Category: Madhya Pradesh

  • भिंड: मजदूरी का पैसा मांगने पर दबंगों ने की मारपीट, कट्टा लहराया और दो बार फायर किया व्यक्ति घायल, आरोपियों पर FIR दर्ज

    भिंड: मजदूरी का पैसा मांगने पर दबंगों ने की मारपीट, कट्टा लहराया और दो बार फायर किया व्यक्ति घायल, आरोपियों पर FIR दर्ज


    भिंड । मध्य प्रदेश जिले के देहात थाना क्षेत्र के टीकरी गांव में मजदूरी का बकाया पैसा लेने गए एक मजदूर से दबंगों द्वारा मारपीट और पिस्तौल के साथ दहशत फैलाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार मजदूर अनूप रैयपुरिया और उनके छोटे भाई बॉबी ने लगभग एक माह पहले विकास चौरसिया के यहाँ कलर-पुट्टी का काम किया था जिसकी मजदूरी 5 400 रुपये तय थी लेकिन वह मजदूरी नहीं दी गई। पैसे की मांग को लेकर विवाद बढ़ गया जिसके बाद मामला हाथापाई और कट्टे की फायरिंग तक पहुँच गया।

    घटना के मुताबिक विकास चौरसिया अपने साथी बेतू जाटव सहित दो अन्य लोगों के साथ अनूप के घर पहुँचे और बॉबी से विवाद करने लगे। घर के बाहर बैठे बॉबी से पहले मारपीट शुरू हुई और जब अनूप ने बचाव के लिए बीच में आकर रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। इस दौरान मारपीट से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और आसपास का माहौल tense हो गया।

    घायल युवक के बचाव के लिए गांव के अन्य लोग मौके पर इकट्ठा हुए इसी बीच बेतू जाटव ने अपनी जेब से कट्टा निकालकर लहराना शुरू कर दिया और वहां खड़े लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की। आरोप है कि उसने पहले कारतूस जारी करने का प्रयास किया लेकिन गोली मिस हो गई। भय फैलाने के लिए उसने दो बार फायर करने की कोशिश की लेकिन दोनों बार कारतूस चूक गया जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे और आरोपी भी मौके का फायदा उठाकर भाग निकले।

    पुलिस को सूचना मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़ित अनूप रैयपुरिया की शिकायत पर चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है जिसमें दो नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामला मारपीट और कट्टा लहराकर दहशत फैलाने का है तथा प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है और आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि टीकरी गांव में इस तरह का हिंसा-उत्पीड़क व्यवहार कानून और व्यवस्था के लिए चुनौती है तथा ऐसे मामलों से ग्रामीणों में भय की स्थिति बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरी के लिये जबरदस्ती पैसा मांगने पर इस तरह की हिंसा निंदनीय है और ऐसी घटनाएँ सामाजिक व्यवहार और ग्रामीण सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर चिंता का विषय हैं।

    घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया है जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है तथा जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की कोशिश जारी है।

    इस घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है और अधिकारी इसे गंभीरता से ले रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसा और दबंगई रोकने में मदद मिले।

    कुल मिलाकर इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मजदूरी विवाद जैसे मामूली मामलों में हिंसा की उग्र स्थिति कैसे उत्पन्न हो जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सद्भावना को बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

  • भिंड के दबोह क्षेत्र में संगठित अवैध शराब नेटवर्क: ‘कंजर व्हिस्की’ 30 रुपए में, महिलाओं के भरोसे चलता कारोबार

    भिंड के दबोह क्षेत्र में संगठित अवैध शराब नेटवर्क: ‘कंजर व्हिस्की’ 30 रुपए में, महिलाओं के भरोसे चलता कारोबार


    भिंड । मध्य प्रदेश शहर से लगभग 85 किमी दूर दबोह क्षेत्र में स्थित कंजर डेरा आज एक संगठित और बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध शराब नेटवर्क के रूप में चर्चा में है, जहां कच्ची शराब खुलेआम बिना किसी रोक टोक के बिक रही है। स्थानीय लोगों और जांचकर्ताओं के अनुसार यहाँ का यह नेटवर्क इतना व्यवस्थित है कि खरीदारों को कहीं भटकना नहीं पड़ता, बल्कि एक तय शुदा प्रक्रिया के मुताबिक शराब आसानी से उपलब्ध कराई जाती है।

    कंजर डेरे में शराब को स्थानीय लोग कंजर व्हिस्की के नाम से जानते हैं, जिसका एक एक पॉलिथीन पाउच महज 30 रुपए में बिकता है। इस कच्ची शराब की बिक्री एक अनूठे तरीके से होती है प्रत्येक घर के बाहर एक चारपाई रखी होती है जिस पर एक थैला होता है जिसमें आठ से दस पाउच शराब रखे रहते हैं। ग्राहक उस थैले को पहचानकर थैलों में से पाउच लेते हैं और पैसे वहीं रख देते हैं। इस तरीके से शराब विक्रेताओं और ग्राहकों के बीच न्यूनतम संपर्क होता है और बिक्री आसान एवं तेजी से होती है।

    डेरे के गिरोह में शामिल महिलाओं की भूमिका प्रमुख रूप से सामने आती है। कई महिलाओं ने रिपोर्टरों से बातचीत में स्वीकार किया कि यही उनकी आमदनी का साधन है और इसी से परिवार का भरण पोषण होता है। पुरुष इस दौरान डेरे से बाहर रहते हैं और शराब के निर्माण तथा आपूर्ति से जुड़े कामों में लगे रहते हैं। गलियों के बीच सात पक्के मकानों के नेटवर्क में सप्ताह के हर दिन के लिए अलग अलग घर शराब की बिक्री का काम संभालता है, जिससे किसी प्रकार की आपसी प्रतिस्पर्धा और टकराव नहीं होता।

    स्थानीय ग्राहकों के अलावा, यह अवैध शराब नेटवर्क कुछ शराब ठेकेदारों तक भी कच्ची शराब की आपूर्ति करता है, जो इसे पाउचों और बोतलों में पैक कर आसपास के गांवों और इलाकों में बेचते हैं। इससे व्यापारियों को दो से चार गुना तक मुनाफा होता है, और यह नेटवर्क और भी अधिक फैलता जा रहा है।

    रेहकोला माता मंदिर के निकट स्थित इस डेरे में रहने वाले कुछ परिवारों का कहना है कि वे शराब को या तो स्वयं बनाते हैं या बाहर से लाते हैं, हालांकि उसके स्रोत स्पष्ट रूप से बताने से इनकार कर देते हैं। पुरुष शराब बनाने के लिए आसपास के बीहड़ों में जाते हैं, जहाँ गड्ढों में स्टॉक छिपाया जाता है और ज़रूरत के समय उसे लाकर बेचा जाता है।

    यह अवैध शराब कारोबार स्थानीय आबकारी कानूनों और प्रतिबंधों के खिलाफ चल रहा है, जिससे सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि कई लोग इस कच्ची शराब को सरकारी या कानूनी समझकर भी पी लेते हैं, जबकि गांवों के कुछ लोगों को डर होता है कि यदि वे प्रशासन को सूचना देंगे तो उन्हें प्रतिकूल परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

    विशेष रूप से यह नेटवर्क स्थानीय आबकारी अधिकारियों या पुलिस की निगरानी को चुनौती देता प्रतीत होता है, क्योंकि यह व्यापार बिना किसी तत्काल कार्रवाई के चलता दिखाई दे रहा है। वहीं, आबकारी विभाग और पुलिस को ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि अवैध शराब के कारण होने वाले स्वास्थ्य और सामाजिक प्रभावों से लोगों को बचाया जा सके।

  • पंधाना से लाड़ली बहना की 33वीं किश्त जारी, सीएम डॉ मोहन यादव करेंगे सिंगल क्लिक ट्रांसफर, उद्योगों की मांग भी उठेगी

    पंधाना से लाड़ली बहना की 33वीं किश्त जारी, सीएम डॉ मोहन यादव करेंगे सिंगल क्लिक ट्रांसफर, उद्योगों की मांग भी उठेगी


    मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना की 33वीं किश्त 14 फरवरी को पंधाना से जारी की जाएगी। राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की लाखों हितग्राही महिलाओं के खातों में राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम को लेकर खंडवा जिले में प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं और आयोजन को भव्य बनाने के लिए पंचायत स्तर तक जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।

    पंधाना में अनाज मंडी के सामने विशाल मंच और पंडाल तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर टेंट, बैठक व्यवस्था, पेयजल, सुरक्षा और यातायात नियंत्रण सहित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक स्वयं तैयारियों की मॉनिटरिंग कर चुके हैं। गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक छाया मोरे और दीक्षा भगोरे ने भी स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद पंधाना और छैगांवमाखन जनपद कार्यालय में सरपंचों और सचिवों की बैठक लेकर भीड़ प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था पर चर्चा की गई।

    ब्लॉक स्तर पर प्रत्येक ग्राम पंचायत को लगभग 50 लोगों को कार्यक्रम स्थल तक लाने का लक्ष्य दिया गया है। अनुमान है कि इसके लिए हर पंचायत को करीब पांच वाहनों की व्यवस्था करनी होगी। बोर्ड परीक्षाओं के कारण इस बार स्कूल बसों की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाएगी, इसलिए पंचायतों को निजी वाहनों या ट्रेवल्स के माध्यम से लोगों को लाने और वापस भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि परिवहन पर होने वाला खर्च पांचवें या पंद्रहवें वित्त आयोग की राशि से वहन किया जा सकता है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि समय पर वाहन उपलब्ध हो सकें। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं और टेंट व अन्य व्यवस्थाएं मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के माध्यम से की जा रही हैं।

    विधायक छाया मोरे ने कहा कि यह कार्यक्रम क्षेत्र के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित करने की मांग भी रखी जाएगी ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके। उनके अनुसार लाड़ली बहना योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है और अब क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देने की आवश्यकता है।

    लाड़ली बहना योजना राज्य सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसके माध्यम से हर महीने महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। 33वीं किश्त का पंधाना से जारी होना न केवल प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आयोजन सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाएगा।

  • 30 फीट गहरे तालाब में गिरी तेज रफ्तार कार, 3 बारातियों की मौत और 7 घायल

    30 फीट गहरे तालाब में गिरी तेज रफ्तार कार, 3 बारातियों की मौत और 7 घायल


    विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गुरुवार देर रात बारातियों से भरी तेज रफ्तार टवेरा कार अनियंत्रित होकर 30 फीट गहरे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लाेग घायल हो गए, घायलाें में दाे की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है।


    जानकारी के अनुसार गैरतगंज के जाफरखेड़ी निवासी दशरथ सिंह के यहां बारात आ रही थी। टवेरा कार में कुल 10 लोग सवार थे। देर रात अंधेरा होने और तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर वाहन से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार सड़क से फिसलकर करीब 30 फीट नीचे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 35 वर्षीय राजेश लोधी, 30 वर्षीय सोनू लोधी (ड्राइवर) और 35 वर्षीय चंद्रशेखर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं घायलों में अशोक लोधी (25) का बायां हाथ फ्रैक्चर हुआ है। 14 वर्षीय राज बोधी के पेट में गंभीर चोट आई है। बृजेश लोधी (27) और सुदीप लोधी (20) के सीने में गंभीर चोटें हैं। 45 वर्षीय भावसिंह लोधी और 10 वर्षीय ऋतुराज लोधी की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को विदिशा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इनमें से एक घायल को देर रात गंभीर हालत में भोपाल रेफर करना पड़ा।

    ग्रामीणों ने दिखाई मानवता
    हादसा शादी वाले घर से करीब एक किलोमीटर दूर हुआ। तेज धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कार में फंसे घायलों को बाहर निकालकर निजी वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचाया। कई घायल खून से लथपथ थे—किसी के माथे से तो किसी के हाथ से लगातार खून बह रहा था।

    कलेक्टर पहुंचे अस्पताल
    घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अंशुल गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। एडीएम, तहसीलदार, सीएसपी, कोतवाली और सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। डॉ. वर्मा ने बताया कि दो घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और वे फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
  • हाइवा ने बाइक सवार दो युवकों को कुचला, गुस्साए ग्रामीणों ने चालक को पीटा, पुलिस पर किया पथराव

    हाइवा ने बाइक सवार दो युवकों को कुचला, गुस्साए ग्रामीणों ने चालक को पीटा, पुलिस पर किया पथराव

    कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में गुरुवार रात बंधी रेलवे फाटक के पास एक तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने हाइवा चालक की पिटाई की और मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, गुरुवार की रात करीब 7 बजे बंधी स्टेशन के पास रेलवे फाटक की ओर से बाइक से आ रहे आ रहे राजेंद्र कोल (30) और राजा भैया कोल (30) को बेकाबू हाइवा ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दोनों युवक धरवारा गांव के रहने वाले थे। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन और सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए।

    घटना के बाद गुस्सा इतना ज्यादा था कि जब डायल 112 वाहन मौके पर पहुंचा, तो भीड़ ने उस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में वाहन में सवार दो पुलिसकर्मी और पायलट को चोट आईं। पुलिसकर्मियों को जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने पकड़े गए हाइवा चालक के साथ भी मारपीट की।

    तनावपूर्ण स्थिति की सूचना मिलते ही एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी, स्लीमनाबाद थाना प्रभारी सुदेश सुमन और माधवनगर थाना प्रभारी संजय दुबे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने बताया कि हाइवा को जब्त कर लिया गया है और चालक को हिरासत में ले लिया गया है। भीड़ के हमले में दो पुलिसकर्मियों और वाहन पायलट को चोट आई हैं, हालांकि अब स्थिति नियंत्रण में है। एहतियात के तौर पर गांव में देर रात तक पुलिस बल तैनात रखा गया है।

  • उज्जैन में महाशिवरात्रि से आरंभ होगा विक्रमोत्सव

    उज्जैन में महाशिवरात्रि से आरंभ होगा विक्रमोत्सव

    उज्जैन। विक्रमोत्सव 2026 का शुभारंभ उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व से होगा। यह महोत्सव देश-दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का अनूठा उत्सव होगा। महाशिवरात्रि पर प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम की प्रस्तुति शिवोऽहम से होगी। विक्रमोत्सव में इस वर्ष सबसे महत्वपूर्ण और देश का सबसे बड़ा सम्मान ‘सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान’ आकर्षण का केंद्र होगा। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक एवं मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमोत्सव की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 2006 में की गयी थी। आज यह महोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो चला है। इस आयोजन में अब तक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों की प्रस्तुतियां हो चुकी है। इस वर्ष टॉप रेंकिंग कलाकार प्रीतम 15 फरवरी को अपनी प्रस्तुति के लिए आ रहे हैं। इसी प्रकार हिंदू नववर्ष चैत्र प्रतिपदा 19 मार्च को विशाल मिश्रा अपने बैंड के साथ प्रस्तुति देने आएंगे।

    श्री तिवारी ने बताया कि महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियां शिवरात्रि मेलों का समारंभ, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवपुराण, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समोराह, पुतुल समारोह, संगीत का उद्भव और विकास पर केंद्रित अनहद वैचारिक समागम, चित्र प्रदर्शनियां, संगोष्ठी, विक्रमादित्य का न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मातृशक्ति कवयित्री सम्मेलन, ड्रोन शो आदि शामिल है।

    यह महत्वपूर्ण गतिविधियां सम्पन्न होंगी आयोजन के दौरान

    * महाशिवरात्रि पर प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलो का आयोजन होगा,जिसमें मंदिरों की साजसज्जा, साफ-सफाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियां प्रमुख हैं।

    * विक्रमोत्सव अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर एवं कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर 7 विभिन्न प्रदर्शनियां लगेंगी। जिसमें सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएं, शंख, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात एवं रागमाला प्रमुख है। इन प्रदर्शनियों को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा तैयार किया गया है।

    * राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी नाट्य प्रस्तुतियों पर केन्द्रित दस दिवसीय विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा तैयार की गई प्रस्तुतियों जटायुवध, चारूदत्तम, भरतवाक्य, जाति जीवन, अभिज्ञान शाकुन्तलम् और चतुर्भाणी शामिल है। अंधायुग, भूमि सूर्य वीरगाथा, आदि-अनंत, अभंग नाद, सौगंधिकाहरणं का भी मंचन होगा।

  • राजधानी को दहलाने वाला 'थार रेप केस': आरोपी माज और ओसाफ की मोबाइल लोकेशन ने खोली पोल, सीडीआर से पुख्ता हुई गुनाह की साजिश

    राजधानी को दहलाने वाला 'थार रेप केस': आरोपी माज और ओसाफ की मोबाइल लोकेशन ने खोली पोल, सीडीआर से पुख्ता हुई गुनाह की साजिश


    भोपाल के खानूगांव में 11वीं कक्षा की एक नाबालिग हिंदू छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस सनसनीखेज कांड के मुख्य किरदारों मोहम्मद माज खान और ओसाफ अली खान की घेराबंदी अब एसआईटी SIT ने तेज कर दी है। जांच में तकनीकी साक्ष्यों विशेषकर सीडीआर Call Detail Record से यह पुख्ता हो गया है कि घटना के वक्त दोनों आरोपी एक ही स्थान पर मौजूद थे। पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि जब ओसाफ अली खान लग्जरी थार कार के भीतर नाबालिग से दुष्कर्म कर रहा था तब माज खान बाहर पहरा दे रहा था। इतना ही नहीं माज ने न केवल बाहर से इस कृत्य का वीडियो बनाया बल्कि छात्रा को अश्लील मैसेज भेजकर छेड़छाड़ भी की।

    आरोपी माज खान जो खुद को एक प्रतिष्ठित जिम का संचालक और बिल्डर बताता है ने पूछताछ में कबूला है कि उसने पूरी घटना की प्लानिंग पहले ही कर ली थी। उसने चोरी-छिपे बनाए गए वीडियो के जरिए छात्रा को ब्लैकमेल किया और उसकी इज्जत नीलाम करने की धमकी देकर उससे 40 हजार रुपए भी वसूले। पुलिस ने उस थार कार को सीहोर के एक गांव से बरामद कर लिया है जिसका इस्तेमाल इस जघन्य अपराध में किया गया था। इसके अलावा तीन अन्य लग्जरी कारें भी जब्त की गई हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के लिए उस आईफोन को राजस्थान के जंगलों में तोड़कर फेंकने का दावा किया है जिससे वीडियो शूट किया गया था।

    इस मामले के तार पुलिस विभाग के भीतर फैले भ्रष्टाचार से भी जुड़े नजर आ रहे हैं। कोहेफिजा थाने के प्रधान आरक्षक ज्ञानेंद्र दिवेदी को इस मामले में सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि उसने महज 50 हजार रुपए की रिश्वत लेकर आरोपी माज को गोपनीय सूचनाएं लीक कीं और उसके साथ होटल में लंच किया जिसकी वजह से उसकी गिरफ्तारी में देरी हुई। अब ज्ञानेंद्र के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो चुकी है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी अंकिता खातरकर के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। टीम अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या इन आरोपियों ने अन्य लड़कियों को भी अपना शिकार बनाया है। साथ ही माज और उसके भाई मोनिस के पास महज 8-10 वर्षों में आई करोड़ों की संपत्ति भी जांच के दायरे में है। मोनिस पहले से ही एमडी ड्रग की तस्करी के मामले में जमानत पर है। पुलिस अब धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम पॉस्को और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कस रही है ताकि इस संगठित अपराध के सिंडिकेट को जड़ से खत्म किया जा सके।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती पर दी श्रद्धांजलि देश सेवा, साहित्य और महिला सशक्तिकरण की अद्वितीय प्रतिष्ठा को किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती पर दी श्रद्धांजलि देश सेवा, साहित्य और महिला सशक्तिकरण की अद्वितीय प्रतिष्ठा को किया नमन


    भोपाल । मध्य प्रदेश स्वतंत्रता सेनानी कवयित्री समाजसेवी और राजनीति की प्रखर हस्ती भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज उन्हें गहन श्रद्धा और सम्मान के साथ नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरोजिनी नायडू ने अपने जीवन को न केवल भारत की आजादी के संघर्ष के लिए समर्पित किया बल्कि साहित्यिक प्रतिभा और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी अपरिमेय योगदान दिया।

    मुख्यमंत्री के अनुसार सरोजिनी नायडू न केवल एक बड़ा कवि और स्वतंत्रता सेनानी थीं बल्कि उन्होंने महिलाओं को शिक्षा नेतृत्व और सामाजिक भागीदारी के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सरोजिनी नायडू का जीवन आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी कविताएँ तथा विचार सदैव राष्ट्र सेवा की भावना को उज्जवल बनाते रहेंगे।

    चर्चाओं में आज सरोजिनी नायडू का नाम भारत की कोकिला के रूप में विदित है जिन्होंने अंग्रेज़ों के शासन के विरोध में अहिंसा और सत्याग्रह के मार्ग पर अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने कांग्रेस के कई महत्वपूर्ण अधिवेशनों में भाग लिया और 1925 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष भी बनीं। स्वतंत्रता के पश्चात् वे उत्तर प्रदेश की पहली महिला राज्यपाल भी रहीं और महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में याद की जाती हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से कहा कि सरोजिनी नायडू की कविताओं में देशभक्ति मानवीय संवेदनाओं और महिला अधिकारों की गूढ़ अभिव्यक्ति है जो आज भी युवाओं के हृदय में उमंग भरती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान शिक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और सरोजिनी नायडू के आदर्शों को अपनाते हुए हर स्तर पर महिला सशक्तिकरण को और भी व्यापक बनाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरोजिनी नायडू के विचार उनकी लेखनी और मातृभूमि के प्रति उनका समर्पण हम सबके लिए प्रेरणा के अनंत स्रोत हैं। आज हम उनके बलिदान और योगदान को नमन करते हैं और आशा करते हैं कि आने वाली पीढ़ियाँ भी उनके सिद्धांतों से प्रेरित होंगी।

  • सराय छोला थाना क्षेत्र में बदमाशों का खूनी हमला, घायल ससुर-दामाद ग्वालियर रेफर

    सराय छोला थाना क्षेत्र में बदमाशों का खूनी हमला, घायल ससुर-दामाद ग्वालियर रेफर


    मुरैना / मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के केन्थरी गांव में गुरुवार शाम को एक खौफनाक वारदात सामने आई, जिसने स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया। सराय छोला थाना क्षेत्र में बदमाशों ने ससुर-दामाद को घेरकर 12 राउंड फायरिंग की। दामाद देवेंद्र गुर्जर (24) की जांघ में गोली आर-पार हुई और सुसर औतार गुर्जर (50) के पैर को भी गोली चीरती हुई निकल गई। गोलीबारी के बाद मौके से पांच से अधिक खाली खोखे बरामद हुए।

    जानकारी के अनुसार, घायल ससुर-दामाद को फौरन नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर हालत के चलते उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया। दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है।

    घटना से जुड़े लोगों के मुताबिक, यह हमला एक दिन पहले हुई मारपीट और धमकी की घटनाओं का नतीजा था। बुधवार को गीताराम, गिर्राज, छोटू गुर्जर और उनके साथियों ने देवेंद्र गुर्जर और बबलू गुर्जर को नेशनल हाईवे-44 के जारह गांव चौराहे के पास घेरकर पीटा और धमकी दी थी कि अगर थाने में शिकायत की तो गोली मार दी जाएगी। पीड़ितों ने तुरंत सराय छोला थाना जाकर FIR दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाते हुए गुरुवार शाम करीब 5 बजे वही आरोपियों ने ससुर-दामाद को घेर लिया और फायरिंग शुरू कर दी। इस वारदात ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।

    घायलों के परिजनों के अनुसार, देवेंद्र की जांघ और औतार गुर्जर के पैर में गोली लगी थी। दोनों खून से सने हुए थे और उनकी हालत गंभीर थी। उन्हें इलाज के लिए तत्काल ग्वालियर रेफर किया गया। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि पहले की मारपीट और धमकी की घटनाओं के बावजूद आरोपियों की तलाश नहीं की गई थी, जिससे वारदात को अंजाम देने का मौका मिला।

    मामले में सीएसपी दीपाली चन्दौरिया ने बताया कि घायलों के बयान दर्ज करने के लिए पुलिस टीम ग्वालियर भेजी गई है और मौके से कुछ कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जाएंगे।

    यह घटना मुरैना जिले में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठाती है। पहले हुई धमकी और मारपीट के बावजूद सुरक्षा उपाय न किए जाने से ससुर-दामाद की जान खतरे में पड़ गई। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के घातक हमलों से बचा जा सके।

  • नागदा और शाहपुर में दर्दनाक सड़क हादसे, बुजुर्ग और युवक की मौत

    नागदा और शाहपुर में दर्दनाक सड़क हादसे, बुजुर्ग और युवक की मौत

    नागदा /मध्यप्रदेश के नागदा और बैतूल जिले से सड़क हादसों की दुखद खबरें सामने आई हैं, जिन्होंने एक बार फिर रफ्तार के खतरों को उजागर किया है। नागदा में हुई पहली घटना में देर रात एक बुजुर्ग बाइक सवार की जान चली गई। घटना नागदा के 17 नंबर हाईवे स्टेट पर हुई, जब तेज़ रफ्तार ट्रक ने बुजुर्ग की बाइक को टक्कर मार दी। बुजुर्ग घर लौट रहे थे और अचानक हुए इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मंडी थाना क्षेत्र में मामला दर्ज किया गया।

    इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों और आम आदमी पार्टी के नेता चेतन परमार ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए हाईवे पर स्पीड ब्रेकर और डिवाइडर बनाने की मांग की। लोगों ने चक्का जाम किया, जिसे पुलिस ने समझा-बुझाकर लगभग डेढ़ घंटे बाद खोलवाया। लोग सड़क सुरक्षा के लिए प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

    दूसरी दर्दनाक घटना बैतूल जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुई। यहां गुरुवार की रात अधूरी पुलिया पर तूफान जीप और यात्री बस के बीच भीषण टक्कर हुई। चिचोली से पचमढ़ी जा रहे श्रद्धालुओं से भरी जीप को बस ने टक्कर मारी, और हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच मरीज लेने आई तेज़ रफ्तार हाईवे पेट्रोलिंग एम्बुलेंस ने घटनास्थल पर खड़े श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

    इस पूरे हादसे में दो एम्बुलेंस कर्मियों समेत कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन और स्थानीय लोगों का कहना है कि रफ्तार और सड़क सुरक्षा पर गंभीर कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि ऐसे हादसों से आम जनता की जान बचाई जा सके।

    ये घटनाएं मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा की अनदेखी को उजागर करती हैं। तेज़ रफ्तार वाहन, अधूरी पुलिया, और सुरक्षित इंतजामों की कमी ने न केवल परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई बल्कि आम लोगों में भय और असुरक्षा की भावना भी पैदा कर दी है। हादसे के बाद लोगों की मांग है कि सड़कों पर स्पीड ब्रेकर और डिवाइडर की व्यवस्था की जाए, और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

    मध्यप्रदेश के नागदा और शाहपुर की ये घटनाएं सबको सचेत करती हैं कि सड़क पर रफ्तार को नियंत्रित करना अब जीवन बचाने का सबसे बड़ा उपाय है। सुरक्षा की अनदेखी महंगी पड़ रही है, और प्रशासन एवं जनता दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे।