Category: Madhya Pradesh

  • खुशियों का जश्न बना मातम ,नाहरकोला में शादी के बीच चाकू चले, पुलिस पर भी हमला

    खुशियों का जश्न बना मातम ,नाहरकोला में शादी के बीच चाकू चले, पुलिस पर भी हमला


    इटारसी/ नर्मदापुरम । नर्मदापुरम जिले के नाहरकोला गांव में शादी समारोह के दौरान डीजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया जिसमें एक व्यक्ति की मौत और आरक्षक समेत 6 लोग घायल हो गए  जिले के शिवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नाहरकोला में एक शादी समारोह उस वक्त भयावह हिंसा में बदल गया जब मामूली सा डीजे बजाने का विवाद अचानक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया खुशियों और जश्न का माहौल देखते ही देखते चीख पुकार और अफरा तफरी में बदल गया और कुछ ही देर में पूरा गांव दहशत के साए में आ गया

    बताया जा रहा है कि शादी समारोह में डीजे को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी शुरुआत में यह एक सामान्य बहस लग रही थी लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और फिर चाकू निकल आए इस दौरान हुई ताबड़तोड़ चाकूबाजी में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश की लेकिन हमलावर इतने उग्र थे कि उन्होंने पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया इस दौरान आरक्षक ओम जाट बीच बचाव करने आगे आए तो आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिए उनके पेट हाथ और पैर पर कई गहरे घाव आए हैं बताया जा रहा है कि उन्हें कुल 9 गंभीर चोटें लगी हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है

    इस हिंसक झड़प में आरक्षक सहित कुल 6 लोग घायल हुए हैं सभी घायलों को तुरंत नर्मदापुरम के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और गंभीर रूप से घायल लोगों को बचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है

    घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें मारपीट और चाकूबाजी का खौफनाक दृश्य देखा जा सकता है यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच डर और आक्रोश दोनों बढ़ा रहा है गांव में इस घटना के बाद से भारी तनाव का माहौल है और लोग सहमे हुए हैं

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और लगातार दबिश दी जा रही है पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी

    यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटी छोटी बातों पर बढ़ती हिंसा किस तरह समाज के लिए खतरा बनती जा रही है एक मामूली विवाद ने एक परिवार की खुशियां छीन ली और कई लोगों को जिंदगी और मौत के बीच झूलने पर मजबूर कर दिया

  • रीवा में बनेगा प्रयागराज जैसा केबल ब्रिज, 165 करोड़ की लागत से बदलेगी तस्वीर

    रीवा में बनेगा प्रयागराज जैसा केबल ब्रिज, 165 करोड़ की लागत से बदलेगी तस्वीर


    नई दिल्ली। रीवा में ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या से राहत दिलाने के लिए एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। कमिश्नर बंगले से ढेकहा तिराहे तक 165 करोड़ रुपए की लागत से फ्लाईओवर निर्माण की योजना बनाई गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत बीहर नदी पर प्रयागराज के यमुना पुल की तर्ज पर एक अत्याधुनिक केबल ब्रिज बनाया जाएगा। यह ब्रिज विंध्य क्षेत्र का पहला केबल ब्रिज होगा, जिससे शहर को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

    मजबूत केबल्स पर टिका होगा हाईटेक ब्रिज

    इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जानकारी देते हुए राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि यह केबल ब्रिज आधुनिक इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण होगा। पुल का पूरा ढांचा मजबूत धातु की केबल्स पर टिका रहेगा, जो इसे पारंपरिक पुलों से अलग और अधिक आकर्षक बनाएगा। यह तकनीक न केवल मजबूती देती है, बल्कि पुल की खूबसूरती को भी बढ़ाती है।

    जाम से मिलेगी राहत, सफर होगा आसान

    रीवा शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव के चलते लंबे समय से फ्लाईओवर की मांग की जा रही थी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचना भी पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा।

    आधुनिक पहचान की ओर बढ़ेगा रीवा

    करीब 165 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर के सौंदर्य और विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। केबल ब्रिज के निर्माण से रीवा को एक आधुनिक शहर के रूप में नई पहचान मिलेगी और यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में विकास का प्रतीक बनेगा।

  • इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत, 2 घंटे तड़पती रही महिला; अस्पताल में बवाल

    इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत, 2 घंटे तड़पती रही महिला; अस्पताल में बवाल


    नई दिल्ली।
    सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह एक 30 वर्षीय प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हो गया। मृतका की पहचान संध्या अहिरवार के रूप में हुई है, जिन्हें प्रसव पीड़ा के चलते भर्ती कराया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों व स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।

    “2 घंटे तड़पती रही, गलत इंजेक्शन से बिगड़ी हालत”

    परिजनों का आरोप है कि संध्या को समय पर इलाज नहीं मिला। उन्होंने बताया कि भर्ती के बाद वह करीब 2 घंटे तक दर्द से तड़पती रही, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। रविवार रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद अस्पताल स्टाफ ने एक इंजेक्शन लगाया। आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद उसकी हालत और ज्यादा खराब हो गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है और उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताया है।

    मौत के बाद चेहरा तक नहीं देखने दिया, परिजनों का आरोप

    गुस्साए परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मौत के बाद उन्हें संध्या का चेहरा तक देखने नहीं दिया गया। इस बात से आक्रोश और बढ़ गया और उन्होंने अस्पताल गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजन निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    बंडा से रेफर होकर आई थी प्रसूता

    जानकारी के मुताबिक, संध्या अहिरवार को 17 अप्रैल को प्रसव पीड़ा होने पर बंडा अस्पताल से रेफर कर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज लाया गया था। यहां उसका इलाज चल रहा था। रविवार रात दर्द बढ़ने पर उसे लेबर रूम में शिफ्ट किया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई।

  • विधायक का बेटे के लिए खुला ऐलान ,SDPO को चुनौती करेरा किसी के बाप का नहीं सियासत गरमाई

    विधायक का बेटे के लिए खुला ऐलान ,SDPO को चुनौती करेरा किसी के बाप का नहीं सियासत गरमाई

    शिवपुरी । शिवपुरी जिले की सियासत उस वक्त गरमा गई जब पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया वीडियो में विधायक का आक्रामक अंदाज और पुलिस अधिकारी को दी गई खुली चुनौती चर्चा का केंद्र बन गई है इस पूरे मामले ने न सिर्फ प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा की है बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी नई बहस छेड़ दी है

    वीडियो में विधायक प्रीतम लोधी करेरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ को सीधे तौर पर चुनौती देते नजर आ रहे हैं उनका कहना है कि करेरा किसी के बाप का नहीं है और उनका बेटा दिनेश लोधी वहां जाएगा और चुनाव भी लड़ेगा विधायक के इस बयान ने यह साफ कर दिया कि वे अपने बेटे के पक्ष में खुलकर खड़े हैं और किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं

    दरअसल पूरा मामला 16 अप्रैल को हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है जब विधायक के छोटे बेटे दिनेश लोधी ने अपनी थार गाड़ी से कथित रूप से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की थी शुरुआत में विधायक ने खुद सोशल मीडिया के जरिए यह कहा था कि उनके लिए जनता सबसे ऊपर है और कानून अपना काम करेगा लेकिन घटनाक्रम तेजी से बदलता नजर आया

    बताया जा रहा है कि हादसे के दो दिन बाद जब दिनेश लोधी को करेरा एसडीओपी के सामने पेश किया गया तब एसडीओपी आयुष जाखड़ ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि वह भविष्य में करेरा क्षेत्र में नजर न आएं इसी बात ने विवाद को और हवा दे दी और विधायक का रुख अचानक बदल गया

    वीडियो में विधायक का गुस्सा साफ झलकता है वे कहते हैं कि उनके बेटे के साथ हुए मामूली एक्सीडेंट को बेवजह बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया और पुलिस अनावश्यक रूप से सख्ती दिखा रही है उनका यह भी कहना है कि उनका बेटा न केवल करेरा जाएगा बल्कि वहां से चुनाव भी लड़ेगा यह बयान स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा करने के लिए काफी है क्योंकि इसे सीधे तौर पर एक राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है

    इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं एक ओर जहां कानून व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर चर्चा हो रही है वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों के आचरण और उनके बयानों को लेकर भी बहस तेज हो गई है विधायक का यह बयान क्या सिर्फ एक भावनात्मक प्रतिक्रिया है या इसके पीछे कोई राजनीतिक रणनीति छिपी है यह आने वाले समय में साफ होगा फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग यह देख रहे हैं कि प्रशासन और सरकार इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाती है

  • सीएम ने विजेता टीम को दिया 1 लाख का इनाम, क्षीर सागर मैदान बनेगा स्टेडियम

    सीएम ने विजेता टीम को दिया 1 लाख का इनाम, क्षीर सागर मैदान बनेगा स्टेडियम


    नई दिल्ली। उज्जैन में रविवार देर रात क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर नजर आया, जब डॉ. मोहन यादव अचानक क्षीर सागर मैदान में चल रहे फिरोजिया ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में पहुंच गए। रात करीब 12 बजे मुख्यमंत्री के मैदान में पहुंचते ही माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों को देखकर उन्होंने कहा कि यह नजारा उज्जैन के खेल प्रेमियों के जुनून को साफ दर्शाता है। उन्होंने हल्के अंदाज में यह भी कहा कि मैच के दौरान भाषण देना ठीक नहीं लगता, क्योंकि लोग यहां सिर्फ खेल का आनंद लेने आते हैं।

    विजेता टीम को 1 लाख का इनाम, खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

    मुख्यमंत्री ने फाइनल मुकाबले के बाद विजेता टीम को 1 लाख रुपए और उपविजेता टीम को 51 हजार रुपए का अतिरिक्त नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। इस घोषणा से खिलाड़ियों और आयोजकों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करते हैं और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका देते हैं। साथ ही उन्होंने जिले के अन्य खेल स्थलों के आधुनिकीकरण की दिशा में भी काम करने की बात कही।

    क्षीर सागर मैदान बनेगा आधुनिक स्टेडियम

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए क्षीर सागर मैदान को आधुनिक स्टेडियम के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना मजबूत होने से स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और वे राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकेंगे। यह घोषणा उज्जैन के खेल जगत के लिए एक बड़ा तोहफा मानी जा रही है।

    21 साल पुरानी परंपरा, फिरोजिया ट्रॉफी का खास महत्व

    फिरोजिया ट्रॉफी का आयोजन 12 अप्रैल से शुरू हुआ था, जिसका फाइनल मुकाबला रविवार को खेला गया। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट पिछले 21 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। इसे उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया के पिता भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति में आयोजित किया जाता है। इस लंबे समय से चली आ रही परंपरा ने स्थानीय स्तर पर कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच देने का काम किया है।

  • जेल अस्पताल में फांसी लगाकर बंदी ने दी जान, 2 साल से काट रहा था सजा

    जेल अस्पताल में फांसी लगाकर बंदी ने दी जान, 2 साल से काट रहा था सजा


    नई दिल्ली। जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र केंद्रीय जेल में सोमवार सुबह सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां एक बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे जेल के अस्पताल वार्ड नंबर-3 के बाथरूम में बंदी का शव गमछे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही जेल अधीक्षक, जेलर और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

    2024 से जेल में था बंद, हत्या का मामला चल रहा था

    मृतक की पहचान गुड्डू उर्फ राजा विश्वकर्मा (58) के रूप में हुई है, जो 16 अगस्त 2024 से जेल में बंद था। वह संजीवनी नगर क्षेत्र का निवासी था और उसके खिलाफ हत्या समेत कई धाराओं में मामला दर्ज था। बताया जा रहा है कि वह शुगर जैसी बीमारी से भी पीड़ित था। फिलहाल उसका केस अदालत में विचाराधीन था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह जेल अस्पताल में भर्ती था, जहां उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

    मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, परिजनों को दी गई सूचना

    घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिजनों को भी सूचना दे दी गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। जेल प्रशासन का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

    एक दिन पहले भोपाल जेल में भी हुआ था ऐसा ही मामला

    इस घटना से एक दिन पहले भोपाल की सेंट्रल जेल में भी एक बंदी ने आत्महत्या कर ली थी। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने जेल परिसर की गौशाला में पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस मामले में गांधी मेडिकल कॉलेज में शव रखवाकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

  • क्रिकेट की एक गेंद ने ,छीनी दो जानें दोस्ती निभाने उतरे, और मौत ने घेरा

    क्रिकेट की एक गेंद ने ,छीनी दो जानें दोस्ती निभाने उतरे, और मौत ने घेरा


    देवास । देवास जिले के नेवरी इलाके में एक साधारण सा खेल अचानक ऐसी त्रासदी में बदल गया जिसने पूरे गांव को शोक और सन्नाटे में डुबो दिया खेत के पास बने एक खाली मैदान में बच्चे रोज की तरह क्रिकेट खेल रहे थे हंसी ठिठोली और खेल का उत्साह अपने चरम पर था तभी खेलते खेलते गेंद पास के एक पुराने कुएं में जा गिरी किसी ने नहीं सोचा था कि यही एक छोटी सी घटना दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लेगी

    करीब पंद्रह वर्षीय देवेंद्र सबसे पहले गेंद निकालने के लिए कुएं में उतरा बताया जा रहा है कि कुएं में पानी का स्तर काफी ज्यादा था और फिसलन भी थी जैसे ही वह नीचे पहुंचा उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में डूबने लगा ऊपर खड़े उसके साथियों के बीच अचानक चीख पुकार मच गई इसी बीच अपने दोस्त को बचाने की कोशिश में सोलह वर्षीय राजवीर बिना कुछ सोचे समझे कुएं में कूद पड़ा लेकिन यह बहादुरी दोनों के लिए भारी पड़ गई

    दोनों एक दूसरे को पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन पानी की गहराई और घबराहट ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया कुछ ही पलों में दोनों पानी में समा गए ऊपर खड़े बच्चों की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया काफी मशक्कत के बाद दोनों को कुएं से बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया

    इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और मातम का माहौल है सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाली बात यह रही कि देवेंद्र का उसी दिन जन्मदिन था जिस दिन उसकी जिंदगी खत्म हो गई वह अपनी विधवा मां का इकलौता सहारा था पिता के निधन के बाद मां ने बेटे के सहारे ही जिंदगी को थाम रखा था लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था बेटे का शव देखते ही मां का विलाप हर किसी की आंखें नम कर गया

    राजवीर भी अपने परिवार का चहेता था और उसकी अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया दोनों बच्चों की दोस्ती और एक दूसरे के लिए जान जोखिम में डालने की कोशिश अब गांव के हर व्यक्ति के दिल को चुभ रही है

    पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं को देखा जा रहा है पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार एक साथ किया जाएगा गांव में हर व्यक्ति इस हादसे को याद कर सहम उठा है और यह सवाल हर किसी के मन में है कि अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाती तो शायद ये दो जिंदगियां बच सकती थीं

    यह हादसा एक कड़वी सीख भी छोड़ गया है कि खुले कुएं और असुरक्षित स्थान बच्चों के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं एक छोटी सी लापरवाही कब बड़ी त्रासदी बन जाए इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है

  • ग्वालियर में सनसनीखेज वारदात, पोते ने दादी का हाथ चबाया; नशे में किया हंगामा

    ग्वालियर में सनसनीखेज वारदात, पोते ने दादी का हाथ चबाया; नशे में किया हंगामा


    नई दिल्ली। ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां शराब के नशे में एक युवक ने अपनी ही 70 वर्षीय दादी पर बर्बर हमला कर दिया। खल्लासीपुरा इलाके में रहने वाली कलावती श्रीवास पर उनके पोते मनीष (22) ने ऐसा हमला किया कि उनका हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया और हड्डी तक नजर आने लगी। यह दिल दहला देने वाली घटना रविवार रात की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।

    चाचा-चाची से शुरू हुआ विवाद, हिंसा में बदला माहौल

    जानकारी के अनुसार, आरोपी मनीष शराब के नशे में घर पहुंचा और किसी बात को लेकर अपने चाचा विनोद और चाची चेतना से झगड़ा करने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि उसने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। घर का माहौल अचानक हिंसक हो गया और परिवार के लोग घबरा गए।

    बीच-बचाव करने आई दादी बनीं शिकार

    जब घर में झगड़ा बढ़ता देख बुजुर्ग दादी कलावती बीच-बचाव के लिए आगे आईं, तो आरोपी का गुस्सा उन पर टूट पड़ा। मनीष ने दादी के हाथ को दांतों से इस कदर काटा कि मांस तक निकल गया और हड्डी साफ दिखाई देने लगी। घटना की भयावहता ने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी स्तब्ध कर दिया।

    आरोपी फरार, पुलिस कर रही तलाश

    घटना के बाद घायल दादी और चाची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इंदरगंज थाना प्रभारी दीप्ति सिंह तोमर के मुताबिक, आरोपी घटना के बाद से फरार है और उसकी तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है।

  • अनिका की बीमारी बनी चुनौती, बढ़ते वजन के इलाज के लिए चाहिए 2.40 करोड़

    अनिका की बीमारी बनी चुनौती, बढ़ते वजन के इलाज के लिए चाहिए 2.40 करोड़


    नई दिल्ली। गंभीर बीमारी से जूझ रही मासूम अनिका शर्मा की जिंदगी इन दिनों समय और पैसों के खिलाफ एक कठिन लड़ाई बन गई है। अनिका स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-2 (SMA Type-2) नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिसके इलाज के लिए उसे एक खास इंजेक्शन की जरूरत है, जिसकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपए बताई जा रही है। परिवार ने समाज की मदद से अब तक 6 करोड़ 60 लाख रुपए जुटा लिए हैं, लेकिन अभी भी 2 करोड़ 40 लाख रुपए की कमी है। इस बीच अनिका का लगातार बढ़ता वजन माता-पिता की चिंता को और बढ़ा रहा है, क्योंकि यह इंजेक्शन 2 साल की उम्र या 13.5 किलो वजन से पहले लगना बेहद जरूरी है। हाल ही में जांच में अनिका का वजन 10 किलो 930 ग्राम तक पहुंच गया है, जिससे परिवार के सामने समय की चुनौती और गंभीर हो गई है।

    सेलिब्रिटियों तक पहुंचे माता-पिता, हर दरवाजे पर मदद की गुहार

    बेटी की जिंदगी बचाने के लिए अनिका के माता-पिता हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में वे हाल ही में मुंबई पहुंचे, जहां उन्होंने कई नामी हस्तियों से मुलाकात कर मदद की अपील की। इस दौरान वे सोनू सूद, प्रेम चोपड़ा, हिंदुस्तानी भाऊ और हुसैन मंसूरी जैसे लोगों से मिले। कुछ सेलिब्रिटीज ने उनकी अपील के वीडियो भी बनाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मदद की गुहार पहुंच सके। वहीं, माता-पिता ने अभिनेता सलमान खान से मिलने की भी कोशिश की, लेकिन कई दिनों इंतजार के बावजूद मुलाकात नहीं हो सकी। इसके अलावा वे अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाकर भी लोगों से सहयोग मांग रहे हैं।

    हर दिन बढ़ती चुनौती, परिवार के पास ‘आखिरी मौका’

    अनिका की मां सरिता शर्मा के मुताबिक, बच्ची की तबीयत भी इन दिनों ठीक नहीं चल रही है, जिससे चिंता और बढ़ गई है। बढ़ता वजन इलाज की समयसीमा को तेजी से करीब ला रहा है, ऐसे में परिवार के पास यह एक तरह से आखिरी मौका है। डॉक्टरों के अनुसार, तय सीमा के बाद यह महंगा इंजेक्शन असरदार नहीं रहेगा, इसलिए समय रहते इलाज होना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि परिवार हर दिन, हर पल पैसे जुटाने की जद्दोजहद में लगा हुआ है।

    पिता की अपील 24 हजार लोग आगे आएं तो बच सकती है बेटी की जान

    अनिका के पिता प्रवीण शर्मा ने भावुक अपील करते हुए कहा कि अगर 24 हजार लोग सिर्फ 1-1 हजार रुपए की मदद कर दें, तो बाकी के 2 करोड़ 40 लाख रुपए आसानी से जुटाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक जो रकम जुटी है, वह आम लोगों के सहयोग से ही संभव हो पाई है। परिवार को उम्मीद है कि आगे भी इसी तरह लोगों का समर्थन मिलता रहा तो उनकी बेटी का इलाज समय पर हो सकेगा। आने वाले दिनों में वे दिल्ली जाकर अनिका की जांच करवाने वाले हैं, ताकि इलाज की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

  • उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी का सुसाइड, जेल प्रशासन में हड़कंप

    उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी का सुसाइड, जेल प्रशासन में हड़कंप


    नई दिल्ली। राजधानी Bhopal की Bhopal Central Jail में रविवार शाम एक बंदी द्वारा आत्महत्या किए जाने से हड़कंप मच गया। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा 58 वर्षीय गुड्डू आदिवासी जेल परिसर की गौशाला में पेड़ से लटका मिला।

    गौशाला में काम के दौरान उठाया खौफनाक कदम

    पुलिस के अनुसार, गुड्डू आदिवासी वर्ष 2017 से जेल में बंद था और गौशाला में गौसेवक के रूप में कार्य करता था। रविवार को वह रोज की तरह अन्य बंदियों के साथ काम करने गया था। शाम करीब 5:30 बजे जब वह बाकी बंदियों के साथ लौट रहा था, तब पानी का पंप बंद करने के लिए उसे वापस भेजा गया यही उसका आखिरी पल साबित हुआ।

    प्रहरी ने देखा फंदे पर लटका शव

    काफी देर तक वापस न लौटने पर जेल प्रहरी अंदर गया, जहां गुड्डू पेड़ से रस्सी के सहारे लटका मिला। उसने गायों को बांधने वाली रस्सी से ही फंदा बनाया था। तुरंत जेल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई।

    परिजनों से दूरी और मानसिक तनाव की आशंका

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक से उसके परिजन मिलने नहीं आते थे और वह कभी पैरोल पर भी नहीं गया था। ऐसे में मानसिक तनाव और अकेलेपन को आत्महत्या की वजह माना जा रहा है। वहीं, कुछ सूत्रों के अनुसार जेल अधिकारियों से उसका विवाद भी चल रहा था।

    पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम आज

    Gandhi Medical College की मर्चुरी में शव रखवाया गया है। सोमवार सुबह परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। Gandhinagar Police Station ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    भोपाल सेंट्रल जेल की यह घटना जेल प्रशासन और बंदियों की मानसिक स्थिति पर कई सवाल खड़े करती है। जांच के बाद ही आत्महत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।