Category: Madhya Pradesh

  • एमपी के सबसे अमीर IAS अफसर का खुलासा: 19.5 करोड़ संपत्ति के साथ मनु श्रीवास्तव टॉप पर, 100 अफसरों के पास न मकान न प्लॉट

    एमपी के सबसे अमीर IAS अफसर का खुलासा: 19.5 करोड़ संपत्ति के साथ मनु श्रीवास्तव टॉप पर, 100 अफसरों के पास न मकान न प्लॉट

    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारियों की संपत्ति से जुड़ा एक दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। केंद्र सरकार को दी गई जानकारी के अनुसार राज्य के कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के पास करोड़ों की संपत्ति है, जबकि करीब 100 अधिकारी ऐसे भी हैं जिनके पास न खुद का मकान है और न ही कोई प्लॉट। इस सूची में सबसे ज्यादा संपत्ति रखने वाले अधिकारी के रूप में मनु श्रीवास्तव का नाम सामने आया है।

    केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण मंत्रालय को दी गई संपत्ति की जानकारी के अनुसार अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव के पास करीब 19.5 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है, जो मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारियों में सबसे अधिक है। वहीं कलेक्टर स्तर के अधिकारियों में विवेक श्रोत्रिय सबसे आगे हैं। उनकी घोषित संपत्ति करीब 6.2 करोड़ रुपये बताई गई है।

    दरअसल केंद्र सरकार के निर्देश पर सभी आईएएस अधिकारियों को हर वर्ष अपनी चल और अचल संपत्तियों का विवरण देना होता है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश कैडर के अधिकारियों ने 31 दिसंबर 2024 तक की स्थिति में अपनी संपत्ति का विवरण केंद्र को सौंपा है। इस सूची में कुल 388 आईएएस अधिकारियों ने अपनी प्रॉपर्टी की जानकारी दी है, जिनमें से चार अधिकारी अब रिटायर हो चुके हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 231 आईएएस अधिकारियों के पास खेती की जमीन भी है। हालांकि इस सूची का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि करीब 100 अधिकारी ऐसे हैं जिनके पास न खुद का मकान है और न ही कोई प्लॉट दर्ज है। यह आंकड़ा इसलिए भी ध्यान खींचता है क्योंकि आमतौर पर यह माना जाता है कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के पास पर्याप्त संपत्ति होती है।

    संपत्ति के मामले में दूसरे स्थान पर टी प्रतीक राव का नाम सामने आया है, जिनके पास घोषित संपत्ति करीब 10.5 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं प्रताप नारायण यादव लगभग 10.2 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सूची में तीसरे स्थान पर हैं।इसके अलावा अनिरुद्ध मुखर्जी के पास करीब 8.71 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है। वहीं अंजलि रमेश के पास लगभग 7.35 करोड़ रुपये और ज्ञानेश्वर पाटिल के पास करीब 7.10 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई गई है।

    इसके अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में अनुराग जैन की घोषित संपत्ति लगभग 4.14 करोड़ रुपये है, जबकि नीरज मंडलोई के पास करीब 4.97 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज की गई है। वहीं राजेश राजोरा की संपत्ति करीब 1.73 करोड़ रुपये बताई गई है। सरकारी नियमों के तहत आईएएस अधिकारियों को अपनी संपत्ति का विवरण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर साल देना अनिवार्य होता है। यह प्रक्रिया प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जाती है।

    मध्यप्रदेश के आईएएस अधिकारियों की संपत्ति से जुड़ा यह डाटा सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। यह आंकड़े एक ओर जहां अधिकारियों की आर्थिक स्थिति की झलक देते हैं, वहीं यह भी बताते हैं कि कई अधिकारी अभी भी व्यक्तिगत संपत्ति के मामले में अपेक्षाकृत सीमित संसाधनों के साथ सेवा दे रहे हैं।

  • इंदौर की सनातन प्रीमियर लीग में पहुंचे BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, बोले गांव के बच्चों से ही निकलेगा भारत का भविष्य

    इंदौर की सनातन प्रीमियर लीग में पहुंचे BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, बोले गांव के बच्चों से ही निकलेगा भारत का भविष्य


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित सनातन प्रीमियर लीग इन दिनों खेल और सियासी हलकों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस लीग में शामिल होने पहुंचे राजीव शुक्ला ने मंच से इस आयोजन की खुलकर सराहना की और कहा कि जो भी क्रिकेट को बढ़ावा देता है वह देश के भविष्य को मजबूत करने का काम करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से गांव और छोटे कस्बों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर मिलता है।

    कार्यक्रम के दौरान राजीव शुक्ला ने कहा कि सनातन प्रीमियर लीग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें गांवों के बच्चे बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सही मंच और अवसर मिलते हैं तो वही खिलाड़ी आगे चलकर राज्य टीम रणजी ट्रॉफी और राष्ट्रीय टीम तक पहुंच सकते हैं। उनके मुताबिक क्रिकेट का असली टैलेंट अक्सर बड़े शहरों के बाहर छोटे कस्बों और गांवों में छिपा होता है जिसे पहचानने और आगे बढ़ाने के लिए इस तरह की लीग बेहद जरूरी हैं।

    राजीव शुक्ला ने कहा कि देश में क्रिकेट को और मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ाना बेहद जरूरी है। यदि गांव गांव में खेल प्रतियोगिताएं और लीग आयोजित होंगी तो युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और देश को नए खिलाड़ी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी ऐसे हैं जो संसाधनों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते लेकिन स्थानीय स्तर की लीग उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देती हैं।

    इस मौके पर उन्होंने आयोजनकर्ता संत देवकीनंदन ठाकुर की भी सराहना की और कहा कि उनके प्रयास से युवाओं को खेल से जुड़ने का बड़ा अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गर्व की बात है कि साधु संत भी अब युवाओं को खेल और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित कर रहे हैं। उनके मुताबिक जब संत समाज युवाओं को खेल के लिए प्रेरित करता है तो इसका सीधा असर समाज पर पड़ता है और युवा गलत रास्तों से दूर रहते हैं।

    राजीव शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन कोई विवाद का विषय नहीं बल्कि एक परंपरा और विचारधारा है। उन्होंने कहा कि यदि सनातन के नाम पर युवा खेल रहे हैं आगे बढ़ रहे हैं और नशे जैसी बुराइयों से दूर रह रहे हैं तो यह समाज के लिए बेहद अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में अनुशासन टीमवर्क और सकारात्मक सोच विकसित होती है।

    उन्होंने यह भी कहा कि देश में क्रिकेट की लोकप्रियता बहुत अधिक है और यदि इसे गांव गांव तक ले जाया जाए तो भारत को भविष्य में और भी बेहतरीन खिलाड़ी मिल सकते हैं। उनके अनुसार भारत की कई बड़ी क्रिकेट प्रतिभाएं छोटे शहरों और कस्बों से ही निकलकर सामने आई हैं।

    इंदौर में आयोजित सनातन प्रीमियर लीग को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में दर्शक मैच देखने के लिए पहुंच रहे हैं और युवा खिलाड़ी इस मंच को अपने करियर के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं।

  • तवानगर जंगल में लुटेरों का एक घंटे का आतंक: आदिवासी दंपति और ग्रामीण से छीने मोबाइल व नकदी, पुलिस ने 6 घंटे में पकड़ा

    तवानगर जंगल में लुटेरों का एक घंटे का आतंक: आदिवासी दंपति और ग्रामीण से छीने मोबाइल व नकदी, पुलिस ने 6 घंटे में पकड़ा


    नर्मदापुरमर। नर्मदापुरम के तवानगर के जंगल में शुक्रवार शाम घोघरी और बटकुई के पास तीन लुटेरों ने एक घंटे में दो अलग-अलग लूट की घटनाओं को अंजाम देकर क्षेत्र में दहशत फैला दी। आदिवासी दंपति और एक अन्य ग्रामीण से कुल 6 हजार रुपए और दो मोबाइल छीने गए।

    जानकारी के अनुसार, फरियादी साहब लाल भूसारे अपनी पत्नी फूलवती के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। घोघरी के छिपीखापा रोड पर जंगल में तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और उनका मोबाइल व नगदी छीनकर भाग गए। कुछ देर बाद शाम 7 बजे, रामेश्वर निवासी घोघरी को भी रोककर उसके पास से 500 रुपए और मोबाइल छीना गया।

    जैसे ही घटना की सूचना ग्रामीणों और तवानगर थाने तक पहुंची, थाना प्रभारी संजय पांडे और उनकी टीम ने इलाके में घेराबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू की। तत्परता और ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने 6 घंटे के भीतर संदिग्ध दो युवकों को पकड़ लिया, जिनसे पूछताछ जारी है।

    एसपी सांई कृष्णा थोटा ने बताया कि दोनों लूट की वारदात तवानगर थाना क्षेत्र में हुई है और जल्द ही मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा।

    ग्रामीणों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और बताया कि जंगल में सुरक्षा के इंतजामों को और कड़ा करने की आवश्यकता है।

  • जबलपुर में बड़ी कार्रवाई: काम में लापरवाही पर 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा, एसपी ने दर्ज कराया सर्विस रिकॉर्ड में दंड

    जबलपुर में बड़ी कार्रवाई: काम में लापरवाही पर 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा, एसपी ने दर्ज कराया सर्विस रिकॉर्ड में दंड


    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। यहां पुलिस अधीक्षक ने काम में लापरवाही बरतने वाले 26 थाना प्रभारियों टीआई के खिलाफ एक साथ सख्त कदम उठाते हुए उन्हें निंदा की सजा सुनाई है। इस कार्रवाई में शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के थाना प्रभारी शामिल हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में टीआई पर की गई कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और इसे अनुशासनात्मक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।

    जानकारी के मुताबिक पुलिस अधीक्षक ने जिले में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पाया कि कई थाना क्षेत्रों में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों में कमी आई है। विशेष रूप से अपराध रोकथाम के लिए की जाने वाली कार्रवाई जैसे शांति भंग की आशंका पर गिरफ्तारी बाउंड ओवर की कार्रवाई और अन्य एहतियाती कदम अपेक्षाकृत कम किए गए। इसे पुलिस अधीक्षक ने गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित थाना प्रभारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

    इसी के तहत 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा दी गई है। यह सजा भले ही सेवा नियमों के अनुसार लघु दंड की श्रेणी में आती है लेकिन इसका प्रभाव अधिकारी के पूरे करियर पर पड़ सकता है। सरकारी सेवा में निंदा का अर्थ है कि कर्मचारी के खिलाफ औपचारिक रूप से लिखित चेतावनी जारी की जाती है और इसे उसके सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। यह प्रविष्टि भविष्य में पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक निर्णयों के दौरान महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    पुलिस विभाग के जानकारों के अनुसार निंदा की कार्रवाई भले ही निलंबन या वेतन कटौती जैसी कठोर सजा नहीं होती लेकिन यह अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। कई मामलों में इस तरह की प्रविष्टि होने से पदोन्नति की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और अधिकारी को आगे की सेवा में सावधानी बरतने की चेतावनी के रूप में भी देखा जाता है।

    बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि थाना स्तर पर कानून व्यवस्था को लेकर गंभीरता बनी रहे और अधिकारी अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई समय पर करें। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई अपराध रोकने का एक अहम माध्यम होती है और इसमें कमी आने से कानून व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है। कई थाना प्रभारियों को उम्मीद नहीं थी कि समीक्षा के बाद इतनी बड़ी संख्या में एक साथ कार्रवाई होगी। हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह कदम अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे स्पष्ट संकेत दिया गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध रोकने के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • वन अमले से भिड़े भाजपा नेता राजन गुप्ता: मुनारा निर्माण रुकवाया, मौके पर हुआ हंगामा

    वन अमले से भिड़े भाजपा नेता राजन गुप्ता: मुनारा निर्माण रुकवाया, मौके पर हुआ हंगामा


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब भाजपा नेता और ब्यौहारी नगर पालिका अध्यक्ष राजन गुप्ता का वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से तीखा विवाद हो गया। यह पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ जब वन विभाग की टीम वन सीमा को चिन्हित करने के लिए मुनारा निर्माण का काम कर रही थी। विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष कर्मचारियों से बहस करते और काम रुकवाते हुए नजर आ रहे हैं।

    जानकारी के मुताबिक वन विभाग द्वारा ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के बीट बेढरा में पीसीडी कार्य के तहत मुनारा निर्माण कराया जा रहा था। इस निर्माण कार्य का उद्देश्य वन क्षेत्र की सीमा को स्पष्ट रूप से चिन्हित करना और भविष्य में होने वाले अतिक्रमण को रोकना बताया गया। इसके लिए विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढे खुदवा रही थी ताकि वहां मुनारे लगाए जा सकें।

    इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष राजन गुप्ता मौके पर पहुंच गए और निर्माण कार्य पर आपत्ति जताने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने मौके पर मौजूद वन विभाग के कर्मचारियों से तीखी बहस शुरू कर दी और तत्काल काम बंद करने को कहा। बताया जा रहा है कि उन्होंने जेसीबी मशीन को भी वहां से हटाने और उसे नगर परिषद ले जाने की बात कही। इस दौरान मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ उनकी बहस काफी देर तक चलती रही जिससे वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए अध्यक्ष से कहा कि रेंजर के आने तक इंतजार कर लिया जाए और उनके सामने ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। कुछ देर बाद रेंजर भी मौके पर पहुंच गए लेकिन विवाद शांत होने के बजाय और बढ़ गया। नगर पालिका अध्यक्ष ने रेंजर से भी सख्त लहजे में सवाल करते हुए खुदाई की अनुमति से जुड़े दस्तावेज दिखाने की मांग कर दी। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही।

    मौके पर बढ़ते तनाव को देखते हुए वन विभाग की टीम ने फिलहाल काम रोक देना ही उचित समझा। इसके बाद विभागीय अधिकारी पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने की बात कह रहे हैं। वहीं इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसके बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

    गौरतलब है कि नगर पालिका अध्यक्ष राजन गुप्ता पहले भी विवादों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। इससे पहले भी टोल नाके पर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौच और धमकी देने का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसने काफी विवाद खड़ा किया था।

    हालांकि इस मामले में राजन गुप्ता का कहना है कि उन्होंने जनप्रतिनिधि होने के नाते आम लोगों के हित में आवाज उठाई है। उनका आरोप है कि वन विभाग द्वारा एक गरीब चाय-पान की दुकान के सामने जबरदस्ती निर्माण कराया जा रहा था जबकि वह जमीन राजस्व और नगर पालिका की बताई जा रही है। उनका कहना है कि जब तक जमीन और अनुमति से जुड़े दस्तावेज स्पष्ट नहीं होंगे तब तक वहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।

  • उज्जैन में निगम कर्मचारियों पर हंगामा, तलवार और लाठी लेकर किया हमला; महिला हिरासत में

    उज्जैन में निगम कर्मचारियों पर हंगामा, तलवार और लाठी लेकर किया हमला; महिला हिरासत में


    उज्जैन। नगरकोट मोहल्ले में शनिवार सुबह नगर निगम कर्मचारियों से विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति ने तलवार और लाठी निकालकर हमला कर दिया। मारपीट के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने आरोपी के घर से एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    सूत्रों के अनुसार, नगर निगम की कचरा संग्रहण गाड़ी रोज की तरह सुबह करीब 7:30 बजे मोहल्ले में पहुंची। गाड़ी के ड्राइवर का नाम कलीम और कचरा कर्मचारी का नाम जावेद बताया गया है। इस दौरान गीला और सूखा कचरा अलग न करने को लेकर विवाद शुरू हुआ। कर्मचारी ने समझाया, लेकिन आरोपी की बहस जल्द हिंसक रूप ले गई।

    मौके पर मौजूद दरोगा ने समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने हंगामा और धमकी बढ़ा दी। नगर निगम के कर्मचारी, अधिकारी और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी पहले ही फरार हो चुका था।

    पुलिस ने आरोपी के घर से एक महिला को हिरासत में लिया और उसे 112 की गाड़ी से चिमनगंज थाना ले जाया गया। महिला से पूछताछ जारी है। नगर निगम के नोडल अधिकारी ताराचंद मालवीय ने कहा कि कर्मचारियों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है और मामले की जांच की जा रही है।

    यह घटना उज्जैन में सार्वजनिक सुरक्षा और निगम कर्मचारियों की सुरक्षा के सवाल खड़े करती है। अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि निगम कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

    Keywords: उज्जैन, नगर निगम कर्मचारी, कचरा संग्रहण विवाद, तलवार और लाठी, हंगामा, महिला हिरासत में, चिमनगंज थाना, गीला-सूखा कचरा, पुलिस कार्रवाई, मारपीट

  • तेज रफ्तार कार पुलिया से फिसली, 15 फीट नीचे नाले में गिरी: शादी में जा रहा परिवार हादसे का शिकार, 1 की मौत, 5 गंभीर घायल

    तेज रफ्तार कार पुलिया से फिसली, 15 फीट नीचे नाले में गिरी: शादी में जा रहा परिवार हादसे का शिकार, 1 की मौत, 5 गंभीर घायल


    विदिशा । मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों से भरी यात्रा को मातम में बदल दिया। सिरोंज-बीना हाईवे पर ग्राम रसल्ली डामा की पुलिया के पास तेज रफ्तार से जा रही एक कार अचानक अनियंत्रित हो गई और करीब 15 फीट नीचे नाले में जा गिरी। कार में सवार लोग उज्जैन से चंदेरी में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही यह भीषण हादसा हो गया। हादसे के समय कार में कुल सात लोग सवार थे।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार तेज गति से पुलिया के पास पहुंची और चालक का संतुलन बिगड़ने से वाहन सीधे नीचे नाले में गिर गया। दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि कार में बैठे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कार के गिरते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंच गए और बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने साहस और तत्परता दिखाते हुए पत्थरों से कार के शीशे तोड़े और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।

    ग्रामीणों के अनुसार कार में पानी भर गया था और कुछ लोग अंदर ही फंसे हुए थे। लोगों ने किसी तरह कार के अंदर फंसे घायलों को बाहर निकाला और उनके पेट में भरा पानी निकालने की भी कोशिश की। पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 20 मिनट का समय लगा। ग्रामीणों की तत्परता से कई लोगों की जान बच सकी। हादसे में एक व्यक्ति की हालत इतनी गंभीर थी कि उसे अस्पताल ले जाने के बाद उसने दम तोड़ दिया।

    हैरानी की बात यह रही कि कार में मौजूद सात साल का एक बच्चा इस भीषण दुर्घटना में चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गया। जब ग्रामीणों ने कार से सभी लोगों को बाहर निकाला तो बच्चे को लगभग सुरक्षित देखकर हर कोई हैरान रह गया। बच्चे को मामूली खरोंचें आई हैं, लेकिन उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    हादसे में घायल सभी लोगों को तुरंत सिरोंज के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। इलाज के दौरान एक घायल ने दम तोड़ दिया, जबकि पांच अन्य लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कार को नाले से बाहर निकलवाने की कार्रवाई शुरू की और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संभवतः चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि तेज रफ्तार और लापरवाही सड़क पर कितना बड़ा खतरा बन सकती है। जरा सी असावधानी कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है और खुशियों भरा सफर पल भर में त्रासदी में बदल सकता है।

  • जबलपुर में टाटा सूमो में लगी आग, सोता व्यक्ति जिंदा जल गया; पास की दुकान भी राख

    जबलपुर में टाटा सूमो में लगी आग, सोता व्यक्ति जिंदा जल गया; पास की दुकान भी राख


    जबलपुर। सिहोरा में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। स्थानीय वार्ड नंबर-3 में खड़ी पुरानी टाटा सूमो में सो रहे एक व्यक्ति की मच्छर भगाने के लिए जलाई गई अगरबत्ती (Mosquito Coil) से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने सूमो को पूरी तरह घेर लिया और पास की एक दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। दुकान जलकर खाक हो गई।

    स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक कई सालों से इस पुरानी सूमो में ही रह रहा था। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया और अक्सर गाड़ी के पास ही खाना बनाता तथा रात में उसी में सोता था।स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक कई सालों से इस पुरानी सूमो में ही रह रहा था। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया और अक्सर गाड़ी के पास ही खाना बनाता तथा रात में उसी में सोता था। सूमो के अंदर बड़ी मात्रा में पन्नियां और ज्वलनशील कचरा भरा हुआ था, जिसने आग को तेजी से फैलाने में मदद की। जब व्यक्ति बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, तब तक आग ने पूरी गाड़ी को घेर लिया और शख्स अंदर ही फंस गया। दम घुटने और बुरी तरह झुलसने के कारण उसकी मौत हो गई।

    आसपास के लोग धुआं और आग की लपटें देखकर तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी और खुद भी आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।

    घटना के समय सूमो पुरानी और ज्वलनशील कचरे से भरी होने के कारण आग की लपटें तेजी से फैल गईं। आसपास के लोग बताते हैं कि व्यक्ति अकेला रहता था और उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। घटना ने इलाके में खौफ और सहानुभूति दोनों पैदा कर दी है।

    पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग कैसे भड़की और क्यों व्यक्ति समय रहते बाहर नहीं निकल पाया। स्थानीय लोग भी इस घटना को मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की सुरक्षा और ज्वलनशील वस्तुओं की अनदेखी का नतीजा बता रहे हैं।

  • भोपाल में हिस्ट्रीशीटर के घर और अस्पताल में ताबड़तोड़ फायरिंग, बेटे इमरान घायल

    भोपाल में हिस्ट्रीशीटर के घर और अस्पताल में ताबड़तोड़ फायरिंग, बेटे इमरान घायल


    भोपाल। शनिवार तड़के राजधानी में हुई गैंगवार ने लोगों को दहला दिया। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर लल्लू रईस के अशोका गार्डन स्थित घर पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। हमला शादाब गेट और उसके गिरोह के 8 से 10 साथियों ने किया। हमले में लल्लू रईस के बेटे इमरान के पैर में गोली लगी है। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

    घायल इमरान को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां भी बदमाशों ने घुसकर फायरिंग की। गोली अस्पताल की खिड़कियों और दीवारों पर लगी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। लल्लू रईस ने बताया कि अस्पताल परिसर में भी उन पर हमला किया गया, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।

    पुलिस के मुताबिक मामला अशोका गार्डन और कोहेफिजा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। दोनों थानों की पुलिस आरोपी बदमाशों की तलाश में जुट गई है।

    लल्लू रईस ने घटना के सिलसिले को बताते हुए कहा कि शनिवार सुबह करीब 5:45 बजे शादाब गेट, शावर, गुड्डू स्टेशन और अल्लू परवेज सहित 8-10 लोग उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने उनके बेटे इमरान का पीछा करते हुए घर तक आकर पीछे से उस पर गोली चलाई। इमरान ने जान बचाने के लिए घर के अंदर घुसकर गेट लॉक कर लिया, लेकिन इसी बीच एक गोली उसके पैर को छूती हुई लगी।

    लल्लू रईस का कहना है कि यह हमला दो साल पहले की रंजिश का नतीजा है। इमरान ने दो साल पहले शादाब गेट के भाई पर हमला किया था, जिसमें उसकी उंगलियां कट गई थीं। इसी बदले की भावना में शनिवार की सुबह फायरिंग की गई।

    लल्लू रईस ने बताया कि आरोपी शहर के अलग-अलग इलाकों में जुआ और सट्टे का अवैध कारोबार चलाते हैं। वह इनके काले कारनामों के वीडियो बनाकर उजागर करते हैं, जिससे पुलिस कार्रवाई करती है और अवैध कारोबार बंद हो जाते हैं। इसी कारण से आरोपी उनकी हत्या की साजिश रच रहे थे।

    एसीपी अनिल बाजपेयी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हमीदिया अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने राजधानी भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में भय का माहौल बना दिया है।

    Keywords: भोपाल फायरिंग, लल्लू रईस, हिस्ट्रीशीटर हमला, इमरान गोली, हमीदिया अस्पताल फायरिंग, गैंगवार भोपाल, जुआ और सट्टा, शादाब गेट, कोहेफिजा थाना, पुलिस जांच

  • 26 टन गोमांस तस्करी केस: असलम कुरैशी की जमानत याचिका खारिज, 500 पेज के आरोप-पत्र के बाद अदालत सख्त

    26 टन गोमांस तस्करी केस: असलम कुरैशी की जमानत याचिका खारिज, 500 पेज के आरोप-पत्र के बाद अदालत सख्त



    भोपाल भोपाल में चर्चित गोमांस तस्करी मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ ‘चमड़ा’ को अदालत से राहत नहीं मिली है। न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य की अदालत ने शुक्रवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।

    सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि असलम कुरैशी निर्दोष है और उसे जमानत दी जानी चाहिए। वहीं शासकीय अधिवक्ता ने मामले को गंभीर बताते हुए जमानत आवेदन निरस्त करने का आग्रह किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपी को फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया।

    इस मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच पूरी करने के बाद 6 मार्च को करीब 500 पन्नों का आरोप-पत्र न्यायालय में पेश किया था। आरोप-पत्र में आरोपी असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

    दरअसल, 17 दिसंबर 2025 को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जहांगीराबाद इलाके के पास एक कंटेनर को पकड़ा था। कंटेनर में करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा जा रहा था। आरोप लगाया गया था कि स्लॉटर हाउस में गोवंश का अवैध कत्ल कर मांस को चोरी-छिपे बाहर भेजा जा रहा था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कंटेनर से बरामद मांस के सैंपल लेकर जांच के लिए मथुरा स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजे थे। जांच रिपोर्ट में गोमांस होने की पुष्टि होने के बाद 8 जनवरी को जहांगीराबाद थाने में मामला दर्ज किया गया था।

    एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।