Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर में क्राइम की बढ़ती घटनाएं: फरार गैंगस्टर गिरफ्तार, होटल के बाहर युवक का अपहरण, पारिवारिक रंजिश में मारपीट के 4 आरोपी गिरफ्तार

    ग्वालियर में क्राइम की बढ़ती घटनाएं: फरार गैंगस्टर गिरफ्तार, होटल के बाहर युवक का अपहरण, पारिवारिक रंजिश में मारपीट के 4 आरोपी गिरफ्तार


    ग्वालियर । ग्वालियर में क्राइम की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई वारदातों में पुलिस ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए फरार गैंगस्टर और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुरार थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी के लेनदेन को लेकर 5 मार्च को आमोद राणा निवासी बिलारा के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। इस वारदात में विक्रम राणा और उनके साथी गजेंद्र कोली सोनू भदौरिया और कपिल रावत शामिल थे। पुलिस ने घायल युवक को इलाज के लिए भेजने के साथ ही चारों बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू की।

    लगभग 10 दिन की लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने राजस्थान के धौलपुर से गैंगस्टर विक्रम राणा और उसके साथी गजेंद्र कोली उर्फ गड़रा, कपिल रावत और जीतू गुर्जर को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार जीतू गुर्जर के पास से पिस्टल भी बरामद की गई।

    वहीं कोतवाली थाना क्षेत्र के हुजरात चौराहे में पुरानी पारिवारिक रंजिश के चलते मारपीट की घटना सामने आई। युवक अरविंद गुर्जर और उसकी मां के साथ अरोपी आलोक गुर्जर, शत्रु गुर्जर, मोहित गुर्जर और भरत गुर्जर ने मारपीट की। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ है। फरियादी अरविंद गुर्जर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

    इसी बीच थाटीपुर थाना क्षेत्र में होटल के रिसेप्शनिस्ट श्यामु राणा का अपहरण किया गया। अपहरणकर्ताओं ने श्यामू से उसके साडू उप्पे राणा के बारे में पूछताछ की और मारपीट की। बदमाशों ने पीड़ित को मुरार इलाके से लेकर गोविंदपुरी के पास छोड़ दिया। यह घटना गायत्री विहार स्थित बागवान होटल के बाहर हुई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के पास है। पुलिस ने अपहरण और मारपीट के मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों को ट्रैक कर गिरफ्तार किया जा रहा है। वहीं शहर में बढ़ते अपराध की घटनाओं ने आम लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

  • सिंहस्थ-2028 के लिए इंदौर में बनेंगे अस्थायी सैटेलाइट टाउन:उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर से पहले रोका जाएगा

    सिंहस्थ-2028 के लिए इंदौर में बनेंगे अस्थायी सैटेलाइट टाउन:उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर से पहले रोका जाएगा


    नई दिल्ली। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर पुलिस ने भीड़ प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस ने योजना बनाई है कि उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर में प्रवेश से पहले इंदौर में ही रोका जाएगा। इसके लिए शहर के बाहरी क्षेत्रों में अस्थायी सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन और पुलिस के बीच हुई संयुक्त बैठक में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण की रणनीति पर चर्चा की गई।

    इंदौर से सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा आवाजाही इंदौर मार्ग से होने की संभावना है। ऐसे में भीड़ का दबाव कम करने के लिए पहले से व्यवस्था तैयार की जा रही है।

    प्रस्तावित सैटेलाइट टाउन में श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल, भोजन, शौचालय और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थानों से श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से उज्जैन की ओर भेजा जाएगा।

    बाहरी क्षेत्रों में स्थानों का चयन

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहर के बाहरी इलाकों में ऐसे कई स्थानों का चयन किया गया है, जहां अस्थायी सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे। इससे उज्जैन में अचानक भीड़ का दबाव नहीं बढ़ेगा।

    ट्रैफिक प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण

    एडिशनल पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) आर.के. सिंह के अनुसार सिंहस्थ को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

    तीन नए ट्रैफिक थानों का प्रस्ताव

    शहर में फिलहाल एक ही ट्रैफिक थाना है। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए तीन नए ट्रैफिक थानों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है।

    इनमें चंदन नगर क्षेत्र में धार रोड, बाणगंगा में सुपर कॉरिडोर और लसूड़िया में महालक्ष्मी नगर में ट्रैफिक थाना बनाने की योजना है। धार रोड के लिए प्रशासन ने जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

    कई थानों में बल बढ़ाने का प्रस्ताव

    पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने तिलक नगर, राऊ और द्वारकापुरी थानों में अतिरिक्त बल बढ़ाने का प्रस्ताव भी पुलिस मुख्यालय को भेजा है। इसके अलावा ट्रैफिक थानों के लिए भी अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की जाएगी।

    सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए इंदौर पुलिस तैयारियों को लेकर योजना बना रही है।

  • एमपी में हीट अटैक के बीच बारिश की चेतावनी: मार्च में पहली बार मावठा के आसार, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    एमपी में हीट अटैक के बीच बारिश की चेतावनी: मार्च में पहली बार मावठा के आसार, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में हीट अटैक जैसे हालात के बीच मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में कई इलाकों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मार्च के महीने में पहली बार मावठा गिरने की संभावना बन रही है। हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में गर्म हवाओं और तेज धूप का असर भी जारी रहेगा।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय हो रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ट्रफ लाइन के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 17 मार्च के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है जिसके असर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है।

    पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 16 मार्च को छिंदवाड़ा बालाघाट बैतूल पंढुर्ना मंडला सिवनी अनूपपुर और डिंडोरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    इसके बाद 17 मार्च को भी कुछ जिलों में बारिश का असर जारी रह सकता है। इस दिन बालाघाट सिवनी मंडला अनूपपुर और डिंडोरी में बादल गरजने के साथ पानी गिरने के असर हैं। वहीं 18 मार्च को मौसम का असर और बढ़ सकता है। इस दौरान ग्वालियर मुरैना भिंड श्योपुर शहडोल के साथ साथ बालाघाट मंडला डिंडोरी सिवनी अनूपपुर पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं महसूस की गईं। राजधानी भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।

    सबसे ज़्यादा तापमान नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गया जहाँ पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। इसके अलावा खरगोन में तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं शाजापुर सतना सिवनी सागर छिंदवाड़ा खजुराहो खंडवा रतलाम रायसेन मंडला दमोह गुना बैतूल नरसिंहपुर धार उमरिया और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में जहां कुछ जिलों में बारिश और आंधी से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है वहीं कई क्षेत्रों में हीट वेव जैसे हालात बने रहेंगे। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।

  • डॉक्टर भी रह गए दंग: शादी के 2 साल बाद पत्नी में पाया गया XY क्रोमोसोम, पति ने दिखाई मिसाल!

    डॉक्टर भी रह गए दंग: शादी के 2 साल बाद पत्नी में पाया गया XY क्रोमोसोम, पति ने दिखाई मिसाल!



    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में रहने वाले एक डिफेंस अधिकारी और उनकी पत्नी की साल 2023 में हुई अरेंज मैरिज सामान्य और खुशहाल चल रही थी। दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य और खुशहाल था, लेकिन शादी के दो साल बाद भी संतान न होने पर जब दंपती ने इलाज शुरू कराया, तो एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई।

    जांच में पता चला कि महिला के शरीर में सामान्य महिलाओं की तरह XX क्रोमोसोम नहीं, बल्कि पुरुषों वाले XY क्रोमोसोम मौजूद थे। बाहरी रूप से महिला पूरी तरह सामान्य दिखाई देती थीं, लेकिन शरीर के अंदर ओवरी की जगह अविकसित अंडकोष पाए गए। यह जानकारी सुनकर दंपती गहरे सदमे में आ गए।

    इस स्थिति का समाधान कराने के लिए दंपती ने एम्स भोपाल का रुख किया। यहां विशेषज्ञों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने दो चरणों में सर्जरी कर समस्या का समाधान किया। पहले चरण में माइक्रो प्लास्टिक सर्जरी तकनीक का उपयोग करके विकसित छोटे पुरुष अंग को हटाया गया। दूसरे चरण में पेट के अंदर अविकसित अंडकोष को निकाल दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में पति ने पत्नी का पूरा सहयोग किया और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।

    एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि इस स्थिति में दंपती के लिए प्राकृतिक रूप से संतान होना संभव नहीं है। पति ने अपने निर्णय में स्पष्टता दिखाई और कहा कि वे पत्नी के साथ जीवनभर निभाएंगे। भविष्य में दंपती ने बच्चा गोद लेने का विकल्प चुना है।

    एम्स भोपाल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग में इस तरह के मामले हर महीने 10 से 12 मरीजों की सर्जरी होती है। यहां ट्रांसजेंडर क्लीनिक में रोगियों की विस्तृत जांच, सर्जरी और काउंसलिंग की जाती है। डॉक्टरों के अनुसार सही समय पर जांच और सामाजिक समर्थन मिलने से मरीज सम्मानजनक और सामान्य जीवन जी सकते हैं।

    यह घटना न केवल चिकित्सा जगत के लिए अनोखी है, बल्कि यह रिश्तों, समझदारी और संवेदनशीलता का भी प्रेरणादायक उदाहरण है। डिफेंस अधिकारी द्वारा पत्नी का हर परिस्थिति में साथ निभाना दर्शाता है कि सच्चा साथी वही है जो हर कठिन समय में मजबूती और प्रेम के साथ खड़ा रहे।

  • हाईटेक मोड में मिनी मुंबई की पुलिस: इंदौर के हर थाने में तैयार होंगे साइबर एक्सपर्ट, मौके पर ही सुलझेगी फ्रॉड की शिकायत

    हाईटेक मोड में मिनी मुंबई की पुलिस: इंदौर के हर थाने में तैयार होंगे साइबर एक्सपर्ट, मौके पर ही सुलझेगी फ्रॉड की शिकायत


    इंदौर । इंदौर की पुलिस अब तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए हाईटेक रणनीति पर काम कर रही है। मिनी मुंबई के नाम से पहचाने जाने वाले इस शहर में पुलिस कमिश्नरेट ने फैसला लिया है कि अब हर थाने में ऐसे प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जो साइबर फ्रॉड की शिकायत मिलते ही मौके पर ही कार्रवाई कर सकें। इसका उद्देश्य यह है कि पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने या समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें तुरंत राहत मिल सके।

    इसी योजना के तहत पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक विशेष साइबर ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न थानों से करीब 80 पुलिसकर्मियों को बुलाकर आधुनिक तकनीक और साइबर अपराध से निपटने की प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पुलिस कमिश्नर Santosh Kumar Singh के निर्देश पर किया गया, जिनका मानना है कि बदलते तकनीकी दौर में पुलिस को भी लगातार खुद को अपडेट रखना होगा।

    पुलिस कमिश्नरेट की योजना के अनुसार थाना स्तर पर साइबर हेल्प डेस्क को मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी या डिजिटल फ्रॉड होने पर वह सीधे थाने में जाकर शिकायत दर्ज करा सके और तत्काल कार्रवाई शुरू हो सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त Amit Singh और आर.के. सिंह सहित शहर के सभी डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी भी मौजूद रहे।

    प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को यह सिखाया गया कि साइबर अपराध की शिकायत मिलते ही किस तरह त्वरित कार्रवाई की जाए। क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी Rajesh Dandotiya और उनकी तकनीकी टीम ने पुलिसकर्मियों को कई महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसमें 1930 हेल्पलाइन, cybercrime.gov.in पोर्टल, एनसीआरपी सिस्टम, संचार साथी, समन्वय, ई-DAR, निदान और साइबर पुलिस पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन पोर्टल्स के जरिए शिकायत मिलते ही ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है और जरूरत पड़ने पर पीड़ित के बैंक खाते से जुड़े लेन-देन को तुरंत होल्ड भी कराया जा सकता है।

    प्रशिक्षण सत्र में यह भी बताया गया कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि तुरंत कार्रवाई की जाए तो ठगी की रकम को ट्रैक कर उसे वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी वजह से पुलिस अब हर थाने में ऐसे प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती करना चाहती है, जो तकनीकी प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए तत्काल कदम उठा सकें।

    पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने इस दौरान कहा कि आज के डिजिटल दौर में अपराधी भी लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस को उनसे एक कदम आगे रहना होगा। उनका लक्ष्य है कि शहर का हर थाना साइबर अपराधों से निपटने में सक्षम बने और कोई भी पीड़ित व्यक्ति थाने से निराश होकर वापस न लौटे।

    कमिश्नरेट के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। आने वाले समय में इंदौर के प्रत्येक थाने में साइबर मामलों में दक्ष पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, ताकि शहर में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सके।

  • सिंगरौली के गजरा बहरा कोल यार्ड से बढ़ा प्रदूषण, फसलें बर्बाद; दमा खांसी से जूझ रहे ग्रामीण

    सिंगरौली के गजरा बहरा कोल यार्ड से बढ़ा प्रदूषण, फसलें बर्बाद; दमा खांसी से जूझ रहे ग्रामीण


    सिंगरौली । सिंगरौली जिले के गजरा बहरा क्षेत्र में संचालित कोल यार्ड से फैल रहे प्रदूषण ने आसपास के गांवों के लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। कोयले की धूल और लगातार उड़ने वाली डस्ट के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, वहीं ग्रामीण खांसी, दमा और सांस से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कोल यार्ड संचालक की लापरवाही के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

    ग्रामीणों का कहना है कि कोल यार्ड में प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी उपाय नहीं किए जा रहे हैं। न तो नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही धूल को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था की गई है। इसके कारण कोयले की महीन धूल हवा के साथ आसपास के खेतों और घरों तक पहुंच रही है। किसान बताते हैं कि फसलों पर जमी काली धूल से उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है और कई खेतों में फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है।

    प्रदूषण का असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। आसपास के गांवों में रहने वाले लोग सांस से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कई लोगों को लगातार खांसी और दमा की शिकायत हो रही है। बुजुर्गों और बच्चों की स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयले की धूल से वातावरण इतना खराब हो गया है कि घर के भीतर भी सांस लेना मुश्किल हो जाता है।

    सड़क पर उड़ती धूल के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कोल यार्ड से गुजरने वाले ट्रकों की आवाजाही और उड़ती डस्ट की वजह से सड़क पर दृश्यता कम हो जाती है, जिससे आए दिन छोटे बड़े हादसे होते रहते हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

    इस मामले में पर्यावरण विभाग ने कोल यार्ड संचालक पर कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संचालक ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दायर कर दिया है। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण फिलहाल प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

    ग्रामीणों का आरोप है कि अदालत में मामला लंबित होने का हवाला देकर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग जिम्मेदारी से बच रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदूषण के कारण लोगों का स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा है, लेकिन स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

    यह इलाका आदिवासी बहुल क्षेत्र माना जाता है और यहां रहने वाले अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में इलाज की सुविधा भी सीमित है, जिसके कारण बीमारियों से जूझ रहे कई लोग समय पर उपचार नहीं करा पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पर्यावरण विभाग से मांग की है कि कोल यार्ड संचालक को प्रदूषण नियंत्रण के सभी नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए बाध्य किया जाए। साथ ही प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

  • 3 बार ‘तलाक’ बोलकर पत्नी को छोड़ा, दूसरी शादी कर लाया पति: खंडवा में ट्रिपल तलाक केस, पति समेत सास-ससुर पर FIR

    3 बार ‘तलाक’ बोलकर पत्नी को छोड़ा, दूसरी शादी कर लाया पति: खंडवा में ट्रिपल तलाक केस, पति समेत सास-ससुर पर FIR


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के खंडवा में ट्रिपल तलाक कानून से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। एक 31 वर्षीय महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति, सास और ससुर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला का आरोप है कि मामूली विवाद के बाद पति ने तीन बार “तलाक” कहकर उसे मायके छोड़ दिया और बाद में दूसरी शादी कर ली।

    मामला खंडवा के पदमनगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, सिंघाड़ तलाई इलाके में रहने वाली महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसका निकाह मार्च 2021 में उसी मोहल्ले में रहने वाले सलमान से हुआ था। शादी के शुरुआती कुछ महीनों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन करीब छह महीने बाद पति और ससुराल पक्ष का व्यवहार बदलने लगा। महिला का आरोप है कि पति अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और सास-ससुर भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।

    पीड़िता के मुताबिक एक दिन मामूली कहासुनी के बाद पति ने गुस्से में तीन बार “तलाक-तलाक-तलाक” कह दिया और उसे मायके छोड़ आया। इसके बाद वह उसे लेने कभी नहीं आया। महिला का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से वह मायके में ही रह रही है और अब उसे पता चला कि पति ने दूसरी शादी कर ली है और घर में दूसरी पत्नी को ले आया है।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी पति जिला अस्पताल में आउटसोर्स पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करता है। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति सलमान, सास नसरीन और ससुर शेख रफीक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    पुलिस ने आरोपियों पर दहेज प्रताड़ना, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के साथ-साथ मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकार का संरक्षण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई हैं। इस कानून के तहत ट्रिपल तलाक को अपराध माना गया है और दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।

    पदमनगर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़िता ने न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उसे ससुराल पक्ष से काफी प्रताड़ना झेलनी पड़ी और अब उसे इंसाफ चाहिए।

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  • उज्जैन में गैस संकट: रेस्टोरेंट संचालकों ने डीजल लकड़ी भट्टियों का सहारा लिया, 10 दिन की वेटिंग

    उज्जैन में गैस संकट: रेस्टोरेंट संचालकों ने डीजल लकड़ी भट्टियों का सहारा लिया, 10 दिन की वेटिंग


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में रेस्टोरेंट संचालकों और व्यवसायियों के लिए गैस संकट एक बड़ी चुनौती बन गया है। इजराइल और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति के चलते पूरे देश में एलपीजी गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। उज्जैन सहित प्रदेश के कई शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है। इससे रेस्टोरेंट संचालकों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि शहर के लगभग 700 रेस्टोरेंट प्रतिदिन सिलेंडर पर ही निर्भर रहते हैं।

    गैस संकट के कारण रेस्टोरेंट संचालक अब डीजल और लकड़ी की भट्टियों का विकल्प तलाशने लगे हैं। हालांकि फैक्ट्री संचालकों के पास अचानक इतनी डिमांड बढ़ गई कि डिलीवरी में 10 से 15 दिन का समय लग रहा है। ढांचा भवन अवंतीपूरा कोयला फाटक और ढाबा रोड पर स्थित कई फैक्ट्री में डीजल भट्टियां 20–22 हजार रुपये में बन रही हैं जबकि लकड़ी की भट्टियां 60 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक में मिल रही हैं।

    राजेश शर्मा जो ढांचा भवन स्थित डायमंड फैक्ट्री के संचालक हैं ने बताया कि गैस की दिक्कत आने के बाद दो दिन में बड़ी संख्या में लोग डीजल भट्टियों के लिए पूछताछ करने आ रहे हैं। पहले महीने में एक या दो लोग ही आते थे अब रोजाना 10–15 लोग भट्टियों की जानकारी लेने आते हैं। हमारी क्षमता सीमित है इसलिए डिलीवरी में 10 दिन तक का समय लग रहा है उन्होंने कहा।

    रेस्टोरेंट संचालक महावीर जैन ने बताया कि उनके अस्पताल की कैंटीन में प्रतिदिन 6 सिलेंडर लगते हैं। सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने दो ड्रम की भट्टियां और 1.40 हजार रुपये कीमत वाली ब्लोवर वाली भट्टियों की बुकिंग करवाई है। आर्डर के तीन दिन बाद भी हमें भट्टी सप्लाई नहीं हो पा रही है। लेकिन खाना बनाना जरूरी है इसलिए विकल्प अपनाना पड़ रहा है उन्होंने कहा।

    इसी तरह लकड़ी भट्टियों का विकल्प चुनने वालों में लोकेश भाकचंदानी शामिल हैं। उन्होंने कहा एलपीजी मिल नहीं रही लेकिन रेस्टोरेंट बंद नहीं कर सकते। इसलिए जो विकल्प मिलेगा वही करेंगे।

    इसके अलावा शहर में इंडेक्शन कुकर की बिक्री भी बढ़ गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में पहले रोजाना 3–5 इंडेक्शन बिकते थे लेकिन अब 20–25 इंडेक्शन रोजाना बिक रहे हैं। उज्जैन में प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु महाकाल मंदिर दर्शन के लिए आते हैं और उनमें से लगभग एक लाख बाहर से आए लोग विभिन्न रेस्टोरेंट में भोजन करते हैं। इस वजह से गैस की किल्लत का असर पूरे शहर के रेस्टोरेंट व्यवसाय पर पड़ा है।

    प्रदेश में एलपीजी गैस की ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी सही ढंग से काम नहीं कर रही है। कई जगह वेटिंग 7–8 दिन तक पहुंच गई है और कई बार बुकिंग के बावजूद सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। इससे उपभोक्ता और व्यवसाय दोनों ही परेशान हैं।

  • सीएम डॉ. मोहन यादव के बैतूल-कटनी दौरे, भोपाल में गैस कालाबाजारी पर पुलिस कार्रवाई और TET परीक्षा को लेकर शिक्षक आंदोलन का उबाल

    सीएम डॉ. मोहन यादव के बैतूल-कटनी दौरे, भोपाल में गैस कालाबाजारी पर पुलिस कार्रवाई और TET परीक्षा को लेकर शिक्षक आंदोलन का उबाल


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव आज यानी 14 मार्च को बैतूल और कटनी जिलों के दौरे पर रहेंगे। उनका कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुजालपुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल होने से शुरू होगा जिसमें वे नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री भोपाल से बैतूल के लिए रवाना होंगे। बैतूल आरंभ वे सबसे पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निवास पर जाएंगे।
    दोपहर 1:15 बजे सीएम बैतूल से कटनी जिले के बरही क्षेत्र में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। इस दौरान वे किसानों को संबोधित करेंगे और उनकी समस्याओं पर चर्चा करेंगे। शाम 5:40 बजे बरही से जबलपुर के लिए रवाना होने के बाद डुमना एयरपोर्ट से 6:30 बजे तक भोपाल पहुंचने का कार्यक्रम है।

    इसी बीच राजधानी भोपाल में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। थाना कोलार रोड पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक पिकअप वाहन को रोककर जांच की जिसमें इंडेन कंपनी के कुल 25 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद हुए। यह सिलेंडर घरेलू उपयोग के लिए आरक्षित थे लेकिन इन्हें काले बाजार में बेचने के इरादे से ले जाया जा रहा था। पुलिस ने वाहन और सिलेंडर दोनों जब्त कर पूरे मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है।

    इसी समय प्रदेशभर में शिक्षक समाज में TET परीक्षा को लेकर उबाल देखा जा रहा है। शिक्षकों ने कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपे हैं जबकि सुसनेर के पूर्व बीजेपी विधायक मुरलीधर पाटीदार ने मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को पत्र लिखा लिखकर TET परीक्षा के आदेश तत्काल निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा कि 25 साल से अधिक अनुभव रखने वाले संविदा शिक्षकों ने शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    पूर्व विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि TET परीक्षा के आदेश निरस्त नहीं किए गए और शिक्षकों के उचित वातावरण और सुरक्षा के लिए कदम नहीं उठाए गए तो शिक्षक समाज उग्र आंदोलन की ओर बढ़ सकता है। उनका कहना है कि शिक्षक समाज का पूरा समर्थन उनके आंदोलन के साथ रहेगा और जरूरत पड़ने पर शिक्षा के अधिकार अधिनियम में संशोधन की भी मांग की जाएगी।

    राज्य प्रशासन के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है क्योंकि एक तरफ मुख्यमंत्री के दौरे और कार्यक्रम हैं वहीं दूसरी ओर शिक्षक आंदोलन और गैस कालाबाजारी जैसे मुद्दे समाज में असंतोष बढ़ा रहे हैं। प्रशासन के लिए इन सभी घटनाओं को संतुलित ढंग से संभालना एक बड़ी जिम्मेदारी साबित हो सकती है।

  • भोपाल में सनसनी: हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर फायरिंग, घायल का पीछा करते पहुंचे बदमाश

    भोपाल में सनसनी: हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर फायरिंग, घायल का पीछा करते पहुंचे बदमाश


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपराधियों के बढ़ते हौसलों का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालहमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी गेट के पास बदमाशों ने फायरिंग कर सनसनी फैला दी। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपी ने पहले एक बदमाश के घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और जब घायल को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया तो उसका पीछा करते हुए यहां भी फायरिंग कर दी।

    जानकारी के अनुसार अशोका गार्डन इलाके में रहने वाले पुराने बदमाश लल्लू रईस के घर पर शनिवार को अचानक बदमाशों ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी शादाब अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और घर में घुसकर करीब 8 से 9 राउंड फायरिंग कर दी। इस हमले में लल्लू रईस का बेटा इमरान गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली उसके पैर में लगी जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा।

    फायरिंग की घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई। परिजन और आसपास के लोग तुरंत घायल इमरान को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि हमलावर बदमाशों ने घायल का पीछा करते हुए अस्पताल तक पहुंचकर इमरजेंसी गेट के पास फिर से फायरिंग कर दी। अस्पताल परिसर में गोली चलने की खबर फैलते ही वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अस्पताल के बाहर अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी जिससे कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। अस्पताल परिसर में मौजूद सुरक्षा कर्मियों और लोगों ने तत्काल स्थिति को संभालने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आसपास के इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी और लल्लू रईस के बीच पहले से विवाद चल रहा था जिसके चलते यह हमला किया गया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

    घायल इमरान का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल परिसर में फायरिंग जैसी गंभीर घटना को लेकर सख्ती से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

    राजधानी भोपाल के बीचोंबीच अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के सबसे बड़े अस्पताल में इस तरह खुलेआम फायरिंग की घटना से लोगों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।