Category: Madhya Pradesh

  • 2026-27: 4.42 लाख से अधिक किसानों ने गेहूँ उपार्जन के लिए कराया पंजीयन, 7 मार्च तक जारी रहेगा अवसर

    2026-27: 4.42 लाख से अधिक किसानों ने गेहूँ उपार्जन के लिए कराया पंजीयन, 7 मार्च तक जारी रहेगा अवसर


    भोपाल । भोपाल में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 4 लाख 42 हजार 288 किसानों ने पंजीयन करा लिया है और जो किसान अब तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं उनके लिए अंतिम अवसर 7 मार्च तक है। मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित समय में पंजीयन अवश्य कराएं ताकि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त हो सके।

    श्री राजपूत ने बताया कि पंजीयन प्रक्रिया को सरल और सहज बनाया गया है। प्रदेश में कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाए गए हैं जिनमें किसान आसानी से पंजीयन कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के विभिन्न संभागों के पंजीयन आंकड़े भी साझा किए। इंदौर संभाग में 54 हजार 587 उज्जैन में एक लाख 48 हजार 905 ग्वालियर में 9695 चम्बल में 4692 जबलपुर में 39 हजार 885 नर्मदापुरम में 34 हजार 181 भोपाल में एक लाख 9 हजार 134 रीवा में 13 हजार 260 शहडोल में 2551 और सागर में 25 हजार 398 किसानों ने पंजीयन कराया है।

    केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। इससे किसानों को बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है।

    पंजीयन की व्यवस्था नि:शुल्क और सशुल्क दोनों प्रकार से की गई है। नि:शुल्क पंजीयन ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों तहसील कार्यालयों सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित केन्द्रों पर किया जा सकता है। वहीं सशुल्क पंजीयन एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क लोक सेवा केन्द्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से किया जा सकता है।

    किसानों को समय पर पंजीयन के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचना भेजी जा रही है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में डोंडी पिटवाकर सूचना प्रदर्शित की जा रही है और मंडी या समिति स्तर पर बैनर लगवाए जा रहे हैं।

    मंत्री श्री राजपूत ने स्पष्ट किया कि पंजीयन की प्रक्रिया को किसानों के लिए आसान बनाया गया है और सभी प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे हैं कि कोई भी किसान समर्थन मूल्य का लाभ चूक न जाए। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे पंजीयन केंद्रों पर समय पर पहुँचकर अपने दस्तावेजों के साथ पंजीयन कराएं और इस वर्ष के रबी सीजन में बेहतर लाभ सुनिश्चित करें।

    इस प्रकार 4.42 लाख से अधिक किसानों ने अपने गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन करा लिया है और अब शेष किसानों के पास अंतिम अवसर 7 मार्च तक है। समर्थन मूल्य में वृद्धि और पंजीयन की सरल प्रक्रिया ने किसानों को उत्साहित किया है।

  • चक्रवाती सिस्टम से MP में बदला रहा मौसम, मार्च की शुरुआत में फिर बारिश के आसार

    चक्रवाती सिस्टम से MP में बदला रहा मौसम, मार्च की शुरुआत में फिर बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ सिस्टम के असर से मौसम लगातार करवट ले रहा है। पिछले दो दिनों में 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई जबकि कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। इसका सीधा असर गेहूं और चने की फसलों पर पड़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को मौसम साफ रहने की संभावना है लेकिन मार्च की शुरुआत में फिर से बारिश हो सकती है। मंगलवार को छिंदवाड़ा सिवनी बैतूल पांढुर्णा रतलाम उज्जैन बालाघाट मंडला खंडवा सीहोर रायसेन इंदौर अनूपपुर और डिंडौरी में कहीं तेज हवा के साथ बारिश तो कहीं ओले गिरे।

    इन जिलों में भी बरसे बादल

    पिछले 24 घंटों के दौरान श्योपुर शिवपुरी ग्वालियर अलीराजपुर बड़वानी धार अशोकनगर टीकमगढ़ छतरपुर पन्ना सतना मैहर रीवा मऊगंज सीधी सिंगरौली दमोह जबलपुर मंडला और बालाघाट में हल्की बारिश दर्ज की गई। शिवपुरी टीकमगढ़ छतरपुर मैहर सीधी और सिंगरौली में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा।

    27 फरवरी से नया सिस्टम सक्रिय

    मौसम विभाग के अनुसार 27 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इसका असर प्रदेश में भी दिखाई देगा। अनुमान है कि 1 और 2 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से बारिश हो सकती है।

    फरवरी में चौथी बार बदला मौसम

    फरवरी की शुरुआत से ही प्रदेश में अस्थिर मौसम बना हुआ है। महीने की शुरुआत में दो बार आंधी-बारिश और ओले गिरे जिससे फसलों को नुकसान हुआ और सरकार को सर्वे कराना पड़ा। इसके बाद 18 फरवरी से तीसरी बार मौसम बदला और 19 से 21 फरवरी तक असर रहा। अब 23-24 फरवरी को चौथी बार ओले-बारिश का दौर देखने को मिला।

    तापमान का हाल

    जिन जिलों में बारिश हुई वहां दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है लेकिन बाकी इलाकों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। रात के तापमान में भी ठंड का खास असर नहीं है। सोमवार-मंगलवार की रात प्रदेश के पांच बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। मंदसौर में 10.9 डिग्री शाजापुर में 11.5 डिग्री चित्रकूट में 11.7 डिग्री राजगढ़ में 12 डिग्री खजुराहो में 12.2 डिग्री और दतिया में 12.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

  • जबलपुर: कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म, वॉल्यूम तेज कर वारदात को अंजाम

    जबलपुर: कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म, वॉल्यूम तेज कर वारदात को अंजाम


    जबलपुर । जबलपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म की घटना ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मुख्य आरोपी जुनैद ने महिला को कैफे में बुलाया और उसे केबिन में ले जाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार महिला की शिकायत पर तुरंत मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

    जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता महिला की एक युवती के माध्यम से आरोपी जुनैद से परिचित हुई थी। पुलिस ने बताया कि जुनैद ने महिला को कैफे में मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही महिला कैफे पहुंची आरोपी ने उसे केबिन में खींचकर अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। महिला ने विरोध किया लेकिन आरोपी ने धमकी दी और कैफे के कर्मचारी से साउंड सिस्टम का वॉल्यूम बढ़वाया ताकि महिला की आवाज बाहर न जा सके। इसके बाद आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया।

    इस मामले में कैफे के संचालक और एक कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अधारताल ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कैफे जैसी सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ पुलिस ही नहीं बल्कि समाज और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता भी आवश्यक है। महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से सार्वजनिक स्थानों में सीसीटीवी कैमरा सुरक्षा गार्ड और साउंड अलर्ट जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य होनी चाहिए। वहीं आम नागरिकों को भी इस तरह की परिस्थितियों में सतर्क रहने और तुरंत मदद लेने की शिक्षा देने की जरूरत है।

    महिला अधिकार संगठन और समाजसेवी इस घटना की निंदा कर रहे हैं और प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई हो और आरोपी कठोर दंड के दायरे में आएं। इससे न केवल पीड़ित को न्याय मिलेगा बल्कि समाज में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।

    अधारताल पुलिस ने कहा कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं जिसमें आरोपी के नेटवर्क घटना के समय कैफे की स्थिति और वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों की भूमिका शामिल है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को घटना के संदर्भ में जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। जबलपुर का यह मामला यह साफ करता है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा की कमजोरियां कितनी घातक हो सकती हैं। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन समाज और आम नागरिकों को मिलकर कदम उठाना जरूरी है।

  • न्यू मित्र मंडल सहकारी संस्था में लंबे समय से चल रही वित्तीय अनियमितताएं, EOW ने शुरू की जांच

    न्यू मित्र मंडल सहकारी संस्था में लंबे समय से चल रही वित्तीय अनियमितताएं, EOW ने शुरू की जांच


    भोपाल:में न्यू मित्र मंडल सहकारी संस्था में 25 वर्षों से चल रही वित्तीय अनियमितताओं और जमीन हेराफेरी का मामला सामने आया है। संस्था का गठन 1981 में आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था और बाद में ग्राम बागमुगालिया क्षेत्र में लगभग 3.5 एकड़ भूमि खरीदी गई थी। वर्ष 1996 में सड़क निर्माण के लिए करीब 2 एकड़ भूमि अधिग्रहित होने पर संस्था को मुआवजा और अतिरिक्त निर्माण अधिकार (एफएआर) प्राप्त हुए।

    आरोप है कि वर्ष 2004 में 45 प्लॉट की स्वीकृति के बावजूद नियमों के विपरीत अतिरिक्त सदस्य जोड़कर भूखंडों की बिक्री की गई। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जांच के बाद 17 नामजद पदाधिकारियों सहित अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक साजिश के तहत FIR दर्ज की। प्रारंभिक आकलन के अनुसार बाजार मूल्य पर कुल हानि 40 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।

    जांच में यह भी सामने आया कि 30 जनवरी 2023 को नक्शे में संशोधन कर कई रिहायशी भूखंडों को व्यावसायिक दर्शाया गया। 28 रजिस्ट्रियों में वास्तविक मूल्य से कम राशि दिखाने के कारण संस्था को लगभग 8.84 करोड़ रुपये और शासन को करीब 4.5 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। कई मूल सदस्यों को आवंटित भूखंड गैर-पात्र व्यक्तियों को बेच दिए गए।

    सदस्यता प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। संस्था में 100 सदस्यों की सीमा तय थी, लेकिन 2005-06 से 2007-08 के बीच दर्जनों नए सदस्य कथित रूप से अवैध तरीके से जोड़े गए। विवादित रजिस्ट्रियों में सदस्यता क्रमांक 231 से 264 तक के गैर-पात्र व्यक्तियों को प्लॉट आवंटित किए गए।

    जांच के दौरान मीटिंग मिनट्स, लेखा अभिलेख और अन्य प्रशासनिक दस्तावेज अनुपलब्ध पाए गए। न्यायालय और सहकारिता विभाग में लंबित प्रकरणों की जानकारी छिपाकर रजिस्ट्रियां कराए जाने का भी आरोप है। अधिग्रहण मुआवजा राशि के वितरण का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण जांच का दायरा और बढ़ गया है।

    जिन व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें संस्था के पूर्व पदाधिकारी और संबंधित पक्ष शामिल हैं। जांच एजेंसी ने संकेत दिया है कि सहकारिता विभाग की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतने वर्षों तक अनियमितताओं के दौरान निगरानी व्यवस्था क्यों विफल रही।

    इस मामले से उजागर हुआ है कि सहकारी संस्थाओं में लंबी अवधि से चल रही वित्तीय अनियमितताएं और पारदर्शिता की कमी कितनी बड़ी हानि का कारण बन सकती हैं और प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता कितनी जरूरी है।

  • आयुध निर्माणी इटारसी में बीएमएस यूनियन का जोरदार प्रदर्शन, श्रम कानून सुधारों का विरोध

    आयुध निर्माणी इटारसी में बीएमएस यूनियन का जोरदार प्रदर्शन, श्रम कानून सुधारों का विरोध


    इटारसी में बुधवार को देश के सबसे बड़े श्रम संगठन भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय आह्वान पर आयुध निर्माणी कर्मचारी संघ यूनियन ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नई श्रम कानून नीति में बदलाव सहित अन्य मांगों को लेकर मुख्य महाप्रबंधक आलोक कुमार अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा और सड़क पर नारेबाजी की।

    यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान सरकारी नीतियां कर्मचारियों के हितों पर प्रतिकूल असर डाल रही हैं और सरकार को श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाना चाहिए। यूनियन की प्रमुख मांगों में सामान्य भर्ती प्रक्रिया शुरू करना, निजीकरण और निगमीकरण की नीति वापस लेना तथा कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना शामिल है।

    बीएमएस पदाधिकारियों ने आठवें वेतन आयोग के अनुरूप पीएल-बी भुगतान की मांग रखी। उन्होंने ठेका प्रथा बंद कर कर्मचारियों का नियमितीकरण करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, लेबर लॉ की कमियों को दूर कर इसे सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों पर बिना किसी छूट के लागू करने की मांग भी की गई। यूनियन ने भुगतान बोनस अधिनियम, 1965 के तहत बोनस पात्रता सीमा बढ़ाने और रक्षा मंत्रालय के अधीन औद्योगिक प्रतिष्ठानों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने की भी मांग रखी।

    ज्ञापन में केंद्र सरकार के विभागों और संस्थानों में कार्यरत संविदा व अस्थायी श्रमिकों के नियमितीकरण, जेसीएम की प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्तरीय परिषद की बैठकों को त्रैमासिक अंतराल पर आयोजित करने, यूपीएस और एनपीएस को समाप्त कर सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CCS Pension Rules, 2021 बहाल करने जैसी मांगें शामिल थीं।

    इस अवसर पर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के जेसीएम सदस्य अमित बाजपेई, यूनियन अध्यक्ष कुलदीप चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र मेघवाल, महामंत्री कृष्णा शर्मा, राजेश रोशन, योगेश पटेल और अतुल सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

    प्रदर्शन ने आयुध निर्माणी में कर्मचारियों के अधिकारों और श्रम कानून सुधार की अहमियत को उजागर किया और प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया। कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन, बोनस और स्वास्थ्य सुविधाओं में स्थायी सुधार की मांग को लेकर दृढ़ हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन जारी रहने की संभावना है

  • MP Morning News: बजट सत्र का आठवां दिन, राज्यपाल शहडोल जाएंगे, CM के कार्यक्रम, तालाबों पर अतिक्रमण हटाने टास्क फोर्स, श्रमिकों का आंदोलन और साहित्य-संगीत का संगम

    MP Morning News: बजट सत्र का आठवां दिन, राज्यपाल शहडोल जाएंगे, CM के कार्यक्रम, तालाबों पर अतिक्रमण हटाने टास्क फोर्स, श्रमिकों का आंदोलन और साहित्य-संगीत का संगम


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज आठवें दिन प्रवेश कर गया। भोपाल से आई रिपोर्ट के अनुसार, सदन में बुधवार को निराश्रित पशुओं द्वारा फसलों को नुकसान और यातायात बाधित होने के मामले पर चर्चा होगी। कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल इस मामले में पशुपालन मंत्री का ध्यानाकर्षण करेंगे। आज भी सदन में सवा 6 घंटे तक बजट पर चर्चा होने की संभावना है। इसके पहले 2 ध्यानाकर्षण और 85 याचिकाएं पटल पर रखी जाएंगी। मंत्री चैतन्य कश्यप और इंदर सिंह परमार भी सदन में पत्र रखेंगे।

    मुख्यमंत्री के कार्यक्रम

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे वे कुशाभाऊ ठाकरे हॉल पहुंचेंगे और आजीविका विपणन क्षमतावर्धन कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यशाला के तहत महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पाद एमेजॉन सहित विभिन्न ई-मार्केट पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत समूहों के सदस्यों को प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय स्तर पर विपणन का अवसर दिया जाएगा।

    राज्यपाल का शहडोल दौरा

    राज्यपाल मंगूभाई पटेल आज शहडोल दौरे पर रहेंगे। वे पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित पंचम दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। लेफ्टिनेंट जनरल अनूप बनर्जी दीक्षांत उद्बोधन देंगे और कुलगुरु प्रो. रामशंकर विद्यार्थियों को शपथ दिलाएंगे। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को उपाधि और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा।

    तालाबों पर अतिक्रमण हटाने के लिए टास्क फोर्स

    भोपाल में तालाबों पर अतिक्रमण की समस्या को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। पहली बार अतिक्रमण हटाने के लिए 19 मेंबर्स की टीम बनाई गई है, जिसमें 17 प्रशासनिक अधिकारी और 2 पर्यावरणविद शामिल हैं। टीम में अपर आयुक्त, ज्वाइंट कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, SDM और एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित शामिल हैं। राजधानी के 18 तालाबों पर हर 15 दिन में समीक्षा की जाएगी। अकेले बड़े तालाब के आसपास 225 अतिक्रमण दर्ज किए गए हैं।

    श्रमिकों के मुद्दों को लेकर आंदोलन
    भोपाल में आज भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले श्रमिकों का आंदोलन होगा। दोपहर 1 बजे कोहेफिजा थाना के पास कार्यकर्ता एकत्रित होंगे और रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। इस प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल होंगे।

    साहित्य और संगीत का संगम

    भोपाल के रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में आज से साहित्य और संगीत का संगम आयोजित किया जा रहा है। सुबह 10:30 से 12 बजे तक रचनाकारों का सम्मान, पाठ और संवाद होगा। दोपहर 12:30 से 1:15 बजे रियाज से रील तक विषय पर चर्चा होगी, 1:15 से 2 बजे तक डिजिटल दौर में बदलते पाठकों पर संवाद होगा। इसके बाद दोपहर 3 से 5 बजे नाट्य प्रस्तुति मगर शेक्सपियर को याद रखना का मंचन किया जाएगा।

  • मुरैना में कंटेंट क्रिएटर रंगदारी मामले में गिरफ्तार, महिला परिवहन अधिकारी और नपा अध्यक्ष को धमकी

    मुरैना में कंटेंट क्रिएटर रंगदारी मामले में गिरफ्तार, महिला परिवहन अधिकारी और नपा अध्यक्ष को धमकी


    मुरैना जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर सपन जादौन को पुलिस ने रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी को मंगलवार को जयपुर से राउंडअप कर मुरैना लाया गया। पुलिस के अनुसार सपन जादौन ने सोशल मीडिया पर धमकी भरे पोस्ट शेयर किए और पहले छवि खराब करने की चेतावनी दी। इसके बाद फोन कॉल और डिजिटल माध्यम से नगर पालिका अध्यक्ष और महिला परिवहन अधिकारी से लाखों रुपये की मांग की।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दो अलग-अलग थानों में प्रकरण दर्ज किए हैं: रंगदारी (एक्सटॉर्शन), रेकी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में आरक्षक की पत्नी लता भदौरिया भी सहआरोपी हैं।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम कोलिया थाना सबलगढ़ निवासी सपन जादौन के साथ लता भदौरिया, शिवेंद्र जादौन और तीन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली और सबलगढ़ थानों में आपराधिक मामले दर्ज किए गए। लता भदौरिया कोतवाली थाने में पदस्थ आरक्षक अनिल तोमर की पत्नी हैं।

    कोतवाली थाने में 23 फरवरी को परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज हुई। उन्होंने बताया कि सपन जादौन ने उन्हें फोन कर पैसों की मांग की और आरक्षक अनिल तोमर व उनकी पत्नी लता भदौरिया से जुड़े मामले में समझौता करने का दबाव बनाया।

    पुलिस अब फरियादियों और संदिग्धों के बयान लेने के बाद आरोपी सपन जादौन और सहआरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। यह मामला सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए अपराध बढ़ने की चुनौती को भी उजागर करता है।

  • भोपाल रेप-धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा: लिव-इन, स्पा की आड़ में सेक्स रैकेट और WhatsApp से ‘सप्लाई’ का आरोप

    भोपाल रेप-धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा: लिव-इन, स्पा की आड़ में सेक्स रैकेट और WhatsApp से ‘सप्लाई’ का आरोप


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आए रेप और कथित धर्मांतरण मामले में जांच के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी चंदन यादव रायसेन जिले का निवासी है, जो भोपाल आकर स्पा सेंटर में काम करने लगा था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह अमरीन के साथ तीन साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था और स्पा सेंटर की आड़ में जिस्मफरोशी का नेटवर्क संचालित किए जाने का आरोप है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई WhatsApp ग्रुप मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर लड़कियों की सप्लाई और ग्राहकों से संपर्क से जुड़े चैट्स पाए गए हैं। डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अमरीन और उसकी बहन आफरीन तलाकशुदा हैं।

    जांच में यह दावा भी किया गया है कि अमरीन, चंदन यादव के साथ लिव-इन में रह रही थी और दोनों मिलकर नेटवर्क चला रहे थे। आरोप है कि भोपाल से लड़कियों को अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों तक भेजा जाता था। फरार आरोपियों बिलाल, चानू और यासिर की तलाश में पुलिस की एक टीम अहमदाबाद रवाना हुई है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड  डिजिटल चैट और जब्त मोबाइल की गहन जांच की जा रही है।

    मामले में यह भी सामने आया है कि भोपाल की दो सगी बहनों पर काम दिलाने के बहाने धर्मांतरण कराने और सेक्स रैकेट से जोड़ने का आरोप है। पूछताछ में कथित तौर पर यह बात सामने आई कि कुछ युवतियों का धर्म परिवर्तन कर उन्हें कथित रूप से संपन्न ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था। मुंबई और गुजरात जैसे शहरों में भी सप्लाई की बात जांच के दायरे में है।

    इस पूरे प्रकरण में छत्तीसगढ़ की एक ब्यूटीशियन और भोपाल की एक युवती ने बागसेवनिया थाना में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ रेप और एक महिला के खिलाफ धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने की FIR दर्ज की गई है। पीड़िताओं ने पुलिस को कुछ दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं, जिनमें कई अन्य युवतियों के कथित धर्मांतरण के संकेत होने का दावा किया गया है।

    पुलिस ने मुख्य आरोपी अमरीन, उसकी बहन आफरीन और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही आरोपियों द्वारा बड़े लोगों से संबंध होने के दावों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

  • मप्र संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जोरदार प्रदर्शन, हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का खतरा

    मप्र संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जोरदार प्रदर्शन, हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का खतरा


    भोपाल में मंगलवार को लगभग 30 हजार आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर जेपी अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए दोपहर 1 बजे न्याय यात्रा निकालने का निर्णय लिया है, जो सीधे मुख्यमंत्री निवास तक जाएगी। इस दौरान वे अपनी 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपेंगे।

    संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कौरव ने बताया कि प्रदर्शन 2 फरवरी से शुरू हुआ था। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण बीते दो दिन कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। आज वे संचालनालय स्वास्थ्य सेवाओं से न्याय यात्रा निकालकर अपनी मांगों को राजधानी में प्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे।

    पुलिस ने जेपी अस्पताल परिसर में बैरिकेडिंग कर कर्मचारियों को रोकने की तैयारी की है, जबकि कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें न्याय यात्रा निकालने की अनुमति दी गई है।

    संघ के अनुसार प्रदेशभर के जिला अस्पताल, सिविल हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, संजीवनी क्लिनिक और पोषण पुनर्वास केंद्रों में लगभग 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। ये कर्मचारी रिपोर्टिंग, सफाई, सुरक्षा, कुपोषित बच्चों की देखभाल और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हड़ताल होने की स्थिति में अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

    कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे चुके आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना शर्त रिक्त तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर समायोजित किया जाए और नियमित किया जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर नीति बनाकर स्थायी समाधान और न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन निर्धारित करने की मांग भी शामिल है।

    संघ की 9 सूत्रीय मांगों में वेतन वृद्धि का 11 माह का एरियर भुगतान, निजी आउटसोर्स एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करना, सीधे खाते में वेतन भुगतान, शासकीय अवकाश, नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी लाभ शामिल हैं। संघ का आरोप है कि दोहरी और दमनकारी नीति के कारण वर्षों से कर्मचारी शोषित हो रहे हैं, जबकि वे 12-14 घंटे तक लगातार कार्य कर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं।

    संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 25 फरवरी 2026 से प्रदेशभर के कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि अब न्याय यात्रा के जरिए सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी और बिना उनके भविष्य की सुरक्षा के स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती संभव नहीं है।

  • 1.31 करोड़ के नोटों से भगवान महादेव का विशेष श्रृंगार, उज्जैन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

    1.31 करोड़ के नोटों से भगवान महादेव का विशेष श्रृंगार, उज्जैन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़


    उज्जैन जिले के बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर इस साल भगवान शिव का विशेष श्रृंगार 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से किया गया। मंदिर में भगवान का मुकुट, माला और मंदिर परिसर की लड़ी-लड़ियों तक नोटों से सजाई गई हैं। इस अनोखे सजावट को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

    मंदिर में हर साल महाशिवरात्रि के बाद मेला आयोजित किया जाता है। इस बार यह मेला 14 फरवरी से शुरू हुआ और 28 फरवरी तक चलेगा। नोटों से किए गए विशेष श्रृंगार की सजावट 26 फरवरी तक भक्तों के दर्शन के लिए उपलब्ध रहेगी।

    मंदिर के पुजारी के अनुसार इस भव्य श्रृंगार को तैयार करने में सात कलाकारों की टीम को तीन दिन का समय लगा। कलाकारों ने नोटों से मुकुट, माला और मंदिर की लड़ी-लड़ियों को अत्यंत आकर्षक और भव्य रूप में सजाया।

    यह परंपरा मंदिर में पिछले चार सालों से चल रही है। 2021 में 7 लाख रुपए, 2022 में 11 लाख रुपए, 2023 में 21 लाख रुपए और 2024 में 51 लाख रुपए के नोटों से भगवान का श्रृंगार किया गया। 2025 में यह राशि बढ़कर 1 करोड़ 21 लाख रुपए हो गई और इस साल 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से भगवान महादेव को सजाया गया है।

    भक्तों के अनुसार नोटों की माला और मुकुट से सजा भगवान का यह स्वरूप अत्यंत आकर्षक और दिव्य दिखाई देता है। मंदिर परिसर में नोटों की लड़ी-लड़ियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और दर्शन को और भी खास बना दिया। इस विशेष श्रृंगार ने भक्तों को अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव और महाशिवरात्रि का आनंद प्रदान किया। श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में इस सजावट के कारण उमड़ रही है और यह दृश्य देखने के लिए दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं।