Category: Madhya Pradesh

  • जबलपुर में सुसाइड केस: वीडियो रिकॉर्ड कर युवक ने की आत्महत्या, शादी टूटने से था परेशान

    जबलपुर में सुसाइड केस: वीडियो रिकॉर्ड कर युवक ने की आत्महत्या, शादी टूटने से था परेशान


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Jabalpur में एक दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां राजस्थान के झालावाड़ निवासी 25 वर्षीय युवक लोकेश सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अब करीब दो महीने बाद सामने आए एक वीडियो ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है।

    घटना 3 मार्च की बताई जा रही है, जब लोकेश का शव जबलपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर नहर किनारे एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला था। पुलिस ने उस समय शव का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया था और मामला सामान्य आत्महत्या मानकर जांच बंद कर दी गई थी।

    लेकिन हाल ही में मृतक के मोबाइल से मिला एक वीडियो सामने आने के बाद मामला फिर से खुल गया है। वीडियो में लोकेश ने आत्महत्या से ठीक पहले अपनी मौत के लिए ससुराल पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। उसने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उसकी फोटो डालकर उसकी बदनामी की गई, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया।

    मृतक ने वीडियो में कुछ लोगों के नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए और भावनात्मक रूप से आहत होकर आत्महत्या करने की बात कही। वीडियो सामने आने के बाद परिवार ने इसे पुलिस को सौंप दिया है।

    परिजनों के अनुसार लोकेश की शादी बचपन में तय हुई थी, लेकिन बाद में रिश्ते में तनाव बढ़ता चला गया। पिता का आरोप है कि ससुराल पक्ष की ओर से लगातार दबाव और विवाद के कारण उनका बेटा मानसिक तनाव में था।

    मामले में एक और पहलू यह भी सामने आया है कि घटना से पहले युवक द्वारा सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक फोटो पोस्ट किए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया था, जिसके बाद रिश्ता टूटने की स्थिति बन गई थी।

    अब पुलिस ने वीडियो के आधार पर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में जिन लोगों के नाम लिए गए हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी और सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    फिलहाल यह मामला आत्महत्या के पीछे के कारणों और सोशल मीडिया विवाद के प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • मंडला में स्वास्थ्य सिस्टम की पोल खुली, हाईकोर्ट में पहुंचा मामला-प्रसूति वार्ड में फर्श पर लेटती महिलाएं

    मंडला में स्वास्थ्य सिस्टम की पोल खुली, हाईकोर्ट में पहुंचा मामला-प्रसूति वार्ड में फर्श पर लेटती महिलाएं


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Jabalpur स्थित हाईकोर्ट में मंडला जिला अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि आदिवासी बहुल जिले में चिकित्सा सुविधाएं बेहद कमजोर हैं और मरीजों को बुनियादी इलाज तक नहीं मिल पा रहा है।
    याचिकाकर्ता के अनुसार मंडला जिले की आबादी करीब 10 लाख है, जिसमें अधिकांश लोग ग्रामीण और आदिवासी समुदाय से आते हैं, लेकिन जिला अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है। 42 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 17 डॉक्टर ही वर्तमान में तैनात हैं।
    याचिका में यह भी बताया गया है कि कई अहम विशेषज्ञ पद वर्षों से खाली पड़े हैं। कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण गंभीर मरीजों को इलाज के लिए जबलपुर या नागपुर रेफर करना पड़ता है। रेडियोलॉजिस्ट न होने से सोनोग्राफी जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी बाधित हैं, जिससे मरीजों को निजी केंद्रों पर महंगे परीक्षण कराने पड़ते हैं।
    सबसे चिंताजनक स्थिति प्रसूति वार्ड की बताई गई है, जहां बिस्तरों की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को फर्श पर लेटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसे याचिका में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताया गया है।
    मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश Sanjeev Sachdeva और न्यायमूर्ति विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और मंडला सीएमएचओ को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई जून में होगी।
    याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि स्थिति सुधारने के लिए कई बार प्रदर्शन और ज्ञापन दिए गए, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
    कोर्ट में दायर याचिका में मांग की गई है कि प्रसूति वार्ड में तत्काल अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था की जाए, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति समयबद्ध तरीके से हो और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। फिलहाल यह मामला न सिर्फ मंडला की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है, बल्कि पूरे राज्य की ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को भी उजागर कर रहा है।

  • ग्वालियर मौसम बदला-बदला: रात में ठंडक, सुबह निकलते ही धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी

    ग्वालियर मौसम बदला-बदला: रात में ठंडक, सुबह निकलते ही धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी

    नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश के Gwalior में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। कभी तेज बारिश और आंधी तो कभी चिलचिलाती धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते कुछ दिनों से शहर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

    मंगलवार शाम अचानक आई आंधी और बारिश के बाद रात के समय लोगों को हल्की राहत जरूर मिली, जब तापमान में गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री से घटकर 25.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी।
    बुधवार सुबह होते ही तेज धूप ने फिर से शहर को गर्मी की चपेट में ले लिया। हवा में लगभग 60 प्रतिशत नमी के कारण उमस और बढ़ गई, जिससे लोगों को भारी असहजता महसूस हुई। मौसम में इस बदलाव के चलते दिनभर बेचैनी का माहौल बना रहा।
    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सुबह के कुछ ही घंटों में तापमान में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 25.6 डिग्री था, वहीं 8:30 बजे तक यह बढ़कर 31.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह लगभग 5.8 डिग्री का उछाल दर्शाता है, जो मौसम में अस्थिरता का संकेत है।
    दिन के समय बढ़ती गर्मी का असर शहर की रफ्तार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर होते ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। लोग तेज धूप से बचने के लिए छाते, गमछे और पानी की बोतलों का सहारा ले रहे हैं। चिकित्सकों ने भी सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों तक मौसम शुष्क बना रह सकता है और तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही लू जैसे हालात बनने की आशंका भी जताई गई है, जिससे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
    फिलहाल मौसम का यह बदलता मिजाज लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आ रहा है, जहां रात की ठंडक के बाद दिन की गर्मी चुनौती बनती जा रही है।
  • स्विमिंग पूल में डूबने से मासूम की मौत, ग्वालियर में दफनाने के बाद पोस्टमॉर्टम की उठी मांग

    स्विमिंग पूल में डूबने से मासूम की मौत, ग्वालियर में दफनाने के बाद पोस्टमॉर्टम की उठी मांग


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Gwalior में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया है, जहां एक होटल के स्विमिंग पूल में डूबने से 7 वर्षीय बच्चे वेद पाल की मौत हो गई। घटना गिरवाई थाना क्षेत्र स्थित एबी रोड के एक होटल में सोमवार रात हुई, जब परिवार डिनर और पूल पार्टी के लिए वहां पहुंचा था। जानकारी के अनुसार, बच्चा पहले बच्चों के पूल में खेल रहा था, लेकिन कुछ समय बाद वह अचानक वहां से गायब हो गया। तलाश के दौरान वह बड़े स्विमिंग पूल की गहराई में मिला, जिसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
    हादसे के बाद परिवार पूरी तरह सदमे में था और देर रात लगभग 1 बजे बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया। लेकिन अगले दिन मामला तब पलटा जब लोगों ने परिजनों को होटल प्रबंधन की संभावित लापरवाही के बारे में बताया। इसके बाद परिवार ने दोबारा मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से संपर्क किया।
    परिजनों का आरोप है कि होटल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और न ही लाइफगार्ड मौजूद था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। इसी आधार पर उन्होंने शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की है, ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके।
    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अब प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत दफनाए गए शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जो कि इस तरह का एक दुर्लभ मामला माना जा रहा है।
    घटना के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह जांच का विषय है कि क्या स्विमिंग पूल के पास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, चेतावनी संकेत और निगरानी व्यवस्था मौजूद थी या नहीं।
    पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और यदि लापरवाही साबित होती है तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    फिलहाल यह पूरा मामला जांच के दायरे में है और एक मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को गम और सवालों से भर दिया है।
  • इंदौर में बड़ा मामला: पुलिस पर मारपीट का आरोप, शादी और तलाक विवाद में फंसा परिवार

    इंदौर में बड़ा मामला: पुलिस पर मारपीट का आरोप, शादी और तलाक विवाद में फंसा परिवार


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Indore में एक पारिवारिक विवाद अब पुलिस और एक डॉक्टर के बीच गंभीर टकराव में बदल गया है। हीरानगर थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना के एक मामले के बाद डॉक्टर अभिषेक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।

    पूरा मामला एक महिला की शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें उसने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया था। महिला का कहना है कि उसकी शादी 29 नवंबर 2025 को हुई थी और शादी के कुछ ही दिनों बाद उसका पति नोएडा चला गया था। महिला ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष उसे कार और पैसों के लिए प्रताड़ित करता था।

    महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति, जेठ (डॉक्टर अभिषेक), सास-ससुर सहित पूरे परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सभी पक्षों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।

    इसी दौरान मामला तब और बढ़ गया जब डॉक्टर अभिषेक ने पुलिस पर ही मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगा दिए। उनका कहना है कि उन्हें थाने में बुलाकर उनके साथ गलत व्यवहार किया गया, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है।

    थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस ने केवल कानूनी कार्रवाई के तहत पूछताछ की थी और आरोपों से बचने के लिए डॉक्टर झूठे आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और दहेज प्रताड़ना के मामले में पर्याप्त सबूतों के आधार पर FIR दर्ज हुई है।

    इस पूरे विवाद में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है, जिसमें महिला ने आरोप लगाया है कि उसका पति नोएडा में किसी अन्य युवक के साथ रह रहा है और वह उससे तलाक लेना चाहता है।

    वहीं, पूछताछ के दौरान डॉक्टर अभिषेक ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस उन्हें अस्पताल भी ले गई, लेकिन जांच में उनकी स्थिति सामान्य पाई गई।

    फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों के बीच मामला और जटिल होता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • डॉग फीडिंग के दौरान युवक पर हमला, इंदौर की घटना CCTV में रिकॉर्ड-पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

    डॉग फीडिंग के दौरान युवक पर हमला, इंदौर की घटना CCTV में रिकॉर्ड-पुलिस ने शुरू की कार्रवाई


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Indore के द्वारकापुरी इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बेसहारा कुत्तों को खाना खिला रहे एक वॉलंटियर अमन तोमर पर आधा दर्जन से अधिक लोगों ने हमला कर दिया। यह पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
    जानकारी के अनुसार, पीड़ित अमन तोमर लंबे समय से इलाके में आवारा कुत्तों को भोजन कराने का काम कर रहे हैं। घटना उस समय हुई जब उन्होंने एक व्यक्ति को कुत्ते के साथ मारपीट करते हुए देखा और उसे रोकने की कोशिश की। इसी बात पर विवाद बढ़ गया और मामला हिंसक हो गया।
    आरोप है कि कुछ ही देर बाद कई लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने अमन तोमर पर हमला कर दिया। हमलावरों ने मिलकर युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया।
    घटना के बाद स्थानीय पशु प्रेमियों ने पुलिस पर शुरुआती कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया और मामला पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक पहुंचाया। इसके बाद People For Animals की इंदौर इकाई के प्रतिनिधियों सहित अन्य कार्यकर्ता भी शिकायत लेकर पहुंचे और उन्होंने पूरे मामले का सीसीटीवी फुटेज अधिकारियों को सौंपा।
    शिकायत के बाद पुलिस ने द्वारकापुरी थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
    पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वहीं, इस घटना ने इलाके में पशु सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • NEET एग्जाम रद्द होने से बवाल, छात्रों की पीड़ा आई सामने-“डिप्रेशन का इलाज करने वाले खुद डिप्रेशन में

    NEET एग्जाम रद्द होने से बवाल, छात्रों की पीड़ा आई सामने-“डिप्रेशन का इलाज करने वाले खुद डिप्रेशन में


    नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित परीक्षा को कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की शिकायतों के बाद रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया है। इस फैसले ने देशभर के करीब 22 लाख छात्रों को सीधे प्रभावित किया है।

    परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश और निराशा देखने को मिल रही है। कई छात्रों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से केवल इसी परीक्षा की तैयारी में जुटे थे, लेकिन बार-बार होने वाले बदलाव और अनिश्चितता ने उनके मानसिक तनाव को और बढ़ा दिया है।

    इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि जिस परीक्षा के जरिए उनकी योग्यता तय होती है, उसी को आयोजित करने वाली एजेंसी की पारदर्शिता पर बार-बार सवाल उठना चिंता का विषय है।

    NEET-UG जैसे महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर यह स्थिति छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डाल रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार बदलते फैसलों और दोबारा परीक्षा के निर्णय से उनका मानसिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को कमजोर करती हैं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर भी सवाल खड़े करती हैं। अभ्यर्थी अब मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

    फिलहाल, दोबारा परीक्षा की नई तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन छात्रों की नजरें अब आगे के आधिकारिक फैसले पर टिकी हैं।

  • CBSE 12वीं परिणाम 2026: रिजल्ट कभी भी जारी हो सकता है, MP के छात्रों में बढ़ी बेचैनी

    CBSE 12वीं परिणाम 2026: रिजल्ट कभी भी जारी हो सकता है, MP के छात्रों में बढ़ी बेचैनी


    नई दिल्ली। सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम कभी भी घोषित किया जा सकता है, जिससे देशभर के लाखों छात्रों की धड़कनें बढ़ गई हैं। इस परीक्षा में मध्यप्रदेश से कुल 80,454 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे, जिनमें अकेले भोपाल से 9,399 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे।

    परीक्षा का आयोजन 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच देशभर में एक ही शिफ्ट में किया गया था। अब परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम परिणाम की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है।

    इस साल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) ने मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया है। कॉपियों की जांच से लेकर अंकों के सत्यापन तक सभी काम ऑनलाइन सिस्टम के जरिए किए गए हैं, जिससे परिणाम प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाया गया है।

    रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र इसे आधिकारिक वेबसाइट के अलावा डिजिलॉकर और उमंग ऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी देख सकेंगे। छात्र अपने रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी और जन्मतिथि की मदद से लॉगिन कर अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर पाएंगे।

    बोर्ड ने रिजल्ट से पहले सभी अंकों का अंतिम सत्यापन भी पूरा कर लिया है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। विभिन्न परीक्षा केंद्रों से प्राप्त डेटा का मिलान कर अंतिम परिणाम तैयार किया गया है।

    छात्रों को सलाह दी गई है कि रिजल्ट देखने से पहले अपने सभी जरूरी विवरण तैयार रखें, ताकि लॉगिन के समय किसी तरह की परेशानी न हो।

    रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों के लिए आगे की पढ़ाई और करियर की दिशा तय करने का अहम समय होगा। कई छात्र उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाएंगे, तो कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटेंगे।

  • भोपाल ट्रेन हादसा: युवक की मौत के बाद हत्या का आरोप, मां बोलीं- बेटे को धक्का देकर पटरी पर गिराया गया

    भोपाल ट्रेन हादसा: युवक की मौत के बाद हत्या का आरोप, मां बोलीं- बेटे को धक्का देकर पटरी पर गिराया गया


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब रचना नगर अंडरब्रिज के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला। मृतक की पहचान अशोक बामने के रूप में हुई है, जो गौतम नगर जनता क्वार्टर का निवासी था।
    पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला ट्रेन से कटकर हुई मौत का लग रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। हालांकि, मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब मृतक की मां ने पड़ोसी पर गंभीर आरोप लगाए।
    मृतक की मां कृष्णा बामने का कहना है कि रात में पड़ोसी से किसी लड़की को लेकर विवाद हुआ था। उनका आरोप है कि उसी विवाद के बाद पड़ोसी उनके घर में घुस आया और उनके चार बेटों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।
    परिवार का दावा है कि इसके बाद आरोपियों ने अशोक को रेलवे ट्रैक पर ले जाकर ट्रेन के सामने धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, सुबह पुलिस ने सूचना दी तब उन्हें घटना की जानकारी मिली।
    अशोक अविवाहित था और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। अचानक हुई इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
    फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं हादसा, आत्महत्या और हत्या को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए गहरा सदमा बन गई है, बल्कि पूरे इलाके में कई सवाल भी छोड़ गई है कि यह वाकई एक हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश।

  • MP : मालवा-निमाड़ में भीषण गर्मी का कहर, 11 जिलों में लू का अलर्ट, रतलाम सबसे गर्म शहर

    MP : मालवा-निमाड़ में भीषण गर्मी का कहर, 11 जिलों में लू का अलर्ट, रतलाम सबसे गर्म शहर

    भोपाल । मध्य प्रदेश में एक बार फिर गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मालवा-निमाड़ क्षेत्र समेत इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिले अगले चार दिनों तक लू की चपेट में रहेंगे। मौसम विभाग ने 11 जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानी भोपाल में सुबह से बादल छाए रहने के बावजूद उमस और गर्मी बनी हुई है।

    मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने दोहरे रंग दिखाए। कहीं तेज लू चली तो कहीं आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई। निमाड़ क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा।

    चक्रवात और टर्फ से बदला मौसम

    IMD के मुताबिक प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ सिस्टम सक्रिय होने से कई जिलों में मौसम बदला। बालाघाट, सिवनी, दतिया, टीकमगढ़, धार, इंदौर, देवास, सीहोर, सागर, छिंदवाड़ा और रायसेन में दिनभर तेज गर्मी रही, लेकिन शाम होते-होते कई जगहों पर बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। निवाड़ी और बालाघाट में ओलावृष्टि भी हुई। भोपाल में दिन के समय बादल और धूप का मिला-जुला असर रहा, जबकि रात में कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।

    रतलाम में लगातार तीसरे दिन रिकॉर्ड गर्मी

    मंगलवार को रतलाम लगातार तीसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा धार में 44.5 डिग्री, श्योपुर और शाजापुर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। खरगोन में 43.6 डिग्री, गुना में 43.3 डिग्री और सागर में 43.2 डिग्री तापमान रहा। वहीं प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां पारा 44.4 डिग्री तक पहुंच गया। इंदौर में 43.6 डिग्री, भोपाल में 42.6 डिग्री, जबलपुर में 42 डिग्री और ग्वालियर में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    आज इन जिलों में लू का अलर्ट

    बुधवार को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, शाजापुर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, देवास, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, मंदसौर, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, रीवा, सतना, शहडोल और सागर समेत कई जिलों में तेज गर्मी का असर बना रहेगा।

    मई में 11 दिन तक बदला रहा मौसम
    प्रदेश में 30 अप्रैल से शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर 10 मई तक जारी रहा। कभी पश्चिमी विक्षोभ तो कभी चक्रवात और टर्फ सिस्टम के असर से प्रदेश में लगातार मौसम बदला। मई के 12 दिनों में से 11 दिन कहीं न कहीं बारिश, आंधी या ओलावृष्टि दर्ज की गई। हालांकि बुधवार के लिए मौसम विभाग ने बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।