Category: Madhya Pradesh

  • लू ने बढ़ाई मुश्किलें: शाजापुर में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित

    लू ने बढ़ाई मुश्किलें: शाजापुर में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित


    मध्य प्रदेश। शाजापुर जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है। सोमवार को भी अधिकतम तापमान लगभग 45 डिग्री दर्ज किया गया, जिसके बाद से पूरे जिले में भीषण तपिश और लू जैसे हालात बने हुए हैं। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।

    मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया के अनुसार, इस समय रात का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता मात्र 15 प्रतिशत के आसपास है। उत्तर-पश्चिमी दिशा से चल रही 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं गर्मी के असर को और बढ़ा रही हैं, जिससे लू का प्रभाव और अधिक महसूस किया जा रहा है।

    दोपहर होते-होते हालात ऐसे हो जाते हैं कि शहर के बाजार और मुख्य चौराहों पर सन्नाटा पसर जाता है। दोपहर 1 बजे के बाद सड़कें लगभग खाली हो जाती हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हो जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो गर्म हवाओं और जलते सूरज से बचने के लिए चेहरे को रुमाल, गमछा, हेलमेट और चश्मे से ढककर निकल रहे हैं।

    गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों ने शिकायत की है कि मोबाइल फोन अत्यधिक गर्म होकर धीमे काम कर रहे हैं या बार-बार बंद हो जा रहे हैं। कुछ मामलों में स्मार्टफोन की कार्यक्षमता पर भी असर देखा जा रहा है।

    मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, फिलहाल कुछ दिनों तक गर्मी का यह दौर जारी रहेगा, हालांकि 20 मई के बाद तापमान में हल्की गिरावट संभव है। लेकिन नौतपा के दौरान एक बार फिर तापमान में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं प्री-मानसून गतिविधियां 1 जून के आसपास शुरू होने और 16 जून तक मानसून के शाजापुर पहुंचने की संभावना जताई गई है।

    फिलहाल, तेज गर्मी और लू ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और प्रशासन ने भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • शिक्षा व्यवस्था की हकीकत: मध्यप्रदेश के स्कूलों में शौचालय संकट उजागर

    शिक्षा व्यवस्था की हकीकत: मध्यप्रदेश के स्कूलों में शौचालय संकट उजागर


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। प्रदेश के 788 सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय नहीं होने या अधूरे पड़े होने की वजह से ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे बड़े अभियानों की जमीनी हकीकत उजागर हो गई है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन स्कूलों में शौचालय निर्माण के लिए करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपए का बजट जारी किया गया था, लेकिन कई जगह इस राशि का उपयोग शौचालय निर्माण के बजाय फर्नीचर, रंगाई-पुताई और अन्य कार्यों में कर लिया गया। नतीजा यह हुआ कि आज भी कई स्कूलों में छात्राओं को खुले मैदान, दीवार की ओट या अस्थायी व्यवस्था के सहारे शौच जाना पड़ रहा है।

    राज्य के कई जिलों अशोकनगर, सीहोर और राजगढ़ से सामने आई रिपोर्टें स्थिति की गंभीरता को और उजागर करती हैं। कहीं सिर्फ टूटी दीवारों के सहारे शौचालय का “नाम” बचा है, तो कहीं छात्राएं महिला शिक्षकों की निगरानी में असुरक्षित परिस्थितियों में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं। कई जगह तो हालत इतनी खराब है कि छात्राओं को आपात स्थिति में घर लौटना पड़ता है या स्कूल छोड़ना पड़ता है।

    राजगढ़ के एक प्राथमिक विद्यालय में 26 छात्राएं बिना शौचालय के पढ़ाई कर रही हैं, जबकि अशोकनगर के एक स्कूल में 135 बच्चों को अस्थायी रूप से कॉलेज परिसर के एक कमरे में शिफ्ट किया गया है, जहां शौचालय की सुविधा ही नहीं है।

    इस बीच भ्रष्टाचार के भी गंभीर मामले सामने आए हैं। धार जिले में लोकायुक्त ने एक डीपीसी अधिकारी को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोप है कि अधिकारी ने 122 शौचालयों के निर्माण से पहले ही कंप्लीशन सर्टिफिकेट (CC) जारी करने के बदले 17 लाख रुपए की मांग की थी।

    शिक्षा मंत्री ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यदि शौचालय निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

    फिलहाल यह पूरा मामला शिक्षा व्यवस्था, जवाबदेही और विकास योजनाओं की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जहां कागजों पर सुविधाएं पूरी दिख रही हैं लेकिन जमीनी स्तर पर छात्राएं आज भी बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं।

  • 13 हजार मीट्रिक टन क्षमता बेकार: स्थानीय गोदाम खाली, 50 किमी दूर से सप्लाई जारी

    13 हजार मीट्रिक टन क्षमता बेकार: स्थानीय गोदाम खाली, 50 किमी दूर से सप्लाई जारी


    नई दिल्ली। राजगढ़ जिले के खिलचीपुर क्षेत्र में समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे गेहूं के भंडारण को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। जहां एक ओर स्थानीय स्तर पर करीब 13 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले वेयरहाउस खाली पड़े हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों की उपज को 50 किलोमीटर दूर ब्यावरा भेजा जा रहा है। इस फैसले से न केवल समय और संसाधनों की बर्बादी हो रही है, बल्कि शासन पर अतिरिक्त परिवहन खर्च का बोझ भी बढ़ रहा है।

    खिलचीपुर क्षेत्र के छापीहेड़ा, माचलपुर, कोडक्या और भाटखेड़ा उपार्जन केंद्रों पर किसानों से गेहूं की खरीद जारी है। नियमों के अनुसार, खरीदी गई उपज को पहले नजदीकी वेयरहाउस में सुरक्षित किया जाना चाहिए ताकि परिवहन लागत कम रहे और भंडारण व्यवस्था सुचारू बनी रहे। लेकिन जमीनी स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है। क्षेत्र के श्री गणेश किसान केंद्र बड़बेली और शिवहरे वेयरहाउस बड़बेली में पर्याप्त जगह उपलब्ध होने के बावजूद अधिकांश स्टॉक ब्यावरा भेजा जा रहा है।

    इस पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का आरोप है कि यह व्यवस्था तकनीकी से ज्यादा “मैपिंग और निर्णय प्रक्रिया” की खामियों का नतीजा है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि लंबी दूरी के परिवहन से ठेकेदारों को अधिक भुगतान और कमीशन का लाभ मिलता है, जिससे जानबूझकर गेहूं दूर भेजे जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

    वहीं, मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) के खिलचीपुर-छापीहेड़ा शाखा प्रबंधक वसंत देवड़े ने स्वीकार किया है कि स्थानीय गोदाम खाली हैं। उनके अनुसार, “उपार्जन समितियों द्वारा जिस वेयरहाउस की मैपिंग की जाती है, उसी के अनुसार गेहूं भेजा जाता है।” हालांकि उन्होंने यह भी माना कि नियमानुसार पहले नजदीकी वेयरहाउस का उपयोग होना चाहिए और इस संबंध में सुधार के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा गया है।

    फिलहाल इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और परिवहन व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों और आम लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।

  • बिजली कटौती अलर्ट: पठारी के कई इलाकों में 5 घंटे रहेगा अंधेरा

    बिजली कटौती अलर्ट: पठारी के कई इलाकों में 5 घंटे रहेगा अंधेरा


    नई दिल्ली। विदिशा जिले के पठारी क्षेत्र में मंगलवार को बिजली उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा 33/11 केवी उपकेंद्र पर आवश्यक रखरखाव और क्षमता वृद्धि कार्य किया जाएगा, जिसके चलते विद्युत आपूर्ति पांच घंटे तक बाधित रहेगी।

    बिजली कटौती दोपहर 3 बजे से शुरू होकर रात 8 बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान उपकेंद्र में नया और अधिक क्षमता वाला ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा, जिससे भविष्य में बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और बेहतर बनाया जा सके।

    इस शटडाउन के कारण पठारी टाउन, बिसलोनी ग्रामीण, काकलखेड़ी, बीलाखेड़ी, कंकलखेड़ी पंप और बिसलोनी पंप फीडर से जुड़े सभी घरेलू और कृषि क्षेत्र प्रभावित रहेंगे।

    भीषण गर्मी के बीच यह बिजली कटौती लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है, क्योंकि इससे पानी की आपूर्ति, घरेलू कामकाज और छोटे व्यवसायों पर असर पड़ेगा।

    विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि तकनीकी कार्य की वजह से यह आवश्यक शटडाउन लिया गया है। विभाग के अनुसार कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्र में बेहतर और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि तकनीकी परिस्थितियों के अनुसार समय में बदलाव संभव है।

  • राहत की उम्मीद: मौसम विभाग का अनुमान-इस बार जल्दी आएगा मानसून

    राहत की उम्मीद: मौसम विभाग का अनुमान-इस बार जल्दी आएगा मानसून


    नई दिल्ली। सीहोर जिले में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन के समय सड़कें सुनसान नजर आईं और जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा। तेज धूप और लू के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    गर्मी के इस प्रचंड दौर में मौसम विभाग ने एक राहत भरी संभावना जताई है। विभाग के अनुसार इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने सामान्य समय से लगभग एक सप्ताह पहले केरल में दस्तक दे सकता है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में भी मानसून 10 से 16 जून के बीच पहुंचने की संभावना है।

    मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मानसून बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करेगा और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए जून के दूसरे सप्ताह तक सीहोर जिले को भी कवर कर लेगा। इस बार सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना भी जताई जा रही है।

    फिलहाल, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने के कारण गर्मी और लू का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 मई से नौतपा की शुरुआत होगी, जिसके चलते जून के पहले सप्ताह तक भीषण गर्मी जारी रह सकती है।

    हालांकि जून के दूसरे सप्ताह से प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है, जिससे बादल, हल्की बारिश और हवाओं के कारण लोगों को धीरे-धीरे राहत मिल सकती है।

    इस बीच प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

  • फैक्ट्री हादसे से मचा हड़कंप: जिंदा जले मजदूर, हाईवे जाम से बढ़ा तनाव

    फैक्ट्री हादसे से मचा हड़कंप: जिंदा जले मजदूर, हाईवे जाम से बढ़ा तनाव


    नई दिल्ली। सतना जिले के अमरपाटन रोड स्थित भटनवारा क्षेत्र में सोमवार रात विद्याश्री सॉल्वेंट प्लांट में अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि प्लांट में बॉयलर फटने के बाद आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय प्लांट में 4 से 5 कर्मचारी मौजूद थे।

    आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कई किलोमीटर दूर से धुआं और आग दिखाई दे रही थी। इस हादसे में मशीन ऑपरेटर दिलावर सिंह परिहार आग में फंस गए और उनकी मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य कर्मचारी मुन्नू केवट गंभीर रूप से झुलस गया।

    सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की दमकल टीम मौके पर पहुंची और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घायल कर्मचारी को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।

    हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने सतना-अमरपाटन हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया और मुआवजे की मांग की। कई घंटों तक सड़क पर आवागमन ठप रहा।

    प्रशासन और प्लांट मालिक की ओर से बातचीत के बाद 15 लाख रुपये मुआवजा और अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपये की सहायता देने के आश्वासन पर रात करीब 3:30 बजे जाम हटाया गया।

    फैक्ट्री में धान की भूसी से राइस ब्रान ऑयल बनाने का काम होता था और शुरुआती जांच में आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • दहेज प्रताड़ना का आरोप: एक लाख और बाइक के लिए नवविवाहिता को किया गया परेशान

    दहेज प्रताड़ना का आरोप: एक लाख और बाइक के लिए नवविवाहिता को किया गया परेशान


    नई दिल्ली। सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र में सामने आए एक दर्दनाक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एक नवविवाहिता की आत्महत्या के मामले में उसके पति, सास और ननद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।

    मामला 21 वर्षीय शशि चौधरी से जुड़ा है, जिसकी शादी करीब एक साल पहले बहेलिया भाट निवासी राजेश चौधरी से हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही महिला को दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

    30 अप्रैल को शशि ने अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान हेडक्वार्टर डीएसपी मनोज दीक्षित ने सभी पक्षों के बयान दर्ज किए, जिसमें गंभीर खुलासे सामने आए।

    जांच में पाया गया कि पति राजेश चौधरी, सास आशा साकेत और ननद संध्या साकेत द्वारा दहेज में एक लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर महिला को लगातार प्रताड़ित किया जाता था, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।

    पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • अगले 4 दिन और बढ़ेगा पारा: सागर में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित

    अगले 4 दिन और बढ़ेगा पारा: सागर में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित


    नई दिल्ली। सागर में इस समय गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। मई के महीने में पहली बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है, जहां अधिकतम पारा 44.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी ने दिन ही नहीं, रातों को भी असहनीय बना दिया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है।

    शहर की सड़कों पर दोपहर के समय पूरी तरह सन्नाटा देखने को मिल रहा है। बाजारों में रौनक गायब है और लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। सूरज की तपिश सुबह 8:30 बजे से ही तेज महसूस होने लगती है और दोपहर 12 से 3 बजे के बीच लू का असर सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति में पहुंच जाता है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भीषण गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

    स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत लोगों को पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और आम पना जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। साथ ही सूती और ढीले कपड़े पहनने, सिर ढककर बाहर निकलने और धूप में ज्यादा देर न रहने की चेतावनी दी गई है।

    डॉक्टरों के अनुसार लू लगने पर सिरदर्द, उल्टी, अत्यधिक पसीना, कमजोरी, बेहोशी और शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे में तुरंत मरीज को छायादार स्थान पर ले जाकर ठंडे पानी की पट्टियां रखनी चाहिए और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराना चाहिए।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत है। खाली पेट बाहर निकलना, ज्यादा मसालेदार भोजन करना और लंबे समय तक धूप में रहना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। गर्मी का यह दौर आने वाले दिनों में और कठिन हो सकता है, जिससे जनजीवन पर असर और गहरा होने की आशंका जताई जा रही है।

  • रीवा में दर्दनाक वारदात: शराब पार्टी में कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या

    रीवा में दर्दनाक वारदात: शराब पार्टी में कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद में एक पुलिस आरक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात समान थाना क्षेत्र के गड़रिया मोहल्ले में रविवार देर रात हुई।

    जानकारी के अनुसार, मैहर जिले के रामनगर थाने में पदस्थ 35 वर्षीय आरक्षक राकेश कुमार पटेल अपने 10 वर्षीय बेटे की तबीयत खराब होने के चलते छुट्टी लेकर गांव आए हुए थे। रविवार रात वह परिजनों को थोड़ी देर में लौटने की बात कहकर घर से निकले थे।

    इसके बाद वह अपने परिचित और लंबे समय से दोस्त रहे राकेश तिवारी के घर पहुंचे, जहां दोनों के बीच शराब पार्टी चल रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया।

    आरोप है कि विवाद बढ़ने पर राकेश तिवारी ने अवैध पिस्टल से आरक्षक की कनपटी पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि परिजनों ने घायल आरक्षक को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी और पिता ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर बेहतर इलाज मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल अवैध थी और आरोपी के खिलाफ पहले से मारपीट के मामले दर्ज हैं। दोनों के बीच विवाद की असली वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    रीवा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में टीमों को लगाया गया है। एसपी गुरुकरण सिंह ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • जमीन पर बैठी प्रशासनिक बैठक: रीवा में कलेक्टर ने 42 अफसरों संग लगाई चौपाल

    जमीन पर बैठी प्रशासनिक बैठक: रीवा में कलेक्टर ने 42 अफसरों संग लगाई चौपाल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रशासनिक सक्रियता का एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी स्वयं 42 विभागीय अधिकारियों के साथ नॉन-एसी बस में बैठकर गंगेव जनपद पंचायत के टिकुरी गांव पहुंचे। इस दौरे का उद्देश्य ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना था।

    गांव पहुंचते ही कलेक्टर ने ग्राम पंचायत प्रांगण में चौपाल लगाई और सभी अधिकारियों को ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने राजस्व, सड़क, पानी, आवास और आंगनवाड़ी जैसी मूलभूत समस्याएं खुलकर सामने रखीं।

    चौपाल के दौरान राजस्व मामलों की समीक्षा में सीमांकन में देरी सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और संबंधित नायब तहसीलदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित रूप से न खुलने पर सुपरवाइजर के निलंबन और सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस देने की कार्रवाई के आदेश दिए गए।

    ग्रामीणों द्वारा रास्ता विवाद और संकरी सड़कों की समस्या उठाए जाने पर कलेक्टर ने तत्काल समाधान और सड़क चौड़ीकरण के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग गांव में शिविर लगाकर समयबद्ध तरीके से समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

    प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान जिन हितग्राहियों ने निर्माण कार्य शुरू नहीं किया था, उनके आवास निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए। वहीं नल-जल योजना में लापरवाही पाए जाने पर पीएचई उपयंत्री और रोजगार सहायक को नोटिस जारी किया गया।

    विद्युत विभाग को घर-घर मीटर लगाने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने और टंट्या मामा योजना के पात्र हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

    कलेक्टर ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि टिकुरी गांव की समस्याएं भविष्य में फिर से जनसुनवाई में आती हैं तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह दौरा प्रशासनिक सख्ती और जमीनी स्तर पर शासन की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।