Category: Madhya Pradesh

  • रीवा एक्सप्रेस में 'खूनी' साजिश: शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष महाराज पर हमला, नाक काटने की कोशिश

    रीवा एक्सप्रेस में 'खूनी' साजिश: शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष महाराज पर हमला, नाक काटने की कोशिश


    प्रयागराज। गाजियाबाद से प्रयागराज जा रही रीवा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी (H1) कोच में रविवार सुबह उस वक्त दहशत फैल गई, जब आशुतोष महाराज पर एक अज्ञात हमलावर ने चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना सोची-समझी साजिश का हिस्सा जान पड़ता है कि आरोपी ने सीधे चेहरे और नाक को निशाना बनाया। लहूलुहान हालत में आशुतोष महाराज ने ट्रेन के टॉयलेट में छिपकर अपनी जान बचाई और वहीं से जीआरपी (GRP) को फोन कर खुद के ‘मर्डर’ की साजिश का खुलासा किया।

    वारदात: सुबह 5 बजे, टॉयलेट के पास ‘बॉडी बिल्डर’ का हमला
    आशुतोष महाराज के अनुसार, वे वेस्ट यूपी संयोजक सुधांशु सोम के साथ सफर कर रहे थे। सुबह करीब 5 बजे जब ट्रेन फतेहपुर और सिराथू के बीच थी, तब वे बाथरूम की ओर जा रहे थे। तभी एक ‘नकाबपोश नहीं बल्कि खुले चेहरे’ वाले हट्टे-कट्टे हमलावर ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमलावर ने उनकी नाक काटने की कोशिश की और चेहरे व हाथ पर कई वार किए। आशुतोष ने बताया कि उन्होंने जान बचाने के लिए हमलावर से हाथापाई की और किसी तरह खुद को बाथरूम में लॉक कर लिया। वे तब तक बाहर नहीं आए जब तक जीआरपी की टीम मौके पर नहीं पहुँच गई।

    आरोप: “कोर्ट में सबूत न दे पाऊं, इसलिए रची गई हत्या की साजिश”
    अस्पताल के बेड से आशुतोष महाराज ने सीधे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर उंगली उठाई है। उन्होंने दावा किया कि:

    वजह: पॉक्सो एक्ट के तहत उन्होंने जो एफआईआर दर्ज कराई है, उसके पुख्ता सबूत वे कोर्ट में पेश न कर पाएं, इसलिए यह हमला कराया गया।

    इनाम की घोषणा: उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी नाक काटने के लिए एक लाख रुपये के इनाम का ऐलान किया गया था, जिसमें दिनेश फलाहारी और मुकुंदानंद जैसे नाम शामिल हैं।

    फेसबुक पोस्ट का रहस्य: इस हमले की कथित जिम्मेदारी ‘डॉ. स्वाति अघोरी’ नाम के फेसबुक अकाउंट से ली गई है, जिसमें लिखा गया— “बोला था न हमारे लोगों के हत्थे मत चढ़ना।” पुलिस अब इस अघोरी साधक के प्रोफाइल की सत्यता की जांच कर रही है।

    पलटवार: “यह सब सुरक्षा पाने का बनावटी ड्रामा है”
    वहीं, दूसरी ओर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को ‘मीडिया अटेंशन’ पाने का तरीका बताया है। उन्होंने कहा कि:

    बनावटी हमला: शंकराचार्य के अनुसार, अटेंडेंट का कहना है कि बाथरूम जाने तक वे ठीक थे, फिर अचानक यह हाल कैसे हो गया? यह सब सरकारी सुरक्षा हासिल करने का प्रपंच है।

    रेलवे सुरक्षा पर सवाल: उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि क्या अब भारत की ट्रेनें सुरक्षित नहीं रह गई हैं? जीआरपी कहाँ थी?

    ध्यान भटकाने की कोशिश: उन्होंने इसे अपनी धार्मिक यात्रा से लोगों का ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी कोशिश करार दिया।

    वर्तमान स्थिति: मेडिकल जांच और पुलिसिया शिकंजा
    फिलहाल आशुतोष महाराज का प्रयागराज के काल्विन अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उनके चेहरे के गहरे घावों को देखते हुए CT स्कैन और एक्स-रे कराया है। आशुतोष ने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की है और वे सहारे के बिना चल भी नहीं पा रहे हैं। जीआरपी ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और प्रयागराज सर्किट हाउस से लेकर अस्पताल तक भारी पुलिस बल तैनात है।

    निष्कर्ष
    “चलती ट्रेन के सुरक्षित कोच में इस तरह का हमला न केवल रेलवे सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि धर्म और कानून की इस जंग में ‘नाक’ का सवाल अब जान पर बन आया है। पुलिस के लिए अब दूध का दूध और पानी का पानी करना एक बड़ी चुनौती है।”

  • जबलपुर ग्वारीघाट पर 200 बच्चों की अनोखी क्लास: दिन में दुकान, शाम को पढ़ाई

    जबलपुर ग्वारीघाट पर 200 बच्चों की अनोखी क्लास: दिन में दुकान, शाम को पढ़ाई


    जबलपुर । गुरुवार की शाम करीब 6 बजे जब नर्मदा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ नर्मदा आरती देखने जुटी थी उसी समय घाट किनारे छोटे छोटे बच्चे अपनी दुकानों पर बैठे थे। फूल प्रसाद खिलौने और अन्य सामान बेचते ये बच्चे कंधों पर स्कूल बैग टंगे हुए थे। परंतु जैसे ही शाम की आरती खत्म हुई घाट की सीढ़ियों पर बच्चों की आवाज़ें गूंजने लगीं। भारत माता की जय।

    देखते ही देखते करीब 300 बच्चे घाट की सीढ़ियों पर बैठ गए और वही बच्चे कुछ देर पहले दुकानों पर सामान बेच रहे थे। सामने लगे डिजिटल बोर्ड और छोटे साउंड सिस्टम के माध्यम से पराग भैया बच्चों को पढ़ा रहे थे। माहौल ऐसा था कि घाट पर मौजूद श्रद्धालु भी रुककर इस अनोखी क्लास को देखने लगे। छोटे छोटे बच्चे मैथ्स और विज्ञान के कठिन सवाल हल कर रहे थे।

    पराग भैया बताते हैं कि यह विचार उनकी मां के निधन के बाद आया। 2016 में मां की अस्थियां नर्मदा में विसर्जित करने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब उनका परिवार यही बच्चे हैं। शुरुआत सिर्फ 5 बच्चों से हुई थी लेकिन धीरे धीरे संख्या बढ़कर 200 से अधिक हो गई। शुरुआत में बच्चों को पढ़ाने के लिए 10 20 रुपए देने पड़ते थे लेकिन अब बच्चे स्वयं नियमित पढ़ाई के लिए घाट पर आते हैं।

    इस प्रयास में कई लोग मदद कर रहे हैं। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने डिजिटल बोर्ड उपलब्ध कराया वहीं 26 जनवरी को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने 60 बच्चों को टैबलेट दिए जिससे डिजिटल पढ़ाई आसान हो गई।

    इन बच्चों के माता पिता अक्सर नाव चलाते हैं या घाट किनारे दुकाने लगाते हैं। कई बच्चे खुद भी दिनभर 60 70 रुपए तक कमाते हैं। 8वीं कक्षा की परी यादव बताती हैं कि वह दिनभर नारियल प्रसाद बेचती हैं शाम को बैग लेकर पढ़ने आती हैं। पहले पराग भैया उन्हें 20 रुपए देकर पढ़ाते थे अब वह बिना किसी पैसे के नियमित पढ़ाई में शामिल होती हैं।

    तीसरी कक्षा की खुशी खिलौनों की दुकान संभालती है और चौथी कक्षा की आराधना रिमोट कार चलवाती है। फिर भी दोनों शाम को पढ़ाई के लिए घाट पर जुटती हैं। इसी तरह 10वीं की छात्रा सान्या उईके जिसकी फीस न जमा होने के कारण एडमिट कार्ड नहीं मिला था पराग भैया के प्रयास से परीक्षा दे पाने में सफल हुई।

    पराग भैया की पराग ट्यूटोरियल कोचिंग 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए चलती है और आईआईटी नीट की तैयारी भी कराई जाती है। उनका लक्ष्य आगे ऐसा स्कूल खोलने का है जहां बड़े छात्र छोटे छात्रों को पढ़ाएं जिससे परिवारिक सैलरी और शिक्षा का लाभ सीधे छात्रों और उनके परिवार तक पहुंचे। यह अनोखी पहल न केवल बच्चों की शिक्षा के लिए प्रेरक है बल्कि यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी उत्साह अनुशासन और समर्पण से शिक्षा को आगे बढ़ाया जा सकता है।

  • MP में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी: मालवा निमाड़ सबसे गर्म, राजस्थान की रेगिस्तानी हवाओं से बढ़ा तापमान

    MP में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी: मालवा निमाड़ सबसे गर्म, राजस्थान की रेगिस्तानी हवाओं से बढ़ा तापमान


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान अप्रैल जैसा महसूस होने लगा है। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में दिन के समय लू जैसी तपन महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में रविवार को रंगपंचमी के दिन भी तेज धूप और गर्मी का असर बना रहेगा। राजधानी भोपाल के साथ साथ इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन के समय तेज गर्मी महसूस की जा रही है।

    मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाओं का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। इसके साथ ही वातावरण में नमी की मात्रा भी कम हो गई है। यही कारण है कि प्रदेश में मार्च के पहले ही पखवाड़े में गर्मी का असर तेजी से बढ़ गया है।

    शनिवार को प्रदेश के कई शहरों में तापमान 37 से 38 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। सबसे अधिक रतलाम में तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा धार में 38.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.6 डिग्री, Sagar में 37.2 डिग्री और Guna में 37 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 36.5 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री, भोपाल में 35.2 डिग्री, ग्वालियर में 35.7 डिग्री और जबलपुर में 34.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी का असर मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद दिखाई देता है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है और शुरुआती दिनों में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

    तेज गर्मी को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल मौसम केंद्र ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप का असर सबसे ज्यादा रहता है। ऐसे में लोगों को जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग ने लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने तथा धूप में निकलते समय सिर और चेहरे को ढंकने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में प्रदेश का अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले ही पखवाड़े में कई शहरों में पारा 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि वास्तविक हीट वेव यानी लू का दौर अप्रैल और मई में देखने को मिल सकता है, जब प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है।

  • रंगपंचमी पर सबसे पहले महाकाल को चढ़ा रंग, भस्म आरती में केसर जल अर्पित, शिव परिवार को लगाया हर्बल गुलाल

    रंगपंचमी पर सबसे पहले महाकाल को चढ़ा रंग, भस्म आरती में केसर जल अर्पित, शिव परिवार को लगाया हर्बल गुलाल


    उज्जैन। रंगपंचमी के अवसर पर रविवार तड़के विश्व प्रसिद्ध उज्‍जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल को सबसे पहले रंग अर्पित कर पर्व की शुरुआत की गई। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती के दौरान भगवान महाकालेश्वर का विशेष पूजन किया गया और उन्हें एक लोटा केसर युक्त जल अर्पित किया गया। इसके बाद भगवान का त्रिपुंड, मुंडमाल और रजत आभूषणों से राजा स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया।
    शिव परिवार को लगाया हर्बल रंग

    रंगपंचमी के मौके पर भस्म आरती के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई। पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर सबसे पहले भगवान महाकाल को रंग अर्पित किया। इस दौरान भगवान महाकाल के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी को भी हर्बल रंग चढ़ाया गया।

    पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर मंत्रोच्चार के साथ हरिओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद भगवान का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। कपूर आरती के बाद भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड लगाकर विशेष श्रृंगार किया गया।

    श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान को रजत मुकुट, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित कर फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।

    सुरक्षा के चलते रंग लाने पर रोक

    दो साल पहले धुलेंडी के दिन गर्भगृह में आग लगने की घटना को देखते हुए इस बार भी मंदिर में श्रद्धालुओं, पंडे-पुजारियों को रंग लाने की अनुमति नहीं दी गई। दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को सख्त जांच के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया गया।

    पहले हर साल श्रद्धालु रंग-गुलाल लेकर मंदिर पहुंचते थे, जिससे पूरा माहौल ब्रज की होली जैसा दिखाई देता था। इस बार भगवान को अर्पित किया जाने वाला केसर युक्त जल भी मंदिर की कोठार शाखा से ही पुजारियों को उपलब्ध कराया गया।

    मंदिर प्रशासन ने गर्भगृह, नंदी मंडपम, गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम और पूरे मंदिर परिसर में रंग या गुलाल ले जाने, उड़ाने या लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। साथ ही किसी भी उपकरण से रंग उड़ाने की भी अनुमति नहीं दी गई है।

    शाम की आरती में भी चढ़ेगा रंग

    संध्या आरती के दौरान भगवान महाकाल को एक लोटा केसर युक्त जल और लगभग 500 ग्राम गुलाल अर्पित किया जाएगा। यह सामग्री मंदिर की कोठार शाखा द्वारा भस्म आरती और शासकीय पुजारियों को उपलब्ध कराई जाएगी।

  • इंदौर में आज पारंपरिक गेर में मिसाइलों से उड़ेगा रंग, टेसू के फूलों से बने गुलाल से सजेगा राजवाड़ा

    इंदौर में आज पारंपरिक गेर में मिसाइलों से उड़ेगा रंग, टेसू के फूलों से बने गुलाल से सजेगा राजवाड़ा


    इंदौर।
    मालवा की सांस्कृतिक राजधानी इंदौर में आज रविवार को रंगों का सबसे बड़ा और भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। पारंपरिक गेर के साथ पूरा पश्चिम क्षेत्र रंगों से सराबोर हो जाएगा। लाखों लोग इस अनूठे रंगोत्सव में शामिल होकर गुलाल और रंगों की बौछारों का आनंद लेंगे।

    गेर के साथ ही शहर में फागयात्रा भी निकलेगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। आयोजकों ने इस भव्य आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम के दौरान हजारों किलो गुलाल उड़ाया जाएगा, जिससे शहर का माहौल पूरी तरह रंगमय हो जाएगा।

    70 साल पुरानी परंपरा

    यह परंपरागत गेर राजवाड़ा से निकाली जाती है और इसका इतिहास करीब सात दशक पुराना है। शुरुआत में बड़े कड़ावों में रंग भरकर लोगों को भिगोने की परंपरा थी। समय के साथ यह आयोजन बैलगाड़ियों और ट्रैक्टरों से होते हुए डीजे और आधुनिक तकनीक तक पहुंच गया। अब गेर में रंग बरसाने के लिए विशेष मिसाइल तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे रंग और पानी करीब 200 फीट तक हवा में उछाला जाएगा।

    लाखों लोग बनेंगे रंगोत्सव के साक्षी

    पिछले तीन वर्षों से गेर में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 5 लाख से अधिक रही है। यही वजह है कि यह आयोजन देश के सबसे बड़े रंगोत्सवों में गिना जाने लगा है। इस बार भी लाखों लीटर पानी और हजारों किलो गुलाल उड़ाने की तैयारी की गई है। राजवाड़ा और आसपास के 5 से 6 किलोमीटर क्षेत्र में रंग, गुलाल और पानी की बौछारें देखने को मिलेंगी।

    टेसू के फूलों से बने गुलाल से बनेगा तिरंगा

    इस आयोजन की खास बात यह है कि करीब 8 हजार किलो टेसू के फूलों से तैयार गुलाल का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे राजवाड़ा पर तिरंगा बनाया जाएगा, जो उत्सव का विशेष आकर्षण होगा।

    ढोल-ताशे, झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

    गेर में बैंड, ढोल-ताशे, आकर्षक झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखने को मिलेंगी। गेर और फागयात्रा अपने-अपने तय मार्गों से निकलकर शहरवासियों को रंगों के इस महासागर में डुबो देंगी।

  • मुख्यमंत्री आज रंगपंचमी पर उज्जैन में श्री कृष्ण-सुदामा रंग उत्सव में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री आज रंगपंचमी पर उज्जैन में श्री कृष्ण-सुदामा रंग उत्सव में होंगे शामिल


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रविवार को रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में आयोजित श्री कृष्ण-सुदामा रंग उत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 09 बजे श्री कृष्ण सुदामा रंग उत्सव गेर (चल समारोह) में सिंधी कॉलोनी से सम्मिलित होकर टॉवर चौराहे तक जाएंगे। टॉवर चौराहे पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन सभी कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री सम्मिलित होंगे। रंग उत्सव कार्यक्रम में सामाजिक संस्थाओं द्वारा स्वागत द्वार, मंच लगाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र से आने वाली मंडली, झांकियां, फाग उत्सव करने वाले संस्थाओं के द्वारा विशेष आयोजन भी किए जाएंगे। लाइव झांकियां भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित होगी।

  • तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: भोपाल में कार फेंसिंग तोड़ खदान में गिरी, 24 साल के ड्राइवर की मौत

    तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: भोपाल में कार फेंसिंग तोड़ खदान में गिरी, 24 साल के ड्राइवर की मौत


    भोपाल भोपाल के अयोध्या नगर इलाके में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार कंचन खदान के पास टर्न पर अनियंत्रित होकर फेंसिंग का तार और खंभा तोड़ते हुए सीधे खदान में भरे पानी में जा गिरी। इस हादसे में 24 वर्षीय रोहित माली की मौत हो गई, जबकि उसके साथ कार में सवार दो दोस्त घायल हो गए। सूचना मिलते ही अयोध्या नगर पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    पुलिस के अनुसार रोहित माली पेशे से ओला कैब चालक था। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे वह सवारी छोड़ने के बाद पिपरिया जाहिर पीर इलाके से अपने दो दोस्तों को कार में बैठाकर अयोध्या नगर की ओर लौट रहा था। इसी दौरान अरेड़ी क्रेशर बस्ती के पास कंचन खदान के नजदीक एक टर्न पर कार की रफ्तार ज्यादा होने के कारण वह वाहन को मोड़ नहीं पाया। कार सीधे फेंसिंग तोड़ते हुए खदान में भरे करीब 8 से 10 फीट गहरे पानी में जा गिरी।

    हादसा होते ही आसपास के लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह कार में सवार दोनों युवकों को पानी से बाहर निकाल लिया, लेकिन चालक रोहित माली सीट बेल्ट लगाए होने के कारण कार के अंदर ही फंस गया और बाहर नहीं निकल सका। पुलिस और नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे बाहर निकाला और तुरंत सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

    इसके बाद उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं खदान में डूबी कार को नगर निगम की क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। अयोध्या नगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। रोहित के शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मोर्चुरी में रखवाया गया है, जहां रविवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।

  • ऑनलाइन खाने की गुणवत्ता पर फिर सवाल सागर के रेस्टोरेंट में छापा बासी पनीर और खराब सूप मिलने से मचा हड़कंप

    ऑनलाइन खाने की गुणवत्ता पर फिर सवाल सागर के रेस्टोरेंट में छापा बासी पनीर और खराब सूप मिलने से मचा हड़कंप


    मध्य प्रदेश के सागर शहर में ऑनलाइन मंगाए गए खाने की गुणवत्ता को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है जहां एक परिवार द्वारा ऑर्डर किए गए छोले कुलचे खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद परिजनों ने भोजन की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए खाद्य विभाग से शिकायत की जिसके बाद विभाग की टीम ने संबंधित रेस्टोरेंट पर छापेमारी कर जांच की। जांच के दौरान किचन में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं और कुछ खाद्य सामग्री संदिग्ध अवस्था में पाई गई जिससे ऑनलाइन फूड डिलीवरी की सुरक्षा और गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार सागर निवासी अभिषेक अग्रवाल ने एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट से ऑनलाइन ऐप के माध्यम से छोले कुलचे का ऑर्डर दिया था। खाना घर पहुंचने के बाद बच्चों ने उसे खाया लेकिन कुछ ही समय बाद बच्चों को पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत होने लगी। बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजनों को भोजन की गुणवत्ता पर शक हुआ। जब खाने की स्थिति को ध्यान से देखा गया तो उन्हें लगा कि खाना बासी हो सकता है। इसके बाद अभिषेक अग्रवाल ने बिना देर किए पूरे मामले की शिकायत खाद्य विभाग से की ताकि मामले की जांच हो सके और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

    शिकायत मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई और सागर के सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित सागर गैरे नामक रेस्टोरेंट पहुंचकर निरीक्षण किया। टीम ने किचन और स्टोर रूम की जांच की तो वहां कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों को किचन में साफ सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं लगी और खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। जांच के दौरान टीम को बासी पनीर खराब गुणवत्ता का हॉट एंड सॉर सूप और कुछ अन्य खाद्य पदार्थ संदिग्ध हालत में मिले। इसके अलावा किचन की स्वच्छता व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई जिस पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई।

    खाद्य विभाग की टीम ने मौके से पनीर सूप और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए हैं जिन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि संबंधित खाद्य सामग्री मानकों के अनुरूप थी या नहीं। यदि जांच में खाद्य पदार्थ अमानक या असुरक्षित पाए जाते हैं तो संबंधित रेस्टोरेंट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता अभिषेक अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने बच्चों के लिए छोले कुलचे मंगवाए थे लेकिन खाना खाने के तुरंत बाद बच्चों की तबीयत खराब हो गई। उन्हें भोजन की स्थिति संदिग्ध लगी इसलिए उन्होंने तुरंत विभाग में शिकायत दर्ज कराई ताकि अन्य लोगों की सेहत को खतरा न हो और इस तरह की लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हो सके।

    खाद्य विभाग ने इस घटना के बाद आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि यदि किसी भी रेस्टोरेंट ढाबे या ऑनलाइन फूड डिलीवरी से मिलने वाले भोजन में बासीपन मिलावट या खराब गुणवत्ता का संदेह हो तो तुरंत इसकी जानकारी विभाग को दें ताकि समय रहते जांच कर कार्रवाई की जा सके और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

  • मुरैना: 16 दिन पहले पिता बना था लवकुश, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर सोते हुए पति को उतार दिया मौत के घाट

    मुरैना: 16 दिन पहले पिता बना था लवकुश, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर सोते हुए पति को उतार दिया मौत के घाट


    नई दिल्ली।  रिश्तों के कत्ल की एक रूह कंपा देने वाली साजिश का सिहोनिया पुलिस ने महज 4 दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। 3 मार्च की रात जिस लवकुश माहौर की मौत को उसकी पत्नी ने ‘आत्महत्या’ करार दिया था, वह दरअसल एक सोची-समझी ‘कॉन्ट्रैक्ट किलिंग’ जैसी वारदात निकली। पुलिस ने मृतक की पत्नी राखी और उसके पड़ोसी प्रेमी विक्रम परमार को गिरफ्तार कर लिया है।

    वारदात: बेटे के जन्म की खुशी और खूनी अंत
    लवकुश माहौर गुजरात के सूरत में मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता था। करीब 16 दिन पहले उसके घर में बेटे का जन्म हुआ, जिसकी खुशी मनाने वह अपने गांव सिहोनिया आया था। वह होली का त्योहार मनाकर वापस सूरत जाने की तैयारी में था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसके घर में ही उसकी मौत का जाल बुना जा चुका है।

    खौफनाक रात: 3 मार्च की रात करीब 3 बजे, जब लवकुश गहरी नींद में था, पड़ोसी विक्रम परमार कमरे में दाखिल हुआ और बेहद करीब से लवकुश को गोली मार दी।वारदात के बाद विक्रम फरार हो गया, जबकि पत्नी राखी ने शोर मचाते हुए यह कहानी रची कि लवकुश ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है।

    मोबाइल चैट ने खोला ‘बेवफाई’ का राज
    पुलिस को शुरुआत से ही पत्नी के बयानों पर संदेह था। एसडीओपी विजय भदौरिया के नेतृत्व में जब जांच आगे बढ़ी, तो पुलिस ने राखी का मोबाइल खंगाला।

    साजिश के सबूत: मोबाइल में पड़ोसी विक्रम परमार के साथ राखी की लंबी बातचीत और हत्या की प्लानिंग से जुड़ी चैट्स मिलीं। कड़ाई से पूछताछ करने पर राखी टूट गई और उसने स्वीकार किया कि लवकुश उनके प्रेम संबंधों में कांटा बन रहा था, इसलिए उसे रास्ते से हटाने के लिए विक्रम के साथ मिलकर यह साजिश रची।

    जनाक्रोश और पुलिस की मुस्तैदी
    घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने लवकुश की मौत को संदिग्ध बताते हुए नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया था। लोगों की मांग थी कि असली कातिलों को पकड़ा जाए। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और डिजिटल फॉरेंसिक (मोबाइल चैट) के आधार पर 4 दिन के भीतर कातिल पत्नी और उसके प्रेमी को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

    यह घटना समाज की गिरती नैतिक मर्यादाओं का उदाहरण है; जहाँ एक तरफ पालने में 16 दिन का मासूम सो रहा था, वहीं दूसरी तरफ उसकी माँ अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसके पिता की हत्या की पटकथा लिख रही थी।

    मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma)
    मुरैना हत्याकांड, सिहोनिया न्यूज़, लवकुश माहौर मर्डर, पत्नी ने की पति की हत्या, अवैध संबंध, मोबाइल चैट से खुलासा, एमपी पुलिस, 16 दिन का नवजात, ग्वालियर-चंबल क्राइम, विक्रम परमार गिरफ्तार।

  • होटल में साइलेंट अटैक से मालिक की मौत: थाली में सब्जी रखते ही गिरा, भाई की CPR भी काम नहीं आई

    होटल में साइलेंट अटैक से मालिक की मौत: थाली में सब्जी रखते ही गिरा, भाई की CPR भी काम नहीं आई


    नई दिल्ली। नर्मदापुरम के ग्वालटोली रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें होटल संचालक अशोक नवलानी (60) का साइलेंट अटैक से निधन हो गया। घटना उस समय हुई जब अशोक नवलानी ग्राहकों को खाना परोस रहे थे। जैसे ही उन्होंने एक थाली में सब्जी रखी, अचानक वह जमीन पर गिर पड़े। घटना का सीसीटीवी वीडियो शनिवार सुबह सामने आया, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि गिरते ही आसपास के लोग समझ नहीं पाए कि क्या हुआ। कुछ ही पलों में अशोक के भाई पप्पन नवलानी और अन्य कर्मचारी दौड़कर उन्हें उठाने पहुंचे और तुरंत सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
     
    अशोक नवलानी गोकुलपुरी की सिंधी कॉलोनी के निवासी थे और अपने भाई पप्पन नवलानी के साथ मिलकर ‘चाचा-भतीजा’ नाम से होटल चला रहे थे। पप्पन ने बताया कि गुरुवार रात दोनों दुकान पर ही थे। वह सब्जी बना रहे थे और अशोक ग्राहकों को टेबल पर खाना परोस रहे थे। थाली में सब्जी रखते ही अचानक गिरने के बाद उन्होंने सीपीआर की कोशिश की, लेकिन अशोक अचेत हो गए। डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पप्पन ने आगे बताया कि अशोक परिवार में सबसे बड़े भाई थे, उनके छह भाई-बहन हैं, और उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है। पिछले तीन साल में गर्मियों में उन्हें दो-तीन बार हल्की घबराहट और बीपी कम होने की समस्या हुई थी, लेकिन हार्ट की कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।

    नर्मदापुरम जिला अस्पताल के क्लिनिकल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील जैन ने कहा कि आजकल असीमित दिनचर्या, तनाव, बिगड़ा खानपान और व्यायाम की कमी से हार्ट अटैक की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने सभी से कहा कि स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें, नियमित रूटीन चेकअप कराएं, 7-8 घंटे की नींद लें और रोजाना व्यायाम या योग से तनाव कम करें।

    होटल में हुए इस हादसे ने स्थानीय लोगों और परिवार में शोक की लहर फैला दी है। अशोक नवलानी का निधन इस बात का भी संदेश देता है कि व्यस्त दिनचर्या और स्वास्थ्य पर ध्यान न देना गंभीर परिणाम ला सकता है।

    इस घटना की वजह से लोगों में चेतना बढ़ी है कि कार्यस्थल पर भी स्वास्थ्य और आराम को महत्व देना जरूरी है, खासकर व्यवसायिक जीवन में तनाव और थकान के बीच।