Category: Madhya Pradesh

  • मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने रचना टॉवर परिसर का दौरा किया, सौंदर्यीकरण और पार्क बनाने के दिए निर्देश

    मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने रचना टॉवर परिसर का दौरा किया, सौंदर्यीकरण और पार्क बनाने के दिए निर्देश

    भोपाल । भोपाल सहकारिता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत स्थित रचना टॉवर परिसर का दौरा कर क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से मिलकर क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं पर चर्चा की।

    नागरिकों द्वारा बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं और परिसर के सौंदर्यीकरण की मांग उठाए जाने पर मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को रचना टॉवर के सामने स्थित पेविंग के पास सौंदर्यीकरण कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस स्थान को व्यवस्थित और आकर्षक रूप देने के लिए पार्क का विकास किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराना है और क्षेत्र की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाना है।

    मंत्री ने पार्क के साथ ही ओपन जिम की स्थापना करने के भी आदेश दिए ताकि नागरिक नियमित रूप से व्यायाम कर सकें और स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की बढ़ती आबादी को देखते हुए इस प्रकार की सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्क और ओपन जिम की फेंसिंग कर उसे सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए।

    सुरक्षा और सुविधा के मद्देनजर मंत्री श्री सारंग ने रचना टॉवर परिसर के सामने पोल लाइट लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रकाश व्यवस्था से न केवल परिसर आकर्षक बनेगा बल्कि सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सौंदर्यीकरण और पार्क निर्माण के सभी कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्रता से क्रियान्वयन किया जाए ताकि नागरिक जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

    इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी और स्थानीय नागरिक भी मौजूद थे। नागरिकों ने क्षेत्र में विकास के लिए मंत्री श्री सारंग का आभार व्यक्त किया और उनकी पहल की सराहना की। मंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे परियोजना के दौरान अपनी सुझाव और आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराते रहें ताकि कार्य अधिक प्रभावी और सभी के लिए लाभकारी हो।

    रचना टॉवर परिसर का यह सौंदर्यीकरण और पार्क निर्माण केवल एक जगह को सुंदर बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरे क्षेत्र के जीवन स्तर को सुधारने और नागरिकों के लिए बेहतर सामाजिक और मनोरंजन सुविधाओं की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    मंत्री की इस पहल से स्थानीय जनता को स्वच्छता सुरक्षा और स्वस्थ जीवनशैली की सुविधा मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया कि निर्देशानुसार सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएंगे और क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

  • भोपाल में माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर आयकर विभाग का छापा

    भोपाल में माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर आयकर विभाग का छापा


    भोपाल। राजधानी भोपाल में माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर बुधवार सुबह आयकर विभाग (IT Department) की दिल्ली टीम ने छापेमारी की। टीम ने शहर के कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई करते हुए दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की।

    कार्रवाई का विवरण
    आयकर अधिकारी कारोबारी से जुड़े कागजात, बैंक लेनदेन और वित्तीय दस्तावेज की पड़ताल कर रहे हैं।टीम आय और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है।मामले में जांच अभी जारी है, और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।इससे पहले आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भी दिलीप गुप्ता के भोपाल स्थित दो ठिकानों पर छापा मार चुका है।उस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में नकदी, दस्तावेज और महत्वपूर्ण फाइलें जब्त की गई थीं।

    अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई वित्तीय और संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है, और मामले की पूरी जानकारी दस्तावेजों की समीक्षा के बाद सार्वजनिक की जाएगी।

  • भोपाल सुसाइड: रेप केस में फंसे हारमोनियम वादक ने तोड़ा दम, जमानत के बाद डिप्रेशन में था नेशनल अवार्ड विनर

    भोपाल सुसाइड: रेप केस में फंसे हारमोनियम वादक ने तोड़ा दम, जमानत के बाद डिप्रेशन में था नेशनल अवार्ड विनर


    भोपाल। राजधानी के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में एक प्रतिभाशाली हारमोनियम वादक विवेक तिवारी (24) ने मंगलवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। विवेक हाल ही में अपनी नाबालिग मंगेतर के साथ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल से जमानत पर बाहर आया था। बुधवार सुबह अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    प्रतिष्ठा का बोझ: पुजारी पिता और ‘राष्ट्रीय सम्मान’ का साया
    विवेक तिवारी केवल एक सामान्य युवक नहीं था, बल्कि हारमोनियम वादन में उसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल चुका था।

    पिता की साख: विवेक के पिता गांव के मंदिर में पुजारी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि विवेक इस बात को लेकर गहरे मानसिक तनाव में था कि उसके ऊपर लगे ‘रेप’ के आरोपों से उसके पुजारी पिता की समाज में प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।करीब 6 महीने जेल में रहने के बाद विवेक 20 दिन पहले ही रिहा हुआ था। घर लौटने के बाद से ही वह गुमसुम और तनावग्रस्त रहने लगा था।

    मामले की पृष्ठभूमि: नवंबर 2025 में दर्ज हुआ था केस
    यह कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब नवंबर 2025 में विवेक के खिलाफ उसकी नाबालिग मंगेतर के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ।दोनों परिवारों के बीच सहमति थी कि लड़की के बालिग होते ही दोनों का विवाह कर दिया जाएगा, लेकिन इससे पहले ही मामला पुलिस तक पहुँच गया।रेप की शिकायत के बाद जब पीड़िता के माता-पिता विवेक के घर पहुँचे, तो वहां विवाद हुआ। इस दौरान विवेक की माँ और बहन पर पीड़िता के परिजनों के साथ मारपीट और धमकी देने का भी मामला दर्ज किया गया था।

    पुलिस कार्रवाई: सुसाइड नोट गायब, कमरा सील
    बिलखिरिया टीआई उमेश चौहान के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने विवेक के कमरे को सील कर दिया है और एफएसएल (FSL) टीम की मौजूदगी में कमरे की विस्तृत तलाशी ली जाएगी।फिलहाल परिजनों की स्थिति बयान देने योग्य नहीं है, जल्द ही उनके और पीड़िता के परिवार के बयान दर्ज कर आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।

  • बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बेटी का दुखद निधन

    बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बेटी का दुखद निधन



    भोपाल । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल का आज बुधवार को दुखद निधन हो गया है। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

    सुरभि खंडेलवाल के निधन से क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है। उनकी अंतिम यात्रा आज शाम 5:00 बजे उनके निज निवास बैतूल गंज से कोठी बाजार मोक्ष धाम के लिए रवाना होगी। अंतिम संस्कार कोठी बाजार मोक्ष धाम में किया जाएगा। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। सामाजिक संगठनों ने भी परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।

  • सीएम डॉ. मोहन यादव आज हटा में महिला सम्मेलन में शामिल, करोड़ों के विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन और लोकार्पण

    सीएम डॉ. मोहन यादव आज हटा में महिला सम्मेलन में शामिल, करोड़ों के विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन और लोकार्पण


    दमोह । दमोह जिले की हटा विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंच रहे हैं। वे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन में स्व सहायता समूह और लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाएं बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगी। मुख्यमंत्री सबसे पहले दूल्हा देव शिव मंदिर में दर्शन करेंगे और उसके बाद सभा स्थल पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लेंगे।

    कलेक्टरसुधीर कुमार कोचरने बताया कि इस मौके पर हटा विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया जाएगा। प्रमुख विकास कार्यों में मड़ियादो से रजपुरा मार्ग का निर्माण 48.89 करोड़ रुपए मड़ियादो से बर्धा किशनगढ़ मार्ग 74.44 करोड़ रुपए और एनडीबी योजना के तहत हटा से गैसाबाद सिमरिया मार्ग एसएच 55 के शोल्डर उन्नयन एवं चौड़ीकरण का कार्य 231.97 करोड़ रुपए शामिल हैं।

    इसके अतिरिक्त हटा से पटेरा कुम्हारी मार्ग के शहरी हिस्से में 4 लेन चौड़ीकरण 5.11 करोड़ रुपए हटा शहर में रेस्ट हाउस के पास दुधिया नाले पर पुल निर्माण 8.44 करोड़ रुपए हटा ब्लॉक अंतर्गत हिनौता मुराछ पाली मार्ग पर सुनार नदी पर पुल निर्माण 13.26 करोड़ रुपए और जिरौध सिमरी मार्ग में व्यारमा नदी पर पुल निर्माण 6.87 करोड़ रुपए का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जाएगा।

    कलेक्टर कोचर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्यक्रम की तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसमें संभागीय प्रबंधक एमपीआरडीसी सागर कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग सागर अधीक्षण यंत्री मध्यप्रदेश विद्युत कंपनी दमोह कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग दमोह और मुख्य नगर पालिका अधिकारी हटा शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन स्थानीय जनता और हितग्राही महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगा। इससे हटा विधानसभा क्षेत्र में सड़क पुल और शहरी बुनियादी ढांचे का कायाकल्प होगा और महिला सशक्तिकरण को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

  • नर्मदा परिक्रमावासी का दुखद अंत: हनुमान प्रतिमा के सामने जनेऊ से बनाया फंदा, गर्भगृह में मिला 70 वर्षीय बुजुर्ग का शव

    नर्मदा परिक्रमावासी का दुखद अंत: हनुमान प्रतिमा के सामने जनेऊ से बनाया फंदा, गर्भगृह में मिला 70 वर्षीय बुजुर्ग का शव


    नर्मदापुरम। नर्मदापुरम के ग्राम गुड़ला में बुधवार तड़के एक परिक्रमावासी बुजुर्ग ने मंदिर के गर्भगृह में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना तब उजागर हुई जब सुबह प्रभात फेरी के बाद ग्रामीण हनुमान जी के दर्शन करने पहुँचे। चौंकाने वाली बात यह है कि बुजुर्ग ने अपने पवित्र जनेऊ का फंदा बनाया और हनुमान प्रतिमा के सामने बैठी हुई मुद्रा में अपने प्राण त्याग दिए।

    घटनाक्रम: प्रभात फेरी के दौरान सामने आई हकीकत
    ग्राम गुड़ला के राम जानकी मंदिर में मंगलवार शाम को एक परिक्रमावासी बुजुर्ग विश्राम के लिए रुके थे। ग्रामीणों के अनुसार:

    तड़के 4:30 बजे: प्रभात फेरी निकालने वाले लोगों ने बुजुर्ग को मंदिर परिसर में बैठे और पूजन-पाठ करते देखा था, तब सब कुछ सामान्य लग रहा था।सुबह 5:30 बजे: जब प्रभात फेरी संपन्न कर ग्रामीण वापस लौटे और हनुमान मंदिर के गर्भगृह में पहुँचे, तो बुजुर्ग वहां मृत अवस्था में मिले। उनके गले में जनेऊ का फंदा कसा हुआ था।

    पहचान: देवास निवासी थे सुमेर सिंह, 3 साल से कर रहे थे परिक्रमा
    सूचना मिलते ही माखननगर थाने से एसआई अशोक बरबड़े पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों से मृतक की शिनाख्त सुमेर सिंह (70 वर्ष), निवासी चौबारा धीरा (जिला देवास) के रूप में हुई है पुलिस ने बताया कि सुमेर सिंह पिछले तीन सालों से नर्मदा परिक्रमा पर निकले थे।परिजनों के अनुसार, वे पिछले एक साल से परिवार के संपर्क में नहीं थे। सूचना मिलने के बाद परिजन देवास से माखननगर के लिए रवाना हो गए हैं।

    पुलिस जांच: सुसाइड नोट न मिलने से उलझी गुत्थी
    थाना प्रभारी अनूप कुमार उइके के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के आने के बाद उनके बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

  • महाकाल मंदिर क्षेत्र में गैस संकट: रेस्टोरेंट अब कोयला-लकड़ी पर बनाएंगे खाना, सिलेंडर सप्लाई आधी रह गई

    महाकाल मंदिर क्षेत्र में गैस संकट: रेस्टोरेंट अब कोयला-लकड़ी पर बनाएंगे खाना, सिलेंडर सप्लाई आधी रह गई


    उज्जैन। अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब धार्मिक नगरी उज्जैन तक पहुंच गया है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई में भारी कमी आने से Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple क्षेत्र के रेस्टोरेंट और भोजनालयों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि कई रेस्टोरेंट के पास सिर्फ एक-दो दिन का ही गैस स्टॉक बचा है, जिसके चलते संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कोयला और लकड़ी पर खाना बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक मंदिर क्षेत्र में संचालित करीब 350 से अधिक रेस्टोरेंट और भोजनालय कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर निर्भर हैं। लेकिन हाल के दिनों में सप्लाई करीब 50 प्रतिशत तक कम हो गई है। इसका सीधा असर भोजन व्यवस्था पर पड़ने लगा है, क्योंकि यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु भोजन के लिए इन रेस्टोरेंट्स पर आते हैं।

    बताया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर Iran, Israel और United States के बीच चल रहे विवाद के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर अब स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है।

    महाकाल मंदिर के पास स्थित एक भोजनालय के संचालक चंद्रशेखर काले ने बताया कि उनके यहां आमतौर पर हर दो दिन में तीन कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। लेकिन हाल ही में मांग करने के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाया, जिससे खाना तैयार होने में करीब डेढ़ घंटे की देरी हुई। पहले जहां रोजाना चार सिलेंडर इस्तेमाल होते थे, अब तीन सिलेंडरों में ही काम चलाना पड़ रहा है।

    उज्जैन बस स्टैंड क्षेत्र के कई भोजनालय संचालकों का कहना है कि फिलहाल उनके पास सीमित गैस स्टॉक है, लेकिन आगे की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। गैस एजेंसियों से संपर्क करने पर कई बार फोन तक रिसीव नहीं हो रहा, जिससे चिंता और बढ़ गई है।

    इधर शहर की गैस एजेंसियों पर भी लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। एजेंसी कर्मचारियों के अनुसार फिलहाल केवल ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से ही सिलेंडर दिए जा रहे हैं और डिलीवरी के लिए करीब 20 से 25 दिन तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

    अगर जल्द ही गैस सप्लाई सामान्य नहीं होती है तो महाकाल मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भोजन व्यवस्था में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में रेस्टोरेंट संचालक कोयला और लकड़ी के चूल्हों को अस्थायी विकल्प के रूप में अपनाने की तैयारी कर रहे हैं।

    कीवर्ड: महाकाल मंदिर, उज्जैन गैस संकट, कमर्शियल सिलेंडर, रेस्टोरेंट संचालक, कोयला-लकड़ी चूल्हा, श्रद्धालु भोजन व्यवस्था

  • भिंड में फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड को गोली, हालत गंभीर: चोरी रोकते समय बदमाशों ने फायर किया

    भिंड में फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड को गोली, हालत गंभीर: चोरी रोकते समय बदमाशों ने फायर किया

    भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार रात एक गंभीर वारदात हुई। क्रम्पटन फैक्ट्री में तैनात सुरक्षा गार्ड Majid Ali को चोरी रोकने के प्रयास के दौरान बदमाशों ने गोली मार दी। गोली सीधे गार्ड के सिर में लगी जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

    जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात करीब 1:57 बजे मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन-चार बदमाश फैक्ट्री के मुख्य प्रवेश द्वार से घुसे। ड्यूटी पर मौजूद मजीद अली ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने पिस्टल से उस पर फायर कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसी मोटरसाइकिल से फरार हो गए।

    गोली की आवाज सुनकर फैक्ट्री में तैनात अन्य सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री प्रबंधन को सूचित किया। घायल मजीद अली को तुरंत बिरला अस्पताल ग्वालियर में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर बताई है।

    मालनपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है लेकिन देर रात तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। मालनपुर थाना प्रभारी Pradeep Soni से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।

    मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में पिछले कुछ समय से आपराधिक घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। पिछले सप्ताह भी क्षेत्र में दो गुटों के बीच फायरिंग और हिंसा की घटनाएं हुई थीं। इस बार फैक्ट्री के सुरक्षा गार्ड को निशाना बनाने की घटना ने कर्मचारियों और प्रबंधन में डर और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। फैक्ट्री के आसपास अतिरिक्त पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

  • MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रतलाम में स्कूल संचालिका से पूछताछ, अभ्यर्थियों ने माउस तक नहीं छुआ एक घंटा

    MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रतलाम में स्कूल संचालिका से पूछताछ, अभ्यर्थियों ने माउस तक नहीं छुआ एक घंटा


    रतलाम । मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2024 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। रतलाम पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दो टीमों को अलग अलग दिशा में तैनात किया है। सबसे बड़े परीक्षा केंद्र रतलाम पब्लिक स्कूल में स्कूल संचालिका संयोगिता सिंह से पूछताछ की गई। पुलिस ने पूरे स्कूल का नक्शा तैयार किया, जिसमें परीक्षा के दौरान सभी कमरों, रास्तों और स्टाफ की उपस्थिति का विवरण शामिल है।

    एसपी अमित कुमार ने बताया कि जांच के लिए SIT गठित की गई है। एक टीम भोपाल गई है, जहां परीक्षा से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जैसे सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज इकट्ठा किए जा रहे हैं। दूसरी टीम 12 संदिग्ध अभ्यर्थियों की तलाश में भिंड और मुरैना की ओर गई है। पुलिस को कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, जिनके आधार पर जांच को और तेज कर दिया गया है।

    जांच में सामने आया कि 12 अभ्यर्थियों ने परीक्षा बहुत असामान्य तरीके से पूरी की। दो घंटे की परीक्षा में पहले एक घंटे तक माउस तक हाथ नहीं लगाया और चुपचाप बैठे रहे। इसके बाद 15 मिनट और 30 मिनट में 100 प्रश्न हल कर दिए। इससे पहले ये सभी अभ्यर्थी अन्य पुलिस भर्ती में शामिल हुए थे, लेकिन उनके अंक 50 से कम थे। इस बार इन्हें 90 से अधिक अंक मिले और 100 पर्सेंटाइल हासिल हुई।

    जानकारी के मुताबिक सभी 12 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर किसी एक व्यक्ति ने मदद दी थी। ये अभ्यर्थी अलग अलग तारीख और शिफ्ट में परीक्षा देने आए, लेकिन मदद करने वाला वही था और केंद्र भी एक ही था।परीक्षा का आयोजन मुंबई की कंपनी एप्टेक लिमिटेड ने किया था। यह कंपनी पहले उत्तर प्रदेश, असम, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में पेपर लीक और स्क्रीन शेयरिंग के मामलों में ब्लैकलिस्टेड हो चुकी है।

    रतलाम पब्लिक स्कूल में लगभग 4500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच भोपाल, इंदौर, रतलाम समेत 11 शहरों में आयोजित हुई। रतलाम केंद्र को पहली बार इस परीक्षा के लिए चुना गया था। ईएसबी ने बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आने के बाद स्कूल को आगामी परीक्षाओं के लिए बैन कर दिया है।

    इस मामले में 2 मार्च को भोपाल थाने में शून्य पर केस दर्ज किया गया। केस डायरी रतलाम ट्रांसफर की गई और असल मर्ग कायम किया गया। पुलिस सभी तथ्यों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
    CSO सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि SIT की दो टीमें अलग अलग जिम्मेदारियों के साथ काम कर रही हैं। एक टीम तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है, जबकि दूसरी टीम आगे की जांच में मदद कर रही है।

  • मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट पर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का खतरा, 6 विधायक पलटें तो हाथ से जा सकती है सीट

    मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट पर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का खतरा, 6 विधायक पलटें तो हाथ से जा सकती है सीट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में 19 जून 2026 को तीन राज्यसभा सीटें खाली होने वाली हैं। इनमें से दो सीटें भाजपा के डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन के नाम हैं जबकि कांग्रेस की सीट पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह  के पास थी। हालांकि दिग्विजय सिंह ने पहले ही राज्यसभा जाने से इनकार कर दिया है और अपनी सीट खाली करने की घोषणा की है।

    दिग्विजय के इनकार के बाद कांग्रेस के भीतर इस सीट के लिए कई छोटे बड़े नेताओं ने दावेदारी शुरू कर दी है। पार्टी के अंदर इस सीट को जीतने को लेकर टेंशन का माहौल है। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि यदि 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर दें तो यह सीट भाजपा के हाथ में जा सकती है। बताया जा रहा है कि भाजपा विधायकों को अगले चुनाव की टिकट और अन्य ऑफर देकर क्रॉस वोटिंग के लिए प्रेरित कर सकती है।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा हर जगह तोड़फोड़ का प्रयास करती है लेकिन कांग्रेस मजबूत है और राज्यसभा सीट पार्टी की ही रहेगी। वहीं बीजेपी के अभिलाष पांडे का कहना है कि उनके पास पर्याप्त संख्या में विधायक हैं और भाजपा अपने काम पर भरोसा रखती है।

    इस बार तीन सीटों पर चुनाव में 230 विधायक वोटिंग करेंगे। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 58 वोटों की जरूरत होगी। कांग्रेस के पास फिलहाल 65 विधायक हैं जिनमें से एक विधायक अब भाजपा के साथ हैं। विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन हाईकोर्ट द्वारा शून्य कर दिया गया है इसलिए यदि सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली तो कांग्रेस के पास 63 विधायक ही रहेंगे। ऐसे में यदि 5 से 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर देते हैं तो सीट हाथ से जा सकती है।

    भाजपा के पास विधानसभा में 164 विधायक हैं बीना विधायक के समर्थन से संख्या 165 हो सकती है। इसके अलावा बीएपी के एक मात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार का वोट भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    क्रॉस वोटिंग का इतिहास भी सामने है। 2022 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में क्रॉस वोटिंग हुई थी। विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को केवल 79 वोट मिले थे जबकि अपेक्षित संख्या 103 थी। 2020 के राज्यसभा चुनाव में भी दिग्विजय सिंह 52 वोटों की आवश्यकता के बावजूद 57 वोट लेकर जीत गए थे।

    राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष होते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक चुनते हैं। हर दो साल में राज्यसभा का एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। कुल 245 सीटों में से 233 पर अप्रत्यक्ष चुनाव होते हैं। चुनाव में जीत के लिए विधायकों की संख्या और सीटों के आधार पर कोटा तय होता है। एक विधायक का वोट मूल्य 100 माना जाता है।

    इस बार कांग्रेस में दिग्विजय सिंह वाली सीट पर अनुसूचित जाति वर्ग के नेताओं जैसे प्रदीप अहिरवार और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को भी दावेदारी में शामिल किया गया है। पार्टी के भीतर सीट को सुरक्षित करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है लेकिन क्रॉस वोटिंग का खतरा लगातार चर्चा में बना हुआ है।