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  • बकरीद से पहले बाजार गर्म: बकरों की कीमत 8 हजार से 1 लाख तक पहुंची

    बकरीद से पहले बाजार गर्म: बकरों की कीमत 8 हजार से 1 लाख तक पहुंची


    मध्य प्रदेश। बड़वानी जिले के पलसूद में ईद-उल-अजहा से पहले बकरा बाजार में रौनक बढ़ गई है। 28 मई को मनाए जाने वाले बकरीद पर्व को देखते हुए पशु बाजार में खरीदारों और व्यापारियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। कृषि उपज मंडी में लगे इस विशेष पशु बाजार में मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग बकरों की खरीद-फरोख्त के लिए पहुंचे, जिससे पूरा माहौल उत्सव जैसा नजर आया।

    हालांकि बाजार में बढ़ती रौनक के बीच खरीदारों की चिंता भी साफ दिखाई दी, क्योंकि इस बार बकरों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में भारी उछाल दर्ज किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो बकरा पिछले वर्ष 10 से 15 हजार रुपए में आसानी से मिल जाता था, उसकी कीमत अब 20 से 30 हजार रुपए तक पहुंच गई है। वहीं अच्छी नस्ल और अधिक वजन वाले बकरों के दाम कई गुना बढ़कर आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं।

    बाजार में इस बार अलवरी, तोतापरी, सिरोही और अजमेरा नस्ल के बकरे बिक्री के लिए लाए गए हैं। इनकी कीमत 15 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक बताई जा रही है। व्यापारियों के अनुसार बकरों की कीमत उनके वजन, नस्ल और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है, जिसके चलते अच्छी क्वालिटी वाले पशुओं की मांग काफी बढ़ गई है।

    पलसूद, सेंधवा और बड़वानी के पशु बाजारों में त्योहार नजदीक आने के साथ खरीदारी तेज हो गई है। स्थानीय व्यापारियों के अलावा महाराष्ट्र सहित आसपास के राज्यों से भी खरीदार यहां पहुंच रहे हैं। बाजार में बड़े और भारी भरकम बकरे लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जहां हर कोई अपनी जरूरत और बजट के अनुसार पशु खरीदने की कोशिश कर रहा है।

    खरीदारों का कहना है कि इस बार दाम पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुने हो गए हैं, जिससे आम लोगों के बजट पर असर पड़ा है। इसके बावजूद बकरीद को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ है और लोग अपनी क्षमता के अनुसार पशुओं की खरीदारी में जुटे हैं।

  • बड़वानी में कृषि संकट: फसल की कीमत कम, पशुओं को खिलाने को मजबूर किसान

    बड़वानी में कृषि संकट: फसल की कीमत कम, पशुओं को खिलाने को मजबूर किसान

    मध्य प्रदेश। बड़वानी जिले में इस बार बैगन उत्पादक किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है। जिसे कभी नकदी फसल माना जाता था, वही बैगन आज किसानों के लिए घाटे का सौदा बन चुका है। हालात ऐसे हैं कि कई किसानों को अपनी मेहनत से उगाई गई फसल खेतों में छोड़नी पड़ रही है या फिर ट्रैक्टरों में भरकर गौशालाओं में पशुओं को खिलाना पड़ रहा है। कीमतों में भारी गिरावट के चलते किसानों की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है।

    जिले में बैगन की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन यही अधिक उत्पादन किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। पिछले लगभग 20 दिनों से मंडियों में बैगन के दाम लगातार गिरते जा रहे हैं। शुरुआती उम्मीद 10 से 12 रुपए प्रति किलो की थी, लेकिन अब हालात यह हैं कि व्यापारी 1 रुपए प्रति किलो पर भी खरीदने को तैयार नहीं हैं। कई जगह तो खरीददार ही नहीं मिल रहे।

    ग्राम करी के किसान दीपक गेहलोद ने चार एकड़ में बैगन की खेती की थी। उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ लगभग 35 से 40 हजार रुपए की लागत आई थी। कुल मिलाकर 1.5 लाख रुपए से अधिक का खर्च बीज, खाद, दवा और मजदूरी में हो गया। लेकिन बाजार में गिरते भाव के कारण अब हालत यह है कि फसल तोड़ने और मंडी तक ले जाने का खर्च भी नहीं निकल रहा।

    स्थिति इतनी खराब हो गई है कि कई किसान बैगन की तुड़ाई ही बंद कर चुके हैं। कुछ किसान खेतों में सड़ती फसल देखकर उसे पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बैगन गौशालाओं तक पहुंचाए जा रहे हैं, जहां उन्हें गायों के लिए चारा बनाया जा रहा है।

    स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस बार लोकल उत्पादन ज्यादा होने और बाहरी मंडियों में भी सप्लाई बढ़ने के कारण कीमतें गिर गई हैं। कई सौदे पहले ही खड़ी फसल में तय हो जाते हैं, जिससे आगे बाजार में मांग कम रह जाती है और रेट और नीचे चले जाते हैं।

    कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के कारण बैगन का उत्पादन पिछले साल की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत अधिक हुआ है। लेकिन मांग के मुकाबले सप्लाई बढ़ने से बाजार पूरी तरह असंतुलित हो गया है।

    कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय विविधीकरण अपनाना चाहिए। साथ ही एफपीओ और प्रोसेसिंग यूनिट्स से सीधे जुड़कर बिक्री करनी चाहिए, ताकि बिचौलियों पर निर्भरता कम हो और उचित दाम मिल सकें।

    फिलहाल बड़वानी के किसान सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाए या फिर निर्यात को बढ़ावा देकर बाजार में संतुलन बनाया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले सीजन में बैगन की खेती से किसान और दूर हो सकते हैं।

  • नियुक्ति पर सियासी तकरार: दावेदार आरतानी के खिलाफ खुलकर आया विरोध

    नियुक्ति पर सियासी तकरार: दावेदार आरतानी के खिलाफ खुलकर आया विरोध


    मध्य प्रदेश। खंडवा में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष पद को लेकर संगठन के भीतर गुटीय राजनीति खुलकर सामने आ गई है। पद के प्रमुख दावेदार सागर आरतानी के खिलाफ अब ब्राह्मण समाज की महिला विंग ने मोर्चा खोल दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

    ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर के निवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और सागर आरतानी की नियुक्ति का कड़ा विरोध दर्ज कराया। समाज का आरोप है कि आरतानी के पिता अनिल आरतानी पर पूर्व में महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का मामला दर्ज रहा है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

    महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि ऐसे परिवार से जुड़े व्यक्ति को किसी भी संगठनात्मक या राजनीतिक पद पर जिम्मेदारी देना समाज के लिए गलत संदेश देगा। उन्होंने मांग की कि सागर आरतानी को कोई पद न दिया जाए।

    इस विरोध के दौरान महिला विंग ने चेतावनी भी दी कि यदि आरतानी को पद सौंपा गया, तो ब्राह्मण समाज भाजपा का कड़ा विरोध करेगा। इस घटनाक्रम ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को भी उजागर कर दिया है।

    इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों की सक्रियता भी सामने आ रही है। इसी बीच भाजपा की मंडल अध्यक्ष स्नेहा पाराशर भी ज्ञापन देने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में मौजूद रहीं, जिससे यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिखाई दिया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि किसी व्यक्ति के परिजनों पर लगे आरोपों के आधार पर उसकी राजनीतिक दावेदारी को खारिज करना उचित नहीं माना जा सकता। इसे पार्टी की अंदरूनी खींचतान और संगठनात्मक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

    फिलहाल इस पूरे मामले ने खंडवा की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में संगठनात्मक निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं।

  • खंडवा में सड़क दुर्घटना: बाइक सवार युवक की जान गई, दो की हालत नाजुक

    खंडवा में सड़क दुर्घटना: बाइक सवार युवक की जान गई, दो की हालत नाजुक


    मध्य प्रदेश। खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। झूम्मरखाली गांव के पास खंडवा-हरदा मार्ग पर तेज रफ्तार से चल रहे ट्रैक्टर और बाइक के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।

    यह हादसा सोमवार शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच हुआ, जब तीन युवक एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। जैसे ही वे मंगल वेयरहाउस के पास पहुंचे, सामने से आ रहे ट्रैक्टर से उनकी बाइक टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते आसपास के ग्रामीण और राहगीर बड़ी संख्या में वहां जुट गए।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को हरसूद अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बोरीसराय गांव निवासी 19 वर्षीय मनोज उर्फ बबलू को मृत घोषित कर दिया। वहीं हरदा निवासी तरुण और बोरीसराय निवासी मुकेश गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।

    हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मृतक के घर और गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजन सदमे में हैं और रो-रोकर बुरा हाल है।

    हरसूद थाना प्रभारी राजकुमार राठौर ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही सामने आई है। खास बात यह है कि ट्रैक्टर चालक भी मृतक के ही गांव बोरीसराय का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और किसकी लापरवाही अधिक रही।

  • महिला सशक्तिकरण की मिसाल: खरगोन में पिंक टॉयलेट के साथ मिली कई सुविधाएं

    महिला सशक्तिकरण की मिसाल: खरगोन में पिंक टॉयलेट के साथ मिली कई सुविधाएं


    मध्य प्रदेश। खरगोन जिला अस्पताल परिसर में मंगलवार को महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पिंक टॉयलेट की शुरुआत की गई। नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी और सीएमओ कमला कौल ने इसका उद्घाटन किया।

    नगर पालिका द्वारा सुलभ शौचालय परिसर को विशेष रूप से पिंक टॉयलेट में परिवर्तित किया गया है, जिसका उपयोग केवल महिलाएं ही कर सकेंगी। इस सुविधा का संचालन और देखरेख भी महिलाओं के हाथों में सौंपी गई है।

    इस पिंक टॉयलेट में स्नानघर की व्यवस्था के साथ एक वेटिंग रूम भी बनाया गया है, जहां सोफे लगाए गए हैं। साथ ही छोटे बच्चों के लिए झूले भी लगाए गए हैं, ताकि महिलाओं को अपने बच्चों के साथ किसी तरह की परेशानी न हो।

    अधिकारियों के अनुसार, यह पहल महिलाओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है। अस्पताल परिसर में आने वाली महिलाओं को अब बेहतर और सुरक्षित शौचालय सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम में पार्षद, समिति सदस्य और अस्पताल स्टाफ भी मौजूद रहे।

  • आतिशबाजी के बीच श्रद्धा का संगम: भोजशाला में महाआरती और हवन सम्पन्न

    आतिशबाजी के बीच श्रद्धा का संगम: भोजशाला में महाआरती और हवन सम्पन्न


    मध्य प्रदेश। धार की ऐतिहासिक भोजशाला मंगलवार को भक्ति, आस्था और उत्साह के रंग में रंगी नजर आई। हाल ही में हाईकोर्ट और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के फैसले के बाद यहां “महासत्याग्रह” और “महाविजय महोत्सव” का आयोजन किया गया। इस मौके पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

    मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना और अखंड ज्योति की स्थापना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद भजन संध्या, हवन और महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। जैसे-जैसे आयोजन आगे बढ़ा, पूरा परिसर जयकारों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा।

    श्रद्धालुओं ने घरों से पटाखे लाकर आतिशबाजी की और अपनी खुशी का इजहार किया। पूरे परिसर में दीपावली जैसा दृश्य देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।

    भोज उत्सव समिति के अनुसार, यह पहला मौका है जब हालिया निर्णय के बाद मंगलवार को “महासत्याग्रह” के रूप में बड़ा आयोजन किया गया। पहले जहां प्रति मंगलवार सत्याग्रह होता था, वहीं अब इसे “विजय महोत्सव” के रूप में मनाया जा रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने यह मांग भी उठाई कि मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को लंदन से वापस लाया जाए और भोजशाला में पुनः स्थापित किया जाए।

  • लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला: बारात देखने के दौरान हिंसा से मचा हड़कंप

    लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला: बारात देखने के दौरान हिंसा से मचा हड़कंप


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के धार जिले के अमझेरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां सिर्फ बारात देखने के दौरान हुई मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ लोगों ने एक युवक पर लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, खमालिया निवासी 24 वर्षीय विजय थाना परिसर के पीछे स्थित आंगनवाड़ी के पास खड़ी बारात को देख रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसके वहां खड़े होने पर आपत्ति जताई। पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया।

    हमलावरों ने युवक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उसके ऊपर पत्थर भी फेंके। अपनी जान बचाने के लिए विजय भागते हुए सीधे अमझेरा थाना परिसर में घुस गया। इसके बावजूद आरोपी उसका पीछा करते हुए काफी दूर तक पहुंचे। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमले और अफरा-तफरी के दृश्य साफ दिखाई दे रहे हैं।

    घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और महिला सहित कुल 5 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    अमझेरा थाना प्रभारी राजू मकवाना के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है और वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

  • देवास में लापरवाही उजागर: ग्रीन शेड गिरने से बाल-बाल बचे लोग

    देवास में लापरवाही उजागर: ग्रीन शेड गिरने से बाल-बाल बचे लोग

     
    मध्य प्रदेश। देवास शहर में सोमवार रात अस्पताल तिराहा पर लगा ग्रीन नेट शेड अचानक गिरने से हड़कंप मच गया। यह शेड भीषण गर्मी से राहगीरों को राहत देने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा लगाया गया था, जो सड़क के दोनों ओर स्थापित था।

    घटना देर रात की है, जब क्षेत्र में आवाजाही कम थी। इसी कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। यदि यह घटना दिन के समय होती तो चौराहे पर भीड़भाड़ के कारण गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि किसी वाहन की टक्कर से शेड का सपोर्टिंग पाइप क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण पूरा ढांचा अचानक गिर पड़ा। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    नगर निगम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शेड किसी वाहन की टक्कर से गिरा या इसके पीछे कोई तकनीकी खामी या अन्य कारण था।

    नगर निगम अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदार से भी रिपोर्ट तलब की है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी ग्रीन नेट शेड्स की जांच के निर्देश दिए हैं।

  • देवास में सनसनीखेज वारदात: युवक की फरसी से काटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

    देवास में सनसनीखेज वारदात: युवक की फरसी से काटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के देवास शहर में मंगलवार तड़के एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां बालगढ़ चौराहे पर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

    जानकारी के अनुसार, मृतक मुकेश, जो शहर की एक निजी कंपनी में काम करता था, मंगलवार सुबह करीब 4:45 बजे खून से लथपथ हालत में बालगढ़ क्षेत्र में एक पान की गुमटी के पीछे पड़ा मिला। राहगीरों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद औद्योगिक थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा थी। मृतक मुकेश और आरोपी भावेश चौधरी एक ही मोहल्ले में रहते थे और दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार तड़के करीब 4 बजे किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।

    इसी दौरान आरोपी भावेश ने धारदार हथियार (फरसी) से मुकेश पर हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

    घटनास्थल से पुलिस ने खून से सनी फरसी भी बरामद कर ली है, जिसे हत्या में इस्तेमाल किया गया था। थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

  • पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मक्सी दंगे का आरोपी गिरफ्तार, 3 अभी भी फरार

    पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मक्सी दंगे का आरोपी गिरफ्तार, 3 अभी भी फरार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के मक्सी दंगा मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 20 महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी लारेब मेव को मक्सी पुलिस ने सोमवार रात सब्जी मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी मुखबिर की पुख्ता सूचना के आधार पर की गई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।

    मक्सी थाना प्रभारी संजय वर्मा के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मंगलवार सुबह उज्जैन से आई सीआईडी टीम के हवाले कर दिया गया। सीआईडी टीम ने उसे न्यायालय में पेश किया और आगे की पूछताछ तथा मामले के अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए रिमांड की मांग की है।

    सूत्रों के अनुसार, लारेब मेव दंगा प्रकरण दर्ज होने के बाद से लगातार पुलिस की पकड़ से बचता आ रहा था। इस मामले में पहले भी कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन अब भी कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में एक बार फिर मक्सी दंगा मामला चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जबकि पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    अपराध अनुसंधान कार्यालय में पदस्थ टीआई लाखन सिंह भूरिया ने बताया कि इस केस में एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।