Category: Madhya Pradesh

  • वल्लभ, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में GAD टीम की सख्त कार्रवाई, समय से न आने वाले अधिकारियों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

    वल्लभ, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में GAD टीम की सख्त कार्रवाई, समय से न आने वाले अधिकारियों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई


    मध्यप्रदेश के तीन प्रमुख सरकारी भवन-वल्लभ भवन, विंध्याचल भवन और सतपुड़ा भवन—में कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यालयीन समयपालन की जांच के लिए GAD की विशेष टीम तैनात की गई है। यह कदम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आदेश पर लिया गया है, जो कार्यालयीन समय प्रबंधन को लेकर सख्त रवैया अपना रहे हैं। जानकारी के अनुसार, टीम का उद्देश्य समय से कार्यालय में न पहुँचने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान करना और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

    मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिया है कि गुरुवार सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक तीनों भवनों में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और किसी भी प्रकार की अनधिकृत अनुपस्थिति का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाए। इस प्रक्रिया में GAD की टीम हर कार्यालय में तैनात रहेगी और समयपालन की स्थिति का विस्तृत ब्यौरा तैयार करेगी।

    सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता के लिहाज से यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही अधिकारियों को समय से कार्यालय आने की हिदायत दी थी। उनका कहना है कि पांच दिन के कार्य सप्ताह के बावजूद कई अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं पहुँचते, जिससे प्रशासनिक काम प्रभावित होता है। इस कारण उन्होंने सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी कार्यालय समय पालन करें और कार्य सुचारू रूप से चले।

    यह निरीक्षण ऐसे समय पर किया जा रहा है जब मुख्यमंत्री राज्य के बाहर हैं। वे वर्तमान में राजस्थान और छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। आज सीएम भीलवाड़ा में उद्योगपतियों से मुलाकात कर निवेश संभावनाओं पर चर्चा करेंगे, इसके बाद वे अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे और शाम को रायपुर लौटेंगे। इस दौरे के दौरान सचिवालयों में GAD टीम की तैनाती से यह संदेश स्पष्ट होता है कि समयपालन और प्रशासनिक अनुशासन को सख्ती से लागू किया जाएगा, भले ही मुख्यमंत्री दौरे पर हों।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अधिकारियों में समय पालन की भावना मजबूत होगी और कार्यालयीन कार्यों में बाधा कम होगी। वहीं, यह भी देखा जा रहा है कि ऐसे निरीक्षण से कर्मचारियों और अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ती है और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आती है। GAD की टीम आने-जाने का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेगी और अनाधिकृत अनुपस्थिति पाए जाने पर प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

    इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यों में सुचारू संचालन सुनिश्चित करना और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में कोई कमी न रहने देना है। समयपालन और अनुशासन पर यह सख्त रुख मंत्रालयों में एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

  • सेवाधाम आश्रम में 51 दिन में 11 बच्चों की मौत, 50 से अधिक की हालत गंभीर; हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

    सेवाधाम आश्रम में 51 दिन में 11 बच्चों की मौत, 50 से अधिक की हालत गंभीर; हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान


    उज्जैन । अंबोदिया स्थित अंकित सेवाधाम आश्रम में बीते डेढ़ माह के भीतर 11 बच्चों की मौत ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। 20 नवंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 के बीच हुई इन मौतों में अधिकांश बच्चे बहु-दिव्यांग थे और 10 से 18 वर्ष की आयु वर्ग में आते थे। बच्चों को गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल उज्जैन लाया गया था लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान बचाई नहीं जा सकी।

    इस मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास प्रमुख सचिव आयुक्त कलेक्टर उज्जैन जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी और आश्रम अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। अदालत ने आश्रम की निरीक्षण रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।

    शासकीय चरक अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार दिसंबर 2025 में 8 और जनवरी 2026 में 2 बच्चों की मौत हुई। सभी मामलों में पोस्टमॉर्टम शासकीय चरक भवन अस्पताल में थाना भैरवगढ़ पुलिस की मौजूदगी में कराया गया। अस्पताल के आरएमओ डॉ. चिन्मय चिंचोलेकर ने बताया कि अधिकांश बच्चों में एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियां पाई गईं और कुछ को मृत अवस्था में लाया गया जबकि कुछ की इलाज के दौरान मौत हुई।

    अंकित सेवाधाम आश्रम में वर्तमान में लगभग 250 निराश्रित और दिव्यांग बच्चे रह रहे हैं जिनमें से 50 से अधिक की हालत गंभीर बताई जा रही है। आश्रम संचालक सुधीर भाई गोयल ने कहा कि आश्रम में आने वाले अधिकांश बच्चे पहले से ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित होते हैं। कई बच्चे स्वयं चलने-उठने या भोजन करने में असमर्थ हैं।

    करीब 1.5 साल पहले इंदौर के युग पुरुष धाम आश्रम में बच्चों की मौत और बीमारी के मामलों के बाद प्रशासन ने उस आश्रम की मान्यता रद्द कर दी थी। इसके बाद वहां रह रहे 86 दिव्यांग बच्चों को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में शिफ्ट किया गया जिनमें अधिकांश मृतक भी शामिल थे।

    सुधीर भाई गोयल ने कहा कि मृतक बच्चे पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। उनमें सांस लेने में कठिनाई खून की कमी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं थीं। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों का इलाज पहले से ही विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा था और उनकी गंभीर स्थिति के कारण उन्हें आश्रम में रखा गया।

    मामले की संवेदनशीलता और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए हाईकोर्ट ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अदालत के नोटिस के बाद आश्रम और संबंधित स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी और कड़ी करने की संभावना जताई जा रही है।

  • शिवपुरी सुसाइड मिस्ट्री: 'रेप' के आरोपी प्रेमी के संग नाबालिग ने दुनिया को कहा अलविदा, गले में मंगलसूत्र और नीम के पेड़ पर मिले दो शव

    शिवपुरी सुसाइड मिस्ट्री: 'रेप' के आरोपी प्रेमी के संग नाबालिग ने दुनिया को कहा अलविदा, गले में मंगलसूत्र और नीम के पेड़ पर मिले दो शव


    शिवपुरी /मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने कानून और मानवीय भावनाओं के बीच के द्वंद्व को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक प्रेमी युगल के शव नीम के पेड़ से लटके हुए मिले हैं, जिसकी पृष्ठभूमि में प्रेम, पुलिस केस और जेल की एक लंबी कहानी छिपी है। मृतक की पहचान 19 वर्षीय जितेंद्र धाकड़ और 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी के रूप में हुई है। यह घटना केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि उस जटिलता का उदाहरण है जहाँ एक प्रेमिका ने ही पहले अपने प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाए थे।

    घटनाक्रम की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई थी, जब जितेंद्र उक्त नाबालिग लड़की को लेकर भाग गया था। परिजनों की शिकायत पर बदरवास पुलिस ने कार्रवाई की और 8 नवंबर 2025 को जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल जांच और नाबालिग के बयानों के आधार पर पुलिस ने जितेंद्र के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। कानूनी दस्तावेजों में जो शख्स एक अपराधी और बलात्कारी के रूप में दर्ज था, उसके लिए नाबालिग के मन में शायद कुछ और ही चल रहा था।

    11 फरवरी को जितेंद्र जमानत पर जेल से बाहर आया। रिहाई के बाद दोनों ने फिर से संपर्क किया और बीते 24 फरवरी को वे एक बार फिर अपने-अपने घरों से रहस्यमयी ढंग से गायब हो गए। परिजनों की तलाश और पुलिस की सक्रियता के बीच, बुधवार सुबह गुड़ा रोड स्थित एक खेत में नीम के पेड़ पर दोनों की लाशें फांसी के फंदे से लटकती पाई गईं। हैरान करने वाली बात यह है कि मृत नाबालिग के गले में मंगलसूत्र मिला है, जो इस ओर इशारा करता है कि मरने से पहले या भागने के दौरान उन्होंने कथित तौर पर विवाह कर लिया था।

    घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या यह वाकई सामूहिक आत्महत्या है या इसके पीछे ‘ऑनर किलिंग’ जैसी कोई गहरी साजिश? पुलिस हर कोण से जांच कर रही है। कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर के अनुसार, शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। इलाके में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं-लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस युवक को लड़की ने जेल भिजवाया था, उसी के साथ उसने मौत का रास्ता क्यों चुना। फिलहाल, पीएम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों का इंतजार है, जिसके बाद ही इस खौफनाक अंत की असली वजह साफ हो पाएगी।

  • सेवढ़ा में पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या, मुख्य आरोपी रवि बघेल गिरफ्तार

    सेवढ़ा में पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या, मुख्य आरोपी रवि बघेल गिरफ्तार


    दतिया/ सेवढ़ा। अंगद सरकार मंदिर के पास स्थित व्यस्त बस स्टैंड क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 17 फरवरी की यह वारदात पुरानी रंजिश का नतीजा बताई जा रही है। हत्या के मुख्य आरोपी रवि बघेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने अखलेश यादव पर हमला करने के लिए मौका देख कर पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

    घटना के समय क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी। वारदात का तरीका और स्थान यह संकेत दे रहे थे कि हत्या पूरी तरह से सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी। मंदिर परिसर के पास हत्या के दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैल गई थी। पुलिस ने तुरंत ही क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

    पुलिस अधीक्षक के अनुसार, घटना स्थल और साक्ष्यों को देखकर हमें शक हुआ कि यह किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा है। आरोपी की पहचान और उसके इरादों का पता लगाने के लिए तकनीकी और फील्ड साक्ष्यों का उपयोग किया गया। पुलिस ने लगातार दबिश दी और 25 फरवरी को पुख्ता सूचना मिलने पर रवि बघेल को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह हत्या पुरानी दुश्मनी के चलते की गई थी। उसने स्पष्ट किया कि उसका मकसद अखलेश यादव को रास्ते से हटाना था और मौका मिलते ही उसने पत्थर से हमला कर हत्या को अंजाम दिया। इस खुलासे के बाद इलाके में कुछ हद तक राहत महसूस की गई, क्योंकि मुख्य आरोपी अब पकड़ में आ चुका है।

    पुलिस फिलहाल यह भी जांच कर रही है कि इस हत्या में और कौन-कौन शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रवि बघेल के अलावा अन्य किसी की भूमिका है या नहीं, इसे लेकर छानबीन जारी है। सभी पहलुओं पर ध्यान देकर हम सुनिश्चित करेंगे कि न्याय के मार्ग में कोई बाधा न आए।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मामले से संबंधित किसी भी संदिग्ध जानकारी को साझा करें ताकि जांच में तेजी लाई जा सके। यह हत्या मामले ने एक बार फिर इस बात को स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत रंजिश कभी-कभी जानलेवा हो सकती है। 

  • मध्यप्रदेश में सुशासन के संदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के दिए सख्त निर्देश

    मध्यप्रदेश में सुशासन के संदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के दिए सख्त निर्देश


    भोपाल । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनहित में सरकारी कामों में देरी रोकने और सुशासन को सशक्त करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। 26 फरवरी को उन्होंने राजधानी भोपाल के वल्लभ भवन सहित अन्य सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उनका स्पष्ट संदेश है कि जनता से जुड़े कार्यों में लेटलतीफी और लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी और कर्मचारी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में मौजूद रहें। वल्लभ भवन, विंध्याचल भवन, सतपुड़ा भवन और अन्य सरकारी कार्यालयों में आने-जाने का समय, उपस्थिति और अनधिकृत अनुपस्थिति पर निगरानी रखी जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री के आदेश पर विशेष टीमों का गठन किया है, जो विभिन्न कार्यालयों में जाकर उपस्थिति की जांच करेंगी और सरकारी कार्यों में देरी को रोकने का काम करेंगी।

    डॉ. यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। समय पर कार्य निष्पादन सुनिश्चित न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन है, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें।

    मुख्यमंत्री के निर्देश से स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी कार्यों में जवाबदेही और सुचारू संचालन के लिए अब कोई कोताही नहीं बर्दाश्त की जाएगी। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि आम नागरिकों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिलेगा।

  • इंदौर भागीरथपुरा जल कांड: 35 मौतों की जांच के लिए आयोग गठित, नागरिकों से मांगे साक्ष्य

    इंदौर भागीरथपुरा जल कांड: 35 मौतों की जांच के लिए आयोग गठित, नागरिकों से मांगे साक्ष्य


    इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में कथित रूप से दूषित पानी से हुई 35 मौतों के मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आयोग गठित करने का आदेश दिया। अदालत के निर्देश पर अब औपचारिक रूप से जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है।

    पूर्व जस्टिस सुनील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय आयोग का गठन किया गया है। आयोग को घटना की पूरी सच्चाई उजागर करने का जिम्मा सौंपा गया है। इसमें पानी की गुणवत्ता प्रशासनिक लापरवाही जिम्मेदारी तय करना और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई हुई या नहीं सभी पहलुओं की गहन जांच शामिल है। आयोग यह भी देखेगा कि किन विभागों और अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही।

    आयोग ने भागीरथपुरा क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पास मौजूद साक्ष्य मेडिकल रिपोर्ट पानी की जांच से जुड़े दस्तावेज शिकायत पत्र या अन्य प्रमाण 28 फरवरी तक आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी दस्तावेज और प्रमाण समय पर जमा करना अनिवार्य होगा ताकि जांच निष्पक्ष और तथ्य आधारित हो।

    इस मामले ने नगर निगम और संबंधित विभागों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिक लंबे समय से पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करते रहे हैं। आयोग की जांच से यह स्पष्ट होगा कि दूषित पानी की आपूर्ति क्यों हुई चेतावनी संकेतों को अनदेखा किया गया या नहीं और कौन-कौन जिम्मेदार है। जांच रिपोर्ट के आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी चाहे वह प्रशासनिक हो या आपराधिक। फिलहाल क्षेत्र के नागरिक आयोग की जांच प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं जिसे इस मामले में सच्चाई सामने लाने का अहम माध्यम माना जा रहा है।

  • इंदौर में नर्सिंग छात्राओं के लिए संकट: 300 छात्राओं को हॉस्टल खाली करने के मौखिक आदेश, वैकल्पिक व्यवस्था नहीं

    इंदौर में नर्सिंग छात्राओं के लिए संकट: 300 छात्राओं को हॉस्टल खाली करने के मौखिक आदेश, वैकल्पिक व्यवस्था नहीं

    इंदौर। शहर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एमजीएम से जुड़े नर्सिंग कॉलेज की लगभग 300 छात्राओं के लिए अचानक संकट खड़ा हो गया है। कॉलेज प्रबंधन ने मौखिक आदेश जारी कर सभी छात्राओं को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा है। यह आदेश बीएससी नर्सिंग की प्रथम से तृतीय वर्ष की छात्राओं को प्रभावित कर रहा है। छात्राओं का कहना है कि परीक्षा और क्लिनिकल ट्रेनिंग के बीच यह अचानक कदम उनके लिए मानसिक और आर्थिक दबाव का कारण बन गया है।

    हॉस्टल खाली करने का आदेश सिर्फ छात्राओं तक सीमित नहीं है। महाराजा यशवंतराव अस्पताल एमवायएच प्रबंधन ने कॉलेज प्राचार्य को भी शासकीय क्वार्टर खाली करने का नोटिस भेजा है। अस्पताल परिसर में बने स्टाफ क्वार्टर में रहने वाले लगभग 20 परिवार भी इस कार्रवाई से प्रभावित होंगे। प्रशासन का कहना है कि परिसर में नए भवन निर्माण की योजना है और वर्तमान हॉस्टल एवं क्वार्टर निर्माण कार्य के लिए बाधा बन रहे हैं।

    हालांकि, छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने अभी तक कोई वैकल्पिक आवास व्यवस्था नहीं की है। छात्राओं का कहना है कि वे आर्थिक रूप से इतनी सक्षम नहीं हैं कि निजी हॉस्टल या किराए के मकान में रहकर पढ़ाई जारी रख सकें। इस बीच प्रशासनिक संवेदनशीलता और छात्र कल्याण पर सवाल उठ रहे हैं।

    छात्राओं ने लिखित आदेश और पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हॉस्टल खाली करना उचित नहीं है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह मामला सामाजिक और प्रशासनिक विवाद का रूप ले सकता है।

    स्थिति गंभीर होने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई तात्कालिक कदम नहीं उठाया गया है। छात्राएं चिंता में हैं कि उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्राओं और स्टाफ परिवारों के हितों को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

    इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो रहा है कि नए निर्माण कार्य की आवश्यकता तो हो सकती है, लेकिन उससे जुड़े प्रशासनिक निर्णयों में छात्र और कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता देना अनिवार्य है। फिलहाल कॉलेज और अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बढ़ता जा रहा है, ताकि छात्राओं और प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प सुनिश्चित किया जा सके।

  • महाकाल के दरबार में भारतीय क्रिकेटर: कर्ण शर्मा और सिद्धार्थ कौल ने की भस्म आरती, कहा मिलती है सकारात्मक ऊर्जा

    महाकाल के दरबार में भारतीय क्रिकेटर: कर्ण शर्मा और सिद्धार्थ कौल ने की भस्म आरती, कहा मिलती है सकारात्मक ऊर्जा


    उज्जैन । धर्मनगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आम भक्तों के साथ साथ देश विदेश की चर्चित हस्तियां भी बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच रही हैं। इसी क्रम में भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी कर्ण शर्मा और सिद्धार्थ कौल मंगलवार तड़के महाकाल मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने भगवान महाकालेश्वर की प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर पूजा अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    सुबह ब्रह्ममुहूर्त में होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के दौरान दोनों क्रिकेटरों ने पूरे विधि विधान से दर्शन किए। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित ज्योतिर्लिंग के समक्ष उन्होंने ध्यान लगाया और नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी कही। भस्म आरती के आध्यात्मिक वातावरण और मंत्रोच्चार के बीच दोनों खिलाड़ी श्रद्धा में लीन दिखाई दिए।

    भस्म आरती के उपरांत मंदिर समिति की ओर से दोनों खिलाड़ियों का पारंपरिक रूप से सम्मान किया गया। उन्हें प्रसाद और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी क्रिकेटरों की एक झलक पाने के लिए उत्साह दिखाया हालांकि दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही।

    इस अवसर पर कर्ण शर्मा ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से उन्हें बार बार उज्जैन आने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा जब भी बाबा बुलाते हैं मैं दर्शन के लिए जरूर आता हूं। यहां आकर मन को शांति मिलती है और मंदिर की व्यवस्थाएं भी अत्यंत सुव्यवस्थित हैं। उन्होंने भस्म आरती को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव बताते हुए कहा कि इस आरती में शामिल होना किसी भी श्रद्धालु के लिए विशेष सौभाग्य की बात है।

    वहीं सिद्धार्थ कौल ने भी बाबा महाकाल के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महाकाल के दर्शन से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भस्म आरती के दौरान जो आध्यात्मिक वातावरण बनता है वह मन और आत्मा को एक अलग शक्ति देता है। मेरा मानना है कि हर व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार बाबा महाकाल की भस्म आरती में जरूर शामिल होना चाहिए कौल ने कहा।

    उल्लेखनीय है कि महाकाल मंदिर देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है। देश विदेश से श्रद्धालु इस अनूठी आरती के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। क्रिकेटरों की इस आध्यात्मिक यात्रा ने एक बार फिर यह साबित किया कि खेल जगत की हस्तियां भी अपनी आस्था से गहराई से जुड़ी हैं और महत्वपूर्ण अवसरों पर ईश्वर का आशीर्वाद लेना नहीं भूलतीं।

  • होली पर यात्रियों को राहत: पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल से चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनें

    होली पर यात्रियों को राहत: पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल से चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनें


    भोपाल । होली के रंगों से पहले यात्रियों के लिए राहत की खुशखबरी आई है। मध्यप्रदेश सहित आसपास के राज्यों में यात्रा करने वाले रेल यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इन विशेष ट्रेनों के चलने से रीवा, भोपाल और दानापुर रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी और त्योहार के दौरान कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।

    रेलवे प्रशासन के अनुसार, होली पर्व पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रीवा-रानी कमलापति सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 02192/02191 का संचालन 28 फरवरी 2026 को एक-एक ट्रिप के रूप में किया जाएगा। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में चलेगी और कम समय में गंतव्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुपरफास्ट श्रेणी में संचालित होगी। इस सेवा से रीवा और भोपाल के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा।

    इसके अलावा गाड़ी संख्या 02186/02185 स्पेशल ट्रेन 2 और 3 मार्च 2026 को दो-दो ट्रिप संचालित की जाएगी। यह ट्रेन भी यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि होली के आसपास के दिनों में सबसे अधिक दबाव इसी रूट पर रहता है, ऐसे में अतिरिक्त ट्रिप यात्रियों के लिए राहत साबित होंगी।

    इसी क्रम में भोपाल-रीवा स्पेशल ट्रेन (01704/01703) 5 मार्च 2026 को एक ट्रिप करेगी। यह सेवा उन यात्रियों के लिए उपयोगी होगी जो त्योहार के बाद वापसी की योजना बना रहे हैं। एक अतिरिक्त फेरे से प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी।

    दानापुर रूट पर यात्रा करने वालों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल ट्रेन (01667/01668) 27 फरवरी और 2 मार्च 2026 को रवाना होगी। वहीं वापसी दिशा में यही ट्रेन 28 फरवरी और 3 मार्च को संचालित की जाएगी। इस स्पेशल सेवा से बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि त्योहार के समय इस रूट पर भारी भीड़ रहती है।

    रेलवे मंडल के अधिकारियों ने बताया कि सभी स्पेशल ट्रेनों में आरक्षित श्रेणी के कोच लगाए जाएंगे और यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे समय रहते आरक्षण कराएं और यात्रा से पूर्व ट्रेन के समय एवं स्टॉपेज की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से प्राप्त करें। होली के अवसर पर चलाई जा रही इन चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनों से हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। त्योहार के दौरान सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में रेलवे का यह कदम सराहनीय माना जा रहा है।

  • एमपी में गर्मी का असर शुरू, 28 जिलों में तापमान 30°C पार, 2 मार्च से करवट लेगा मौसम

    एमपी में गर्मी का असर शुरू, 28 जिलों में तापमान 30°C पार, 2 मार्च से करवट लेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में ओले और बारिश का दौर थमने के बाद बुधवार को गर्मी का असर बढ़ गया। भोपाल इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर समेत प्रदेश के 28 जिलों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया। मौसम विभाग के अनुसार 2 मार्च से नया सिस्टम सक्रिय होगा जिससे कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी है।

    फरवरी में मौसम ने चार बार मिजाज बदला। महीने की शुरुआत में प्रदेश में दो बार ओले बारिश और आंधी आई थी जिससे फसलों को नुकसान हुआ। प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया गया था। तीसरी बार 18 फरवरी को प्रदेश में बारिश हुई 19-21 फरवरी तक इसका असर जारी रहा। चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर देखने को मिला।

    बुधवार को अधिकांश जिलों में दिन गर्म रहा कुछ जगहों पर बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने बताया कि भोपाल इंदौर जबलपुर उज्जैन ग्वालियर बैतूल दतिया धार गुना नर्मदापुरम खंडवा खरगोन रतलाम श्योपुर शाजापुर राजगढ़ दमोह खजुराहो मंडला नरसिंहपुर नौगांव सागर सतना सिवनी सीधी टीकमगढ़ उमरिया में अधिकतम तापमान 30 डिग्री या उससे अधिक रहा। निमाड़ी खरगोन और खंडवा में पारा 34 डिग्री के पार पहुँच गया जबकि उज्जैन में 33.5 डिग्री दर्ज किया गया।

    रात का तापमान भी बढ़ा है। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री और शहडोल के कल्याणपुर में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 13.8 इंदौर में 14.2 ग्वालियर में 14.8 उज्जैन में 16.5 और जबलपुर में 14.5 डिग्री रहा। नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा 18.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार सिवनी नरसिंहपुर रतलाम और गुना में रात का तापमान 16 डिग्री से अधिक रहा।

    24 और 25 फरवरी को साइक्लोनिक सकुर्लेशन और ट्रफ की वजह से 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश आई थी कुछ जिलों में ओले भी गिरे। इस दौरान गेहूं और चने की फसलों पर असर पड़ा। मौसम विभाग ने बताया कि गुरुवार को मौसम साफ रहेगा और बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार 2 मार्च से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा जिसका असर प्रदेश में भी दिखाई दे सकता है।