जानकारी के मुताबिक, गौरव जैन के खिलाफ ग्वालियर में दो गिरफ्तारी वारंट जारी हैं, जबकि झाबुआ और शाजापुर में भी उसके खिलाफ वारंट लंबित हैं। इससे साफ होता है कि वह पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में एक आदतन अपराधी के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद उसने हाल ही में पांच पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई भी हुई थी।
मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। रिटायर्ड एसीपी राकेश गुप्ता ने गौरव जैन के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि गौरव ने उन्हें 100 से अधिक बार फोन कर धमकाया। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई, जिसमें गौरव कथित तौर पर खुलेआम धमकी देता सुनाई दे रहा है।
गौरव जैन का एक और विवाद उसके निवास से जुड़ा हुआ है। वह जिस फ्लैट में पत्नी और बेटे के साथ रह रहा है, उसे लेकर भी विवाद चल रहा है। फ्लैट खाली न करने को लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि समझौते के नाम पर वह फ्लैट पर कब्जा बनाए रखने का दबाव बना रहा था। इस मामले में दूसरी पार्टी की ओर से भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
गौरव जैन ने 16 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर और डीसीपी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि एसआई समेत पांच पुलिसकर्मी उसके घर जबरन घुसे, ताला तोड़ा और कैश व सोना लेकर चले गए। उसने यह भी दावा किया कि पुलिस ने उसे ग्वालियर ले जाने के दौरान पैसे वसूले। हालांकि, पुलिस की ओर से इसे यात्रा और अन्य खर्च बताया गया है, जबकि गौरव इसे रिश्वत बता रहा है।
मामले में पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी चाहे वह पुलिसकर्मी हो या शिकायतकर्ता खुद।









