Category: Madhya Pradesh

  • उज्जैन के नागदा में बेखौफ चोर दोपहर में घर में घुसकर सिलेंडर ले उड़े पूरी घटना कैमरे में कैद

    उज्जैन के नागदा में बेखौफ चोर दोपहर में घर में घुसकर सिलेंडर ले उड़े पूरी घटना कैमरे में कैद

    नागदा । मध्यप्रदेश के नागदा क्षेत्र में इन दिनों गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और किल्लत के बीच अब चोरी की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं जिससे लोगों में चिंता का माहौल बन गया है। ताजा मामला उज्जैन जिले के नागदा स्थित राजीव कॉलोनी का है जहां दिनदहाड़े एक घर से गैस सिलेंडर चोरी कर लिया गया और पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

    जानकारी के अनुसार घटना उस समय की है जब दोपहर में घर पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी हुई थी। सिलेंडर को कमरे में रख दिया गया था और परिवार के सदस्य उस वक्त मकान की पहली मंजिल पर मौजूद थे। इसी बीच मौके का फायदा उठाकर दो युवक घर में घुसे और बड़ी ही चालाकी से सिलेंडर उठाकर बाहर ले गए।

    सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक सिलेंडर को उठाकर बाहर लाता है जहां पहले से उसका एक साथी बाइक लेकर इंतजार कर रहा था। दोनों ने मिलकर सिलेंडर को बाइक पर रखा और कुछ ही सेकंड में वहां से फरार हो गए। यह पूरी वारदात इतनी तेजी से अंजाम दी गई कि आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी।

    करीब दो घंटे बाद जब परिवार के लोग नीचे आए तो उन्हें सिलेंडर गायब मिला। पहले तो उन्हें लगा कि शायद कहीं और रखा हो लेकिन काफी तलाश के बाद जब सिलेंडर नहीं मिला तो उन्होंने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। फुटेज देखने के बाद चोरी की पूरी घटना सामने आई जिससे परिवार के लोग भी हैरान रह गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई जिसके बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की जा रही है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और बाजार में मांग के चलते इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अपने घरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। दिनदहाड़े हुई इस चोरी ने यह साफ कर दिया है कि अब चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे किसी भी समय वारदात को अंजाम देने से नहीं हिचक रहे हैं।
    फिलहाल पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा लेकिन इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • मौत बनकर दौड़ी कार पलटते ही लगी आग तीन जिंदगियां राख दो जिंदगी मौत से जूझती

    मौत बनकर दौड़ी कार पलटते ही लगी आग तीन जिंदगियां राख दो जिंदगी मौत से जूझती


    बालाघाट । मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शनिवार रात एक कार अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी और देखते ही देखते आग का गोला बन गई। इस भयावह दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार यह हादसा मलाजखंड मार्ग पर केवलारी चौराहे के पास हुआ। बताया जा रहा है कि सीतम केलकर अपनी पत्नी सविता और तीन साल के बेटे अभि के साथ दो दिन पहले अपने गृहग्राम गए हुए थे। शनिवार रात खाना खाने के बाद वे अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वापस लौट रहे थे। कार में कुल छह लोग सवार थे और माहौल सामान्य था लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में यह सफर एक भयानक त्रासदी में बदल जाएगा।

    रास्ते में केवलारी चौराहे के पास अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने छोटे नाले में जा गिरी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पलट गई और कुछ ही क्षणों में उसमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया। देखते ही देखते कार धू धू कर जलने लगी और चीख पुकार के बीच तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

    इस हादसे में नगारची केलकर सविता केलकर और मासूम अभि केलकर जिंदा जल गए। वहीं कार चला रहे सीतम केलकर और उनकी मां नाना बाई गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गोंदिया रेफर किया गया है जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इस भयावह हादसे में आठ साल की बच्ची पूर्वी रहांगडाले किसी तरह बच निकली जो इस त्रासदी की प्रत्यक्षदर्शी बन गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। जब तक आग बुझाई गई तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोई संभावना नहीं बची थी। घटनास्थल का मंजर इतना भयावह था कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।

    यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए गहरा सदमा बन गया है। एक ही पल में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं और एक खुशहाल परिवार बिखर गया। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चलाते समय सतर्कता की जरूरत को उजागर किया है।

    इस तरह की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि सड़क पर एक छोटी सी चूक भी कितना बड़ा नुकसान कर सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

  • एमपी में आज से बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश की संभावना, 30-31 मार्च को रहेगा ज्‍यादा प्रभाव

    एमपी में आज से बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश की संभावना, 30-31 मार्च को रहेगा ज्‍यादा प्रभाव

    मध्य प्रदेश में रविवार से मौसम करवट लेने जा रहा है। अगले चार दिनों तक प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर बना रहेगा। इसकी वजह वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और टर्फ सिस्टम की सक्रियता है। मौसम केंद्र के मुताबिक 30 और 31 मार्च को यह सिस्टम ज्यादा प्रभावी रहेगा, जिससे कई इलाकों में तेज गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इस दौरान ग्वालियर और चंबल संभाग में ओले गिरने की भी आशंका है।

    सिस्टम की सक्रियता से बढ़ेगा असर
    शनिवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दोनों सिस्टम सक्रिय रहे, जो रविवार को आगे बढ़ेंगे। इसके चलते प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू होगा। अगले 24 घंटों में ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है।

    30-31 मार्च को तेज रहेगा मौसम का मिजाज
    मौसम विभाग के अनुसार 30 मार्च से सिस्टम का असर और बढ़ेगा। ग्वालियर, भिंड और दतिया में ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा। 31 मार्च को भी यही स्थिति रहने का अनुमान है। 1 अप्रैल से सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    गर्मी से मिलेगी राहत
    आंधी और बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट दर्ज होगी। फिलहाल प्रदेश के ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बना हुआ है। नर्मदापुरम सबसे गर्म बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी आ सकती है।

    तापमान में उतार-चढ़ाव जारी
    शनिवार को भी प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। नर्मदापुरम में 1.5 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 38.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खंडवा में भी इतना ही तापमान रहा। रतलाम में 38.2 डिग्री, खरगोन में 38 डिग्री, बैतूल में 37.7 डिग्री, नरसिंहपुर और खजुराहो में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, धार और सिवनी में 37.2 डिग्री, जबकि श्योपुर और सागर में तापमान 37 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

    बड़े शहरों का हाल
    बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री रहा। भोपाल में 36.2 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, ग्वालियर में 35.3 डिग्री और उज्जैन में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • मप्रः खरगोन में पेट्रोल पंप के पास खड़े ट्रक में लगी आग, टला बड़ा हादसा

    मप्रः खरगोन में पेट्रोल पंप के पास खड़े ट्रक में लगी आग, टला बड़ा हादसा


    खरगोन।
    मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में शनिवार देर शाम डायवर्सन रोड पर एक पेट्रोल पंप के पास खड़े ट्रक में अचानक आग लग गई। ट्रक चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते वाहन को करीब 300 मीटर दूर ले जाकर खड़ा किया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।

    जानकारी के अनुसार, ट्रक श्रीजी ऑटो सेंटर स्थित पेट्रोल पंप के पास खड़ा था, तभी उसमें आग लग गई। एक तांगा चालक ने पंप कर्मचारियों को सूचना दी। कर्मचारियों ने तुरंत इमरजेंसी स्विच बंद कर दिया और फायर बॉटल से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। साथ ही दमकल विभाग को सूचना दी गई। ट्रक चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते वाहन को पेट्रोल पंप से दूर करीब 300 मीटर आगे खाली चावला मार्केट परिसर में ले जाकर रोका, जिससे संभावित बड़ा नुकसान टल गया।

    सूचना मिलते ही नगरपालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक ट्रक में रखा सामान काफी हद तक जल चुका था। ट्रक एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का था, जिसमें स्टेशनरी और कॉस्मेटिक सहित विभिन्न प्रकार का सामान रखा था। आग से पूरा माल जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

  • मप्र हाईकोर्ट के न्यायाधीश भोजशाला पहुंचे, 53 मिनट तक किया परिसर का गोपनीय निरीक्षण

    मप्र हाईकोर्ट के न्यायाधीश भोजशाला पहुंचे, 53 मिनट तक किया परिसर का गोपनीय निरीक्षण


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश शनिवार को केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक भोजशाला पहुंचे। उन्होंने करीब 53 मिनट तक भोजशाला परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। आगामी 2 अप्रैल को भोजशाला मामले की सुनवाई से पहले इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी शनिवार दोपहर एक बजकर 52 मिनट पर भोजशाला परिसर पहुंचे। उनके साथ कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी भी मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उन्होंने करीब 53 मिनट तक परिसर में रहकर हर हिस्से का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने संरचना के संरक्षण के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी।

    गौरतलब है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा लगभग 98 दिनों तक भोजशाला परिसर में किए गए सर्वे की रिपोर्ट उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जा चुकी है और इसकी प्रतियां सभी पक्षकारों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। भोजशाला के कानूनी विवाद को लेकर गत 16 मार्च को इंदौर उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान पक्षकारों से दावे और आपत्तियां मांगी गई थीं, उसी दौरान न्यायमूर्ति ने स्वयं भोजशाला का निरीक्षण करने की इच्छा जताई थी। साथ ही दो अप्रैल की तारीख सुनवाई के लिए निर्धारित की थी।

    मामले की सुनवाई से पहले न्यायाधीश शनिवार को धार पहुंचे। न्यायाधीशों के आगमन की सूचना मिलते ही सुबह से ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया था। न्यायमूर्ति के दौरे को देखते हुए भोजशाला के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।

    निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति शुक्ला ने भोजशाला परिसर के भीतर स्तंभों की नक्काशी, प्राचीन खंभों पर उकेरी गई आकृतियों और ऐतिहासिक शिलालेखों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने दीवारों पर अंकित लिपियों को भी ध्यानपूर्वक देखा। साथ ही एएसआई द्वारा किए गए सर्वे के निशानों और चिन्हित स्थलों की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किए गए कार्यों और वर्तमान व्यवस्थाओं से भी अवगत कराया।

    भोजशाला को लेकर चल रहे कानूनी विवाद और वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांगों के बीच अब इस दौरे के बाद सभी की निगाहें आगामी 2 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जहां मामले में महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।

  • मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

    मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा इनके वितरण में किसी प्रकार की कमी या बाधा नहीं है।

    यह जानकारी शनिवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कार्य कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है, जिससे ईंधन आपूर्ति में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की स्थिति सामान्य है और सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल (एमएस) और डीजल (एचएसडी) का पर्याप्त भंडार मौजूद है। पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन की किसी प्रकार की कमी नहीं है तथा कंपनी के डिपो से पेट्रोल और डीजल की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।


    रसोई गैस की उपलब्धता पर्याप्त

    मंत्री राजपूत ने बताया कि एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं, जिससे किसी भी स्थिति में रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित न हो।


    बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विशेष व्यवस्था

    राजपूत ने बताया कि प्रदेश में ईंधन की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए सभी सप्लाई लोकेशन को अधिक समय तक संचालित किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति को सुचारु बनाए रखते हुए स्थिति को सामान्य रखा जा सके।


    कालाबाजारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई

    मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2050 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 2912 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।


    पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में तेजी

    उन्होंने बताया कि प्रदेश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लंबित अनुमतियों को शीघ्र प्रदान करने और नई अनुज्ञप्तियां 24 कार्यकारी घंटों में जारी करने के लिए संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में सीजीडी (City Gas Distribution) संस्थाओं द्वारा 2,14,980 घरेलू, 535 औद्योगिक और 661 वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। विभिन्न प्रकार की अनुमतियां प्रदान करने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

    ऑयल कंपनियों आईओसीएल (IOCL), बीपीसीएल (BPCL) और एचपीसीएल (HPCL) तथा सीजीडी संस्थाओं के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित कर भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

    मंत्री राजपूत ने आम नागरिकों से अपील की है कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि नागरिक आवश्यकतानुसार ही पेट्रोल और डीजल खरीदें तथा अनावश्यक संग्रह न करें। सरकार द्वारा प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन कर पीएनजी कनेक्शन लेने की भी अपील की गई है।

  • उज्जैनः पंचक्रोशी यात्रा 12 अप्रैल से, अधिकारियों ने मार्ग का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    उज्जैनः पंचक्रोशी यात्रा 12 अप्रैल से, अधिकारियों ने मार्ग का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश के उज्जैन में पंचक्रोशी यात्रा 12 अप्रैल से प्रारंभ होगी। इसी के मद्देनजर शनिवार को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने पंचक्रोशी यात्रा मार्ग का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

    सर्वप्रथम संभागायुक्त आशीष सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने पटनी बाजार स्थित नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर पूजन अर्चन किया और मंदिर परिसर में पानी की टंकी की सफाई, परिसर की साफ-सफाई , सीसीटीवी कैमरे, लाइट तथा एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

    इसके बाद अधिकारियों द्वारा बस से यात्रा कर उंडासा, पिंगलेश्वर, शनि मंदिर त्रिवेणी, करोहन, नलवा, अंबोदिया, पड़ाव व उप पड़ाव स्थलों का निरीक्षण किया गया। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि पड़ाव स्थलों के बीच भी कुछ-कुछ स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था की जाए तथा जो भी बड़े खुले कुएं रास्ते में आ रहे हैं अथवा जहां नवीन पुल-पुलियाओं का निर्माण चल रहा है वहां सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग की जाए। साथ ही रात में अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था की जाए।

    पिंगलेश्वर में रेलवे ओवरब्रिज के नीचे सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। अस्थाई शौचालयों, लाइट , पेयजल के लिए टैंकर की व्यवस्था पर्याप्त संख्या में की जाए। त्रिवेणी में श्रद्धालुओं के स्नान के लिए शावर्स लगाए जाएं।

    अंबोदिया में व्यवस्थाओं के संबंध में ली गई बैठक में कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि वर्तमान में सिंहस्थ महापर्व के अंतर्गत निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं। पंचक्रोशी यात्रा के दौरान नये कार्य प्रारंभ न किये जाएं, वर्तमान में चल रहे कार्यों के तेज गति से पूर्ण करें। पंचक्रोशी यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रा मार्ग में कुछ स्थानों पर मुरम डाल कर समतलीकरण किया जाए। इसके अलावा जिन विभागों को यात्रा के संबंध में जो दायित्व सौंपे गए हैं, वे आगामी 05 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर लें।

    पुलिस अधीक्षक शर्मा ने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। ड्यूटीरत अधिकारी व कर्मचारी अपनी शिफ्ट समाप्त होने पर रिलिवर के आने के पश्चात ही कर्तव्य स्थल छोड़ें, निर्धारित समय पर अपने कर्तव्य स्थल पर पहुंचे। श्रद्धालुओं के लिए यात्रा के सुखद अनुभव के लिए सभी मिलकर प्रयास करें।

  • सीएम डॉ. मोहन यादव की पहल, एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन से विकास का नया मॉडल तैयार

    सीएम डॉ. मोहन यादव की पहल, एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन से विकास का नया मॉडल तैयार


    भोपाल । मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच आर्थिक सांस्कृतिक और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से 31 मार्च 2026 को एमपी यूपी सहयोग सम्मेलन 2026 का आयोजन वाराणसी में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आयोजित यह सम्मेलन अंतरराज्यीय सहयोग को केवल नीतिगत स्तर तक सीमित न रखकर उसे व्यावहारिक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

    इस सम्मेलन की शुरुआत काशी के प्रतिष्ठित काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अध्ययन भ्रमण से होगी जहां तीर्थस्थल प्रबंधन क्राउड कंट्रोल और आधुनिक अधोसंरचना के सफल मॉडल का अवलोकन किया जाएगा। इस अनुभव के आधार पर मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी जिससे तीर्थ पर्यटन को और अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सके।

    सम्मेलन का प्रमुख फोकस ओडीओपी जीआई टैग उत्पादों पारंपरिक शिल्प कृषि और फूड उत्पादों को एकीकृत मंच प्रदान करना होगा। उत्तरप्रदेश की ओडीओपी पहल के अनुभवों से यह समझ विकसित की जाएगी कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में कैसे प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है। दोनों राज्यों के उत्पादों को साझा ब्रांडिंग के तहत प्रस्तुत करने से निर्यात को बढ़ावा मिलने और मूल्य संवर्धन के नए अवसर खुलने की संभावना है।

    इस अवसर पर मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच कई महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे जिनके माध्यम से व्यापार औद्योगिक निवेश कौशल विकास और पर्यटन क्षेत्र में साझेदारी को औपचारिक रूप दिया जाएगा। यह समझौते केवल दस्तावेजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि जमीनी स्तर पर लागू कर उद्योगों उद्यमियों और शिल्पकारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

    सम्मेलन में उद्योग जगत निवेशकों नीति निर्माताओं और शिल्पकारों को एक साझा मंच मिलेगा जहां वे निवेश अवसरों लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना और नीतिगत प्रोत्साहनों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। वस्त्र हस्तशिल्प एमएसएमई खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन जैसे विविध क्षेत्रों की सहभागिता इस आयोजन को बहुआयामी बनाएगी और उद्योग सरकार समन्वय को नई मजबूती देगी।

    इसके साथ ही आयोजित प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं ओडीओपी उत्पादों जीआई टैग हस्तशिल्प और प्रमुख पर्यटन स्थलों को एकीकृत रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी निवेशकों के लिए राज्य की संभावनाओं को समझने और उनसे जुड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगी।

    शिल्पकारों के लिए गंगा नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर जैसी अभिनव पहल भी इस सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहेगी जिसमें चंदेरी और महेश्वरी शिल्पकार बनारसी कारीगरों के साथ मिलकर साझा ब्रांडिंग और बाजार विस्तार पर काम करेंगे। इससे पारंपरिक शिल्प को नई पहचान मिलने के साथ कारीगरों की आय और आजीविका में वृद्धि होगी।

    धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काशी उज्जैन चित्रकूट सर्किट पर भी विशेष चर्चा होगी जिसमें पर्यटन को एक संयुक्त उत्पाद के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जाएगी। इस पहल से दोनों राज्यों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    कुल मिलाकर यह सम्मेलन निवेश निर्यात रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विकास का एक नया मॉडल प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह पहल मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच सहयोग को दीर्घकालिक और परिणामदायी दिशा देने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

  • झाड़-फूंक के बहाने महिला से ठगी, अश्लील फोटो खींच धर्म परिवर्तन का दबाव; आरोपी गिरफ्तार

    झाड़-फूंक के बहाने महिला से ठगी, अश्लील फोटो खींच धर्म परिवर्तन का दबाव; आरोपी गिरफ्तार


    रीवा।
     मध्‍यप्रदेश के रीवा जिले में झाड़-फूंक के बहाने महिला को फंसाकर उसकी अश्लील तस्वीरें खींचने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। विरोध करने पर आरोपी ने कथित तौर पर तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

    घटना जवा थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी अनीस मोहम्मद ने महिला को तंत्र-मंत्र से बीमारी ठीक करने का झांसा दिया और धीरे-धीरे उससे नजदीकियां बढ़ाईं। आरोप है कि उसने महिला को नशीली गोलियां खिलाकर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं।

    बताया जा रहा है कि इसके बाद आरोपी महिला पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। जब महिला ने इनकार किया तो आरोपी ने कथित तौर पर उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर दीं।

    मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि आरोपी वर्ष 2022 से महिला के संपर्क में था। उसने झाड़-फूंक के बहाने विश्वास हासिल किया और बाद में फोटो खींचकर ब्लैकमेल करने लगा।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जांच जारी है।

  • MP में EMI मॉडल पर सरकार, नेता प्रतिपक्ष ने उठाए मुआवजा और कर्ज पर गंभीर सवाल

    MP में EMI मॉडल पर सरकार, नेता प्रतिपक्ष ने उठाए मुआवजा और कर्ज पर गंभीर सवाल

    भोपाल: मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा हादसे के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार की मुआवजा नीति और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिंघार ने कहा कि प्रदेश में अब तक कोई समान कंपनसेशन पॉलिसी नहीं बनाई गई। उन्होंने बताया कि सरकार घोषणाएं तो कर देती है, लेकिन पीड़ित व्यक्ति को विभागों के चक्कर लगाते रहना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को एक स्पष्ट और सरल मुआवजा नीति बनानी चाहिए, जिससे किसी दुर्घटना के पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत मिल सके।

    सिंघार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की सभा में शामिल न होने पर छिंदवाड़ा में अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की चेतावनी देने वाले पत्र जारी किए गए। इसके अलावा उन्होंने लाड़ली बहना योजना की राशि न मिलने की धमकी भी देने का आरोप लगाया। सिंघार ने कहा कि जिन टेंडरों में कमीशन मिलता है, उनके लिए सरकार तुरंत पॉलिसी बना देती है, लेकिन गरीब और पीड़ित परिवारों के लिए कोई ठोस नीति नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार ऐसे मामलों के लिए कोई सिंगल विंडो सिस्टम बनाएगी ताकि जनता को लगातार विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ें।

    एलपीजी गैस और व्यापारियों के मुद्दे पर भी सिंघार ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने एलपीजी गैस की अल्टरनेटिव पॉलिसी नहीं बताई और न ही यह स्पष्ट किया कि रिजर्व कितना है। इसके अलावा होटल व्यवसायियों और छोटे दुकानदारों के भविष्य और उनके व्यवसाय सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने सरकार की नीति पर सवाल खड़ा किया।

    सिंघार ने पिछले पांच वर्षों के आंकड़े पेश किए और बताया कि प्रदेश में 65 हजार से ज्यादा दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 14,791 लोगों की मौत हुई। इस मामले में मध्यप्रदेश देश में दूसरे नंबर पर है। उनके अनुसार यह स्थिति सीधे तौर पर सरकार की विफलता को दर्शाती है।

    नेता प्रतिपक्ष ने मध्यप्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कर्ज लेने में माहिर हैं और प्रदेश को “EMI मॉडल” पर चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो दशकों में भाजपा सरकार ने विकास के नाम पर लाखों करोड़ का कर्ज लिया, लेकिन सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में हालात जस के तस हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष खत्म होने तक चौथी बार 2,500 करोड़ का कर्ज लिया गया और इस साल कुल कर्ज 91,500 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। सिंघार ने सवाल उठाया कि क्या सरकार ने तय कर लिया है कि प्रदेश को कर्ज में डुबोकर ही छोड़ेगी।

    सिंघार ने कहा कि जनता टैक्स पर टैक्स दे रही है, महंगाई झेल रही है, लेकिन सरकार बिना किसी रोडमैप और पारदर्शिता के कर्ज ले रही है। उन्होंने पूछा कि आखिर यह कर्ज किस योजना में लगा और इसका क्या परिणाम निकला। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को इसका जवाब देना होगा।

    सिंघार के अनुसार यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का भी है। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेताया कि अब गरीबों और पीड़ित परिवारों के हितों को प्राथमिकता दी जाए और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।