Category: Madhya Pradesh

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिहार के नए नेतृत्व को दी बधाई विकास की जताई उम्मीद

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिहार के नए नेतृत्व को दी बधाई विकास की जताई उम्मीद


    भोपाल । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिहार में नई सरकार के गठन पर शुभकामनाएं देते हुए वहां के नए नेतृत्व को बधाई दी है। उन्होंने सम्राट चौधरी को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

    इसके साथ ही बिजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर भी बधाई दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में इन सभी नेताओं के सफल कार्यकाल की कामना की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार की एनडीए सरकार विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित करेगी।

    उन्होंने कहा कि बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्य में मजबूत नेतृत्व और बेहतर प्रशासन से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा और राज्य तेजी से प्रगति की दिशा में आगे बढ़ेगा।

    मुख्यमंत्री ने यह भी उम्मीद जताई कि नई सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी और विकास के साथ साथ सुशासन को भी प्राथमिकता देगी।

  • मंदसौर मर्डर मिस्ट्री पत्नी और प्रेमी ने रची खौफनाक साजिश हत्या के बाद खुद ही पहुंच गए थाने

    मंदसौर मर्डर मिस्ट्री पत्नी और प्रेमी ने रची खौफनाक साजिश हत्या के बाद खुद ही पहुंच गए थाने


    मंदसौर । मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी और फिर चालाकी से उसे गुमशुदा दिखाने की कोशिश की।

    जानकारी के अनुसार आरोपी पंकज चौधरी और मृतक की पत्नी धापुबाई के बीच पिछले करीब पांच वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस संबंध की जानकारी जब पति धनराज नाथ को लगी तो उसने इसका विरोध किया और पत्नी को कई बार समझाने की कोशिश की। लेकिन यह बात दोनों को नागवार गुजरी और उन्होंने रास्ते से हटाने के लिए धनराज की हत्या की साजिश रच डाली।

    योजना के तहत 10 अप्रैल की शाम पंकज चौधरी मोटरसाइकिल से धनराज के घर पहुंचा और उसे भरोसे में लेकर अपने साथ खेत पर ले गया। वहां पहुंचकर उसने पहले उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए उसने शव के टुकड़े किए और पेट्रोल पंप से डीजल लाकर उसे जला दिया।

    इतना ही नहीं आरोपी ने शव को बोरे में भरकर जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर खेत में दफना दिया ताकि किसी को भनक न लगे। हत्या के बाद भी दोनों आरोपियों ने अपनी चालाकी जारी रखी और भानपुरा थाने पहुंचकर खुद ही धनराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी ताकि शक से बचा जा सके।

    हालांकि तीन दिन तक जब धनराज का कोई पता नहीं चला तो परिजनों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाया। पुलिस ने जब जांच तेज की और मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल खंगाले तो मामला संदिग्ध लगा। सख्त पूछताछ में पंकज चौधरी ने आखिरकार हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस खेत तक पहुंची और वहां से शव के अवशेष बरामद किए गए। मौके पर एफएसएल टीम ने भी जांच की और साक्ष्य एकत्रित किए गए।

    घटना का खुलासा होते ही मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने गरोठ भानपुरा मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिजन आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने और मामले की गहन जांच की मांग पर अड़े रहे। करीब 8 घंटे तक चला यह प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ।

    पुलिस ने इस मामले में पंकज चौधरी और धापुबाई के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है बल्कि यह भी दिखाती है कि निजी रिश्तों में उपजे विवाद किस हद तक खतरनाक रूप ले सकते हैं।

  • इंदौर में नकली नमक का भंडाफोड़ टाटा नमक के नाम पर चल रही फैक्ट्री पर छापा

    इंदौर में नकली नमक का भंडाफोड़ टाटा नमक के नाम पर चल रही फैक्ट्री पर छापा


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जहां ब्रांडेड नमक के नाम पर नकली उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचे जा रहे थे। एरोड्रम थाना पुलिस ने लोकनायक नगर क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई करते हुए टाटा नमक के नाम पर चल रही एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।

    पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मौके से 840 पैकेट नकली नमक और लगभग 1850 किलो कच्चा माल जब्त किया है। बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से संचालित हो रही थी और लोगों को ब्रांडेड उत्पाद के नाम पर धोखा दिया जा रहा था।

    इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब टाटा कंज्यूमर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायत पुलिस को दी गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छापा मारा और पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक जितेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नकली नमक बनाने के लिए कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री दिल्ली से मंगाई जाती थी। इसके बाद इंदौर में इसे तैयार कर टाटा नमक के नाम से पैक कर बाजार में सप्लाई किया जाता था। इस तरह आरोपी लोगों के भरोसे और ब्रांड की साख का फायदा उठाकर अवैध मुनाफा कमा रहा था।

    पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नकली नमक किन-किन इलाकों में सप्लाई किया गया और इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी जिससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि बाजार में नकली उत्पादों का खतरा लगातार बढ़ रहा है और उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय सतर्क रहने की जरूरत है।

  • गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई

    गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में सामने आए गोलीकांड और आगजनी के मामलों में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की है। जांच में सामने आया है कि गोली लगने की घटना दरअसल एक सोची समझी साजिश थी जबकि आगजनी के मामले में 13 आरोपियों को नामजद कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के अनुसार चिमनगंज थाना क्षेत्र में अतीक माहुरकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे आला बाथम ने गोली मारी है। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन जांच के दौरान कई तरह के विरोधाभास सामने आए। घटनास्थल पर खून के निशान बेहद कम पाए गए जबकि दूसरे स्थान पर अधिक रक्त मिला जिससे पुलिस को संदेह हुआ।

    जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला पलट गया। अतीक माहुरकर ने स्वीकार किया कि उसने अवैध देशी कट्टे से खुद को गोली मारकर दूसरे व्यक्ति को फंसाने की साजिश रची थी। उसने बताया कि कट्टा लोड करते समय अचानक फायर हो गया और गोली उसके पैर में लग गई। इसके बाद उसने फर्जी घटनास्थल तैयार कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।

    इस साजिश में उसके कुछ साथियों की भूमिका भी सामने आई है जिन्होंने खून फैलाकर और सबूतों से छेड़छाड़ कर झूठा घटनाक्रम तैयार करने में मदद की। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

    वहीं दूसरी ओर ढांचा भवन क्षेत्र में रौनक गुर्जर के मकान पर हुई आगजनी की घटना में पुलिस ने 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी पेट्रोल और हथियारों के साथ आते हुए दिखाई दिए जिन्होंने पहले इलाके की रैकी की और फिर सुनियोजित तरीके से आगजनी की वारदात को अंजाम दिया।

    पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार गोलीकांड की घटना एफएसएल और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर खुद द्वारा की गई पाई गई है। वहीं आगजनी मामले में भी साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

    बताया जा रहा है कि इन मामलों में शामिल कई आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और कुछ पर जिलाबदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। पुलिस अब सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। इन घटनाओं के खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि अपराधियों ने कानून को गुमराह करने के लिए किस हद तक साजिश रची लेकिन पुलिस की सतर्कता और जांच के चलते सच्चाई सामने आ गई।

  • छतरपुर में दर्दनाक घटना नौकरी ज्वाइन करने के 5 दिन बाद ही युवक की करंट से मौत

    छतरपुर में दर्दनाक घटना नौकरी ज्वाइन करने के 5 दिन बाद ही युवक की करंट से मौत


    छतरपुर । मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है जहां एक युवक की मामूली सी कोशिश उसकी जान पर भारी पड़ गई। बमीठा स्थित खजुराहो हेरिटेज होटल में काम करने वाले एक युवक की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।मृतक की पहचान प्रदीप रैकवार उर्फ रानू रैकवार के रूप में हुई है जो होटल में रूम बॉय के पद पर कार्यरत था। बताया जा रहा है कि उसने महज 5 दिन पहले ही इस नौकरी को ज्वाइन किया था और अपने काम की शुरुआत ही की थी कि यह दर्दनाक हादसा हो गया।

    घटना के अनुसार होटल परिसर में एक बंदर घुस आया था जिससे अफरा तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान प्रदीप उसे भगाने के लिए आगे आया। आसपास नजर दौड़ाने पर उसे एक लोहे का पाइप मिला जिसे लेकर वह बंदर को भगाने की कोशिश करने लगा।लेकिन जैसे ही उसने पाइप को ऊपर उठाया वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। पाइप के जरिए करंट सीधे उसके शरीर में दौड़ गया और तेज चिंगारी के साथ वह जमीन पर गिर पड़ा।

    घटना इतनी अचानक और भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। जैसे ही लोगों ने उसे गिरते देखा मौके पर चीख पुकार मच गई। तुरंत मदद की कोशिश की गई लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवक की मौके पर ही मौत हो गई।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच की जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। साथ ही यह भी कि बिजली लाइनों के आसपास किसी भी प्रकार की लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है। एक परिवार के सपने उस वक्त टूट गए जब घर का युवा सदस्य जिसने अभी अभी अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की थी अचानक इस दुनिया को अलविदा कह गया।

  • झाबुआ में अमानवीयता की हद: महिला को ‘तालिबानी सजा’, सिर मुंडवाकर गांव में घुमाया

    झाबुआ में अमानवीयता की हद: महिला को ‘तालिबानी सजा’, सिर मुंडवाकर गांव में घुमाया


    झाबुआ।
    मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। बालवासा गांव में एक महिला को कथित संबंधों के आरोप में ग्रामीणों ने क्रूर और अपमानजनक सजा दी। महिला के साथ मारपीट की गई, उसका सिर मुंडवाया गया और उसे अपने ही पति को कंधे पर बैठाकर पूरे गांव में घुमाने के लिए मजबूर किया गया।


    वीडियो वायरल होने के बाद खुला मामला

    घटना 13 अप्रैल की बताई जा रही है। इसका वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग मौजूद दिखाई दे रहे हैं, लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया, बल्कि कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते नजर आए।

    आरोप के नाम पर क्रूरता

    जानकारी के अनुसार, महिला अपने पति से अलग रह रही थी और उस पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने का आरोप लगाया गया। इसी को लेकर पति और कुछ ग्रामीण उसे जबरन गांव वापस लाए। इसके बाद उसके साथ मारपीट कर अमानवीय व्यवहार किया गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।

    गांव में घुमाकर किया अपमान

    ग्रामीणों ने महिला को मजबूर किया कि वह अपने पति को कंधे पर बैठाकर गांव में घूमे। इस दौरान लोग तमाशबीन बने रहे। इस तरह की घटना ने कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस की कार्रवाई

    मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रतिपाल सिंह महोबिया के अनुसार, मुख्य आरोपियों—सूर्या डामोर, दिलीप भूरिया, बाबू भूरिया और शैलेश भूरिया—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

    पीड़िता सुरक्षित, जांच जारी

    पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर रखा है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

    यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज में मौजूद कुरीतियों और भीड़ मानसिकता की भयावह तस्वीर भी सामने लाती है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

  • अदालत ने दिया अनोखा आदेश: याचिका बहाल, आश्रम में एक घंटे सेवा की शर्त

    अदालत ने दिया अनोखा आदेश: याचिका बहाल, आश्रम में एक घंटे सेवा की शर्त


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की Madhya Pradesh High Court की ग्वालियर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय देते हुए साफ किया है कि वकील की गलती की सजा याचिकाकर्ता को नहीं दी जा सकती। इस फैसले ने न्याय के साथ मानवीय दृष्टिकोण और सामाजिक जिम्मेदारी का अनोखा संतुलन पेश किया है।

    क्या था मामला?
    यह मामला गोविंद स्वरूप श्रीवास्तव की याचिका से जुड़ा था, जिसे सुनवाई के दौरान उनके वकील के अनुपस्थित रहने के कारण खारिज कर दिया गया था। इसके बाद याचिका बहाल करने के लिए दिया गया आवेदन भी सिंगल बेंच द्वारा निरस्त कर दिया गया था।
    हालांकि, इस फैसले को चुनौती देते हुए मामला डिवीजन बेंच के सामने पहुंचा, जहां पूरी परिस्थितियों का दोबारा परीक्षण किया गया।

    डिवीजन बेंच ने दिया राहत भरा फैसला
    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के वकील किसी अन्य अदालत में व्यस्त होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके थे। ऐसे में याचिकाकर्ता को इसका नुकसान उठाना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।
    अदालत ने पूर्व आदेशों को निरस्त करते हुए याचिका को पुनः बहाल करने के निर्देश दिए, जिससे याचिकाकर्ता को बड़ी राहत मिली।

    ‘सजा’ नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी की अनोखी शर्त
    हालांकि कोर्ट ने याचिका बहाल करते समय एक अनोखी शर्त भी रखी। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता या उसका वकील Madhav Andh Ashram जाकर कम से कम 2000 रुपये की खाद्य सामग्री दान करे और वहां रहने वाले बच्चों व जरूरतमंदों के साथ कम से कम एक घंटा समय बिताए।

    ‘सोशल ऑडिट’ को बढ़ावा देने की पहल
    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह शर्त किसी प्रकार की सजा नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक प्रयास है। अदालत ने ‘सोशल ऑडिट’ की अवधारणा को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज के जागरूक नागरिकों को समय-समय पर ऐसे संस्थानों का दौरा करना चाहिए, ताकि वहां की व्यवस्थाओं और जरूरतों को समझकर सुधार लाया जा सके।

    न्याय के साथ सामाजिक संदेश
    इस फैसले ने यह संदेश दिया है कि न्याय सिर्फ कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें मानवीय मूल्यों और सामाजिक सरोकारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोर्ट का यह दृष्टिकोण न्याय व्यवस्था में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

  • कलेक्ट्रेट में फर्जीवाड़ा सरकारी बाबुओं और दलाल की मिलीभगत से जमीन बेचने की साजिश

    कलेक्ट्रेट में फर्जीवाड़ा सरकारी बाबुओं और दलाल की मिलीभगत से जमीन बेचने की साजिश


    देवास । मध्यप्रदेश के देवास जिले में प्रशासनिक तंत्र को झकझोर देने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसमें कलेक्टर के नाम से फर्जी हस्ताक्षर और आदेश जारी कर जमीन बेचने की साजिश रची गई। इस मामले ने न केवल सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि आम जनता में भी आक्रोश पैदा कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट कार्यालय से जुड़े इस मामले में सरकारी कर्मचारियों और एक दलाल की मिलीभगत सामने आई है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह को जब इस गड़बड़ी की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल BNP थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और सरकारी दस्तावेजों में कूट रचना जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नजूल शाखा के बाबू रमेश लोबानिया अपर कलेक्टर कार्यालय के बाबू संजय जाटव विजयागंज मंडी तहसील के बाबू जितेंद्र भद्रे और एक दलाल को गिरफ्तार कर लिया है। शहर के CSP सुमित अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हें वैध दिखाकर जमीन बेचने की कोशिश की।

    जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर कलेक्टर के नाम से फर्जी आदेश जारी किए। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर छोटे और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीन को बेचने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं एक किसान की जमीन की रजिस्ट्री भी करवा दी गई थी जिसे बाद में निरस्त कराया गया। इस पूरे मामले में दलाल की भूमिका भी बेहद अहम मानी जा रही है जिसने खरीदार और सरकारी कर्मचारियों के बीच कड़ी का काम किया। आरोप है कि पैसों के लालच में यह पूरा फर्जीवाड़ा अंजाम दिया गया।

    यह मामला केवल फर्जी दस्तावेज बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक सुनियोजित साजिश प्रतीत हो रही है जिसमें अंदरूनी कर्मचारियों ने सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाया। अब यह जांच का विषय है कि क्या इस पूरे प्रकरण में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी थी या उन्हें पूरी तरह अंधेरे में रखा गया।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि यदि सरकारी दफ्तरों से ही फर्जी आदेश जारी होने लगें तो आम जनता का भरोसा व्यवस्था पर कैसे कायम रहेगा।

  • राष्ट्रगीत विवाद: इंदौर की दो महिला कांग्रेस पार्षदों पर FIR, घंटों पूछताछ के बाद पुलिस की कार्रवाई

    राष्ट्रगीत विवाद: इंदौर की दो महिला कांग्रेस पार्षदों पर FIR, घंटों पूछताछ के बाद पुलिस की कार्रवाई


    इंदौर । नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के कथित अनादर के मामले में पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। जांच पूरी होने के बाद एमजी रोड थाना पुलिस ने कांग्रेस की दो महिला पार्षदों रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ बुधवार को मामला दर्ज कर लिया।

    शिकायत और वीडियो के आधार पर कार्रवाई

    पुलिस ने यह कार्रवाई भाजपा पार्षदों द्वारा दी गई शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को आधार बनाकर की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले दोनों पार्षदों को पूछताछ के लिए तलब किया था। एमजी रोड थाना पुलिस ने सोमवार और मंगलवार को दोनों आरोपियों को बुलाकर विस्तृत पूछताछ की। इस दौरान उनसे कई अहम सवाल पूछे गए और पूरे घटनाक्रम को लेकर उनके बयान दर्ज किए गए।

    साढ़े चार घंटे तक चली पूछताछ, दर्ज हुए बयान

    एसीपी विनोद दीक्षित के मुताबिक, भाजपा पार्षद दल ने थाने पहुंचकर इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई। सोमवार को पार्षद फौजिया शेख अलीम के बयान दर्ज किए गए, जबकि मंगलवार को रुबीना इकबाल खान से पूछताछ की गई। दोनों से करीब साढ़े चार घंटे तक सवाल-जवाब किए गए।

    इस धारा में दर्ज हुआ केस

    पूछताछ और जांच के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196/1 के तहत केस दर्ज किया है। यह धारा विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने से संबंधित है।

  • मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला मामला अंतिम संस्कार रुका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला मामला अंतिम संस्कार रुका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला नगर में एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब अंतिम संस्कार के दौरान चिता से शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना पड़ा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार भीमनगर निवासी 62 वर्षीय शकुंतला गुजरे का मंगलवार को निधन हो गया था। परिजनों ने नियमानुसार उनका अंतिम संस्कार शुरू कर दिया और स्थानीय मोक्षधाम में चिता भी तैयार कर दी गई थी। इसी दौरान अचानक स्थिति बदल गई।

    महाराष्ट्र के सौसर क्षेत्र से पहुंची मृतका की बहन अंजली ने अंतिम दर्शन के दौरान शरीर पर कुछ संदिग्ध चोट के निशान देखे। इन निशानों को देखकर उन्होंने तुरंत हत्या की आशंका जताई और अंतिम संस्कार रोकने की मांग की। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चिता से शव को उतरवाया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे किसी प्रकार की साजिश या हिंसा शामिल है। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।

    इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।