Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर में HPV वैक्सीन लगने के बाद 5 किशोरियों की तबीयत बिगड़ी, सिविल अस्पताल में भर्ती; परिजन बोले बिना जानकारी वैक्सीन लगाई गई

    ग्वालियर में HPV वैक्सीन लगने के बाद 5 किशोरियों की तबीयत बिगड़ी, सिविल अस्पताल में भर्ती; परिजन बोले बिना जानकारी वैक्सीन लगाई गई

    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में सर्वाइकल कैंसर बचाव अभियान के तहत HPV वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीन लगवाने के बाद पांच किशोरियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रभावित बच्चियां पिछोर के बारकरी जिगनिया गांव की रहने वाली बताई जा रही हैं। उनका नाम क्रमशः अनजली, पूनम, रजनी, भारती और रेखा है।

    मिली जानकारी के अनुसार सभी बच्चियां 14 वर्ष की उम्र पूरी कर चुकी थीं और राज्य सरकार के मुफ्त वैक्सीनेशन अभियान के तहत टीका लगवाया गया था। वैक्सीन लगने के कुछ ही समय बाद सभी बच्चियों को चक्कर, उल्टी और कमजोरी जैसी शिकायतें हुईं। तुरंत उन्हें डबरा के सिविल अस्पताल डबरा में भर्ती कराया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी जांच की और इलाज के बाद स्थिति में सुधार हुआ।

    परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने उनकी सहमति और जानकारी के बिना ही वैक्सीन लगा दी। उनका कहना है कि यदि उन्हें पहले जानकारी दी जाती तो वह टीका लगवाने से पहले तैयार हो सकते थे। परिवार का यह भी कहना है कि वैक्सीन के बाद उनकी बच्चियों की अचानक तबीयत बिगड़ना चिंता का विषय है और इस पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

    मध्य प्रदेश सरकार ने फरवरी मार्च 2026 में 14 15 वर्ष की लगभग 8 लाख किशोरियों को मुफ्त HPV वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू किया है। यह वैक्सीन बाजार में लगभग 4000 रुपये प्रति डोज की कीमत वाली है, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। इसका मुख्य उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर से बचाव करना है, जो महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर माना जाता है और HPV वायरस के संक्रमण से होता है।

    स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वैक्सीन सुरक्षित है और सभी जरूरी मानक का पालन करते हुए लगाई जाती है। वहीं इस घटना की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि क्या वैक्सीन के बाद होने वाली समस्याएं वैक्सीन से संबंधित थीं या किसी अन्य कारण से हुईं। विभाग ने आश्वस्त किया है कि सभी प्रभावित बच्चियों का उचित इलाज किया जा रहा है और उन्हें पूर्ण स्वास्थ्य लाभ दिलाया जाएगा।

    विशेषज्ञों के अनुसार HPV वैक्सीन से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम संभव है और यह किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। परिजनों और स्वास्थ्य अधिकारियों को बेहतर सूचना और जागरूकता के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

  • इंदौर के विजयनगर में पुलिस की हाईटेक निगरानी: 40 से ज्यादा CCTV कैमरे लगे, जल्द 150 कैमरों से होगी पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग

    इंदौर के विजयनगर में पुलिस की हाईटेक निगरानी: 40 से ज्यादा CCTV कैमरे लगे, जल्द 150 कैमरों से होगी पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में अपराध पर लगाम लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस लगातार नई तकनीकों का सहारा ले रही है। इसी कड़ी में शहर के व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्रों में गिने जाने वाले विजयनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने हाईटेक निगरानी व्यवस्था शुरू की है। क्षेत्र में फिलहाल 40 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिनके माध्यम से पूरे इलाके की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में इन कैमरों की संख्या बढ़ाकर 150 से अधिक करने की योजना भी तैयार की गई है।

    जानकारी के मुताबिक इन सभी कैमरों का कंट्रोल सीधेमध्य प्रदेश पुलिस के विजय नगर पुलिस स्टेशन से किया जा रहा है। खास बात यह है कि थाना प्रभारी के कक्ष में ही एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है जहां से पुलिसकर्मी लगातार कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस व्यवस्था के जरिए पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रख सकती है और किसी भी घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर सकती है।

    विजयनगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि आधुनिक तकनीक के इस इस्तेमाल से अपराधियों पर नजर रखना आसान हो गया है। उनके अनुसार सीसीटीवी कैमरे अपराध रोकने और वारदात के बाद आरोपियों की पहचान करने में बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं। कैमरों के माध्यम से न केवल क्षेत्र की निगरानी की जा रही है बल्कि कई मामलों में अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया है।

    पुलिस अब इस निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। अगले चरण में क्षेत्र के घरों अस्पतालों मॉल दुकानों और अन्य निजी संस्थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी पुलिस के कंट्रोल रूम से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। यदि यह योजना सफल होती है तो पूरे विजयनगर क्षेत्र की निगरानी एक ही जगह से संभव हो सकेगी। इससे पुलिस को किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

    थाना प्रभारी के मुताबिक कैमरे लगने के बाद क्षेत्र में चोरी और अन्य अपराधों की घटनाओं में कमी देखने को मिली है। कई मामलों में कैमरों में कैद फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे कैमरों की संख्या बढ़ेगी वैसे-वैसे अपराधियों के लिए क्षेत्र में वारदात करना और भी मुश्किल हो जाएगा।

    फिलहाल पुलिस का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द विजयनगर थाना क्षेत्र में 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि पूरे इलाके के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सके। पुलिस का कहना है कि इस हाईटेक निगरानी व्यवस्था से न केवल अपराध पर नियंत्रण मिलेगा बल्कि आम लोगों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

  • मुरैना बालिका सुधार गृह से दो नाबालिग सहित तीन फरार: वार्डन पर हमला कर छीनी चाबी, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    मुरैना बालिका सुधार गृह से दो नाबालिग सहित तीन फरार: वार्डन पर हमला कर छीनी चाबी, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    मुरैना । मध्य प्रदेश के Morena जिले में स्थित बालिका सुधार गृह से फरार होने की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। Badokhar स्थित बालिका सुधार गृह से एक बालिग महिला और दो नाबालिग बालिकाएं वार्डन पर हमला कर चाबी छीनकर फरार हो गईं। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पुलिस तीनों की तलाश में जुट गई है।

    मिली जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है। उस समय सुधार गृह में तैनात महिला वार्डन सो रही थी। इसी दौरान वहां रह रही एक बालिग महिला और दो नाबालिग बालिकाओं ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि एक बालिका ने वार्डन की गर्दन दबा दी जबकि दूसरी ने उसके हाथ पर चोट पहुंचाई। दोनों ने मिलकर वार्डन के साथ मारपीट की और उसके पास मौजूद मुख्य गेट की चाबी छीन ली। इसके बाद तीनों ने गेट का ताला खोला और मौके से फरार हो गईं।

    वार्डन ने खुद को छुड़ाने के बाद शोर मचाया लेकिन तब तक तीनों परिसर से निकल चुकी थीं। घटना की जानकारी मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। वार्डन की शिकायत के आधार पर स्टेशन रोड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है।

    पुलिस ने फरार बालिकाओं और महिला की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि तीनों किस दिशा में भागीं और किस रास्ते से बाहर निकलीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही तीनों को पकड़ लिया जाएगा।

    सूत्रों के मुताबिक फरार हुई दो नाबालिग बालिकाएं महज एक दिन पहले ही सुधार गृह में लाई गई थीं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने कम समय में उन्होंने भागने की योजना कैसे बना ली। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बाहरी मदद या पहले से बनाई गई साजिश तो नहीं थी।

    घटना के बाद सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी मुरैना के सुधार गृहों से फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिससे सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस सुधार गृह में मौजूद अन्य बालिकाओं से भी पूछताछ कर रही है ताकि फरार हुई तीनों के बारे में कोई सुराग मिल सके।

    पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार महिला और दोनों नाबालिगों को पकड़कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सुरक्षा में चूक कहां हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

  • पति की हत्या कर पेड़ पर लटकाया, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की वारदात

    पति की हत्या कर पेड़ पर लटकाया, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की वारदात


    सतना। एमपी के सतना में पुलिस ने एक युवक की हत्या का खुलासा किया है। पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति राजाभइया को शराब पिलाकर गला घोंट दिया और आत्महत्या दिखाने के लिए शव पेड़ से लटका दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर दिया है।
    मध्य प्रदेश के सतना जिले में पुलिस ने एक हत्या की गुत्थी सुलझा ली है जिसे पहले आत्महत्या समझा जा रहा था। 5 मार्च को जंगल में एक शख्स की लाश पेड़ से लटकी पाई गई थी। पोस्टमार्टम से पता चला कि शख्स की गला घोंटकर हत्या की गई थी। जांच में खुलासा हुआ है कि मृतक की पत्नी रामबाई ने अपने प्रेमी बाबूलाल के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। दोनों ने पहले उसे शराब पिलाकर बेसुध किया फिर गला घोंटकर मार डाला और शव को पेड़ पर लटका दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
    सोची-समझी साजिश के तहत किया गया कत्ल

    पहली नजर में वारदात को आत्महत्या माना जा रहा था। यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया कत्ल निकला। युवक की पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
    हत्या का मामला दर्ज

    दरअसल, 5 मार्च की सुबह मोटवा-बरहा के जंगल में एक व्यक्ति का शव फंदे पर लटका मिला था। शुरुआत में मामला खुदकुशी का लग रहा था, लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो पुलिस के होश उड़ गए। युवक की मौत फंदे पर लटकने से पहले ही गला घोंटने की वजह से हो चुकी थी।

    थाना प्रभारी आदित्य नारायण सिंह धुर्वे ने इसके बाद तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
    सोशल मीडिया पर फोटो देख चीख पड़े परिजन

    मृतक की पहचान शुरू में नहीं हो सकी थी, लेकिन पुलिस ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की।

    इसे देखकर जैतवारा के किटहा गांव के लोगों ने उसकी पहचान राजाभइया डोहर (45) के रूप में की। परिजनों ने बताया कि 2 मार्च को राजाभइया अपनी पत्नी रामबाई के साथ मजदूरी के लिए निकला था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा और पत्नी अकेले घर आई थी।
    बेवफाई और कत्ल की खौफनाक कहानी

    जांच में पुलिस को पता चला कि मृतक की पत्नी रामबाई का कोठी क्षेत्र के रहने वाले बाबूलाल चौधरी (40) के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। पुलिस ने जब दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

  • महाकाल भस्म आरती: भांग चंदन और बेलपत्र से सजा बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, गूंजे जय महाकाल के जयकारे

    महाकाल भस्म आरती: भांग चंदन और बेलपत्र से सजा बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, गूंजे जय महाकाल के जयकारे


    उज्जैन । धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के आयोजित भस्म आरती के दौरान भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर तड़के करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए जिसके बाद विधि-विधान से भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान बाबा महाकाल का भव्य और दिव्य श्रृंगार किया गया जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

    मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध दही घी शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विशेष पूजन संपन्न किया गया। पूरे अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि से गूंजता रहा जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।

    अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया। बाबा को चंदन का त्रिपुंड और त्रिनेत्र से अलंकृत किया गया वहीं भांग और बेलपत्र से भी विशेष सजावट की गई। सुगंधित पुष्पों और मालाओं से सजे भगवान महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनमोहक नजर आ रहा था। इसके बाद भस्म अर्पण की परंपरा निभाई गई। भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया।

    कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म रमाई गई। यह परंपरा महाकाल मंदिर की सबसे विशेष और प्राचीन परंपराओं में से एक मानी जाती है। भस्म आरती के बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुण्डमाल रुद्राक्ष की माला और विभिन्न प्रकार के सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। इसके साथ ही कई आभूषणों से भगवान का अलंकरण किया गया जिससे उनका स्वरूप और भी दिव्य दिखाई दे रहा था।

    तड़के आयोजित इस भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में हर ओर जय महाकाल के जयकारे गूंज रहे थे जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के पास पहुंचकर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं भी व्यक्त कीं और बाबा से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।

    उज्जैन के महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु इस अद्भुत परंपरा को देखने और बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए यहां पहुंचते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से बाबा महाकाल के दर्शन और आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

  • एमपी में मार्च में ही तेज हुई गर्मी, बढ़ा तापमान, धार जिला रहा सबसे अधिक गर्म

    एमपी में मार्च में ही तेज हुई गर्मी, बढ़ा तापमान, धार जिला रहा सबसे अधिक गर्म


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस वर्ष गर्मी ने समय से पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मार्च महीने की शुरुआत में ही कई जिलों में तापमान 38 से 39 डिग्री तक पहुंच गया है, जो सामान्य से लगभग 4 से 6 डिग्री अधिक माना जा रहा है। हवा की दिशा में बदलाव के कारण प्रदेश में गर्मी तेजी से बढ़ी है और आने वाले दिनों में इसके और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

    हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मी
    मौसम विभाग के अनुसार इस समय हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। हवा में नमी भी बहुत कम है। इसके साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली हवाएं प्रदेश तक पहुंच रही हैं, जो अपने साथ अधिक गर्मी लेकर आती हैं। सामान्यत: मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का असर दिखाई देता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है और महीने की शुरुआत में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    15 मार्च के बाद और तेज होगा गर्मी का असर
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद प्रदेश में गर्मी का असर और अधिक बढ़ सकता है। कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचने या उससे आगे निकलने की संभावना जताई जा रही है।

    दूसरे सप्ताह से ही बदले मौसम के तेवर
    मार्च के दूसरे सप्ताह से ही प्रदेश में गर्मी के तेवर तीखे नजर आने लगे हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में तापमान सामान्य से लगभग 6 डिग्री तक अधिक दर्ज किया गया है। वहीं अन्य संभागों में भी 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी देखी गई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में भी गर्मी का असर बढ़ता हुआ महसूस किया जा रहा है।

    धार में सबसे अधिक दर्ज हुआ तापमान
    बीते मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान धार जिले में 39 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा सागर में 38.9 डिग्री, रतलाम में 38.8 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.8 डिग्री, खजुराहो में 38.3 डिग्री, गुना में 38.1 डिग्री तथा दमोह और टीकमगढ़ में 38 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में भी बढ़ा पारा
    प्रदेश के बड़े शहरों में भी तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। ग्वालियर में 37.2 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, जबलपुर में 36.6 डिग्री और भोपाल में 36.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं अधिकांश अन्य शहरों में तापमान 34 डिग्री या उससे अधिक बना रहा।

  • भोपाल में 14 मार्च को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन: होली और रंगपंचमी के बीच साहित्य का रंग

    भोपाल में 14 मार्च को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन: होली और रंगपंचमी के बीच साहित्य का रंग


    भोपाल। होली और रंगपंचमी के उत्सव के बीच राजधानी भोपाल में इस बार साहित्यिक रंग भी घुलेंगे। शहर के सोमवारा स्थित भवानी चौक में 14 मार्च, शनिवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम रात 8 बजे से शुरू होगा। इसमें देश के विभिन्न शहरों से आए कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को वीर रस, हास्य और व्यंग्य से सराबोर करेंगे।

    इस आयोजन का आयोजन हिंदू उत्सव समिति, भोपाल कर रही है। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि होली और रंगपंचमी केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और साहित्यिक अभिव्यक्ति का भी उत्सव है। इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए हर साल की तरह इस बार भी कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

    कवि सम्मेलन का संचालन सुप्रसिद्ध सबरस कवि शशिकांत यादव ‘शशि’ (देवास) करेंगे। मंच पर वीर रस की कविताओं से कविता तिवारी (लखनऊ), राम भदावर (जयपुर) और सूर्यकांत चतुर्वेदी (भोपाल) श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुतियों से दिनेश ‘देसी घी’ (शाजापुर), मुन्ना बैट्री (मंदसौर) और अमित शुक्ला (प्रयागराज) मंच को हल्का और मनोरंजक बनाएंगे।

    कार्यक्रम के संयोजक और हिंदू उत्सव समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल चौधरी पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे। समिति ने नागरिकों और साहित्य प्रेमियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर इस सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लें।

    इस कवि सम्मेलन के माध्यम से केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि साहित्य और संस्कृति के प्रति लोगों की रुचि को बढ़ावा मिलेगा। होली के रंगों के साथ यह साहित्यिक आयोजन भोपालवासियों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा।

  • MP Gas Crisis: मध्य प्रदेश में 2 दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप, होटल-रेस्टोरेंट और शादियों पर संकट; कैटरर्स बोले-इमरजेंसी जैसी स्थिति

    MP Gas Crisis: मध्य प्रदेश में 2 दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप, होटल-रेस्टोरेंट और शादियों पर संकट; कैटरर्स बोले-इमरजेंसी जैसी स्थिति


    भोपाल। ईरान-इजराइल युद्ध के असर का प्रभाव अब मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से राज्य में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह ठप है, जिसके कारण होटल-रेस्टोरेंट कारोबार, कैटरिंग सर्विस और शादी समारोहों पर बड़ा असर पड़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि हालात ऐसे बन गए हैं जैसे किसी इमरजेंसी का सामना करना पड़ रहा हो।

    सबसे ज्यादा परेशानी होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को हो रही है। कई जगहों पर गैस खत्म होने के कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को हो रही है। कई जगहों पर गैस खत्म होने के कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है। वहीं जिन परिवारों में शादी समारोह होने वाले हैं, वे भी चिंता में हैं। कैटरर्स का कहना है कि केवल भोपाल में ही अगले 20 दिनों में एक हजार से ज्यादा शादियां होने वाली हैं। अगर गैस सिलेंडर की सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई तो आयोजन प्रभावित हो सकते हैं।

    सराफा कारोबार पर भी असर
    कमर्शियल गैस की कमी का असर सिर्फ होटल और शादियों तक सीमित नहीं है। सोना-चांदी के आभूषण बनाने वाले कारीगरों का काम भी प्रभावित होने लगा है। भोपाल सराफा एसोसिएशन के अनुसार शहर में करीब 3 हजार कारीगर काम करते हैं और हर कारीगर को महीने में औसतन 3 सिलेंडर की जरूरत पड़ती है।
    इस हिसाब से सराफा कारोबार में हर महीने करीब 9 हजार सिलेंडर का उपयोग होता है, यानी रोजाना लगभग 300 सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। सप्लाई रुकने से कारीगरों का काम ठप पड़ने लगा है।

    ऑनलाइन बुकिंग में भी आ रही दिक्कत
    इधर घरेलू गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुकिंग के दौरान कई लोगों को “बिलर टेंपरेरी डाउन” का मैसेज दिखाई दे रहा है, जिससे बुकिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। इससे कई उपभोक्ता सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।

    चाय भी हुई महंगी
    गैस सिलेंडर की कीमतों और सप्लाई संकट का असर छोटे दुकानदारों पर भी पड़ने लगा है। सीहोर में पहले 5 रुपए में मिलने वाली कट चाय अब 7 रुपए में मिल रही है। दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलेंडर महंगे होने और सप्लाई प्रभावित होने के कारण उन्हें मजबूरी में चाय के दाम बढ़ाने पड़े हैं।

    कारोबारियों की मांग
    होटल और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शादी समारोह, होटल व्यवसाय और छोटे कारोबारियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से कई सेक्टर प्रभावित हो रहे हैं। होटल-रेस्टोरेंट, कैटरिंग, सराफा कारीगर और छोटे दुकानदार सभी इस संकट से जूझ रहे हैं। कारोबारियों ने सरकार और गैस कंपनियों से जल्द सप्लाई बहाल करने की मांग की है।

  • मप्र कैबिनेट ने दी मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 33,240 करोड़ रुपये स्वीकृत

    मप्र कैबिनेट ने दी मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 33,240 करोड़ रुपये स्वीकृत


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही मंत्रि-परिषद ने कल्याणकारी योजनाओं सहित विभिन्न सात विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं की आगामी 5 वर्षों तक निरंतरता के लिए लगभग 33 हजार 240 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।

    प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री यंग इंटनर्स फॉर गुड-गवर्नेंस प्रोगाम को भी मंजूरी दी है। सिंगरौली के चितरंगी में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित कुल 7 नवीन पदों के सृजन की भी मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने मैहर, कैमोर जिला कटनी और निमरानी जिला खरगोन में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 3 औषधालय खोलने सहित चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ के 51 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है।

    उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा “मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम” को 3 वर्ष के लिए क्रियान्वयन के लिए लगभग 190 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग को अग्रिम कार्यवाही तथा प्रक्रिया निर्धारण कर नियमों एवं निर्देशों को जारी कर क्रियान्वयन के लिए अधिकृत किया गया है।

    निःशक्त जन को वृत्तिकर से छूट की निरंतरता की स्वीकृति
    काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश वृत्तिकर अधिनियम, 1995 के अंतर्गत निःशक्त जन को वृत्तिकर से छूट को 31 मार्च, 2030 तक निरंतर किये जाने की स्वीकृति दी गयी गई है।


    7 जिलों के लिए “एक जिला-एक उत्पाद” परियोजना का अनुमोदन

    उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा “एक जिला-एक उत्पाद” परियोजना अंतर्गत चयनित 07 जिलों में पारंपरिक व विशिष्ट उत्पाद के सरंक्षण, विकास और विपणन हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आगामी 5 वर्षों में 37.50 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस परियोजना में चयनित 07 जिलों में सीधी जिले में दरी एवं कारपेट, दतिया में गुड़, अशोकनगर में चंदेरी, हाथकरघा वस्त्र, भोपाल मे जरी-जरदोजी एवं जूट उत्पाद (जैसे पर्स आदि), धार में बाग प्रिंट, सीहोर में लकड़ी के खिलौने तथा उज्जैन में बटिक प्रिंट में आगामी 5 वर्षों के लिए 37.50 करोड़ रूपये की डी.पी.आर, तैयार की गयी है।इस परियोजना से स्थानीय शिल्पकारों, बुनकरों और कारीगरों को प्रशिक्षण, डिजिटलीकरण, ब्रांडिंग, विपणन तथा बाजार उपलब्धता जैसी सुविधायें प्रदान की जाएगी। यह परियोजना प्रदेश में स्थानीय उद्यमिता को बढावा, रोजगार सृजन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।


    सिंगरौली में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित 7 पदों की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने चितरंगी जिला सिंगरौली में व्यवहार न्यायालय की स्थापना के लिए व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड का एक नवीन पद और उनके कार्यालयीन अमले के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 नवीन पद सहित कुल 7 नवीन पदों का सृजन किये जाने की स्वीकृत प्रदान की है।


    मैहर, कैमोर और निमरानी में 3 नये औषधालयों को मंजूरी

    मंत्रि-परिषद ने भारत सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (इएसआईसी) द्वारा मैहर (जिला-मैहर), कैमोर (जिला कटनी), तथा निमरानी (जिला खरगौन) में 3 नये औषधालयों को खोलने एवं चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ के 51 पदों का सृजन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मैहर, कैमोर तथा निमरानी में नये कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय खोलने एवं नये पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे रजिस्टर्ड 15,686 श्रमिकों एवं उन पर आश्रित लगभग 62,744 परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।

    इसके साथ ही मंत्रि-परिषद् द्वारा निर्णय लिया गया कि रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत वितरण अधोसंरचना के उन्नयन, यथा वितरण हानियों में कमीं तथा वितरण प्रणाली सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण और विकास कार्यों के लिए प्राप्त केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य की वितरण कंपनियों को राज्य शासन द्वारा अनुदान के स्थान पर अंशपूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी।स्कीम के अंतर्गत माह नवम्बर 2024 तक ऋण के रूप में प्रदत्त राशि 887 करोड़ 91 लाख रुपये को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में प्रदान किए जाने का अनुमोदन किया गया।

    वहीं, मंत्रि-परिषद् द्वारावित्त विभाग की लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया के अन्तर्गत 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि (01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) के लिए निरंतरता के लिए कुल 63 करोड़ 76 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मंत्रि-परिषद द्वारा खनिज साधन विभाग के अंतर्गत “खनिज अधिभार का रक्षित निधि में अतंरण” योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखे जाने के लिए 6090 करोड़ 12 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

    मंत्रि परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की 31 मार्च 2031 तक निरंरता एवं सुचारू संचालन के लिये 7,127 करोड़ 38 लाख रूपये और योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय अंतर्गत संचालित 10 योजनाओं की 31 मार्च, 2031 तक निरंतरता के लिए 2,064 करोड़ 62 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। वहीं, जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के विकास और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति सहित अन्य कार्यों से संबंधित योजनाओं की वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता के लिए कुल राशि 1,645 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गयी है।

    मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता के लिए 3,773 करोड़ रुपये और एमएसएमई विभाग के अंतर्गत प्रोत्साहन व्यवसाय निवेश सवंर्धन/सुविधा प्रदाय योजना और स्टार्ट-अप पॉलिसी का क्रियान्वयन योजना सहित अन्य कार्यों की आगामी 5 वर्षों तक निरंतरता के लिए 11,361 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

  • रानी दुर्गावती अभयारण्य बनेगा चीतों का तीसरा घर : मोहन यादव

    रानी दुर्गावती अभयारण्य बनेगा चीतों का तीसरा घर : मोहन यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नौरादेही का रानी दुर्गावती अभयारण्य चीतों का तीसरा घर बनने जा रहा है। जल्द ही वहां भी चीते छोड़े जाएंगे।

    मुख्यमंत्री यादव ने मंगलवार को मंत्रिपरिषद् की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में चीते तेजी से फल-फूल रहे हैं। हाल ही में पांच नये शावकों की आमद से चीतों का परिवार और भी समृद्ध हुआ है। सरकार करीब दो महीने बाद रानी दुर्गावती अभयारण्य में भी चीते छोड़ने जा रही है। इससे मध्य प्रदेश में चीतों के तीन घर तैयार हो जाएंगे। हम मगर/घड़ियाल और कछुए भी विभिन्न जल क्षेत्रों में मुक्त करेंगे, ताकि हमारी जैव सम्पदा और भी समृद्ध हो सके।

    यादव ने कहा कि टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर सफलता का परचम लहराया है। खेलने वाले कुल 20 देश, 55 मैच और विजेता- भारत, यह आंकड़े बताते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम ने दृढ़ संकल्प, साहस और पराक्रम से यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ियों ने पूरे विश्व में देश का मान-सम्मान बढ़ाया है।

    मुख्यमंत्री ने संघ लोक सेवा आयोग-2026 के हालिया घोषित रिजल्ट में मध्य प्रदेश के दो होनहार अभ्यर्थियों द्वारा टॉप टेन अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त करने पर दोनों ही अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के कई विद्यार्थियों का यूपीएससी की परीक्षा में आईएएस, आईपीएस, आईआरएस इत्यादि कई पदों पर चयन हुआ है। हमारे विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में चयनित होकर प्रदेश का नाम रौशन कर रहे हैं।

    उन्होंने मंत्रियों से कहा कि मध्य प्रदेश में जल संचयन के लिए चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल द्वारा सराहना की गई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने गत 05 मार्च को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा था कि मध्य प्रदेश सामुदायिक सहभागिता से जल संरक्षण और सतत् जल प्रबंधन देश के सामने श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मध्य प्रदेश में 250 से अधिक नदियां हैं। मध्य प्रदेश बांधों की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। जल संचयन के प्रोत्साहन के लिए भारत सरकार भी जल इस दिशा में जनभागीदारी से ऐसा ही कदम बढ़ाने जा रही है।

    यादव ने बताया कि इस अभियान के प्रथम चरण में 2.79 लाख से अधिक जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कर महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। दूसरे चरण में भी मध्यप्रदेश में 72 हजार 647 जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं और 64 हजार 395 जल संरचना निर्माण कार्य फिलहाल प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस साल 19 मार्च 2026 से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में दस्तावेजों के डिजिटल पंजीयन का काम शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश में प्रति वर्ष करीब 16 लाख से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन किया जाता है। यह एक बड़ा काम है पर हम इसे समय-सीमा में ही पूरा करेंगे। संपदा 2.0 प्रणाली से दस्तावेजों का पूर्णत: पेपरलेस ई- पंजीयन शुरु कर दिया है। यह व्यवस्था नागरिकों को त्वरित सेवाएं देने के साथ-साथ प्रशासन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करेगी। संपदा प्रणाली से ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की सुविधा प्रदान कर पूरी प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिक बनाया गया है। इस प्रणाली में कोई भी व्यक्ति कहीं से भी ई-स्टॉम्प तैयार कर सकता है। यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं उपार्जन पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने जा रही है। साथ ही दलहन उत्पादन को प्रोत्साहन के लिए उड़द की खरीद पर भी 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने जा रही है। उड़द की खरीद पर बोनस देने के मामले में मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसने यह कदम उठाया है। गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अवधि 10 मार्च 2026 रखी गई थी। मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


    खाड़ी देशों में वर्तमान स्थिति के मद्देनजर हेल्पलाइन-कंट्रोल रूम स्थापित

    पश्चिम एशिया के हालात का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे मध्य प्रदेश के निवासियों की सहायता के लिए मध्य प्रदेश भवन नई दिल्ली में एवं भोपाल के वल्लभ भवन (मंत्रालय) में 24×7 हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई है। मध्य प्रदेश के निवासी जो खाड़ी देशों में अध्ययन, नौकरी, व्यवसाय, पर्यटन, इत्यादि के लिए गए और वर्तमान परिस्थतियों में किसी प्रकार की सहायता की अपेक्षा करते हों तो वे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। मध्यप्रदेश के लोगों की सकुशल स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए हम सभी कदम उठा रहे हैं। अब तक हजारों लोगों की सकुशल स्वदेश वापसी हो चुकी है।