Category: Madhya Pradesh

  • MP में फिर बदलेगा मौसम, तीन दिन आंधी-बारिश की चेतावनी, आज 34 जिलों में अलर्ट

    MP में फिर बदलेगा मौसम, तीन दिन आंधी-बारिश की चेतावनी, आज 34 जिलों में अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम में बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश में आंधी-बारिश का नया सिस्टम सक्रिय हो गया है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक खासतौर पर उत्तर और पूर्वी हिस्सों में मौसम बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग, भोपाल ने 9 अप्रैल तक तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को भोपाल और ग्वालियर सहित कुल 34 जिलों में चेतावनी दी गई है।

    इन जिलों में ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार 8 और 9 अप्रैल को भी ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में इस सिस्टम का असर बना रहेगा।

    प्रदेश में तेज हवाएं भी चलेंगी। कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह 30 से 40 किमी प्रतिघंटा रहने का अनुमान है। आमतौर पर दोपहर के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं, 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है।

    इससे पहले 4 से 6 अप्रैल के बीच प्रदेश में मौसम की तेज गतिविधियां देखी गई थीं। 4 अप्रैल को 14 जिलों में ओलावृष्टि हुई थी, जबकि 39 जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। इसके बाद रविवार और सोमवार को भी कई स्थानों पर बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि कुछ इलाकों में आंधी की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक जा सकती है, जबकि बाकी जगहों पर यह 30 से 40 किमी प्रतिघंटा रहेगी।

    आमतौर पर अप्रैल और मई को प्रदेश में भीषण गर्मी के महीने माना जाता है, लेकिन इस बार मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मार्च के दूसरे पखवाड़े में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, लेकिन महीने के आखिरी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी मौसम का यही मिला-जुला असर जारी रहने की संभावना है।

  • भोजशाला मामले में HC ने की सुनवाई… हिन्दु पक्ष का दावा- 1935 के बाद हुए अवैध कब्जे

    भोजशाला मामले में HC ने की सुनवाई… हिन्दु पक्ष का दावा- 1935 के बाद हुए अवैध कब्जे


    इंदौर।
    धार (Dhar) स्थित ऐतिहासिक भोजशाला (Historic Bhojshala Complex) परिसर को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर बेंच में सोमवार को सुनवाई हुई। हिंदू पक्ष (Hindu side) के वकील विष्णु शंकर जैन (Vishnu Shankar Jain) ने इसे 10वीं शताब्दी की ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए दावा किया कि 1935 के बाद यहां अवैध गतिविधियां शुरू हुईं। उन्होंने एएसआई सर्वे और स्तंभों की मूर्तिकला को साक्ष्य के रूप में पेश किया। अदालत ने कहा है कि वह मामले की नियमित सुनवाई करेगी। सभी पक्षों को विस्तार से सुना जाएगा। मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।


    हिंदू पक्ष ने 10वीं से 11वीं शताब्दी की ऐतिहासिक धरोहर बताया

    हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अपना पक्ष रखते हुए भोजशाला को 10वीं से 11वीं शताब्दी की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर बताया। इसके पक्ष में उनकी ओर से कई तर्क पेश किए गए। विष्णु शंकर जैन ने 1935 में लगाए गए एक अहम बोर्ड का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय परिसर के ऐतिहासिक तथ्यों को स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया था।


    1935 के बाद से हुई विवादित गतिविधियों की शुरुआत

    विष्णु शंकर जैन ने दावा किया कि सन 1935 के बाद से इस परिसर पर अवैध कब्जों और विवादित गतिविधियों की शुरुआत हुई। इन विवादित गतिविधियों ने विवाद को जन्म दिया। समूचा विवाद 1935 के बाद के बाद का है। विष्णु शंकर जैन ने एएसआई की सर्वे रिपोर्टों को भी अदालत के सामने रखा। इसके साथ ही उन्होंने स्तंभों पर उकेरी गई मूर्तिकला और ऐतिहासिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्य पेश किए।


    अदालत की दो-टूक, सभी पक्षों को देंगे पूरा मौका

    हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है। अत: इसमें सभी पक्षों को सुना जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होगा और हर पक्ष को अपनी दलीलें रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। मामले में मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।


    1935 से पहले भी होती थी पूजा

    महाराजा भोज सेवा संस्थान की ओर से हाईकोर्ट वकील श्रीष दुबे ने बताया कि सोमवार से इंदौर बेंच में फाइनल सुनवाई की शुरुआत हुई है। विष्णु शंकर जैन की ओर से दोपहर ढाई बजे से साढ़े जार बजे तक बहस चली है। यह बहस कल फिर ढाई बजे से शुरू होगी। विष्णु शंकर जैन की बहस अभी बाकी है यह कल भी चलेगी। विष्णु शंकर जैन की ओर से पिटिशन के पक्ष में दलीलें रखी गईं। हिंदू पक्ष की ओर से बताया गया है कि यहां 1935 से पहले भी पूजा होती थी।

  • पति की उम्र 40 साल… MP HC ने 19 साल की पत्नी को प्रेमी के साथ रहने की दी इजाजत

    पति की उम्र 40 साल… MP HC ने 19 साल की पत्नी को प्रेमी के साथ रहने की दी इजाजत


    ग्वालियर।
    जगह मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की ग्वालियर बेंच (Gwalior Bench)। 19 साल की महिला (19-year-Old Woman) कोर्टरूम के अंदर है। बाहर उसके माता-पिता, पति और प्रेमी खड़े हैं। अंदर हो रही सुनवाई का हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा है। अदालत के सामने महिला ने ‘साथ रहने के अधिकार’ का इस्तेमाल करते हुए कहा- “मैं बालिग हूँ। मैं अपनी मर्ज़ी से जी रही हूँ। मैं अपने पति या अपने माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती।” जानिए क्या है मामला और इसे लेकर क्यों चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    पति, दूसरे आदमी ने अवैध रूप से पत्नी को रखा
    दरअसल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में अवधेश नामक शख्स ने हेबियस कॉर्पस पिटीशन दायर की थी। आसान शब्दों में कहें, तो किसी व्यक्ति को कोर्ट के सामने पेश करो।ये याचिका पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उसकी पत्नी को अनुज कुमार नामक युवक ने अवैध रूप से अपने पास रखा हुआ है। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने महिला को खोजकर एक वन-स्टॉप सेंटर में रखा और बाद में अदालत के सामने पेश किया। सुनवाई के दौरान माता-पिता, पति और लवर मौजूद थे।


    पति के बीच 21 साल का अंतर, लवर के साथ रहूंगी

    सुनवाई के दौरान जजों ने महिला से उसकी इच्छा पूछी, तो उसने साफ शब्दों में कहा- वह बालिग है और अपनी मर्जी से रह रही है। उसने जोर देते हुए कहा- वह अपने पति या माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती। महिला ने कोर्ट को बताया- उसकी शादीशुदा जिंदगी ठीक नहीं चल रही है। अपने और पति के बीच 21 साल के उम्र के अंतर का जिक्र करते हुए कहा- यह रिश्ता संतुलित नहीं था। महिला ने अपने पति पर प्रताड़ना के आरोप भी लगाए और कहा कि वह अपने प्रेमी अनुज कुमार के साथ रहना चाहती है।


    काउंसलिंग के बाद भी महिला का फैसला रहा अटल

    कोर्ट ने महिला को काउंसलिंग के लिए भेजा, ताकि वह अपने फैसले पर दोबारा विचार कर सके। हालांकि काउंसलिंग के बाद भी महिला अपने फैसले पर अडिग रही। उसके लवर ने भी कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह महिला की देखभाल करेगा और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने कहा कि जब यह क्लियर हो गया कि महिला को किसी प्रकार की अवैध हिरासत में नहीं रखा गया है, तो याचिका का आधार ही खत्म हो जाता है। कोर्ट ने महिला को वन-स्टॉप सेंटर से रिहा कर प्रेमी के साथ जाने की अनुमति दे दी।

    6 महीने तक महिला को मिली सुरक्षा
    हालांकि, कोर्ट ने महिला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छह महीने तक निगरानी का निर्देश भी दिया। “शौर्य दीदी” नामित अधिकारी इस दौरान महिला के संपर्क में रहेंगे और उसकी सुरक्षा व भलाई सुनिश्चित करेंगे।

    आपको बताते चलें कि हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी एक मामले में कहा था कि यदि एक शादीशुदा आदमी किसी बालिग महिला के साथ उसकी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो इसे अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि सामाजिक नैतिकता और कानून अलग-अलग हैं और अदालतें नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती हैं।

  • MP: HC का बड़ा फैसला… मैटरनिटी लीव के लिए 80 दिन की कार्य अवधि की अनिवार्यता पर लगाई रोक

    MP: HC का बड़ा फैसला… मैटरनिटी लीव के लिए 80 दिन की कार्य अवधि की अनिवार्यता पर लगाई रोक


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि सरकारी संस्थानों (Government Institutions) में काम करने वाली महिला कर्मचारियों (Women Employees) को मैटरनिटी लीव (Maternity Leave) का लाभ पाने के लिए 80 दिनों की अनिवार्य कार्य अवधि की शर्त पूरी करने की जरूरत नहीं है। जस्टिस विशाल धगत की पीठ ने कहा कि ये नियम केवल निजी कार्यस्थलों पर लागू होती है, न कि राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों पर।

    कोर्ट ने कहा, मैटरनिटी लीव का लाभ उठाने के लिए 12 महीनों में 80 दिन काम करने की अनिवार्य शर्त राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों पर लागू नहीं होगी। राज्य अपने नागरिकों की भलाई के लिए उपाय करने के लिए बाध्य है। यह आदेश राज्य सरकार पर लागू होगा और मातृत्व अवकाश का लाभ उठाने के लिए पिछले 12 महीनों में 80 दिन काम करने की अनिवार्य शर्त राज्य सरकार को छोड़कर अन्य प्रतिष्ठानों पर अधिनियम के अनुसार लागू होगी।

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा, राज्य का कर्तव्य है कि वह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्रदान करें। सामाजिक न्याय में स्वास्थ्य और परिवार के कल्याणकारी उपाय शामिल हैं। भारत के संविधान के अनुच्छेद 38 के अनुसार, राज्य को जनता के कल्याण को बढ़ावा देने की कोशिश करनी चाहिए और भारत के संविधान के अनुच्छेद 39 में कहा गया है कि राज्य को अपनी नीति श्रमिकों, पुरुषों और महिलाओं, विशेष रूप से कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य और शक्ति की सुरक्षा की दिशा में लगानी चाहिए। भारत के संविधान के अनुच्छेद 39ए के अनुसार, राज्य को समान न्याय और मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना भी आवश्यक है।


    क्या है मामला?

    यह मामला एक गेस्ट टीचर ने दायर किया गया था, जिसे साल 2023 में मैटरनिटी लीव तो दिया गया था, लेकिन अधिनियम की धारा 5(2) का हवाला देते हुए मानदेय देने से मना कर दिया गया था। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता 26 सप्ताह के पेड़ लीव की हकदार है। अदालत ने साफ किया कि इस अवधि के लिए उसे पूरा वेतन दिया जाए, जबकि बाकी अवकाश अवधि को बिना वेतन के माना जा सकता है।

  • अशोकनगर में डैम में नहाते समय 3 नाबालिग दोस्तों की डूबने से मौत

    अशोकनगर में डैम में नहाते समय 3 नाबालिग दोस्तों की डूबने से मौत


    अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के नई सराय थाना क्षेत्र में सोमवार को तीन नाबालिग दोस्तों की डैम में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब दोस्त नहाने और मौज-मस्ती के लिए डैम पहुंचे थे, लेकिन थोड़े समय में यह खुशी एक बड़े हादसे में बदल गई।

    जानकारी के अनुसार, कुल छह दोस्त डैम में गए थे। शुरू में सभी किनारे के पास पानी में थे, लेकिन कुछ समय बाद तीन किशोर धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर चले गए। इनमें से किसी को भी तैरना नहीं आता था। अचानक पानी की गहराई बढ़ने के कारण तीनों संतुलन खो बैठे और डूबने लगे। साथ मौजूद अन्य दोस्त उन्हें बचाने की कोशिश में थे, लेकिन पानी की गहराई और घबराहट के कारण वे खुद बाहर निकल आए। इसके बाद उन्होंने गांव लौटकर परिजनों को घटना की जानकारी दी।

    घटना की खबर मिलते ही ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। गहरे पानी और सीमित संसाधनों के कारण ग्रामीण खुद से शवों को नहीं निकाल सके। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों किशोरों के शव डैम से बाहर निकाले।

    मृतकों की पहचान मयंक (16) पुत्र अवधेश रघुवंशी, देव (16) पुत्र राकेश रघुवंशी और ओम (15) पुत्र सतीश रघुवंशी के रूप में हुई है। सभी तीनों अजलेश्वर गांव के रहने वाले थे। घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया, परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और प्रारंभिक जांच में डूबने से मौत की पुष्टि की है। मामले की आगे की जांच जारी है।

  • उमरिया में गैंगरेप मामले में पांच गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल

    उमरिया में गैंगरेप मामले में पांच गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल


    उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए गंभीर गैंगरेप मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना 29 मार्च को मढ़ीवाह क्षेत्र में हुई थी। पीड़ित किशोरी अपने परिचित युवक के साथ जिला मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर दूर गई थी। वहां पास के जंगल में पहले से मौजूद आरोपियों ने सुनसान इलाके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर किशोरी के साथ आए युवक को भी पीटा गया।

    घटना के तुरंत बाद दोनों पीड़ितों ने किसी तरह वहां से निकलकर घर लौटे। भय और मानसिक आघात के कारण मामला तुरंत सामने नहीं आ सका। लगभग पांच दिन बाद पीड़ित परिवार ने हिम्मत जुटाकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। त्वरित कार्रवाई में मनीष बैगा, विशाल बैगा, हरिपाल बैगा और सूरज बैगा सहित एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

    सोमवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।सोमवार को एसडीओपी पुन्नू सिंह परस्ते ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस पूरी तत्परता के साथ आरोपियों की तलाश में जुट गई थी और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

  • किसानों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन 9 अप्रैल को, कलेक्टर कार्यालयों का करेगी घेराव

    किसानों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन 9 अप्रैल को, कलेक्टर कार्यालयों का करेगी घेराव


    भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर 9 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।

    प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने किसानों को बिचौलियों के भरोसे छोड़कर उनके साथ “क्रूर विश्वासघात” किया है।

    गेहूं खरीदी और बोनस पर आरोप

    कांग्रेस का दावा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों को गेहूं खरीदी के लिए 2,700 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया गया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद केवल 40 रुपये बोनस दिया गया। पड़ोसी राज्य राजस्थान में किसानों को अधिक बोनस मिलने का उदाहरण देते हुए कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार की आलोचना की।

    खरीदी में देरी और बारदाने की कमी पर सवाल

    सरकार द्वारा खरीदी की तारीखें तीन बार बढ़ाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में 10 अप्रैल तथा अन्य संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी शुरू करने के निर्णय पर भी आलोचना की गई। कांग्रेस ने बारदाने (जूट बैग) की कमी पर भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। जरूरत 10 करोड़ बारदानों की थी, जबकि समय पर केवल 2.60 करोड़ के लिए आवेदन किया गया।

    ओलावृष्टि प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग

    1 अप्रैल को हुई ओलावृष्टि से सीहोर, विदिशा समेत 17 जिलों में फसलें बर्बाद हुई हैं। कांग्रेस ने मांग की कि प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये मुआवजा दिया जाए।

    कांग्रेस की प्रमुख मांगें:-

    – ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा
    – गेहूं की खरीदी तुरंत शुरू कर 2,700 रुपये प्रति क्विंटल का वादा पूरा किया जाए
    – खरीदी में देरी से डिफॉल्टर हुए किसानों का दंडात्मक ब्याज माफ किया जाए

    आंदोलन की चेतावनी

    कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि खरीदी और बारदाने की व्यवस्था तुरंत नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। साथ ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित निवास के सामने उपवास की भी योजना है।

  • ओलावृष्टि से तबाह फसलें: बैतूल में किसानों को पूरा मुआवजा, सर्वे तेज करने के निर्देश

    ओलावृष्टि से तबाह फसलें: बैतूल में किसानों को पूरा मुआवजा, सर्वे तेज करने के निर्देश


    बैतूल । बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं जिसके बाद प्रशासन ने राहत और सहायता के लिए तेजी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं संभागायुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी ने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे कार्य में तेजी लाई जाए ताकि हर प्रभावित किसान को समय पर सहायता मिल सके

    संभागायुक्त ने ग्राम सेमझिरा, जमबाड़ी और धारणी का दौरा किया जहां उन्होंने गेहूं, गोभी, चना और टमाटर सहित विभिन्न फसलों की स्थिति का निरीक्षण किया खेतों में खड़ी और कटी फसल दोनों ही ओलावृष्टि की मार से प्रभावित नजर आई जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है

    दौरे के दौरान संभागायुक्त ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं किसानों ने बताया कि अचानक हुई ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया और फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई ऐसे में उन्हें तत्काल राहत की आवश्यकता है

    संभागायुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सर्वे कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए और इसमें किसी भी प्रभावित किसान को नजरअंदाज न किया जाए उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन द्वारा राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी और किसानों को हर संभव सहायता दी जाएगी

    प्रशासन द्वारा राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को गांवों में भेजा गया है जो फसल नुकसान का आंकलन कर रही हैं अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय सीमा में सर्वे पूरा करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि राहत वितरण में देरी न हो

    संभागायुक्त ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी और शासन की योजनाओं के माध्यम से उन्हें राहत प्रदान की जाएगी

    इस पहल से प्रभावित किसानों को उम्मीद जगी है कि उन्हें जल्द ही आर्थिक सहायता मिलेगी और वे आगामी फसल के लिए फिर से तैयारी कर सकेंगे प्रशासन का यह सक्रिय रुख किसानों के लिए राहत भरा साबित हो रहा है

  • अक्षय तृतीया से पहले सख्ती: बाल विवाह रोकने सभी जिलों में कंट्रोल रूम और उड़न दस्ते तैनात

    अक्षय तृतीया से पहले सख्ती: बाल विवाह रोकने सभी जिलों में कंट्रोल रूम और उड़न दस्ते तैनात


    भोपाल । भोपाल में महिला एवं बाल विकास विभाग ने अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है सचिव श्रीमती जी वी रश्मि ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के हर जिले में कंट्रोल रूम और उड़न दस्तों का गठन किया जाए ताकि किसी भी बाल विवाह की सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके

    राज्य में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं जिससे बाल विवाह की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त किया जा सके राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण NFHS-5 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस दिशा में सुधार हुआ है लेकिन कुछ जिलों में अभी भी यह समस्या बनी हुई है

    इस वर्ष अक्षय तृतीया 20 अप्रैल 2026 को है और इस दिन बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होते हैं ऐसे आयोजनों में बाल विवाह होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं

    निर्देशों के अनुसार स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जाएगा वहीं पंचायत और वार्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा शपथ ली जाएगी कि उनके क्षेत्र में बाल विवाह नहीं होने दिया जाएगा

    गांवों में स्व सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बैठकें आयोजित कर परिवारों को जागरूक किया जाएगा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता और पंचायत सचिव मिलकर 18 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों की सूची तैयार करेंगे और ऐसे परिवारों पर विशेष नजर रखी जाएगी जहां बाल विवाह की आशंका है

    बाल विवाह रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर 181, 1098 और 112 का व्यापक प्रचार किया जाएगा ताकि लोग किसी भी संदिग्ध विवाह की जानकारी तुरंत प्रशासन को दे सकें इसके अलावा बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध रहेगी

    प्रत्येक गांव और वार्ड में सूचना दल बनाए जाएंगे जिनमें शिक्षक एएनएम आशा कार्यकर्ता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे ये दल स्थानीय स्तर पर निगरानी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे

    सचिव ने मीडिया सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भी जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए हैं ताकि समाज में सही उम्र में विवाह के महत्व को समझाया जा सके और कम उम्र में विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को सचेत किया जा सके

    यह अभियान न केवल कानून के पालन को सुनिश्चित करेगा बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा जिससे बालिकाओं के स्वास्थ्य शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित किया जा सकेगा

  • भोपाल में एनएसजी का शक्ति प्रदर्शन, सीएम बोले- देश की सुरक्षा की गारंटी हैं ब्लैक कैट कमांडो

    भोपाल में एनएसजी का शक्ति प्रदर्शन, सीएम बोले- देश की सुरक्षा की गारंटी हैं ब्लैक कैट कमांडो


    भोपाल । भोपाल में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड को देश का अभेद्य सुरक्षा कवच बताते हुए कहा कि एनएसजी की मौजूदगी से देश हर परिस्थिति में सुरक्षित महसूस करता है लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी शो में उन्होंने समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ किया

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति जहां सबके कल्याण की बात करती है वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने यह भी साबित किया है कि यदि कोई राष्ट्र को चुनौती देता है तो उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाता है उन्होंने कहा कि अतिवादी ताकतें देश के विकास में बाधक हैं और उनसे पूरी मजबूती से निपटना आवश्यक है

    कार्यक्रम में एनएसजी कमांडो ने मॉक टेररिस्ट अटैक का जीवंत प्रदर्शन किया जिसमें आतंकवादी हमलों से निपटने की पूरी रणनीति और कार्रवाई को दर्शाया गया इस दौरान कमांडो द्वारा हवा में किए गए साहसिक करतब और सटीक ऑपरेशन ने उपस्थित लोगों को रोमांचित कर दिया मुख्यमंत्री ने इसे पराक्रम और साहस की पराकाष्ठा बताया

    मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की उन्होंने बताया कि काउंटर टेररिस्ट ग्रुप के आधुनिकीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है और जल्द ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा साथ ही भोपाल जिले की हुजूर तहसील के ग्राम तूमड़ा में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा जहां सुरक्षा बलों को आतंकवाद और आकस्मिक आपदाओं से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा

    उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के केंद्र में स्थित है इसलिए यहां इस तरह का प्रशिक्षण केंद्र राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण साबित होगा मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की एटीएस और सीटीजी यूनिट आधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस होकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बना रही हैं

    मुख्यमंत्री ने देश के सशस्त्र बलों के पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया के सशक्त देशों में अपनी पहचान बना चुका है उन्होंने एनएसजी के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि 1984 में स्थापित यह बल आज अपनी पेशेवर दक्षता और अनुशासन के लिए विश्वभर में जाना जाता है

    कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने जानकारी दी कि एनएसजी और मध्यप्रदेश पुलिस का संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम एक माह तक चलेगा जिसमें काउंटर टेररिज्म से जुड़े आठ प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा इस दौरान पुलिस जवान अपनी तकनीकी दक्षता और ऑपरेशनल क्षमता को और बेहतर बनाएंगे

    एनएसजी के महानिदेशक बी श्रीनिवासन ने कहा कि देशभर में हजारों जवानों को प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता का विकास किया गया है और मध्यप्रदेश की एटीएस तथा सीटीजी इकाइयां भी बेहतर कार्य कर रही हैं कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने पुलिस जवानों के साथ समूह चित्र खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि सुरक्षा बलों की तत्परता और साहस ही देश की सबसे बड़ी ताकत है