Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल में बिना अनुमति जुलूस धरना पर दो माह की रोक, उज्जैन में पानी के टैंक में गिरने से 7 वर्षीय मासूम की मौत

    भोपाल में बिना अनुमति जुलूस धरना पर दो माह की रोक, उज्जैन में पानी के टैंक में गिरने से 7 वर्षीय मासूम की मौत


    भोपाल । मध्यप्रदेश में एक ओर जहां राजधानी भोपाल में कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है वहीं उज्जैन जिले के खाचरोद से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। भोपाल में पुलिस प्रशासन ने बिना अनुमति किसी भी प्रकार के जुलूस धरना प्रदर्शन और रैली पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं उज्जैन के खाचरोद क्षेत्र में सात वर्षीय मासूम के पानी के टैंक में गिरने से मौत हो गई जिसके बाद मामले में नया मोड़ आ गया है और परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है।

    राजधानी भोपाल में पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया है। आदेश के तहत शहर में बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार के जुलूस आंदोलन रैली धरना प्रदर्शन घेराव और सरकारी भवनों के घेराव पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश आगामी दो महीनों तक प्रभावी रहेगा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

    जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई संगठन समूह या व्यक्ति किसी प्रकार का सार्वजनिक कार्यक्रम रैली या प्रदर्शन करना चाहता है तो उसे पहले प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति के बिना किए गए किसी भी आयोजन को अवैध माना जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सभी विभागों संगठनों और नागरिकों से इस आदेश का पालन करने की अपील की है।

    इधर उज्जैन जिले के खाचरोद क्षेत्र की लंगर कॉलोनी में सात वर्षीय मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार ध्रुव नामक बच्चा खेलते समय पानी के टैंक में गिर गया। घटना के बाद परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    मृतक ध्रुव 7 देवास निवासी धर्मेंद्र बलाई का बेटा था। बताया जा रहा है कि ध्रुव अपनी मां ममता बाई के साथ खाचरोद में किराए के मकान में रह रहा था। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। हालांकि मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब बच्चे के पिता धर्मेंद्र बलाई ने अपनी पत्नी ममता बाई और खाचरोद थाने में पदस्थ एएसआई प्रभुलाल डालमिया पर हत्या की आशंका जताई है। पिता ने इस संबंध में एसडीओपी को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि घटना संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।

    फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर मुक्तिधाम हड़कंप: 13 नंबर के तीन टोकन की चूक से अस्थियां गड़बड़, दो परिवारों में हंगामा, तीन घंटे बाद सुलझा मामला

    इंदौर मुक्तिधाम हड़कंप: 13 नंबर के तीन टोकन की चूक से अस्थियां गड़बड़, दो परिवारों में हंगामा, तीन घंटे बाद सुलझा मामला


    इंदौर इंदौर में पचकुइया मुक्तिधाम पर शनिवार को अस्थियों की अदला-बदली से हंगामा मच गया। मामला तब सामने आया जब एक ही नंबर (13) के तीन टोकन अलग-अलग परिवारों को दे दिए गए। इसी कारण गलती से एक अन्य परिवार स्व. मदनलाल विश्वकर्मा की अस्थियों को अपने स्वजन समझकर ले गया। जब परिवार अस्थियां लेने पहुंचा, तब उन्हें यह पता चला कि अस्थियां उनके स्वजन की नहीं हैं।

    विश्वकर्मा परिवार के अनुसार, 55 वर्षीय मदनलाल विश्वकर्मा का निधन कुछ दिनों पहले हुआ था। उनके अंतिम संस्कार के लिए पंडित ने अस्थि संचय की तिथि रविवार तय की थी, लेकिन शनिवार को परिवार जब संग्रह के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो अस्थियां वहां नहीं मिलीं। इसके बाद परिवार ने ड्यूटी पर मौजूद निगमकर्मी से जानकारी ली, लेकिन कर्मचारी नशे में होने के कारण मदद नहीं कर सके।

    घटना की तहकीकात में पता चला कि 13 नंबर के तीन टोकन अलग-अलग परिवारों को दे दिए गए थे। इसी कारण चौबे परिवार, जिनके 65 वर्षीय स्व. सुनील चौबे का निधन 5 मार्च को हुआ था, ने गलती से विश्वकर्मा परिवार की अस्थियां ले ली। सुबह लगभग 8.30 बजे चौबे परिवार अस्थियों को संग्रह कर खेड़ी घाट के लिए रवाना हुआ, तभी उन्हें मुक्तिधाम से फोन आया कि उन्होंने गलत अस्थियां ले ली हैं। इसके बाद दोनों परिवारों की अस्थियां तीन घंटे बाद सही ढंग से लौटाई गईं।

    विश्वकर्मा परिवार के नजदीकी मुकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि मुक्तिधाम में तैनात पंचकुइया मोक्ष विकास समिति के कर्मचारी की लापरवाही से यह स्थिति बनी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी से गलती हुई और उसने टोकन संख्या में गड़बड़ी कर दी।

    मुक्तिधाम समिति के अध्यक्ष वैभव बाहेती ने खेद जताते हुए बताया कि गलती करने वाला कर्मचारी 35 सालों से मुक्तिधाम में सेवाएं दे रहा है और कोरोना महामारी के दौरान भी उसने अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह मानवीय भूल थी और संबंधित कर्मचारी को चेतावनी दी गई है।

    इंदौर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर डायल 100 भेजा और एडी. डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने कहा कि यदि किसी पक्ष ने शिकायत दर्ज कराई, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर मुक्तिधाम संचालन में कर्मचारियों की सतर्कता और टोकन प्रणाली में सुधार की आवश्यकता उजागर कर दी है।

  • लाड़ली बहना योजना से बदली मंजू यादव की किस्मत: घर से शुरू किया सिलाई काम, आज चला रहीं रोजगार देने वाला सेंटर

    लाड़ली बहना योजना से बदली मंजू यादव की किस्मत: घर से शुरू किया सिलाई काम, आज चला रहीं रोजगार देने वाला सेंटर


    भोपाल ।मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है। इस योजना के माध्यम से कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। नर्मदापुरम जिले की रहने वाली मंजू यादव इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं जिन्होंने योजना से मिली आर्थिक सहायता का सदुपयोग करते हुए अपनी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। आज वे न केवल आत्मनिर्भर बन चुकी हैं बल्कि अपने प्रयासों से अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर रही हैं।

    नर्मदापुरम जिले के वार्ड क्रमांक 31 दीवान चौक ग्वालटोली निवासी 30 वर्षीय मंजू यादव कभी सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने परिवार का सहारा बनने का सपना देखती थीं। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उनके लिए यह सपना पूरा करना आसान नहीं था लेकिन मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने उनके जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगाई। जून 2023 से उन्हें इस योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता मिलने लगी जिससे उन्हें अपने भविष्य के लिए कुछ नया करने का आत्मविश्वास मिला।

    मंजू यादव ने योजना से प्राप्त राशि को खर्च करने के बजाय सोच समझकर उसका उपयोग करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने घर से ही सिलाई का छोटा सा काम शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ काम शुरू किया लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने धीरे धीरे इस छोटे से प्रयास को एक सफल व्यवसाय में बदल दिया। आसपास के लोगों से कपड़ों की सिलाई के ऑर्डर मिलने लगे और उनका काम लगातार बढ़ने लगा।

    फरवरी 2026 तक मंजू यादव को योजना की 33वीं किश्त सहित कुल 43 हजार 500 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। इस आर्थिक सहयोग और सिलाई के काम से हुए मुनाफे को उन्होंने अपने व्यवसाय के विस्तार में लगाया। उन्होंने सिलाई के लिए अतिरिक्त मशीनें खरीदीं और धीरे धीरे अपने काम को बढ़ाते हुए एक सिलाई सेंटर की शुरुआत कर दी। आज उनके सेंटर में पांच सिलाई मशीनें संचालित हो रही हैं और काम भी नियमित रूप से मिल रहा है।

    मंजू यादव की इस पहल का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि उन्होंने केवल खुद को ही आत्मनिर्भर नहीं बनाया बल्कि अपने सिलाई सेंटर के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी रोजगार का अवसर प्रदान किया है। उनके साथ काम करने वाली कई महिलाएं अब नियमित आय अर्जित कर रही हैं जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो रही है।

    मंजू यादव भावुक होकर बताती हैं कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने उनके जीवन में नया आत्मविश्वास और उम्मीद जगाई है। इस योजना ने उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया। आज वे गर्व के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे रही हैं और अपने काम के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक संदेश भी दे रही हैं कि सही अवसर और थोड़े से सहयोग से महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

    उनकी सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाया जाए तो वे न केवल व्यक्तिगत जीवन में बदलाव ला सकती हैं बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन की राह खोल सकती हैं।

  • भोपाल में आठ साल की मासूम से रेप:पड़ोसी अधेड़ ने टॉफी का लालच देकर घर बुलाया, लोगों ने गंदी हरकत करते रंगे हाथ पकड़ा

    भोपाल में आठ साल की मासूम से रेप:पड़ोसी अधेड़ ने टॉफी का लालच देकर घर बुलाया, लोगों ने गंदी हरकत करते रंगे हाथ पकड़ा




    भोपाल।
     
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक 41 वर्षीय अधेड़ ने पड़ोसी होने का भरोसा तोड़ते हुए 8 साल की मासूम छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। हालांकि, आरोपी अपनी इस घिनौनी करतूत को छिपा पाता, उससे पहले ही स्थानीय लोगों की सतर्कता ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और जमकर सबक सिखाया।

    वारदात: टॉफी का लालच और हैवानियत
    घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र (41) की नीयत बिगड़ गई। उसने मासूम को टॉफी दिलाने का झांसा दिया और फुसलाकर अपने घर के भीतर ले गया। घर का दरवाजा बंद कर आरोपी ने बच्ची के साथ दरिंदगी शुरू कर दी।

    चीख ने खोली पोल: ग्रामीणों ने किया घेराव
    दरिंदगी के दौरान जब मासूम की चीखें घर से बाहर सुनाई दीं, तो आसपास के लोग अनहोनी की आशंका में तुरंत मौके पर पहुँचे। लोगों ने जब घर के भीतर का नजारा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

    रंगे हाथ गिरफ्तारी: गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी धर्मेंद्र को रंगे हाथ दबोच लिया।

    जनता का इंसाफ: पुलिस के पहुँचने से पहले आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की जमकर धुनाई कर दी। सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और लहूलुहान हालत में आरोपी को हिरासत में लिया।

    पुलिस की कार्रवाई: मेडिकल में हुई पुष्टि
    पुलिस ने तत्काल मासूम को मेडिकल जांच के लिए भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने रेप की पुष्टि की है।

    सख्त धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत संगीन मामला दर्ज किया है।

    कोर्ट में पेशी: शुक्रवार दोपहर को ही आरोपी धर्मेंद्र को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

    अपडेट: नाबालिग छात्रा केस में आरोपी माज खान का चौंकाने वाला खुलासा
    इधर, भोपाल के एक अन्य हाई-प्रोफाइल रेप केस (11वीं की छात्रा) में गिरफ्तार आरोपी माज खान ने पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। माज ने कबूल किया है कि मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान ने ‘थार’ गाड़ी के अंदर नाबालिग से रेप किया था।

    माज ने बताया कि यह सब एक सोची-समझी प्लानिंग का हिस्सा था। जब ओसाफ कार के अंदर था, तब माज बाहर खड़ा होकर कार के शीशे से अंदर झांक रहा था और उसने अपने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो शूट किया। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को और मजबूती से जुटा रही है।

  • इंदौर दूषित पानी कांड पर कांग्रेस में उठी संवेदनशीलता की आवाज: 35 मौतों के बाद होली मिलन टालने की मांग, राहुल गांधी को लिखा पत्र

    इंदौर दूषित पानी कांड पर कांग्रेस में उठी संवेदनशीलता की आवाज: 35 मौतों के बाद होली मिलन टालने की मांग, राहुल गांधी को लिखा पत्र


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई 35 से अधिक लोगों की मौतों के बाद अब इस मामले की गूंज कांग्रेस संगठन के भीतर भी सुनाई देने लगी है। इस दुखद घटना के बाद जहां एक ओर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है वहीं कांग्रेस के अंदर से भी संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर भोपाल में प्रस्तावित होली मिलन समारोह को स्थगित कराने की मांग की है।

    राकेश सिंह यादव ने अपने पत्र में लिखा है कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण हुई मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस त्रासदी में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है और कई घरों में आज भी मातम पसरा हुआ है। ऐसे समय में जब पूरा शहर दुख और शोक के माहौल से गुजर रहा है तब किसी भी प्रकार का उत्सव मनाना जनता की भावनाओं के विपरीत संदेश दे सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को ऐसे संवेदनशील समय में जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

    पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का गृहनगर इंदौर है और वहीं इस दुखद घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। ऐसे समय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का दायित्व बनता है कि वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होकर उनका दुख साझा करें। राकेश सिंह यादव ने लिखा कि कांग्रेस की विचारधारा हमेशा से गांधीवादी मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रही है इसलिए इस समय उत्सव मनाने के बजाय पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करना अधिक जरूरी है।

    उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा कि भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निवास पर प्रस्तावित होली मिलन समारोह को लेकर जनमानस में भी सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर तब जब इसी घटना के विरोध में इंदौर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस घटना के बाद होली जैसे उत्सव से दूरी बनाने का फैसला भी किया है ताकि पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की जा सके।

    राकेश सिंह यादव ने राहुल गांधी से आग्रह किया है कि पार्टी की मानवीय परंपरा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए फिलहाल होली मिलन समारोह को स्थगित करने की सलाह दी जाए। उनका कहना है कि ऐसा करने से पीड़ित परिवारों को यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस उनके दुख में बराबर की भागीदार है और उनके साथ खड़ी है।

    इंदौर के इस जलकांड को लेकर पहले से ही प्रदेश सरकार विपक्ष के निशाने पर है। अब कांग्रेस के भीतर से उठी यह मांग राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह सीधे तौर पर संगठन की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मांग पर क्या फैसला लेता है।

  • कटनी शहडोल रेलखंड पर टला बड़ा हादसा: बाबा घाट के पास मालगाड़ी के 5 डिब्बे पटरी से उतरे, रेल यातायात प्रभावित

    कटनी शहडोल रेलखंड पर टला बड़ा हादसा: बाबा घाट के पास मालगाड़ी के 5 डिब्बे पटरी से उतरे, रेल यातायात प्रभावित

    कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले में कटनी शहडोल रेलखंड पर शनिवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया जब बाबा घाट के पास गुजर रही एक मालगाड़ी के पांच डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई और न ही कोई व्यक्ति घायल हुआ है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार मालगाड़ी कटनी से शहडोल की ओर जा रही थी। इसी दौरान बाबा घाट के नजदीक अचानक मालगाड़ी के पांच डिब्बे पटरी से नीचे उतरकर ढलान की ओर जा गिरे। डिब्बों के पटरी से उतरने के बाद कुछ समय के लिए रेल यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा क्योंकि यह रेलखंड माल और यात्री ट्रेनों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। घटना के समय आसपास से कोई यात्री ट्रेन नहीं गुजर रही थी जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। रेलवे कर्मचारियों ने स्थिति का जायजा लेकर राहत और बहाली कार्य शुरू कर दिया। घटनास्थल पर क्रेन और भारी मशीनों की मदद से पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने और ट्रैक को दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है। रेलवे की इंजीनियरिंग और मैकेनिकल टीम लगातार मौके पर मौजूद है और ट्रैक को जल्द से जल्द चालू करने का प्रयास किया जा रहा है।

    रेलवे के एरिया मैनेजर कटनी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे ट्रैक की तकनीकी समस्या या मालगाड़ी के किसी यांत्रिक हिस्से में खराबी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटना किस वजह से हुई।

    इस घटना के कारण कटनी शहडोल रेलखंड से गुजरने वाली कई मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। रेलवे ने स्थिति को देखते हुए कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाने और कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोके जाने का फैसला किया है। इसके चलते यात्रियों को थोड़ी असुविधा और देरी का सामना करना पड़ सकता है।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी के लिए रेलवे स्टेशन से संपर्क करें या आधिकारिक मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से अपडेट प्राप्त करते रहें। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही राहत कार्य पूरा होगा और ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा रेल यातायात को सामान्य कर दिया जाएगा।

  • भोपाल में मासूमियत शर्मसार: 8 साल की बच्ची को टॉफी का लालच देकर पड़ोसी ने किया रेप, भीड़ ने रंगे हाथ दबोचा

    भोपाल में मासूमियत शर्मसार: 8 साल की बच्ची को टॉफी का लालच देकर पड़ोसी ने किया रेप, भीड़ ने रंगे हाथ दबोचा



    भोपाल।  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक 41 वर्षीय अधेड़ ने पड़ोसी होने का भरोसा तोड़ते हुए 8 साल की मासूम छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। 
    वारदात: टॉफी का लालच और हैवानियत
    घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र (41) की नीयत बिगड़ गई। उसने मासूम को टॉफी दिलाने का झांसा दिया और फुसलाकर अपने घर के भीतर ले गया। घर का दरवाजा बंद कर आरोपी ने बच्ची के साथ दरिंदगी शुरू कर दी।

    चीख ने खोली पोल: ग्रामीणों ने किया घेराव
    दरिंदगी के दौरान जब मासूम की चीखें घर से बाहर सुनाई दीं, तो आसपास के लोग अनहोनी की आशंका में तुरंत मौके पर पहुँचे। लोगों ने जब घर के भीतर का नजारा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

    रंगे हाथ गिरफ्तारी: गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी धर्मेंद्र को रंगे हाथ दबोच लिया।

    जनता का इंसाफ: पुलिस के पहुँचने से पहले आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की जमकर धुनाई कर दी। सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और लहूलुहान हालत में आरोपी को हिरासत में लिया।

    पुलिस की कार्रवाई: मेडिकल में हुई पुष्टि
    पुलिस ने तत्काल मासूम को मेडिकल जांच के लिए भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने रेप की पुष्टि की है।

    सख्त धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत संगीन मामला दर्ज किया है।

    कोर्ट में पेशी: शुक्रवार दोपहर को ही आरोपी धर्मेंद्र को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

    अपडेट: नाबालिग छात्रा केस में आरोपी माज खान का चौंकाने वाला खुलासा
    इधर, भोपाल के एक अन्य हाई-प्रोफाइल रेप केस (11वीं की छात्रा) में गिरफ्तार आरोपी माज खान ने पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। माज ने कबूल किया है कि मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान ने ‘थार’ गाड़ी के अंदर नाबालिग से रेप किया था।

    माज ने बताया कि यह सब एक सोची-समझी प्लानिंग का हिस्सा था। जब ओसाफ कार के अंदर था, तब माज बाहर खड़ा होकर कार के शीशे से अंदर झांक रहा था और उसने अपने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो शूट किया। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को और मजबूती से जुटा रही है।

  • उज्जैन रंगपंचमी गेर पर हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन निगरानी से रखी जाएगी पैनी नजर

    उज्जैन रंगपंचमी गेर पर हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन निगरानी से रखी जाएगी पैनी नजर


    उज्जैनउज्जैन में रंगपंचमी गेर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस ने हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। शहर भर के गेर मार्ग पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा लागू की गई है, जिसमें ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी की जा रही है। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन हर गतिविधि पर नजर रख रहा है और किसी भी असामाजिक गतिविधि को तुरंत रोकने के लिए तैयार है।

    पुलिस ने गेर मार्ग के ऊंचे स्थानों, संकरी गलियों और संवेदनशील चौराहों पर विशेष निगरानी रखी है। ड्रोन से मिलने वाली लाइव फीड कंट्रोल रूम तक भेजी जा रही है, जिससे अधिकारी भीड़ के घनत्व, यातायात और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रख सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर भीड़ को मोड़ने और मार्ग को व्यवस्थित करने के निर्देश तुरंत दिए जा रहे हैं।

    गेर शुरू होने से पहले पुलिस ने संवेदनशील स्थानों और छतों की भी जांच की। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी पत्थर, कांच या अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं जमा न हों। इसके साथ ही गेर में हड़बड़ी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरों का भी उपयोग किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की शहर में मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि रंगपंचमी गेर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, आनंददायक और व्यवस्थित बने।

    पुलिस ने बताया कि ड्रोन निगरानी और लाइव फीड के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। गेर मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मी और विशेष सुरक्षा दल भीड़ प्रबंधन में सक्रिय रहेंगे। इसके साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्ग और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गेर में किसी भी प्रकार की हिंसा या असामाजिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। ड्रोन और हाई-टेक कैमरों की मदद से प्रशासन पूरे गेर मार्ग का हर गतिविधि रिकॉर्ड कर रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके।

    इस हाई-टेक निगरानी से रंगपंचमी गेर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मार्ग व्यवस्थित रहेगी। प्रशासन की यह पहल गेर को सुरक्षित बनाने और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

  • भोपाल: 'इश्क, धोखा और ब्लैकमेलिंग', प्रेमिका की धमकी से टूटे इकलौते बेटे ने माँ की साड़ी से लगाया फंदा

    भोपाल: 'इश्क, धोखा और ब्लैकमेलिंग', प्रेमिका की धमकी से टूटे इकलौते बेटे ने माँ की साड़ी से लगाया फंदा


    भोपाल । राजधानी के सेठी नगर में एक 24 वर्षीय युवक की आत्महत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। फेब्रिकेशन का काम करने वाले दीपक गुर्जर ने अपनी प्रेमिका के कथित विश्वासघात और ‘रेप केस’ में फंसाने की धमकी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। शनिवार सुबह जब माँ की नींद खुली, तो घर के जीने (सीढ़ियों) की रेलिंग पर बेटे का शव लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दीपक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जिसकी मौत ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है।

    घटना की जड़ें 7 साल पुराने एक प्रेम संबंध से जुड़ी हैं। पुलिस को दीपक की जेब से मिले एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट ने इस मौत के पीछे के खौफनाक सच को बेनकाब कर दिया है।घटना की जड़ें 7 साल पुराने एक प्रेम संबंध से जुड़ी हैं। पुलिस को दीपक की जेब से मिले एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट ने इस मौत के पीछे के खौफनाक सच को बेनकाब कर दिया है। दीपक ने अपने आखिरी खत में सीधे तौर पर अपनी मुस्लिम प्रेमिका और उसके एक दोस्त को जिम्मेदार ठहराया है। नोट के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से शादी का वादा था, लेकिन हाल ही में युवती ने दीपक के ‘हिंदू’ होने का हवाला देकर निकाह से साफ इनकार कर दिया।

    दीपक का दर्द सिर्फ शादी टूटने तक सीमित नहीं था; सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग की एक डरावनी दास्तां दर्ज है। दीपक ने लिखा कि युवती अब किसी और के साथ संबंध में थी और जब वह विरोध करता, तो उसे झूठे ‘रेप केस’ में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी जाती थी। दो दिन पहले युवती ने कथित तौर पर दीपक का मोबाइल भी तोड़ दिया था और बेहद ठंडे लहजे में कहा था— “तुम मर भी जाओ तो मेरा कुछ नहीं होगा, मेरी पहुँच बहुत ऊपर है।” इसी मानसिक प्रताड़ना और कानूनी फंदे के डर ने दीपक को इतना लाचार कर दिया कि उसे सुसाइड ही एकमात्र रास्ता नजर आया।

    अशोका गार्डन पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सुसाइड नोट और दीपक का पर्स जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और युवक के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले जा रहे हैं। परिजनों के विस्तृत बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद, पुलिस इस मामले में ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ (IPC 306/BNS) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

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  • भोपाल में सीएम हाउस में हुई विधायक कालूहेड़ा की कड़ी फटकार: बोले-अब सिंहस्थ के कार्यों में रहूंगा पूर्ण सहयोगी

    भोपाल में सीएम हाउस में हुई विधायक कालूहेड़ा की कड़ी फटकार: बोले-अब सिंहस्थ के कार्यों में रहूंगा पूर्ण सहयोगी


    भोपाल । उज्जैन उत्तर के बीजेपी विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा को सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर दिए गए विवादित बयान पर शुक्रवार देर रात भोपाल बुलाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने विधायक को फटकार लगाई। बैठक में विधायक ने अपने बयान पर खेद जताया और आश्वासन दिया कि अब वे सिंहस्थ के सभी विकास और सड़क निर्माण कार्यों में सहयोगी बनकर रहेंगे।

    यह विवाद उज्जैन के पिपलीनाका क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू हुआ था। विधायक ने कहा था कि अगर रोड 24 मीटर से अधिक चौड़ी हुई तो वह सड़क पर उतरकर जन आंदोलन करेंगे। नगर निगम ने भैरवगढ़ रोड के किनारे करीब 410 घरों को खाली करने का नोटिस जारी किया, जिसमें कई घरों का हिस्सा केवल 10-20 फीट बचा। इससे स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और विधायक कार्यालय घेर लिया।

    कालूहेड़ा ने बैठक के बाद स्पष्ट किया कि वे जनता की भावना का सम्मान करते हैं, लेकिन प्रशासन और अधिकारियों के सहयोग से ही सभी निर्णयों को लागू करेंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि सिंहस्थ आयोजन में किसी भी विवाद से बचें और प्रशासनिक आदेशों का पालन करें।