Category: Madhya Pradesh

  • रतलाम में DJ विवाद बना खून-खराबा, युवक की चाकू से हत्या

    रतलाम में DJ विवाद बना खून-खराबा, युवक की चाकू से हत्या


    नई दिल्ली। रतलाम जिले के ताल कस्बे में रविवार रात एक शादी समारोह उस समय खूनखराबे में बदल गया जब डीजे पर गाली-गलौज का विरोध करने पर 22 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और तीन बारातें बिना शादी किए ही वापस लौट गईं।

    डीजे पर शुरू हुआ विवाद, महिलाओं के सामने गालियों से भड़का मामला

    जानकारी के अनुसार, भोई मोहल्ले में शंकरलाल भोई की तीन बेटियों की शादी का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें तीन अलग-अलग जगहों से बारातें आई थीं। तोरण और जुलूस के दौरान डीजे ऑपरेटरों के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई, जिसके चलते माइक पर ही अपशब्द और गालियां दी जाने लगीं। इसी दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    ‘महिलाओं के सामने गाली मत दो’ कहना बना जानलेवा

    मोहल्ले के युवक दिलीप (22) ने जब डीजे ऑपरेटरों को महिलाओं और परिवार के सामने गाली देने से रोका, तो विवाद और बढ़ गया। बहस के दौरान डीजे संचालकों और कुछ बारातियों ने मिलकर दिलीप और उसके साथियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने दिलीप के पेट में चाकू घोंप दिया।

    अस्पताल ले जाते समय मौत, परिवार में मचा कोहराम

    गंभीर रूप से घायल दिलीप को पहले जावरा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे रतलाम रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं और पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया।

    आरोपी डीजे ऑपरेटर मंदसौर का, दो हिरासत में

    पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी डीजे ऑपरेटर माखन कुमावत मंदसौर का रहने वाला है। उसे हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है।

    तीन बारातें बिना शादी लौटीं, इलाके में तनाव

    घटना के बाद हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए तीनों बारातें बिना विवाह संपन्न हुए वापस लौट गईं। इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    परिवार में गम का माहौल, शादी के बाद भी नहीं बचे दिन

    मृतक दिलीप की शादी मात्र डेढ़ महीने पहले हुई थी। परिवार पर अचानक आई इस त्रासदी से मातम पसरा हुआ है। परिजन आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • शादी सम्मेलन जा रहा परिवार हादसे का शिकार, इंदौर-पचोर मार्ग पर दुर्घटना

    शादी सम्मेलन जा रहा परिवार हादसे का शिकार, इंदौर-पचोर मार्ग पर दुर्घटना


    नई दिल्ली। देवास जिले के टोंककला क्षेत्र में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब इंदौर से एक परिवार शादी सम्मेलन में शामिल होने के लिए पचोर जा रहा था।

    मक्सी रोड पर टायर फटने से पलटी कार

    घटना सुबह करीब 8:30 बजे बरखेड़ा फाटा के पास हुई। जानकारी के अनुसार, कार अचानक अनियंत्रित हो गई और पलट गई। बताया जा रहा है कि वाहन का टायर फटने से यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई।

    महिला की मौके पर मौत, परिवार के कई सदस्य घायल

    इस हादसे में इंदौर निवासी निर्मला (पत्नी घनश्याम) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कृष्णा साहू (35), मंजू साहू (23), आर्यन साहू (6), आदर्श साहू (ढाई वर्ष) और कार चालक कृष्णा मुरारी सहित कुल छह लोग घायल हो गए।

    इंदौर से पचोर जा रहा था परिवार

    जानकारी के मुताबिक, यह परिवार इंदौर के नंदा नगर क्षेत्र से पचोर में आयोजित विवाह सम्मेलन में शामिल होने के लिए निकला था। यात्रा के दौरान ही यह हादसा हो गया, जिससे खुशी का माहौल मातम में बदल गया।

    घायलों का इलाज जारी, पुलिस जांच में जुटी

    सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही टोंककला पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • खंडवा में ‘डबल कुर्सी’ का खेल, पद महिला जनप्रतिनिधियों के और फैसले पति के हाथ

    खंडवा में ‘डबल कुर्सी’ का खेल, पद महिला जनप्रतिनिधियों के और फैसले पति के हाथ


    नई दिल्ली। खंडवा जिले में पंचायत से लेकर नगर निकाय और राजनीतिक पदों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही “डबल कुर्सी” संस्कृति भी चर्चा में आ गई है। स्थिति यह है कि 11 प्रमुख पदों पर महिलाएं निर्वाचित हैं, लेकिन कई जगहों पर प्रशासनिक और राजनीतिक फैसले उनके पति या परिजन पर्दे के पीछे से लेते नजर आ रहे हैं।

    दफ्तरों में ‘डबल कुर्सी’ आधिकारिक और अनौपचारिक सत्ता साथ-साथ

    जिले के कई कार्यालयों में यह दृश्य आम हो गया है कि एक कुर्सी पर महिला जनप्रतिनिधि और दूसरी पर उनके पति बैठे दिखाई देते हैं। आरोप है कि वास्तविक निर्णय प्रक्रिया में भी कई बार पति ही सक्रिय भूमिका निभाते हैं, जबकि महिला जनप्रतिनिधि औपचारिक रूप से पद संभाल रही होती हैं। इस प्रवृत्ति को स्थानीय स्तर पर “डबल कुर्सी कल्चर” कहा जा रहा है।

    विधायक से लेकर नगर निकाय तक पति निभा रहे ‘अतिरिक्त भूमिका’

    कई पदों पर महिलाओं के पति को अनौपचारिक रूप से ज्यादा सक्रिय माना जा रहा है। खंडवा विधायक कंचन तनवे के पति मुकेश तनवे को राजनीतिक हलकों में “सुपर विधायक” तक कहा जाता है। इसी तरह महापौर अमृता यादव के पति अमर यादव नगर निगम से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं, हालांकि विवाद के बाद उनकी गतिविधियां सीमित हो गई हैं।

    नगर पंचायत और जनपदों में भी समान स्थिति

    जनपद पंचायत और नगर परिषदों में भी यही तस्वीर सामने आ रही है। खंडवा जनपद अध्यक्ष मीनाबाई सोलंकी, मूंदी नगर परिषद अध्यक्ष ज्योतिबाला राठौर, ओंकारेश्वर नगर परिषद अध्यक्ष मनीषा परिहार समेत कई स्थानों पर उनके पति या परिजन कार्यालयीन कामकाज में सक्रिय दिखाई देते हैं। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और वास्तविक नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    कहां महिलाएं खुद संभाल रही जिम्मेदारी

    हालांकि सभी जगह ऐसी स्थिति नहीं है। पंधाना विधायक छाया मोरे जैसी कुछ महिला जनप्रतिनिधि अपने निर्णय स्वयं लेती हैं, हालांकि कुछ मामलों में वे राजनीतिक सलाहकारों पर निर्भर रहती हैं।

    जिले में महिलाओं की मजबूत भागीदारी, लेकिन बहस जारी

    वर्तमान में जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, महापौर और कई नगर पंचायत अध्यक्ष सहित 11 अहम पदों पर महिलाएं काबिज हैं, जबकि 7 प्रमुख पद पुरुषों के पास हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को जहां एक ओर सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है, वहीं “डबल कुर्सी” कल्चर इसे लेकर नई बहस भी खड़ी कर रहा है कि क्या वास्तविक सत्ता महिलाओं के हाथ में है या फिर निर्णय कहीं और से नियंत्रित हो रहे हैं।

  • हरदा : बैग चोरी केस में पुलिस को बड़ी सफलता, कुछ ही घंटों में पकड़े गए आरोपी

    हरदा : बैग चोरी केस में पुलिस को बड़ी सफलता, कुछ ही घंटों में पकड़े गए आरोपी


    नई दिल्ली। हरदा में रविवार शाम बोहरा मस्जिद वाली गली में एक व्यापारी का लेदर बैग चोरी होने का मामला सामने आया, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ ही घंटों में आरोपियों को पकड़ लिया गया। इस वारदात में हैरानी की बात यह रही कि चोरी के लिए एक नाबालिग का भी इस्तेमाल किया गया।

    लोडिंग के दौरान पिकअप से गायब हुआ बैग

    जानकारी के अनुसार, हरसूद निवासी व्यापारी सौरभ सोनी (32) अपने काम के सिलसिले में हरदा आए थे। वे बोहरा मस्जिद के पास अपनी पिकअप गाड़ी में सामान लोड करवा रहे थे। इसी दौरान गाड़ी के केबिन का कांच खुला होने का फायदा उठाकर अज्ञात व्यक्ति उनका लेदर साइड बैग चुरा ले गया। बैग में जरूरी दस्तावेज, एक मोबाइल फोन और करीब 6 हजार रुपए नकद रखे थे।

    20 से ज्यादा CCTV खंगालकर पकड़े गए आरोपी

    पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने 20 से अधिक स्थानों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद तेजी दिखाते हुए पुलिस ने कुछ ही घंटों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    नाबालिग का किया इस्तेमाल, चोरी का सामान बरामद

    पुलिस ने विष्णु और सजन सोलंकी (22) को गिरफ्तार किया है, जो आपस में दोस्त हैं। जांच में सामने आया कि चोरी की इस वारदात में एक नाबालिग का भी इस्तेमाल किया गया था। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया बैग, मोबाइल और नकदी बरामद कर ली गई है। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में शामिल रह चुका है।

    पुलिस की सतर्कता से जल्द खुला मामला

    इस पूरे मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच की वजह से आरोपियों को जल्दी पकड़ लिया गया, जिससे पीड़ित को राहत मिली।

  • महिला शक्ति बनाम राजनीति ,मध्य प्रदेश में टिकट वितरण और भागीदारी, का पूरा लेखा जोखा


    भोपाल । भोपाल मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण और राजनीति को लेकर बहस तेज हो गई है। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित न होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे लोकतंत्र के लिए काला अध्याय बताया है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष के रवैये से उसकी महिला विरोधी सोच उजागर होती है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात बताया है। इसी मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में सियासत तेज हो गई है।

    लोकसभा 2024 के चुनाव में मध्य प्रदेश की सभी उनतीस सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने कब्जा किया। भाजपा ने इन सीटों पर छह महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया और सभी छह महिलाओं ने जीत हासिल की। वहीं कांग्रेस ने उनतीस में से केवल एक महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा जो रीवा से नीलम अभय मिश्रा थीं लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

    राज्यसभा में मध्य प्रदेश की ग्यारह सीटों में से आठ पर भारतीय जनता पार्टी और तीन पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व है। भाजपा के आठ राज्यसभा सांसदों में तीन महिलाएं शामिल हैं। कांग्रेस के तीनों राज्यसभा सांसदों में एक भी महिला प्रतिनिधि नहीं है। यह आंकड़ा संसद के उच्च सदन में महिलाओं की भागीदारी की स्थिति को स्पष्ट करता है।

    विधानसभा चुनाव 2023 में मध्य प्रदेश की दो सौ तीस सीटों में भाजपा ने एक सौ तिरसठ सीटें जीतीं और कांग्रेस ने छियासठ सीटों पर जीत दर्ज की। एक सीट अन्य दल के खाते में गई। दोनों प्रमुख दलों ने कुल छप्पन महिला प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा था जिनमें से सत्ताईस महिलाएं विधायक बनीं। भाजपा ने दो सौ तीस सीटों में से केवल सत्ताईस सीटों पर महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया जो लगभग ग्यारह प्रतिशत है। इनमें से इक्कीस महिलाएं जीतकर विधानसभा पहुंचीं। कांग्रेस ने उनतीस महिलाओं को टिकट दिया जो लगभग तेरह प्रतिशत है लेकिन केवल पांच महिलाएं विधायक बन सकीं।

    इसके विपरीत मध्य प्रदेश की पंचायत व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी काफी मजबूत दिखाई देती है। राज्य की कुल पंचायतों में लगभग दो लाख नब्बे हजार से अधिक महिला जनप्रतिनिधि सक्रिय हैं जो कुल प्रतिनिधियों का इक्यावन प्रतिशत से अधिक है। चौबीस जिला पंचायतों में महिलाएं अध्यक्ष के पद पर हैं। चार सौ चवालीस महिलाएं जिला पंचायत सदस्य हैं। एक सौ उनहत्तर महिलाएं जनपद अध्यक्ष हैं और तीन हजार चार सौ पच्चीस महिलाएं जनपद सदस्य के रूप में काम कर रही हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि जमीनी स्तर पर महिलाओं की भागीदारी मजबूत है लेकिन विधानसभा और संसद स्तर पर उनकी संख्या अभी भी अपेक्षाकृत कम है।

    समग्र रूप से देखा जाए तो मध्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में पंचायत स्तर पर बेहतर स्थिति है लेकिन विधानसभा लोकसभा और राज्यसभा में राजनीतिक दलों द्वारा महिलाओं को टिकट देने की दर अभी भी सीमित है। यह मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है और आने वाले चुनावों में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर दबाव और बढ़ने की संभावना है।

  • नर्मदापुरम में सनसनीखेज हत्या, खाने को लेकर विवाद में गई जान; पुलिस पर भी हमला

    नर्मदापुरम में सनसनीखेज हत्या, खाने को लेकर विवाद में गई जान; पुलिस पर भी हमला


    नई दिल्ली। नर्मदापुरम जिले के शिवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नाहरकोला में रविवार रात एक शादी समारोह में मामूली बात ने खूनी रूप ले लिया। जानकारी के मुताबिक, शादी में आए एक युवक को खाना खाने के लिए कहने पर विवाद इतना बढ़ा कि चाकूबाजी हो गई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हुए हैं। हालात उस वक्त और बिगड़ गए जब आरोपियों को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया गया।

    शराब के नशे में पहुंचे आरोपी, फिर लौटकर किया हमला

    पुलिस के अनुसार, गांव में रामनारायण के भतीजे की शादी चल रही थी। इसी दौरान अमर सिंह कीर शराब के नशे में वहां पहुंचा। रामनारायण ने उसे खाना खाने के लिए कहा, जिस पर वह भड़क गया और विवाद करने लगा। भीड़ ज्यादा होने के कारण उसे समझाकर घर भेज दिया गया, लेकिन कुछ देर बाद वह अपने बेटे लोकेश कीर के साथ डंडा और चाकू लेकर वापस लौटा और झगड़ा शुरू कर दिया।

    बीच-बचाव करने आए लोगों पर चाकू से वार, एक की मौत

    विवाद बढ़ने पर दूल्हे के चाचा हरिनारायण बीच-बचाव के लिए आगे आए, लेकिन लोकेश ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद दौलत कीर, रामनारायण, जयनारायण और क्षमा कीर सहित अन्य लोग भी बीच में आए, जिन पर आरोपियों ने हमला कर दिया। इस हमले में दौलत कीर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    पुलिस टीम पर हमला, आरक्षक को 9 जगह चाकू लगे

    घटना की सूचना मिलने पर रात करीब 1 बजे पुलिस टीम आरोपियों को पकड़ने पहुंची, लेकिन यहां भी हमला हो गया। आरोपियों ने आरक्षक ओम जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उन्हें पेट, हाथ और पैर में 9 गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

    दो केस दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के दो अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। फिलहाल आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

    शादी की खुशियां मातम में बदलीं

    परिवार के मुताबिक, अगले दिन बारात निकलनी थी, लेकिन इस घटना ने पूरे घर की खुशियों को मातम में बदल दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी परिवार के ही सदस्य हैं और उनके बीच पिछले कई सालों से विवाद चल रहा था।

  • भीषण गर्मी के बीच स्कूल टाइम बदला, सिवनी में पारा 41 डिग्री पार

    भीषण गर्मी के बीच स्कूल टाइम बदला, सिवनी में पारा 41 डिग्री पार


    नई दिल्ली। सिवनी जिले में गर्मी ने अप्रैल में ही मई-जून जैसे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में पहली बार 40 के पार पहुंचा। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के चलते आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाजारों में ठंडे पेय और रसीले फलों की मांग बढ़ गई है, वहीं अस्पतालों में हीट-वेव से प्रभावित मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।

    लू का अलर्ट, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी तपिश

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में लू चलने की संभावना है, जिससे तापमान में और वृद्धि हो सकती है। 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 41.2°C और न्यूनतम 20.6°C दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, हालांकि रात के समय तापमान में थोड़ी गिरावट से कुछ राहत मिल रही है। पिछले कुछ दिनों में भी तापमान लगातार 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि गर्मी का असर अभी और बढ़ेगा।

    स्कूलों के समय में बदलाव, बच्चों को राहत

    भीषण गर्मी को देखते हुए कलेक्टर नेहा मीना ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। नए आदेश के तहत नर्सरी (प्ले ग्रुप) से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय, नवोदय, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल अब सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक संचालित होंगे। हालांकि परीक्षाएं पहले से तय समय के अनुसार ही होंगी। इस निर्णय से बच्चों को तेज धूप और लू के असर से काफी राहत मिलेगी।

    लगातार बढ़ रहा तापमान, सतर्क रहने की जरूरत

    पिछले पांच दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तापमान लगातार बढ़ रहा है 15 अप्रैल को 39.6°C, 16 और 17 अप्रैल को 40.4°C, 18 अप्रैल को 40.0°C और 19 अप्रैल को 41.2°C दर्ज किया गया। इससे साफ है कि जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लोगों से सतर्क रहने और जरूरी एहतियात बरतने की अपील कर रहे हैं।

  • वैश्विक तनाव बेअसर भारतीय दवाओं की बढ़ी मांग ,इंदौर के पीथमपुर एसईजेड ने बनाया रिकॉर्ड

    वैश्विक तनाव बेअसर भारतीय दवाओं की बढ़ी मांग ,इंदौर के पीथमपुर एसईजेड ने बनाया रिकॉर्ड


    इंदौर । वैश्विक तनाव और मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद भारत की फार्मा इंडस्ट्री ने अपनी मजबूती एक बार फिर साबित कर दी है। मध्यप्रदेश के पीथमपुर स्थित स्पेशल इकोनॉमिक जोन की फार्मा कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जेनेरिक दवाओं के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिडिल ईस्ट संकट और व्यापारिक नीतियों में बदलाव जैसी चुनौतियां सामने हैं।

    वाणिज्यिक और उद्योग विभाग के अंतर्गत आने वाले मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच पीथमपुर एसईजेड से कुल 14302 करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात हुआ है। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10.46 प्रतिशत अधिक है जो इस क्षेत्र की लगातार बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। खास बात यह है कि इस एसईजेड में लगभग 70 से 80 प्रतिशत कंपनियां फार्मा सेक्टर से जुड़ी हुई हैं।

    यहां निर्मित जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति दुनिया के कई बड़े बाजारों में की जा रही है जिनमें अमेरिका जर्मनी ऑस्ट्रेलिया यूनाइटेड किंगडम और खाड़ी देश शामिल हैं। इन दवाओं की बढ़ती मांग का सबसे बड़ा कारण इनकी किफायती कीमत और विश्वसनीय गुणवत्ता है। भारत में बनी जेनेरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले 30 से 40 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं जिससे वैश्विक बाजार में इनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता काफी मजबूत हो जाती है।

    भारत को लंबे समय से फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड कहा जाता रहा है और इसका कारण यही है कि यहां कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। अब वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत और बीमा कंपनियों के दबाव के चलते कई देश सस्ती दवाओं की ओर रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि भारतीय फार्मा कंपनियों को बड़े पैमाने पर ऑर्डर मिल रहे हैं।

    दिलचस्प बात यह भी है कि कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब भारत में कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के जरिए दवाएं बनवा रही हैं और उन्हें अपने ब्रांड नाम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच रही हैं। इससे न केवल भारतीय कंपनियों को फायदा हो रहा है बल्कि देश की निर्यात क्षमता भी लगातार बढ़ रही है।

    हालांकि इस सकारात्मक स्थिति के बीच कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और समुद्री मार्गों पर असर के कारण शिपमेंट में देरी हो रही है। कंटेनर समय पर रवाना नहीं हो पा रहे हैं जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर लॉजिस्टिक्स पर पड़ता है लेकिन मांग बनी रहने के कारण निर्यात में गिरावट नहीं आई है।

    विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में यदि वैश्विक हालात सामान्य होते हैं तो भारतीय जेनेरिक दवाओं का निर्यात और तेजी से बढ़ सकता है। कुल मिलाकर यह स्पष्ट है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद मेड इन इंडिया फार्मा सेक्टर वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है और आगे भी इसके विस्तार की पूरी संभावनाएं हैं।

  • छिंदवाड़ा में नरवाई जलाने पर सख्ती, 60 एफआईआर दर्ज; प्रशासन सख्त

    छिंदवाड़ा में नरवाई जलाने पर सख्ती, 60 एफआईआर दर्ज; प्रशासन सख्त


    नई दिल्ली। छिंदवाड़ा जिले में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब तक जिले में कुल 60 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। अलग-अलग तहसीलों में हुई कार्रवाई के तहत चौरई में 15, अमरवाड़ा और बिछुआ में 10-10, उमरेठ में 8, तमिया में 6, चांद और हर्रई में 4-4, परासिया में 2 तथा छिंदवाड़ा तहसील में 1 मामला सामने आया है। इसके अलावा कई किसानों पर जुर्माना भी लगाया गया है।

    कलेक्टर के निर्देश तुरंत कार्रवाई और सख्त निगरानी

    जिले के कलेक्टर हरेन्द्र नारायण ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नरवाई जलाने की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां पर्यावरण और मिट्टी की गुणवत्ता के लिए बेहद नुकसानदायक हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    संयुक्त टीमें करेंगी निगरानी, किसानों को दी जाएगी समझाइश

    कलेक्टर ने कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को लगातार फील्ड में निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि किसानों को जागरूक किया जाए और उन्हें नरवाई जलाने के नुकसान तथा इसके वैकल्पिक उपायों की जानकारी दी जाए। प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि किसानों को सही दिशा में मार्गदर्शन देना भी है।

    आगे भी जारी रहेगी सख्ती

    प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नरवाई जलाने के मामलों में आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर और जुर्माने की कार्रवाई लगातार की जाएगी, ताकि इस पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सके।

  • बालाघाट में सर्पदंश से बुजुर्ग की मौत, खुले में शौच के दौरान हुआ हादसा

    बालाघाट में सर्पदंश से बुजुर्ग की मौत, खुले में शौच के दौरान हुआ हादसा


    नई दिल्ली। बालाघाट जिले के चंद्रपुरी गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां सर्पदंश से 71 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक रमेश गोस्वामी खेत की ओर शौच के लिए गए थे, तभी एक जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया। घर लौटकर उन्होंने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया।

    खेत में शौच के दौरान डसा सांप, जहर फैलने से मौत

    जानकारी के मुताबिक, रमेश गोस्वामी खेती-मजदूरी कर अपना जीवनयापन करते थे। रविवार शाम खुले में शौच के दौरान सांप ने उनके पैर में डस लिया। परिजन उन्हें आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया, लेकिन जहर तेजी से फैल चुका था। रात करीब 12 बजे उनकी मौत हो गई, जिससे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

    पुलिस ने किया पोस्टमार्टम, जांच जारी

    सोमवार सुबह अस्पताल चौकी पुलिस ने डॉक्टर की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में मामला सर्पदंश का ही प्रतीत हो रहा है। मर्ग डायरी संबंधित थाने भेजकर आगे की जांच की जा रही है।

    खुले में शौच के दावों पर उठे सवाल

    इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच मुक्त (ODF) दावों की वास्तविकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में शौचालय की सुविधा या उसका उपयोग सही तरीके से नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते लोगों को खुले में जाना पड़ता है। यही लापरवाही इस दुखद घटना का कारण बनी।

    ग्रामीणों ने की सुविधाएं बढ़ाने की मांग

    घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में शौचालय व्यवस्था को मजबूत किया जाए और लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।