Category: Madhya Pradesh

  • राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव: बाला बच्चन ने जताई भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका

    राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव: बाला बच्चन ने जताई भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका


    बड़वानी । मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस के पूर्व गृहमंत्री और राजपुर विधायक बाला बच्चन ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्यसभा चुनाव में षड्यंत्र की आशंका जताई। बाला बच्चन का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस को राज्यसभा पहुंचने से रोकने के लिए अपनी रणनीति के तहत विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रही है।

    बाला बच्चन बुधवार को बड़वानी पहुंचे और मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पहले भी भाजपा ने विधायकों की खरीद-फरोख्त कर सरकारें बनाई हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मध्य प्रदेश में 27 विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए सरकार बनाई गई थी और यह प्रयोग अन्य राज्यों में भी होते रहे हैं। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ की संभावना है, जिसे रोकने के लिए कांग्रेस पूरी तरह सतर्क है।

    पूर्व गृहमंत्री ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी की ओर से घोषित प्रत्याशी के पक्ष में सभी विधायक मतदान करेंगे और उनके विजयी होने के लिए पूरी सक्रियता के साथ काम करेंगे। बाला बच्चन ने जोर देकर कहा कि बड़वानी जिले के तीनों कांग्रेस विधायक पूरी तरह से पार्टी के साथ हैं और किसी भी प्रकार की बाहरी राजनीति से प्रभावित नहीं होंगे। उनका कहना था कि कांग्रेस पूरे राज्य में अपने विधायकों को संभालने और राज्यसभा में पूर्ण बहुमत सुनिश्चित करने के लिए सजग और अलर्ट है।

    बाला बच्चन ने यह भी कहा कि भाजपा की कथित षड्यंत्रपूर्ण गतिविधियों से लोकतंत्र कमजोर होता है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने और विधायकों की स्वतंत्र भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बाला बच्चन का यह बयान राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गर्मी को और बढ़ा सकता है।

    पूर्व गृहमंत्री ने मीडिया से कहा कि कांग्रेस के विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग निष्पक्ष और पार्टी लाइन के अनुसार करेंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का उम्मीदवार विजयी होगा और पार्टी अपने विधायकों के साथ मजबूती से खड़ी है।

    राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। बाला बच्चन के बयान ने भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी लड़ाई को और अधिक गर्म कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पूरी तरह अपने विधायकों को जुटाकर राज्यसभा में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखेगी।

    इस प्रकार, बाला बच्चन ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह राज्यसभा चुनाव में अपने हित साधने के लिए षड्यंत्र कर रही है, जबकि कांग्रेस पूरी सजगता और सक्रियता के साथ अपने प्रत्याशी को विजयी बनाने की योजना में लगी हुई है। यह बयान मध्य प्रदेश की राजनीतिक पटल पर आगामी राज्यसभा चुनाव की सख्त लड़ाई और पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।

  • AC कोच में पर्स छीनकर भागा शातिर चोर, फिल्मी अंदाज में पुलिस से बचता रहा

    AC कोच में पर्स छीनकर भागा शातिर चोर, फिल्मी अंदाज में पुलिस से बचता रहा


    जबलपुरमध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस और एक शातिर अंतरराज्यीय चोर के बीच मंगलवार शाम ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला, मानो किसी फिल्म का सीन हो। एसी कोच में महिला का पर्स छीनकर भगा उत्तरदायी पुलिस से बचने के लिए खितौला रेलवे स्टेशन के पास एक काई से भरे तालाब में कूद गया और करीब 5 घंटे तक पानी के भीतर छिपा रहा। हैरानी की बात यह रही कि वह सांस लेने के लिए कमल की नाल का इस्तेमाल करता रहा।
    ट्रेन में वारदात, फिर कूदकर भागा आरोपी

    घटना Rewa-Itwari Express की है, जहां एसी कोच में एक महिला का पर्स छीनने की कोशिश के दौरान आरोपी आरपीएफ की नजर में आ गया। जैसे ही ट्रेन सिहोरा रोड स्टेशन के पास धीमी हुई, आरोपी चेन पुलिंग कर ट्रेन से कूद गया और मौके से भागने लगा। आरपीएफ जवानों ने पीछा किया तो वह खितौला क्षेत्र के एक गहरे तालाब में जा कूदा।

    तालाब में छिपकर बनाया अनोखा प्लान

    पुलिस और गोताखोरों की टीम ने जब तलाश शुरू की, तो आरोपी कहीं नजर नहीं आया। बाद में पता चला कि उसने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो रखा था और केवल कमल की नाल के जरिए सांस ले रहा था। घनी काई और अंधेरे की वजह से उसे ढूंढना बेहद मुश्किल हो गया। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे पकड़ लिया।

    ‘सनी’ नाम से खुली पहचान की गुत्थी

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। उसने अपना नाम बबलू और पता चंडीगढ़ बताया। लेकिन आरपीएफ थाना प्रभारी को शक हुआ और उन्होंने पुराने रिकॉर्ड खंगाले। जैसे ही उन्होंने उसे ‘सनी’ नाम से पुकारा, आरोपी घबरा गया और अपनी असली पहचान बता दी।

    400 से ज्यादा चोरियों का मास्टरमाइंड

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी का असली नाम Harvinder Singh है, जिसकी उम्र 32 साल है और वह उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है। वह देशभर में 400 से ज्यादा चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि वह 2017 में अपने इलाके में निर्दलीय पार्षद भी रह चुका है।

    ट्रेन में चोरी का मास्टर प्लान

    आरोपी का तरीका भी बेहद शातिर था। वह अक्सर एसी कोच को निशाना बनाता था और बिना टिकट सफर करता था। टीसी से बचने के लिए बाथरूम में छिप जाता और मौका मिलते ही यात्रियों के कीमती सामान पर हाथ साफ कर देता। 2018 में उसके पास से करीब 70 लाख रुपए के हीरे-जवाहरात भी बरामद किए गए थे।

    कई राज्यों की पुलिस को थी तलाश

    हरविंदर सिंह के खिलाफ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में मामले दर्ज हैं। वह हर वारदात के बाद सिम बदल लेता था और पहचान छिपाने के लिए कोई आईडी अपने पास नहीं रखता था। फिलहाल पुलिस और आरपीएफ उससे अन्य मामलों में पूछताछ कर रही है।

  • जबलपुर में एक साल बाद कब्र से निकाला गया शव, हाईकोर्ट ने जताई सख्ती

    जबलपुर में एक साल बाद कब्र से निकाला गया शव, हाईकोर्ट ने जताई सख्ती


    जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक साल पुराने मामले ने नया मोड़ ले लिया है। गयासुद्दीन कुरैशी का शव बुधवार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद कब्र से निकाला गया। पूरी प्रक्रिया एसडीएम अधारताल की स्वीकृति में कराई गई और शव को गवाहों के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उसी दिन जांच कराई जानी है।

    हाईकोर्ट का सख्त रुख: “देरी बर्दाश्त नहीं होगी”

    मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें Justice Vivek Agarwal और Justice AK Singh शामिल थे, ने स्पष्ट कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए तुरंत कार्रवाई जरूरी है। कोर्ट ने आदेश दिया था कि बुधवार दोपहर 1 बजे तक शव को कब्र से निकालकर उसी दिन पोस्टमार्टम कराया जाए। साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए कि पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट की निगरानी में हो।

    परिवार को भी दिए गए थे निर्देश

    कोर्ट ने मृतक के परिवार पत्नी, पुत्र और भाई को सुबह 11 बजे एसडीएम के समक्ष उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि याचिकाकर्ता कसीमुद्दीन कुरैशी समय पर उपस्थित नहीं होता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    सड़क हादसे के बाद हुई थी मौत, भाई ने जताई हत्या की आशंका

    गयासुद्दीन कुरैशी 26 मार्च 2025 को सड़क हादसे में घायल हुए थे। पहले उनका इलाज जबलपुर में और बाद में नागपुर में कराया गया, जहां 27 मार्च को उनकी मौत हो गई। इसके बाद बिना विस्तृत जांच के शव को दफना दिया गया था।
    हालांकि, मृतक के भाई कसीमुद्दीन कुरैशी ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई। उनका कहना है कि डिस्चार्ज रिपोर्ट में सीने पर चोट के निशान थे, जिससे मामले में संदेह पैदा हुआ। पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर उन्होंने जनवरी 2026 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

    सुनवाई में दोनों पक्षों ने रखे तर्क

    राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता वीर विक्रांत सिंह ने कहा कि अपीलकर्ता जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। वहीं, याचिकाकर्ता के वकील अभिनव उमाशंकर तिवारी ने मौत को संदिग्ध बताते हुए पोस्टमार्टम की मांग की। अन्य पक्षों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त और अधिवक्ता मयंक शर्मा भी उपस्थित रहे।

    अब पोस्टमार्टम से खुलेगा राज

    इस पूरे मामले में अब सबसे अहम कड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट होगी, जिससे यह साफ हो सकेगा कि गयासुद्दीन की मौत सामान्य दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई साजिश थी।

    पुलिस जांच पर भी उठे सवाल

    मृतक के भाई का आरोप है कि हादसे के बाद पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम के शव को दफना दिया, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने पहले जबलपुर एसपी से जांच की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

  • उज्जैन में भव्य भस्म आरती: सितारों ने नंदी हॉल में दर्शन कर अनुभव साझा किया

    उज्जैन में भव्य भस्म आरती: सितारों ने नंदी हॉल में दर्शन कर अनुभव साझा किया


    उज्जैन। बुधवार की सुबह विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में भव्य दृश्य देखने को मिला। मंदिर की तड़के सुबह होने वाली भस्म आरती में टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की प्रसिद्ध अभिनेत्रियाँ उल्का गुप्ता और मोनाल गज्जर के साथ-साथ प्रसिद्ध गायिका किंजल दवे और पूर्व क्रिकेटर सुनील जोशी शामिल हुए। मंदिर प्रबंध समिति ने सभी का स्वागत किया और उन्हें नंदी हॉल में बैठने की व्यवस्था कर दर्शन का अनुभव कराया।

    महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का आयोजन हर दिन कई वीआईपी और वीवीआईपी के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। इस आरती में भक्त और दर्शक बाबा महाकाल के दर पर उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। आज इस अवसर पर आए सितारों ने न केवल आरती में भाग लिया बल्कि अपने अनुभव भी साझा किए। उल्का गुप्ता ने कहा कि महाकाल की भस्म आरती का अनुभव अवर्णनीय था। उन्होंने बताया कि शिवलिंग का श्रृंगार और जल अर्पित होते हुए देखकर उनके आंखों में आंसू निकल आए। उल्का ने कहा कि 2013 में जब वे मंदिर आई थीं, तब व्यवस्था अलग थी लेकिन 2026 में व्यवस्थाएं काफी सुधार गई हैं और मंदिर में दर्शन का अनुभव और भी प्रभावशाली हो गया है।

    गायिका किंजल दवे ने कहा कि भस्म आरती का अनुभव अद्भुत था और उन्होंने समस्त सृष्टि में शांति की कामना की। उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर की भव्यता और आयोजन की व्यवस्था की सराहना की। फिल्म अभिनेत्री मोनाल गज्जर ने भी मंदिर व्यवस्थाओं की जमकर प्रशंसा की और साथ ही मध्य प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मंदिर में आकर आस्था और श्रद्धा का अनुभव और भी प्रगाढ़ हो गया।

    पूर्व क्रिकेटर सुनील जोशी ने इस भव्य आरती में शामिल होकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि भस्म आरती में शामिल होना उनके लिए विशेष था। उन्होंने क्रिकेट की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि भारत ने पुरुष, महिला और अंडर 19 टीमों के साथ तीन विश्व कप जीतकर गौरवपूर्ण परंपरा कायम की है। उनके लिए आज का दिन, भक्ति और खेल दोनों के दृष्टिकोण से बहुत ही यादगार रहा।

    भस्म आरती में उपस्थित सभी सितारों ने नंदी हॉल में बैठकर श्रद्धालुओं के साथ आरती का आनंद लिया। मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा। दर्शन करने आए श्रद्धालुओं और मीडिया कर्मियों ने भी इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनकर आस्था का अनुभव किया।

    उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर मंदिर आने वाले लोग शिवलिंग के दर्शन के साथ-साथ सितारों को भी देखने का अनुभव प्राप्त करते हैं। आज के इस भव्य आयोजन ने स्पष्ट कर दिया कि महाकालेश्वर मंदिर में आस्था, भक्ति और आधुनिक व्यवस्थाओं का समन्वय हर साल नए अनुभव और ऊर्जा से भर देता है।

  • आंधी-बारिश का दौर जारी, 9 अप्रैल तक मौसम रहेगा बदला-बदला

    आंधी-बारिश का दौर जारी, 9 अप्रैल तक मौसम रहेगा बदला-बदला


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में मंगलवार रात मौसम ने अचानक करवट ली और तेज तूफान के साथ हुई बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। रात करीब 9 बजे शुरू हुई तेज आंधी करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही, इसके बाद पूरी रात रुक-रुक कर बारिश होती रही। रविवार की सुबह शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    तूफान-बारिश और बिजली की गड़गड़ाहट से तूफानी मौसम

    दिन में हुई वर्षा के बाद रात को मौसम और अधिक मात्रा में वर्षा हुई। तेज़ हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश के दौरान आसमान में लगातार बिजली चमकती रही और बारिश के बीच आसमान में चमकती चमकती किरणें जारी रहीं। देर रात तक तेज हवा का असर बना रहा, जिससे कई जगहों पर झलकियां भी देखने को मिलीं।

    बोनस में गिरा होर्डिंग, बड़ा दोस्ती टाला

    तेज़ तूफ़ान का असर इतना ज़्यादा था कि तेज़ तूफ़ान में एक बड़ा होर्डिंग गिर गया। हालाँकि, राहत की बात यह चल रही है कि इस घटना में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। यह इवेंट सीज़न की झलक जरूर देखें।

    बारिश से मिली गर्मी से राहत

    रात भर हुई बारिश के मौसम में ठंड पड़ गई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। रविवार की सुबह भी आकाश में बादल छाए रहे और समुद्र-तट पर धूप बहती रही। त्यौहार और सूरज के बीच आंख-मिचौली का यह गोदाम भंडार रहा।

    9 अप्रैल तक जारी रहेगा मौसम का असर

    मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में सक्रिय रिचार्जेबल सिस्टम के कारण 9 अप्रैल तक तूफान, बारिश और गार्जियन-चमक का दौर जारी रह सकता है। मध्य प्रदेश के कई आदर्श, विशेष रूप से ज्वालामुखी-चंबल कमांडर और आसपास के क्षेत्र में बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।

    सावधानी बरतने की सलाह

    विशेषज्ञ ने लोगों को सलाह दी कि खराब मौसम के दौरान खुले में जगह पर जाने से बचें और आकाशीय बिजली के समय सुरक्षित जगह पर रहें। किसानों को भी मौसम को देखते हुए अपनी फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है।

  • शिवपुरी में छात्र से मारपीट और लूट, पार्षद ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

    शिवपुरी में छात्र से मारपीट और लूट, पार्षद ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक छात्र के साथ मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया। फिजिकल थाना क्षेत्र स्थित वन विहार कॉलोनी में 12वीं कक्षा के छात्र के साथ तीन युवकों द्वारा की गई मारपीट के विरोध में वार्ड क्रमांक 26 के पार्षद एमडी गुर्जर परिजनों के साथ थाने पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। इस घटना ने इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    ट्यूशन से लौटते वक्त छात्र पर हमला

    जानकारी के मुताबिक, वन विहार कॉलोनी निवासी 12वीं का छात्र अनुज शर्मा जब मंगलवार शाम ट्यूशन से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में तीन युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि एक युवक ने जलती हुई सिगरेट उसके चेहरे पर फेंकी, जिससे वह घबरा गया। इसके बाद आरोपियों ने उससे शराब के लिए पैसे मांगे और विरोध करने पर मारपीट की। युवकों ने छात्र से 440 रुपए भी छीन लिए और मौके से फरार हो गए।

    इलाके में सक्रिय गैंग पर पार्षद का आरोप

    घटना से नाराज पार्षद एमडी गुर्जर ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ युवकों का गैंग सक्रिय है, जो दबदबा बनाने और शराब के लिए पैसे वसूलने के नाम पर लोगों से मारपीट करता है। उन्होंने कहा कि ये युवक पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी अपने गिरोह में शामिल करने की कोशिश करते हैं, जिससे उनका भविष्य खराब हो रहा है। पार्षद के मुताबिक, इस गैंग के सदस्यों पर पहले से करीब 10 एफआईआर दर्ज हैं, लेकिन इसके बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

    पुलिस पर संरक्षण देने के आरोप

    पार्षद ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन आरोपियों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ आरोपी पुलिस के लिए दलाली करते हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। पार्षद ने एक वायरल वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें कुछ नाबालिग पुलिस के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते दिखे थे, लेकिन उस मामले में भी सिर्फ समझाइश देकर छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी द्वारा बच्चों के परिजनों से पैसे मांगने की बात सामने आई है, जिसके वीडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं।

    देर रात तक चला धरना, कार्रवाई के बाद खत्म

    मंगलवार रात करीब 8 बजे शुरू हुआ धरना देर रात साढ़े 11 बजे तक चलता रहा। पार्षद और परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। आखिरकार पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने और जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया।

    पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, आरोपों से किया इनकार

    इस मामले में थाना प्रभारी नम्रता भदोरिया ने बताया कि छात्र अनुज शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने अन्नू गुर्जर, राजवीर गुर्जर और शेरा गुर्जर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। उन्होंने कहा कि पुलिस हमेशा आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करती है और पार्षद द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

    कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे मामलों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

  • इंदौर जमीन केस: सूरज रजक का आरोप, रेमन का परिवार एकतरफा FIR कराने में शामिल

    इंदौर जमीन केस: सूरज रजक का आरोप, रेमन का परिवार एकतरफा FIR कराने में शामिल

    इंदौर। शहर में एक विवाद ने नया मोड़ लिया है जहां कारोबारी और क्रिकेट टीम मालिक सूरज रजक ने रेमन कक्कर और उनके परिवार पर जमीन को लेकर FIR दर्ज कराने के आरोपों का जवाब दिया है। सूरज रजक का कहना है कि उक्त जमीन के सौदे में परिवार ने उन्हें 50 लाख रुपये सालाना किराए पर देने की सहमति दी थी और उनके दोनों भाई उनकी मां और पत्नी भी इस डील के गवाह थे। सूरज ने कहा कि एफआईआर करने से पहले मेरा पक्ष नहीं सुना गया और यह एकतरफा एफआईआर दर्ज की गई।

    सूरज रजक ने बताया कि जमीन पर कब्जे का आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि यह पूरा परिवार पहले भी जमीन के विवादों में शामिल रहा है और कई मामलों में पैसे हड़पने के आरोपों पर कोर्ट में केस चल रहे हैं। सूरज के अनुसार परिवार ने पहले किसी और के साथ जमीन का सौदा किया और उसके पैसे हड़प लिए। उन्होंने कहा कि जमीन पर कब्जा करने का कोई इरादा नहीं था बल्कि परिवार की सहमति से काम शुरू किया गया।

    सूरज ने दैनिक भास्कर को चैटिंग और बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेमन के भाई रणधीर सलूजा ने खुद उन्हें जमीन दिखाने के लिए ले जाया। जमीन देखने के बाद उन्होंने नक्शा बनाने के लिए कहा। नक्शा तैयार होने के बाद सूरज ने इसे परिवार को भेजा और काम शुरू किया। तभी अचानक रेमन कक्कर ने एफआईआर दर्ज करवा दी जो उनके परिवार के आपसी विवाद का हिस्सा है।

    सूरज ने कहा कि रेमन के पति ने भी उनसे कहा कि बंटी सलूजा से बात कर लें। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने रेमन की मां से मुलाकात की तो उन्होंने जमीन बेचने की इच्छा जाहिर की। सूरज ने आरोप लगाया कि रेमन मानसिक रूप से अस्थिर हैं और उनका परिवार पहले भी कई लोगों से करोड़ों रुपए हड़प चुका है। उन्होंने कहा कि आज भी उक्त जमीन पर नगर निगम का कुर्की बोर्ड लगा हुआ है।

    सूरज ने आगे बताया कि FIR की जानकारी उन्हें रात को मीडिया के माध्यम से मिली। उनका कहना है कि पुलिस को FIR दर्ज करने से पहले उनका पक्ष लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पता होता कि रेमन की सहमति नहीं है तो वे जमीन पर काम ही नहीं करते।

    इस मामले में रेमन के भाई रणधीर सलूजा और उनका परिवार सूरज रजक के आरोपों को खारिज कर रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी कोई सहमति नहीं दी और उनका कोई संपर्क नहीं था। परिवार का कहना है कि यह पूरी कहानी झूठ पर आधारित है और FIR करने का निर्णय कानूनी रूप से सही था।

    यह विवाद इंदौर में जमीन के सौदों परिवारिक मतभेद और सरकारी जमीन के मसलों को लेकर उत्पन्न हुआ है। सूरज रजक का दावा है कि उनके खिलाफ आरोप झूठे हैं और परिवार ने उन्हें जमीन के उपयोग की अनुमति दी थी। वहीं रेमन और उनका परिवार इस दावे को पूरी तरह खारिज करता है। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत के निर्णय से ही सच्चाई सामने आएगी।

  • स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति के प्रेरक बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

    स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति के प्रेरक बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन्दे मातरम् के रचयिता महान साहित्यकार और राष्ट्रप्रेमी स्व. बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। डॉ. यादव ने कहा कि स्व. चट्टोपाध्याय ने अपने साहित्य और व्यक्तित्व के माध्यम से राष्ट्र की चेतना को जगाया और स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारियों का मार्गदर्शन किया।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि वन्दे मातरम् का महामंत्र आज भी देशवासियों को एकता प्रेरणा और राष्ट्रीय गौरव का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक नहीं रहा बल्कि आज विकसित भारत के निर्माण में भी नई दिशा और शक्ति प्रदान कर रहा है।

    डॉ. यादव ने स्व. बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के व्यक्तित्व और कृतित्व को अनुकरणीय बताया और कहा कि उनका योगदान देश और समाज की समृद्धि के लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि साहित्य और संस्कृति में रचे गए अमूल्य योगदान को याद रखें और अपने जीवन में राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव को अपनाएँ। इस अवसर पर राज्यभर में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित कर उनकी साहित्यिक और राष्ट्रीय धरोहर को सम्मानित किया गया।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर किया श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर किया श्रद्धांजलि


    भोपाल। स्वतंत्रता सेनानी शहीद मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. यादव ने कहा कि मंगल पांडे ने 1857 की क्रांति की ज्वाला को जगाया और अंग्रेजों के साम्राज्य को चुनौती दी। उनका साहस और निर्भीकता हर भारतीय के स्वाभिमान को जगाने वाली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगल पांडे का बलिदान सिर्फ स्वतंत्रता की लड़ाई का प्रतीक नहीं बल्कि आज भी राष्ट्रहित में कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित रहने का संदेश देता है।

    डॉ. यादव ने जनता से अपील की कि वीरों के जीवन और उनके बलिदान को याद रखें और उनकी तरह देश के प्रति निष्ठावान और जिम्मेदार बने। उन्होंने कहा कि मंगल पांडे जैसे अमर सपूतों की वीरता हमें यह सिखाती है कि कठिन परिस्थितियों में भी देश और संविधान के प्रति सम्मान और समर्पण बनाए रखना चाहिए।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद मंगल पांडे के योगदान को गौरवपूर्ण बताया और कहा कि उनकी कहानी आज के युवा को साहस, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति का मार्गदर्शन देती है। पूरे प्रदेश में उनके बलिदान दिवस का महत्व बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया।

  • मध्यप्रदेश में रेल क्रांति, डबल इंजन सरकार का नया कीर्तिमान, 5,200 किमी तक बढ़ी ट्रैक लंबाई

    मध्यप्रदेश में रेल क्रांति, डबल इंजन सरकार का नया कीर्तिमान, 5,200 किमी तक बढ़ी ट्रैक लंबाई


    भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले दो सालों में रेल सेवाओं और बुनियादी ढांचे का विस्तार अभूतपूर्व रूप से हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अथक प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग के कारण प्रदेश अब भारत का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क बन चुका है। राज्य में रेलवे ट्रैक की कुल लंबाई बढ़कर 5,200 किलोमीटर हो गई है, जो देश के कुल रेल नेटवर्क का 7.6 प्रतिशत है। बेहतर रेल संपर्क से राज्य के दूर दराज़ इलाक़ों को भी राजधानी और अन्य बड़े शहरों से जोड़ा जा रहा है।

    रेलवे बजट में पिछले वर्षों के मुकाबले भारी वृद्धि हुई है। इस वर्ष 15,188 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि पिछले वर्ष यह राशि 14,745 करोड़ रुपये थी। वर्ष 2009 से 2014 के बीच केवल 632 करोड़ रुपये वार्षिक बजट थे। वर्तमान में राज्य में 1,18,379 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न रेल परियोजनाएँ अलग अलग चरणों में चल रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जबलपुर गोंदिया रेलवे लाइन और इंदौर मनमाड रेलवे लाइन के दोहरीकरण तथा अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी। राज्य में रेल लाइनों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कटनी दक्षिण, नर्मदापुरम, ओरछा, सिवनी, शाजापुर और श्रीधाम स्टेशनों का पुनर्विकास जारी है। इसके अलावा पूरे राज्य में 80 स्टेशनों को अपग्रेड किया जा रहा है। यात्रियों के लिए 3,163 करोड़ रुपये की आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।

    वंदे भारत ट्रेनें भी मध्यप्रदेश के लिए वरदान साबित हुई हैं। भोपाल नई दिल्ली, इंदौर नागपुर, भोपाल रीवा और खजुराहो बनारस के मार्ग पर वंदे भारत सेवा चल रही है। इंदौर और भोपाल में मेट्रो ट्रेनें शहरी आबादी को बड़ी राहत दे रही हैं। रायसेन ज़िले के उमरिया गाँव में 1,800 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण इकाई बनाई जा रही है, जिससे लगभग 5,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

    जबलपुर गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण से महाकौशल क्षेत्र में आर्थिक बदलाव आएगा। पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इंदौर मनमाड रेल लाइन 18,036 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के लिए बड़े आर्थिक लाभ की उम्मीद है।

    यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नई ट्रेन सेवाएँ शुरू की गई हैं। रीवा से पुणे, जबलपुर से रायपुर और ग्वालियर से बेंगलुरु ट्रेनें चल रही हैं। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने मुंबई और इंदौर के बीच 309 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के छह जिलों को कनेक्ट करेगी और लगभग 1,000 गांवों तथा 30 लाख लोगों को लाभान्वित करेगी।

    मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 से 2025 तक 2,651 किलोमीटर नई रेल पटरियाँ बिछाई गई हैं, जबकि 2009 से 2014 के बीच यह केवल 145 किलोमीटर थी। वर्तमान में 4,740 किमी के रेल प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनकी अनुमानित लागत 89,543 करोड़ रुपये है। अब तक 2,092 किमी पर काम पूरा हो चुका है, जिस पर 41,401 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

    मध्यप्रदेश में इन प्रोजेक्ट्स से न केवल बेहतर कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाएँ सुनिश्चित होंगी बल्कि आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। डबल इंजन सरकार की यह पहल राज्य को देश के प्रमुख रेल हब में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।