Category: Madhya Pradesh

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अंबेडकर जयंती पर दी श्रद्धांजलि लोकभवन में हुआ कार्यक्रम

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अंबेडकर जयंती पर दी श्रद्धांजलि लोकभवन में हुआ कार्यक्रम

    भोपाल । भोपाल में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर श्रद्धा और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। इस मौके पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर बाबा साहेब को नमन किया।

    कार्यक्रम का आयोजन भोपाल स्थित लोकभवन के बैंक्वेट हॉल में किया गया जहां राज्यपाल ने डॉ. अंबेडकर के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने संविधान निर्माता के रूप में बाबा साहेब के अतुलनीय योगदान को याद किया और उनके विचारों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

    इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लोकभवन के अधिकारी और कर्मचारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और बाबा साहेब को आदरांजलि अर्पित की।

    समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. अंबेडकर के विचारों और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने भारतीय समाज को समानता न्याय और अधिकारों का जो संदेश दिया वह आज भी प्रासंगिक है और देश के विकास का मार्गदर्शन करता है।

    यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक चेतना और समता के संदेश को दोहराने का अवसर भी बना। बाबा साहेब के जीवन और संघर्ष को याद करते हुए लोगों ने उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    इस प्रकार भोपाल के लोकभवन में आयोजित यह कार्यक्रम अंबेडकर जयंती के अवसर पर श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बनकर उभरा जहां संविधान निर्माता को पूरे आदर भाव के साथ याद किया गया।

  • महू में अंबेडकर जयंती पर बवाल श्रद्धालुओं से धक्का मुक्की पुलिस के रवैये पर उठे सवाल

    महू में अंबेडकर जयंती पर बवाल श्रद्धालुओं से धक्का मुक्की पुलिस के रवैये पर उठे सवाल

    इंदौर । मध्यप्रदेश के महू में अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया जब श्रद्धा और उत्साह के बीच पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जन्मस्थली पर देशभर से हजारों अनुयायी पहुंचे थे और पूरे क्षेत्र में आस्था का माहौल बना हुआ था।

    सुबह से ही लोग अपने परिवारों के साथ बाबा साहेब को नमन करने और इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए वहां एकत्रित हो रहे थे। कई श्रद्धालु जन्मस्थली परिसर में फोटो और वीडियो के जरिए इस पल को सहेज रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने अचानक लोगों को हटाना शुरू कर दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट सूचना के पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लोगों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया। इस दौरान कई लोगों के साथ धक्का मुक्की भी हुई जिससे माहौल बिगड़ गया और मौके पर अफरा तफरी मच गई। दूर दराज से आए अनुयायियों ने इस व्यवहार का विरोध किया और नाराजगी खुलकर सामने आई।

    देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और लोगों ने मौके पर ही नारेबाजी शुरू कर दी। श्रद्धालुओं का आरोप था कि उन्हें सम्मान के साथ श्रद्धांजलि देने का मौका नहीं दिया जा रहा है और उनके साथ अनावश्यक सख्ती बरती जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा रहा था। वीआईपी मूवमेंट के मद्देनजर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए लेकिन यह सख्ती कई लोगों को नागवार गुजरी।

    इस घटना ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आम श्रद्धालुओं की भावनाओं और गरिमा को नजरअंदाज किया जा सकता है। आस्था के इस बड़े आयोजन में बेहतर भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील व्यवहार की अपेक्षा की जाती है ताकि किसी भी तरह का विवाद पैदा न हो।

    फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों की मांग है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में बेहतर व्यवस्था और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए ताकि श्रद्धा और सम्मान का माहौल बना रहे।

  • खड़े ट्रेलर से भिड़ी बाइक मऊगंज में भीषण हादसा 3 लोगों की मौके पर मौत

    खड़े ट्रेलर से भिड़ी बाइक मऊगंज में भीषण हादसा 3 लोगों की मौके पर मौत

    रसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में इन दिनों एक बड़ा कारोबारी और कानूनी विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है जहां तुलसी ब्रांड को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए हैं। एक तरफ पतंजलि फूड्स लिमिटेड है तो दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर संचालित अनिल इंडस्ट्रीज। मामला ट्रेडमार्क और कॉ पीराइट अधिकारों से जुड़ा हुआ है जिसने अब कानूनी रूप ले लिया है।

    बताया जा रहा है कि तुलसी नाम से खाद्य तेल के ब्रांड को लेकर विवाद शुरू हुआ। पतंजलि फूड्स लिमिटेड का दावा है कि तुलसी उनका अधिकृत ब्रांड है और इस नाम का उपयोग किसी अन्य संस्था द्वारा करना नियमों के खिलाफ है। इसी आधार पर न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसके बाद कोर्ट ने कार्रवाई के आदेश जारी किए।

    इसी आदेश के तहत नरसिंहपुर के करेली क्षेत्र के जोहारिया में स्थित अनिल इंडस्ट्रीज पर पतंजलि की लीगल टीम ने पहुंचकर कार्रवाई की। आरोप है कि अनिल इंडस्ट्रीज तुलसी नाम से खाद्य तेल बेच रही थी जो कि ट्रेडमार्क नियमों का उल्लंघन है। नियमों के अनुसार किसी भी पंजीकृत ब्रांड नाम के साथ समान या भ्रम पैदा करने वाले शब्दों का उपयोग करना अवैध माना जाता है।

    हालांकि इस मामले में अनिल इंडस्ट्रीज के मालिक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने उत्पाद के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की हैं जिनमें ट्रेडमार्क और कॉपीराइट से संबंधित औपचारिकताएं शामिल हैं। उनका दावा है कि उन्होंने अपने ब्रांड का विज्ञापन भी प्रकाशित कराया था और उस समय किसी भी प्रकार की आपत्ति सामने नहीं आई थी।

    इतना ही नहीं उन्होंने पतंजलि फूड्स लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार जब उन्होंने अपने उत्पादों को पतंजलि के माध्यम से बेचने से इनकार किया तो उनके खिलाफ इस तरह की कानूनी कार्रवाई की गई।

    यह मामला अब पूरी तरह न्यायालय के अधीन है और अंतिम निर्णय कोर्ट के आदेश के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल दोनों पक्ष अपने अपने दावों पर कायम हैं जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि वास्तविक रूप से किसका पक्ष मजबूत है।

    इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि व्यापारिक दुनिया में ब्रांड और पहचान को लेकर प्रतिस्पर्धा किस हद तक जा सकती है। ट्रेडमार्क और कॉपीराइट जैसे कानूनी अधिकार जहां कंपनियों की पहचान की रक्षा करते हैं वहीं इनके दुरुपयोग के आरोप भी समय समय पर सामने आते रहते हैं। अब सभी की नजर न्यायालय के फैसले पर टिकी है जो यह तय करेगा कि इस विवाद में कौन सही है और कौन गलत।

  • तुलसी ब्रांड ,पर कानूनी घमासान पतंजलि फूड्स और ,अनिल इंडस्ट्रीज आमने सामने

    तुलसी ब्रांड ,पर कानूनी घमासान पतंजलि फूड्स और ,अनिल इंडस्ट्रीज आमने सामने


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में इन दिनों एक बड़ा कारोबारी और कानूनी विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है जहां तुलसी ब्रांड को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए हैं। एक तरफ पतंजलि फूड्स लिमिटेड है तो दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर संचालित अनिल इंडस्ट्रीज। मामला ट्रेडमार्क और कॉ पीराइट अधिकारों से जुड़ा हुआ है जिसने अब कानूनी रूप ले लिया है।

    बताया जा रहा है कि तुलसी नाम से खाद्य तेल के ब्रांड को लेकर विवाद शुरू हुआ। पतंजलि फूड्स लिमिटेड का दावा है कि तुलसी उनका अधिकृत ब्रांड है और इस नाम का उपयोग किसी अन्य संस्था द्वारा करना नियमों के खिलाफ है। इसी आधार पर न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसके बाद कोर्ट ने कार्रवाई के आदेश जारी किए।

    इसी आदेश के तहत नरसिंहपुर के करेली क्षेत्र के जोहारिया में स्थित अनिल इंडस्ट्रीज पर पतंजलि की लीगल टीम ने पहुंचकर कार्रवाई की। आरोप है कि अनिल इंडस्ट्रीज तुलसी नाम से खाद्य तेल बेच रही थी जो कि ट्रेडमार्क नियमों का उल्लंघन है। नियमों के अनुसार किसी भी पंजीकृत ब्रांड नाम के साथ समान या भ्रम पैदा करने वाले शब्दों का उपयोग करना अवैध माना जाता है।

    हालांकि इस मामले में अनिल इंडस्ट्रीज के मालिक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने उत्पाद के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की हैं जिनमें ट्रेडमार्क और कॉपीराइट से संबंधित औपचारिकताएं शामिल हैं। उनका दावा है कि उन्होंने अपने ब्रांड का विज्ञापन भी प्रकाशित कराया था और उस समय किसी भी प्रकार की आपत्ति सामने नहीं आई थी।

    इतना ही नहीं उन्होंने पतंजलि फूड्स लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार जब उन्होंने अपने उत्पादों को पतंजलि के माध्यम से बेचने से इनकार किया तो उनके खिलाफ इस तरह की कानूनी कार्रवाई की गई।

    यह मामला अब पूरी तरह न्यायालय के अधीन है और अंतिम निर्णय कोर्ट के आदेश के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल दोनों पक्ष अपने अपने दावों पर कायम हैं जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि वास्तविक रूप से किसका पक्ष मजबूत है।

    इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि व्यापारिक दुनिया में ब्रांड और पहचान को लेकर प्रतिस्पर्धा किस हद तक जा सकती है। ट्रेडमार्क और कॉपीराइट जैसे कानूनी अधिकार जहां कंपनियों की पहचान की रक्षा करते हैं वहीं इनके दुरुपयोग के आरोप भी समय समय पर सामने आते रहते हैं। अब सभी की नजर न्यायालय के फैसले पर टिकी है जो यह तय करेगा कि इस विवाद में कौन सही है और कौन गलत।

  • सीधी में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान बवाल, बोलेरो हटाने को लेकर हुए विवाद पर घर में घुसकर हमला, 4 घायल

    सीधी में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान बवाल, बोलेरो हटाने को लेकर हुए विवाद पर घर में घुसकर हमला, 4 घायल


    सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के अमिलिया में मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर निकाली जा रही रैली के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मामूली विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया और नकाबपोश लोगों ने एक घर में घुसकर हमला कर दिया। इस घटना में एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

    यह है मामला

    जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे भीम आर्मी द्वारा अंबेडकर जयंती रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक बोलेरो वाहन खड़ा था, जिसे हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। रैली में शामिल कुछ लोगों ने गाड़ी हटाने को कहा, लेकिन बात बढ़ने पर बोलेरो में तोड़फोड़ कर दी गई।

    इसके बाद मनी शुक्ला ने इसका विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि करीब 50 नकाबपोश लोग पथराव करते हुए मनी शुक्ला के घर में घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की।

    हमले में 4 लोग घायल

    हमले में मनी शुक्ला (22) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा उनके परिवार के 80 वर्षीय रमाकांत शुक्ला, अर्चना शुक्ला (40) और दिव्यांश शुक्ला (22) को भी चोटें आई हैं। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभालने की कोशिश की।

    अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

    हमले के विरोध में दूसरे पक्ष के कुछ युवकों को घेरकर मारपीट की गई, जिससे तनाव और बढ़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमिलिया, कमर्जी, बहरी थाना और सिहावल चौकी से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। क्षेत्र में 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।

  • पीथमपुर की रामकी एनवायरो कंपनी में हुए 3 धमाके, 1 किमी तक गूंजी आवाज, आसपास के इलाके में दहशत

    पीथमपुर की रामकी एनवायरो कंपनी में हुए 3 धमाके, 1 किमी तक गूंजी आवाज, आसपास के इलाके में दहशत


    धार। मध्य प्रदेश के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित रामकी एनवायरो कंपनी में मंगलवार को लगातार तीन धमाके होने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाकों की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और हालात को नियंत्रण में लिया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    तीन जोरदार विस्फोट हुए
    यह घटना पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-2 स्थित तारपुरा इलाके में हुई। जानकारी के मुताबिक, कंपनी परिसर में अचानक एक के बाद एक तीन जोरदार विस्फोट हुए। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि पास के तारपुरा और बजरंगपुरा गांवों में लोगों ने झटके महसूस किए। ग्रामीणों ने बताया कि धमाकों के कारण उनके घरों में रखे बर्तन, टीवी और अन्य सामान तक हिल गए और कई चीजें स्टैंड से नीचे गिर गईं। तेज आवाज से लोग घबरा गए और घरों से बाहर निकल आए। कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया।

    पुलिस बल मौके पर पहुंचा
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। सीएसपी रवि सोनेर ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि धमाकों के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ओम प्रकाश अहीर ने भी बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। कंपनी प्रबंधन की ओर से भी किसी प्रकार की जनहानि से इनकार किया गया है।

    गौरतलब है कि यह वही कंपनी है, जहां पहले भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निपटान का काम किया गया था। इस कारण यह कंपनी पहले भी चर्चा में रह चुकी है। ताजा घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम कंपनी परिसर में मौजूद है और खबर लिखे जाने तक धमाकों के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है।

  • हाटी मोड़ पर बड़ा सड़क हादसा, ऑटो बचाने में अनियंत्रित होकर पलटी बस, यात्रियों में हड़कंप

    हाटी मोड़ पर बड़ा सड़क हादसा, ऑटो बचाने में अनियंत्रित होकर पलटी बस, यात्रियों में हड़कंप


    सतना । मध्यप्रदेश के सतना जिले में मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया जिसने यात्रियों में दहशत फैला दी। सतना से चित्रकूट जा रही नफीस ट्रेवल्स की बस स्टेट हाईवे पर हाटी मोड़ के पास अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 10 से अधिक यात्री घायल हो गए हैं जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज रफ्तार में चल रही थी और जैसे ही वह हाटी मोड़ पर पहुंची तभी सामने अचानक एक ऑटो आ गया। ऑटो को बचाने के प्रयास में चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख पुकार मच गई और यात्रियों में अफरा तफरी फैल गई।

    स्थानीय लोगों ने बिना देरी किए राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने घायलों को 112 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल सतना भेजा जहां उनका इलाज जारी है।

    डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। वहीं पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और बस चालक के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को उजागर करती है। जरा सी लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

  • अवैध खनन बना मौत का कारण पत्थर लदे ट्रैक्टर ने ली युवक की जान गांव में दहशत

    अवैध खनन बना मौत का कारण पत्थर लदे ट्रैक्टर ने ली युवक की जान गांव में दहशत


    मऊगंज । मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र के अंतर्गत हाटा चौकी के ग्राम लोढ़ी में अवैध उत्खनन का काला कारोबार एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। लगातार जारी अवैध खनन गतिविधियों के बीच हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को दहशत और आक्रोश में डाल दिया है। पत्थर से लदे तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।

    मृतक की पहचान राजभान साकेत के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय ट्रैक्टर में भारी मात्रा में पत्थर लोड था और वह तेज गति से गुजर रहा था। इसी दौरान युवक ट्रैक्टर के पहिए की चपेट में आ गया और गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए।

    हादसे की सूचना मिलते ही हाटा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। बाद में थाना प्रभारी अनिल काकड़े भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। यह घटना लोढ़ी गांव में ट्रांसफार्मर प्लांट के पास पप्पू सिंह की मड़ई के सामने हुई बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार यह ट्रैक्टर राजेंद्र बहादुर सिंह उर्फ पप्पू से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

    ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध पत्थर खनन का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। लगातार शिकायतों और रिपोर्ट के बावजूद इस पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की तेज आवाजाही और बिना नियमों के खनन कार्य से आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

    घटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस पर भी दबाव बनाए जाने की बात कही है जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि अवैध खनन न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है बल्कि स्थानीय लोगों की जान के लिए भी गंभीर जोखिम बन चुका है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसे हादसे भविष्य में और बढ़ सकते हैं।

  • अंबेडकर जयंती पर CM मोहन यादव का नमन बाबा साहेब को बताया संविधान का शिल्पकार

    अंबेडकर जयंती पर CM मोहन यादव का नमन बाबा साहेब को बताया संविधान का शिल्पकार


    भोपाल । भोपाल में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में श्रद्धा और सम्मान का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा साहेब को भावपूर्ण नमन किया और उन्हें भारतीय संविधान का शिल्पकार तथा सामाजिक न्याय का महान पुरोधा बताया।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने जीवनभर शिक्षा समानता और अधिकारों के आधार पर एक सशक्त और समतामूलक भारत की नींव रखी। उनके विचार आज भी देश के विकास और सामाजिक उत्थान की दिशा में मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था बल्कि उन्होंने समाज के वंचित शोषित और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए संघर्ष को जीवन का उद्देश्य बनाया।

    सीएम यादव ने यह भी कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लेकर आए। उनके प्रयासों ने देश में एक ऐसी व्यवस्था की नींव रखी जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार और अवसर मिल सकें।

    इस अवसर पर प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें श्रद्धांजलि सभाएं, विचार गोष्ठियां और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम शामिल रहे। लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर बाबा साहेब के विचारों को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

    मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार बाबा साहेब के सिद्धांतों और उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समता न्याय और अधिकार आधारित समाज की स्थापना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस प्रकार अंबेडकर जयंती का यह अवसर न केवल श्रद्धांजलि का दिन रहा बल्कि सामाजिक एकता और समानता के संदेश को मजबूत करने का भी प्रतीक बना।

  • सड़क पार करते समय हादसा: सिर में गंभीर चोट, अस्पताल में तोड़ा दम

    सड़क पार करते समय हादसा: सिर में गंभीर चोट, अस्पताल में तोड़ा दम


    नई दिल्ली। ग्वालियर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। गुब्बारा फाटक के पास सड़क पार कर रहे 62 वर्षीय सुरेंद्र सिंह राठौर को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया।

    सिर में गंभीर चोट, अस्पताल में तोड़ा दम
    हादसे में बुजुर्ग के सिर में गंभीर चोट आई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार चोट काफी गंभीर थी, जिससे उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    परिजनों का आरोप: ऑटो ने मारी टक्कर
    मृतक के भतीजे विक्रांत ने आरोप लगाया कि टक्कर एक ऑटो ने मारी थी। उनका कहना है कि हादसे के बाद बुजुर्ग ऑटो में फंस गए और कुछ दूरी तक घिसटते रहे, लेकिन चालक वाहन लेकर मौके से भाग गया।

    CCTV में कैद हुई घटना
    घटनास्थल के पास लगी एक दुकान के CCTV कैमरे में हादसा रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज में वाहन टक्कर मारने के बाद बुजुर्ग को घसीटते हुए नजर आ रहा है। हालांकि, पुलिस को जो फुटेज मिला है, वह दूरी के कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

    आरोपी वाहन की तलाश जारी
    थाना प्रभारी के अनुसार आसपास के अन्य CCTV कैमरों की भी जांच की जा रही है, ताकि आरोपी वाहन की पहचान की जा सके। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का दावा किया है।

    लोगों ने दिखाई मदद, फिर भी नहीं बच सकी जान
    हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़े और घायल को अस्पताल पहुंचाया। लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी, जिससे इलाके में शोक का माहौल है।