ Parth Pawar समेत कुछ विधायक भी मौजूद थे। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

    चांदी द्वार से किया जलाभिषेक
    मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद तिलक वर्मा ने चांदी द्वार से भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया और आशीर्वाद लिया।दर्शन के बाद तिलक वर्मा ने कहा कि उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की थी और संकल्प लिया था कि जीत के बाद उज्जैन आकर दर्शन करेंगे।

    श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
    महाकाल मंदिर में तिलक वर्मा के पहुंचने की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया और कई लोगों ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।

    टी-20 वर्ल्ड कप जीत के बाद भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप जीतने की प्रार्थना पूरी होने के बाद भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने आए हैं।

  • MP बोर्ड परीक्षा रिजल्ट अपडेट: 10वीं-12वीं का 70% मूल्यांकन पूरा, रिजल्ट 14 अप्रैल तक आ सकता है

    MP बोर्ड परीक्षा रिजल्ट अपडेट: 10वीं-12वीं का 70% मूल्यांकन पूरा, रिजल्ट 14 अप्रैल तक आ सकता है


    भोपाल । मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है। 10वीं और 12वीं कक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं का लगभग 70 प्रतिशत मूल्यांकन पूरा हो चुका है। अनुमान है कि अप्रैल के पहले हफ्ते तक परिणाम तैयार हो जाएगा और 14 अप्रैल तक छात्र अपना रिजल्ट देख सकेंगे। इस साल लगभग 16 लाख छात्रों ने बोर्ड परीक्षा में भाग लिया।

    10वीं की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक आयोजित हुई थी जबकि 12वीं की परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक हुई। दोनों परीक्षाएं सुबह 9 बजे से 12 बजे तक आयोजित की गई। इस बार नकल रोकने के लिए मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कड़े सुरक्षा उपाय किए।

    प्रश्न पत्रों की डबल पैकिंग की गई। सभी पेपर सील्ड बॉक्स में लोहे की पेटी में रखे गए जिन्हें परीक्षा वाले दिन एग्जाम हॉल में खोला गया। इसके साथ ही मोबाइल एप के जरिए हर बंडल की लोकेशन ट्रेस की गई। परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र खोलने वितरण मूल्यांकन केंद्र पर जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया एप के माध्यम से रिकॉर्ड की गई।इस बार बोर्ड परीक्षा की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिली। मूल्यांकन कार्य में करीब 18 हजार शिक्षकों को लगाया गया है।