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  • Rewa में लग्जरी कारों से गांजा तस्करी का भंडाफोड़, आधा दर्जन आरोपी गिरफ्तार

    Rewa में लग्जरी कारों से गांजा तस्करी का भंडाफोड़, आधा दर्जन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली। रीवा में पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार देर रात संयुक्त पुलिस टीम ने की, जिसमें बिछिया, रायपुर कर्चुलियान और गुढ़ थाना पुलिस शामिल रही। आरोपी दो लग्जरी कारों में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी कर रहे थे और पूरे विंध्य क्षेत्र में अपना नेटवर्क फैला चुके थे।

     घेराबंदी कर रंगे हाथ पकड़े गए तस्कर
    पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग गांजा की बड़ी खेप लेकर सौदे के लिए पहुंचने वाले हैं। इसके बाद खड्डा रीठी तलाब भीटा के पास घेराबंदी की गई। जैसे ही आरोपी वहां लेनदेन के लिए रुके, पुलिस टीम ने दबिश देकर सभी को मौके से पकड़ लिया।

     दो लग्जरी कारों से भारी मात्रा में गांजा बरामद
    तलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों कारों से कुल 28 किलो 930 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया। इसके साथ ही आरोपियों के पास से नकदी, मोबाइल फोन सहित करीब 4 लाख 20 हजार रुपए का सामान भी जब्त किया गया है।
    पुलिस के अनुसार, आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर तस्करी कर रहे थे, ताकि किसी को शक न हो।

     यूपी और एमपी के आरोपी शामिल
    गिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई लोग शामिल हैं। इनमें रीवा, सीधी और बांदा जिले के निवासी आरोपी शामिल हैं, जो आपस में मिलकर इस नेटवर्क को चला रहे थे।
    बताया जा रहा है कि यूपी के कुछ आरोपी खासतौर पर खरीददारी के लिए रीवा आए थे।

     पूरे विंध्य में फैला था नेटवर्क
    प्रशिक्षु आईपीएस एवं बिछिया थाना प्रभारी राजीव अग्रवाल के अनुसार, यह सिर्फ एक सप्लाई नहीं बल्कि बड़ा नेटवर्क है, जो विंध्य क्षेत्र में सक्रिय था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और गांजा की सप्लाई कहां से हो रही थी।

     एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
    पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन को खंगालने के लिए जांच तेज कर दी गई है।

     संगठित अपराध पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
    इस कार्रवाई को विंध्य क्षेत्र में नशे के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे नेटवर्क पर और सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

  • ढोंगी बाबा गिरफ्तार: पति पर संकट का डर दिखाकर महिला का मंगलसूत्र लेकर फरार

    ढोंगी बाबा गिरफ्तार: पति पर संकट का डर दिखाकर महिला का मंगलसूत्र लेकर फरार


    नई दिल्ली। सागर जिले के जैसीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे ढोंगी बाबा को गिरफ्तार किया है, जो महिलाओं को झांसे में लेकर उनके गहने ठगता था। आरोपी ने महिला को पति पर संकट का डर दिखाकर पूजा के बहाने उसका मंगलसूत्र रुमाल में रखवाया और मौका मिलते ही फरार हो गया था। पुलिस पूछताछ में उसने एक और वारदात कबूल की है।

     ‘संकट’ का डर दिखाकर रचा पूरा खेल
    भदभदा खमरिया रोड निवासी मालती प्रजापति ने 17 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति बाबा के वेश में घर आया और उनके पति पर संकट आने की बात कहकर डराया।
    आरोपी ने पूजा का झांसा देते हुए मंगलसूत्र रुमाल में रखने को कहा। महिला जैसे ही पूजा में व्यस्त हुई, वह रुमाल लेकर फरार हो गया। बाद में जब रुमाल खोला गया, तो मंगलसूत्र गायब मिला।

     एक और वारदात का भी किया खुलासा
    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी तरह की ठगी 8 अप्रैल को धाऊ गांव में भी हुई थी, जहां हेमलता पटेल के साथ भी आरोपी ने यही तरीका अपनाया था।
    दोनों मामलों को जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज की और टीमों को सक्रिय किया।

     मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, आरोपी गिरफ्तार
    सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बेरखेड़ी के पास देखा गया है। इस पर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी की और आरोपी बालमुकुंद उर्फ हलुआ को गिरफ्तार कर लिया।

     सोने-चांदी के गहने बरामद
    थाने लाकर पूछताछ करने पर आरोपी ने दोनों वारदातें कबूल कर लीं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बड़ी मात्रा में गहने जब्त किए हैं, जिनमें 36 सोने के गुरिया, 2 सोने के पेंडल, 10 इलायची आकार के सोने के दाने, पायल और सोने की चेन शामिल हैं।

     अन्य वारदातों के खुलासे की उम्मीद
    जैसीनगर थाना प्रभारी शशिकांत गुर्जर के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और आशंका है कि वह इस तरह की और भी ठगी की घटनाओं में शामिल रहा है। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की जांच कर रही है।

     सतर्क रहें: ऐसे झांसे से बचें
    इस तरह के मामलों में पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अजनबी बाबा या साधु के बहकावे में न आएं और घर में कीमती सामान देने से पहले सतर्क रहें।

  • कूलर की आवाज में सोता रहा परिवार, चोर उड़ा ले गए नया ट्रैक्टर; CCTV में कैद वारदात

    कूलर की आवाज में सोता रहा परिवार, चोर उड़ा ले गए नया ट्रैक्टर; CCTV में कैद वारदात


    नई दिल्ली। जबलपुर जिले के पाटन थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली चोरी सामने आई है, जहां चोरों ने बड़ी सफाई से किसान का नया ट्रैक्टर पार कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि बाड़े में खड़े दो ट्रैक्टरों में से चोरों ने पुराने को हाथ तक नहीं लगाया और सीधे नए ट्रैक्टर को स्टार्ट कर फरार हो गए। पूरी वारदात CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुटी है।

     रात में कूलर की हवा में सोता रहा परिवार, चोर ले गए ट्रैक्टर
    ग्राम टिमरी निवासी किसान नरेंद्र कुमार साहू के अनुसार, 16 अप्रैल की शाम वे खेत से लौटे और अपने दोनों ट्रैक्टर घर के पास बने बाड़े में खड़े कर दिए। रात करीब ढाई बजे पूरा परिवार घर के अंदर कूलर चलाकर सो रहा था।
    इसी दौरान अज्ञात चोर चुपचाप बाड़े में घुसे और करीब डेढ़ साल पहले 4 लाख रुपए में खरीदे गए नए ट्रैक्टर को स्टार्ट कर ले गए। पुराना ट्रैक्टर वहीं खड़ा रह गया।

     चोरों की नजर सिर्फ नए ट्रैक्टर पर
    इस वारदात में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चोरों ने बिना किसी जल्दबाजी के दोनों ट्रैक्टरों को देखा, लेकिन उनकी नजर सीधे नए ट्रैक्टर पर ही टिकी। उन्होंने आराम से बाड़े का गेट खोला और ट्रैक्टर लेकर निकल गए, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्हें पहले से पूरी जानकारी थी।

     100 से ज्यादा CCTV खंगाले, मंडला रूट पर मिला सुराग
    17 अप्रैल की सुबह जब किसान बाड़े में पहुंचा तो ट्रैक्टर गायब देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत आसपास तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
    इसके बाद किसान और उसके साथियों ने पाटन से जबलपुर और बरेला तक 100 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में एक व्यक्ति ट्रैक्टर को मंडला की ओर ले जाते हुए दिखाई दिया है।

    50 हजार का इनाम घोषित, पुलिस एक्टिव
    18 अप्रैल को किसान ने पाटन थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। साथ ही उसने ट्रैक्टर का पता बताने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज के आधार पर चोरों के रूट को ट्रैक किया जा रहा है और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है।

     बढ़ रही चोरी की घटनाएं, किसानों में डर
    इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। किसानों का कहना है कि अगर इस तरह घर के पास खड़े वाहन भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह बड़ी चिंता की बात है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रैक्टर बरामद किया जाएगा।

  • चयन प्रक्रिया पूरी तो विवाद खत्म: ABV-IIITM मामले में जॉइनिंग के बाद जांच पर रोक

    चयन प्रक्रिया पूरी तो विवाद खत्म: ABV-IIITM मामले में जॉइनिंग के बाद जांच पर रोक


    नई दिल्ली। अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार पद की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने साफ कहा है कि जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो और उसे बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की मंजूरी मिल चुकी हो, तब बार-बार जांच के दायरे में लाना न सिर्फ अनुचित है बल्कि कर्मचारी के अधिकारों का उल्लंघन भी है।

     चयन प्रक्रिया पूरी, अब विवाद खत्म
    कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि किसी भी नियुक्ति को वैधानिक प्रक्रिया के तहत अंतिम रूप दिए जाने के बाद उसे अनावश्यक रूप से विवादित नहीं किया जा सकता। यदि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है और सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति मिल चुकी है, तो बाद में तकनीकी आधार पर उसे चुनौती देना न्यायसंगत नहीं है।

    इंटरव्यू आधारित चयन को सही ठहराया
    सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि सहायक रजिस्ट्रार पद के लिए लिखित परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी, जबकि अंतिम चयन इंटरव्यू के आधार पर किया गया। कोर्ट ने इसे नियमों के अनुरूप माना और कहा कि चयन प्रक्रिया में कोई गंभीर खामी सामने नहीं आई।

     किसी अभ्यर्थी ने नहीं दी चुनौती
    अदालत ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि चयन प्रक्रिया के खिलाफ न तो किसी असफल उम्मीदवार ने आपत्ति जताई और न ही पक्षपात या अनियमितता का कोई ठोस प्रमाण पेश किया गया। ऐसे में बार-बार जांच बैठाना उचित नहीं है।

     SBI नौकरी छोड़कर जॉइन किया था पद
    यह मामला संदीप उपाध्याय की नियुक्ति से जुड़ा है, जिन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नौकरी छोड़कर वर्ष 2019 में इस पद को जॉइन किया था। जॉइनिंग के बाद संस्थान में कुछ शिकायतों के आधार पर कई जांच समितियां बनाई गईं, जिन्होंने चयन प्रक्रिया, वेतन सुरक्षा (पे प्रोटेक्शन) और प्रोबेशन अवधि पर सवाल उठाए।

     जांच समितियों की सिफारिशों पर कोर्ट सख्त
    कुछ समितियों ने नियुक्ति रद्द करने तक की सिफारिश की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इन पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि नियुक्ति के बाद इस तरह की बार-बार जांच कर्मचारी के लिए अस्थिरता पैदा करती है और यह न्यायसंगत नहीं है।

     कर्मचारियों के अधिकारों को दी प्राथमिकता
    कोर्ट ने अपने फैसले में यह संदेश भी दिया कि एक बार चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारी को स्थिरता और सुरक्षा मिलनी चाहिए। बार-बार जांच से न सिर्फ संस्थान की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी गिरता है।

  • पिस्टल दिखाकर प्रताड़ना: Gwalior में कारोबारी से गाली दिलवाकर बनाए वीडियो, पुलिस जांच में जुटी

    पिस्टल दिखाकर प्रताड़ना: Gwalior में कारोबारी से गाली दिलवाकर बनाए वीडियो, पुलिस जांच में जुटी


    नई दिल्ली। ग्वालियर में एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के एक प्रॉपर्टी कारोबारी के साथ बदमाशों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि उसे बंधक बनाकर अमानवीय हरकत को अंजाम दिया। पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने पिस्टल अड़ाकर उसके साथ जबरदस्ती की, वीडियो बनाए और 30 लाख रुपए के चेक भी साइन करवा लिए।

     लेन-देन के बहाने बुलाया, फिर बनाया बंधक
    पीड़ित 48 वर्षीय कारोबारी ने बताया कि वह कंस्ट्रक्शन और प्रॉपर्टी का काम करता है। 15 अप्रैल को उसे पुराने परिचित ओमकार सिकरवार ने लेन-देन की बात करने के लिए बुलाया। वह पीतांबरा धर्मकांटा स्थित ऑफिस पहुंचा, जहां पहले से 5-6 लोग मौजूद थे।
    जैसे ही वह अंदर पहुंचा, आरोपियों ने उसे घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए धमकाया कि अब वह जिंदा नहीं जाएगा।

     पिस्टल के दम पर की दरिंदगी, बनाए वीडियो
    पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने पिस्टल अड़ाकर उसके साथ गलत काम किया। इस दौरान एक आरोपी मोबाइल से वीडियो बनाता रहा। इतना ही नहीं, उन्होंने कारोबारी से अपने दुश्मन के खिलाफ गालियां दिलवाकर वीडियो रिकॉर्ड किए और उसके मोबाइल से भेज भी दिए।

     बेटे से मंगवाई चेक बुक, 30 लाख के चेक साइन
    बदमाशों ने कारोबारी को धमकाकर उसके बेटे से चेक बुक मंगवाई। इसके बाद 10-10 लाख रुपए के तीन चेक जबरन साइन कराए गए। एक चेक उसकी पत्नी के अकाउंट से और दो उसके खुद के अकाउंट से जुड़े थे।
    इसके अलावा, आरोपियों ने ऑनलाइन पेमेंट करवाकर शराब भी मंगवाई और पीड़ित के साथ मारपीट जारी रखी।

     3 घंटे तक बनाया बंधक, फिर छोड़ा
    करीब साढ़े तीन घंटे तक कारोबारी को कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसे धमकाया और पीटा गया। बाद में आरोपियों ने उसका वीडियो बनाकर कहलवाया कि उसने चेक अपनी मर्जी से दिए हैं।
    रात करीब 9 बजे उसे छोड़ा गया, जिसके बाद वह सीधे पुलिस के पास पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई।

     पुराने विवाद से जुड़ा मामला, आरोपियों की तलाश जारी
    पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले के पीछे पुराना विवाद सामने आया है। आरोपियों और पीड़ित के बिजनेस पार्टनर के बीच पहले से रंजिश चल रही थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी ओमकार सिकरवार और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है।

     कानून-व्यवस्था पर सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दिनदहाड़े इस तरह की वारदात से लोगों में डर का माहौल है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • DA की मांग पर सड़क पर उतरे BSNL कर्मचारी, सरकार से जल्द फैसले की मांग

    DA की मांग पर सड़क पर उतरे BSNL कर्मचारी, सरकार से जल्द फैसले की मांग


    नई दिल्ली। उज्जैन में मंगलवार को Bharat Sanchar Nigam Limited (बीएसएनएल) के अधिकारी और कर्मचारियों ने महंगाई भत्ते (आईडीए) को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। All Unions and Associations of BSNL (एयूएबी) के बैनर तले देवासगेट स्थित बीएसएनएल कार्यालय के सामने भोजनावकाश के दौरान नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया गया।
    5.2 प्रतिशत आईडीए बढ़ोतरी, फिर भी आदेश लंबित
    एयूएबी के स्थानीय संयोजक मनोज शर्मा ने बताया कि सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए जनवरी 2026 से 3.5% और अप्रैल 2026 से 1.7% औद्योगिक महंगाई भत्ता (IDA) बढ़ाया गया है। इस तरह कुल 5.2% की बढ़ोतरी बनती है, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से इसके आधिकारिक आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
    कर्मचारियों में बढ़ रही नाराजगी
    प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में भत्ते का समय पर भुगतान न होना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द आदेश जारी करने की मांग की, ताकि उन्हें बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ मिल सके।
    बड़ी संख्या में शामिल हुए कर्मचारी
    प्रदर्शन में मनोज शर्मा के अलावा नवीन कारपेंटर, गिरीश राठौर, मदन जुनेजा, हितेश अखंड, आरएस कुशवाह सहित 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
    आगे भी जारी रहेगा आंदोलन
    कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही महंगाई भत्ते के आदेश जारी नहीं किए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। एयूएबी ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हितों के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे।

  • Ujjain हाईवे पर हादसा: कार्मेल स्कूल बस से टकराई बाइक, 3 लोग गंभीर घायल

    Ujjain हाईवे पर हादसा: कार्मेल स्कूल बस से टकराई बाइक, 3 लोग गंभीर घायल


    नई दिल्ली। उज्जैन जिले के घट्टिया क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। National Highway पर स्थित जगोटी फंटा के पास कार्मेल स्कूल बस और एक बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बस में मौजूद सभी स्कूली बच्चे सुरक्षित हैं।
    आगर जा रहे थे बाइक सवार
    प्राप्त जानकारी के अनुसार, उज्जैन के मोहननगर निवासी कैलाश सिंह अपनी पत्नी सीमा बाई और छोटे भाई मांगीलाल के साथ बाइक से आगर की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे जगोटी फंटा के पास पहुंचे, सामने से आ रही स्कूल बस से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक बस के नीचे जा फंसी और तीनों सवार गंभीर रूप से घायल हो गए।
    पुलिसकर्मी ने दिखाई तत्परता
    घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी दीपक यादव ने तुरंत स्थिति संभाली और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने बस के नीचे फंसे घायलों को बाहर निकाला और तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल भिजवाया। समय पर मिली मदद से घायलों की जान बचाई जा सकी।
    बच्चों को नहीं आई कोई चोट
    हादसे के दौरान बस में कई स्कूली बच्चे सवार थे, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई। सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
    जिला अस्पताल रेफर, जांच जारी
    घायलों को पहले घट्टिया के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय उज्जैन रेफर किया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

  • निगम की सख्ती: सिंहस्थ इलाके में अवैध कब्जों पर बुलडोजर, तीन मकानों को खाली करने की मोहलत

    निगम की सख्ती: सिंहस्थ इलाके में अवैध कब्जों पर बुलडोजर, तीन मकानों को खाली करने की मोहलत


    नई दिल्ली। उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। नगर निगम ने सिंहस्थ क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को चार निर्माणाधीन मकानों को तोड़ दिया। वहीं, तीन मकान मालिकों को स्वयं निर्माण हटाने के लिए दो दिन का समय दिया गया है।
    उन्हेल नाके के पास अवैध निर्माण पर कार्रवाई
    नगर निगम के जोन क्रमांक-1 के अंतर्गत सिंहस्थ क्षेत्र में, खासकर उन्हेल नाके के आसपास, कई लोगों द्वारा बिना अनुमति मकान बनाए जा रहे थे। कुछ जगहों पर निर्माण कार्य जारी था, जिसे निगम ने नियमों का उल्लंघन मानते हुए तत्काल कार्रवाई के दायरे में लिया।
    जेसीबी से ढहाए गए निर्माण
    निगम की रिमूवल गैंग पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। जिन मकानों में अभी छत नहीं डाली गई थी, ऐसे चार निर्माणों को पूरी तरह गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।
    20 अवैध निर्माण चिन्हित, कार्रवाई जारी
    नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, सिंहस्थ क्षेत्र में कुल 20 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं। इन सभी पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मेले की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखना आवश्यक है।
    तीन मकान मालिकों को दो दिन की मोहलत
    कार्रवाई के दौरान तीन मकानों में रह रहे लोगों ने घर खाली करने के लिए समय मांगा। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए निगम ने उन्हें दो दिन का समय दिया है। यदि तय समय में निर्माण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन स्वयं कार्रवाई करेगा।
    प्रशासन की अपील
    नगर निगम के अधिकारियों ने साफ कहा है कि सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के लिए क्षेत्र का सुव्यवस्थित और सुरक्षित होना बेहद जरूरी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण न करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • ‘इनकंप्लीट रजिस्ट्रेशन’ वॉटरमार्क हटाने के लिए VC से हुई रजिस्ट्री, Indore में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

    ‘इनकंप्लीट रजिस्ट्रेशन’ वॉटरमार्क हटाने के लिए VC से हुई रजिस्ट्री, Indore में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

    नई दिल्ली। इंदौर में Sampada 2.0 के जरिए रजिस्टर्ड एक सेल डीड में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। मामला सिर्फ एक दस्तावेज तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे रजिस्ट्रेशन सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि पहले से पूर्ण रजिस्टर्ड दस्तावेज को ‘इनकंप्लीट’ दिखाकर दोबारा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से गुजारा गया, जो नियमों के विपरीत हो सकता है।
    क्या है पूरा मामला?
    जानकारी के मुताबिक, 12 दिसंबर 2025 को एक सेल डीड का पंजीयन संपदा 2.0 के माध्यम से विधिवत किया गया था। इस दस्तावेज में खरीदार इंदौर निवासी महिला और विक्रेता दुबई में रहने वाले पक्षकार थे। रजिस्ट्रेशन के दौरान सभी जरूरी औपचारिकताएं स्टाम्प ड्यूटी, फीस भुगतान, पहचान सत्यापन और दस्तावेज परीक्षण पूरी कर ली गई थीं। इसके बाद दस्तावेज को वैध रूप से रजिस्टर्ड मानते हुए रजिस्ट्रेशन नंबर और इंडेक्स भी जारी कर दिया गया।
    लेकिन जब इसकी प्रमाणित कॉपी निकाली गई, तो हर पेज पर “INCOMPLETE REGISTRATION” का वॉटरमार्क दर्ज मिला। यहीं से विवाद शुरू हुआ और शिकायत विभाग तक पहुंची।
    विभाग की सलाह और दूसरी रजिस्ट्री
    शिकायत के बाद संबंधित अधिकारियों ने वॉटरमार्क हटाने में असमर्थता जताते हुए दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने का सुझाव दिया। चूंकि विक्रेता दुबई में थे, इसलिए यह प्रक्रिया आसान नहीं थी। इसके बावजूद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा और आरोप है कि संपदा सिस्टम के जरिए दस्तावेज को दोबारा प्रोसेस में डालकर नया स्लॉट बुक किया गया। इस बार खरीदार ने स्थानीय स्तर पर उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि विक्रेता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रक्रिया पूरी की। बताया जा रहा है कि पहले से पूरी हो चुकी सभी औपचारिकताएं दोबारा कराई गईं सिर्फ वॉटरमार्क हटाने के उद्देश्य से।
    तारीखों के अंतर ने बढ़ाए संदेह
    सबसे बड़ा सवाल दस्तावेज की तारीखों को लेकर उठ रहा है। रजिस्ट्री पर मूल तारीख 12 दिसंबर 2025 अंकित है, जबकि प्रक्रिया 26 फरवरी 2026 की बताई जा रही है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि पहले से पूर्ण दस्तावेज को दोबारा प्रक्रिया में कैसे शामिल किया गया।
    कानूनी जानकारों के अनुसार, Registration Act 1908 के तहत किसी भी रजिस्टर्ड दस्तावेज को बिना अदालत के आदेश के निरस्त या संशोधित नहीं किया जा सकता। ऐसे में यह मामला नियमों के उल्लंघन की आशंका को जन्म देता है।
    शासन तक पहुंचा मामला
    इस पूरे घटनाक्रम को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों मुख्य सचिव, वाणिज्यिक कर विभाग और रजिस्ट्रार कार्यालय को नोटिस भेजा गया है। नोटिस में मांग की गई है कि भविष्य में रजिस्टर्ड दस्तावेज सीधे उच्च स्तर से जारी किए जाएं, ताकि जवाबदेही तय हो सके और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना कम हो।
    विभाग का पक्ष: तकनीकी गड़बड़ी
    वहीं, विभाग की ओर से इसे तकनीकी समस्या बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के दौरान दस्तावेज की स्थिति ‘इनकंप्लीट’ दिखने लगी थी। बाद में दोनों पक्षों की सहमति से नियमानुसार दोबारा प्रक्रिया पूरी कराई गई। उनका दावा है कि पूरी कार्यवाही विधिसम्मत रही और इसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई।
    सिस्टम पर उठे बड़े सवाल
    हालांकि, इस पूरे मामले ने डिजिटल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि तकनीकी कारणों से एक वैध दस्तावेज ‘अपूर्ण’ दिख सकता है, तो इससे आम नागरिकों की संपत्ति संबंधी सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों की निष्पक्ष जांच और सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।

  • ओले-बारिश का असर: मौसम के बदलते मिजाज से ‘कंफ्यूज’ हुए पेड़-पौधे, समय से पहले निकल रहीं पत्तियां

    ओले-बारिश का असर: मौसम के बदलते मिजाज से ‘कंफ्यूज’ हुए पेड़-पौधे, समय से पहले निकल रहीं पत्तियां


    नई दिल्ली। Climate Change का असर अब सिर्फ तापमान या मौसम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रकृति के मूल चक्र को भी प्रभावित करने लगा है। भोपाल और आसपास के इलाकों में हालिया ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने पेड़-पौधों को ‘कंफ्यूज’ कर दिया है। स्थिति यह है कि जिन पेड़ों को इस समय पतझड़ में होना चाहिए था, उनमें नई पत्तियां और कलियां निकलने लगी हैं। विशेषज्ञ इसे प्राकृतिक चक्र के साथ ‘धोखा’ मान रहे हैं, जिसका सीधा असर भविष्य की खाद्य सुरक्षा पर पड़ सकता है।

    समय से पहले पत्तियां, बिगड़ा प्राकृतिक चक्र

    पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों में पाए जाने वाले सागौन जैसे पेड़ गर्मियों में अपने पत्ते गिरा देते हैं। लेकिन इस बार अप्रैल में हुई असामान्य बारिश के कारण उन्हें मानसून जैसा भ्रम हो गया। नतीजतन, पतझड़ के बाद भी उनमें नई पत्तियां निकल आईं। यह बदलाव सामान्य नहीं है और आने वाले समय में पौधों की वृद्धि और उत्पादन पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

    खाद्यान्न उत्पादन पर मंडराया संकट

    विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर यही स्थिति जारी रही, तो सबसे बड़ा खतरा Food Security पर होगा। मौसम के असंतुलन से फसलों का चक्र प्रभावित हो रहा है। फरवरी में अचानक बढ़ी गर्मी के कारण गेहूं समय से पहले पक गया, जिससे दाने पूरी तरह विकसित नहीं हो पाए। वहीं, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे बाजार में कीमतें भी बढ़ने लगी हैं।

    ‘सडन क्लाइमेट चेंज’ से बढ़ी अनिश्चितता

    मौसम में अचानक बदलाव गर्मी में बारिश और सर्दी में गर्मी अब आम होता जा रहा है। वैज्ञानिक इसे ‘सडन क्लाइमेट चेंज’ का परिणाम मानते हैं। इसके पीछे El Niño और La Niña जैसे वैश्विक कारक भी जिम्मेदार माने जाते हैं, जो समुद्री तापमान और हवाओं के जरिए पूरी दुनिया के मौसम को प्रभावित करते हैं। हालांकि, इनके ट्रिगर होने के कारणों पर अभी भी शोध जारी है।

    ग्लोबल वार्मिंग बना सबसे बड़ा खतरा

    Global Warming इस पूरे बदलाव की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। इसके चलते आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों की बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2050 तक कई तटीय शहरों पर डूबने का खतरा मंडरा सकता है। इसका असर भारत के तटीय क्षेत्रों पर भी पड़ेगा, जहां बड़े पैमाने पर पलायन की स्थिति बन सकती है।

    स्वास्थ्य और आयुर्वेद पर भी असर

    मौसम के इस असंतुलन का असर अब स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, हर ऋतु के अनुसार तय उपचार पद्धतियां अब प्रभावित हो रही हैं। मार्च-अप्रैल का ‘संधिकाल’ पहले से ही संवेदनशील माना जाता था, लेकिन अब बदलते मौसम के कारण मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। इम्युनिटी बढ़ाने और शरीर को अनुकूल बनाने के लिए नई उपचार पद्धतियों पर जोर दिया जा रहा है।

    प्रकृति से छेड़छाड़ का परिणाम

    विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़ता प्रदूषण, वनों की कटाई और अनियंत्रित मानवीय गतिविधियां इस असंतुलन की मुख्य वजह हैं। “जो बाहर है, वही अंदर है”—इस सिद्धांत के अनुसार प्रकृति में हो रहे बदलाव सीधे मानव जीवन और स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं।

    बेमौसम बारिश और तापमान बदलाव से पेड़-पौधों का चक्र गड़बड़ा गया है, जिससे फसल उत्पादन और फूड सिक्योरिटी पर बड़ा खतरा पैदा हो रहा है।