कैसे हुई वारदात?
खुशियाँ बदलीं मातम में
पुलिस की कार्रवाई

कैसे हुई वारदात?
खुशियाँ बदलीं मातम में
पुलिस की कार्रवाई

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे को घेरने के लिए पूरी तैयारी की है। लिहाज, सत्र हंगामेदार होने के आसार है।
मप्र विधानसभा का बजट सत्र सुबह 11 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। अभिभाषण में राज्यपाल पटेल राज्य सरकार की उपलब्धियों और कार्य योजनाओं की जानकारी देंगे। यह बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस 19 दिवसीय सत्र में सदन की कुल 12 बैठकें होंगी। इस दौरान 18 फरवरी को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे। इस बार का बजट पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस बार का बजट 4.85 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।
मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कई मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी में है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल कांड, बढ़ता कर्ज, कानून-व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रह सकते हैं। वहीं, सरकार भी विपक्ष को जवाब देने के लिए तैयारी कर रहा है। कांग्रेस प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और मंत्री विजय शाह की बर्खास्ती की मांग सदन में करेगी। इसको लेकर सदन में हंगामा हो सकता है।
वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किए जाने के चलते खेती और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। साथ ही 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य 2028 तक बजट को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक ले जाने का है।
आज विपक्षी विधायक दल की बैठक
विधानसभा में सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस ने आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी होगी। इसमें विधानसभा के बजट सत्र की रणनीति और रूपरेखा पर विधायकों से चर्चा की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि विधायक दल की बैठक में प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने की रणनीति तैयार की जाएगी, साथ ही प्रदेश सरकार में हुए घोटालों को सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, किसानों को हो रहे नुकसान, युवाओं के रोजगार, आदिवासी- दलितों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जानकारी दी गई कि सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक तारांकित पश्न 1750 एवं अतारांकित प्रश्न 1728 कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हई हैं, जबकि ध्यानाकर्षण की 236, स्थगन प्रस्ताव की 10, अशासकीय संकल्प की 41 और शून्यकाल की 83 सूचनाएं प्राप्त हई हैं। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का यह नवम सत्र होगा।


सत्र के पहले दिन मंगू भाई पटेल ने सदन को संबोधित किया। अपने अभिभाषण में उन्होंने मोहन यादव सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और राज्य की प्रगति का विस्तृत उल्लेख किया। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश निरंतर विकास की दिशा में अग्रसर है और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक लाभ पहुंचाया जा रहा है। अभिभाषण के बाद कृतज्ञता प्रस्ताव पेश किया गया, जिस पर आगामी दिनों में चर्चा होगी।
इस बजट सत्र को कई मायनों में अहम माना जा रहा है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, विधायकों की ओर से कुल 3478 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प सदन में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। इन आंकड़ों से साफ है कि सत्र के दौरान सरकार को विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से जवाब देना होगा।
सत्र का सबसे महत्वपूर्ण दिन 18 फरवरी होगा, जब उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। अनुमान है कि इस बार का बजट 4.63 से 4.70 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। खास बात यह है कि बजट पूरी तरह पेपरलेस डिजिटल प्रारूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जो पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह सत्र काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, बेरोजगारी, महंगाई, अवैध खनन, बढ़ते कर्ज और हालिया विवादित मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सत्तापक्ष रोजगार सृजन, नारी सशक्तीकरण, किसान कल्याण, बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश आकर्षित करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।
वंदे मातरम् के साथ कार्यवाही की शुरुआत को राज्य और केंद्र स्तर पर राष्ट्रगीत को बढ़ावा देने की पहल से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे सदन में एक ऊर्जावान और सकारात्मक माहौल देखने को मिला। हालांकि राजनीतिक गर्माहट के संकेत भी साफ हैं, जिससे आगामी दिनों में तीखी बहस और हंगामे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर, बजट सत्र 2026 प्रदेश की आर्थिक दिशा, विकास प्राथमिकताओं और राजनीतिक रणनीतियों को तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहां सत्ता और विपक्ष के बीच व्यापक चर्चा और टकराव दोनों देखने को मिल सकते हैं।

पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान खोजराम के रूप में हुई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पहले युवक को बहाने से एक सुनसान इलाके में बुलाया। वहां पहले से ही लूट की योजना बनाई गई थी। मौका मिलते ही आरोपियों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पोस्टमार्टम और घटनास्थल की जांच में युवक के शरीर पर चाकू के 18 गहरे घाव पाए गए, जिससे वारदात की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। गला रेतने के बाद भी आरोपियों ने कई वार किए, ताकि वह बच न सके।
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। मृतक का मोबाइल फोन और सिम कार्ड तोड़कर अलग अलग स्थानों पर फेंक दिए, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके। इतना ही नहीं, वारदात को हादसा दर्शाने के उद्देश्य से शव को रेलवे पटरी के पास फेंक दिया गया, जिससे प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से कटने का लगे। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने आरोपियों की योजना पर पानी फेर दिया।
बाणगंगा पुलिस ने घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान की। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग है, जिसे किशोर न्याय अधिनियम के तहत प्रक्रिया में लिया जाएगा, जबकि दूसरे आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इस तरह की लूट या आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में और कोई व्यक्ति शामिल तो नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है। एक मामूली लूट के लालच में जिस तरह बेरहमी से हत्या की गई, उसने कानून व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि आगे की पूछताछ में और खुलासे हो सकें।

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज उस ऐतिहासिक दहलीज पर खड़ा है जिसे केंद्र सरकार ने अमृत काल की संज्ञा दी है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। हाल ही में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्यपाल ने वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत 1 लाख 35 हजार से अधिक आवास निर्मित किए गए हैं। साथ ही उज्जैन में मां शिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी भी सदन के समक्ष रखी।
हालांकि अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर आपत्ति जताई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल को बीच में टोकते हुए आरोप लगाया कि नलजल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों जैसे गंभीर विषयों का अभिभाषण में उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी जिससे सदन का माहौल गरमा गया।
विपक्ष का आरोप था कि सरकार जमीनी समस्याओं से ध्यान हटाकर केवल उपलब्धियों का बखान कर रही है। वहीं सत्तापक्ष ने इसे राजनीतिक रणनीति बताते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा का अवसर मिलेगा। लगातार हो रहे शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया लेकिन स्थिति सामान्य न होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया।
अब राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा मंगलवार से शुरू होगी जहां सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। बजट सत्र की शुरुआत जिस तरह हंगामे के साथ हुई है उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के पालन में आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ASI को अपनी विस्तृत सर्वे रिपोर्ट अदालत के पटल पर रखनी थी। इस रिपोर्ट में भोजशाला परिसर के भीतर किए गए वैज्ञानिक सर्वे खुदाई के दौरान मिले साक्ष्य डिजिटल फोटोग्राफी और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेजों को शामिल किया गया है। हिंदू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों को उम्मीद थी कि आज रिपोर्ट पेश होने के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी लेकिन अब यह सस्पेंस 18 फरवरी तक बना रहेगा।
मुस्लिम पक्ष के गंभीर आरोप और हिंदू पक्ष की मांग
दूसरी ओर हिंदू पक्ष महाराजा भोज उत्सव समिति अपने दावों पर अडिग है। हिंदू पक्ष की ओर से कोर्ट में यह मांग प्रमुखता से उठाई गई है कि भोजशाला वाग्देवी मां सरस्वती का मंदिर है इसलिए वहां हिंदुओं को 24 घंटे पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने परिसर में होने वाली नमाज को पूरी तरह से बंद करने की भी मांग की है। हिंदू पक्ष का तर्क है कि सर्वे में मिले अवशेषों से यह स्वतः सिद्ध हो जाता है कि यह एक प्राचीन मंदिर है।
क्या है भोजशाला का महत्व?

रविवार को प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। खंडवा और खरगोन में दिन का तापमान 34 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सतना और उमरिया में पारा 30 डिग्री या उससे अधिक रहा।
शनिवार-रविवार की रात ठंड का असर भी महसूस किया गया। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, कल्याणपुर में 9.4 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री रहा। प्रमुख शहरों में इंदौर 11.5 डिग्री, ग्वालियर 11.7 डिग्री, भोपाल 13 डिग्री, उज्जैन 13.5 डिग्री और जबलपुर 14.3 डिग्री के साथ सबसे ठंडे शहर रहे।
फरवरी में यह तीसरी बार होगा जब एमपी बारिश की चपेट में आएगा। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर देखा गया था, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था।
मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में अगले दो दिन 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला नया सिस्टम 16 फरवरी से सक्रिय होगा, जिसका असर एमपी में भी दिखेगा। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाए रहेंगे।
अगले दो दिन का मौसम का हाल
16 फरवरी – दिन में गर्मी बढ़ेगी, रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी।
17 फरवरी – कुछ जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा, इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है।
अभी प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है, रात और सुबह के समय ठंड रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही रहेगा, जबकि दिन के समय पारा 30 डिग्री तक पहुंच सकता है।