Category: Madhya Pradesh

  • चंबल राजघाट में अवैध रेत उत्खनन पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग, टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा

    चंबल राजघाट में अवैध रेत उत्खनन पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग, टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा


    चंबल।  अवैध रेत उत्खनन की लगातार शिकायतों के बीच चंबल के राजघाट क्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक पेट्रोलिंग की। टीम का मकसद रेत माफियाओं को रंगे हाथों पकड़ना था, लेकिन मौके पर कोई भी ट्रैक्टर-ट्रॉली या लोडर मशीन नहीं मिली, जिससे टीम को बैरंग लौटना पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों और प्रशासनिक शिकायतों के आधार पर वन विभाग और पुलिस ने राजघाट क्षेत्र में छापामार कार्रवाई और पेट्रोलिंग की योजना बनाई थी। हालांकि, पूरी टीम के पहुंचने पर इलाका सुनसान मिला और रेत से जुड़े किसी भी वाहन या गतिविधि के प्रमाण नहीं मिले।

    माफियाओं को पहले ही मिली भनक
    देवरी घड़ियाल सेंचुरी के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि टीम ने राजघाट और चंबल किनारे पेट्रोलिंग की, लेकिन वहाँ कोई अवैध रेत लदे वाहन या मशीन नहीं मिली। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कार्रवाई की सूचना पहले ही रेत माफियाओं तक पहुंच गई थी, जिसके कारण मौके पर कोई भी वाहन नहीं मिला।

    अधिकारियों का कहना है कि अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी जारी रहेगी। हालांकि, इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि माफिया प्रशासन की छापामारी और निगरानी के प्रति सतर्क हैं।

    प्रशासन की अगली रणनीति
    वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अब राजघाट और आसपास के इलाकों में और सघन निगरानी करेगी। अधिकारियों ने कहा कि अगले दौर की कार्रवाई में अवैध रेत लदे वाहनों और मशीनों की त्वरित पहचान के लिए ड्रोन और अन्य तकनीकी साधनों का भी उपयोग किया जाएगा।साथ ही, प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध रेत उत्खनन की सूचना तुरंत पुलिस या वन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

  • शांतिवन डंपिंग यार्ड का धुआं, दो वार्डों के रहवासी प्रभावित:CMO ने कचरा शिफ्ट करने और मशीन लगाने का दिया आश्वासन

    शांतिवन डंपिंग यार्ड का धुआं, दो वार्डों के रहवासी प्रभावित:CMO ने कचरा शिफ्ट करने और मशीन लगाने का दिया आश्वासन


    नई दिल्ली। पिपरिया के शांतिवन डंपिंग यार्ड से उठने वाला धुआं राजेंद्र वार्ड और महाराणा प्रताप वार्ड के निवासियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गया है। साड़िया रोड स्थित इस यार्ड में वर्षों से नगर का ठोस कचरा डंप किया जा रहा है, और खुले में पड़े कचरे में आग लगने से जहरीला धुआं निकल रहा है।

    स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट जलने से हवा प्रदूषित हो रही है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है। परिवारों ने बच्चों में लगातार खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की है। नागरिकों का यह भी कहना है कि कचरा निष्पादन केंद्र पर पूर्व में लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन इसका प्रभावी संचालन नहीं हो रहा है।

    वार्डवासियों ने प्रशासन से खुले में कचरा जलाने पर तत्काल रोक लगाने, वैज्ञानिक निस्तारण व्यवस्था लागू करने और स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि सौंदर्यीकरण योजनाओं से पहले स्वच्छ हवा और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

    स्थाई समाधान करेंगे

    इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आरपी नायक ने बताया कि आग को बुझा दिया गया है और डंप कचरे के किनारे पानी की नली बनवाई गई है। उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान के लिए जमाडा में चार एकड़ जमीन लेने की जानकारी दी, जहां शांतिवन का कचरा शिफ्ट किया जाएगा। कचरे के निष्पादन के लिए एक मशीन भी मंगवाई गई है।

    सीएमओ नायक ने आश्वासन दिया कि जल्द ही नागरिकों को इस समस्या से राहत मिलेगी।वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे चरणबद्ध शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे और कचरा गाड़ियों को शांतिवन में जाने से रोकेंगे।

  • खरगोन ट्रेंचिंग ग्राउंड की आग पर काबू, धुएं से सांस लेने में तकलीफ के बाद दो वर्षीय बच्चे की मौत

    खरगोन ट्रेंचिंग ग्राउंड की आग पर काबू, धुएं से सांस लेने में तकलीफ के बाद दो वर्षीय बच्चे की मौत


    खरगोन । मध्यप्रदेश खरगोन जिला मुख्यालय के बाहरी क्षेत्र में स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के ढेर में लगी आग को प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद नियंत्रित कर लिया है। आग बुझाने के बाद भी कई दिनों तक कचरे से धुआं निकलता रहा जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसी बीच धुएं के कारण सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने के बाद अस्पताल से इंदौर रेफर किए गए दो वर्षीय बच्चे की मौत हो जाने से इलाके में शोक और चिंता का माहौल बन गया है।

    प्रशासन के अनुसार ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के बड़े ढेर में आग लगने से लगातार धुआं निकल रहा था जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आग पर काबू पाने और धुएं को समाप्त करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास शुरू किए।

    कलेक्टर भव्या मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया है। हालांकि सोमवार तक कचरे के ढेर से धुआं निकलता रहा जिसके कारण स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए।

    उन्होंने बताया कि मंगलवार को धुएं को पूरी तरह खत्म करने के लिए आठ फायर टेंडर तैनात किए गए थे। इसके अलावा करीब एक दर्जन पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से कचरे को पलट पलटकर भीतर सुलग रही आग और धुएं को समाप्त करने का काम किया गया। आग और धुएं को नियंत्रित करने के लिए कचरे के ढेर पर फोम का भी छिड़काव किया गया। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद बीती रात तक धुएं पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।

    इसी दौरान धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ होने पर एक दो वर्षीय बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्चे की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर कर दिया था। दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता और दुख का माहौल है।

    प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और ट्रेंचिंग ग्राउंड से निकलने वाले धुएं को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कचरा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र के लोगों से भी सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल से संपर्क करने की अपील की है।

  • भोपाल: पत्नी को आखिरी कॉल कर कहा- 'सब खत्म, अब मैं जा रहा हूँ', फिर युवक ने लगा ली फांसी; मांडवा बस्ती में पसरा मातम

    भोपाल: पत्नी को आखिरी कॉल कर कहा- 'सब खत्म, अब मैं जा रहा हूँ', फिर युवक ने लगा ली फांसी; मांडवा बस्ती में पसरा मातम

    भोपाल। राजधानी के मांडवा बस्ती (IIFM के पास) में मंगलवार देर रात एक युवक ने मौत को गले लगा लिया। 24 वर्षीय राकेश खातेकर ने सुसाइड करने से ठीक पहले अपनी पत्नी को फोन किया और खौफनाक लहजे में कहा कि “मैं जा रहा हूँ… अब सब खत्म है।” जब तक परिजन और पत्नी कुछ समझ पाते और घर पहुँचते, राकेश फंदे पर झूल चुका था। कमला नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    घटनाक्रम: मायके गई थी पत्नी, फोन पर दी ‘मौत की सूचना’
    पुलिस जांच में सामने आया है कि राकेश की पत्नी सोमवार को अपने दोनों बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। घर में राकेश अकेला था।मंगलवार रात का वो कॉल: देर रात राकेश ने अपनी पत्नी को फोन लगाया। बातचीत के दौरान उसने अचानक अपनी जीवनलीला समाप्त करने की बात कही। राकेश की बातें सुनकर घबराई पत्नी ने तुरंत भोपाल में रहने वाले अन्य रिश्तेदारों को फोन किया। परिजन आनन-फानन में मांडवा बस्ती स्थित घर पहुँचे, लेकिन अंदर का नजारा देख उनकी चीख निकल गई। राकेश का शव फंदे पर लटका हुआ था।

    जांच का दायरा: सुसाइड की वजह अब भी रहस्य
    कमला नगर पुलिस के अनुसार, राकेश ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले किसी भी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है।पत्नी और परिजनों से शुरुआती पूछताछ में अब तक किसी ठोस विवाद की बात सामने नहीं आई है। राकेश ने फोन पर भी मौत की बात कही, लेकिन वजह का जिक्र नहीं किया।पुलिस सभी पहलुओं (मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी या पारिवारिक विवाद) से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए आत्महत्या की असली वजह तलाशने की कोशिश की जा रही है।

    मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma)
    भोपाल सुसाइड न्यूज़, कमला नगर थाना, मांडवा बस्ती सुसाइड, राकेश खातेकर भोपाल, आईआईएफएम भोपाल क्राइम, एमपी न्यूज़ अपडेट, पारिवारिक कलह, आखिरी कॉल सुसाइड।

  • मुलताई पुलिस की त्वरित कार्रवाई बहला-फुसलाकर ले जाई गई नाबालिग बालिका सकुशल बरामद

    मुलताई पुलिस की त्वरित कार्रवाई बहला-फुसलाकर ले जाई गई नाबालिग बालिका सकुशल बरामद


    बैतूल मध्यप्रदेश । बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में बहला फुसलाकर ले जाई गई एक नाबालिग बालिका को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बरामद कर लिया। बालिका के सुरक्षित मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए बालिका की तलाश शुरू की थी।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आठ मार्च को एक महिला ने थाना मुलताई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी छह मार्च की सुबह करीब दस बजे घर से निकली थी लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। काफी देर तक बेटी के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद चिंतित मां ने पुलिस थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में आशंका जताई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुलताई थाना पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बालिका की तलाश के लिए अलग अलग टीमें गठित कीं और संभावित स्थानों पर खोजबीन शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की और तकनीकी माध्यमों की मदद से भी सुराग जुटाए। पुलिस की सतत प्रयासों और त्वरित कार्रवाई के चलते बालिका का पता लगाने में सफलता मिली। पुलिस टीम ने बालिका को सकुशल बरामद कर लिया और उसे सुरक्षित थाना लाया गया।

    इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी के सुरक्षित मिलने से परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई कर उनकी बड़ी चिंता दूर कर दी।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करना प्राथमिकता होती है। इस मामले में भी शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और कम समय में बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि बालिका को किस परिस्थिति में और किसके द्वारा बहला फुसलाकर ले जाया गया था। यदि इस घटना में किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    मुलताई थाना पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में सराहना मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की तत्परता के कारण एक नाबालिग बालिका सुरक्षित अपने घर पहुंच सकी जो कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।

  • महिला IAS के फार्म हाउस में जुए का भंडाफोड़, 18 गिरफ्तार, 13 लाख नकद जब्त

    महिला IAS के फार्म हाउस में जुए का भंडाफोड़, 18 गिरफ्तार, 13 लाख नकद जब्त


    महू । महू के मानपुर थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के पुलिस ने अवलीपुरा स्थित एक फार्म हाउस पर छापा मारकर बड़े पैमाने पर जुए का भंडाफोड़ किया। यह फार्म हाउस IAS वंदना वैद्य और उनके पति अम्बरीश वैद्य के नाम पर दर्ज है। वंदना वैद्य वर्तमान में वित्त विकास निगम, इंदौर की प्रबंध संचालक (MD) हैं।

    सूत्रों के अनुसार फार्म हाउस की देखभाल फिलहाल गांव के एक व्यक्ति द्वारा की जा रही थी। पुलिस ने मौके पर 18 जुआरियों को गिरफ्तार किया, जबकि पांच आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।

    जब्त सामग्री और संपत्ति
    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 13 लाख 67 हजार 971 रुपए नकद, 52 ताश के पत्ते, 10 नई ताश की गड्डियां, 30 मोबाइल फोन और दो कारें जब्त की हैं। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग 28 लाख 67 हजार 971 रुपए बताई जा रही है।

    दबिश की कहानी
    पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवलीपुरा के फार्म हाउस में बड़े पैमाने पर जुआ चल रहा है। पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी और मौके पर दबिश दी। मुख्य गेट बाहर से बंद था, लेकिन अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। पुलिस ने पीछे से प्रवेश किया और बरामदे में रोशनी में जुआ खेलते लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

    18 गिरफ्तार आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। पुलिस अभी भी भागे हुए पांच आरोपियों की तलाश कर रही है।

    जुए का प्लान और सरगना
    जानकारी के अनुसार यह जुआ 1 मार्च को जमने वाला था, लेकिन किसी कारणवश कैंसिल हो गया। नई तारीख 10 मार्च तय की गई थी। पकड़े गए जुआरियों का कहना है कि वे पहली बार यहां आए थे। पुलिस ने मुख्य सरगना जगदीश राठौर उर्फ कूबड़ा की पहचान की है, जो लगातार जगह बदलकर जुए के अड्डे चलाता है।

    मानपुर थाना प्रभारी लोकेंद्र हीहोर ने बताया कि कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई थी और पकड़े गए आरोपियों से नकदी, मोबाइल और वाहन जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम सतर्क है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    कीवर्ड्स (comma-separated): महू, मानपुर, फार्म हाउस, वंदना वैद्य, अम्बरीश वैद्य, जुआ, जुआरियों गिरफ्तार, नकद जब्त, पुलिस कार्रवाई, एसडीएम कोर्ट, मध्य प्रदेश, अवलीपुरा, जुआ अड्डा, जगदीश राठौर

  • निर्माणाधीन जिला जेल के पास पेड़ से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

    निर्माणाधीन जिला जेल के पास पेड़ से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब निर्माणाधीन जिला जेल परिसर के पास जंगल में एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया।

    पुलिस के अनुसार यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के कढ़ाई इलाके में स्थित जंगल की है, जहां निर्माणाधीन जिला जेल के पास एक पेड़ पर युवक का शव लटका हुआ पाया गया। स्थानीय लोगों ने जब पेड़ से लटका शव देखा तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आसपास का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

    मृतक की पहचान हर्रावाड़ी निवासी सुनील उर्फ अपाचे लगभग 30 वर्ष के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि सुनील पिछले करीब पांच वर्षों से कढ़ाई क्षेत्र में अपने ससुराल में रह रहा था। वह यहां एक ईंट भट्ठे पर ट्रैक्टर चालक के रूप में काम करता था और मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहा था।

    घटना के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं है।

    घटना की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और परिचित भी मौके पर पहुंच गए। युवक की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

  • बैतूल जिला अस्पताल में बनेगा आधुनिक मर्चुरी भवन, बढ़ेंगी शवों की सुरक्षित व्यवस्था

    बैतूल जिला अस्पताल में बनेगा आधुनिक मर्चुरी भवन, बढ़ेंगी शवों की सुरक्षित व्यवस्था


    बैतूल / मध्यप्रदेश । बैतूल जिला अस्पताल में जल्द ही नया और आधुनिक मर्चुरी भवन बनने जा रहा है। वर्तमान मर्चुरी भवन लगभग 20 वर्ष पुराना हो चुका है और जर्जर अवस्था में होने के कारण कर्मचारियों और परिजनों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने लंबे समय से इस स्थिति को सुधारने की आवश्यकता जताई थी।

    अधिकारिक जानकारी के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में अस्पताल परिसर का दौरा किया और नया मर्चुरी भवन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल अधिकारियों से कहा कि न सिर्फ भवन आधुनिक होना चाहिए बल्कि इसमें शवों को सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था भी होनी चाहिए। वर्तमान में जिला अस्पताल में केवल दो फ्रीजर हैं जिनमें प्रत्येक में दो-दो शव रखने की क्षमता है। इसका मतलब है कि एक समय में कुल चार शव ही सुरक्षित रखे जा सकते हैं।

    हालांकि अस्पताल में हर महीने औसतन लगभग 50 पोस्टमार्टम किए जाते हैं और कई बार एक ही दिन में पांच से छह पोस्टमार्टम की स्थिति बन जाती है। ऐसी स्थिति में वर्तमान फ्रीजर व्यवस्था अपर्याप्त साबित होती है और शवों को सुरक्षित रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि पुराने मर्चुरी भवन में जगह की कमी और फ्रीजर की सीमित संख्या के कारण काम में परेशानी होती है और परिजनों को भी असुविधा होती है।

    नया मर्चुरी भवन न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा बल्कि इसमें अधिक फ्रीजर और शवों को सुरक्षित रखने के पर्याप्त स्थान की व्यवस्था भी की जाएगी। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक नया भवन तैयार होने के बाद पोस्टमार्टम कार्य और शवों के रखरखाव में काफी सुधार आएगा। इस कदम से न केवल कर्मचारियों के कामकाज में सुविधा बढ़ेगी बल्कि परिजनों को भी बेहतर और सम्मानजनक सुविधा मिलेगी।

    विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सुधार करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में आधुनिक मर्चुरी भवन का निर्माण एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे न सिर्फ अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार होगा बल्कि शवों को सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से रखा जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होने के निर्देश भी दिए।

    अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मर्चुरी भवन के निर्माण के लिए जल्द ही आवश्यक वित्तीय और निर्माण संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अस्पताल की मर्चुरी और पोस्टमार्टम व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिलेगा और यह क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

  • नरसिंहपुर में महिला की सिर और मुंह पर वार कर हत्या, खेत की मेढ़ पर मिली लाश

    नरसिंहपुर में महिला की सिर और मुंह पर वार कर हत्या, खेत की मेढ़ पर मिली लाश

    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र के राकई बसेड़ी गांव में मंगलवार रात एक भयावह वारदात सामने आई। स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार अज्ञात हमलावर ने 25 वर्षीय महिला वंदना ठाकुर की हत्या कर दी। घटना स्थल पर महिला का शव गेहूं और गन्ने के खेत की मेढ़ पर पड़ा मिला जिसे देखकर आसपास के लोग और पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।

    मृतका वंदना ठाकुर अपने पति पुष्पेंद्र ठाकुर के साथ मजदूरी के काम में लगी रहती थी। वे राकई हार में रिजवान पटेल के खेत में बटाई लेकर काम करती थीं। घटना वाले दिन पुष्पेंद्र अपने किसी काम से बाहर गए हुए थे। शाम को जब वह घर लौटे तो उनकी पत्नी नजर नहीं आई। घर और आसपास ढूंढने के बाद उन्होंने टार्च जलाकर खेत की मेढ़ की ओर देखा तो उनकी पत्नी का रक्तरंजित शव वहां पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए।

    घटना स्थल और शव की स्थिति से स्पष्ट था कि वंदना की हत्या सिर और मुंह पर किए गए वार से की गई है। इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों और खेत में काम करने वालों ने भी पुलिस को तुरंत सूचना दी। सूचना मिलते ही करेली थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हत्या के मामले में अपराध क्रमांक 232/26 के तहत धारा 103(1) 238(ए) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। करेली थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि मृतका के सिर और मुंह पर कई वार के निशान मिले हैं जिससे हत्या की शंका पुष्टि हुई है।

    पुलिस अब आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी संभावित सुराग जुटा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता नहीं चल सका है कि हत्या का कारण क्या था और किसने यह घटना अंजाम दी। मृतका के परिवार वालों का कहना है कि वंदना मेहनत करने वाली और शांत स्वभाव की महिला थी। मृतका के भाई सोनू ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी बहन मजदूरी करती थी और कुछ लोगों पर हत्या का शक भी जताया गया है। उन्होंने पुलिस से मामले की शीघ्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा भी मौके पर पहुंचे और जांच प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने थाने की टीम को जरूरी मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश दिए ताकि आरोपी जल्द गिरफ्तार हो और न्याय सुनिश्चित किया जा सके। पूरा क्षेत्र इस खौफनाक घटना से स्तब्ध है। स्थानीय लोग और पुलिस अब इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही हैं। हत्या की यह वारदात यह सवाल भी खड़ा करती है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर किया पुण्य स्मरण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर किया पुण्य स्मरण


    भोपाल । भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज ने धर्म और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और उनका शौर्य एवं पराक्रम आज भी सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

    डॉ. यादव ने जोर देते हुए कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज की गौरव गाथा सदैव भारतीय इतिहास और मराठा गौरव का प्रतीक बनी रहेगी। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे महाराज के साहस, बलिदान और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को अपनाएं और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करें।

    मुख्यमंत्री के इस स्मरण कार्यक्रम में अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया और महाराज के सम्मान में पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर प्रदेश में शौर्य और वीरता की भावना को जागरूक रखने पर जोर दिया गया।