Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल: रंगपंचमी पर युवती की कार पर एसिड फेंकने का गंभीर मामला

    भोपाल: रंगपंचमी पर युवती की कार पर एसिड फेंकने का गंभीर मामला


    भोपाल भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में रंगपंचमी के दिन एक युवती की कार पर कथित रूप से एसिड मिला रंग फेंकने की घटना सामने आई है। घटना में कार का पेंट पूरी तरह जल गया, जिससे संपत्ति को गंभीर नुकसान हुआ। 24 वर्षीय पीड़िता एक निजी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत हैं और वह अभिरुचि परिसर में रहती हैं।

    युवती ने बताया कि रविवार को वह अपनी कार घर के बाहर पार्क कर चुकी थीं। शाम के समय जब वह कार के पास पहुंचीं, तो देखा कि कार पर रंग डाला हुआ था। पेंट बुरी तरह जल चुका था, जिससे साफ तौर पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि रंग में एसिड मिलाकर कार पर फेंका गया। पीड़िता ने तुरंत ऐशबाग थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई।

    थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी संदीप पंवार ने बताया कि कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

    इस घटना ने सिर्फ संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया, बल्कि एसिड के इस्तेमाल से सुरक्षा की गंभीर चिंता भी पैदा कर दी है। फिलहाल पीड़िता सुरक्षित हैं और उन्हें कोई शारीरिक चोट नहीं आई है।

    जांच अधिकारी आसपास के अन्य CCTV और पड़ोसियों से पूछताछ कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से संबंधित कोई जानकारी है, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें।

    यह मामला याद दिलाता है कि त्योहारों के समय सावधानी और सुरक्षा दोनों जरूरी हैं। रंगपंचमी का त्योहार खुशी और मस्ती का प्रतीक है, लेकिन इस तरह की घटनाओं से इसे डर और चिंता का माहौल भी मिल सकता है। पुलिस की सक्रियता और नागरिकों की सतर्कता इस तरह की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।

  • भोपाल वीआईपी रोड पर तेज रफ्तार कार का कहर, महिला घायल, तीन वाहन क्षतिग्रस्त

    भोपाल वीआईपी रोड पर तेज रफ्तार कार का कहर, महिला घायल, तीन वाहन क्षतिग्रस्त


    भोपालभोपाल के वीआईपी रोड पर रविवार रात करीब 10:30 बजे एक तेज रफ्तार कार ने अचानक नियंत्रण खो दिया और चलते-चलते तीन वाहनों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक एक्टिवा, एक बाइक और एक कार क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि कार में सवार महिला को हल्की चोट आई। घटना कोहेफिजा थाना क्षेत्र के न्यू मार्केट के पास, कोजा चौराहा और इम्पीरियल सेबर के बीच हुई।

    पुलिस के अनुसार, कार की चालक युवती थी। हादसे के बाद कुछ देर के लिए वीआईपी रोड पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कराया।

    महिला ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने पहले उसकी एक्टिवा और बाइक को टक्कर मारी, और फिर उसकी कार के दाहिनी ओर से टकराई। टक्कर लगने से कार का दाहिना हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और महिला के पैर व सिर में हल्की चोट आई, जबकि कार में बैठी उसकी बहन सुरक्षित रही।

    कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल, एक्टिवा और बाइक सवारों की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच कर रही है।

    यह हादसा वीआईपी रोड पर बढ़ते तेज रफ्तार वाहनों और सड़क सुरक्षा की गंभीर चुनौतियों को फिर से उजागर करता है।

  • भोपाल के बाग उमराव दूल्हा में आग का भयानक मामला, 10 किमी दूर से देखा गया धुआं, दमकलें मौके पर लगीं

    भोपाल के बाग उमराव दूल्हा में आग का भयानक मामला, 10 किमी दूर से देखा गया धुआं, दमकलें मौके पर लगीं


    भोपाल। भोपाल के बाग उमराव दूल्हा इलाके में सोमवार दोपहर करीब 3.30 बजे एक तीन मंजिला मकान की छत पर आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि आसपास 10 किलोमीटर दूर से भी धुआं नजर आया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मकान की छत पर तेल रखा गया था, जो अज्ञात कारणों से भड़क गया और आग तेजी से फैल गई।

    आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के फायर स्टेशन से दमकलें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया गया। हालांकि इलाके के संकरे रास्तों के कारण दमकलों को समय लग गया। दमकल कर्मियों ने बताया कि बिल्डिंग के नीचे मीट की दुकान भी है, इसलिए आग को फैलने से रोकना प्राथमिकता बनी हुई है।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग इतनी तेज थी कि धुआं आसमान में उठता हुआ दूर तक दिखाई दे रहा था। फिलहाल दमकल विभाग आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए मौके पर जुटा हुआ है। अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि वे इलाके से दूरी बनाए रखें और राहत कार्यों में बाधा न डालें।

    मामले की जांच के बाद ही आग लगने के असली कारण का खुलासा किया जाएगा। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेल के भंडारण और लापरवाही के कारण आग भड़की है।

    इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है और लोगों में आग और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। दमकल विभाग लगातार आग बुझाने में जुटा हुआ है और जल्द ही पूरी बिल्डिंग को सुरक्षित घोषित करने की संभावना है।

  • डॉक्टरों की एक 'गलत' सूचना ने ले ली मासूम की जान 12वीं की छात्रा की मौत, परिजनों का आरोप- प्रेग्नेंसी बोलकर बेटी को डिप्रेशन में धकेला

    डॉक्टरों की एक 'गलत' सूचना ने ले ली मासूम की जान 12वीं की छात्रा की मौत, परिजनों का आरोप- प्रेग्नेंसी बोलकर बेटी को डिप्रेशन में धकेला


    भोपाल। राजधानी भोपाल में 17 वर्षीय एक स्कूली छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने पहले उनकी बेटी को ‘प्रेग्नेंट’ बताया, जिससे वह गहरे सदमे (डिप्रेशन) में चली गई और अंततः इलाज के दौरान उसकी सांसें टूट गईं। जबकि बाद में उसी छात्रा को ‘ट्यूमर’ से पीड़ित बताया गया।
    घटनाक्रम: परीक्षा के बाद बिगड़ी तबीयत और ‘गलत’ रिपोर्ट का सदमा
    मृतक छात्रा प्राइवेट स्कूल से 12वीं की पढ़ाई कर रही थी। 2 मार्च 2026 को वह अपनी बोर्ड परीक्षा देकर घर लौटी थी, जिसके बाद अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई।
    पिता के अनुसार, बेटी को सबसे पहले हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि वहां के डॉक्टरों ने उसे 2 माह की प्रेग्नेंट बता दिया।जब सोनोग्राफी में स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो उसे सुल्तानिया अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास भेजा गया। वहां हुई जांच में सामने आया कि छात्रा को प्रेग्नेंसी नहीं, बल्कि पेट में ट्यूमर है।

    डिप्रेशन और मौत: “बेटी ने बोलना बंद कर दिया था”
    परिजनों का सबसे गंभीर आरोप यह है कि ‘प्रेग्नेंसी’ की खबर सुनते ही छात्रा मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गई थी।एक मासूम छात्रा के लिए डॉक्टरों द्वारा कही गई यह बात सामाजिक और व्यक्तिगत तौर पर इतनी बड़ी थी कि उसने लोगों से बात करना और कुछ भी बोलना बंद कर दिया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने भी इसे ‘रेप केस’ मानकर जांच शुरू कर दी थी, जिससे परिवार और छात्रा पर दबाव और बढ़ गया।लगातार गिरती मानसिक और शारीरिक स्थिति के बीच सोमवार सुबह इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई।

    पुलिस का पक्ष: ट्यूमर से मौत की पुष्टि
    मामले की जांच कर रही एमपी नगर थाने की एसआई अर्चना तिवारी के अनुसार, डॉक्टरों की प्रारंभिक रिपोर्ट में छात्रा का इलाज ट्यूमर के लिए चलना बताया गया है।रिपोर्ट में प्रेग्नेंसी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। हालांकि, परिजनों के आरोपों को देखते हुए मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है।अब पुलिस को पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मौत की असली वजह ट्यूमर थी या गलत निदान से उपजा मानसिक तनाव।

    यह मामला केवल एक बीमारी का नहीं, बल्कि शब्दों की संवेदनशीलता का है। अगर परिजनों के आरोप सही हैं, तो यह डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही है कि एक गंभीर रूप से बीमार छात्रा को गलत सूचना देकर मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया गया कि वह जिंदगी की जंग हार गई।”

  • विंध्य को मिलेगा विकास का नया हाईवे, सीधी सिंगरौली फोर लेन से प्रयागराज और वाराणसी से सीधे जुड़ेगा मध्य प्रदेश

    विंध्य को मिलेगा विकास का नया हाईवे, सीधी सिंगरौली फोर लेन से प्रयागराज और वाराणसी से सीधे जुड़ेगा मध्य प्रदेश

    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के लिए बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्ग-39 के सीधी सिंगरौली खंड के शेष 105 किलोमीटर फोर लेन निर्माण कार्य का अवॉर्ड जारी कर दिया है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना को अब गति मिलने जा रही है और उम्मीद है कि अप्रैल 2026 से इसका निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा। यह परियोजना न केवल विंध्य क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी बल्कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच व्यापार परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगी।

    सीधी सिंगरौली मार्ग को विंध्य क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। अभी तक इस मार्ग पर संकरी सड़कें और सीमित पुल होने के कारण यात्रियों और भारी वाहनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई जगहों पर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति भी बनती थी। लेकिन अब एनएचएआई इस सड़क को आधुनिक वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने जा रहा है जिससे आवागमन सुरक्षित और तेज हो सकेगा।

    इस परियोजना के तहत केवल सड़क का चौड़ीकरण ही नहीं होगा बल्कि बड़े पैमाने पर आधुनिक बुनियादी ढांचा भी विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार इस मार्ग पर तीन रेलवे ओवर ब्रिज और एक रेलवे अंडर ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके अलावा तीन बड़े पुल और 33 छोटे पुलों का निर्माण भी किया जाएगा। सड़क पर सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए कई अंडरपास भी बनाए जाएंगे जिनमें स्थानीय वाहनों की आवाजाही के लिए 11 व्हीकुलर अंडरपास और एक पैदल अंडरपास शामिल है।

    सड़क निर्माण के साथ ही आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम भी तैयार किया जाएगा ताकि बारिश के दौरान पानी जमा होने की समस्या से बचा जा सके। इसके तहत 85 बॉक्स कलवर्ट और 165 पाइप कलवर्ट बनाए जाएंगे जिससे सड़क के दोनों ओर बेहतर जल निकासी की व्यवस्था हो सकेगी।

    इस हाईवे के निर्माण से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच दूरी और यात्रा समय दोनों में कमी आएगी। खासतौर पर विंध्य क्षेत्र के जिलों की कनेक्टिविटी प्रयागराज मिर्जापुर रॉबर्ट्सगंज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों से सीधे और तेज तरीके से जुड़ जाएगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा और माल परिवहन अधिक सुगम हो सकेगा।

    सिंगरौली को देश का ऊर्जा हब माना जाता है जहां कोयला बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियां बड़े पैमाने पर होती हैं। ऐसे में बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से यहां से होने वाले लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन को नई गति मिलेगी। भारी वाहनों के लिए जंक्शन सुधार सर्विस रोड और बेहतर यातायात व्यवस्था भी इस परियोजना का हिस्सा है।

    इसके साथ ही विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए रीवा से सीधी के बीच फोर लेन हाईवे बनाने की योजना भी अंतिम चरण में है। इस परियोजना का अवॉर्ड जल्द जारी होने की संभावना है और मानसून के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा देवतालाब नईगढ़ी मार्ग के निर्माण से रीवा की कनेक्टिविटी प्रयागराज से और अधिक आसान हो जाएगी।

    कुल मिलाकर यह परियोजना विंध्य क्षेत्र के विकास व्यापार और परिवहन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सड़क नेटवर्क के मजबूत होने से न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

  • भोपाल के होटल में 'खूनी' ड्रामा: पति के सीने पर बैठकर नर्स पत्नी ने ब्लेड से रेता शरीर, हमले के बाद पी शराब और सिगरेट

    भोपाल के होटल में 'खूनी' ड्रामा: पति के सीने पर बैठकर नर्स पत्नी ने ब्लेड से रेता शरीर, हमले के बाद पी शराब और सिगरेट


    भोपाल।  राजधानी के आनंद नगर स्थित ‘होटल कोमल पैलेस’ में शनिवार रात एक ऐसी वारदात हुई जिसने पति-पत्नी के रिश्ते को लहूलुहान कर दिया। सीहोर से भोपाल आई एक सरकारी नर्स ने मामूली विवाद के बाद अपने पति पर ब्लेड और कांच के गिलास से हमला कर दिया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला हमले के बाद बेखौफ होकर सिगरेट फूंकती और शराब पीती नजर आ रही है।

    विवाद की जड़: ‘खाने’ से शुरू हुआ झगड़ा, खून-खराबे पर थमा
    पुणे की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत राजकुमार (परिवर्तित नाम) अपनी पत्नी निलिमा (परिवर्तित नाम) से मिलने होटल पहुँचा था। निलिमा शाजापुर की रहने वाली है और पेशे से नर्स है।

    झगड़े का बहाना: निलिमा ने होटल में खाना ऑर्डर किया था, लेकिन राजकुमार ने यह कहकर मना कर दिया कि वह घर से खाकर आया है। बस इतनी सी बात पर विवाद बढ़ा और पूरी रात हंगामा चलता रहा।

    तड़के हमला: सुबह करीब 7 बजे जब राजकुमार की नींद खुली, तो वह सिहर उठा। उसकी पत्नी उसके सीने पर बैठी थी और हाथ में धारदार सर्जिकल ब्लेड था।

    बर्बरता: पेट और हाथ पर वार, बाथरूम में छिपकर बचाई जान
    राजकुमार के अनुसार, निलिमा ने उस पर ब्लेड से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। दाहिने हाथ और पेट पर गहरे जख्म होने के बाद जब उसने बचने की कोशिश की, तो पत्नी ने कांच का गिलास सिर पर दे मारा। खून से लथपथ राजकुमार जान बचाने के लिए बाथरूम की ओर भागा और बाद में होटल से निकलकर सीधे अस्पताल पहुँचा।

    रिश्ते का काला सच: ‘रेप केस’ से शुरू हुई थी शादी
    पुलिस जांच में इस विवाद की एक पुरानी और कड़वी परत भी सामने आई है:

    पुराना केस: निलिमा ने पहले राजकुमार के खिलाफ बलात्कार (Rape) का केस दर्ज कराया था।

    समझौता शादी: उस कानूनी पचड़े से बचने के लिए राजकुमार ने आर्य समाज मंदिर में उससे शादी कर ली थी।

    तनाव: शादी के बाद से ही दोनों के बीच अनबन चल रही थी। आरोप है कि राजकुमार उसे तलाक देने के लिए दबाव बना रहा था, जिससे निलिमा आक्रोशित थी।

    पुलिस की कार्रवाई और संदेहास्पद परिस्थितियां
    पिपलानी थाना पुलिस ने राजकुमार की शिकायत पर धारदार हथियार से हमला करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह एकतरफा नहीं लग रहा है। पति द्वारा दी गई जानकारी और मौके के वीडियो के आधार पर पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

    “यह घटना रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और प्रतिशोध की भावना का चरम है। जहाँ एक नर्स (जीवनदायिनी) के हाथ में ब्लेड इलाज के लिए होना चाहिए था, वहां उसने इसे हिंसा का हथियार बना लिया। फिलहाल, भोपाल पुलिस इस ‘मिस्ट्री’ को सुलझाने में जुटी है।”

  • नरेला की वोटर लिस्ट पर घमासान: 6–7 लोगों के घर में 30–40 वोटर! दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग को दिए सबूत

    नरेला की वोटर लिस्ट पर घमासान: 6–7 लोगों के घर में 30–40 वोटर! दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग को दिए सबूत


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की नरेला विधानसभा सीट की मतदाता सूची को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता Digvijaya Singh ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को दस्तावेज और शपथपत्र सौंपे हैं। उनका दावा है कि नरेला क्षेत्र के कुछ मकानों के पते पर असामान्य रूप से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज कर दिए गए हैं, जबकि वास्तव में वहां इतने लोग रहते ही नहीं हैं।

    शुक्रवार को Election Commission of India के मध्यप्रदेश कार्यालय पहुंचकर दिग्विजय सिंह ने अधिकारियों से मुलाकात की और पूरे मामले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के बाद जारी हुई मतदाता सूची में कई जगह गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। उनके अनुसार कुछ घरों में जहां केवल 6 से 8 लोग रहते हैं, वहां मतदाता सूची में 30 से 40 तक नाम दर्ज कर दिए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

    दिग्विजय सिंह ने करोंद क्षेत्र की रतन कॉलोनी के तीन मकानों के उदाहरण देते हुए कहा कि इन मामलों में मकान मालिकों ने बाकायदा शपथपत्र देकर बताया है कि उनके पते पर दर्ज कई मतदाता वहां कभी रहे ही नहीं। मकान नंबर 21 के मालिक हमीर सिंह यादव ने बताया कि उनके घर में कुल 6 कमरे हैं और परिवार के केवल चार सदस्य ही मतदाता हैं, जबकि सूची में लगभग 40 लोगों के नाम दर्ज बताए गए हैं। इसी तरह मकान नंबर 10 के मालिक कमलेश कुमार गुप्ता के अनुसार उनके घर में करीब आठ मतदाता रहते हैं, लेकिन मतदाता सूची में 36 नाम दर्ज हैं। वहीं मकान नंबर 2 के मालिक पोखन लाल साहू ने बताया कि उनके घर में सात मतदाता हैं, जबकि सूची में 37 नाम दर्ज किए गए हैं।

    मकान मालिकों ने अपने शपथपत्र में स्पष्ट कहा है कि जिन लोगों के नाम उनके पते पर दर्ज हैं, वे वहां कभी नहीं रहे और उन्हें उन व्यक्तियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) ने घर-घर जाकर सही तरीके से सत्यापन नहीं किया, जिसके कारण बड़ी संख्या में कथित फर्जी नाम मतदाता सूची में शामिल हो गए।

    दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कई वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में नए नाम बिना उचित सत्यापन के जोड़ दिए गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फर्जी नामों को तुरंत हटाया जाए और जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    चुनाव आयोग के अधिकारियों ने दिग्विजय सिंह से शिकायत और दस्तावेज प्राप्त कर मामले की जांच का आश्वासन दिया है। इस दौरान उनके साथ रतन कुमार गुप्ता, पोखन लाल साहू, देव नारायण विश्वकर्मा सहित कांग्रेस के अन्य नेता और स्थानीय शिकायतकर्ता भी मौजूद रहे। अब इस मामले में आयोग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मतदाता सूची में वास्तव में गड़बड़ी हुई है या नहीं।

  • दिव्यांग पेंशन पर टैक्स के खिलाफ भड़के पूर्व सैनिक, रिटायर्ड मेजर जनरल बोले– अग्निवीर योजना से कमजोर होगी सेना

    दिव्यांग पेंशन पर टैक्स के खिलाफ भड़के पूर्व सैनिक, रिटायर्ड मेजर जनरल बोले– अग्निवीर योजना से कमजोर होगी सेना


    भोपाल। केंद्र सरकार के हालिया बजट में पूर्व सैनिकों की दिव्यांग पेंशन पर इनकम टैक्स लगाने के फैसले को लेकर देशभर में विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। इसी मुद्दे को लेकर भोपाल में कांग्रेस भूतपूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रिटायर्ड मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के लिए अपनी जान और शरीर तक दांव पर लगाने वाले सैनिकों की पेंशन पर टैक्स लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील फैसला है।

    श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि दिव्यांग पेंशन उन सैनिकों को दी जाती है, जो युद्ध, ऑपरेशन या ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल होकर दिव्यांग हो जाते हैं। यह पेंशन उनकी मुख्य पेंशन का एक निर्धारित हिस्सा होती है, जो उनके जीवन-यापन और इलाज में मदद करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब इस दिव्यांग पेंशन पर भी इनकम टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है, जो 30 प्रतिशत तक हो सकता है। श्रीवास्तव ने कहा कि 1922 में बने पहले इनकम टैक्स कानून में स्पष्ट प्रावधान था कि ऐसे सैनिकों की पेंशन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन करीब 100 साल बाद सरकार ने उस पर भी टैक्स लगाने का फैसला कर लिया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार पूर्व सैनिकों की पेंशन पर टैक्स लगाकर कितना राजस्व जुटा लेगी, जबकि इससे सैनिकों का मनोबल जरूर टूटेगा।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व सैनिकों के लिए चल रही एक्स-सर्विसमैन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई गई। श्रीवास्तव ने कहा कि यह योजना पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी, लेकिन हाल के समय में बजट की कमी के कारण इसकी हालत खराब होती जा रही है। उनका आरोप है कि कई निजी अस्पतालों के बिल महीनों से लंबित पड़े हैं, जिसके कारण कई अस्पतालों ने पूर्व सैनिकों का इलाज करना बंद कर दिया है। इससे हजारों पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

    रिटायर्ड मेजर जनरल ने सेना में लागू अग्निवीर योजना को भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक प्रयोग बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत युवाओं की चार साल के लिए अस्थायी भर्ती की जाती है और बाद में 75 प्रतिशत जवानों को सेवा से बाहर कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं को चार साल बाद वापस भेज दिया जाएगा, उन्हें न तो पेंशन मिलेगी, न ग्रेच्युटी और न ही शहीद होने पर मिलने वाली सुविधाएं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यही व्यवस्था जारी रही तो आने वाले 8 से 10 वर्षों में सेना में स्थायी सैनिकों की संख्या लगातार घटती जाएगी और अग्निवीरों की संख्या बढ़ती जाएगी।

    श्याम श्रीवास्तव के अनुसार वर्तमान में भारतीय सेना में करीब 14 लाख सैनिक हैं, लेकिन यदि नियमित भर्ती कम होती रही और अग्निवीरों की संख्या बढ़ती गई, तो भविष्य में केवल लगभग साढ़े तीन लाख स्थायी सैनिक ही रह जाएंगे, जो पूरी तरह प्रशिक्षित और युद्ध के लिए तैयार होंगे। उन्होंने मांग की कि सभी अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जाए ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।

    इसके अलावा उन्होंने मध्य प्रदेश में पूर्व सैनिकों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तृतीय श्रेणी की नौकरियों में 10 प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी में 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन चयन प्रक्रिया में इसका सही लाभ पूर्व सैनिकों को नहीं मिल पाता। उनका कहना है कि यदि आरक्षण का सही तरीके से पालन हो, तो पुलिस, राजस्व और अन्य विभागों में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक अपनी सेवाएं दे सकते हैं।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने हाल के वर्षों में कुछ राज्यों में सैनिकों और पूर्व सैनिकों के साथ पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार की घटनाओं की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जो लोग देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं, उनके साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। पूर्व सैनिकों ने सरकार से मांग की है कि दिव्यांग पेंशन पर लगाए गए टैक्स के फैसले को तुरंत वापस लिया जाए और सैनिकों से जुड़े सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाए।

  • मध्यप्रदेश ने जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 को दी अंतिम रूप, अमृत मित्र संभालेंगे जल संरक्षण की कमान

    मध्यप्रदेश ने जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 को दी अंतिम रूप, अमृत मित्र संभालेंगे जल संरक्षण की कमान


    भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश की जल संपदा को संरक्षित करने और नगरीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 की व्यापक कार्य योजना को अंतिम रूप दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा निर्देशों के अनुरूप तैयार यह योजना पारंपरिक जल स्रोतों के पुनरुद्धार और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर केंद्रित है।

    अभियान के तहत सभी नगरीय निकायों को नदियों तालाबों बावडियों और नालों के किनारे किए गए अतिक्रमण को चिह्नित कर तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे न केवल जल संरचनाओं का प्राकृतिक स्वरूप लौटेगा बल्कि वर्षा जल के प्रवाह से भू जल स्तर में भी वृद्धि होगी।

    अभियान में बुनियादी ढांचे और स्वच्छता कार्यों के लिए वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। अमृत 2.0 के तहत 112 जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा जिनका क्षेत्रफल लगभग 3315 एकड़ है और इस पर 67 करोड़ रुपये का निवेश होगा। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत 100 प्रमुख नालों के शुद्धिकरण पर 664 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। भविष्य में 1000 जल ग्रहण संरचनाओं का वैज्ञानिक संवर्धन और 5000 नाले नालियों की सघन सफाई एवं सौंदर्यीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्रों में 5000 नई रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणालियां स्थापित की जाएंगी।

    नागरिक सुविधाओं के विस्तार में प्रमुख बाजारों बस स्टैंडों और सार्वजनिक चौराहों पर सुव्यवस्थित प्याऊ स्थापित किए जाएंगे जिससे ग्रीष्मकाल में राहगीरों और आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। पर्यावरण संरक्षण के हिस्से के रूप में अमृत 2.0 के तहत 116 निकायों में 300 एकड़ क्षेत्र को हरित क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा जिस पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आगामी मानसून सत्र में 1 करोड़ पौधों का रोपण भी किया जाएगा।

    युवा सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए 5000 युवाओं को अमृत मित्र के रूप में MY Bharat पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। ये युवा जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता फैलाने और अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इस एकीकृत कार्य योजना से प्रदेश की जल धरोहर संरक्षित होगी और स्वच्छ हरित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने में मदद मिलेगी।

  • जबलपुर में साइबर ठगी: बुजुर्ग के खाते से एक लाख रुपये उड़ा लिए, योनो लिंक पर क्लिक कर हुआ हैक

    जबलपुर में साइबर ठगी: बुजुर्ग के खाते से एक लाख रुपये उड़ा लिए, योनो लिंक पर क्लिक कर हुआ हैक


    जबलपुर । जबलपुर में साइबर अपराधियों ने बुजुर्ग नागरिक को अपना शिकार बना लिया। गोराबाजार थाना क्षेत्र के निवासी प्रभाकर मोहिते ने पुलिस को शिकायत दी कि उनके खाते से करीब एक लाख रुपये ठगी के जरिए गायब हो गए।

    शिकायत में बताया गया कि ठगों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर बताया कि उनके एसबीआई योनो ऐप का एक्सपायर हो गया है। इसके बाद उन्होंने प्रभाकर मोहिते को एक लिंक भेजा और उस पर क्लिक करने को कहा। लिंक पर क्लिक करते ही बुजुर्ग का मोबाइल हैक हो गया। इसके तुरंत बाद उनके खाते से कई ट्रांजेक्शन के जरिए कुल एक लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए गए।

    गोराबाजार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात साइबर अपराधियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों को चेताया है कि कभी भी मोबाइल लिंक या कॉल पर बैंक की जानकारी साझा न करें और ऐसे संदिग्ध संदेश आने पर सीधे अपने बैंक या पुलिस से संपर्क करें।

    इस घटना ने एक बार फिर साइबर ठगी के नए तरीकों की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल या इंटरनेट बैंकिंग इस्तेमाल करते समय हमेशा सुरक्षित ऐप और आधिकारिक वेबसाइटों का ही प्रयोग करें।