Category: Madhya Pradesh

  • शिवपुरी में रेत माफिया पर प्रहार, शिकायत के बाद टीम ने मौके पर की बड़ी कार्रवाई

    शिवपुरी में रेत माफिया पर प्रहार, शिकायत के बाद टीम ने मौके पर की बड़ी कार्रवाई


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर नरवर तहसील के ग्राम अंदौरा में छापेमारी कर अवैध खनन में लगी पनडुब्बी मशीन को मौके पर ही जलाकर नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

    शिकायतों के बाद टीम ने मारा छापा

    ग्राम अंदौरा के नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर एसडीएम अनुराग निंगवाल और तहसीलदार ललित शर्मा के नेतृत्व में राजस्व व प्रशासनिक टीम ने रविवार शाम अचानक दबिश दी। मौके पर पनडुब्बी मशीन के जरिए अवैध उत्खनन करते हुए लोगों को पाया गया।

    मौके पर ही मशीन जब्त कर जलाई गई

    कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने अवैध खनन में उपयोग हो रही पनडुब्बी मशीन को तत्काल जब्त कर आग के हवाले कर दिया। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की सख्ती से अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी और दोषियों में भय पैदा होगा।

    प्रशासन का स्पष्ट संदेश ‘बर्दाश्त नहीं होगा अवैध खनन’

    अधिकारियों ने साफ कहा है कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन सहन नहीं किया जाएगा। इसमें शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

    पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

    गौरतलब है कि इससे पहले करैरा तहसील क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते एक ट्रैक्टर को भी जब्त कर पुलिस के हवाले किया गया था। लगातार हो रही कार्रवाइयों से अवैध खनन माफियाओं पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

    शिवपुरी में प्रशासन की यह सख्ती साफ संदेश देती है कि अवैध खनन के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। आने वाले दिनों में ऐसी और कार्रवाइयों की संभावना है।

  • एमपी में भीषण गर्मी का प्रकोप, जबलपुर में टूटा रिकॉर्ड, नौगांव में सबसे अधिक 44.3 डिग्री तापमान दर्ज

    एमपी में भीषण गर्मी का प्रकोप, जबलपुर में टूटा रिकॉर्ड, नौगांव में सबसे अधिक 44.3 डिग्री तापमान दर्ज

    भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी ने तेजी से तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को जबलपुर में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो अप्रैल महीने में पिछले तीन साल का सबसे अधिक रिकॉर्ड है। वहीं, छतरपुर जिले के नौगांव में पारा 44.3 डिग्री दर्ज किया गया। निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ क्षेत्रों में लू का असर भी देखने को मिला।

    सोमवार को भी जारी रहेगा गर्मी का कहर

    मौसम विभाग (आईएमडी) मुताबिक, सोमवार को भी प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर बना रहेगा। निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला और छतरपुर जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री के पार जा सकता है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित अन्य शहरों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना रहेगा।

    छतरपुर का नौगांव सबसे ज्यादा गर्म

    रविवार को पूरे प्रदेश में गर्मी का असर साफ नजर आया। छतरपुर के नौगांव में सबसे अधिक 44.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जो इस सीजन में पहली बार 44 डिग्री के पार गया। मंडला 43.9 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा खजुराहो में 43.4 डिग्री, दतिया, उमरिया और सतना में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, नर्मदापुरम में 42.8 डिग्री, सीधी और सागर में 42.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

    अन्य शहरों में मलाजखंड 42.5 डिग्री, रीवा 42.4 डिग्री, धार 42.2 डिग्री और टीकमगढ़ व श्योपुर में 42 डिग्री तापमान रहा।

    बड़े शहरों में भी तेज गर्मी

    अगर बड़े शहरों की बात करें, तो जबलपुर में 42.5 डिग्री, ग्वालियर में 42.4 डिग्री, भोपाल में 41.8 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री और उज्जैन में 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    कुछ इलाकों में बादल, लेकिन राहत नहीं

    रविवार को जहां अधिकतर जिलों में गर्मी रही, वहीं दक्षिणी हिस्सों—खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गरज-चमक के साथ बादल छाए रहे। भोपाल में भी दिनभर बादल बने रहे, लेकिन इससे तापमान में कोई खास राहत नहीं मिली। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से मौसम साफ हो जाएगा और गर्मी का असर और बढ़ेगा।

    मौसम में बदलाव की वजह

    पिछले दो दिनों से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता देखी जा रही है, जिसके कारण बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार, 23 अप्रैल को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, हालांकि इसका असर मध्य प्रदेश में सीमित रहेगा।

    गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सलाह

    मौसम विभाग ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए एडवायजरी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

  • करैरा पर गरमाई राजनीति, विधायक प्रीतम लोधी का SDOP पर तीखा बयान

    करैरा पर गरमाई राजनीति, विधायक प्रीतम लोधी का SDOP पर तीखा बयान


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले में एक सड़क हादसे के बाद सियासी और प्रशासनिक टकराव खुलकर सामने आ गया है। पिछोर से भाजपा विधायक Pritam Lodhi ने करैरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ पर तीखा हमला बोलते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए अधिकारियों को “औकात में रहने” की नसीहत दी।

    ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं’-वीडियो में भड़के विधायक

    रविवार देर शाम सामने आए वीडियो में Pritam Lodhi अपने बेटे दिनेश लोधी के मामले में कार्रवाई को लेकर नाराज नजर आए। उन्होंने कहा, “करैरा तेरे डैडी का नहीं है। बेटा आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा, दम है तो रोक लेना।”
    उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे कानून के दायरे में काम करें और पक्षपात न करें।

    शिवपुरी में विधायक प्रीतम लोधी ने बेटे के एक्सीडेंट केस में पुलिस कार्रवाई पर SDOP को आड़े हाथों लिया। पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई बताते हुए आरोपों को खारिज किया।पूरा मामला 16 अप्रैल को हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है, जब विधायक के बेटे दिनेश लोधी की थार गाड़ी ने बाइक सवारों और पैदल चल रही महिलाओं को टक्कर मार दी थी। इस घटना में पांच लोग घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर वाहन जब्त किया और बाद में पूछताछ के लिए दिनेश को थाने बुलाया।

    पुलिस की कार्रवाई-चालान और लाइसेंस पर कार्रवाई

    जांच के दौरान पुलिस को वाहन में हूटर और काली फिल्म मिली, जिस पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया गया। साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की गई। एसडीओपी ने साफ किया कि पूरी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और किसी को ठेस पहुंचाने वाली कोई बात नहीं कही गई।

    विधायक के आरोप-‘गरीबों के मामलों में नहीं होती कार्रवाई’

    विधायक लोधी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई सड़क हादसे लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक आदिवासी महिला की मौत के मामले में पुलिस मौके पर तक नहीं पहुंची, क्योंकि वहां “कोई फायदा नहीं था”।

    प्रशासनिक कार्रवाई बनाम राजनीतिक बयानबाजी

    इस पूरे मामले में एक ओर जहां पुलिस अपनी कार्रवाई को नियमसम्मत बता रही है, वहीं विधायक का आरोप है कि उनके बेटे के मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। इस बयानबाजी ने मामले को और तूल दे दिया है।

    शिवपुरी का यह मामला कानून और राजनीति के टकराव की तस्वीर पेश करता है। जहां एक तरफ प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई का दावा कर रहा है, वहीं जनप्रतिनिधि इसे पक्षपातपूर्ण बता रहे हैं। आगे की जांच और कार्रवाई से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • MP: शिवपुरी में पत्नी ने मारा थप्पड़ तो पति ने बेरहमी से पीटा… गला दबाकर उतारा मौत के घाट

    MP: शिवपुरी में पत्नी ने मारा थप्पड़ तो पति ने बेरहमी से पीटा… गला दबाकर उतारा मौत के घाट


    शिवपुरी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के करैरा (Karaira) में शादी के बाद एक 23 साल की विवाहिता (Married Woman) की उसके ही पति ने पहले मारपीट की और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के वक्त घर में देवर और देवरानी भी मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने सहआरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के एक 4 साल का बेटा भी है।

    नंदनी साहू की शादी करीब 5 साल पहले टीला रोड निवासी संदीप साहू से हुई थी। बाहर से सामान्य दिखने वाले इस परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी पति संदीप साहू अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था ।इसी शक के चलते दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे। घटना से दो दिन पहले भी दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि गुस्से में संदीप ने पत्नी का मोबाइल तोड़ दिया था। इस घटना की जानकारी मिलने पर नंदनी के मायके पक्ष के लोग उसे समझाने के लिए ससुराल भी पहुंचे थे, लेकिन हालात नहीं सुधरे।

    दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि नंदनी घर छोड़कर जाने लगी। इसी दौरान संदीप ने उसे रोकने की कोशिश की, जिस पर दोनों के बीच हाथापाई हो गई। बताया जा रहा है कि नंदनी ने गुस्से में पति को थप्पड़ मार दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। गुस्से में बेकाबू हुए संदीप साहू ने पहले पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद कमरे में बिस्तर पर उसे दबोचकर गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान घर में देवर और देवरानी भी मौजूद थे।


    चेहरे और गले पर नाखून के निशान

    परिजनों के अनुसार नंदनी के गले और चेहरे पर नाखून के कई निशान मिले हैं, जबकि पीठ पर भी चोट के निशान पाए गए। वहीं आरोपी पति के हाथों पर काटने के निशान थे, जिससे साफ है कि घटना के दौरान दोनों के बीच जोरदार संघर्ष हुआ। घटना के बाद आरोपी संदीप साहू ने खुद नंदनी के भाई मदन साहू को फोन कर हत्या की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां नंदनी का शव कमरे में पलंग पर पड़ा मिला। आरोपी ने परिजनों के सामने भी अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

    घटना के समय घर में मौजूद देवर मोनू साहू और देवरानी रूचि साहू को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। पुलिस का मानना है कि घटना के दौरान उनकी भूमिका संदिग्ध है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल पैनल से कराया है। एसडीओपी आयुष जाखड़ के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है।फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

  • जहरीली गैस बनी काल टैंकर के अंदर काम कर रहे दो मजदूरों की थमी सांसें

    जहरीली गैस बनी काल टैंकर के अंदर काम कर रहे दो मजदूरों की थमी सांसें

    छतरपुर । मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जहां एक साधारण दिखने वाला काम दो मजदूरों के लिए जानलेवा साबित हो गया। गढ़ीमलेहरा क्षेत्र स्थित एक कारखाने में पानी के टैंकर की पेंटिंग के दौरान दो मजदूरों की दम घुटने से मौके पर ही मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल बन गया है।

    जानकारी के अनुसार कारखाने में एक बड़े पानी के टैंकर पर रंगाई पुताई का काम चल रहा था। इसी दौरान मजदूर अरमान और गुलाब अनुरागी टैंकर के अंदर जाकर पेंटिंग कर रहे थे। काम के दौरान अचानक दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते वे बेहोश होकर गिर पड़े। वहां मौजूद अन्य लोगों को पहले समझ ही नहीं आया कि आखिर क्या हुआ लेकिन कुछ ही क्षणों में स्थिति गंभीर हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टैंकर के भीतर पेंटिंग के दौरान जहरीली गैस और केमिकल की गंध तेजी से फैल गई थी जिससे मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। बंद जगह होने के कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और दम घुटने से उनकी हालत बिगड़ती चली गई। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और कारखाने के अन्य कर्मचारियों ने तुरंत दोनों को बाहर निकालने की कोशिश की।

    कारखाने के मालिक द्वारा तत्काल दोनों मजदूरों को अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर डॉक्टरों ने मौत की वजह दम घुटना बताया है हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

    यह हादसा औद्योगिक कार्यस्थलों पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गंभीर तस्वीर पेश करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद टैंकर या सीमित स्थानों में काम करते समय पर्याप्त वेंटिलेशन और सुरक्षा उपकरणों का होना बेहद जरूरी है लेकिन अक्सर इन नियमों की अनदेखी की जाती है जो इस तरह की घटनाओं को जन्म देती है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित सुरक्षा इंतजाम किए जाते तो शायद इन मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी। यह घटना एक चेतावनी है कि काम के दौरान लापरवाही और सुरक्षा की अनदेखी किस तरह घातक साबित हो सकती है।

  • जब्त टैंकर से तेल उड़ गया हनुमना थाने की थ्योरी पर बवाल थाना प्रभारी पर आरोप

    जब्त टैंकर से तेल उड़ गया हनुमना थाने की थ्योरी पर बवाल थाना प्रभारी पर आरोप


    मऊगंज ।
    मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस व्यवस्था और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हनुमना थाना क्षेत्र के पिपराही चौकी में जब्त किया गया करीब दो हजार लीटर डीजल रहस्यमय तरीके से गायब हो गया और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस का दावा है कि यह डीजल बंद टैंकर के भीतर से ही ‘उड़ गया’। यह घटना अब चर्चा और विवाद का केंद्र बन चुकी है।

    जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में मऊगंज निवासी सुमित कुमार गुप्ता की पिकअप वाहन को पुलिस ने अवैध डीजल परिवहन के आरोप में जब्त किया था। वाहन में लगभग दो हजार लीटर डीजल भरा हुआ था। मामले को कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जहां लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद सुमित गुप्ता ने एक लाख इक्यासी हजार छह सौ तीस रुपये का जुर्माना जमा किया। उसे उम्मीद थी कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसकी गाड़ी और जब्त किया गया डीजल उसे वापस मिल जाएगा।

    लेकिन जब सुमित गुप्ता पिपराही चौकी पहुंचा तो उसके सामने एक चौंकाने वाली स्थिति आई। टैंकर बाहर से बंद था ताला भी सही सलामत था लेकिन अंदर से पूरा डीजल गायब था। टैंकर में एक बूंद तक नहीं बची थी। इस पर जब उसने पुलिस से जवाब मांगा तो कथित तौर पर उसे बताया गया कि डीजल ‘उड़ गया’। यह जवाब सुनकर पीड़ित ही नहीं बल्कि हर सुनने वाला हैरान है कि आखिर बंद टैंकर से इतनी बड़ी मात्रा में डीजल कैसे गायब हो सकता है।

    इस मामले में अब संदेह की सुई हनुमना थाना प्रभारी अनिल काकड़े की ओर घूम रही है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि उनके कार्यकाल के दौरान कई मामलों में विवाद सामने आ चुके हैं। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि संदिग्ध परिस्थितियों में मामलों का निपटारा किया जाता है और प्रभावशाली लोगों का संरक्षण उन्हें प्राप्त है हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    पीड़ित सुमित गुप्ता का कहना है कि वह पहले ही आर्थिक नुकसान झेल चुका है और अब उसे न्याय मिलने की उम्मीद भी कम होती जा रही है। उसका आरोप है कि उससे शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है जिससे पूरे मामले पर और भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

    यह घटना केवल एक व्यक्ति के नुकसान तक सीमित नहीं है बल्कि यह पुलिस की जिम्मेदारी और पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्न उठाती है। जब जब्त की गई संपत्ति सुरक्षित नहीं रह पा रही है तो आम जनता के मन में अविश्वास पैदा होना स्वाभाविक है।

    अब निगाहें जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में किस तरह की जांच करते हैं और क्या दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं। यह मामला साफ तौर पर बताता है कि जवाबदेही और पारदर्शिता के बिना व्यवस्था पर भरोसा कायम रखना मुश्किल होता जा रहा है।

  • रफ्तार बनी काल मऊगंज में बाइक रेस का खतरनाक अंत ट्रक से टकराकर तीन युवकों की मौत

    रफ्तार बनी काल मऊगंज में बाइक रेस का खतरनाक अंत ट्रक से टकराकर तीन युवकों की मौत


    मऊगंज । मध्यप्रदेश के मऊगंज में 14 अप्रैल को हुआ दर्दनाक सड़क हादसा अब एक नए पहलू के साथ सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे का एक लाइव वीडियो सामने आया है जो न केवल दिल दहला देने वाला है बल्कि रफ्तार और लापरवाही के खतरनाक अंजाम को भी साफ तौर पर दिखाता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे देखने वाला हर व्यक्ति सिहर उठ रहा है।

    घटना नेशनल हाईवे 135 पर पथरिहा मोड़ के पास की है जहां पांच दोस्त दो बाइकों पर सवार होकर तेज रफ्तार में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हुए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक सड़क पर स्टंट करते हुए एक दूसरे को ओवरटेक कर रहे थे और इस पूरे घटनाक्रम को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड भी कर रहे थे। उस समय शायद उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह रोमांच कुछ ही सेकंड में मौत के तांडव में बदल जाएगा।

    कुछ ही पलों बाद कैमरे में एक भयावह टक्कर कैद हो जाती है जिसमें सामने खड़े ईंटों से लदे ट्रेलर से उनकी सीधी भिड़ंत हो जाती है। रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि युवकों को संभलने या ब्रेक लगाने का मौका तक नहीं मिला। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान उपलक्ष कोल अमरीश कोल और हेमराज कोल के रूप में हुई है जो आपस में सगे भाई थे। एक ही परिवार के तीन बेटों की मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।

    इस हादसे में दूसरी बाइक पर सवार प्रशांत और प्रदीप द्विवेदी गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि पीछे बैठा युवक पूरी रेसिंग को रिकॉर्ड कर रहा था जो अब इस हादसे का सबसे बड़ा सबूत बन गया है।

    हादसे का  अब केवल एक वायरल क्लिप नहीं बल्कि समाज के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है। यह दिखाता है कि सड़क पर स्टंटबाजी और तेज रफ्तार का जुनून किस तरह कुछ ही सेकंड में जिंदगियों को खत्म कर सकता है। जिस उत्साह और रोमांच के साथ यह युवक रेस कर रहे थे वही उनके लिए काल बन गया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने उन्हें अंदर तक हिला दिया है और आज  सामने आया है तो पुराने जख्म फिर से ताजा हो गए हैं। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में गहरा मातम पसरा हुआ है।

    यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब युवा सड़क सुरक्षा नियमों को गंभीरता से लेंगे। यह वीडियो एक सख्त संदेश देता है कि रफ्तार कोई खेल नहीं बल्कि जानलेवा खतरा है। जरूरत इस बात की है कि युवाओं को समय रहते जागरूक किया जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

  • एमपी में नारी शक्ति वंदन पर सियासी घमासान कल से पदयात्रा विधानसभा में निंदा प्रस्ताव की तैयारी

    एमपी में नारी शक्ति वंदन पर सियासी घमासान कल से पदयात्रा विधानसभा में निंदा प्रस्ताव की तैयारी


    भोपाल । भोपाल में नारी शक्ति वंदन को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है जहां सत्ताधारी दल ने इस मुद्दे पर बड़ा जनआंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। प्रदेश बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इसे लेकर प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में कल से नारी शक्ति वंदन पदयात्रा शुरू की जाएगी जो गांव गांव और शहर शहर तक पहुंचेगी। इसके साथ ही विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की भी तैयारी है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि समाज की आधी आबादी के सम्मान से जुड़ा विषय है और इसे लेकर जनता के बीच जाकर सच्चाई रखी जाएगी।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सदन में जो व्यवहार देखने को मिला वह निंदनीय है और इससे महिलाओं के प्रति उनकी सोच उजागर होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के हर प्रयास का विरोध करना एक तरह की अलगाववादी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने अवसरवादिता दिखाते हुए अपने रुख बदल लिए और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर भी राजनीति की।

    इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई है। नेताओं ने बताया कि केवल पदयात्रा ही नहीं बल्कि नगर निगम से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक विरोध और निंदा प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इसके जरिए जनता को यह बताया जाएगा कि कौन महिला सशक्तिकरण के पक्ष में है और कौन इसके खिलाफ खड़ा है।

    प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण विषय है लेकिन विपक्ष ने इसे गंभीरता से लेने के बजाय राजनीतिक अवसर के रूप में देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके नेताओं ने इस मुद्दे पर जिस तरह का रुख अपनाया वह महिलाओं के प्रति उनकी सोच को दर्शाता है।

    उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े ऐसे विषय पर जश्न मनाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर है और हर स्तर पर इसका विरोध दर्ज कराएगी।

    नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेशभर में आक्रोश रैलियां आयोजित की जाएंगी और व्यापक स्तर पर लोगों को इस मुद्दे से जोड़ा जाएगा। पंचायत स्तर तक आंदोलन को ले जाने की योजना बनाई गई है ताकि हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचे कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए सरकार और संगठन पूरी मजबूती से खड़े हैं।

    कुल मिलाकर नारी शक्ति वंदन का मुद्दा अब मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बड़ा जनआंदोलन बनने की ओर बढ़ रहा है जिसमें सियासी बयानबाजी के साथ साथ जमीनी स्तर पर भी सक्रियता देखने को मिलेगी।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा एलपीजी टैंकर दीवार तोड़कर घर में घुसा मासूम की मौत परिवार घायल

    भोपाल में दर्दनाक हादसा एलपीजी टैंकर दीवार तोड़कर घर में घुसा मासूम की मौत परिवार घायल


    भोपाल ।
    राजधानी के छोला मंदिर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया जब एक एलपीजी टैंकर अनियंत्रित होकर रिहायशी इलाके में घुस गया और दीवार तोड़ते हुए सीधे एक घर के अंदर जा घुसा। यह हादसा रात लगभग दो बजकर बीस मिनट पर हुआ जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे और अचानक हुए तेज धमाके ने पूरे मोहल्ले में अफरा तफरी मचा दी।

    हादसे के दौरान घर में सो रही सात वर्षीय मासूम बच्ची खुशी गेहार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टैंकर के पहिये और मलबे के बीच वह करीब एक घंटे तक फंसी रही जिसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से उसका शव बाहर निकाला जा सका। इस हृदयविदारक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

    हादसे में बच्ची के पिता मोनू गेहार मां मनीषा गेहार और भाई आरुष सहित कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और लगातार निगरानी में रखा गया है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एलपीजी टैंकर तेज रफ्तार में था और चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा जिसके बाद वह सीधे रिहायशी बस्ती की ओर बढ़ गया और घर की दीवार तोड़ते हुए अंदर घुस गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास के दो अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंचा है जिससे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बन गया।

    घटना के बाद मौके पर भारी अफरा तफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही छोला मंदिर और निशातपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने टैंकर को कब्जे में ले लिया है जबकि चालक घटना के बाद फरार बताया जा रहा है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार वाहन की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा मानवीय लापरवाही का परिणाम था या फिर किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ। वहीं प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।

    स्थानीय लोगों ने इस हादसे के बाद प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग भी की जा रही है।

    एसीपी अक्षय चौधरी ने बताया कि हादसे में बच्ची खुशी गेहार की मौत हुई है जबकि चार लोग घायल हैं और सभी का इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि आरोपी चालक की तलाश की जा रही है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह हादसा एक बार फिर शहर में भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • उज्जैन में प्रसव दिवस बना प्रेरणा का उत्सव, गुरुजी ने नवजातों को दिया आशीर्वाद

    उज्जैन में प्रसव दिवस बना प्रेरणा का उत्सव, गुरुजी ने नवजातों को दिया आशीर्वाद


    उज्जैन । उज्जैन में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर इस वर्ष एक विशेष और भावनात्मक आयोजन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया जहां चरक अस्पताल में प्रसव दिवस के रूप में एक अनोखी पहल की गई। यह आयोजन कृष्णा मिश्रा जिन्हें लोग श्रद्धा से गुरुजी कहते हैं उनके नेतृत्व में लगातार छठे वर्ष आयोजित किया गया जिसमें नवजात शिशुओं और माताओं के सम्मान को केंद्र में रखा गया।

    कार्यक्रम के दौरान अस्पताल में जन्मे नवजात शिशुओं का पारंपरिक और भावनात्मक तरीके से स्वागत किया गया। कृष्णा मिश्रा ने नवजातों के चरण स्पर्श कर उन्हें आशीर्वाद दिया और उनके परिजनों से मुलाकात कर खुशी साझा की। पूरे माहौल में एक आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली जहां हर नवजात को जीवन के नए सफर के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

    इस अवसर पर प्रसव के बाद अस्पताल में भर्ती माताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें बेबी किट वितरित किए गए जिनमें नवजात शिशु की आवश्यक देखभाल से जुड़ी सामग्री शामिल थी। साथ ही माताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें पोषण के लिए ड्राई फ्रूट लड्डू भी प्रदान किए गए जिससे उनके स्वास्थ्य लाभ में सहायता मिल सके।

    यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था बल्कि इसमें सेवा और समाजसेवा की गहरी भावना झलकती रही। कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात जीवन के महत्व को समाज में सम्मान दिलाना और मातृत्व को विशेष पहचान देना था। आयोजन में उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

    कार्यक्रम में चरक अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ कल्पना पवार और उनकी टीम ने गुरुजी का स्वागत किया और आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। अस्पताल के स्टाफ ने भी पूरी तत्परता से कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    कृष्णा मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि नवजात शिशु केवल परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी होते हैं और उनका सम्मान करना समाज की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से परंपरा और सेवा भावना को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे जिनमें भारती मंडलोई तृप्ति बजाज राकेश बजाज राजेश पंडित पिंकू यादव और नितेश पटेल सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी ने इस पहल को समाज के लिए उपयोगी और प्रेरक बताया।

    अक्षय तृतीया के इस अवसर पर आयोजित प्रसव दिवस ने न केवल नवजीवन का स्वागत किया बल्कि सेवा और मानवता की भावना को भी एक नई दिशा दी जिससे यह आयोजन उज्जैन में चर्चा का विषय बन गया।