Category: Madhya Pradesh

  • कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार दिखा दुर्लभ प्रजाति का फॉरेस्ट आउलेट

    कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार दिखा दुर्लभ प्रजाति का फॉरेस्ट आउलेट


    भोपाल।
    जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा की दिशा में सतत एवं सुनियोजित प्रयास कर रही मध्य प्रदेश सरकार को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार दुर्लभ प्रजाति का फॉरेस्ट ऑउलेट(एथिन ब्लेविटी) को देखा गया है।

    पक्षी विज्ञान के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। स्थानिक और लुप्त प्राय फॉरेस्ट ऑउलेट(एथिन ब्लेविटी) को पहली बार कूनो राष्ट्रीय उद्यान में देखा गया है, जो इस प्रजाति के ज्ञात वितरण क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार का संकेत है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में फॉरेस्ट ऑउलेट की खोज भारत में जैव विविधता संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पक्षी विश्व के सबसे दुर्लभ शिकारी पक्षियों में से एक है और चीता परियोजना से जुड़े पर्यावास प्रबंधन के साथ इसके संभावित पारिस्थितिक संबंध हैं।

    फॉरेस्ट आउलेट मध्य भारत का एक स्थानिक (endemic) पक्षी है, जिसे 1872 में पहली बार खोजा गया था, लेकिन 1884 के बाद इसे विलुप्त मान लिया गया था। लगभग 113 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, 1997 में इसे महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में फिर से खोजा गया, जिसने पक्षी विज्ञान की दुनिया में सनसनी फैला दी थी। वर्तमान में यह मध्य भारत के खंडित वन क्षेत्रों में पाया जाता है, जिसमें मध्य प्रदेश (खकनार, पीपलोद), महाराष्ट्र (तोरणमाल, मेलघाट) और गुजरात (डांग, पूर्णा वन्य जीव अभयारण्य) के हिस्से शामिल हैं।

    मध्य प्रदेश में फॉरेस्ट ऑउलेट पहले केवल पूर्वी खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल जिलों में ही पाया जाता था। इस दुर्लभ पक्षी को सबसे पहले कूनो में स्थानीय पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लाभ यादव ने पारोंद बीट में क्षेत्र भ्रमण के दौरान देखा था, जिससे प्रजाति के अत्यधिक सीमित वितरण और संरक्षण स्थिति के कारण वन विभाग का ध्यान तुरंत आकर्षित हुआ। प्रमुख पहचान लक्षणों के आधार पर,वाइल्ड लाइफ रिसर्च एण्ड कंजर्वेशन सोसायटी, पुणे के विवेक पटेल ने मौके पर ही इसकी पुष्टि की, जिससे यह कूनो राष्ट्रीय उद्यान से प्रजाति का पहला प्रामाणिक रिकॉर्ड बन गया।

    अधिकांश उल्लुओं के व्यवहार के विपरीत, फॉरेस्ट ऑउलेट मुख्य रूप से दिन में सक्रिय रहने वाला पक्षी है। यह सुबह 6:00 से 10:00 बजे के बीच सबसे अधिक सक्रिय रहता है और कड़ी धूप में भी ऊंचे पेड़ों की टहनियों पर बैठा देखा जा सकता है। फॉरेस्ट ऑउलेट को वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ द्वारा ‘लुप्त प्राय’ श्रेणी में रखा गया है। इसकी कुल वैश्विक वयस्क संख्या 250 से 999 के बीच होने का अनुमान है।

    मध्य प्रदेश में इसके वितरण को समझने के लिए और सर्वेक्षण किए जाने की आवश्यकता है। फॉरेस्ट ऑउलेट, जिसे कभी विलुप्त माना जाता था और 1997 में पुनः खोजा गया था, वर्तमान में मध्य भारत के सीमित क्षेत्रों में पाया जाता है और पर्यावास के क्षरण और विखंडन से लगातार खतरे का सामना कर रहा है। यह नया रिकॉर्ड कूनो राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों के पारिस्थितिक महत्व को उजागर करता है।

    फॉरेस्ट आउलेट का दिखाई देना संकेत दे रहा है कि चीता के लिये किये जा रहे संरक्षण प्रयासों से पारिस्थितिकीय तंत्र में सुधार होने से अन्य लुप्तप्राय प्रजातियों की भी वापसी हो रही है। मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में इस प्रजाति के मिलने से पक्षी संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों में उत्साह की लहर है।

  • भोपाल में साध्वी रंजना दीदी के साथ अभद्रता, हिंदू संगठनों ने किया थाने का घेराव

    भोपाल में साध्वी रंजना दीदी के साथ अभद्रता, हिंदू संगठनों ने किया थाने का घेराव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में बुधवार शाम को कार को ओवरटेक करने की बात पर कुछ युवकों ने साध्वी रंजना दीदी के साथ अभद्रता कर दी। जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और मिसरोद थाने का घेराव कर दिया।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद से जुड़ी साध्वी रंजना दीदी बुधवार की शाम नर्मदापुरम रोड से गुजर रही थी। इसी दौरान एक कार चालक ने उनकी कर को ओवरटेक किया और लापरवाही से वाहन चलाते हुए कार में टक्कर मार दी। साध्वी अपने दो सहयोगी बहनों के साथ घटना के समय में गाड़ी में मौजूद थीं। गाड़ी टकराने के विवाद के बाद पीछे की कार में सवार युवकों ने गुंडागर्दी शुरू कर दी। उन्होंने साध्वी की गाड़ी में तोड़फोड़ की तथा डीजल की केन निकालकर कार को जलाने की कोशिश भी की। जब साध्वी रंजना ने इसका विरोध किया तो आरोपी कार चालक ने उनके साथ जमकर अभद्रता की और झूम झटकी तक कर दी।

    इसके बाद साध्वी रंजना दीदी थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंची। इसकी जानकारी विश्व मिलने के बाद हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मिसरोद थाने के बाहर एकत्र हो गए और प्रदर्शन किया। उन्होंने गुंडागर्दी करने वाले युवकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने तथा उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। आरोपी विशेष समुदाय के बताए जा रहे हैं। थाना प्रभारी रतन सिंह ने बताया कि का को ओवरटेक करने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन रोड निर्माण में किसान हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन रोड निर्माण में किसान हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो पॉलिटन सिटी इंदौर-उज्जैन भविष्य की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होगा। इस नाते इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन प्रोजेक्ट भी किसानों के हित में उनके सुझाव के अनुरूप एलिवेटेड नहीं जमीनी स्तर पर बनाया जायेगा। जिन किसानों की भूमि प्रभावित होगी, उन्हें उचित मुआवजा देने के लिये शासन-प्रशासन प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार देर शाम उनके निवास पर भेंट करने आए इंदौर और उज्जैन जिलों के विभिन्न ग्रामों के किसान प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इंदौर और उज्जैन के किसान प्रतिनिधियों ने इंदौर उज्जैन ग्रीनफील्ड फोर लेन मार्ग का निर्माण कार्य किसानों के हित में करने के निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के माध्यम से 2935.15 करोड़ रूपये की परियोजना के अंतर्गत क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 2 जिलों के 28 ग्रामों को नया स्वरूप और जनसुविधा देने के लिये फोर लेन मार्ग निर्मित किया जायेगा। उन्नत संरचना के अंतर्गत इंदौर-उज्जैन के मध्य 2 स्थानों वेस्टर्न रिंग रोड और उज्जैन बदनावर मार्ग क्रॉसिंग पर वृहद जंक्शन का प्रावधान है। परिवहन तेज और सुरक्षित रहे इसके लिये प्रत्येक टोल प्लाजा पर आवश्यक प्रबंध भी होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन के इस पुराने मार्ग से जानापाव आने-जाने के लिये भी परिवहन होता रहा है। पूर्व के वर्षों में मार्ग के संकुचित होते जाने से जो दुर्घटनाएं होती रही हैं, वह सिलसिला अब थम जायेगा। किसानों से विचार विमर्श के पश्चात इस ग्रीन फील्ड फोर लेन मार्ग परियोजना के कार्यों को गति दी जा रही है। गत 20 फरवरी को अनुबंध निष्पादन के पश्चात अन्य कार्यवाही प्रचलन में है। आगामी सिंहस्थ को देखते हुए यह परियोजना बड़ी जनसंख्या को लाभान्वित करेगी। प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को सशक्त करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

  • सहारा समूह पर बड़ा निवेशक घोटाला: मध्य प्रदेश में लगभग 6,689 करोड़ रुपए की राशि के गबन के 9 लाख से अधिक शिकायत आवेदन मिले

    सहारा समूह पर बड़ा निवेशक घोटाला: मध्य प्रदेश में लगभग 6,689 करोड़ रुपए की राशि के गबन के 9 लाख से अधिक शिकायत आवेदन मिले

    भोपाल । मध्य प्रदेश सहारा समूह से जुड़े निवेशकों की रकम के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य सरकार को कुल लगभग 9 लाख से अधिक शिकायती आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमेंकुल 6 689 करोड़ रुपए की राशि के निवेशकों के साथ गबन होने का दावा किया गया है। यह जानकारी आज विधानसभा में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने गृह विभाग की ओर से दी।

    मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सहारा समूह को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि प्रदेश में सहारा के निवेशकों की राशि के संबंध में कुल कितनी शिकायतें मिली हैं और कितना पैसा निवेशकों को वापस मिला है। इसके उत्तर में राज्य मंत्री पटेल ने बताया कि सरकार को 9 06 661 शिकायत आवेदन मिले हैं और इनमें कुल राशि करीब 6 689 करोड़ रुपये के निवेशकों की है।

    सरकार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सहारा रिफंड पोर्टल बनाया गया है जिसके माध्यम से निवेशकों को उनकी राशि वापस करने की प्रक्रिया चल रही है। इस पोर्टल के तहत अब तक लगभग 355 करोड़ रुपये निवेशकों को वापस किये जा चुके हैं लेकिन कुल राशि की तुलना में यह राशि केवल एक छोटा हिस्सा है।

    इस घोटाले को लेकर सदन में स्पष्ट किया गया कि सहारा समूह की कई संपत्तियाँ न्यायालय के आदेश के अनुरूप अटैच की गई हैं और सुप्रीम कोर्ट के तहत निवेशकों की राशि वापस करने का काम जारी है। हालांकि शिवपुरी में दर्ज एफआईआर की संख्या के बारे में सरकार ने कहा कि 1 जनवरी 2024 के बाद समूह के खिलाफ लगभग 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं और अन्य मामलों को मुरैना कोतवाली में मर्ज किया जा रहा है।

    विपक्ष ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या राज्य सरकार के पास निवेशकों की राशि की वसूली या संपत्तियों के नीलामी के कोई ठोस कार्यक्रम हैं ताकि निवेशकों को उनका धन लौटाया जा सके। मंत्री ने जवाब दिया कि यह मामला न्यायिक प्रकृति का है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह विषय राज्य पुलिस की सीमा से बाहर है और उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में ही निवेशकों की राशि वापस की जाएगी।

    विशेषज्ञों और निवेशकों की मांग है कि सहारा मामले में पारदर्शिता और तेजी लाने की जरूरत है ताकि लंबे समय से अपना पैसा वापस पाने के लिए प्रतीक्षा कर रहे लाखों निवेशकों को न्याय मिल सके। निवेशकों की शिकायतें कई वर्षों से लंबित हैं और न्यायपालिका के आदेशों के बावजूद वापस प्राप्त राशि बहुत कम है। इस घोटाले की व्यापक प्रकृति के कारण देश भर में सहारा समूह के खिलाफ मामले दर्ज हैं और जांच एजेंसियाँ सक्रिय हैं।

  • नरसिंहपुर में बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय तस्कर से 152 किलो गांजा जब्त, ग्वालियर निवासी चालक गिरफ्तार

    नरसिंहपुर में बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय तस्कर से 152 किलो गांजा जब्त, ग्वालियर निवासी चालक गिरफ्तार


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 152 किलो गांजा जब्त किया है। अंतर्राज्यीय स्तर पर गांजा की खेप ले जा रहे एक तस्कर को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है।

    पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से उत्तर प्रदेश के झांसी की ओर एक पिकअप वाहन में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जिले में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया और संदिग्ध वाहन की तलाश की गई।

    रणनीति के तहत पुलिस टीम ने संभावित मार्गों पर घेराबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से 152 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से चालक रोहित सिंह, निवासी ग्वालियर को गिरफ्तार कर लिया।

    प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गांजा की यह खेप अंतर्राज्यीय स्तर पर सप्लाई की जानी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गांजा कहां से लाया गया और किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब्त किए गए गांजा की बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना ने कहा कि अंतर्राज्यीय तस्करी के मामलों में पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। सीमावर्ती जिलों और प्रमुख मार्गों पर नियमित चेकिंग की जा रही है जिससे मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।

    इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास कर रही है ताकि तस्करी की जड़ तक पहुंचा जा सके।

  • वायासैट और बीएसएनएल ने भारत में पहला सैटेलाइट कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किया

    वायासैट और बीएसएनएल ने भारत में पहला सैटेलाइट कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किया

    जबलपुर। भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और वायासैट इंडिया (Viasat India) ने ‘सैटेलाइट और सैटेलाइट तकनीक के अनुप्रयोग’ पर अपना पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। यह कार्यक्रम भारत रत्न भीम राव अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग (BRBRAITT), जबलपुर में प्रस्तावित दूरसंचार नवाचार, अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (TIRTC) के तत्वावधान में शुरू किया गया है।
    सैटेलाइट संचार के क्षेत्र में कौशल विकास एवं उद्योग की तैयारी को बढ़ावा देने के लिए बीएसएनएल और वायासैट इंडिया ने पिछले वर्ष गठबंधन की घोषणा की थी। प्रशिक्षण के शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता बीएसएनएल के सीएमडी रॉबर्ट रवि ने की। इस अवसर पर वायासैट के अध्यक्ष – कॉमर्शियल बेन पामर, वायासैट इंडिया के प्रबंध निदेशक गौतम शर्मा, वायासैट के उपाध्यक्ष- एडवांस्ड NTN सॉल्यूशंस संदीप मूर्ति और दूरसंचार विभाग के अन्य अधिकारी भी संचार भवन में मौजूद थे। वहीं, इस समारोह के दौरान जबलपुर स्थित बीआरबीआरएआईटीटी में विद्यार्थी मौजूद थे।
    इस गठबंधन के तहत सैटेलाइट एवं सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के उपयोग पर यह प्रारंभिक पाठ्यक्रम विद्यार्थियों और करियर के शुरुआती दौर में काम कर रहे पेशेवरों के लिए 22 घंटे का एक वर्चुअल प्रोग्राम है। इन प्रशिक्षण सत्रों का संचालन एक्सपर्ट ट्रेनर द्वारा ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कॉलेज के विद्यार्थियों, आईटी व इंजीनियरिंग के पेशेवरों और सैटेलाइट संचार एवं सैटेलाइट युक्त एप्लीकेशंस में बुनियादी ज्ञान प्राप्त करने के इच्छुक नए स्नातकों को लाभ प्रदान करना है। यह पाठ्यक्रम जबलपुर में बीएसएनएल के तत्वावधान में स्थापित विशेषज्ञ प्रशिक्षण संस्थान बीआरबीआरएआईटीटी में एक व्यापक कौशल विकास की रूपरेखा पेश करने में पहला कदम है। यह संस्थान टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आधारभूत ढांचा और लॉजिस्टिक संबंधी सहयोग उपलब्ध कराता है।

    बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रॉबर्ट जे. रवि ने कहा, “नवप्रवर्तन को बढ़ावा देने और देशज क्षमताओं का निर्माण करने के हमारे लक्ष्य के अनुरूप वायासैट के साथ गठबंधन के तहत हमारा प्रारंभिक पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर हमें वास्तव में बहुत प्रसन्नता है। भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कौशलों में पेशेवरों की अगली पीढ़ी को दक्ष करने में बीआरबीआरएआईटीटी की बढ़ती भूमिका देखकर भी हम उत्साहित हैं। हम भविष्य में इस गठबंधन का विस्तार कर विद्यार्थियों के लिए और पाठ्यक्रम एवं सुविधाएं लाने को लेकर हम प्रतिबद्ध हैं।”

    अनिल कुमार भारद्वाज, डीडीजी, दूरसंचार विभाग ने कहा, “सैटेलाइट कम्युनिकेशंस (उपग्रह संचार) मॉड्यूल, संचार प्रौद्योगिकियों और उनके उपयोग के मामलों में वैश्विक तकनीकी दिग्गजों द्वारा पहले से ही संचालित किए जा रहे प्रशिक्षणों के अतिरिक्त है। TIRTC (टी.आई.आर.टी.सी.) माननीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया का एक विज़न रहा है, जिसका उद्देश्य संचार के उन्नत क्षेत्र में अत्यधिक कुशल जनशक्ति तैयार करना और भारत को दूरसंचार डिजाइन, विकास, विनिर्माण और सेवाओं में अग्रणी बनने में मदद करना है। हम सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और एप्लिकेशन प्रशिक्षण को सक्षम बनाने के लिए वायासैट इंडिया को धन्यवाद देते हैं।”
    वायासैट कॉमर्शियल के अध्यक्ष – कॉमर्शियल बेन पामर ने कहा, “भविष्य के लिए तैयार सैटेलाइट संबंधी प्रतिभा की पाइपलाइन का निर्माण करना महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अपनी डिजिटल एवं उभरती टेक्नोलॉजी की महत्वाकांक्षा को लेकर आगे बढ़ रहा है। बीआरबीआरएआईटीटी में इस प्रथम पाठ्यक्रम के साथ हमारा लक्ष्य उच्च गुणवत्ता का बुनियादी सैटेलाइट ज्ञान विद्यार्थियों और पेशेवरों की पहुंच में लाना और आगे चलकर मिश्रित वर्चुअल और क्लासरूम प्रोग्राम शुरू करना है। हमारी इच्छा भविष्य में एक ‘सेंटर ऑफ एक्सिलेंस’ भी स्थापित करने की है जहां विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव मिल सकेगा और वे उपकरण के सजीव प्रदर्शन के जरिए अपनी समझ बढ़ा सकेंगे।”
    बीआरबीआरएआईटीटी जबलपुर के आईटीएस, सीजीएम, डाक्टर मनीष शुक्ला ने कहा, “प्रतिष्ठित परियोजना टीआईआरटीसी (टेलीकॉम इन्नोवेशन, रिसर्च ट्रेनिंग सेंटर) के तहत वायासैट द्वारा शुरू किया गया यह सैटेलाइट कम्युनिकेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम, उभरती एवं रणनीतिक प्रौद्योगिकियों में उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच गठबंधन को बढ़ावा देने की बीआरबीआरएआईटीटी की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दूरसंचार विभाग और वायासैट की साझीदारी में इस प्रोग्राम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह विद्यार्थियों को सैटेलाइट की बारीकियों, संचार लिंक डिजाइन, एडवांस्ड सैटेलाइट आर्किटेक्चर्स, ग्राउंड सेगमेंट ऑपरेशंस और वास्तविक दुनिया के एप्लीकेशंस के बारे में व्यापक अनुभव उपलब्ध करा सके। हमारा उद्देश्य तेजी से उभर रहे सैटेलाइट संचार क्षेत्र में विद्यार्थियों को व्यवहारिक कौशल एवं वैश्विक दृष्टिकोण के साथ सशक्त करते हुए अकादमिक सीख और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच अंतर पाटना है।”
  • कमलागंज पुलिया पर युवती का हंगामा: शिवपुरी में युवक को थप्पड़ और चप्पलों से पीटा, वीडियो वायरल

    कमलागंज पुलिया पर युवती का हंगामा: शिवपुरी में युवक को थप्पड़ और चप्पलों से पीटा, वीडियो वायरल


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र अंतर्गत कमलागंज पुलिया के पास मंगलवार शाम बीच सड़क एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक युवती युवक को पहले थप्पड़ मारते और फिर चप्पलों से पीटते हुए दिखाई दे रही है। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई लेकिन किसी ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार युवती पुरानी शिवपुरी क्षेत्र की निवासी बताई जा रही है जबकि पीड़ित युवक इमामबाड़ा इलाके का रहने वाला है। बताया गया है कि युवती अपने एक साथी युवक के साथ कमलागंज पुलिया पर पहुंची थी। वहां उन्होंने एक अन्य युवक को रोका। आरोप है कि युवती के साथ आए युवक ने पीड़ित के हाथ पीछे से पकड़ लिए जिसके बाद युवती ने उसकी पिटाई शुरू कर दी।

    वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती ने युवक को कई थप्पड़ मारे। इसके बाद उसने अपनी चप्पल उतारी और युवक पर बरसाना शुरू कर दिया। युवक हाथ छुड़ाने की कोशिश करता रहा लेकिन उसके हाथ पकड़े होने के कारण वह खुद का बचाव नहीं कर सका। पूरी घटना कुछ देर तक चलती रही और आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे।

    घटना के बाद युवती अपने साथी के साथ मौके से चली गई। बाद में युवती की पहचान ज्योति बेड़ियां के रूप में हुई। ज्योति ने स्वीकार किया कि युवक के साथ मारपीट उसी ने की है। उसने आरोप लगाया कि कुछ युवक उसके भाई अभिषेक बेड़ियां को नशे का आदी बना चुके हैं।

    ज्योति का कहना है कि नशे की लत के चलते उसका भाई घर में चोरी करनेलगा था और घरेलू सामान बेचकर नशे की सामग्री खरीदता था। परिवार लगातार इस स्थिति से परेशान था। उसने आरोप लगाया कि जिस युवक के साथ मारपीट हुई उसका नाम शिवम है और वही उसके भाई को नशे की सामग्री उपलब्ध कराता था।

    ज्योति ने बताया कि उसने कई बार संबंधित युवकों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। आखिरकार आक्रोश में आकर उसने यह कदम उठाया। उसने यह भी कहा कि उसने अपने भाई के संबंध में पहले ही देहात थाना में शिकायत दर्ज कराई है।

    हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वीडियो वायरल होने के बाद शहर में घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस मारपीट और लोगों के मूकदर्शक बने रहने की घटना ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • सिंहस्थ 2028 की तैयारी: उज्जैन में शंकराचार्य मठ की तीन मंजिला इमारत पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई

    सिंहस्थ 2028 की तैयारी: उज्जैन में शंकराचार्य मठ की तीन मंजिला इमारत पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई


    उज्जैन । उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर नगर निगम ने व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू कर दिया है। बुधवार को जोन क्रमांक 03 क्षेत्र में नृसिंह घाट से लालपुल ब्रिज मार्ग तक 2016 के बाद बने पक्के निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की गई। निगम अमले ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ मेले के दौरान साधु संतों के डेरों टेंट व्यवस्था और श्रद्धालुओं की पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

    कार्रवाई के दौरान नर्मदा घाट क्षेत्र स्थित शंकराचार्य मठ में पुण्यानंद गिरी महाराज के आश्रम पर भी बुलडोजर चला। यहां 54 कमरों का तीन मंजिला भवन निर्मित किया गया था जिसमें एसी और नॉन एसी कमरे उपलब्ध थे। प्रशासन के अनुसार इस भवन में अवैध रूप से होटल का संचालन किया जा रहा था। करीब 10 से 15 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बने इस स्थायी ढांचे को नगर निगम की टीम ने ध्वस्त करना शुरू किया।

    इसी क्रम में नरसिंह घाट रोड पर लगभग 60×80 फीट क्षेत्र में बने माधवानंद आश्रम को हटाया गया। साथ ही करीब 80×150 फीट में निर्मित कलोता समाज की धर्मशाला पर भी कार्रवाई की गई। बागली समाज सहित अन्य स्थानों पर बने अवैध निर्माणों को भी चिह्नित कर हटाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ क्षेत्र में 2016 के बाद बने सभी स्थायी निर्माणों की सूची तैयार कर ली गई है और नियमों के विरुद्ध खड़े किए गए ढांचों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।

    नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने कहा कि सिंहस्थ क्षेत्र में किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद यदि निर्माण किए गए हैं तो वे नियमों का उल्लंघन हैं और उन्हें हटाया जाना अनिवार्य है। अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि जिला प्रशासन से प्राप्त सूची के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सिंहस्थ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और साधु संतों की आवाजाही रहती है इसलिए सुरक्षा यातायात और व्यवस्था बनाए रखने के लिए खुला क्षेत्र आवश्यक है।

    प्रशासन के अनुसार सिंहस्थ क्षेत्र लगभग 180 हेक्टेयर में फैला हुआ है और इस पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी विशेष संस्था या व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि मेला व्यवस्था को सुचारु और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। सिंहस्थ 2028 को लेकर शासन प्रशासन पहले से ही तैयारियों में जुटा है और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में अन्य चिन्हित स्थलों पर भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

  • राजधानी में दो सगी बहनें नौकरी का झांसा देकर कर रही थीं धर्मांतरण और देह व्यापार

    राजधानी में दो सगी बहनें नौकरी का झांसा देकर कर रही थीं धर्मांतरण और देह व्यापार

    भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस ने भोपाल में नौकरी का झांसा देकर धर्मांतरण और देह व्यापार का धंधा चलाने के आरोप में दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि वे लड़कियों का धर्मांतरण करवाकर अमीर युवकों को गुजरात और मुंबई तक सप्लाई करती थीं।

    अमरीन और आफरीन नाम की ये दोनों सगी बहनों ने इतना पैसा कमाया कि भोपाल की अब्बास नगर की एक झुग्गी से निकलकर आशिमा मॉल के पास सागर रॉयल विला में आलीशान विला खरीद लिया। अमरीन और आफरीन नाम की ये बहनें लग्जरी लाइफ स्टाइल जीती थीं।

    मामले का खुलासा तब हुआ, जब रविवार रात को भोपाल और छत्तीसगढ़ की रहने वाली दो युवतियां राजधानी के बाग सेवनिया थाने पहुंच गईं। दोनों ने थाने में अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया। सोमवार को अमरीन, आफरीन और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया। तीन अन्य आरोपी बिलाल, चानू और यासिर की तलाश की जा रही है।

    अमरीन और आफरीन ने पुलिस को बताया कि वे गरीब घरों की लड़कियों को टारगेट करती थीं। पहले मदद के नाम पर घरेलू काम के लिए रखती थीं। फिर हाई प्रोफाइल लाइफ स्टाइल का सपना दिखाकर बड़ी पार्टीज में ले जाती थीं। वहां उन्हें रईसजादों के आगे परोस दिया करती थीं।

    पीड़िताओं ने एफआईआर में बताया है कि चंदन यादव सागर रॉयल विला में अमरीन-आफरीन के साथ रहता है। वह दोनों बहनों के संपर्क में आने के बाद इस्लाम अपना चुका है। अमरीन और आफरीन दोनों पीड़िताओं को गुजरात और मुंबई ले गई थीं। वहां भी उन्होंने अनजान लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। वे शराब पीने और एमडी ड्रग्स लेने के लिए भी दबाव डालती थीं। पुलिस ने अमरीन, आफरीन और चंदन के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। अमरीन के मोबाइल में कई संदिग्ध वॉट्सएप ग्रुप मिले हैं। उसमें कई युवतियों के फोटो भी हैं।

    पुलिस को अमरीन और आफरीन के देह व्यापार गिरोह से जुड़े होने के भी सबूत मिले हैं। उनके गिरोह में चंदन यादव के अलावा बिलाल और यासिर भी काम करते थे। दोनों पीड़िताओं से तीनों युवक कई बार रेप कर चुके। वे किसी को भी वारदात के बारे में बताने पर बदनाम करने की धमकी देते थे।

    भोपाल की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मैं अमरीन के घर काम करती थी। एक दिन चंदन और अमरीन के बीच विवाद हो गया। चंदन नाराज होकर कहीं चला गया। अमरीन ने मुझे कहा कि चंदन को तलाशने चलना है। मैं उसके साथ चली गई। हम दोनों नारायण नगर में रहने वाली चंदन की बहन के घर पहुंचे। वहां चंदन मिला। कुछ देर बाद अमरीन कहीं चली गई। इस दौरान चंदन ने पहली बार मेरे साथ दुष्कर्म किया। किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। बदनामी का डर भी दिखाया। चंदन ने कहा कि मैं इस्लाम अपना चुका हूं। तुम भी मुस्लिम बन जाओ। तुम्हारी शादी अच्छी जगह करा दूंगा। चंदन की बातों में आकर मैं मुस्लिम बन गई। इसके बाद अमरीन ने मुझे बुर्का पहनने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया।

    छत्तीसगढ़ में मुंगेली जिले में रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अमरीन काम के बहाने मुझे गुजरात के अहमदाबाद भी ले गई। वहां यासिर नाम के उसके रिश्तेदार ने भी मेरे साथ दुष्कर्म किया। इसी तरह अलग-अलग समय में अमरीन के भाई बिलाल और चानू ने भी दुष्कर्म किया। सभी के पास अमरीन किसी बहाने से मुझे लेकर पहुंची और अकेला छोड़कर चली गई थी। दोनों ही पीड़िताओं ने पुलिस को बताया कि अमरीन-आफरीन दोनों को अपने घर में रखती थीं। उन्हें 10 हजार रुपए महीना में घरेलू काम करने होते थे। खाना, घूमना और पबिंग-क्लबिंग फ्री में करने को मिलती थी।

    पीड़िताओं ने बताया कि जब हमने अमरीन के पास से काम छोड़ने की बात कही तो उसने धमकी दी कि किसी को हमारे संबंध में कुछ मत बताना। कभी मुंह खोलने की हिमाकत मत करना। हमारे संबंध कई बड़े लोगों से हैं। हमारे खिलाफ कभी भी कोई बात सुनने को मिली तो जान से हाथ तक धोना पड़ सकता है।

  • भोपाल में जायका टीम ने महावड़िया सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन का किया सूक्ष्म मूल्यांकन, बिजली आपूर्ति में सुधार

    भोपाल में जायका टीम ने महावड़िया सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन का किया सूक्ष्म मूल्यांकन, बिजली आपूर्ति में सुधार


    भोपाल । भोपाल में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी जायका ने मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी एमपी ट्रांसको के ट्रांसमिशन नेटवर्क सुदृढ़ीकरण के तहत हुए कार्यों का विस्तृत निरीक्षण और सूक्ष्म मूल्यांकन किया। जायका की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी और भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने भोपाल में वित्त पोषित जायका 2 परियोजनाओं के निर्माण कार्यों गुणवत्ता उपयोगिता और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार क्रियान्वयन का बारीकी से परीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी महावड़िया सब स्टेशन और इसके लिए निर्मित 132 केवी महावड़िया मुगलियाछाप डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन का निरीक्षण किया। सुश्री ताकाहाशी ने परियोजना की प्रारंभिक योजना क्रियान्वयन प्रक्रिया स्थापित उपकरणों की गुणवत्ता लागत और रखरखाव से संबंधित जानकारी प्राप्त की। सब स्टेशन के संचालन और संधारण पदस्थ कर्मचारियों की योग्यता दैनिक कार्य आपातकालीन स्थिति से निपटने की कार्ययोजना और पर्यावरणीय प्रभावों का भी जायका टीम ने मूल्यांकन किया। निरीक्षण के उपरांत टीम ने पाया कि सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं और इसके क्रियान्वयन में उच्च गुणवत्ता बनी हुई है।

    जायका टीम ने महावड़िया सब स्टेशन के आसपास के क्षेत्र के व्यापारियों से प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि सब स्टेशन बनने के बाद बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें पर्याप्त और निर्बाध बिजली मिल रही है जिससे व्यवसाय संचालन आसान हो गया है और आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार आया है।

    उदाहरण के तौर पर डेयरी संचालक श्री दिनेश यादव ने बताया कि 2021 से पहले मंडीदीप सब स्टेशन से आने वाली लंबी लाइन के कारण बार बार ट्रिपिंग और वोल्टेज उतार चढ़ाव की समस्या रहती थी। सब स्टेशन बनने के बाद यह समस्या समाप्त हो गई है। अब वह अपने फ्रिज और रेफ्रिजरेटर बिना रुकावट चलाकर दूध और दही जैसी सामग्री लंबे समय तक सुरक्षित रख पा रहे हैं जिससे दुकान की आय बढ़ी है।

    इसी तरह श्री बाबूलाल विश्वकर्मा ने बताया कि पहले बिजली कटौती और लाइन फॉल्ट के कारण वेल्डिंग कार्य रुक जाता था जिससे कार्य अवधि कम रहती थी। अब सतत और उच्च वोल्टेज की आपूर्ति से उनका कार्य सुचारु रूप से चल रहा है और ग्राहक समय पर सेवा प्राप्त कर पा रहे हैं।स्थानीय नागरिकों ने भी बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से पहले क्षेत्र में लंबे समय तक विद्युत व्यवधान रहता था जो अब न्यूनतम हो गया है। इससे घरेलू और व्यावसायिक गतिविधियों को स्थिरता और गति मिली है।

    जायका टीम ने इस निरीक्षण में पाया कि महावड़िया सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन न केवल तकनीकी मानकों पर खरे उतरे हैं बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और नागरिक जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। परियोजना के समग्र लाभों ने भोपाल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाई है और स्थानीय व्यवसायियों तथा उपभोक्ताओं को निरंतर लाभ पहुंचाया है।