Category: Madhya Pradesh

  • जबलपुर में नदी में डूबे दो छात्रों में से एक का शव मिला, दोस्त को बचाने में बहा इंजीनियरिंग छात्र

    जबलपुर में नदी में डूबे दो छात्रों में से एक का शव मिला, दोस्त को बचाने में बहा इंजीनियरिंग छात्र


    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर में रविवार को हुई नदी में डूबने की घटना में बड़ा अपडेट सामने आया है। नहाने के दौरान नदी में बह गए दो छात्रों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है जबकि दूसरे युवक की तलाश अभी भी जारी है। घटना के बाद एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।

    जानकारी के मुताबिक यह हादसा गौर पुलिस चौकी क्षेत्र के जामतारा घाटपर रविवार को हुआ था। बताया जा रहा है कि सात दोस्त एक साथ नदी में नहाने के लिए घाट पर पहुंचे थे। नहाते नहाते तीन युवक गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में फंस गए।

    इस दौरान एक इंजीनियरिंग छात्र ने साहस दिखाते हुए अपने दो दोस्तों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन जब वह तीसरे साथी को बचाने की कोशिश कर रहा था तभी दोनों तेज बहाव में बह गए और नदी में डूब गए। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने एक छात्र का शव बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि छात्र का शव बहते हुए ग्वारीघाटतक पहुंच गया था जहां से उसे बाहर निकाला गया।

    हालांकि दूसरे युवक की तलाश अभी भी जारी है। एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। प्रशासन का कहना है कि दूसरे छात्र का पता लगाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।

    इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। दोस्तों के साथ घूमने और नहाने गए छात्रों के साथ हुई इस दुर्घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नदी या जलाशयों में नहाते समय सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दूसरे युवक की तलाश जारी है।

  • देवास के जंगल में चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री, पुलिस की दबिश में सुतली बम और बारूद जब्त

    देवास के जंगल में चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री, पुलिस की दबिश में सुतली बम और बारूद जब्त

    देवास । मध्यप्रदेश के देवास जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। यहां घने जंगल के बीच अवैध रूप से संचालित हो रही पटाखा फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मौके पर दबिश देकर भारी मात्रा में सुतली बम, बारूद और पटाखा बनाने की सामग्री जब्त की है। हालांकि अभी तक इस अवैध फैक्ट्री के संचालक का खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

    यह मामला उदयनगर थाना क्षेत्र के पोलखाल जंगल का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार आदिवासी क्षेत्र के घने जंगल में टीन शेड के नीचे दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित की जा रही थीं। इसकी सूचना पुलिस को मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा।

    पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देशन में एडिशनल एसपी एच.एन. बाथम, उदयनगर थाना प्रभारी सी.एल. रायकवार और अधिकारी बी.डी. वीरा सहित पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। जब पुलिस टीम जंगल में पहुंची तो वहां टीन शेड के नीचे पटाखे बनाने का काम चल रहा था और कई मजदूर भी मौके पर मौजूद मिले।

    छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में सुतली बम और बारूद से भरे पैकेट बरामद हुए। इसके अलावा पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला कागज, धागे, केमिकल और अन्य उपकरण भी मौके से जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक मौके से हजारों की संख्या में सुतली बम और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।

    फिलहाल बरामद सामग्री की गिनती और जांच की प्रक्रिया जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध फैक्ट्री का संचालन कौन कर रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

    प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि घने जंगल में फैक्ट्री संचालित करने के पीछे मकसद प्रशासन और पुलिस की नजरों से बचना हो सकता है। फिलहाल पुलिस मजदूरों से पूछताछ कर रही है और फैक्ट्री संचालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • गैस सिलेंडर न मिलने से भड़की महिला, एजेंसी पर किया हंगामा; लोगों ने कहा माता आ गई,

    गैस सिलेंडर न मिलने से भड़की महिला, एजेंसी पर किया हंगामा; लोगों ने कहा माता आ गई,


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के जौरा क्षेत्र से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है जहां घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान एक महिला ने गैस एजेंसी के बाहर जमकर हंगामा कर दिया। कई दिनों से सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रही महिला जब इस बार भी खाली हाथ रह गई तो उसने वहीं खड़े होकर जोर जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। इस दौरान वह जीभ निकालकर अजीब हरकतें करने लगी जिससे वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला एजेंसी के गेट के पास खड़ी होकर जोर जोर से चिल्ला रही है और कर्मचारियों से बार बार गैस सिलेंडर देने की मांग कर रही है। इसी दौरान वह जीभ निकालकर डरावनी आवाजें भी निकालने लगती है। उसकी हरकतों को देखकर वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसे माता आना बता दिया और कहने लगे कि महिला पर देवी का साया आ गया है। हालांकि कई लोग उसे समझाने और शांत कराने की कोशिश करते भी दिखाई दिए।

    बताया जा रहा है कि महिला पिछले कई दिनों से घरेलू गैस सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रही थी। बार बार आने के बावजूद जब उसे सिलेंडर नहीं मिला तो उसका गुस्सा फूट पड़ा। गुस्से और हताशा में उसने एजेंसी के गेट को पकड़कर जोर जोर से हिलाना भी शुरू कर दिया और उसे तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान मौके पर मौजूद अन्य उपभोक्ता और कर्मचारी भी उसकी स्थिति देखकर हैरान रह गए।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक इलाके में पिछले कुछ दिनों से घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर दिक्कतें आ रही थीं। कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए बार बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इसी वजह से लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।

    इस पूरे मामले को लेकर जौरा के एसडीएम शुभम शर्मा का कहना है कि हाल ही में गैस बुकिंग के सर्वर में तकनीकी समस्या आ गई थी जिसके कारण कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में देरी हुई। उन्होंने बताया कि अब सर्वर की समस्या ठीक कर दी गई है और एजेंसियों में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ताओं के नंबर के अनुसार सिलेंडर दिए जा रहे हैं।

    एसडीएम ने यह भी कहा कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है और महिला को किस वजह से परेशानी हुई इसकी भी जांच कराई जाएगी। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि देर तक चले इस पूरे हंगामे के बाद भी महिला को उस समय गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया और उसे खाली हाथ ही लौटना पड़ा।

  • एमपी में दो दिन झुलसाएगी तेज गर्मी, फिर 18-19 मार्च को बदलेगा मौसम, बारिश के आसार

    एमपी में दो दिन झुलसाएगी तेज गर्मी, फिर 18-19 मार्च को बदलेगा मौसम, बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ती गर्मी से बचने के लिए लोगों ने अब इंतजाम शुरू कर दिए हैं। राजधानी भोपाल में कई घरों को ग्रीन नेट से ढककर धूप के असर को कम करने की कोशिश की जा रही है, ताकि घरों का तापमान ज्यादा न बढ़े। वहीं इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिन तक तेज गर्मी का असर बना रहेगा। इसके बाद 18 और 19 मार्च को कई जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे पहले रविवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दिया। क्षेत्र में दिनभर बादल छाए रहे, जिससे तापमान में करीब 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक अब यह सिस्टम कमजोर पड़ गया है।

    मौसम विभाग ने बताया कि 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादल का अलर्ट नहीं है। हालांकि 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश में 18 और 19 मार्च को देखने को मिल सकता है।

    कई जिलों में तापमान में गिरावट
    मौसम विभाग के अनुसार रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन क्षेत्रों में मौसम में बदलाव की संभावना पहले ही जताई गई थी। शाम तक बारिश दर्ज नहीं हुई, लेकिन बादलों की वजह से तापमान में गिरावट देखी गई।

    वहीं पिछले तीन दिनों से लू के असर वाले नर्मदापुरम में भी तापमान घटकर 38.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    अप्रैल–मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी
    मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस साल अप्रैल और मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे। इन महीनों के दौरान ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर तेज रहने की संभावना है।

  • संस्कृति और पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है ऐतिहासिक नगर चंदेरी : सिंधिया

    संस्कृति और पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है ऐतिहासिक नगर चंदेरी : सिंधिया


    – केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने चंदेरी में बैजू बावरा संगीत समारोह का किया शुभारंभ

    भोपाल। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ऐतिहासिक गौरवशाली नगरी चंदेरी सदियों से कला, संस्कृति और अद्भुत कारीगरी की पहचान रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विरासत भी, विकास भी के मंत्र के साथ यह ऐतिहासिक शहर संस्कृति और पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया रविवार शाम को मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के चंदेरी में आयोजित बैजू बावरा संगीत समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री सिंधिया और संस्कृति मंत्री लोधी ने चंदेरी मेला ग्राउंड में आयोजित बैजू बावरा संगीत समारोह का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।

    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि ऐतिहासिक गौरवशाली चंदेरी नगरी में महान संगीतज्ञ बैजू बावरा समारोह का आयोजन एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ग्वालियर में महान संगीतज्ञ तानसेन तथा चंदेरी में बैजू बावरा संगीत समारोह का आयोजन वृहद स्तर पर हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

    उन्होंने कहा कि चंदेरी में पग-पग और डग-डग पर प्राचीन ऐतिहासिक धराहरें हैं, जो प्राचीन काल का इतिहास बताती हैं। चंदेरी की इस माटी के साथ सिंधिया परिवार का सदैव हृदय से संबंध रहा है। मध्य प्रदेश के एक छोर पर बसी चंदेरी ने समूचे बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के अंचल को एक बट वृक्ष के रूप में छाया दी है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में संगीत सम्राट तानसेन तथा चंदेरी में महान संगीतज्ञ बैजू बावरा समारोह के बीच प्रतिवर्ष प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, जिससे ग्वालियर के साथ-साथ आने वाले समय में चंदेरी का भी महत्व संगीत के क्षेत्र में विश्व में चिरस्थाई हो सके।

    संस्कृति मंत्री लोधी ने कहा कि भारत की संस्कृति में संगीत को आत्मा में अभिव्यक्ति माना गया है। संगीत को नादमय माना गया है। संपूर्ण जगत नादमय में है सृष्टि का आधार नाद है और सभी इसी इसी नाद से प्रेरित होकर अपनी साधना की अभिव्यक्ति करते हैं। भारत की परंपरा में संगीत को ही ईश्वर से संवाद का माध्यम माना जाता है। जहां संगीत है, वहां नृत्य है, जहां नृत्य है, वहां ईश्वर है और जहां ईश्वर है, वहां मंगल ही मंगल होता है।

    उन्होंने कहा कि भारतीय संगीत साधना की इसी महान परंपरा ने स्वामी हरिदास, तानसेन, बैजू बावरा जैसे महान संगीतज्ञों को जन्म दिया है। बैजू बावरा महान संगीत परंपरा के तपस्वी थे, जो हमेंशा संगीत साधना से आत्मा की यात्रा तक ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा ऐसे आयोजन लगातार किए जा रहे हैं, जिससे संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है।

    शुभारंभ अवसर पर उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला निदेशक प्रकाश सिंह ठाकुर ने चंदेरी में तीन दिवसीय बैजू बावरा समारोह के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैजू बावरा समारोह का आयोजन प्रति वर्ष चंदेरी में नियमित रूप से कराया जाएगा।


    राज्य स्तरीय साहित्य कला क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने कलाकारों का किया सम्मान

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने मध्य प्रदेश राज्य रूपंकर कला पुरस्कार साहित्य कला क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का सम्मान किया। इनमें दत्तात्रय दामोदर देवलालीकर पुरस्कार से- नंदिता तिवारी (कृति शीर्षक– स्क्रैप मटेरियल), रघुनाथ कृष्णराव फड़के पुरस्कार से -अनुश्री गुप्ता (कृति शीर्षक -सुंदरकांड एवं समकालीन कथा), नारायण श्रीधर बेन्द्रे पुरस्कार से- गोविंद विश्वकर्मा (कृति शीर्षक मृत्युंजय), मुकुन्द सखाराम भाण्ड पुरस्कार – प्रतिभा सिंह (कृति शीर्षक- संपूर्ण रामायण), देवकृष्ण जटाशंकर जोशी पुरस्कार – मोहन विश्वकर्मा (कृति शीर्षक- मैं और मेरी सहेली), जगदीश स्वामीनाथन पुरस्कार -आकाश जाटव (कृति शीर्षक ग्वालियरनेस 2), लक्ष्मीसिंह राजपूत पुरस्कार – शैलजा सुल्लेरे (कृति शीर्षक – हनुमान चालीसा), राममनोहर सिन्हा पुरस्कार -अनूप श्रीवास्तव (कृति शीर्षक– मांडू सीरीज) एवं विष्णु चिंचालकर पुरस्कार से आदित्य सिंह राजपूत बैलेंस वन (कृति शीर्षक- स्क्रैप मटेरियल) को अलंकृत किया गया। सम्मान स्वरूप सम्मान पट्टिका, 51 हजार रुपये की कर मुक्त राशि, शॉल एवं श्रीफल प्रदान किया गया।

    समारोह के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने रूपंकर कला प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। इस प्रदर्शनी में राज्य रूपंकर कला पुरस्कार हेतु आमंत्रित कलाकृतियों में से चयनित 80 कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया, जिसमें चित्र एवं मूर्तिकला शामिल हैं। तत्पश्चात हुनर– प्रदर्शनी सह विक्रय में शिल्पकलाओं का अवलोकन किया गया, जिसमें शिल्पकारों द्वारा चंदेरी साड़ी, गौ शिल्प, माटी शिल्प, लकड़ी के खिलौने इत्यादि की सराहना की।

  • MP: ग्वालियर में लगेगा पुस्तक मेला, स्कूली बच्चों को सस्ते दर पर मिलेंगी किताबें, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म

    MP: ग्वालियर में लगेगा पुस्तक मेला, स्कूली बच्चों को सस्ते दर पर मिलेंगी किताबें, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्कूली बच्चों को सस्ती दर पर किताबें, यू

    Gwalior

    नीफॉर्म व स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए सात दिवसीय पुस्तक मेला (बुक फेयर) लगने जा रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप यह बुक फेयर मौजूदा मार्च माह के दौरान ग्वालियर मेला में सूर्य नमस्कार तिराहा के समीप स्थित शिल्प बाजार परिसर में लगेगा।

    कलेक्टर रुचिका चौहान ने रविवार की शाम संबंधित अधिकारियों एवं पुस्तक विक्रेताओं के साथ शिल्प बाजार परिसर पहुँचकर पुस्तक मेले की तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि पुस्तक मेला अवधि के दौरान बाजार में किसी भी पुस्तक की दुकान से स्कूली पुस्तकें व स्टेशनरी नहीं बेची जा सकेंगीं।

    इस पर पुस्तक विक्रेताओं एवं एसोसिएशन के अधिकारियों ने सहमति जताई। साथ ही कहा कि पुस्तक विक्रेताओं ने कहा कि पुस्तक मेला को लेकर हम उत्साहित हैं। पुस्तक मेले में प्रत्येक दुकानदार द्वारा किताबों, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म की बिक्री पर आकर्षक छूट भी प्रदान की जायेगी। पुस्तक मेला परिसर के निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी, डीपीसी रविन्द्र तोमर एवं मेला सचिव सुनील बाबू त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी, पुस्तक विक्रेता एसोसिएशन के पदाधिकारी व पुस्तक विक्रेता मौजूद थे।

    पुस्तक विक्रेताओं को जिले के विभिन्न स्कूलों के पाठ्यक्रम उपलब्ध करा दिए गए हैं। कलेक्टर ने इस मौके पर पुस्तक विक्रेताओं से कहा कि वे निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तकों के सेट बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उपलब्ध कराएं। वेंडर्स यानी पुस्तक विक्रेताओं द्वारा पुस्तक मेला मे किताबें, स्टेशनरी व ड्रेस खरीदने वाले अभिभावकों को विशष छूट दी जायेगी। पुस्तक मेला लगने से अनाधिकृत प्रिंटिग कर पुस्तक बेचने की प्रवृत्ति पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

    मार्च माह के द्वितीय पखवाड़े में लगने जा रहे पुस्तक मेले में सीबीएसई, आईएसई एवं एमपी बोर्ड से संबंध सभी निजी स्कूलों के पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तकें व यूनीफॉर्म उपलब्ध रहेंगी। जिला प्रशासन द्वारा बच्चों व उनके अभिभावकों के हित को ध्यान में रखकर लिए गए पुस्तक मेला लगाने के निर्णय का पुस्तक प्रकाशकों (पब्लिशर्स) व डीलर्स ने स्वागत किया है।

    कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान पुस्तक मेले की रूपरेखा के संबंध में विस्तार से चर्चा की। पुस्तक विक्रेताओं ने पिछले साल जिन दुकानदारों को जो दुकानें आवंटित की गई थीं, उन्हीं दुकानों का इस बार भी आवंटन करने का आग्रह किया। कलेक्टर ने कहा कि पुस्तक विक्रेताओं की सहमति से ही आवंटन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जायेगा। उन्होंने शिल्प बाजार परिसर की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, शौचालय व पेयजल की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि पुस्तक मेला परिसर में फूड स्टॉल भी लगवाए जाएं।

    आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिये पुस्तक मेला परिसर में बुक बैंक भी स्थापित किया जायेगा। ऐसे स्कूली विद्यार्थी जो अपनी पिछली कक्षा की किताबें दान करना चाहते हैं वे बुक बैंक में अपनी किताबें जमा कर सकेंगे। ज्ञात हो पिछली साल बनाए गए बुक बैंक से 700 जरूरतमंद बच्चों ने नि:शुल्क पुस्तकें प्राप्त की थीं।

    पुस्तक विक्रेताओं एवं स्कूली बच्चों व उनके अभिभावकों की मदद के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से हैल्पलाईन नंबर भी जारी कराया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कॉर्डिनेटर आईटी सेल अरविंद तोमर (मोबा. 98935-87573) से संपर्क कर पुस्तक मेला के संबंध मे जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। साथ ही पुस्तक मेला के संबंधित समस्याएं भी दर्ज कराई जा सकेंगी।

    स्कूलों द्वारा निर्धारित पुस्तकों के सेट की कीमत का परीक्षण कराया जा रहा है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिला शिक्षा अधिकारी व जिला परियोजना समन्वयक को जल्द से जल्द यह परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पिछली साल के पुस्तक मेले में अभिभावकों व विद्यार्थियों द्वारा दर्ज किए गए फीड बैक का अध्ययन कर इस बार के मेले को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए हैं।

  • भोपाल सुसाइड मिस्ट्री: बीटेक छात्र की मौत में बड़ा खुलासा, रिश्तेदार पर ₹1.30 लाख हड़पने और प्रताड़ना का आरोप

    भोपाल सुसाइड मिस्ट्री: बीटेक छात्र की मौत में बड़ा खुलासा, रिश्तेदार पर ₹1.30 लाख हड़पने और प्रताड़ना का आरोप



    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक इंजीनियरिंग छात्र द्वारा वीडियो कॉल पर सुसाइड किए जाने के सनसनीखेज मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मृतक छात्र के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके ही एक करीबी रिश्तेदार ने करियर बनाने के नाम पर छात्र से भारी रकम ऐंठी और फिर उसे मौत के मुहाने तक धकेल दिया।

    शनिवार सुबह अशोका गार्डन स्थित किराए के कमरे में बीटेक थर्ड ईयर के छात्र मोहम्मद इफ्तिखार (21) ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। चौंकाने वाली बात यह है कि सुसाइड के वक्त वह अपनी एक दोस्त से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था।

    सूचना मिलते ही जब दोस्त कमरे पर पहुँचे, तो दरवाजा अंदर से बंद था। गेट तोड़कर अंदर जाने पर इफ्तिखार का शव फंदे से लटका मिला और मोबाइल दीवार के सहारे टिका हुआ था, जिससे अंदेशा है कि उसने पूरी वारदात को लाइव दिखाया।

    परिजनों का गंभीर आरोप 
    रविवार को पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के पिता मोहम्मद नवाब अली ने मीडिया के सामने टूटते हुए बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि:

    सर्टिफिकेट के नाम पर ठगी: एक रिश्तेदार ने डिग्री और सर्टिफिकेट दिलाने का झांसा देकर इफ्तिखार से 1.30 लाख रुपये हड़प लिए थे।

    धमकी और तनाव: जब इफ्तिखार ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी रिश्तेदार उसे डराने-धमकाने लगा।इसी आर्थिक ठगी और मानसिक प्रताड़ना के कारण छात्र गहरे तनाव में था, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने घटनास्थल से छात्र का मोबाइल जब्त कर लिया है। पैटर्न लॉक खुलने के बाद कॉल रिकॉर्ड्स और वीडियो चैट की फॉरेंसिक जांच की जाएगी।

    पुलिस अब छात्र की उस दोस्त का बयान दर्ज करने की तैयारी में है, जिससे वह आखिरी वक्त पर बात कर रहा था। पुलिस का कहना है कि “रिश्तेदार” वाले एंगल और रुपयों के लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है।

  • भोपाल में खाद्य मंत्री ने मिलावट का किया लाइव निरीक्षण: पीली हल्दी लाल हुई, गोविंद राजपूत बोले- हर उपभोक्ता बने जिद्दी

    भोपाल में खाद्य मंत्री ने मिलावट का किया लाइव निरीक्षण: पीली हल्दी लाल हुई, गोविंद राजपूत बोले- हर उपभोक्ता बने जिद्दी



    नई दिल्ली। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभागार में लगी विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में विभिन्न खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट और उसकी पहचान के तरीके दर्शाए गए थे।

    मंत्री ने अपनी आंखों के सामने हल्दी का नमूना केमिकल में डालते ही पीले रंग से लाल रंग में बदलते देखा, जिसे देखकर वे चौंक गए। इस घटना को अपने मुख्य संबोधन में भी उन्होंने शामिल किया और जनता से अपील की कि वे अपने हक के लिए जागरूक और “जिद्दी उपभोक्ता” बनें। मंत्री ने उदाहरण देते हुए प्रख्यात दानवीर और विधिवेत्ता डॉ. हरिसिंह गौर की बहादुरी की ओर इशारा किया, जिन्होंने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक गड़बड़ियों के खिलाफ सख्ती से लड़ाई लड़ी।

    मंत्री ने नापतौल में होने वाली अनियमितताओं की भी ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि 2 किलो और आधा किलो के बांट का वजन बराबर दिखाने वाले तराजू में गड़बड़ी पाई गई। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे खरीदारी करते समय तराजू और पैकेजिंग का ध्यान रखें।

    इस अवसर पर मंत्री ने 2019 के नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि अब शिकायत करना आसान है। उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। अधिनियम में उपभोक्ताओं के छह प्रमुख अधिकार शामिल हैं: चुनने का अधिकार, जानकारी का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, समस्याओं का निराकरण और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार।

    राज्य और जिला उपभोक्ता आयोगों में शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया में तेजी आई है। वर्ष 2025–26 में राज्य उपभोक्ता आयोग ने करीब 3 हजार मामलों का निपटारा किया, जबकि जिला आयोगों में 14 हजार से अधिक मामलों का समाधान हो चुका है। ऑनलाइन माध्यम से शिकायतें भी बढ़ी हैं; दिसंबर 2020 से अब तक राज्य आयोग में 7,500+ और जिला आयोगों में 26,000+ शिकायतें दर्ज की गई हैं।

    कार्यक्रम में स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों और छात्रों को भी सम्मानित किया गया। कटनी की संस्था अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन को प्रथम पुरस्कार (1,11,000 रुपये) मिला, जबकि ग्वालियर की प्राकृतिक चिकित्सालय महाविद्यालय समिति को द्वितीय पुरस्कार (51,000 रुपये) प्रदान किया गया। छात्राओं के लिए आयोजित निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता में उज्जैन, छतरपुर और इंदौर की छात्राओं ने प्रमुख स्थान प्राप्त किए।

    मंत्री राजपूत ने अंत में चेतावनी दी कि अनुचित व्यापारिक प्रथाओं और मिलावटखोरी पर नकेल तभी कसी जा सकती है जब उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सतर्क रहें, शिकायत करने में हिचकिचाएं नहीं।

    इस कार्यक्रम ने उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा, अधिकारों और जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया, साथ ही डिजिटल माध्यम और नई तकनीकों के जरिए शिकायत और सुनवाई को और सुलभ बनाया।

  • भोपाल में मनाई गई मां कर्मा देवी की 1010वीं जयंती, निकली भव्य शोभायात्रा

    भोपाल में मनाई गई मां कर्मा देवी की 1010वीं जयंती, निकली भव्य शोभायात्रा


    नई दिल्ली। साहू समाज की आराध्य देवी मां कर्मा देवी की 1010वीं जयंती राजधानी में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। जयंती के अवसर पर लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सुबह मां कर्मा देवी का पुष्प श्रृंगार और महाआरती संपन्न हुई। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण था और समाज के पदाधिकारी, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    मध्य प्रदेश तैलिक साहू सभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी विवेक साहू ने बताया कि महाआरती में प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश साहू, महासचिव अनिल कुमार साहू, डॉ. प्रकाश सेठ, हरिशंकर साहू, मदनलाल साहू, जिला अध्यक्ष रविंद्र साहू सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान महिलाएं और युवाओं ने भक्ति गीत और धार्मिक भजन प्रस्तुत किए, जिससे पूरे मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बना।

    जयंती के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो मंगलवारा, जैन मंदिर रोड, इतवारा, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, सराफा चौक, लखेरापुरा, भवानी चौक, सोमवारा, चौकी इमामबाड़ा और छोटे भैया कॉर्नर होते हुए पुनः मंदिर परिसर में समाप्त हुई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

    शोभायात्रा में घोड़ा-बग्गी, दुल्दुल घोड़ी, आकर्षक धार्मिक झांकियां और कलश धारण की महिलाएं शामिल थीं। इसके साथ ही महाकाल भक्त मंडल के सैकड़ों युवा मां कर्मा देवी के जयकारों के साथ यात्रा में शामिल होकर भक्ति और उत्साह का वातावरण बनाते रहे।

    शोभायात्रा के समापन के बाद मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही समाज के प्रतिभाशाली व्यक्तियों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई, जिससे सभी ने सामूहिक रूप से धार्मिक और सामाजिक उल्लास का अनुभव किया।

    इसके अतिरिक्त, छोला विश्राम घाट स्थित मां कर्मा देवी की प्रतिमा पर भी समाजजनों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर आरती की गई और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर सुदामा प्रसाद साहू, हिम्मत साहू, रमेश साहू, मदनलाल साहू, भगवानदास साहू, विवेक साहू, प्रीतम साहू, विनोद साहू, राकेश साहू, जितेंद्र साहू, सुनील साहू और निक्की साहू सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

    इस कार्यक्रम ने भोपाल में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक प्रस्तुत किया। भक्ति, उत्साह और श्रद्धा के इस संगम ने जयंती समारोह को यादगार बना दिया।

  • भोपाल निगम में फर्जी बिलिंग के आरोप पर लोकायुक्त का सेंट्रल वर्कशॉप में छापा

    भोपाल निगम में फर्जी बिलिंग के आरोप पर लोकायुक्त का सेंट्रल वर्कशॉप में छापा



    भोपाल भोपाल नगर निगम में फर्जी बिलिंग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते रविवार सुबह लोकायुक्त की टीम ने सेंट्रल वर्कशॉप स्थित नगर निगम कार्यालय में छापेमारी की। यह कार्यवाही सुबह 9 बजे शुरू हुई और अभी भी जारी है। नगर निगम की यह वर्कशॉप गाड़ियों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य मैकेनिकल कार्यों के लिए जानी जाती है।

    लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को निगम के फतेहगढ़ डाटा सेंटर पर कार्रवाई करते हुए पिछले 10 वर्षों के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त किए थे। प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मिले, जिसके आधार पर सेंट्रल वर्कशॉप में यह छापेमारी की गई। जांच टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन-किन फर्मों और व्यक्तियों की संलिप्तता रही।

    11 मार्च को अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को प्राप्त हुई थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कोर्ट से सर्च वारंट लेकर कार्रवाई की गई।

    लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के अनुसार, शिकायत में आरोप है कि SAP सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी बिल तैयार किए गए। इन बिलों के माध्यम से परिचितों और रिश्तेदारों की फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया, जबकि असल में संबंधित काम या तो किया ही नहीं गया या विभागों को इसकी जानकारी नहीं थी।

    जांच में यह भी सामने आया कि नगर निगम के जलकार्य विभाग, सामान्य प्रशासन और सेंट्रल वर्कशॉप के नाम पर गाड़ियों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए, लेकिन कई मामलों में वास्तव में काम नहीं हुआ था। डिजिटल डाटा और दस्तावेजों की जांच से अब यह पता लगाया जाएगा कि किन कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया और वास्तविकता क्या थी।

    अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर का कहना है कि लेखा शाखा में बिल सीधे पास नहीं किए जाते। बिल संबंधित विभागों से सत्यापन के बाद आते हैं और फंड की उपलब्धता के अनुसार नगर निगम आयुक्त से चर्चा के बाद भुगतान किया जाता है। उनका यह बयान यह दर्शाता है कि भुगतान प्रक्रिया में कई स्तरों पर सत्यापन होता है, लेकिन कथित फर्जी बिलिंग के मामले ने प्रणाली में संभावित गड़बड़ियों को उजागर किया है।

    लोकायुक्त टीम का कहना है कि जब्त SAP सॉफ्टवेयर का डेटा और अन्य डिजिटल दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में और फर्मों और कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। यह कार्रवाई भोपाल नगर निगम में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।