Category: Madhya Pradesh

  • पिता को जेल से छुड़ाकर लाया बेटा, उसी की बात से आहत होकर खा लिया जहर: खंडवा में 22 वर्षीय युवक की मौत

    पिता को जेल से छुड़ाकर लाया बेटा, उसी की बात से आहत होकर खा लिया जहर: खंडवा में 22 वर्षीय युवक की मौत


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के छैगांवमाखन थाना क्षेत्र के ग्राम हरसवाड़ा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 22 वर्षीय युवक प्रवीण मंडलोई (गुर्जर) ने कथित रूप से सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार सुबह उसने जहर निगला था और इलाज के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

    परिजनों के अनुसार, प्रवीण अपने पिता को चोरी के आरोप में जेल से जमानत पर छुड़वाकर घर लाया था, लेकिन उसी रात पिता से हुई कहासुनी के बाद उसने यह कदम उठा लिया।

    इंदौर में डेयरी पर करता था काम
    मृतक के मामा भगवान गुर्जर ने बताया कि प्रवीण इंदौर में एक दूध डेयरी पर नौकरी करता था। कुछ दिनों पहले उसके पिता कैलाश मंडलोई को गांव के कोटवार के घर चोरी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।यह खबर मिलने पर प्रवीण तुरंत इंदौर से अपने गांव पहुंचा। परिवार के लोगों ने उसे सलाह दी कि पिता की जमानत करवा लो, शायद वह सुधर जाएं। इसके बाद प्रवीण ने बुधवार को करीब 10 हजार रुपए खर्च कर पिता की जमानत कराई और उन्हें घर लेकर आया।

    गांव के बाहर बैठकर पीने लगा शराब
    परिवार वालों के मुताबिक, शाम को जब प्रवीण अपने पिता को लेकर गांव पहुंचा तो रास्ते में ही पिता ने शराब खरीद ली और पीने बैठ गया। बेटे ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि परिवार की पहले ही बदनामी हो चुकी है, इसलिए अब शराब छोड़ दें और गलत रास्ते से दूर रहें।

    पिता के शब्दों से टूट गया बेटा
    जब पिता ने उसकी बात नहीं मानी, तो प्रवीण ने कहा कि अगर आप शराब नहीं छोड़ोगे तो मैं मर जाऊंगा। इस पर पिता ने कथित रूप से जवाब दिया। जा तू मर जा, मैं तो शराब पीना नहीं छोड़ूंगा।बताया जा रहा है कि पिता के इन शब्दों से प्रवीण गहरे आहत हो गया। अगले दिन गुरुवार सुबह उसने सल्फास खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिवार उसे जिला अस्पताल खंडवा लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    कोरोना में हो चुका था मां का निधन
    परिजनों के मुताबिक, प्रवीण के परिवार में अब केवल एक बहन और पिता ही हैं। उसकी मां का निधन कोरोना काल में हो चुका था। इसके बाद से ही प्रवीण परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था।वह खेती-बाड़ी का काम भी देखता था और जरूरत पड़ने पर इंदौर जाकर नौकरी करता था।

    फसल कटाई के लिए रुका था गांव प्रवीण बुधवार रात ही वापस इंदौर काम पर जाने वाला था, लेकिन परिजनों ने उसे यह कहकर रोक लिया कि गेहूं और चने की फसल कट गई है, उसे बेचकर चला जाना। प्रवीण ही पूरे घर की खेती-बाड़ी संभालता था, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस फसल को काटने के लिए वह रुका है, वही उसकी जिंदगी की आखिरी फसल साबित होगी।

  • भारत मंडपम में अमृत मित्र महोत्सव: महिला सशक्तिकरण और शहरी विकास का संगम

    भारत मंडपम में अमृत मित्र महोत्सव: महिला सशक्तिकरण और शहरी विकास का संगम


    नई दिल्ली । नई दिल्ली में 13 मार्च को आयोजित होने वाले अमृत मित्र महोत्सव में देशभर से स्व-सहायता समूह की महिलाएँ शामिल होंगी। मध्यप्रदेश की लगभग 300 महिलाएँ इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए भाग लेंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि राज्य के 55 नगरीय निकायों में 312 स्व-सहायता समूहों की 1 028 महिलाओं को अमृत मित्र के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन महिलाओं ने जल गुणवत्ता परीक्षण सार्वजनिक उद्यानों के रख-रखाव और केंद्र सरकार के पेड़ों के लिए महिलाएं कार्यक्रम के तहत पौधरोपण एवं सुरक्षा के कार्यों को सफलतापूर्वक निभाया है।

    यह महोत्सव भारत मंडपम नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है और इसमें उत्तर प्रदेश हरियाणा महाराष्ट्र राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों से भी अमृत मित्र महिलाएँ सम्मिलित होंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देना और शहरी विकास में उनके योगदान को रेखांकित करना है।

    केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर इस अवसर पर जल संरक्षण स्वच्छता और शहरी प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित करेंगे। यह न केवल महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देगा बल्कि महिला नेतृत्व के माध्यम से सतत शहरी विकास की संकल्पना को भी सुदृढ़ करेगा।

    आयुक्त संकेत भोंडवे ने नई दिल्ली जा रही सभी अमृत मित्र महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल शहरी विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश की महिलाएँ इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य के नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी।

    अमृत मित्र पहल के तहत महिलाएँ केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय मंच पर भी शहरी विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को निभा रही हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण और शहरी प्रबंधन के संगम का प्रतीक बनकर सामने आई है। आयोजन में सहभागिता से महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा और शहरी क्षेत्रों में सतत विकास के लिए उनका नेतृत्व और अधिक सशक्त होगा।

  • जबलपुर में एटीएम ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: मदद के बहाने बदलता था कार्ड, 66 एटीएम कार्ड और स्कूटी जब्त

    जबलपुर में एटीएम ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: मदद के बहाने बदलता था कार्ड, 66 एटीएम कार्ड और स्कूटी जब्त


    जबलपुर।  शहर में एटीएम से पैसे निकालने आए लोगों को मदद का झांसा देकर उनका कार्ड बदलने और खातों से पैसे निकालने वाले शातिर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से शहर के अलग-अलग एटीएम में वारदात को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने उसके पास से 66 एटीएम कार्ड, नकदी, स्कूटी और सोने की झुमकी बरामद की है।

    यह कार्रवाई गोरखपुर और केंट थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार शाम की। आरोपी के खिलाफ शहर के चार अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज थे। पुलिस ने ठगी से निकाली गई 3 लाख 68 हजार रुपए की रकम को संबंधित बैंक खातों में होल्ड भी करवा दिया है।

    मदद के नाम पर करता था ठगी
    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी एटीएम में आने वाले लोगों को मदद करने का प्रस्ताव देता था। वह विशेष रूप से बुजुर्ग या एटीएम इस्तेमाल में अनजान लोगों को निशाना बनाता था। बातचीत के दौरान वह उनका एटीएम पिन देख लेता और मौका मिलते ही उनका कार्ड बदल देता था।इसके बाद वह बदले हुए कार्ड के जरिए नजदीकी एटीएम से पैसे निकालता या खरीदारी करता था।

    बुजुर्ग के खाते से निकाले 1.06 लाख
    इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 80 वर्षीय बीएस सिडाम, निवासी थम्मन कॉम्प्लेक्स ने गोरखपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर 2025 को छोटी लाइन स्थित एसबीआई एटीएम में एक युवक ने मदद का बहाना बनाकर उनका कार्ड बदल लिया। बाद में उनके खाते से 1 लाख 6 हजार 160 रुपए निकाल लिए गए।

    कई थानों में दर्ज हैं केस
    जांच में पता चला कि आरोपी ने शहर के कई इलाकों में इसी तरह की वारदातें की थीं।केंट थाना क्षेत्र में रोहित सेन (34) के खाते से 59 हजार 300 रुपए निकाले गए।ओमती थाना क्षेत्र में रसीद उद्दीन (60) के खाते से 1 लाख 18 हजार 80 रुपए की ठगी हुई।बेलबाग थाना क्षेत्र में विजय कुमार चौधरी (47) के खाते से 47 हजार रुपए निकाले गए।इन सभी मामलों में आरोपी ने एटीएम में कार्ड बदलकर ही ठगी की थी।

    सीसीटीवी से मिला सुराग
    लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। टीम ने एटीएम के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की।

    जांच के आधार पर पुलिस ने विनोद गौतम (28) निवासी तिलक वार्ड, रेलवे स्टेशन के पास, जिला सिवनी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

    बड़ी संख्या में कार्ड और सामान बरामद
    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 66 एटीएम कार्ड, 5500 रुपए नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई जुपिटर स्कूटी और करीब 55 हजार रुपए कीमत की सोने की झुमकी जब्त की है।

    अन्य मामलों के खुलासे की उम्मीद
    पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में शहर और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य एटीएम ठगी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि एटीएम में अजनबी लोगों से मदद न लें और अपना पिन किसी को न बताएं, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

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  • भिण्ड में नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर मामला दर्ज, आरोपी फरार

    भिण्ड में नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर मामला दर्ज, आरोपी फरार


    भिण्ड । भिण्ड जिले के लहार अनुभाग के रौन थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता कक्षा आठवीं की छात्रा है और हाल ही में गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया।

    जानकारी के अनुसार पीड़िता की मोहल्ले में रहने वाली दो सगी बहनों के साथ दोस्ती थी। दोनों बहनें अक्सर उसे अपने घर बुलाती थीं। इसी दौरान उन्होंने अपने भाई Sahil से उसकी पहचान कराई। परिजनों का आरोप है कि एक दिन दोनों बहनों ने किशोरी को घर बुलाकर कमरे में अकेला छोड़ दिया और बाहर चली गईं। इसी दौरान साहिल ने उसके साथ जबरन गलत संबंध बनाए और किसी को बताने पर बदनाम करने की धमकी दी।

    पीड़िता के परिजन ने बताया कि उन्होंने साहिल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन आरोपी साहिल फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन जारी है।

    घटना ने इलाके में सुरक्षा और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी संसाधन लगाए जा रहे हैं और पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। यह मामला स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बन गया है क्योंकि ऐसे अपराधों में त्वरित कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है।

  • बैतूल में आदिवासी भूमि अधिकारों को लेकर जयस का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

    बैतूल में आदिवासी भूमि अधिकारों को लेकर जयस का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


    बैतूल । बैतूल जिले में आदिवासी भूमि अधिकारों को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के लोगों ने रानी दुर्गावती ऑडिटोरियम में सभा आयोजित की जिसमें संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की गई।

    सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर बैतूल कलेक्ट्रेट का रुख किया। वहां उन्होंने राज्यपाल के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से आदिवासी भूमि संरक्षण जमीन हड़पने के खिलाफ सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा को सुनिश्चित करने की मांग की गई।

    कार्यकर्ताओं का कहना था कि पिछले वर्षों में आदिवासी भूमि से जुड़े मुद्दों पर प्रशासनिक कार्रवाई में देरी और कानूनी रूप से सही संरक्षण न होने के कारण कई समुदाय प्रभावित हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत आदिवासी भूमि के संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों को प्राथमिकता दी जाए।

    आदिवासी समाज के लोग और युवा कार्यकर्ता इस प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश देना चाहते हैं कि वे अपने अधिकारों के लिए सतत जागरूक हैं और उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए जिससे प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक उनकी मांगों का प्रभावी संदेश पहुंचा।

  • बैतूल में नरोत्तम मिश्रा ने सुरभि खंडेलवाल को दी श्रद्धांजलि

    बैतूल में नरोत्तम मिश्रा ने सुरभि खंडेलवाल को दी श्रद्धांजलि


    बैतूल । बैतूल मध्यप्रदेश में गुरुवार को पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दुखद निधन के शोक में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के निवास पर पहुंचकर उनकी पुत्री सुरभि खंडेलवाल को श्रद्धांजलि दी अर्पित की।

    मिश्रा ने खंडेलवाल परिवार से मुलाकात कर इस कठिन समय में संवेदना व्यक्त की और परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने दिवंगत सुरभि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कुछ समय तक परिवार के साथ बैठकर शोक व्यक्त किया।

    इस दौरान उन्होंने कहा कि परिवार इस दुखद समय में अकेला नहीं है और पार्टी एवं समाज उनके साथ खड़ा है। मिश्रा की यह श्रद्धांजलि स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव का अवसर भी बनी।

    खंडेलवाल परिवार ने मिश्रा के इस दुख साझा करने के कदम की सराहना की और कहा कि उनके साथ मौजूदगी से परिवार को कुछ सांत्वना मिली।

    यह घटना बैतूल में राजनीति और समाज के बीच मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक बनकर सामने आई, जहां नेता अपने संवेदनशील दृष्टिकोण से परिवार के दुःख में साझीदार बने।

  • बैतूल के घोघरा में चार साल से बंद नल-जल योजना, ग्रामीण नदी और कुएं पर निर्भर

    बैतूल के घोघरा में चार साल से बंद नल-जल योजना, ग्रामीण नदी और कुएं पर निर्भर

    बैतूल । बैतूल जिले के आदिवासी बहुल भीमपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत चोहटा पोपटी के अंतर्गत आने वाले ग्राम घोघरा में नल-जल योजना पिछले चार वर्षों से ठप पड़ी हुई है। इस वजह से ग्रामीणों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए आज भी प्राकृतिक स्रोतों नदी और कुएं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि योजना के तहत बोरवेल और ट्यूबवेल का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके साथ ही पाइपलाइन बिछा दी गई है और संपवेल का निर्माण भी तैयार है। बावजूद इसके योजना को शुरू नहीं किया गया है जिससे गांव के लोग अब भी कठिन परिस्थितियों में जलापूर्ति के लिए प्रयासरत हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि पानी की कमी खासकर गर्मियों में गंभीर रूप ले लेती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन गई है। पंचायत और स्थानीय प्रशासन से बार-बार संपर्क के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

    वहीं ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग जल्द ही इस योजना को चालू करके गांव में सुरक्षित और नियमित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि योजना शुरू होने से ग्रामीणों का जीवन आसान होगा और स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से भी राहत मिलेगी।

  • ग्वालियर में ई-वाहनों को बढ़ावा: पहला चार्जिंग स्टेशन शुरू, 15 रुपए प्रति यूनिट पर मिलेगी सुविधा

    ग्वालियर में ई-वाहनों को बढ़ावा: पहला चार्जिंग स्टेशन शुरू, 15 रुपए प्रति यूनिट पर मिलेगी सुविधा



    ग्वालियर।  शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए नगर निगम ने पहला ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन शुरू कर दिया है। अब शहर के ई-वाहन चालक पेट्रोल पंप की तरह आसानी से अपने वाहनों को चार्ज करा सकेंगे। यहां ₹15 प्रति यूनिट के हिसाब से चार्जिंग की सुविधा मिलेगी।

    यह चार्जिंग स्टेशन सिटी सेंटर स्थित तरुण पुष्कर के पास स्थापित किया गया है। इसका उद्घाटन गुरुवार को ग्वालियर की महापौर शोभा सिकरवार ने किया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त संघप्रिय सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

    नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों को देखते हुए यह सुविधा शुरू की गई है, ताकि वाहन चालकों को चार्जिंग के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।

    पेट्रोल पंप की तरह होगी चार्जिंग
    नगर निगम की सहायक यंत्री (विद्युत) अभिलाषा बघेल ने बताया कि यह स्टेशन पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस है और यहां पेट्रोल पंप की तरह चार्जिंग गन का उपयोग किया जाएगा। वाहन चालक अपने ई-वाहन को चार्जिंग गन से कनेक्ट कर चार्ज करा सकेंगे।

    चार्जिंग पूरी होने के बाद मशीन में इस्तेमाल हुई बिजली की यूनिट और कुल राशि स्क्रीन पर दिखाई देगी। भुगतान करने के बाद कर्मचारी चार्जिंग गन हटा देंगे। इससे प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनी रहेगी।

    45 मिनट में 80 प्रतिशत बैटरी चार्ज
    यह चार्जिंग स्टेशन 60 KVA क्षमता का है। इसकी मदद से बड़ी इलेक्ट्रिक कार की करीब 80 प्रतिशत बैटरी लगभग 45 मिनट में चार्ज हो सकती है। इससे शहर में ई-वाहन चलाने वालों को तेज और सुविधाजनक चार्जिंग सुविधा मिल सकेगी।

    एक साथ दो वाहन होंगे चार्ज
    इस स्टेशन पर एक समय में दो ई-वाहनों को चार्ज किया जा सकता है। इससे व्यस्त समय में भी वाहन चालकों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

    शहर में पांच स्थानों पर बनेंगे चार्जिंग स्टेशन
    नगर निगम ने शहर में कुल पांच स्थानों को ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन के लिए चिन्हित किया है। फिलहाल इनमें से तीन स्थानों पर स्टेशन चालू हो चुके हैं।

    इनमेंतरुण पुष्कर, सिटी सेंटर,नगर निगम मुख्यालय के पास मल्टीलेवल पार्किंग (सिटी सेंटर) मल्टीलेवल पार्किंग कंपूशामिल हैं। बाकी स्थानों पर भी जल्द ही चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जाने की योजना है।

    पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम
    नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से प्रदूषण में कमी आएगी और शहर का पर्यावरण बेहतर होगा। इसी उद्देश्य से शहर में धीरे-धीरे चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।

  • हाईकोर्ट का अहम आदेश: महिला को सुरक्षा के साथ ससुराल भेजा, पति-ससुर को सम्मानजनक व्यवहार की सख्त हिदायत

    हाईकोर्ट का अहम आदेश: महिला को सुरक्षा के साथ ससुराल भेजा, पति-ससुर को सम्मानजनक व्यवहार की सख्त हिदायत


    ग्वालियर। पारिवारिक विवाद से जुड़े एक मामले में बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अहम आदेश देते हुए एक महिला को सुरक्षा व्यवस्था के साथ उसके ससुराल लौटने की अनुमति दी। अदालत ने साथ ही महिला के पति और ससुर को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार करें और किसी भी प्रकार की प्रताड़ना न करें। कोर्ट ने महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था भी लागू की है।

    यह मामला हैबियस कॉर्पस याचिका के रूप में अदालत के सामने आया था। याचिकाकर्ता प्रदीप राठौर ने कोर्ट में आरोप लगाया था कि उसकी बहन प्रियंका राठौर को उसके पति नरेंद्र राठौर और ससुर द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि परिवार के लोगों को उससे संपर्क करने नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते मामला अदालत तक पहुंचा।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने महिला, उसके पति और अन्य संबंधित पक्षों को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के दौरान सभी पक्ष अदालत में उपस्थित हुए और जजों ने महिला सहित सभी की बात विस्तार से सुनी।

    सुनवाई के दौरान प्रियंका राठौर ने अदालत के सामने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि पति और ससुर अक्सर उन्हें परेशान करते हैं और कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि एक बार उसके पति ने उसे सीढ़ियों से धक्का देने की कोशिश भी की थी, जिससे वह काफी भयभीत हो गई थी।

    हालांकि, महिला ने अदालत को यह भी बताया कि उसका 8 वर्षीय बेटा है और वह अपने बेटे के भविष्य और परिवार को बचाने की कोशिश करना चाहती है। इसी कारण उसने फिलहाल ससुराल वापस जाकर रिश्तों को सुधारने और विवाद सुलझाने का एक मौका देने की इच्छा जताई।

    दूसरी ओर, महिला के पति नरेंद्र राठौर, जो एक बैंक में मार्केटिंग से जुड़े कार्य करते हैं, ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में अपनी पत्नी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेंगे और उसे किसी प्रकार की हानि नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि वे परिवार को साथ लेकर चलना चाहते हैं।

    महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अदालत ने एक विशेष व्यवस्था भी की है। कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता अंजली ज्ञानानी और जनकगंज थाने की महिला आरक्षक अंतिमा तिवारी तथा आरती लोधी को छह महीने के लिए “शौर्य दीदी” के रूप में नियुक्त किया है। इनकी जिम्मेदारी होगी कि वे समय-समय पर महिला से संपर्क कर उसकी स्थिति की जानकारी लें और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि महिला के साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना या दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करनी होगी।

    इस आदेश को घरेलू विवाद के मामलों में महिला सुरक्षा और पारिवारिक समाधान के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है, जहां अदालत ने एक ओर महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की है तो दूसरी ओर परिवार को भी संबंध सुधारने का अवसर दिया है।

  • भोपाल: सूखी सेवनिया स्टेशन पर 'ट्रेन हादसा' छत काटकर निकाले गए यात्री, NDRF और रेलवे की जॉइंट मॉक ड्रिल में दिखा रेस्क्यू का दम!

    भोपाल: सूखी सेवनिया स्टेशन पर 'ट्रेन हादसा' छत काटकर निकाले गए यात्री, NDRF और रेलवे की जॉइंट मॉक ड्रिल में दिखा रेस्क्यू का दम!


    भोपाल। राजधानी के नजदीक सूखी सेवनिया रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह ठीक 11 बजे एक बड़े रेल हादसे की ‘इमरजेंसी कॉल’ ने पूरे मंडल को अलर्ट मोड पर ला दिया। सूचना थी कि स्टेशन के पास एक ट्रेन पटरी से उतर गई है और कोच एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए हैं। देखते ही देखते मौके पर हूटर बजाती दुर्घटना राहत ट्रेनें (ART) और NDRF की टीमें पहुँच गईं। यह नजारा भोपाल रेल मंडल द्वारा आयोजित एक फुल स्केल मॉक ड्रिल का था, जिसका उद्देश्य आपदा के समय रिस्पांस टाइम और तालमेल को परखना था।

    रेस्क्यू ऑपरेशन: गैस कटर से काटी गई ट्रेन की छत
    मॉक ड्रिल को इतना वास्तविक रूप दिया गया था कि ड्रिल के दौरान ट्रेन के कोचों को एक-दूसरे के ऊपर चढ़ा हुआ दिखाया गया। अंदर फंसे ‘यात्रियों’ को बचाने के लिए टीमों ने निम्नलिखित कदम उठाए:

    कटर का इस्तेमाल: कोच के भीतर फंसे यात्रियों तक पहुँचने के लिए NDRF की टीम ने हाइड्रोलिक और गैस कटर का उपयोग कर खिड़कियों के शीशे तोड़े और ट्रेन की छत को काटकर रास्ता बनाया।
     बोगी के नीचे फंसे डमी यात्रियों को निकालने के लिए आधुनिक ‘हाई-प्रेशर एयरबैग्स’ का सहारा लिया गया, जिससे भारी-भरकम कोच को उठाकर रास्ता बनाया गया।बाहर निकाले गए यात्रियों को तुरंत मौके पर मौजूद रेलवे मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार दिया और एम्बुलेंस के जरिए ‘अस्पताल’ रवाना किया।

    अफसरों की मौजूदगी: डीआरएम ने खुद परखा रिस्पांस टाइम
    इस पूरी ड्रिल के दौरान भोपाल रेल मंडल के प्रबंधक (DRM) पंकज त्यागी अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बचाव कार्य की बारीकियों का निरीक्षण किया और टीमों के तालमेल को सराहा।ड्रिल में रेलवे के आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP), मेडिकल विंग और NDRF के जवानों ने एक साथ काम किया।स्टेशन मास्टर से सूचना मिलने के बाद राहत ट्रेनों के पहुँचने और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने तक का समय ‘गोल्डन ऑवर’ के मानकों के अनुरूप रहा।

    सुरक्षा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास है। सूखी सेवनिया में हुई यह मॉक ड्रिल इस बात का प्रमाण है कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में हमारी रेलवे और राहत टीमें कम से कम समय में जान-माल की रक्षा करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।