Category: Madhya Pradesh

  • उज्जैन में रंग पंचमी के गेर में पटाखा फटने से 5 घायल, भगदड़ जैसी स्थिति

    उज्जैन में रंग पंचमी के गेर में पटाखा फटने से 5 घायल, भगदड़ जैसी स्थिति

    उज्जैन।  उज्जैन में रंग पंचमी के मौके पर आयोजित गेर के दौरान अचानक एक रंगीन पटाखा फट गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। धमाके के कारण कई लोग डर के मारे इधर-उधर भागे और कुछ महिलाएं जमीन पर गिर गईं, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, आसपास के लोगों और आयोजकों ने समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया।

    इस हादसे में पांच लोग घायल हुए, जिनमें कुछ लोग नीचे गिरने और पटाखे के धमाके के कारण चोटिल हुए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को सुरक्षित घर भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि कोई गंभीर चोट या जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।

    स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने कहा कि गेर के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, लेकिन भीड़ और अचानक हुए धमाके के कारण यह छोटा हादसा हुआ। पुलिस ने आगे से पर्व और उत्सव के दौरान और अधिक सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।

    स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भीड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें, बच्चों और बुजुर्गों पर नजर रखें और आतिशबाजी या रंगीन पटाखों के दौरान नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा उपायों के कारण बड़े हादसे से बचाव संभव हो सका।

    गेर और रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में उत्सव का माहौल बना रहा, लेकिन यह घटना लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी भी दे गई। प्रशासन और आयोजकों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों में सुरक्षा और आपातकालीन इंतजाम और मजबूत करने का भरोसा दिया।

  • महिलाओं की स्थिति से तय होती है राष्ट्र की प्रगति: न्यायाधीश दिलीप गुप्ता

    महिलाओं की स्थिति से तय होती है राष्ट्र की प्रगति: न्यायाधीश दिलीप गुप्ता


    भिण्ड। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय अस्मिता खेल कार्यक्रम का आयोजन राजीव गांधी स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से आई महिलाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और खेल गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन में ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल देखने को मिला।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश दिलीप गुप्ता द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित महिलाओं और छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का वास्तविक आकलन वहां की महिलाओं की स्थिति से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी समाज में महिलाएं शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त हैं तो वह समाज निश्चित रूप से विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता है।

    न्यायाधीश दिलीप गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के संघर्ष, साहस और उनकी असीम क्षमताओं को सम्मान देने का दिन है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी महिलाओं को अवसर मिला है, उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा से हर क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि समाज की धुरी नारी है और उसके बिना किसी भी परिवार, समाज या राष्ट्र की कल्पना अधूरी है। आज महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि न्यायपालिका, प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, खेल और रक्षा सहित हर क्षेत्र में अपनी योग्यता और क्षमता का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने छात्राओं और महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर जीवन में आगे बढ़ें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की भागीदार बनें।

    कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिनमें छात्राओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी खेल प्रतिभा और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं में खेल भावना को बढ़ावा देना, आत्मविश्वास विकसित करना और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाना था।

    इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी, खेल विभाग के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्राएं और महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।

    आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

  • Weather Update: दिल्ली में मार्च की गर्मी 35.7°C पार, 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, इन राज्यों में बारिश की संभावना

    Weather Update: दिल्ली में मार्च की गर्मी 35.7°C पार, 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, इन राज्यों में बारिश की संभावना



    नई दिल्ली । मार्च की शुरुआत होते ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ते हुए 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। राजस्थान के अकोला में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तेज गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मार्च की गर्मी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले करीब 50 वर्षों में मार्च के पहले ही सप्ताह में दर्ज सबसे अधिक तापमान है। दिन के समय तेज धूप के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में जब तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक पहुंच जाता है और सामान्य से 4-6 डिग्री अधिक होता है, तब हीटवेव की स्थिति मानी जाती है। ऐसे समय लोगों को लू लगने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

    हालांकि, आने वाले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में राहत मिल सकती है। 8 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर घाटी के कुपवाड़ा, गांदरबल, बांदीपोरा और अनंतनाग में भी हल्की बर्फबारी हो सकती है।

    इसके अलावा सिक्किम, ओडिशा और केरल में बारिश के आसार हैं। पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग ने लोगों से आगाह किया है कि तेज धूप में घर से बाहर निकलते समय सुरक्षा उपाय अपनाएं, पर्याप्त पानी पीएं और बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। इस मार्च की गर्मी ने देशभर में गर्मी की शुरुआती चेतावनी दे दी है और आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखना जरूरी है।

  • मुरैना में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित, छात्राओं और महिलाओं ने दिखाई शानदार भागीदारी

    मुरैना में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित, छात्राओं और महिलाओं ने दिखाई शानदार भागीदारी

    मुरैना मुरैना में हाल ही में आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में छात्राओं और महिलाओं ने अपनी दौड़ क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना और उनकी फिटनेस को बढ़ावा देना था।
    प्रतिभागियों ने विभिन्न रेसों में अपनी मेहनत और प्रशिक्षण का परिणाम दिखाया। 100 मीटर और 200 मीटर रेस में छात्राओं ने तेजी और चुस्ती का प्रदर्शन किया, वहीं 400 मीटर दौड़ में धैर्य और स्थिरता की परीक्षा ली गई। आयोजकों ने कहा कि प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली छात्राओं और महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि नियमित प्रशिक्षण और खेलों में भागीदारी से न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि मानसिक ताकत और आत्मविश्वास भी मजबूत होता है।

    इस अवसर पर एसडीओपी रविंद्र वास्कले, महिला एवं बाल विकास अधिकारी अंजू तोमर, रामबाबू कुशवाहा सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया और कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं और महिलाओं को बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करते हैं। अधिकारीयों ने विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाणपत्र भी प्रदान किए।

    प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों और महिलाओं ने आयोजकों की सराहना की और भविष्य में और भी प्रतियोगिताओं की उम्मीद जताई। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में ऐसे खेल कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्राओं और महिलाओं में खेलों के प्रति लगाव बढ़े और वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें।

    कार्यक्रम का सकारात्मक प्रभाव स्थानीय समुदाय पर भी देखने को मिला। छात्राओं और महिलाओं की भागीदारी ने युवा पीढ़ी को खेलों की ओर आकर्षित किया। इस आयोजन ने साबित किया कि छोटे स्तर पर भी ऐसे प्रतियोगिताओं से खेल प्रतिभाओं का विकास और समाज में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ सकती है।

    इस तरह के आयोजन न केवल खेलों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि युवा और महिला प्रतिभाओं को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने में मदद करते हैं। मुरैना में आयोजित यह प्रतियोगिता युवा और महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।

  • बैतूल नागपुर हाईवे पर काल बना तेज रफ्तार कंटेनर: डिवाइडर फांदकर बाइक सवार परिवार को रौंदा, युवक की मौत, पत्नी बच्चा घायल

    बैतूल नागपुर हाईवे पर काल बना तेज रफ्तार कंटेनर: डिवाइडर फांदकर बाइक सवार परिवार को रौंदा, युवक की मौत, पत्नी बच्चा घायल


    बैतूल । बैतूल नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसे ने एक हंसते खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कंटेनर डिवाइडर तोड़कर दूसरी तरफ की लेन में घुस गया और सामने से आ रहे बाइक सवार परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में बाइक चालक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी और छह वर्षीय मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हृदयविदारक घटना रविवार को हाईवे पर स्थित झिटापाटी जोड़ के समीप घटित हुई। मूलत नर्मदापुरम के रहने वाले विकास राव 36 वर्ष अपनी पत्नी और छह साल के बेटे के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर मोहरखेड़ा गांव की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि विकास अपने एक परिचित के घर आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि देखने वालों की रूह कांप गई। नागपुर की ओर जा रहा एक भारी भरकम कंटेनर अचानक अपना संतुलन खो बैठा। रफ्तार इतनी तेज थी कि कंटेनर डिवाइडर से टकराने के बाद उसे लांघकर विपरीत दिशा रॉन्ग साइड वाली लेन में चला गया। इसी दौरान सामने से आ रहे विकास राव की मोटरसाइकिल सीधे कंटेनर की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस की मदद से तीनों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने विकास राव को मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी और मासूम बेटे का उपचार जारी है जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आरोपी कंटेनर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। रविवार की छुट्टी के दिन हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

  • मुरैना में 'विश्वास' का कत्ल: 10वीं का आखिरी पेपर देकर लौट रही छात्रा से परिचित ने किया रेप, पहाड़ी पर 7 घंटे बनाया बंधक

    मुरैना में 'विश्वास' का कत्ल: 10वीं का आखिरी पेपर देकर लौट रही छात्रा से परिचित ने किया रेप, पहाड़ी पर 7 घंटे बनाया बंधक


    मुरैना।  मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक नाबालिग छात्रा के साथ हैवानियत की रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार 6 मार्च 2026 को जब छात्रा अपनी 10वीं बोर्ड की आखिरी परीक्षा देकर खुशी-खुशी घर लौट रही थी, तभी एक परिचित युवक ने मदद के बहाने उसका अपहरण किया और सुनसान पहाड़ी पर ले जाकर उसकी अस्मत लूट ली। आरोपी ने न केवल छात्रा के साथ दरिंदगी की, बल्कि उसे 7 घंटों तक बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी भी दी।
    साजिश: ‘घर छोड़ने’ के बहाने ले गया मौत के साये में
    शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे, छात्रा माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की परीक्षा देकर सेंटर से बाहर निकली थी। एमएस रोड पर एसपी बंगले जैसे सुरक्षित इलाके के पास उसे पूर्व परिचित भोला गुर्जर मिला। भोला ने छात्रा को सुरक्षित घर छोड़ने का झांसा देकर अपनी बाइक पर बैठा लिया।

    इरादा बदला और रास्ता भी: आरोपी छात्रा को घर ले जाने के बजाय नेशनल हाईवे-44 के रास्ते टेकरी के एक बेहद सुनसान और पहाड़ी इलाके में ले गया।

    7 घंटे का टॉर्चर: वहां आरोपी ने छात्रा के साथ जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उसे दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक वहीं कैद करके रखा और शोर मचाने पर उसे और उसके परिवार को खत्म करने की धमकी दी।

    खौफनाक रात:

    घर की गली में छोड़कर हुआ फरार
    दिनभर की दरिंदगी और डराने-धमकाने के बाद, आरोपी रात करीब 8 बजे पीड़िता को उसके घर की गली के बाहर छोड़कर भाग निकला। बदहवास और सदमे की हालत में जब छात्रा घर पहुँची, तो परिजनों के पूछने पर वह फफक कर रो पड़ी और अपनी आपबीती सुनाई। शनिवार को हिम्मत जुटाकर पीड़िता अपने माता-पिता के साथ कोतवाली थाने पहुँची और न्याय की गुहार लगाई।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई: पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
    कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल एक्शन लिया है:

    सख्त धाराएं: आरोपी भोला गुर्जर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

    पीड़िता के बयान: महिला पुलिस अधिकारी द्वारा पीड़िता के बयान दर्ज किए गए हैं ताकि कानूनी पक्ष को और मजबूती दी जा सके।

    गिरफ्तारी के लिए दबिश: पुलिस की विशेष टीमें आरोपी भोला गुर्जर के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

    “यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं कि वे वीआईपी इलाकों से भी छात्राओं को अपना निशाना बना रहे हैं। 10वीं का आखिरी पेपर जो एक छात्रा के लिए उत्सव होना चाहिए था, वह इस दरिंदे की वजह से उसके जीवनभर का नासूर बन गया।”

  • बैतूल में सनसनी: फागुन मेले की खुशियाँ मातम में बदलीं, पुरानी रंजिश में युवक की चाकू गोदकर हत्या

    बैतूल में सनसनी: फागुन मेले की खुशियाँ मातम में बदलीं, पुरानी रंजिश में युवक की चाकू गोदकर हत्या


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ लोक संस्कृति और उल्लास के प्रतीक फागुन मेले के दौरान हिंसा का खूनी खेल खेला गया। जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम हिरादेही में आयोजित फागुन मेले में पुरानी रंजिश ने एक युवक की जान ले ली जबकि एक अन्य युवक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।

    यह घटना 5 मार्च की शाम की है जब पूरा गाँव मेले की रौनक में डूबा हुआ था। जानकारी के अनुसार ग्राम बैरमढाना निवासी 25 वर्षीय राम प्रसाद कवडे उस दिन दोपहर में अपनी मौसी रनौती धुर्वे के घर हिरादेही आया हुआ था। शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच जब मेले का उत्साह चरम पर था अचानक मौसी के घर के सामने सड़क पर चीख पुकार और झगड़े की आवाजें सुनाई देने लगीं। जब राम प्रसाद बाहर निकला तो उसने देखा कि पुरानी रंजिश को लेकर कुछ लोग हिंसक हो उठे थे।

    विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने धारदार चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि बीच बचाव करने आया एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मेले में मौजूद भीड़ इस अचानक हुए हमले से स्तब्ध रह गई। सूचना मिलते ही आठनेर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने फरियादी राम प्रसाद की शिकायत पर मामला दर्ज कर तत्काल घेराबंदी शुरू की।

    पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया। जाँच के दौरान यह बात सामने आई कि इस जघन्य अपराध में मुख्य आरोपी के साथ दो अन्य किशोर नाबालिग भी शामिल थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जाँच में हत्या की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है जो मेले के खुशनुमा माहौल में अचानक भड़क उठी।

    इस घटना ने एक ओर जहाँ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं वहीं दूसरी ओर मेले के दौरान उमड़ने वाली भीड़ में छिपे अपराधियों के मंसूबों को भी उजागर किया है। फिलहाल घायल युवक का अस्पताल में उपचार जारी है और पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

  • भोपाल में जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन, स्टाइपेंड बढ़ोतरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

    भोपाल में जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन, स्टाइपेंड बढ़ोतरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में जूनियर डॉक्टरों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन जूडा ने राजधानी में मार्च निकालकर अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। जूडा के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने अन्य डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा दिया है लेकिन जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में कोई वृद्धि नहीं की गई। अधिकारियों की तरफ से अब तक कोई ठोस जवाब नहीं आया है जिसके चलते जूडा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।

    जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि एमपी के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने और काम करने वाले डॉक्टर्स लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ोतरी और लंबित भुगतान के इंतजार में हैं। जूडा ने बताया कि प्रदेश सरकार के 7 जून 2021 के आदेश के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से CPE आधारित स्टाइपेंड बढ़ोतरी और लंबित एरियर का भुगतान होना था लेकिन यह अब तक लागू नहीं हुआ है। डॉक्टरों का मानना है कि यह सिर्फ आर्थिक मसला नहीं है बल्कि उनके मानसिक और पेशेवर मनोबल पर भी असर डाल रहा है।

    जूडा ने अपनी विरोध की रणनीति चरणबद्ध तरीके से तैयार की है। सबसे पहले डॉक्टर काली पट्टी बांधकर अपनी नाराजगी जताएंगे इसके बाद मार्च निकाला गया। यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो जूनियर डॉक्टर नॉन-इमरजेंसी सेवाओं जैसे कि OPD रूटीन चेकअप आदि का बहिष्कार करेंगे। जूडा ने स्पष्ट किया कि इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी लेकिन अन्य सेवाओं में रुकावट आने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

    जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि स्टाइपेंड बढ़ोतरी और लंबित एरियर का भुगतान उनके लिए बेहद जरूरी है। इसके बिना न केवल उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है बल्कि काम के प्रति मनोबल और पेशेवर जिम्मेदारी निभाने की क्षमता पर भी असर पड़ता है। डॉक्टरों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उनकी मांगों को गंभीरता से लें और शीघ्र कार्रवाई करें।

    इस प्रदर्शन में जूनियर डॉक्टरों के साथ मेडिकल कॉलेज के अन्य स्टाफ ने भी सहभागिता की। जूडा का कहना है कि यह आंदोलन केवल अपनी मांगों तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरे स्वास्थ्य क्षेत्र में कर्मचारियों के हक और सम्मान की लड़ाई भी है। प्रदर्शन के दौरान जूडा ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो सोमवार से वे नॉन-इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार शुरू करेंगे।

    यह आंदोलन भोपाल के कई अस्पतालों में मरीजों और आम जनता के लिए चुनौती बन सकता है। जूडा का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल आर्थिक न्याय हासिल करना है और इसके लिए वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी मातृशक्ति को हार्दिक बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी मातृशक्ति को हार्दिक बधाई


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं की समाज देश और परिवार में भूमिका को सराहा और कहा कि महिलाएं हर चुनौती का सामना साहस और धैर्य के साथ करती हैं। उन्होंने मातृशक्ति के योगदान को अद्भुत बताते हुए कहा कि देश की प्रगति समाज की मजबूती और परिवार की खुशहाली में महिलाओं का योगदान अनमोल है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आज की महिलाएं शिक्षा स्वास्थ्य खेल कला विज्ञान और प्रशासन सभी क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। महिलाएं केवल घर या पारिवारिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रह गई हैं बल्कि हर क्षेत्र में अपनी क्षमताओं और प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं के प्रयासों और संघर्षों को नमन किया जाना चाहिए क्योंकि उनके बिना समाज का संतुलन अधूरा है।

    डॉ. यादव ने यह भी कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिला स्वास्थ्य शिक्षा सुरक्षा रोजगार और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि महिलाएं इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने जीवन को और अधिक सशक्त और स्वतंत्र बनाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे हर चुनौती को अवसर में बदलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं और नई मिसाल कायम करें। उन्होंने कहा कि महिला दिवस केवल समारोह या एक दिन की प्रतिबद्धता नहीं है बल्कि यह महिलाओं के सम्मान उनके अधिकारों और उनके योगदान की सराहना का दिन है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करें और उनके विकास में सहयोग दें।

    डॉ. यादव ने अपने संदेश में विशेष रूप से महिलाओं की बहुआयामी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की रीढ़ होती हैं समाज की दिशा निर्धारित करती हैं और राष्ट्र की शक्ति का आधार होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का हर क्षेत्र में योगदान प्रेरणादायक है और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके प्रयासों को उचित मान्यता और सम्मान मिले।

    अंत में मुख्यमंत्री ने सभी माताओं बहनों बेटियों और महिलाओं को एक बार फिर से शत-शत नमन करते हुए उनकी उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मेरी मंगलकामनाएं हैं कि महिलाएं हर क्षेत्र में सफल हों नए प्रतिमान गढ़ें और समाज को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ।

  • भदभदा कचरा स्टेशन पर बड़ा हादसा: निगम के कचरा वाहन ने ड्राइवर को कुचला, CCTV में कैद लापरवाही

    भदभदा कचरा स्टेशन पर बड़ा हादसा: निगम के कचरा वाहन ने ड्राइवर को कुचला, CCTV में कैद लापरवाही


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम के भदभदा कचरा स्टेशन पर शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। नगर निगम के कचरा वाहन की टक्कर से एक ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना का सीसीटीवी वीडियो रविवार को सामने आया, जिसमें कचरा वाहन चालक की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक Bhopal Municipal Corporation के जोन-21 का कचरा वाहन चालक पवन और जोन-8 का चालक अरुण घावरी शनिवार को अपनी-अपनी गाड़ियां लेकर Bhadbhada Garbage Transfer Station पहुंचे थे। पवन के वाहन की एंट्री पहले ही हो चुकी थी, जबकि अरुण अपने वाहन की एंट्री कराने के लिए विंडो के पास खड़े थे। इसी दौरान पवन ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन आगे बढ़ा दिया, जिससे अरुण वाहन और दीवार के बीच फंस गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अरुण गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका एक पैर बुरी तरह टूट गया। घटना के बाद आरोपी चालक भी वाहन से गिर पड़ा, लेकिन कुछ देर बाद उठकर दूर खड़ा हो गया। घायल अरुण को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    पूरा घटनाक्रम कचरा स्टेशन में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद Kamla Nagar Police Station ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद नगर निगम में कामकाज और ड्राइवरों की भर्ती को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

    नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष Shabista Zaki ने आरोप लगाया कि निगम में लेबर क्लास के कर्मचारियों से वाहन चलवाए जा रहे हैं, जबकि जिन ड्राइवरों के पास हैवी ड्राइविंग लाइसेंस है उन्हें हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के कारण ही इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं और इसकी जांच होना चाहिए।

    वहीं नगर निगम कर्मचारी नेता Hamid Khan ने दावा किया कि जिस चालक की लापरवाही से हादसा हुआ, उसके पास कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। इसके बावजूद उसे नौकरी पर रखा गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सिर्फ चालक ही नहीं, बल्कि उसे भर्ती करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कर्मचारी संगठन जल्द ही इस मामले को लेकर नगर निगम आयुक्त से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।

    घटना के बाद नगर निगम के कचरा प्रबंधन और कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।