Category: Madhya Pradesh

  • शिवपुरी में देर रात हमला: भैंस चुराने आए आरोपियों ने सरपंच को बनाया निशाना

    शिवपुरी में देर रात हमला: भैंस चुराने आए आरोपियों ने सरपंच को बनाया निशाना


    शिवपुरी। जिले के नरवर थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात भैंस चोरी रोकने की कोशिश करना चार लोगों को भारी पड़ गया। हथियारबंद बदमाशों ने ग्राम बीलौनी के सरपंच सहित चार लोगों पर हमला कर बेरहमी से मारपीट की और मोबाइल, सोने की चेन व अंगूठी लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम बीलौनी के सरपंच बालकिशन जाटव अपने साथियों मुकेश जाटव, राजकुमार जाटव और कार चालक जगभान बघेल के साथ सोमवार रात एक शादी समारोह से लौट रहे थे। रात करीब 1 बजे जब उनकी कार नरवर गैस गोदाम के पास पहुंची, तब उन्होंने कुछ संदिग्ध लोगों को भैंसों को एक लोडिंग वाहन में चढ़ाते देखा। शक होने पर उन्होंने वाहन रोककर पूछताछ की।

    सरपंच बालकिशन जाटव के मुताबिक, जब उन्होंने भैंसों के बारे में सवाल किया तो वहां मौजूद लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान चालक जगभान बघेल ने भैंस चोरी की आशंका जताई। आरोप है कि यह सुनते ही एक बदमाश ने अपने साथियों से कहा, “पकड़ लो और गोली मार दो।” इसके बाद करीब 10 हथियारबंद बदमाशों ने चारों को घेर लिया।

    पीड़ितों का कहना है कि बदमाशों के पास लाठी, डंडे, सरिए और अवैध कट्टे थे। उन्होंने चारों लोगों के साथ जमकर मारपीट की। हमले में सरपंच बालकिशन जाटव की पीठ में गंभीर चोट आई, जबकि मुकेश जाटव की आंख, हाथ, पीठ और जांघ में चोटें आई हैं। राजकुमार जाटव और जगभान बघेल को भी शरीर के कई हिस्सों में चोट लगी। घटना के बाद सभी घायलों को नरवर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया।

    मारपीट के दौरान बदमाशों ने चारों लोगों के मोबाइल फोन, सोने की चेन और अंगूठी भी छीन ली। हालांकि हंगामा बढ़ता देख आरोपी भैंसों को मौके पर छोड़कर वाहन सहित फरार हो गए। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

    इधर, धवा की बावड़ी क्षेत्र निवासी जवाहर रावत की 9 भैंसें चोरी होने का मामला भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि भैंस चोरी की यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। फुटेज में कुछ संदिग्ध लोग भैंसों को वाहन में ले जाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

    पुलिस का कहना है कि घटना गंभीर है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। इलाके में लगातार बढ़ रही पशु चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में भी नाराजगी है। ग्रामीणों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

  • NTA भंग करने की मांग तेज: शिवपुरी में छात्रों और युवाओं का विरोध प्रदर्शन

    NTA भंग करने की मांग तेज: शिवपुरी में छात्रों और युवाओं का विरोध प्रदर्शन


    शिवपुरी। नीट यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में मंगलवार को शिवपुरी में युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट (एमएयू) की जिला इकाई ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने, पेपर लीक मामलों की न्यायिक जांच कराने और प्रदेश में समाप्त किए जा रहे 1.20 लाख सरकारी पदों को बहाल करने की मांग की।

    प्रदर्शन में शामिल युवाओं और संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि नीट यूजी जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होना देश की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उनका आरोप था कि लगातार हो रहे पेपर लीक से मेहनती और मेधावी छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी के कारण छात्रों और अभिभावकों में अविश्वास और मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।

    एमएयू कार्यकर्ताओं ने मांग उठाई कि नीट सहित सभी भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में हुए पेपर लीक मामलों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही इसमें शामिल अधिकारियों, एजेंसियों और अन्य दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत और स्थायी व्यवस्था बनाना जरूरी है।

    संगठन ने मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में भी बदलाव की मांग करते हुए कहा कि छात्रों को 12वीं कक्षा की मेरिट के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी सरकार के सीधे नियंत्रण में होनी चाहिए और एनटीए जैसी एजेंसी को समाप्त किया जाना चाहिए।

    ज्ञापन में बेरोजगारी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में लाखों सरकारी पद खाली होने के बावजूद स्थायी भर्तियां नहीं की जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश में समाप्त किए जा रहे 1.20 लाख सरकारी पदों को बहाल कर सभी विभागों में नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। युवाओं का कहना था कि अस्थायी नियुक्तियों और आउटसोर्स व्यवस्था से रोजगार की स्थिरता खत्म हो रही है।

    प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। वहीं स्थानीय छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिवपुरी जिले में नीट परीक्षा केंद्र स्थापित करने की मांग रखी गई, ताकि विद्यार्थियों को दूसरे शहरों में जाकर परीक्षा देने की परेशानी न उठानी पड़े।

    एमएयू ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ठोस कदम नहीं उठाती, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

  • पार्सल से 455 ग्राम अफीम बरामद: पूछताछ होते ही भाग निकला युवक

    पार्सल से 455 ग्राम अफीम बरामद: पूछताछ होते ही भाग निकला युवक

    मंदसौर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी के लिए अब तस्कर नए-नए तरीके अपना रहे हैं। मंदसौर में ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां चॉकलेट और कैंडी के रैपर में अफीम छिपाकर कनाडा भेजने की कोशिश की जा रही थी। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) ने नई आबादी पोस्ट ऑफिस से 455 ग्राम अवैध अफीम बरामद की है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 4 बजे एक युवक नई आबादी स्थित पोस्ट ऑफिस पहुंचा और कनाडा के ओंटारियो में इंटरनेशनल पार्सल भेजने की प्रक्रिया शुरू की। करीब दो किलो वजन के इस पार्सल को लेकर युवक ने दावा किया कि उसमें केवल चॉकलेट और कैंडी आइटम हैं। लेकिन उसकी गतिविधियां पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों को संदिग्ध लगीं।

    पोस्टल असिस्टेंट ने जब पार्सल में रखी सामग्री को लेकर युवक से विस्तार से पूछताछ की, तो वह घबराने लगा। कर्मचारियों ने उससे और जानकारी मांगी तो वह अचानक पार्सल काउंटर पर ही छोड़कर मौके से फरार हो गया। युवक के इस व्यवहार से कर्मचारियों का शक और गहरा गया, जिसके बाद तुरंत सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही सीबीएन मंदसौर सेल की टीम मौके पर पहुंची और पार्सल की जांच शुरू की। करीब दो घंटे तक चली जांच में पार्सल के अंदर ‘लव पैन’ नाम की कैंडी के दो बॉक्स मिले। जब टीम ने कैंडी और चॉकलेट के रैपर खोले तो उनमें छिपाए गए 25 छोटे पाउच बरामद हुए। इन पाउचों में कुल 455 ग्राम अफीम भरी हुई थी। बाकी रैपरों में सामान्य कैंडी रखी गई थी, ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।

    सीबीएन अधिकारियों के मुताबिक, तस्करों ने ड्रग्स को छिपाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पार्सल नीमच क्षेत्र से कनाडा भेजा जाना था। एजेंसियों को आशंका है कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।

    पोस्ट ऑफिस परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में संदिग्ध युवक की तस्वीर कैद हो गई है। अब जांच एजेंसियां फुटेज के आधार पर उसकी पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश कर रही हैं। सीबीएन का कहना है कि एंटी ड्रग ऑपरेशन के तहत पहले से विशेष सूचना मिलने के बाद निगरानी बढ़ाई गई थी।

    पोस्टल असिस्टेंट प्रदीप मेहरा ने बताया कि युवक की घबराहट और संदिग्ध गतिविधियों के चलते उन्हें शक हुआ था। पूछताछ बढ़ाने पर वह सामान छोड़कर भाग गया, जिसके बाद तुरंत नारकोटिक्स टीम को बुलाया गया। फिलहाल जब्त अफीम को कब्जे में लेकर मामले की गहन जांच की जा रही है।

  • यौन उत्पीड़न पीड़ित बच्चों के लिए सहायक नियुक्त होंगे, 28 मई तक आवेदन

    यौन उत्पीड़न पीड़ित बच्चों के लिए सहायक नियुक्त होंगे, 28 मई तक आवेदन


    मंदसौर। लैंगिक अपराधों से पीड़ित बच्चों को संवेदनशील माहौल में कानूनी और मानसिक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। पॉक्सो एक्ट 2012 के तहत जिले में 7 सहायक व्यक्तियों यानी “सपोर्ट पर्सन” की नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग ने इच्छुक और योग्य व्यक्तियों से 28 मई 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए हैं।

    जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी बी.एल. बिश्नोई ने बताया कि पॉक्सो एक्ट की धारा 39 के अंतर्गत इन सहायक व्यक्तियों का चयन किया जाएगा। इनका मुख्य उद्देश्य यौन उत्पीड़न का शिकार हुए बच्चों को सुरक्षित, भरोसेमंद और संवेदनशील वातावरण उपलब्ध कराना होगा, ताकि वे मानसिक दबाव और भय से बाहर निकलकर न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर सकें।

    विभाग के अनुसार, कई मामलों में बच्चे और उनके परिवार कानूनी प्रक्रियाओं, पुलिस कार्रवाई और न्यायालयीन कार्यवाही को लेकर असहज महसूस करते हैं। ऐसे में सपोर्ट पर्सन बच्चों के साथ हर चरण में सहयोग करेंगे। ये सहायक व्यक्ति पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज कराने से लेकर कोर्ट में पेशी, मानसिक परामर्श, पुनर्वास और शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने तक की प्रक्रिया में मार्गदर्शन देंगे।

    साथ ही बच्चों और उनके परिजनों को यह भी समझाया जाएगा कि वे किस तरह कानूनी अधिकारों का उपयोग कर सकते हैं और किसी भी प्रकार के सामाजिक दबाव या डर से कैसे बाहर निकल सकते हैं। विभाग का मानना है कि इस पहल से पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया अधिक आसान और मानवीय बन सकेगी।

    महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन स्वयं उपस्थित होकर, पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट या कोरियर के माध्यम से जिला कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 28 मई 2026 निर्धारित की गई है। विभाग ने पात्रता, चयन प्रक्रिया और अन्य दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों में प्रशिक्षित और संवेदनशील सपोर्ट पर्सन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इससे पीड़ित बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे न्यायिक प्रक्रिया में अधिक सहजता से भाग ले पाते हैं। विभाग की यह पहल जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

  • बजरंग दल जिला मंत्री पर आरोप: निगम टीम से बदसलूकी और थप्पड़बाजी का विवाद

    बजरंग दल जिला मंत्री पर आरोप: निगम टीम से बदसलूकी और थप्पड़बाजी का विवाद


    रतलाम। शहर के डीडी नगर क्षेत्र में सोमवार देर रात नगर निगम की मवेशी पकड़ो टीम पर हुए हमले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। आवारा मवेशियों को पकड़कर ले जा रही निगम टीम को विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के जिला मंत्री गौरव शर्मा ने बीच रास्ते रोक लिया। आरोप है कि उन्होंने निगम कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए उप स्वच्छता पर्यवेक्षक विराट मेहरा को थप्पड़ मार दिए और वाहन में बंद गायों व सांडों को जबरन छुड़ा लिया। घटना के बाद निगम कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया और मंगलवार सुबह शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।

    घटना रात करीब पौने दो बजे की बताई जा रही है। निगम की टीम हनुमान मंदिर क्षेत्र से पांच आवारा मवेशियों को पकड़कर वाहन से गौशाला ले जा रही थी। इसी दौरान गौरव शर्मा अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे और वाहन रुकवा लिया। कर्मचारियों का आरोप है कि आरोपी ने पहले अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और फिर विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान वाहन में मौजूद दो गाय और तीन सांडों को भी जबरन नीचे उतार लिया गया।

    घटना के समय वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि पूरी घटना पुलिस जवानों के सामने हुई, लेकिन किसी ने बीच-बचाव नहीं किया। निगम कर्मचारियों का कहना है कि अगर प्रशासन उन्हें सुरक्षा नहीं देगा तो वे भविष्य में मवेशी पकड़ने का काम नहीं करेंगे। घटना के बाद मंगलवार सुबह सफाई कर्मचारियों और वार्ड प्रभारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कचरा वाहन डीडी नगर थाने के बाहर खड़े कर दिए। कर्मचारियों ने थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की, जिसके चलते शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित रही।

    उप स्वच्छता पर्यवेक्षक विराट मेहरा ने बताया कि आरोपी ने टीम के अन्य सदस्यों के साथ भी धक्का-मुक्की की। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी चरणसिंह के मुताबिक, आरोपी पहले भी निगम टीम के साथ विवाद कर चुका है। कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से उनका मनोबल टूट रहा है।

    इधर, स्वच्छता प्रभारी राजेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि निगम टीम शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गौरव शर्मा शराब के नशे में थे और उन्होंने सरकारी काम में बाधा डालते हुए कर्मचारियों से मारपीट की। वहीं दूसरी ओर गौरव शर्मा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि निगम कर्मचारी गर्भवती गायों को क्रूरतापूर्वक वाहन में भरकर ले जा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि रात में मवेशी पकड़ने के लिए कर्मचारियों के पास कोई वैध आदेश नहीं था।

    पूरे मामले में डीडी नगर थाना पुलिस ने गौरव शर्मा सहित अन्य लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि घटना की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जुटाए जा रहे हैं। घटना के बाद शहर में निगम कर्मचारियों और हिंदू संगठनों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है।

  • तेज रफ्तार का कहर: कार की टक्कर से महिला और बेटा गंभीर रूप से घायल

    तेज रफ्तार का कहर: कार की टक्कर से महिला और बेटा गंभीर रूप से घायल


    मध्य प्रदेश। रतलाम के रतलाम-सैलाना रोड स्थित पलसोड़ा फंटे पर सोमवार सुबह एक भयावह सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार और बाइक की आमने-सामने टक्कर में बाइक पर सवार मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टक्कर के बाद महिला करीब 10 फीट हवा में उछलती दिखाई दे रही है।

    जानकारी के अनुसार हादसा सोमवार सुबह करीब 10 बजे हुआ। राजस्थान पासिंग की एक कार सैलाना की ओर से तेज रफ्तार में बीच सड़क पर चल रही थी। उसी दौरान रतलाम की तरफ से आ रही बाइक कार से सीधे टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पर पीछे बैठी महिला उछलकर सामने से आ रही दूसरी बाइक पर जा गिरी। इसके बाद दोनों बाइकें भी आपस में भिड़ गईं।

    हादसे में मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन समय पर मदद नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने इंसानियत दिखाते हुए घायलों को निजी वाहन से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। बताया जा रहा है कि बाद में परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए अन्य स्थान पर ले गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के वक्त कार में एक महिला और दो बच्चे भी सवार थे। दुर्घटना के बाद कार चालक कुछ देर मौके पर रुका, लेकिन बाद में वाहन लेकर वहां से चला गया। वहीं दूसरी बाइक सवार को मामूली चोट आने के कारण वह भी मौके से निकल गया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पलसोड़ा फंटा दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट बन चुका है। यहां दो गांवों की क्रॉसिंग होने के कारण लगातार हादसे होते रहते हैं। सड़क पर स्पीड ब्रेकर बने होने के बावजूद वाहन चालक तेज रफ्तार से वाहन निकालते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

    घटना को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस अब कार चालक की पहचान कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।

  • बुरहानपुर में जल संकट के बीच बड़ा फैसला: अवैध कनेक्शन काटे जाएंगे

    बुरहानपुर में जल संकट के बीच बड़ा फैसला: अवैध कनेक्शन काटे जाएंगे


    मध्य प्रदेश। बुरहानपुर में बढ़ते जल संकट के बीच नगर निगम अब सख्त कार्रवाई के मूड में नजर आ रहा है। शहर में अवैध नल कनेक्शनों, पानी की बर्बादी और मोटर लगाकर सीधे पाइपलाइन से पानी खींचने वालों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अब नियम तोड़ने वालों पर सीधे स्पॉट फाइन लगाया जाएगा और अवैध कनेक्शन तत्काल काट दिए जाएंगे।

    नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने एमआईसी हॉल में आयोजित जल विभाग की बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बिना मीटर और बिना टैक्स दिए पानी का उपयोग करने वाले सभी कनेक्शनों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग न सिर्फ नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि वैध उपभोक्ताओं के हिस्से का पानी भी प्रभावित कर रहे हैं।

    बैठक में विशेष रूप से उन लोगों को निशाने पर लिया गया जो मोटर लगाकर मुख्य पाइपलाइन से सीधे पानी खींचते हैं। निगम के अनुसार इससे अन्य इलाकों में पानी का दबाव कम हो जाता है और कई घरों तक पर्याप्त जलापूर्ति नहीं पहुंच पाती। इसके अलावा खुले नल, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन और लगातार बहते पानी को भी गंभीर लापरवाही माना गया है।

    नगर निगम ने चेतावनी दी है कि पानी की बर्बादी करते पाए जाने पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग तेजी से बढ़ गई है, जबकि जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। ऐसे में पानी की हर बूंद बचाना जरूरी हो गया है।

    निगम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य टैक्स भरने वाले वैध उपभोक्ताओं को समान रूप से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है। कई इलाकों से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग अवैध तरीके से अधिक पानी उपयोग कर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो रही है।

    नगर निगम ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि यदि उनके क्षेत्र में कहीं पानी की बर्बादी हो रही है या अवैध कनेक्शन दिखाई दे रहे हैं, तो इसकी सूचना तुरंत निगम की टीम को दें।

    इस बैठक में सहायक यंत्री अशोक पाटिल, उपयंत्री सुनील चौहान, एमएमपीयूडीसी के राहुल पवार, सुरेश डोडीयार सहित जल विभाग और जेएमसी कंपनी के कई अधिकारी मौजूद रहे।

  • बुरहानपुर में जल समस्या को लेकर प्रदर्शन: ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

    बुरहानपुर में जल समस्या को लेकर प्रदर्शन: ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत उनकी कॉलोनी को “अवैध” बताकर जिम्मेदारी से बच रही है, जबकि यहां रहने वाले परिवार वर्षों से टैक्स जमा कर रहे हैं। रहवासियों के मुताबिक गणेश कॉलोनी वर्ष 2006 में बसाई गई थी और यहां करीब 90 परिवार निवास करते हैं। इसके बावजूद आज तक स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं हो सकी है।

    मध्य प्रदेश। बुरहानपुर में पेयजल संकट को लेकर मंगलवार को बोरगांव पंचायत की गणेश कॉलोनी के ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट तक यात्रा निकाली और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि पंचायत उनसे नियमित टैक्स तो वसूलती है, लेकिन बदले में पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही।

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत उनकी कॉलोनी को “अवैध” बताकर जिम्मेदारी से बच रही है, जबकि यहां रहने वाले परिवार वर्षों से टैक्स जमा कर रहे हैं। रहवासियों के मुताबिक गणेश कॉलोनी वर्ष 2006 में बसाई गई थी और यहां करीब 90 परिवार निवास करते हैं। इसके बावजूद आज तक स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं हो सकी है।

    प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिले को जल जीवन मिशन के तहत पुरस्कार मिल चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग हैं। कॉलोनी में लोग आज भी पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। कई बार पंचायत और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं निकला। हर बार कॉलोनी को अवैध बताकर मामला टाल दिया जाता है।

    ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि कॉलोनी के सभी परिवारों के लिए जल्द स्थायी जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द निराकरण का आश्वासन दिया है।

    इसी जनसुनवाई के दौरान गंभीरपुरा ट्रस्ट को लेकर भी शिकायत सामने आई। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक ही व्यक्ति लंबे समय से ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर बना हुआ है और उसने अपने रिश्तेदारों को भी ट्रस्ट में शामिल कर लिया है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई।

    ग्रामीणों ने एसडीएम भागीरथ वाखला को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच कराने का भरोसा दिया गया है। वहीं, खैरखेड़ा निवासी जीवन पिता जोहर सिंह ने पूर्व विधायक रविंद्र महाजन के सांई बाबा शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। अधिकारियों ने इस शिकायत पर भी जांच का आश्वासन दिया है।

  • ₹999 में TV बनेगा कंप्यूटर! Jio के इस सस्ते पैक में फ्री मिलेगा वायरलेस कीबोर्ड-माउस

    ₹999 में TV बनेगा कंप्यूटर! Jio के इस सस्ते पैक में फ्री मिलेगा वायरलेस कीबोर्ड-माउस




    नई दिल्ली। Jio ने ऐसा सस्ता पैक लॉन्च किया है, जिसकी मदद से अब लोग अपने पुराने या स्मार्ट टीवी को ही PC में बदल सकेंगे। सिर्फ 999 रुपये वाले JioPC Starter Pack के साथ यूजर्स को 50 दिनों का क्लाउड कंप्यूटर एक्सेस, वायरलेस कीबोर्ड और माउस फ्री में मिलेगा। कंपनी का दावा है कि Jio Fiber या AirFiber यूजर्स बिना महंगा CPU खरीदे टीवी स्क्रीन पर इंटरनेट ब्राउजिंग, डॉक्यूमेंट वर्क और बेसिक कंप्यूटर टास्क कर सकेंगे।

    इस पैक को खरीदने के बाद ग्राहकों को Ant FKBRI05 कंपनी का वायरलेस कीबोर्ड और माउस कॉम्बो घर तक डिलीवर किया जाएगा। इसके अलावा 24 घंटे के अंदर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए JioPC का 50 दिनों का एक्टिवेशन कोड भेजा जाएगा। यूजर्स को सिर्फ कीबोर्ड-माउस का रिसीवर Jio सेट-टॉप बॉक्स में लगाना होगा और टीवी में JioPC ऐप ओपन कर कोड एंटर करना होगा। इसके बाद टीवी एक क्लाउड बेस्ड पर्सनल कंप्यूटर की तरह काम करने लगेगा।

    Jio का कहना है कि यह सर्विस खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी होगी जो कम खर्च में कंप्यूटर जैसी सुविधा चाहते हैं। इस सिस्टम पर वर्ड प्रोसेसिंग, ऑनलाइन पढ़ाई, इंटरनेट ब्राउजिंग और बेसिक ऑफिस वर्क आसानी से किए जा सकते हैं। हालांकि हैवी टास्क या एडवांस काम के लिए तेज इंटरनेट स्पीड जरूरी होगी।

    ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सुविधा केवल उन्हीं ग्राहकों के लिए उपलब्ध है जिनके घर में पहले से Jio Fiber या Jio AirFiber कनेक्शन मौजूद है। बिना JioHome इंटरनेट सर्विस के इस क्लाउड कंप्यूटर फीचर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

  • चेहरे पर चोट के निशान से सनसनी: झाबुआ में युवक की मौत की जांच शुरू

    चेहरे पर चोट के निशान से सनसनी: झाबुआ में युवक की मौत की जांच शुरू


    मध्य प्रदेश। झाबुआ जिले के पेटलावद क्षेत्र में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई जब करवड़ थाना इलाके के चवरापाड़ा के पास बामन जीरी क्षेत्र में एक युवक का शव पगडंडी मार्ग पर पड़ा मिला। शव की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की।

    मृतक की पहचान चंवरापाड़ा मोर पंचायत निवासी शांतिलाल पिता वेलजी पारगी के रूप में हुई है। युवक का शव सुनसान पगडंडी पर पड़ा मिलने से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक के चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे शुरुआती तौर पर हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि युवक पर किसी धारदार हथियार या भारी पत्थर से हमला किया गया हो सकता है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

    घटना की जानकारी मिलते ही करवड़ थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए छानबीन की जा रही है।

    थाना प्रभारी के अनुसार, मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवक की हत्या की गई है या फिर कोई अन्य कारण सामने आता है। फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर सुराग जुटाने में लगी हुई है।

    घटना के बाद क्षेत्र में भय और चर्चा का माहौल है, जबकि परिजन सदमे में हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी और यदि हत्या की पुष्टि होती है तो आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।