Category: Madhya Pradesh

  • आजीविका मिशन से बदली महिलाओं की तकदीर, कृष्णा आजीविका समूह बना आत्मनिर्भरता की मिसाल

    आजीविका मिशन से बदली महिलाओं की तकदीर, कृष्णा आजीविका समूह बना आत्मनिर्भरता की मिसाल


    भोपाल । मजबूत संकल्प और सामूहिक प्रयास से सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। इसका जीवंत उदाहरण बालाघाट जिले के लांजी विकासखंड के ग्राम कुल्पा की 13 महिलाओं ने पेश किया है। इन महिलाओं ने कृष्णा आजीविका स्व सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपने जीवन में आर्थिक बदलाव लाया है बल्कि पूरे गांव में महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम की है।

    कुछ वर्ष पहले जब इन महिलाओं ने समूह की शुरुआत की थी तब उनके पास सीमित संसाधन थे लेकिन आत्मविश्वास और मेहनत की कमी नहीं थी। उन्होंने नियमित बैठकों मासिक बचत समय पर ऋण वापसी और सामूहिक निर्णय लेने की परंपरा को अपनाकर समूह को मजबूत बनाया। इसी अनुशासन और एकजुटता ने धीरे धीरे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का रास्ता दिखाया।

    शुरुआती छह महीनों में ब्लॉक कार्यालय के मार्गदर्शन से समूह को 13 हजार रुपये की चक्रीय निधि प्राप्त हुई। इसी छोटी राशि से उन्होंने अपनी आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत की। बाद में बैंक सखी के सहयोग से समूह को प्रथम सीसीएल के रूप में एक लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि को महिलाओं ने कृषि कार्य में निवेश किया और 12 महीनों के भीतर ब्याज सहित पूरा ऋण वापस कर दिया।

    समूह की सक्रियता और भरोसेमंद कार्यप्रणाली को देखते हुए उन्हें द्वितीय सीसीएल के रूप में 2 लाख रुपये और तृतीय सीसीएल में 3 लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि से महिलाओं ने बकरी पालन जनरल स्टोर पान दुकान सब्जी उत्पादन ऑनलाइन सेवा केंद्र और ट्रैक्टर खरीद जैसे छोटे छोटे व्यवसाय शुरू किए। इन गतिविधियों से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई बल्कि गांव में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए।

    इसके बाद चतुर्थ सीसीएल के रूप में फिर 3 लाख रुपये की सहायता मिली जिससे महिलाओं ने अपने व्यवसायों का विस्तार किया। साथ ही ग्राम संगठन से 1 लाख 10 हजार रुपये की सीआईएफ राशि भी प्राप्त हुई जिसका उपयोग कृषि और बच्चों की शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया गया।

    आज इस समूह की कई महिलाएं अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। वछला दशहरे की मासिक आय करीब 20 हजार रुपये पुस्तकला वर्मा की लगभग 25 हजार रुपये रामबती दमाहे और इमला शेंडे की करीब 15 हजार रुपये तथा विमला नागपुरे की लगभग 8 हजार रुपये हो गई है। अन्य सदस्य भी बकरी पालन और कृषि कार्य से हर महीने 4 से 5 हजार रुपये की आय कमा रही हैं।

    इस समूह की सबसे प्रेरणादायक कहानी नीरा दशहरे की है। उन्होंने समूह से मिले सहयोग और ऋण का उपयोग अपनी तीनों बेटियों की शिक्षा के लिए किया। आज उनकी तीनों बेटियां अच्छी नौकरी कर रही हैं और लगभग एक लाख रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं।

    ग्राम कुल्पा की इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि जब महिलाएं संगठित होकर आगे बढ़ती हैं तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं बल्कि पूरे समाज में आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई रोशनी भी फैला सकती हैं।

  • भोपाल में 30-31 मार्च को तीन राज्यों के युवा विधायकों का भव्य सम्मेलन, संसदीय नेतृत्व और नीति निर्माण पर होगा मंथन

    भोपाल में 30-31 मार्च को तीन राज्यों के युवा विधायकों का भव्य सम्मेलन, संसदीय नेतृत्व और नीति निर्माण पर होगा मंथन


    नई दिल्ली। भोपाल में 30 और 31 मार्च को तीन राज्यों के युवा विधायकों का भव्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के करीब 70 से 80 युवा विधायक हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन विधानसभा के विधान परिषद भवन में दो दिन तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य संसदीय प्रणाली, विधायी प्रक्रिया और युवा नेतृत्व की भूमिका पर विचार मंथन करना है।

    विशेष रूप से इस सम्मेलन में 45 वर्ष से कम उम्र के युवा विधायक शामिल होंगे, जो राजनीति में नए दृष्टिकोण और सक्रिय नेतृत्व की छवि रखते हैं। विधानसभा सचिवालय ने इस आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया है और यह सुनिश्चित किया है कि सभी प्रतिभागियों के लिए व्यवस्थित व्यवस्था हो। राजस्थान और छत्तीसगढ़ से आने वाले विधायकों की सूची पहले ही मांगी जा चुकी है।

    इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय शामिल होंगे। इसके अलावा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्षों को भी आमंत्रण भेजा गया है।

    युवा विधायक सम्मेलन का उद्देश्य युवा नेताओं को संसदीय प्रणाली की बारीकियों से परिचित कराना, नीति निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाना और अंतरराज्यीय सहयोग को मजबूत करना है। कार्यक्रम में युवा विधायकों को राज्य और केंद्र स्तर के अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें बेहतर नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।

    संविधानिक प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए यह सम्मेलन युवा विधायकों के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा का केंद्र बन जाएगा। विधानसभा सचिवालय और प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा की देखरेख में यह आयोजन सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न होगा। दो दिवसीय कार्यक्रम में सत्र, कार्यशालाएं और चर्चा सत्र होंगे, जिनमें सांसद और वरिष्ठ विधायक भी भाग लेकर मार्गदर्शन देंगे।

    इस सम्मेलन से न केवल तीनों राज्यों के युवा विधायक राजनीतिक और प्रशासनिक ज्ञान प्राप्त करेंगे, बल्कि वे आपसी अनुभव साझा करके नए विचारों और सुधारों के लिए प्रेरित होंगे। यह आयोजन राज्य और केंद्र के युवा नेताओं को एक मंच पर लाकर लोकतांत्रिक और उत्तरदायी नेतृत्व को बढ़ावा देगा।

  • भिंड: दोस्ती की आड़ में 'हवस का जाल'; दो बहनों ने छात्रा को फंसाया, भाई 6 महीने तक करता रहा रेप; गर्भवती होने पर खुला राज

    भिंड: दोस्ती की आड़ में 'हवस का जाल'; दो बहनों ने छात्रा को फंसाया, भाई 6 महीने तक करता रहा रेप; गर्भवती होने पर खुला राज


    भिंड । मध्यप्रदेश के भिंड जिले में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक दलित छात्रा को उसकी ही सहेलियों ने साजिश के तहत अपने भाई की हवस का शिकार बनवा दिया। आरोपी साहिल ने छात्रा को डरा-धमकाकर 6 महीने तक उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्रा गर्भवती हो गई और उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने पूछताछ की। गुरुवार को पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है, जबकि आरोपी फिलहाल फरार है।

    साजिश: सहेलियों ने कमरे में किया बंद, भाई ने की दरिंदगी
    पुलिस जांच अधिकारी रवींद्र सिंह तोमर के अनुसार, छात्रा की दोस्ती मोहल्ले की ही दो बहनों से थी। परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं:

    आरोपी साहिल की बहनें अक्सर छात्रा को अपने घर बुलाती थीं। एक दिन उन्होंने साजिश के तहत छात्रा को कमरे में बुलाया और खुद बाहर से दरवाजा बंद कर दिया।कमरे में पहले से मौजूद साहिल ने छात्रा के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर उसने छात्रा को बदनाम करने और जान से मारने की धमकी दी। इस धमकी के दम पर आरोपी साहिल पिछले 6 महीनों से लगातार छात्रा का यौन शोषण करता रहा।

    जनाक्रोश: हिंदू संगठनों ने घेरा थाना, सख्त कार्रवाई की मांग
    जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, भिंड में तनाव और आक्रोश फैल गया। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में थाने पहुँचे।संगठन के नेताओं (नीतीश भारद्वाज, सुरेंद्र शुक्ला भोले) ने कहा कि दलित समाज की बेटियों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    सख्त सजा की मांग: प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि आरोपी साहिल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में कार्रवाई कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए।

  • मुरैना: कैलारस पुलिस ने लकड़ी की गुमठी से 1 लाख 2 हजार की अवैध शराब जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार

    मुरैना: कैलारस पुलिस ने लकड़ी की गुमठी से 1 लाख 2 हजार की अवैध शराब जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार


    मुरैना। कैलारस थाना पुलिस ने बुधवार रात क्वारी बिलगांव के पास सड़क किनारे स्थित लकड़ी की गुमठी पर छापा मारकर 1 लाख 2 हजार रुपए की अवैध शराब जब्त की है। यह शराब देशी और अंग्रेजी दोनों प्रकार की थी। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो इस गुमठी से ग्रामीण इलाकों में शराब बेच रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

    पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्वारी बिलगांव में सड़क किनारे रखी एक लकड़ी की गुमठी में भारी मात्रा में अवैध शराब का भंडारण किया गया है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने बुधवार रात मौके पर जाकर चेकिंग और तलाशी शुरू की।

    पुलिस की टीम के मौके पर पहुंचते ही आरोपी उसी गुमठी पर मौजूद पाया गया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। मौके से पकड़ा गया आरोपी अरविंद कुशवाह, पुत्र दीवान सिंह कुशवाह, निवासी क्वारी बिलगांव है।

    कैलारस थाना प्रभारी सतेंद्र कुशवाह ने बताया कि आरोपी पहले भी कई बार अवैध शराब तस्करी और बिक्री के आरोप में पकड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा, “पुलिस को सूचना मिली कि गुमठी में शराब भंडारित की जा रही है और वही से बिक्री भी हो रही थी। इस पर तत्काल कार्यवाही की गई और अवैध शराब जब्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया।”

    पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ग्रामीण इलाकों में शराब की अवैध बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है। आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि उसके नेटवर्क और अवैध शराब के अन्य स्रोतों का पता लगाया जा सके।

    इस कार्रवाई से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और संबंधित अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    अवैध शराब के बढ़ते प्रचलन और ग्रामीण इलाकों में इसके नुकसान को देखते हुए पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।

  • मिडिल ईस्ट तनाव का असर ग्वालियर की बाजारों में, किराना, रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़े

    मिडिल ईस्ट तनाव का असर ग्वालियर की बाजारों में, किराना, रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़े


    ग्वालियर। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और इजराइल-ईरान संघर्ष का असर अब ग्वालियर के बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। शहर में धीरे-धीरे महंगाई बढ़ रही है, जिससे आम लोगों के घर का बजट प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि अगर हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो रोजमर्रा की चीजों के दाम और तेजी से बढ़ सकते हैं।
    शहर में एलपीजी गैस की स्थिति भी प्रभावित हुई है। एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। इसके कारण घरेलू गैस की मांग अचानक बढ़ गई है। कई लोगों का कहना है कि कुछ लोग सिलेंडर स्टॉक कर रहे हैं, जिसके चलते जरूरतमंदों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है।

    किराना बाजार में भी महंगाई का असर साफ दिखाई देने लगा है। व्यापारियों के अनुसार कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में 5 से 10 रुपए तक की बढ़ोतरी होने लगी है। उनका कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।

    किराना व्यापारी गोकुल बंसल के मुताबिक खाने के तेल की कीमत में लगभग 10 रुपए प्रति किलो और एक कनस्तर पर करीब 100 रुपए तक का फर्क आ चुका है। इसके अलावा दाल और चावल के दाम भी धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि बाजार में एक वस्तु की कीमत बढ़ने का असर दूसरी चीजों पर भी पड़ता है, इसलिए हालात सामान्य होना जरूरी है।

    ड्राई फ्रूट्स के बाजार में भी तेजी देखने को मिल रही है। ग्वालियर में अधिकांश ड्राई फ्रूट्स बाहरी राज्यों और विदेशों से आते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का सीधा असर कीमतों पर पड़ रहा है। ड्राई फ्रूट्स व्यापारी मानस गोयल के अनुसार पिस्ता की कीमत में करीब 300 से 400 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि डोडी के दाम भी लगभग 100 रुपए प्रति किलो बढ़े हैं।

    उन्होंने बताया कि ईरान से आने वाले कई उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। काली किशमिश और अन्य रेजिन आइटम्स में 100 से 200 रुपए तक का अंतर देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति दो सप्ताह और बनी रही, तो आम लोगों के लिए ड्राई फ्रूट्स खरीदना मुश्किल हो सकता है।

    इधर गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण लकड़ी की मांग भी बढ़ने लगी है। लकड़ी और कोयला व्यापारियों के मुताबिक लकड़ी की मांग में करीब 10 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। लकड़ी व्यवसायी नेहा गुप्ता ने बताया कि कोयले की मांग फिलहाल स्थिर है, लेकिन गैस की उपलब्धता प्रभावित होने के कारण होटल, कैटरर्स और मैरिज हॉल में लकड़ी की सप्लाई बढ़ने लगी है।

  • उज्जैन: चरक अस्पताल में कलेक्टर का आकस्मिक निरीक्षण, 4 डॉक्टरों का वेतन काटा, सिक्योरिटी एजेंसी पर जुर्माना

    उज्जैन: चरक अस्पताल में कलेक्टर का आकस्मिक निरीक्षण, 4 डॉक्टरों का वेतन काटा, सिक्योरिटी एजेंसी पर जुर्माना



    उज्जैन। जिले के सबसे बड़े चरक अस्पताल में गुरुवार दोपहर अचानक कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर कलेक्टर ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई।

    ड्यूटी रजिस्टर में साइन न करने वाले चार डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। वहीं, अस्पताल की सुरक्षा में चूक मिलने पर सिक्योरिटी एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
    ड्यूटी रजिस्टर में साइन न करने वाले चार डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। वहीं, अस्पताल की सुरक्षा में चूक मिलने पर सिक्योरिटी एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

    कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि निरीक्षण लगभग एक घंटे तक चला। उन्होंने देखा कि ओपीडी, इमरजेंसी और वार्डों के लिए अलग-अलग ड्यूटी रजिस्टर रखे गए थे, जिससे व्यवस्थाओं में गड़बड़ी सामने आई। उन्होंने निर्देश दिए कि रोस्टर और ड्यूटी चार्ट को सुधारकर बेहतर बनाया जाए।

    इस दौरान उन्होंने अस्पताल में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और इसे संतोषजनक पाया। उन्होंने कहा कि लिफ्ट का काम एक माह में पूरा किया जाएगा और दो नई लिफ्टें जल्द ही लगाई जाएंगी।

    कलेक्टर ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोकन सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए। इससे गर्भवती महिलाओं और ऑर्थोपेडिक मरीजों को लंबे समय तक खड़ा रहने की समस्या नहीं होगी।

    सिक्योरिटी गार्ड की लापरवाही पाए जाने पर सिक्योरिटी एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं, समय पर ओपीडी में न पहुंचने वाले चार डॉक्टरों को नोटिस जारी करने और उनके वेतन में कटौती करने के आदेश भी दिए गए।

    कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण सुशासन के निर्देश के तहत किया गया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को आगाह किया कि सभी व्यवस्थाओं में सुधार और रोगियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

    इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी, और जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  • पंधाना एसडीएम दीक्षा भगोरे हटाई गई, 1400 जाति प्रमाण-पत्र रिजेक्ट और सरकारी जमीनों पर कब्जे के आरोप

    पंधाना एसडीएम दीक्षा भगोरे हटाई गई, 1400 जाति प्रमाण-पत्र रिजेक्ट और सरकारी जमीनों पर कब्जे के आरोप


    खंडवा। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बुधवार को डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को पंधाना एसडीएम पद से हटा दिया है। उन्हें अब कलेक्ट्रेट कार्यालय में निर्वाचन शाखा सहित अन्य जिम्मेदारियां दी गई हैं। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, भगोरे के खिलाफ शिकायतों की लंबी फेहरिस्त है, जिसमें सरकारी जमीनों पर कब्जा कराना, जाति प्रमाण-पत्र आवेदन रिजेक्ट करना और प्रशासनिक लापरवाही शामिल हैं।

    स्थानीय नेताओं ने कहा कि दीक्षा भगोरे के एसडीएम कार्यकाल की पूरी जांच होना चाहिए। इसके लिए वे भोपाल जाकर मुख्य सचिव से मिलकर औपचारिक जांच की मांग करेंगे।

    जानकारी के अनुसार, भगोरे के रहते हुए बोरगांव बुजुर्ग और आसपास की बेशकीमती सरकारी जमीनों पर कब्जे हुए। आरोप है कि इसमें पूर्व विधायक के करीबी शामिल थे। शिकायतों के बावजूद एसडीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की।

    साथ ही, जाति प्रमाण-पत्र के लगभग 1400 आवेदन बिना किसी वजह रिजेक्ट किए गए। जिन्होंने इसके खिलाफ अपील की, उनके प्रमाण-पत्र जारी किए गए। कई आवेदकों से कहा गया कि विधायक की अनुशंसा लेकर आएं, तभी प्रमाण-पत्र बनेगा। यह प्रक्रिया प्रशासनिक अनियमितता और लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है।

    स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि दीक्षा भगोरे ने धारा 151 के अपराधियों को जमानत देने में धांधली की। स्टाफ ने कथित रूप से अपराधियों से पैसे लेकर जमानत दी और कहा कि यह एसडीएम के निर्देशानुसार किया गया।

    पंधाना विधायक छाया मोरे की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। उनकी जगह अब पूर्व डिप्टी कलेक्टर दिनेश सांवले को एसडीएम का चार्ज दिया गया है।

    इस पूरे कार्यकाल के दौरान दीक्षा भगोरे की प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी जमीनों की सुरक्षा पर सवाल उठते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका प्रशासनिक दृष्टिकोण कमजोर रहा और जनहित के मामलों में उन्होंने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

    सूत्रों के अनुसार, जब मीडिया ने एसडीएम दीक्षा भगोरे से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। अब इस मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव से शिकायत कर औपचारिक जांच की मांग की जाएगी।

    यह कदम प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • प्रहलाद पटेल के साथ दिल्ली में मिले सीएम मोहन यादव, सरसों और तुअर किसानों को बड़ी राहत

    प्रहलाद पटेल के साथ दिल्ली में मिले सीएम मोहन यादव, सरसों और तुअर किसानों को बड़ी राहत

    नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा किसानों की फसलों से जुड़ी समस्याओं और उनकी आय बढ़ाने के उपाय थे।

    बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि यह चर्चा मुख्यतः सरसों और तुअर की फसल से संबंधित रही। लंबे समय से लंबित सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना को हरी झंडी दे दी गई है। इसका लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों में मिलेगा और यह उनके लिए बड़ी राहत साबित होगी। इससे प्रदेश के लाखों सरसों उत्पादक किसानों को बाजार मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि मिल सकेगी।

    इसके अलावा, तुअर की पूरी फसल 100 प्रतिशत सरकारी खरीद के तहत खरीदी जाएगी। शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को इस योजना का स्वीकृति पत्र भी सौंपा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम मध्य प्रदेश के दलहन उत्पादन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा।

    दिल्ली में हुई इस बैठक की पृष्ठभूमि में एमपी विधानसभा का हालिया बजट सत्र भी रहा। सत्र के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयानों से सीएम और उनके बीच अंदरूनी मतभेद नजर आए थे। इसके बाद पिछले हफ्ते सीएम मोहन यादव, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने अलग-अलग समय पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। हालांकि इस बार कैलाश विजयवर्गीय निजी कार्यक्रम में व्यस्त रहे और बैठक में शामिल नहीं हो पाए।

    बैठक में यह भी तय किया गया कि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। इसमें मध्य प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इस वर्ष में मूंग, उड़द, सोयाबीन और अन्य तिलहनों पर विशेष फोकस रहेगा। सरकार किसानों के लिए योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन और बेहतर निगरानी भी सुनिश्चित करेगी।

    शिवराज-मोहन-प्रहलाद की यह बैठक किसानों के हितों के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि भावांतर भुगतान योजना और तुअर की पूरी सरकारी खरीद से किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और राज्य में दलहन उत्पादन में तेजी आएगी।

    प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार मिलकर किसानों की आय बढ़ाने, फसल की सही कीमत सुनिश्चित करने और उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। यह बैठक किसानों के लिए वास्तविक राहत और लंबे समय से प्रतीक्षित निर्णयों का परिणाम साबित होगी।

  • भोपाल: LLB छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, महीने भर से कॉलेज से कटी थी अंकिता, परिजनों से कहती रही- 'पढ़ाई में मन नहीं लग रहा'

    भोपाल: LLB छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, महीने भर से कॉलेज से कटी थी अंकिता, परिजनों से कहती रही- 'पढ़ाई में मन नहीं लग रहा'


    भोपाल। राजधानी के अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक छात्रा के आत्मघाती कदम ने सबको झकझोर कर रख दिया। 17 वर्षीय अंकिता थापा, जो एलएलबी (LLB) प्रथम वर्ष की छात्रा थी, ने अपने ही कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का खुलासा तब हुआ जब देर रात परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे मौत की असली वजह अब भी रहस्य बनी हुई है।अंकिता के व्यवहार में पिछले कुछ समय से आए बदलावों ने परिजनों को चिंतित कर रखा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी।

    कॉलेज से किनारा

    अंकिता पिछले करीब एक महीने से कॉलेज नहीं जा रही थी। वह घर पर ही रह रही थी और उसने खुद को बाहरी दुनिया से सीमित कर लिया था।एएसआई मनोज सिंह के अनुसार, अंकिता अक्सर अपने माता-पिता से शिकायत करती थी कि उसका “पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है।” हालांकि, उसने पढ़ाई के अलावा किसी अन्य परेशानी या किसी के द्वारा प्रताड़ित किए जाने का जिक्र कभी नहीं किया।

    उलझी गुत्थी: सुसाइड नोट न मिलने से बढ़ा सस्पेंस
    पुलिस के लिए यह मामला फिलहाल एक अबूझ पहेली बना हुआ है।अंकिता की एक जुड़वा बहन और एक छोटा भाई है। जुड़वा बहन के साथ उसका गहरा लगाव था, ऐसे में परिवार का हर सदस्य इस बात से हैरान है कि अंकिता ने अपने मन की बात किसी से साझा क्यों नहीं की।पुलिस अब अंकिता के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि परिजनों के विस्तृत बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह कदम केवल पढ़ाई के तनाव की वजह से था या इसके पीछे कोई और गहरा कारण छिपा है।

  • भोपाल के जवाहर चौक में 5 दुकानों के छज्जे गिरे, मेट्रो निर्माण पर दुकानदारों का विरोध

    भोपाल के जवाहर चौक में 5 दुकानों के छज्जे गिरे, मेट्रो निर्माण पर दुकानदारों का विरोध


    भोपाल। शहर के जवाहर चौक इलाके में गुरुवार दोपहर अचानक 5 दुकानों के छज्जे गिरने से अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों और वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सभी दुकानदार अपनी जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे।

    मौके पर विधायक भगवान दास सबनानी और पार्षद जगदीश यादव भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों से बातचीत कर तत्काल राहत और मामले की जांच के निर्देश दिए।

    मेट्रो निर्माण को कारण मान रहे दुकानदार
    धन्यवाद की गई दुकानों में शामिल हैं:

    2 फोटो फ्रेम की दुकानें

    1 ऑटोमोबाइल की दुकान

    1 कपड़ा दुकान

    1 स्पोर्ट्स आइटम की दुकान

    दुकानदारों ने बताया कि ये दुकाने लगभग 40 साल पुरानी हैं और लंबे समय से स्थानीय व्यापार कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सामने मुख्य सड़क पर चल रहा मेट्रो निर्माण कार्य इस हादसे का कारण हो सकता है।

    क्षेत्र में मची अफरा-तफरी
    घटना के समय दुकानदार और राहगीर अचानक गिरी छज्जों की आवाज सुनकर दौड़ पड़े। प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा किया।

    दुकानदारों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण उनके ऊपर खतरा मंडरा गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मेट्रो निर्माण कार्य को प्रभावित दुकानों के आसपास सुरक्षित तरीके से कराया जाए और नुकसान की भरपाई की जाए।

    अधिकारियों ने की जांच शुरू
    नगर निगम और मेट्रो परियोजना अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। छज्जों के गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम भी बुलाने की योजना है।

    विधायक और पार्षद ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर राहत प्रदान करने और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।

    जनता में सुरक्षा को लेकर चिंता
    स्थानीय लोग भी इस घटना से चिंतित हैं और मांग कर रहे हैं कि मेट्रो निर्माण के दौरान उचित सुरक्षा उपायों को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़क और बाजार क्षेत्र में रोजाना भारी भीड़ रहती है, ऐसे में यह हादसा भविष्य में बड़ा संकट खड़ा कर सकता है।

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