Category: Madhya Pradesh

  • लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवा विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण : नरेन्द्र सिंह तोमर

    लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवा विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण : नरेन्द्र सिंह तोमर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति, समुदाय या क्षेत्र की व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की स्वतंत्रता, न्याय, समानता और बंधुता पर आधारित एक व्यापक व्यवस्था है। भारत का लोकतंत्र नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही मजबूत होता है।

    विधानसभा अध्यक्ष तोमर सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के 25 नवंबर 1949 के संविधान सभा के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे लागू करने वाले लोग कितने प्रतिबद्ध और नैतिक हैं।

    तोमर ने कहा कि युवा विधायक लोकतंत्र में नागरिकों और शासन के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं। उनकी नई ऊर्जा, आधुनिक सोच और नवाचार की क्षमता शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

    उन्होंने कहा कि युवा जनप्रतिनिधि सामाजिक कुरीतियों जैसे जातिवाद, नशाखोरी और लैंगिक भेदभाव के विरुद्ध समाज को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस सोच का उल्लेख किया जिसमें राजनीति में नई ऊर्जा और पारदर्शिता लाने के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम 2021 के माध्यम से मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है।

    तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा ने भी लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। पहली बार निर्वाचित विधायकों की शून्यकाल सूचनाओं को प्राथमिकता देने तथा प्रश्नकाल से जुड़े उत्तरों की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। उन्होंने युवा विधायकों से आह्वान किया कि वे संसदीय परंपराओं, नियमों और प्रक्रियाओं का गंभीर अध्ययन करें, सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा वरिष्ठ सदस्यों से मार्गदर्शन लेकर अपने ज्ञान और अनुभव को समृद्ध बनाएं। उन्होंने कहा कि अतीत के अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बीच वर्तमान का सशक्त पुल युवा नेतृत्व ही बन सकता है।

    विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि युवा विधायक सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श और संवाद लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करेंगे तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान करेंगे।


    जनता और शासन के बीच सेतु बनें विधायक : वासुदेव देवनानी

    समारोह में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का मुख्य दायित्व जनता और शासन के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करना है। लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब जनता, विधायिका और शासन की प्रक्रियाओं के बीच पारदर्शिता और सहभागिता बढ़े। विधायक केवल चुनाव जीतने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने अध्ययन, चिंतन और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के माध्यम से समाज के विकास में सक्रिय योगदान दें। एक प्रभावी विधायक वही है जो सदन की कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग ले, प्रश्न पूछे, मुद्दों पर तैयारी के साथ चर्चा करे और जनता से जुड़े विषयों को गंभीरता से उठाए।

    देवनानी ने कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने का मंच नहीं है, बल्कि यह जनता की आकांक्षाओं और समस्याओं को सामने लाने का सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक मंच है इसलिए आवश्यक है कि विधायकों में अध्ययन की प्रवृत्ति विकसित हो और वे संसद एवं विधानसभा की परंपराओं और प्रक्रियाओं की गहन समझ रखें। उन्होंने भ्रष्टाचार और सार्वजनिक संसाधनों के न्यायपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर भी बल देते हुए कहा कि शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता तभी बढ़ेगी जब जनप्रतिनिधि ईमानदारी और नैतिकता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।

    उन्होंने युवाओं की भूमिका पर भी विशेष बल दिया और कहा कि देश के विकास में युवा शक्ति की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। भारत का वास्तविक विकास तभी संभव है जब समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब समावेशी विकास सुनिश्चित किया जाए और समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर प्राप्त हों। उन्होंने युवा जनप्रतिनिधियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे निरंतर अध्ययन, अनुभव और संवाद के माध्यम से स्वयं को सशक्त बनाएं तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और परंपराओं को और मजबूत करें।


    अपने क्षेत्र के लोगों से दिल से जुड़ना जरूरी : सिंघार

    मप्र विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधायक बनने के साथ ही हमारी स्वयं की कई अपेक्षाएं होती हैं। विधानसभा क्षेत्रवासी भी विधायक को विकास, जनसुविधा और जनकल्याण के कार्यों के लिए बहुत आशा से देखते हैं। विधायक का पद अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को मुखर करने का प्रभावी माध्यम है। अपने क्षेत्र के लोगों से दिल से जुड़ना और उनके साथ भावनात्मक संबंध बनाना जरूरी है। उन्होंने युवा विधायकों को विधानसभा की बैठकों में अधिक से अधिक भाग लेने तथा विकास के नाम पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सोचने के लिए प्रेरित किया। श्री सिंघार ने कहा कि युवा वर्ग में यह धारणा बनती जा रही है कि राजनीति बहुत खराब है और वे इस विचार के कारण राजनीति में आने से बच रहे हैं। देश हित और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए इस विचार को बदलने की आवश्यकता है।

    भोपाल स्थित विधानसभा के विधान परिषद हाल में हुआ कार्यक्रम वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। सम्मेलन में राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र 6) के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान के 45 वर्ष आयु तक के विधायक सम्मिलित हुए। सम्मेलन के प्रथम दिन राजस्थान और छत्तीसगढ़ से आये युवा विधायकों ने अपने विचार साझा किये।

  • राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक है। वे ही इस क्षेत्र में सक्रिय और सफल हो सकते हैं, जिनमें जनसेवा और जनकल्याण की भावना हो। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से राजनीति में आने वाले लोगों के कारण लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के लिए जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील होना, अध्ययनशील होना, तनाव प्रबंधन में दक्ष होना और जनहित के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करना आवश्यक है। कोई समस्या आने पर जनप्रतिनिधि का व्यवहार और समस्या निराकरण के लिए उनका प्रबंधन कौशल, उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है। सकारात्मक और समाज हित की गतिविधियों और विकास कार्यों के लिए हमें दलगत मतभेदों से ऊपर उठकर सोचना और कार्य करना चाहिए।

    भोपाल स्थित विधानसभा के विधान परिषद हाल में हुआ कार्यक्रम वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विशेष रूप से उपस्थित थे। सम्मेलन में राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र 6) के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान के 45 वर्ष आयु तक के विधायक सम्मिलित हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मानना कि लोकतंत्र के विचार की उत्पत्ति पश्चिम से हुई थी, पूर्णत: सत्य नहीं है। लोकतंत्र, भारतीय राजनैतिक व्यवस्था का नैसर्गिक गुण है। भारतीय व्यवस्थाओं में सदैव से ही मत भिन्नता को सम्मान दिया गया है, राजनैतिक और धार्मिक व्यवस्थाओं में शास्त्रार्थ की परम्परा प्राचीन समय से रही है। भारत में विचारों की अभिव्यक्ति को सभी क्षेत्रों में सम्मान और महत्व प्रदान किया गया। भारत में ऐतिहासिक रूप से जुड़े लोकतंत्र के संस्कारों और मूल्यों का ही परिणाम है कि अंग्रेजों के जाने के बाद भी देश में लोकतंत्र पर आधारित व्यवस्थाएं सुगमता से संचालित होती रहीं। जबकि अन्य पड़ोसी देशों का हाल सबके सामने है।

    उन्होंने युवा विधायकों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें हर स्थिति में सम भाव से रहने की प्रेरणा मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम से लेना चाहिए। जब उन्हें राजपाट सौंपा जाना था, तब उन्हें वनवास दे दिया गया। परंतु उन्होंने दोनों स्थितियों को समभाव से लिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य सहित कई भारतीय शासकों के इतिहास से ज्ञात होता है कि उन्होंने कभी अपनी अगली पीढ़ी को राज सत्ता सौंपने का उपक्रम नहीं किया। राज्य के प्रबंधन में लगे लोगों ने ही उनके बाद व्यवस्थाएं संभाली। ऐसे महान शासकों का मानना था कि यदि अगली पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता और राज सत्ता के प्रबंधन की दक्षता होगी, तो वे स्वयं इस दिशा में सक्रिय होंगे। इन भारतीय मूल्यों और परम्पराओं का वर्तमान में भी पालन होना आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों और सत्ता से जुड़े लोगों का अपने परिवार को समय देना और उन्हें अच्छे संस्कार देना भी आवश्यक है। अच्छे संस्कारों के अभाव में अगली पीढ़ी द्वारा यश प्रभावित करने की संभावना बनी रहती है। जनप्रतिनिधियों को इस ओर से विशेष रूप से संवेदनशील और सतर्क रहना चाहिए।

    मप्र के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रजातंत्र जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए शासन है। अत: लोकतंत्र के सशक्त होने के लिए जनप्रतिनिधि का सशक्त होना आवश्यक है। विधायक होना बहुत महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व है, विधायक बड़ी जनसंख्या की आशाओं, आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी दुख, तकलीफों, अपेक्षाओं को वाणी प्रदान करते हैं। विधायकगण अपने विधानसभा क्षेत्र का प्रबंधन कैसे करते हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवा विधायकों को संयत व्यवहार रखने, जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनके निराकरण की ठोस कोशिश करने, कार्यालय प्रबंधन के लिए संवेदनशील और सक्रिय स्टाफ रखने, अद्यतन डिजिटल तकनीकों के उपयोग में समय के साथ चलने की सलाह दी। सस्ती लोकप्रियता के लिए की गई गतिविधियां दीर्घकालिक दृष्टि से लाभकारी नहीं होती हैं।

  • एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश के सर्वाधिक सशक्त, आर्थिक रूप से सुदृढ़ और बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले प्रथम तीन राज्यों में से एक है। राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है। देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए प्रदेश के दरवाजे खुले हैं। हम उद्योग मित्र नीतियों और सहयोग की भावना के साथ उनके स्वागत के लिए तत्पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्योग हो या कृषि हर क्षेत्र में योगदान के लिए निरंतर सक्रिय है। एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र होने के साथ लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार भी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समर्थ एमएसएमई विकसित मध्यप्रदेश की थीम पर मुख्यमंत्री निवास में 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को उनके खाते में 169.57 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से जारी कर संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टार्टअप को लगभग 28 लाख से अधिक की अनुदान राशि की प्रथम किश्त भी जारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने लघु उद्योग निगम की ओर से 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल और आगर-मालवा के तीन उद्यमियों को औद्योगिक भूमि के लिए आवंटन-पत्र प्रदान किए और मुख्यमत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत हितलाभ वितरण भी किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का आयोजन महावीर जयंती के शुभ अवसर पर हो रहा है। यह भगवान महावीर के जनकल्याण और शुचिता के सिद्धांतों को साकार करने का भी प्रतीक है। प्रदेश में उद्योग-व्यापार गतिविधि और उद्यमिता प्रोत्साहित करने के लिए व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करते हुए निरंतर नवाचार जारी हैं। राज्य सरकार उद्यमियों को लिए पूंजी, भूमि और व्यवस्थाओं में सरलता कर, उनकी प्रगति की राह को आसान बना रही है। विभाग द्वारा बड़ी राशि का सिंगल क्लिक से सीधे अंतरण व्यवस्था में सुगमता और स्पष्टता का परिचायक है। पूरे देश में मार्च क्लोजिंग का वातावरण है, ऐसे में राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई इकाइयों और उद्यमियों को राशि और सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह प्रदेश में नए संकल्पों के साथ नया वित्तीय वर्ष आरंभ करने का भी प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ही भारत स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हुए प्रगति पथ पर अग्रसर है। युद्ध के दोनों पक्ष भारत का सहयोग कर रहे हैं, यह प्रधानमंत्री मोदी की कुशल नीतियों से ही संभव है। जहां एक ओर विश्व के कई देशों में पेट्रोल-डीजल, गैस की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, वहीं हमारे देश में प्रधानमंत्री मोदी ने इनके मूल्यों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ने दिया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत समर्थ भी है और सक्षम भी।

    सभी क्षेत्रों में हो रही है प्रगति : मंत्री काश्यप

    सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनता के बीच सक्रिय होने के साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी निरंतर गतिशील हैं। उनके व्यापक और स्पष्ट दृष्टिकोण के परिणाम स्वरूप प्रदेश उद्योग-व्यापार, कृषि, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभाग में डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं। जिसके परिणामस्वरूप भूमि आवंटन प्रक्रिया को गति मिली है। प्रदेश के 25 औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्य जारी हैं, साथ ही 6 नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 7100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है। कार्यक्रम में एमएसएमई इकाई के संचालक, उद्यमी और बड़ी संख्या में स्टार्ट-अप्स मौजूद रहे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव महावीर जयंती पर शोभायात्रा में हुए शामिल, मुनि श्री 108 संभव सागर महाराज का लिया आशीर्वाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव महावीर जयंती पर शोभायात्रा में हुए शामिल, मुनि श्री 108 संभव सागर महाराज का लिया आशीर्वाद


    भोपाल । मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को महावीर जयंती पर श्रमण मुनि श्री 108 संभव सागर महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के दिगंबर एवं श्वेतांबर जैन समाज द्वारा संयुक्त तत्वावधान में निकाली जा रही भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा का इतवारा पहुंचकर स्वागत कर यात्रा में शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुनि श्री 108 संभव सागर जी महाराज सहित अन्य मुनिगण को श्रीफल भेंट कर उनका अभिवादन किया। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, दिगम्बर पंचायत कमेटी के अध्यक्ष पंकज जैन, सुपारी और श्वेताम्बर समाज के अध्यक्ष राजेश तांतेड़ उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाराणसी में 31 मार्च को एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाराणसी में 31 मार्च को एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में होंगे शामिल


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वाराणसी में आयोजित “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, पारंपरिक शिल्प, ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों, कृषि एवं खाद्य उत्पादों, निवेश अवसरों और पर्यटन संभावनाओं को एक साझा मंच पर प्रस्तुत करेंगे। इस सम्मेलन में दोनों राज्यों की प्रमुख ताकतें एक साथ सामने आएंगी और उत्पादन, बाजार तथा पहचान से जुड़े विभिन्न आयामों पर केंद्रित संवाद स्थापित होगा। सम्मेलन में उद्योग, शिल्प, निवेश और पर्यटन से जुड़े हितधारक एकत्रित होंगे, जहां व्यावहारिक सहयोग, बाजार विस्तार और साझा पहल पर चर्चा का स्पष्ट स्वरूप दिखाई देगा।

    काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की वाराणसी यात्रा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अध्ययन भ्रमण से होगी, जहां तीर्थ क्षेत्र में विकसित क्राउड फ्लो मैनेजमेंट, अधोसंरचना लेआउट और तीर्थयात्री प्रबंधन की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया जाएगा। यह अनुभव धार्मिक पर्यटन स्थलों के सुव्यवस्थित विकास और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली को समझने का आधार बनेगा।

    इसके बाद एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन स्थल पर प्रदर्शनी का अवलोकन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश के ओडीओपी उत्पाद, जीआई टैग हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र, औद्योगिक क्षमताएं और पर्यटन संभावनाएं प्रदर्शित होंगी। यह प्रदर्शनी राज्य की आर्थिक और सांस्कृतिक विविधता को एक ही मंच पर प्रस्तुत करते हुए निवेशकों और प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने का कार्य करेगी।

    सम्मेलन के मुख्य सत्र में निवेश, औद्योगिक सहयोग और ओडीओपी आधारित अर्थव्यवस्था पर केंद्रित चर्चा होगी, जहां मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, अधोसंरचना और प्रोत्साहन तंत्र को प्रस्तुत किया जाएगा। इसी सत्र में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच एमओयू हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे औद्योगिक निवेश, कौशल विकास, हस्तशिल्प संवर्धन और पर्यटन क्षेत्रों में सहयोग को औपचारिक रूप दिया जाएगा। ओडीओपी उत्पादों का आदान-प्रदान स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आएगा। दोपहर पश्चात नेटवर्किंग सत्र में उद्योग जगत, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के बीच संवाद स्थापित होगा, जिससे संभावित निवेश और साझेदारियों को गति मिलेगी और यह सम्मेलन वास्तविक व्यावसायिक अवसरों से जुड़ता हुआ दिखाई देगा।

    समानांतर सत्रों में सहयोग के व्यावहारिक आयामों को विस्तार दिया जाएगा। संयुक्त शिल्प कार्यशाला में मध्यप्रदेश के चंदेरी और महेश्वरी शिल्पकार उत्तरप्रदेश के बनारसी सिल्क कारीगरों के साथ साझा ब्रांडिंग, बाजार विस्तार और ‘गंगा-नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर’ की अवधारणा पर कार्य करेंगे, जिससे पारंपरिक शिल्प को नए बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में ठोस पहल होगी।

    टूरिज्म राउंड टेबल मीटिंग

    टूरिज्म राउंड टेबल में वाराणसी, उज्जैन और चित्रकूट को जोड़ते हुए एक संयुक्त धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस प्रक्रिया में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन सहित प्रमुख हितधारकों की सहभागिता से पर्यटन को संगठित और विस्तारित स्वरूप देने की दिशा में सहमति बनेगी।

    विक्रमोत्सव महानाट्य मंचन के स्थल का अवलोकन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाराणसी के बी.एल.डब्ल्यू मैदान में 3 से 5 अप्रैल तक होने वाले महानाट्य विक्रमोत्सव के कार्यक्रम स्थल का मुआयना भी करेंगे।

  • OBC आरक्षण मामला: सुप्रीम कोर्ट ने बदला अपना आदेश, दो केस खुद सुनेगा, अप्रैल में होगी अहम सुनवाई

    OBC आरक्षण मामला: सुप्रीम कोर्ट ने बदला अपना आदेश, दो केस खुद सुनेगा, अप्रैल में होगी अहम सुनवाई


    भोपाल। मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया में नया मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले दिए गए आदेश में संशोधन करते हुए आरक्षण से जुड़े दो मामलों को फिर से अपने पास ले लिया है। अब 13 प्रतिशत आरक्षण को होल्ड रखने के मुद्दे पर शीर्ष अदालत स्वयं सुनवाई करेगी।

    बताया जा रहा है कि 87-13 फार्मूले को चुनौती देने वाले मामले को भी रिकॉल किया गया है, जिसकी सुनवाई अप्रैल के दूसरे सप्ताह में तय की गई है।

    कई याचिकाएं हाईकोर्ट को ट्रांसफर

    इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 54 अन्य याचिकाओं को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट भेज दिया है। ओबीसी आरक्षण से जुड़ी कुल 103 याचिकाओं पर हाईकोर्ट में 2 से 15 अप्रैल के बीच नियमित सुनवाई होगी।

    52 मामलों की वापसी, दो पर SC करेगा सुनवाई

    ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी 2026 के अपने आदेश में बदलाव करते हुए 52 मामलों को वापस हाईकोर्ट भेज दिया है। हालांकि, इनमें से दो विशेष मामलों की सुनवाई अब सुप्रीम कोर्ट में ही होगी।

    पहले ट्रांसफर हुए थे सभी केस

    जानकारी के अनुसार, ओबीसी आरक्षण से जुड़े सभी लंबित मामलों को पहले मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कराया गया था। ये मामले अलग-अलग बेंचों में लंबित थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी को आदेश जारी कर सभी मामलों को वापस हाईकोर्ट भेजते हुए निर्देश दिया था कि तीन महीने के भीतर विशेष बेंच बनाकर इनका निपटारा किया जाए।

    रिव्यू याचिका पर बदला फैसला

    ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने दीपक कुमार पटेल के नाम से रिव्यू याचिका दाखिल की थी। इस पर 20 मार्च को खुली अदालत में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश में संशोधन कर दिया। संशोधित आदेश के तहत 52 मामलों को दोबारा हाईकोर्ट भेजा गया, जबकि दो विशेष अनुमति याचिकाएं दीपक कुमार पटेल बनाम मध्यप्रदेश शासन और हरिशंकर बरोदिया बनाम मध्यप्रदेश शासन को सुप्रीम कोर्ट ने अपने पास सुनवाई के लिए रख लिया है।

    अप्रैल में फिर होगी अहम सुनवाई

    अब इन सभी मामलों में अगली सुनवाई 2 अप्रैल 2026 से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में शुरू होगी, जबकि सुप्रीम कोर्ट में रिकॉल किए गए मामलों पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह में सुनवाई प्रस्तावित है।

  • राजधानी में युवा विधायकों का मंथन: 2047 के विकसित भारत का रोडमैप, अनुशासन-लोकतंत्र और जनसेवा पर जोर

    राजधानी में युवा विधायकों का मंथन: 2047 के विकसित भारत का रोडमैप, अनुशासन-लोकतंत्र और जनसेवा पर जोर


    भोपाल । राजधानी भोपाल में आयोजित युवा विधायक सम्मेलन में सोमवार को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुल 45 युवा जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह दो दिवसीय सम्मेलन न केवल अनुभव साझा करने का मंच बना, बल्कि लोकतंत्र, विकास और राजनीतिक मूल्यों पर गंभीर मंथन का अवसर भी साबित हुआ। सम्मेलन के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए राजनीति में अनुशासन, संवाद, पारदर्शिता और जनसेवा की अहमियत पर जोर दिया।

    युवा विधायकों को जिम्मेदार नेतृत्व का संदेश
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में युवा विधायकों को जिम्मेदार नेतृत्व का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में सफलता केवल पद पाने से नहीं, बल्कि जनता के बीच निरंतर सक्रिय रहने और उनके विश्वास को बनाए रखने से मिलती है। उन्होंने विनम्रता को जनप्रतिनिधि का सबसे बड़ा गुण बताते हुए कहा कि अपने क्षेत्र की अच्छाइयों के साथ उसकी कमियों को समझना भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है, क्योंकि देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

    लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने पर जोर
    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने पर जोर देते हुए छात्र संघ चुनावों की बहाली की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की असली शुरुआत कॉलेज जीवन से होती है, जहां युवाओं में सिस्टम को समझने और उससे सवाल करने की ऊर्जा होती है। उनके अनुसार, यदि छात्र राजनीति को प्रोत्साहन मिलेगा तो देश में लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव जीतना ही सब कुछ नहीं है, बल्कि जनता के साथ दिल से जुड़ाव बनाना ज्यादा जरूरी है।

    आधुनिक राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका
    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आधुनिक राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एक शक्तिशाली माध्यम है, जो सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से प्रभाव डाल सकता है। इसलिए जनप्रतिनिधियों को अपनी सोशल मीडिया टीम को जिम्मेदार और सकारात्मक बनाना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि आलोचनाओं से घबराने के बजाय सकारात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि अंततः जनता सच्चाई को पहचानती है।

    अन्‍य विधायकों का संबोधन
    सम्मेलन में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने संसदीय परंपराओं और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन वह तार्किक और रचनात्मक होना चाहिए। उन्होंने युवा विधायकों को सलाह दी कि वे सदन में अधिक समय बिताएं, अनुभवी नेताओं के विचार सुनें और अध्ययन के आधार पर अपनी पहचान बनाएं।

    विभिन्न विधायकों ने अपने-अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। राजस्थान के विधायक गुरवीर सिंह ने खेलों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि हर राज्य को कम से कम एक खेल को प्राथमिकता देनी चाहिए, जैसे ओडिशा ने हॉकी को अपनाया है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में कई पुस्तकालय स्थापित किए हैं, जिससे युवाओं को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

    सतना के विधायक सिद्धार्थ कुशवाह ने लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनता का विश्वास आज भी राजनीतिक व्यवस्था में बना हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनावों में बढ़ते खर्च और अनैतिक तरीकों से लोकतंत्र की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। उनके अनुसार, 2047 तक देश को मजबूत बनाने के लिए राजनीतिक व्यवस्था में सुधार जरूरी है।

    नेपानगर की विधायक मंजू दादू ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों की पहचान करनी चाहिए, जिन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है, और उनके साथ संवाद बढ़ाना चाहिए। इसी तरह, चाचौड़ा की विधायक प्रियंका मीणा ने कहा कि विधायक जनता और सरकार के बीच एक सेतु का काम करता है, इसलिए उसे दोनों के बीच प्रभावी संवाद सुनिश्चित करना चाहिए।

    भोपाल उत्तर के विधायक आतिफ अकील ने प्रशासनिक स्तर पर आने वाली चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारी जनप्रतिनिधियों को अपेक्षित सहयोग नहीं देते, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ की विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने नक्सल समस्या को लेकर कहा कि अभी इसे पूरी तरह समाप्त घोषित करना जल्दबाजी होगी।

    सम्मेलन का समापन पारंपरिक लोक नृत्य और समूह फोटो के साथ हुआ। दो दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कुल पांच सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवा विधायकों की भूमिका पर चर्चा हो रही है। 31 मार्च को दूसरे दिन ‘विकसित भारत 2047: युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा।

  • ग्वालियर में फर्जी सिम का भंडाफोड़: एक ही फोटो से सैकड़ों सिम सक्रिय, 1,000 रुपए में बेचे गए कनेक्शन

    ग्वालियर में फर्जी सिम का भंडाफोड़: एक ही फोटो से सैकड़ों सिम सक्रिय, 1,000 रुपए में बेचे गए कनेक्शन


    ग्वालियर।
    शहर में फर्जी सिम कार्ड के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। एक पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) शॉप संचालक ने एक ही व्यक्ति के आधार और फोटो का इस्तेमाल कर सैकड़ों लोगों के नाम पर सिम जारी किए। मामला तब उजागर हुआ जब जिस व्यक्ति की फोटो सिम फॉर्म में इस्तेमाल हो रही थी, वह खुद पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस का अनुमान है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड में किया गया होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस खुलासे से कई अन्य साइबर फ्रॉड मामलों की कड़ियां जुड़ सकती हैं।

    जांच में सामने आया कि आरोपी उमेश कुशवाह (गिरवाई, मूल निवासी भिंड) ने अपने साथी आशीष नागर को इस नेटवर्क में शामिल किया। आशीष ग्राहकों की जगह अपनी फोटो लगाकर सिम सक्रिय करता था। हर सिम पर उसे लगभग 500 रुपए मिलते थे, जबकि उमेश एक सिम के लिए 1,000 से 1,500 रुपए वसूलता था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी को पुलिस कार्रवाई की भनक लग गई थी। उसने इंस्टाग्राम मैसेंजर पर अपने साथी को अंडरग्राउंड होने की सलाह दी। इस तरह सैकड़ों सिम कार्ड्स एक ही फोटो और आधार से फर्जी दस्तावेज के जरिए सक्रिय कर दिए गए।

    ऑपरेशन ‘FACE’ में पहली बड़ी कार्रवाई

    भोपाल मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘FACE’ (फेशियल ऑथेंटिकेशन कम्प्लायंस इंफोर्समेंट) के तहत यह ग्वालियर में पहली बड़ी कार्रवाई है। झांसी रोड थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

    एक ही इलाके के नाम पर सिम जारी

    पुलिस ने अब तक 7 फर्जी सिम बरामद किए हैं। ये सभी सिम गुढ़ा-गुढ़ी नाका क्षेत्र की प्रीतमपुर कॉलोनी और कुम्हारों के मोहल्ले के लोगों के नाम पर जारी किए गए थे, जबकि उनमें आशीष की फोटो लगी थी।

    जांच में बड़े खुलासे होने की उम्मीद

    पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। जांच आगे बढ़ने पर फर्जी सिम नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क के खुलासे के बाद कई ऑनलाइन फ्रॉड में इन सिम कार्ड्स के इस्तेमाल की पुष्टि हो सकती है।

  • MP में ओले-बारिश का अलर्ट, 5 दिन बदला रहेगा मौसम, जाने मौसम का हाल

    MP में ओले-बारिश का अलर्ट, 5 दिन बदला रहेगा मौसम, जाने मौसम का हाल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश में एक मजबूत मौसम सिस्टम सक्रिय हो गया है, जिसका असर अब धीरे-धीरे बढ़ रहा है। रविवार को ग्वालियर सहित कई जिलों में बादल छाए रहे और हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार से इसका प्रभाव और तेज होगा और अगले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश में मौसम बदला हुआ रहेगा।

    अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर-चंबल संभाग के भिंड और दतिया जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल और जबलपुर समेत कई जिलों में आंधी, बारिश और बादलों का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के साथ पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय हैं। इन सभी सिस्टम के कारण प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है।

    30 मार्च से शुरू हुआ यह मौसम सिस्टम प्रदेश के लगभग सभी संभागों को प्रभावित करेगा। ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के अधिकतर जिलों में 2 अप्रैल तक मौसम में बदलाव बना रहेगा।

    आंधी और बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। फिलहाल प्रदेश के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया जा रहा है। रविवार को मंडला में सबसे अधिक 39.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    इसके अलावा नौगांव में 39 डिग्री, दतिया में 38.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.3 डिग्री, खरगोन और सतना में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी, गुना और उमरिया में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, रतलाम और दमोह में 37.6 डिग्री, मलाजखंड में 37.5 डिग्री, रीवा, नरसिंहपुर और रायसेन में 37.4 डिग्री तथा छिंदवाड़ा में 37.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में जबलपुर का तापमान 37.5 डिग्री, भोपाल में 36.6 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.2 डिग्री और उज्जैन में 36.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग ने आगे के लिए चेतावनी भी जारी की है। अनुमान है कि अप्रैल और मई में तेज गर्मी पड़ेगी। इन महीनों में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर बना रहेगा।

  • मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी स्लीमनाबाद टनल का कार्य शीघ्र होगा पूर्ण

    मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी स्लीमनाबाद टनल का कार्य शीघ्र होगा पूर्ण


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की सबसे अधिक लम्बाई 11.952 किमी की स्लीमनाबाद टनल (जल सुरंग) का 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर शीघ्र ही उद्घाटन कार्यक्रम होगा।

    यह जानकारी रविवार देर शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सीएम हाउस स्थित समत्व भवन में हुई नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 270 वीं बैठक में दी गई। प्राधिकरण की बैठक के साथ ही नर्मदा नियंत्रण मंडल की 87वीं बैठक और नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट लिमिटेड के संचालक मंडल की 34 वीं बैठक भी हुई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न निर्मणाधीन सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र के विस्तार के लिए निर्माणाधीन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए। प्रशासकीय और वित्तीय कठिनाइयों को दूर कर लंबित कार्यों की पूर्णता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस क्रम में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा बरगी व्यपवर्तन परियोजना के कार्यों को आधुनिक तकनीक का उपयोग कर तेजी से पूरा करने के प्रयासों की प्रशंसा भी की।


    दो वर्ष की अवधि में रिकार्ड सिंचाई क्षेत्र का विस्तार

    बैठक में बताया गया कि बरगी व्यपवर्तन परियोजना की स्वीकृति वर्ष 2008 में हुई थी। कार्यों में अनेक तरह की बाधाएं भी सामने आईं लेकिन बीते दो वर्ष में तेजी से कार्य पूरे किए गए। स्लीमनाबाद टनल के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए प्रशासकीय और वित्तीय स्तर पर कमियों को दूर करते हुए कार्य पूर्ण किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और नर्मदा घाटी विकास विभाग ने परियोजना के कार्यों की सतत समीक्षा भी की है। टनल के पश्चात 1.85 लाख हेक्टेयर कमान क्षेत्र को हराभरा जीवन प्राप्त होगा। इस टनल के राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल्वे लाइनों, भूमिगत क्रॉसिंग और आबादी क्षेत्र इत्यादि के नीचे से सुरक्षित गुजरते हुए संरचना को कोई क्षति नहीं पहुंची। प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि सहित पुनर्वास और सुरक्षित स्थानांतरण के कार्य संवेदनशीलता के साथ पूरे किए गए।


    6 जिलों के डेढ़ हजार गांव में 2 लाख 45 हजार हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई

    बरगी व्यपवर्तन परियोजना से जबलपुर के निकट स्थित बरगी बांध से निकलने वाली ट्रांस-वैली कैनाल प्रदेश की सर्वाधिक 227 क्यूमेक डिस्चार्ज करयिंग कैपेसिटी की मुख्य नहर 197 किमी होगी। जबलपुर,कटनी , सतना, मैहर, पन्ना और रीवा जिलों के 1450 गांव की दो लाख 45 हजार हेक्टेयर भूमि को स्थाई सिंचाई का वरदान मिलेगा। इस निर्माण कार्य में नर्मदा और सोन कछार को विभक्त करने वाली विंध्य पर्वत श्रंखला की रिज लाइन को पार करना, दुष्कर कार्य था। उच्च भूजल स्तर जैसी चुनौतियों भी सामने थीं, जो स्लीमनाबाद टनल के निर्माण से दूर करने की पहल की गई। यह टनल प्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा की तरह एक किस्म की धड़कन होगी, जो देश की सबसे लम्बी जल सुरंग भी है। कुल 11.952 किमी लंबाई और 2 किमी व्यास की यह विशाल तरंग नर्मदा जल को बिना पंप की सहायता से प्राकृतिक प्रवाह के रूप में बहाते हुए विशाल क्षेत्र को लाभान्वित करने का माध्यम बनेगी।


    बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में बैठक में लिए गए निर्णय प्रदेश के किसानों को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। सेल्दामाल माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति: 42.95 करोड़ रुपए (18% जीएसटी सहित)। खण्डवा जिले के 04 ग्रामों में 1410 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा। दूधी सिंचाई परियोजना: कमांड क्षेत्र वृद्धि (55410 से 60828 हेक्टेयर) एवं पुनरीक्षित लागत 1925.06 करोड़ रुपए की स्वीकृति।

    खालवा उद्वहन माइक्रो लिफ्ट सिंचाई: 35110 से 37490 हेक्टेयर वृद्धि, पुनरीक्षित लागत 724.10 करोड़ रुपए की स्वीकृति। बरगी व्यपवर्तन परियोजना: पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति 7881.75 करोड़ (2.45 लाख हेक्टेयर)। आईएसपी-कालिसिंध द्वितीय चरण: पुनरीक्षित लागत 5985.46 करोड़ (1.10 लाख हेक्टेयर)। आईएसपी-पावती चरण-III एवं IV: पुनरीक्षित लागत 5164.68 करोड़ (1,00,278 हेक्टेयर)। बदनावर माइक्रो लिफ्ट एवं डोबी सिंचाई (सीहोर): क्रमशः 1952.71 करोड़ एवं 275.57 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति।

    बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव जन संसाधन एवं नर्मदा घाटी डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।