Category: Madhya Pradesh

  • मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग में 373 पदों पर भर्ती, आवेदन आज से शुरू, 15 अप्रैल से ऑनलाइन परीक्षा

    मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग में 373 पदों पर भर्ती, आवेदन आज से शुरू, 15 अप्रैल से ऑनलाइन परीक्षा

    भोपाल । सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग से अच्छी खबर है। विभाग ने ग्रुप-5 पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीदवार 30 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि 4 अप्रैल तक आवेदन में सुधार की सुविधा रहेगी। परीक्षा 15 अप्रैल से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPPSC) द्वारा संचालित होगी।

    स्वास्थ्य विभाग में कुल 373 पद भरे जाएंगे। इनमें स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब अटेंडेंट, डेंटल टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर, डायलिसिस टेक्नीशियन, निश्चेतना टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन और टेक्निकल असिस्टेंट समेत कई पैरामेडिकल और तकनीकी पद शामिल हैं। भर्ती मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और अन्य विभागीय संस्थानों में होगी।

    चयन प्रक्रिया मेरिट के आधार पर होगी। इसके बाद उम्मीदवारों के दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जाएगा और अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जा रही है कि वे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़ी सभी जानकारी अवश्य जांच लें।

  • भोपाल में नापतौल विभाग को धमकी, साइनाइड सिलेंडरों से उड़ाने का ईमेल प्राप्त

    भोपाल में नापतौल विभाग को धमकी, साइनाइड सिलेंडरों से उड़ाने का ईमेल प्राप्त


    भोपाल । भोपाल में एम्स और पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली धमकियों के बाद राजधानी के नापतौल विभाग को भी धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल में दावा किया गया कि विभाग के कार्यालय में साइनाइड गैस से भरे 16 सिलेंडर या IED रखे गए हैं जो दोपहर 1 बजे फटेंगे और पूरे विभाग को उड़ा देंगे। ईमेल विभाग की आधिकारिक आईडी पर आया था और इसमें धमकी स्पष्ट रूप से लिखी गई थी। इस घटना से विभाग के कर्मचारियों में डर का माहौल बन गया।

    सूचना मिलने पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। बम निरोधक दस्ता ने पूरे परिसर की तलाशी ली लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु या सिलेंडर नहीं पाया गया। पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और ईमेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    भोपाल प्रशासन ने हाल के दिनों में लगातार धमकियों के चलते सुरक्षा कड़ी कर दी है। पहले एम्स भोपाल और पीपुल्स यूनिवर्सिटी को धमकी मिली थी अब नापतौल विभाग की घटना ने सुरक्षा चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है और जांच जारी है।

  • भोपाल: फरार वारंटी पर 10 हजार का इनाम घोषित, स्टेशन बजरिया पुलिस ने मांगी आमजन से मदद

    भोपाल: फरार वारंटी पर 10 हजार का इनाम घोषित, स्टेशन बजरिया पुलिस ने मांगी आमजन से मदद


    भोपाल। राजधानी भोपाल में लंबे समय से फरार चल रहे एक वारंटी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम की घोषणा की है। Bhopal के Station Bajaria Police Station की पुलिस ने आरोपी की जानकारी देने या उसे पकड़वाने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

    आरोपी की पहचान
    पुलिस के मुताबिक फरार वारंटी Nawab Senting Wala (पिता सैयद साजिद अली, उम्र करीब 58 वर्ष) मूल रूप से बाग फरहत अफजा, ऐशबाग क्षेत्र का निवासी है। वर्तमान में वह गैस राहत कॉलोनी, निशातपुरा क्षेत्र में रहता था। आरोपी लंबे समय से फरार है और उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी है।

    सूचना देने वाले का नाम रहेगा गोपनीय
    पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के बारे में कोई जानकारी मिले या वह कहीं दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
    पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

    इनाम की घोषणा
    आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने या पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति को नगर पुलिस अधीक्षक जोन-1 की ओर से 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।

    यहां दें सूचना
    पुलिस कंट्रोल रूम: 9479990454

    थाना स्टेशन बजरिया: 9479990527 / 9479990523
    पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आमजन के सहयोग से उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है।

  • भोपाल: नापतौल विभाग को साइनाइड सिलेंडर से उड़ाने की धमकी, बम डिस्पोजल स्कॉड ने की सर्चिंग, कुछ नहीं मिला

    भोपाल: नापतौल विभाग को साइनाइड सिलेंडर से उड़ाने की धमकी, बम डिस्पोजल स्कॉड ने की सर्चिंग, कुछ नहीं मिला


    भोपाल। राजधानी भोपाल के एमपी नगर स्थित नापतौल विभाग के कार्यालय को साइनाइड गैस से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद अफरा-तफरी मच गई। धमकी भरा ईमेल सोमवार सुबह करीब नौ बजे मिला, जिसमें बताया गया था कि कार्यालय में साइनाइड से भरे 16 सिलेंडर रख दिए गए हैं और दोपहर एक बजे वे फटेंगे।

    पुलिस और बम स्क्वॉड की कार्रवाई
    सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बम डिस्पोजल स्कॉड और बस स्क्वॉड टीम को मौके पर बुलाया।

    विभाग में मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षा के लिहाज से बाहर निकाला गया।

    पूरे कार्यालय की सर्चिंग की गई, लेकिन कोई सिलेंडर या बम नहीं मिले।

    पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
    इससे पहले पीपुल्स यूनिवर्सिटी और एम्स भोपाल को भी धमकी भरे ईमेल मिले थे, जो बाद में फर्जी निकले।

    फिलहाल पुलिस ईमेल करने वाले व्यक्ति तक नहीं पहुँच पाई है, और मामला जांच के दायरे में है।

    विशेष जानकारी:

    विभाग में यह धमकी मिलने के बाद सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है।

    कर्मचारी पूरी सावधानी के साथ बाहर बैठे नजर आए।

    पुलिस ने बताया कि इस तरह के फर्जी धमकियों के मामले समय-समय पर आते रहते हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।

  • MP: ग्वालियर में छुट्टी के दिन खुलीं LPG एजेंसियां, भोपाल-हरदा में सिलेंडर की किल्लत से हंगामा

    MP: ग्वालियर में छुट्टी के दिन खुलीं LPG एजेंसियां, भोपाल-हरदा में सिलेंडर की किल्लत से हंगामा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में LPG संकट से थोड़ी राहत मिलने लगी है। सोमवार को ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर साप्ताहिक छुट्टी के दिन भी गैस एजेंसियां खुलीं और बुकिंग के आधार पर सिलेंडर की डिलिवरी शुरू हुई। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि बुकिंग की 40% समस्या अब खत्म हो गई है।

    भोपाल में हंगामा
    भोपाल के टीटी नगर दशहरा मैदान में सोमवार सुबह गैस सिलेंडर से भरा एक ट्रक पहुंचा। सिलेंडर बांटने के बाद 50 से अधिक लोग खाली हाथ रह गए, जिससे वहां हंगामा हो गया। ग्राहकों का कहना था कि सिलेंडर यहीं मंगवाए जाएं, जबकि कर्मचारियों ने उन्हें एजेंसी जाने के लिए कहा। एक घंटे के बाद कर्मचारियों ने अतिरिक्त ट्रक की व्यवस्था कर लोगों की समस्या दूर की।

    हरदा में भी लगी लंबी लाइन
    हरदा में एलपीजी एजेंसियों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। लोग सुबह से ही सिलेंडर भरवाने के लिए लाइन में खड़े हैं।

    होटल इंडस्ट्री में राहत
    एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा, “लगातार 6-7 दिन से प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट को एक भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला। अब सरकार ने हमें भी सिलेंडर देने की बात कही है। यह हमारे लिए ‘ऑक्सीजन’ मिलने जैसा है।”
    सिलेंडर की कमी के कारण प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर थे। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन, डीज़ल भट्ठी आदि की सुविधा की गई थी, लेकिन यह काफी खर्चीला था।

    भोपाल में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू
    भोपाल गैस एजेंसियों के मुताबिक, सोमवार से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू हो गई है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने कहा कि अब होटल संचालक इंडक्शन, इलेक्ट्रिक ग्रिडल और फ्रायर की जगह सिलेंडर का उपयोग कर सकेंगे।

    ग्वालियर में सभी एजेंसियां खुलीं
    ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर सभी एलपीजी एजेंसियां खुलीं। एजेंसी संचालक धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि पिछले 3-4 दिन से सॉफ्टवेयर समस्या के कारण बुकिंग नहीं हो पा रही थी। सोमवार से सभी को गैस सिलेंडर मिल रहे हैं और कोई कमी नहीं है।

  • राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं

    राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं


    भोपाल । राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही एक समृद्ध और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होते हैं और इस दिशा में टीकाकरण की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि माताओं और शिशुओं का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है। टीकाकरण न केवल बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाता है बल्कि समाज में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार भी तैयार करता है।

    डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित टीकाकरण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में मातृ और शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे टीकाकरण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने बच्चों का निर्धारित समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं।

    मुख्यमंत्री ने टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में योगदान देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं स्वयंसेवी संस्थाओं और सभी संबंधित टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।

  • मुरैना-धौलपुर रोड पर चलती कार में भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़, NHM ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट

    मुरैना-धौलपुर रोड पर चलती कार में भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़, NHM ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की टीम ने एक बड़े स्टिंग ऑपरेशन में चलती कार में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया। ऑपरेशन में टीम ने ननद बनकर महिला के साथ बैठी डॉक्टर और गर्भवती महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।

    स्टिंग ऑपरेशन की झलक
    घटना 2 मई 2025 को मुरैना-धौलपुर रोड पर चंबल नदी के पुल के पास हुई।

    एक कार में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन लगाकर गर्भवती महिला का लिंग पता लगाया जा रहा था।

    पीछे से आ रही NHM की टीम ने गाड़ी को रोका, शीशे तोड़े और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

    टीम में डॉ. प्रज्ञा तिवारी, डॉ. बिंदु, डॉ. प्रबल, डॉ. अनुभा और संजय जोशी शामिल थे।

    गिरोह का नेटवर्क
    जांच में सामने आया कि यह गिरोह मध्यप्रदेश-राजस्थान बॉर्डर क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय था।

    नेटवर्क में कुछ एएनएम और आशा कार्यकर्ता भी शामिल थीं।

    गर्भवती महिलाओं को अलग-अलग लोकेशन पर ले जाकर चलती कार में सोनोग्राफी की जाती थी।

    भ्रूण का लिंग मौखिक रूप से और स्क्रीन पर दिखाकर बताया जाता था।

    स्टिंग ऑपरेशन की तैयारी
    NHM ने करीब 6 महीने की तैयारी के बाद स्टिंग ऑपरेशन किया।

    एक गर्भवती महिला को डिकॉय के रूप में तैयार किया गया और गिरोह तक पहुंचाने के लिए स्थानीय इंफॉर्मर का उपयोग किया गया।

    आशा कार्यकर्ता ने भ्रूण लिंग बताने के लिए 50 हजार रुपए की मांग भी की।

    रिपोर्ट और केंद्र को जानकारी
    इस स्टिंग ऑपरेशन की जानकारी 6 मार्च 2026 को NHM की संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी ने केंद्र सरकार को भेजी थी।

    रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदेश में बिगड़ते लिंगानुपात के पीछे अवैध लिंग परीक्षण और फैमिली बैलेंसिंग तकनीकें बड़ी वजह हैं।

    लिंगानुपात पर चिंता
    आंकड़ों के अनुसार, 2016-18 में मध्यप्रदेश का लिंगानुपात 925 था, जो 2020-22 में घटकर 915 हो गया। 2023 में हल्का सुधार हुआ और यह 917 पर पहुंचा।

    ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों का जन्म अनुपात अभी भी कम (911) है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 941 दर्ज किया गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि भ्रूण लिंग परीक्षण और बेटे की चाह सामाजिक मानसिकता के मुख्य कारण हैं।

    चुनौती अभी बाकी
    NHM का कहना है कि नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

    जागरूकता अभियान और इनफॉर्मर रिवॉर्ड (50 हजार से 2 लाख रुपए) के जरिए लोगों को सही रास्ते पर लाया जा रहा है।

    विभाग लगातार निगरानी और कानूनी कार्रवाई से इस काले कारोबार पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहा है।

    यह स्टिंग ऑपरेशन न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में भ्रूण लिंग परीक्षण जैसे अवैध और सामाजिक रूप से घातक कृत्यों पर कड़ी कार्रवाई की मिसाल है।

  • MP में दो दिन और झुलसाएगी गर्मी, 18-19 मार्च को बारिश के आसार; भोपाल में घरों पर ग्रीन नेट, सड़कों पर पसरा सन्नाटा

    MP में दो दिन और झुलसाएगी गर्मी, 18-19 मार्च को बारिश के आसार; भोपाल में घरों पर ग्रीन नेट, सड़कों पर पसरा सन्नाटा


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में गर्मी का असर तेजी से बढ़ने लगा है और लोग इससे बचने के लिए तरह तरह के उपाय करने लगे हैं। राजधानी भोपाल में कई घरों को तेज धूप से बचाने के लिए ग्रीन नेट से कवर किया जा रहा है, ताकि घरों के अंदर का तापमान ज्यादा न बढ़े। वहीं इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिन तक तेज गर्मी का असर बना रहेगा, जबकि 18 और 19 मार्च को मौसम में बदलाव के साथ कई जिलों में बारिश हो सकती है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक रविवार को ग्वालियर चंबल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला। इसके चलते आसमान में बादल छाए रहे और तापमान में करीब 1.7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि यह सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है। इसी वजह से 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादलों का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार 17 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर मध्यप्रदेश में 18 और 19 मार्च को देखने को मिलेगा।

    रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान में हल्की गिरावट जरूर दर्ज की गई। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि शाम तक कहीं बारिश नहीं हुई, लेकिन बादल छाए रहने से तापमान में कुछ राहत मिली।

    वहीं पिछले तीन दिनों से तीव्र गर्मी झेल रहे नर्मदापुरम में भी पारा कुछ नीचे आया और अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    तेज गर्मी के चलते राजधानी भोपाल को मार्च महीने में ही जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी करते हुए निजी ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी है। अब केवल सरकारी ट्यूबवेल ही खोदे जा सकेंगे और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की नल जल योजनाओं को सुचारू रखने के लिए जरूरी काम किए जाएंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि बिना अनुमति ट्यूबवेल खनन करने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही बोरवेल मशीनों के जिले से गुजरने पर भी रोक लगा दी गई है।

    डॉक्टरों का कहना है कि मार्च का मौसम बीमारियों के लिहाज से भी संवेदनशील होता है। दिन में तेज गर्मी और सुबह शाम हल्की ठंड रहने से सर्दी जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ जाते हैं। कई लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए सुबह और देर रात की ठंडी हवा से बचने की सलाह दी गई है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को।

    मौसम विभाग के अनुसार इस साल अप्रैल और मई में प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर रहेगा।

  • भोपाल: प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते, फतवे में कहा – पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो तो खुद पढ़े, लोगों को पढ़ाएं नहीं

    भोपाल: प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते, फतवे में कहा – पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो तो खुद पढ़े, लोगों को पढ़ाएं नहीं



    भोपाल। राजधानी भोपाल में जामे एहतमाम मसाजिद कमेटी के दारुल इफ्ता द्वारा जारी फतवा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद का विषय बन गया है। फतवा प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की इमामत (नमाज पढ़ाने) क्षमता पर केंद्रित है।दस्तावेज में कहा गया है कि जिस व्यक्ति को लगातार पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो, उसे शरियत में ‘माजूर’ माना जाता है।

    ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति खुद नमाज पढ़ सकता है, लेकिन इमाम बनकर लोगों को नमाज नहीं पढ़ा सकता।यदि कोई व्यक्ति ऐसे इमाम के पीछे फर्ज़ नमाज पढ़ ले, तो उसे दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं।

    जरूरी जानकारी

    फतवा 9 मार्च 2026 को नायब मुफ़्ती सैयद अहमद खान कासमी की ओर से जारी किया गया।मुफ़्ती-ए-शहर भोपाल की मुहर भी लगी है।सवाल भोपाल के पीरगेट निवासी सहेल अली ने पूछा था।पूरे दस्तावेज में भोपाल के वर्तमान शहर काज़ी का नाम नहीं है।बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर इसे सीधे शहर काजी से जोड़कर वायरल किया गया, जिससे भ्रम फैल गया।

    धार्मिक जानकारों की राय:

    इस तरह के फतवे आमतौर पर शरई नियम स्पष्ट करने के लिए दिए जाते हैं।यह जरूरी नहीं कि फतवा किसी खास व्यक्ति के खिलाफ हो।

    आगामी कदम:

    ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने फतवे को लेकर अहम बैठक बुलाई है।बैठक में मुस्लिम धर्म गुरु और संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।समिति के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि बैठक में शहर काजी की बीमारी और नमाज को लेकर फतवा पर चर्चा होगी।

    विशेष टिप्पणी:

    यह फतवा केवल धार्मिक नियम स्पष्ट करने के लिए जारी किया गया है।

    सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले दावे भ्रम पैदा कर सकते हैं, इसलिए सटीक दस्तावेज देखें।

  • 1 अप्रैल से बदलेगी मध्यप्रदेश में पेंशन व्यवस्था: SBI बनेगा एकमात्र एग्रीगेटर बैंक, जिला पेंशन कार्यालय होंगे बंद

    1 अप्रैल से बदलेगी मध्यप्रदेश में पेंशन व्यवस्था: SBI बनेगा एकमात्र एग्रीगेटर बैंक, जिला पेंशन कार्यालय होंगे बंद


    भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार राज्य के करीब साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को राहत देने के लिए पेंशन भुगतान की पूरी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी जिसके तहत अब किसी भी बैंक में खाता रखने वाले सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद उसी खाते में सीधे पेंशन मिल सकेगी। राज्य शासन ने इस प्रक्रिया को अधिक सरल पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को एकमात्र ‘एग्रीगेटर बैंक’ नियुक्त किया है।

    नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार पेंशन की पूरी राशि सीधे SBI को हस्तांतरित करेगी। इसके बाद SBI नोडल एजेंसी के रूप में काम करते हुए सभी पेंशनभोगियों के खातों में पेंशन की राशि जमा करेगा चाहे उनका बैंक खाता किसी भी बैंक में क्यों न हो। अभी तक पेंशन वितरण की प्रक्रिया में करीब 11 अलग-अलग बैंक शामिल थे लेकिन अब पूरा प्रबंधन और क्लेम प्रक्रिया सिर्फ SBI के माध्यम से होगी।

    दरअसल मौजूदा पेंशन प्रणाली में कई तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं सामने आ रही थीं जिनकी वजह से पेंशनर्स को काफी परेशानी होती थी। कई मामलों में पेंशनभोगियों को उसी बैंक में खाता बनाए रखना पड़ता था जहां उनका वेतन खाता था। इसके अलावा महंगाई भत्ता बढ़ने या वेतनमान में संशोधन होने पर पेंशन अपडेट करने की प्रक्रिया भी काफी जटिल थी। यह काम सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सेल (CPPC) के माध्यम से होता था और यह सुविधा केवल चार बड़े बैंकों में ही उपलब्ध थी। जिन बैंकों में यह सुविधा नहीं थी वहां पेंशन अपडेट होने में काफी समय लग जाता था और पेंशनभोगियों को एरियर के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था।

    पेंशन भुगतान में देरी की एक बड़ी वजह पेंशन अदायगी आदेश यानी PPO के हस्तांतरण में लगने वाला समय भी था। सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारी का PPO संबंधित बैंक को भेजा जाता था लेकिन समन्वय की कमी के कारण कई बार रिटायरमेंट के बाद भी पेंशन शुरू होने में देरी हो जाती थी। इसके अलावा वेतनमान फिक्सेशन में मामूली त्रुटियां भी पेंशन प्रक्रिया को महीनों तक रोक देती थीं।

    पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेशदत्त जोशी ने मौजूदा व्यवस्था में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है। उनके अनुसार जिला और संभागीय पेंशन कार्यालयों में कई बार कर्मचारियों द्वारा पेंशन प्रकरणों में बार-बार आपत्तियां लगाई जाती हैं जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ता है और कई मामलों में रिश्वत की शिकायतें भी सामने आती हैं।

    इसी समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी जिलों में संचालित पेंशन कार्यालयों को बंद किया जाएगा जबकि संभागीय मुख्यालयों के कार्यालय पहले की तरह काम करते रहेंगे। अब पेंशन निर्धारण की पूरी प्रक्रिया भोपाल स्थित मुख्यालय से केंद्रीकृत रूप से संचालित होगी। नई व्यवस्था में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी कर्मचारी को यह पता नहीं चलेगा कि उसकी पेंशन फाइल किस अधिकारी के पास है जिससे स्थानीय स्तर पर दबाव और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।

    इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए SBI ने भी तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में राज्य में करीब 4 लाख 46 हजार पेंशनर्स हैं और इस वर्ष लगभग 22 हजार कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे। बैंक ने अन्य 10 बैंकों से दो लाख से अधिक PPO वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है जिसे पूरा होने में तीन से चार महीने लग सकते हैं।

    वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के करीब 22.5 लाख बुजुर्ग विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स के लिए केंद्र से निराशाजनक खबर आई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यसभा में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि में फिलहाल किसी प्रकार की बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है।