Category: Madhya Pradesh

  • कोतवाली पुलिस का एक्शन: स्मैक के साथ आरोपी दबोचा, पुराना अपराधी भी निकला तस्कर

    कोतवाली पुलिस का एक्शन: स्मैक के साथ आरोपी दबोचा, पुराना अपराधी भी निकला तस्कर


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में स्मैक और एक स्विफ्ट कार जब्त की है, जिसकी कुल कीमत लाखों रुपये आंकी गई है।

    जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि मेडिकल कॉलेज शिवपुरी के सामने कच्चे रास्ते पर एक युवक स्मैक बेचने की फिराक में खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां एक व्यक्ति बिना नंबर की स्विफ्ट कार के पास संदिग्ध हालत में खड़ा मिला। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।

    तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 33.87 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने स्विफ्ट कार भी जब्त कर ली, जिससे बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 14 लाख रुपये आंकी गई है।

    आरोपी की पहचान हफीज पुत्र रफीक मोहम्मद (38 वर्ष) निवासी हिम्मतगढ़, थाना पनिहार, जिला ग्वालियर के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वर्तमान में ग्वालियर के गोल पहाड़िया क्षेत्र में रह रहा था।

    कोतवाली थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और न्यायालय में पेश किया गया है।

    पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी पहले भी स्मैक तस्करी के मामलों में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। उसके खिलाफ मारपीट का भी एक मामला दर्ज है। इस वजह से पुलिस इसे आदतन अपराधी मानकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

    फिलहाल पुलिस आरोपी से उसके सप्लायर और पूरे नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ कर रही है, ताकि नशे के इस रैकेट की जड़ तक पहुंचा जा सके

  • ‘छोटी सर्जरी’ बनी जिंदगी का संकट: ऑपरेशन के बाद कोमा में इंजीनियर, अस्पताल पर गंभीर सवाल

    ‘छोटी सर्जरी’ बनी जिंदगी का संकट: ऑपरेशन के बाद कोमा में इंजीनियर, अस्पताल पर गंभीर सवाल


    मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से एक गंभीर मेडिकल मामला सामने आया है, जहां एक मामूली चोट के इलाज के दौरान 36 वर्षीय सिविल इंजीनियर विवेक तिरपुड़े कोमा में चले गए। घटना के बाद परिवार ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के ड्रग एडिक्ट होने का दावा किया है।

    जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी को स्कूटी स्लिप होने के बाद विवेक को हाथ की उंगली में चोट आई थी। स्थानीय अस्पताल में जांच के बाद उनके हाथ की एक हड्डी में फ्रैक्चर पाया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने प्लास्टर कर दिया। परिजनों के मुताबिक, इसके बाद डॉक्टरों ने तेजी से रिकवरी के लिए एक छोटी सर्जरी की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया में कोई जोखिम नहीं है।

    परिवार का आरोप है कि सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी हुई, जिसके चलते सांस की नली की ट्यूब गलत स्थान पर चली गई और ब्रेन तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई। इसी घटना के बाद मरीज की हालत बिगड़ती गई और वह कोमा में चले गए। पिछले लगभग 100 दिनों से विवेक बेहोशी की हालत में हैं।

    परिजन लगातार अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भटक रहे हैं और अब तक इलाज पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें शुरुआत में बताया गया था कि यह एक सामान्य और सुरक्षित प्रक्रिया है, लेकिन परिणाम बेहद गंभीर निकले।

    पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल में इमरजेंसी सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी थी, जिसके बावजूद सर्जरी की गई। मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है और मेडिकल काउंसिल भी जांच कर रही है।

    वहीं अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। डायरेक्टर का कहना है कि मरीज ड्रग एडिक्ट था और शराब का सेवन करता था, जिसके कारण एनेस्थीसिया का असर सही तरह से नहीं हुआ। अस्पताल ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है।

    इस मामले में डॉक्टरों की अलग-अलग सफाई भी सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि सर्जरी शुरू होने से पहले ही मरीज की स्थिति बिगड़ गई थी।

    फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और मेडिकल लापरवाही के आरोपों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजन न्याय और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।

  • ट्विशा केस में बड़ा अपडेट: पति और सास 5 दिन CBI रिमांड पर, आमने-सामने पूछताछ होगी

    ट्विशा केस में बड़ा अपडेट: पति और सास 5 दिन CBI रिमांड पर, आमने-सामने पूछताछ होगी


    भोपाल । एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच अब एक नए और अहम चरण में पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को इस केस में आरोपी पति समर्थ सिंह और सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया, जहां दोनों को 5-5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

    कोर्ट में पेशी के दौरान सीबीआई ने दोनों आरोपियों की रिमांड की मांग की, जिसे स्पेशल कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले समर्थ सिंह पहले से ही सीबीआई रिमांड पर था, जिसकी अवधि समाप्त होने के बाद उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया गया।

    जांच एजेंसी अब इस मामले में गहन पूछताछ की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, रिमांड अवधि के दौरान सीबीआई दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी, ताकि बयानों में मौजूद विरोधाभास सामने लाए जा सकें। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि समर्थ सिंह ने फरारी के दौरान कहां समय बिताया और किन लोगों से संपर्क में रहा।

    सीबीआई इस केस में तकनीकी और डिजिटल जांच को भी अहम हथियार बना रही है। एजेंसी कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल टावर लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और इंटरनेट गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना की रात किन लोगों से संपर्क हुआ और बाद में घटनास्थल पर कोई बदलाव तो नहीं किया गया।

    सबसे महत्वपूर्ण कदम के रूप में सीबीआई अब “वर्चुअल रीक्रिएशन” तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। इसके तहत ट्विशा शर्मा के आखिरी घंटों का डिजिटल अवतार तैयार किया जा रहा है। तीन मंजिला मकान की फॉरेंसिक मैपिंग, मोबाइल डेटा और सीसीटीवी टाइमस्टैंप को जोड़कर यह समझने की कोशिश हो रही है कि वह उस समय घर में कहां मौजूद थीं और किस समय क्या गतिविधि हुई।

    जांच एजेंसी “टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन” तकनीक के जरिए पूरे घटनाक्रम का मिनट-टू-मिनट वर्चुअल वॉकथ्रू तैयार कर रही है, जिससे हर गतिविधि को क्रमवार समझा जा सके।

    फिलहाल सीबीआई की यह कार्रवाई केस को निर्णायक मोड़ पर ले जाती दिख रही है, और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।

  • जबलपुर में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, किसान पर जानलेवा हमला; गिरफ्तारी की मांग तेज

    जबलपुर में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, किसान पर जानलेवा हमला; गिरफ्तारी की मांग तेज

    जबलपुर । जबलपुर जिले के बेलखेड़ा थाना क्षेत्र के मातनपुर गांव में जमीन विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। यहां एक किसान पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है, जबकि पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

    जानकारी के अनुसार, किसान भगवान सिंह ने गांव के ही एक व्यक्ति से लगभग डेढ़ एकड़ जमीन खरीदी थी। इसी जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि गांव के कुछ दबंग इस जमीन को खुद खरीदना चाहते थे, और बिक्री के बाद से ही वे पीड़ित किसान से रंजिश रखने लगे।

    घटना 25 मई की बताई जा रही है, जब भगवान सिंह ट्रैक्टर से खेत से लौट रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने रास्ते में उन्हें रोक लिया और बातचीत के बहाने खड़ा रखा। इसी बीच अन्य आरोपियों ने वहां पहुंचकर लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया। परिजनों का आरोप है कि हमला इतना गंभीर था कि किसान बेहोश होकर गिर पड़े और आरोपी तब तक मारपीट करते रहे।

    हमले के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल को पहले बेलखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र और फिर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों ने उनके सिर में 20 टांके लगाए। इलाज के बाद उन्हें 28 मई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

    परिवार का आरोप है कि हमले के बाद भी दबंग लगातार धमकियां दे रहे हैं और खुलेआम गांव में घूम रहे हैं। इससे पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है और उन्होंने खेत जाना भी बंद कर दिया है।

    पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनके खेत में तोड़फोड़ की और फसल व संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। परिवार का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई भी संतोषजनक नहीं रही। आरोप है कि पुलिस गांव पहुंची लेकिन बिना किसी ठोस कदम के वापस लौट गई।

    इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने गुरुवार को एएसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की है।

    वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

    फिलहाल गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।

  • पुणे पोर्श कांड पर फिर बवाल: आरोपियों की पार्टी का वीडियो वायरल, पीड़ित परिवार में आक्रोश

    पुणे पोर्श कांड पर फिर बवाल: आरोपियों की पार्टी का वीडियो वायरल, पीड़ित परिवार में आक्रोश


     महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुए चर्चित पोर्श कार हादसे को लेकर एक बार फिर माहौल गर्म हो गया है। यह मामला मई 2024 का है, जब कल्याणी नगर इलाके में एक तेज रफ्तार लग्जरी पोर्श कार ने दो आईटी इंजीनियरों को टक्कर मार दी थी। इस दर्दनाक हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिससे पूरे देश में गुस्सा और आक्रोश फैल गया था।

    अब इस मामले में नया विवाद उस समय खड़ा हो गया जब आरोपी नाबालिग के परिवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में परिवार को कथित रूप से जश्न मनाते और डांस करते हुए देखा जा रहा है। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, पीड़ित परिवार ने इसे बेहद असंवेदनशील और पीड़ा को बढ़ाने वाला कदम बताया।

    मृतकों में शामिल जबलपुर निवासी इंजीनियर अश्विनी कोष्टा के पिता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार के नाबालिग बेटे की लापरवाही से दो लोगों की जान गई, उसी परिवार का इस तरह जश्न मनाना बेहद दुखद और अस्वीकार्य है। उनके अनुसार यह व्यवहार पीड़ित परिवारों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।

    उन्होंने आगे कहा कि आरोपी परिवार में न तो संवेदनशीलता बची है और न ही सामाजिक जिम्मेदारी का भाव दिखाई देता है। पिता ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं न्याय व्यवस्था और पीड़ित परिवारों की भावनाओं दोनों का अपमान करती हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि आरोपी को दी गई जमानत पर पुनर्विचार किया जाए और मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

    वहीं दूसरी ओर, आरोपी परिवार ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वायरल वीडियो हाल का नहीं है। परिवार का दावा है कि यह वीडियो 2 सितंबर 2023 का है, जब उनकी शादी की सालगिरह गोवा के एक होटल में मनाई गई थी। परिवार ने आरोप लगाया कि वीडियो को गलत संदर्भ में पेश कर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है।

    आरोपी पक्ष ने यह भी कहा है कि यह एक निजी वीडियो है और इसे बिना अनुमति के वायरल किया गया है। उन्होंने वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

    फिलहाल यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है और सोशल मीडिया पर लोग दो हिस्सों में बंटे नजर आ रहे हैंएक पक्ष इसे पीड़ित परिवार के प्रति असंवेदनशीलता बता रहा है, जबकि दूसरा इसे पुराना वीडियो बताकर गलत प्रचार का मामला मान रहा है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पुणे पोर्श हादसे को सुर्खियों में ला दिया है और न्याय प्रक्रिया को लेकर बहस तेज कर दी है।

  • उज्जैन महाकाल भस्म आरती: पंचामृत स्नान के बाद बाबा महाकाल का राजा स्वरूप श्रृंगार

    उज्जैन महाकाल भस्म आरती: पंचामृत स्नान के बाद बाबा महाकाल का राजा स्वरूप श्रृंगार


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती का दिव्य और भव्य आयोजन संपन्न हुआ। भोर के समय जैसे ही मंदिर के कपाट खोले गए, पूरे परिसर में मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो गया।

    आरती की शुरुआत परंपरागत विधि से हुई, जिसमें सबसे पहले सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्तिवाचन कर भगवान से अनुमति ली गई। इसके बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए और गर्भगृह में प्रवेश कर पुजारियों ने भगवान महाकाल का विधिवत श्रृंगार उतारा।

    इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और नंदी हॉल में नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन संपन्न हुआ। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया। पूरे पूजन के दौरान मंत्रोच्चार की गूंज वातावरण को और भी पवित्र बना रही थी।

    पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल को भांग, चंदन, ड्रायफ्रूट और भस्म अर्पित की गई। इसके साथ ही उन्हें रजत चंद्र, त्रिशूल मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला पहनाकर भव्य श्रृंगार किया गया। सुगंधित फूलों की मालाओं से भगवान का अलौकिक श्रृंगार किया गया, जिससे उनका स्वरूप अत्यंत दिव्य प्रतीत हो रहा था।

    इसके बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और “हर हर महादेव” के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

    मान्यता है कि भस्म आरती के समय भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। इस पावन अवसर पर महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भी विशेष रूप से भस्म अर्पित की गई।

    भस्म आरती के इस दिव्य आयोजन ने एक बार फिर उज्जैन को आध्यात्मिक ऊर्जा और शिवभक्ति के केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया।

  • उज्जैन के विक्रमनगर में जलसंकट से हाहाकार: 400 परिवारों की जिंदगी टैंकर के पानी पर टिकी

    उज्जैन के विक्रमनगर में जलसंकट से हाहाकार: 400 परिवारों की जिंदगी टैंकर के पानी पर टिकी


    उज्जैन । उज्जैन के विक्रमनगर क्षेत्र की गांधीनगर और आसपास की कॉलोनियों में भीषण जलसंकट ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। यहां करीब 400 परिवार पिछले कई वर्षों से नियमित जल आपूर्ति और नल कनेक्शन की उम्मीद में हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।

    गर्मी बढ़ने के साथ पानी की समस्या और गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पूरी तरह पीएचई विभाग के टैंकरों पर निर्भर हैं, जो भी दो से तीन दिन में एक बार ही पहुंचते हैं। ऐसे में पानी आने का इंतजार ही लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है।

    जैसे ही पानी का टैंकर मोहल्ले में पहुंचता है, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे अपने घरों से ड्रम, बाल्टी और पाइप लेकर दौड़ पड़ते हैं। कई लोग चलते हुए टैंकर से ही पाइप लगाकर पानी खींचने की कोशिश करते हैं, तो कुछ टैंकर के ऊपर चढ़कर पानी भरते नजर आते हैं। इस दौरान धक्का-मुक्की और बहस आम बात हो गई है।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी की कमी इतनी गंभीर है कि कई परिवारों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज क्षेत्रों से इंतजाम करना पड़ता है। नहाने और घरेलू उपयोग के लिए अलग से व्यवस्था करनी पड़ती है। पड़ोसियों से भी मदद मिलना मुश्किल हो गया है क्योंकि हर घर में पानी की कमी है।

    एक निवासी सीमा परमार ने बताया कि यह समस्या वर्षों पुरानी है और आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा कि कई बार लोग कामकाज छोड़कर केवल पानी का इंतजार करते हैं, लेकिन टैंकर का कोई निश्चित समय नहीं होता।

    वहीं रेखा नामक एक अन्य निवासी ने बताया कि टैंकर कभी शाम को आता है तो कभी देर रात, जिससे पूरी दिनचर्या प्रभावित हो जाती है। कई बार घंटों इंतजार के बाद भी पानी पर्याप्त नहीं मिल पाता, जिससे परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में स्थायी नल जल योजना लागू की जाए, ताकि हर घर तक नियमित और पर्याप्त पानी पहुंच सके। फिलहाल स्थिति यह है कि पानी की हर बूंद के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है, और रोजमर्रा की जिंदगी एक जंग जैसी बन गई है।

  • उज्जैन महाकाल मंदिर में अनोखी सगाई, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

    उज्जैन महाकाल मंदिर में अनोखी सगाई, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल


    उज्जैन । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह पूजा या दर्शन नहीं बल्कि एक वायरल वीडियो है। दिल्ली के दो श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में सगाई की रस्म निभाते हुए वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    वीडियो में पुलकित मल्होत्रा और गिन्नी खंडूजा नाम के युवक-युवती मंदिर परिसर में एक-दूसरे का हाथ पकड़कर प्रवेश करते दिखाई देते हैं। इसके बाद गणेश मंडपम के पास दोनों एक-दूसरे को रिंग पहनाकर सगाई की रस्म पूरी करते हैं। इस पूरे घटनाक्रम को वीडियो में रिकॉर्ड कर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया, जिसमें कैप्शन लिखा गया— “जब महाकाल राजी तो क्या करेगा काजी।”

    जानकारी के अनुसार, दोनों ने मंदिर में प्रवेश प्रोटोकॉल मार्ग से किया था और उन्हें पुजारी के माध्यम से एंट्री मिली थी। वीडियो में यह भी देखा गया कि वे दर्शन के दौरान लगातार कैमरे में रिकॉर्डिंग कर रहे थे, जबकि मंदिर परिसर में मोबाइल से वीडियो बनाना प्रतिबंधित है।

    वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर प्रशासन हरकत में आया और तुरंत जांच शुरू की गई। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक ने वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाने की कार्रवाई कराई। साथ ही यह भी पता लगाया गया कि उन्हें प्रवेश कैसे मिला और किसकी अनुमति से यह गतिविधि मंदिर परिसर में हुई।

    प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कपल को मंदिर में प्रोटोकॉल के जरिए प्रवेश दिलाया गया था। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में पुजारी की भूमिका भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है। मंदिर प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों और प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल एंट्री सिस्टम पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और 24 घंटे के भीतर लाखों लाइक्स और व्यूज प्राप्त कर चुका है।

    फिलहाल मंदिर प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही यह भी विचार किया जा रहा है कि संबंधित व्यक्तियों पर भविष्य में मंदिर प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए।

    यह मामला एक बार फिर इस बहस को जन्म दे रहा है कि धार्मिक स्थलों पर सोशल मीडिया कंटेंट बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को कैसे नियंत्रित किया जाए।

  • इंदौर सड़क चौड़ीकरण में दर्दनाक हादसा: डॉक्टर के सिर पर गिरा खंभा, ब्रेन सर्जरी के बाद घर पर लगाया तंज भरा बैनर

    इंदौर सड़क चौड़ीकरण में दर्दनाक हादसा: डॉक्टर के सिर पर गिरा खंभा, ब्रेन सर्जरी के बाद घर पर लगाया तंज भरा बैनर


    इंदौर । इंदौर के छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए चल रही नगर निगम की कार्रवाई एक दर्दनाक हादसे में बदल गई, जहां एक होम्योपैथिक डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें ब्रेन सर्जरी तक करानी पड़ी।

    घटना 22 मई की बताई जा रही है, जब नगर निगम की टीम भारी मशीनों और पुलिस बल के साथ क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इसी दौरान बिजली के तार जेसीबी मशीन में उलझ गए। उन्हें हटाने के प्रयास में मशीन ऑपरेटर ने जोर लगाया, जिससे एक बिजली का खंभा उखड़ गया और सीधे डॉक्टर कपिल दीक्षित के सिर पर गिर पड़ा। हादसे में वे मौके पर ही बेहोश हो गए और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया।

    डॉक्टर के अनुसार, उनके सिर में गंभीर चोट आई और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि तुरंत ब्रेन सर्जरी करनी पड़ी। कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद 27 मई को उन्हें डिस्चार्ज किया गया। इस पूरी घटना ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

    डिस्चार्ज के बाद जब डॉक्टर अपने घर लौटे तो उन्होंने अपने मकान के बाहर एक बैनर लगाया, जिस पर लिखा था— “जीवित छोड़ देने के लिए नगर निगम और प्रशासन का धन्यवाद!” यह बैनर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

    डॉक्टर ने बताया कि कार्रवाई के दौरान भारी मशीनें मकानों के बेहद करीब चलाई जा रही थीं। इसी दौरान अचानक की गई कार्रवाई में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। उनका आरोप है कि पहले चरणबद्ध तरीके से हटाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में 24 घंटे का नोटिस देकर अचानक कार्रवाई शुरू कर दी गई।

    परिवार का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उनके घर की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं और घरेलू सामान नीचे गिर गया। यदि उनके बुजुर्ग पिता उस समय कमरे में होते तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।

    वहीं, नगर निगम की ओर से छावनी क्षेत्र में करीब 124 मकानों के बाधक हिस्सों को हटाया गया था। कार्रवाई में भारी पुलिस बल और कई जेसीबी-पोकलेन मशीनें शामिल थीं।

    इस घटना ने नगर निगम की कार्रवाई की प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और जल्दबाजी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन सुरक्षा को नजरअंदाज करके किया गया कोई भी कदम जानलेवा साबित हो सकता है।

  • इंदौर में शिकायत के बाद परिवार पर हमला, CCTV में कैद हुई पूरी घटना

    इंदौर में शिकायत के बाद परिवार पर हमला, CCTV में कैद हुई पूरी घटना


    इंदौर । इंदौर में एरोड्रम थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नाबालिग लड़की को अश्लील मैसेज भेजने के विवाद ने गंभीर हिंसा का रूप ले लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत करने के बाद उन्हें न्याय मिलने के बजाय मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ा।

    मामले की शुरुआत 23 मई को हुई बताई जा रही है, जब अंबिकापुरी निवासी एक महिला की नाबालिग बेटी को विश्व प्रताप सिंह ठाकुर द्वारा मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजे गए। इस घटना के बाद पीड़ित महिला अपने पति और बेटे के साथ आरोपी के घर बात करने पहुंची थी।

    परिजनों के अनुसार, बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपी पक्ष आक्रामक हो गया। आरोप है कि आरोपी विश्व प्रताप के साथ उसके परिजन भी मौके पर आ गए और बिना किसी बात को सुने मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान लकड़ी, स्टंप और लात-घूंसों से हमला किया गया, जिसमें महिला और उनकी नाबालिग बेटी भी घायल हो गईं। महिला का कहना है कि मारपीट के दौरान वह बेहोश हो गई थीं।

    घटना के बाद परिवार ने 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया, जिसके बाद घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीर धाराओं में दर्ज करने के बजाय केवल सामान्य मारपीट की धाराओं में FIR दर्ज की है।

    महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली है और राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के चलते पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की। पीड़ित परिवार ने इस मामले में डीसीपी से भी मुलाकात की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    इधर, घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो में मारपीट की पुष्टि होने के बाद भी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और पुलिस से पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पा रही है।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन यह मामला अब केवल मारपीट का नहीं बल्कि पुलिस कार्रवाई और सिस्टम की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।