Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर में सड़क हादसा, पांच लोगों की मौत, चार घायल

    ग्वालियर में सड़क हादसा, पांच लोगों की मौत, चार घायल


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आज तड़के थाटीपुर क्षेत्र स्थित परशुराम चौराहे पर जैन मंदिर के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की ऑटो रिक्शा से टक्कर हो गई। इस हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में जान गंवाने वालों में एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। घायलों में दो बच्चे भी शामिल हैं, जिनका ग्वालियर के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

    यह हादसा तड़के करीब तीन बजे हुआ। ऑटो सवार लोग शीतला माता मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। ऑटो में कुल नौ लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नीम के पेड़ से जा टकराया और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया गया।

    स्कॉर्पियो का पुलिस कर रही थी पीछा

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो चालक ने पहले बस स्टैंड के पास एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी। इसके बाद पुलिस उसका पीछा कर रही थी। बचने के प्रयास में चालक तेज रफ्तार से वाहन भगाता हुआ आया और रास्ते में ऑटो को टक्कर मार दी। घायलों के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक नशे में था और लापरवाही से वाहन चला रहा था। स्कॉर्पियो में वो अकेला था। पुलिस ने आरोपित चालक को गिरफ्तार कर लिया है।


    मृतकों के नाम

    इंद्रजीत उर्फ पप्पू शाक्य (55)
    लीला (52), पत्नी इंद्रजीत
    शुभम उर्फ लाली (30)
    शगुन, पत्नी शुभम
    प्रीति कश्यप (60), निवासी मेरठ (शुभम की सास)

    घायलाें के नाम

    प्रीति (20)
    प्रियांश (5), पुत्र शुभम
    आरव (6), पुत्र शुभम
    एक अन्य अज्ञात व्यक्ति

  • छिंदवाड़ा में पिकअप और बस के बीच जोरदार भिड़ंत, 10 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल

    छिंदवाड़ा में पिकअप और बस के बीच जोरदार भिड़ंत, 10 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल


    छिंदवाड़ा।
    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले मे मोहखेड़ थाना क्षेत्र के सेमरिया हनुमान मंदिर के पास गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों से भरी बस और पिकअप के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने छिंदवाड़ा जिला प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को घटना में प्रभावित लोगों से मिलने के लिये निर्देशित किया है, साथ ही मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

    दरअसल, छिंदवाड़ा में गुरुवार को छिंदवाड़ा के पुलिस लाइन में हितग्राही सम्मेलन आयोजि किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। बस में सवार सभी यात्री हितग्राही सम्मेलन में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। बस में 47 लोग सवार थे। बस करीब 6.30 बजे उमरानाला इलाके में पहुंची थी, तभी उसकी पिकअप वाहन से टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि पिकअप से टकराने के बाद पलट गई। इस हादसे में दोनों वाहनों के चालक समेत 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा घायल हैं। एक महिला और एक बच्चे का हाथ कटकर अलग हो गया, कुछ के सिर फूटे हैं।

    सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को 20 से अधिक एंबुलेंस से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है और डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी है। हादसे के कारण सड़क पर चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य के साथ यातायात बहाल करने में जुटे हैं। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है और घायलों को निकालने के लिए क्रेन व स्थानीय लोगों की मदद ली गई। छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण, भाजपा के जिला अध्यक्ष शेषराव यादव और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे भी अस्पताल में मौजूद हैं।

    छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के डीन अभय सिन्हा ने बताया कि हादसे में 10 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। एक घायल की हालत नाजुक है, जिसे नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। उसके सिर पर गंभीर चोट है। खून के थक्के जम गए हैं। बाकी घायलों को यहीं रखा गया है।

    जिला प्रशासन के अनुसार, मृतकों में भागवती (45), दौलत (40), सकुन यादव (45), रामदास (40), रमेश (35), सिया बाई (40), वंश (7), बस चालक कमल (54), पिकअप चालक रवि धारे (40) और एक अन्य शामिल है। मौके पर मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि दुखद घटना है। घायलों को इलाज दिलाना प्राथमिकता है। हादसे में किसकी गलती है, ये तो जांच के बाद पता लगेगा।

    इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परम पिता परमात्मा से प्रार्थना की है कि सभी दिवंगत नागरिकों की आत्मा को शांति प्रदान करें। उन्होंने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल पैरामेडिकल स्टाफ सहित छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मृतकों के निकटम परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायत राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में नियंत्रण कक्ष बनाकर सभी घायलों के उपचार की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।

  • मार्कफेड के कायाकल्प की तैयारी 10.80 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य डिजिटल मैपिंग पर फोकस

    मार्कफेड के कायाकल्प की तैयारी 10.80 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य डिजिटल मैपिंग पर फोकस

    भोपाल । भोपाल में आयोजित समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मार्कफेड की कार्यप्रणाली और गतिविधियों की गहन समीक्षा करते हुए इसे आत्मनिर्भर आधुनिक और व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया बैठक में उर्वरक वितरण व्यवस्था वित्तीय प्रबंधन परिसंपत्तियों के उपयोग और संगठनात्मक विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे लक्ष्य आधारित कार्य करते हुए किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें

    मंत्री ने विशेष रूप से कहा कि किसानों को स्थानीय स्तर पर उर्वरक की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए इसके लिए भंडारण और वितरण की पूरी व्यवस्था मजबूत की जाए बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष 10.80 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों के भंडारण का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से 23 मार्च तक 6.70 लाख मीट्रिक टन का भंडारण किया जा चुका है मंत्री ने निर्देश दिए कि शेष लक्ष्य को समय पर पूरा करते हुए किसानों तक खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए

    वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी मंत्री ने गंभीरता दिखाई उन्होंने बैंकों से लिए गए ऋण और लंबित बकाया की शीघ्र वसूली के निर्देश दिए ताकि उर्वरक कंपनियों को भुगतान में कोई बाधा न आए उन्होंने कहा कि संस्था की वित्तीय मजबूती सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए हर स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है

    परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग के लिए मंत्री ने सभी अचल संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग कर उनका विवरण संपदा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए साथ ही इन संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया बैठक में भोपाल जबलपुर ग्वालियर सहित अन्य स्थानों पर बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को पुनः प्रारंभ करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई उज्जैन स्थित पेट्रोल पंप को तत्काल शुरू करने और प्रमुख स्थानों पर नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा पेट्रोल पंप स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए

    इसके अलावा ईईसी और एनसीडीसी योजना के अंतर्गत पुराने गोदामों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने और संघ के 316 गोदामों जिनकी क्षमता 7.84 लाख मीट्रिक टन है उनका शत प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया मंत्री ने कहा कि इससे न केवल भंडारण क्षमता बढ़ेगी बल्कि वितरण व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होगी

    मार्कफेड के समग्र सुधार के लिए गठित विशेष अनुसंधान समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए साथ ही को ऑपरेशन एमंग को ऑपरेटिव्स के सिद्धांत पर कार्य करते हुए कृषि विपणन आंदोलन को और मजबूत बनाने पर बल दिया गया मंत्री सारंग ने स्पष्ट किया कि मार्कफेड को राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनाया जाएगा और वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक संस्था की स्थिति का सटीक आकलन भी पूरा कर लिया जाएगा

    यह बैठक इस बात का संकेत है कि सरकार किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है जिससे प्रदेश की कृषि व्यवस्था को नई दिशा मिल सके

  • श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए अहम निर्देश

    श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए अहम निर्देश


    भोपाल । मध्यप्रदेश में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर सरकार ने अब जमीनी स्तर पर काम तेज कर दिया है इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन पहुंचकर क्षिप्रा नदी पर निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया और स्पष्ट रूप से कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी उनका यह दौरा न केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए था बल्कि अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का संदेश भी था

    मुख्यमंत्री ने श्री अंगारेश्वर और श्री सिद्धवट के मध्य बन रहे नए घाटों का अवलोकन करते हुए वहां की व्यवस्थाओं को विस्तार से परखा उन्होंने निर्देश दिए कि घाटों के लगभग 200 मीटर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने की समुचित व्यवस्था की जाए साथ ही सुविधाजनक स्थानों पर स्वच्छ और पर्याप्त संख्या में टॉयलेट भी बनाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े

    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रमुख घाटों पर हर 200 मीटर की दूरी पर सुविधा घर विकसित करने के निर्देश दिए जिससे स्नान करने आए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें उन्होंने यह भी कहा कि घाटों तक पहुंचने के रास्ते सुगम और सुरक्षित होने चाहिए इसके लिए लगभग 500 मीटर की दूरी पर सीढ़ियों या अन्य पहुंच मार्गों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए ताकि श्रद्धालु आसानी से मुख्य घाटों तक पहुंच सकें

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री सिद्धवट और श्री अंगारेश्वर मंदिर के बीच निर्माणाधीन पुल का भी जायजा लिया अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि इस पुल के बन जाने से दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा और श्रद्धालुओं को एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा इससे भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी और आवागमन व्यवस्थित रहेगा

    घाटों के निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्नान के लिए लगभग 5 मीटर चौड़े घाट तैयार किए जाएं जिससे श्रद्धालुओं के आने जाने के साथ बैठने की भी पर्याप्त सुविधा मिल सके उन्होंने घाटों पर बैठने की व्यवस्था छायादार स्थान और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के भी निर्देश दिए

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का यह निरीक्षण यह दर्शाता है कि सरकार सिंहस्थ 2028 को लेकर पूरी तरह गंभीर है और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने वाली साबित होगी

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल से वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया की मुलाकात प्रदेश विकास में सक्रिय भूमिका पर जोर

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल से वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया की मुलाकात प्रदेश विकास में सक्रिय भूमिका पर जोर


    भोपाल । भोपाल स्थित राजभवन में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण औपचारिक मुलाकात देखने को मिली जब राज्यपाल मंगुभाई पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने सौजन्य भेंट की इस दौरान आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने राज्य वित्त आयोग का कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी राज्यपाल को दी और आगामी कार्ययोजना को लेकर चर्चा की

    ज्ञात हो कि 23 मार्च 2026 को जयभान सिंह पवैया ने आयोग के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था उनके साथ आयोग के सदस्य के के सिंह और सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार ने भी अपने अपने दायित्व ग्रहण किए हैं इस नई जिम्मेदारी के साथ आयोग अब राज्य के वित्तीय ढांचे को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में कार्य करेगा

    मुलाकात के दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वित्त आयोग की भूमिका कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया उन्होंने कहा कि राज्य वित्त आयोग प्रदेश के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण कड़ी है और इसे अपने उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए

    राज्यपाल ने यह भी अपेक्षा जताई कि आयोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करेगा जिससे प्रदेश के विकास को नई दिशा मिल सके उन्होंने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सौंपे गए दायित्वों का निष्ठा के साथ पालन करना ही राज्य और देश की सच्ची सेवा है

    इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि आयोग को दिए गए सभी दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया जाएगा उन्होंने कहा कि आयोग राज्य के विकास में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पूरी तरह तत्पर है और वित्तीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य करेगा

    यह मुलाकात केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श का एक सशक्त मंच भी रही जिसमें भविष्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं को लेकर सकारात्मक संकेत मिले अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य वित्त आयोग अपने कार्यों के माध्यम से प्रदेश के आर्थिक और विकासात्मक लक्ष्यों को किस प्रकार गति प्रदान करता है

  • मुरैना में अवैध रेत खनन पर बड़ा एक्शन रास्ता बंद कर माफिया पर कसा शिकंजा

    मुरैना में अवैध रेत खनन पर बड़ा एक्शन रास्ता बंद कर माफिया पर कसा शिकंजा


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में अवैध रेत खनन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है टेंटरा थाना क्षेत्र स्थित चंबल नदी के रायडी घाट पर लंबे समय से चल रहे अवैध खनन और परिवहन के मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया इस वीडियो में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों के माध्यम से खुलेआम रेत का खनन और परिवहन होता हुआ दिखाई दिया

    स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बनाए गए इस वीडियो को न केवल सोशल मीडिया पर साझा किया गया बल्कि संबंधित अधिकारियों तक भी पहुंचाया गया जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू की गई जानकारी के अनुसार प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर अवैध खनन के रास्तों को अवरुद्ध कर दिया ताकि रेत माफिया की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके

    बताया जा रहा है कि रायडी घाट क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत खनन का कारोबार फल फूल रहा था और इसमें बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियां लगी हुई थीं रात के समय विशेष रूप से यह गतिविधियां तेज हो जाती थीं जिससे न केवल राजस्व को नुकसान हो रहा था बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ रहा था चंबल नदी का पारिस्थितिक संतुलन लगातार प्रभावित हो रहा था और नदी तटों का क्षरण भी तेजी से बढ़ रहा था

    प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत खनन में उपयोग किए जा रहे रास्तों को बंद कर दिया गया है जिससे अवैध परिवहन को रोका जा सके साथ ही संबंधित विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार निगरानी रखें और इस तरह की गतिविधियों पर सख्त नजर बनाए रखें अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और रेत माफिया के बीच भय का माहौल देखने को मिल रहा है वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है उनका कहना है कि लंबे समय से इस अवैध गतिविधि के खिलाफ शिकायतें की जा रही थीं लेकिन अब जाकर ठोस कार्रवाई हुई है

    यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि जब जनभागीदारी और प्रशासनिक इच्छाशक्ति एक साथ आती है तो अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस कार्रवाई को कितनी निरंतरता के साथ आगे बढ़ाता है और भविष्य में ऐसे मामलों को पूरी तरह समाप्त करने में कितना सफल होता है

  • सीहोर में विकास को नई रफ्तार नवीन विद्युत उपकेंद्र से सुधरेगी बिजली व्यवस्था

    सीहोर में विकास को नई रफ्तार नवीन विद्युत उपकेंद्र से सुधरेगी बिजली व्यवस्था


    सीहोर । मध्यप्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के मंडी क्षेत्र में आज बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया जब प्रदेश शासन की मंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने नवीन विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण किया इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से नजर आई

    इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक सुदेश राय नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर और भाजपा मंडल अध्यक्ष सुशील ताम्रकार सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे सभी ने इस उपकेंद्र के निर्माण को क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया और उम्मीद जताई कि इससे मंडी क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में बिजली से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा

    मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इस विद्युत उपकेंद्र का निर्माण लगभग दो करोड़ 79 लाख रुपये की लागत से किया गया है लंबे समय से मंडी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं खासतौर पर वोल्टेज की समस्या और बार बार बिजली कटौती से आम नागरिकों के साथ साथ व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था ऐसे में इस नए उपकेंद्र के शुरू होने से बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और सुचारू होने की उम्मीद है

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाए और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं उन्होंने कहा कि यह उपकेंद्र न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि भविष्य में बढ़ती बिजली मांग को भी ध्यान में रखकर तैयार किया गया है

    स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक अहम कदम बताया उनका कहना है कि अब उन्हें बार बार बिजली कटौती और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी जिससे घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह की गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी

    यह लोकार्पण कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है जहां सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर आकार लेती नजर आ रही हैं आने वाले समय में इस तरह की परियोजनाएं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी लागू होंगी जिससे समग्र विकास को गति मिलेगी

  • फोटो खींचने के विवाद में हत्या का मामला दो आरोपियों को उम्रकैद सहित जुर्माना

    फोटो खींचने के विवाद में हत्या का मामला दो आरोपियों को उम्रकैद सहित जुर्माना


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शादी समारोह के दौरान फोटो खींचने को लेकर हुए विवाद ने एक युवक की जान ले ली थी इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने दो आरोपियों को सजा सुनाई प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र थपलियाल की अदालत ने आरोपी विक्की यादव 22 वर्षीय निवासी ग्राम लावण्या और देवेंद्र यादव 27 वर्षीय निवासी ग्राम हाथीकुंड थाना शाहपुर को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 34 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा दी

    सजा के साथ-साथ अदालत ने प्रत्येक आरोपी को सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी दंडित किया इसके अलावा अदालत ने धारा 324 और 34 के तहत दोनों को दो वर्ष के सश्रम कारावास और तीन-तीन हजार रुपये के अतिरिक्त जुर्माने की सजा भी सुनाई इस तरह दोनों आरोपी अलग-अलग धाराओं के तहत कुल दंड भुगतेंगे

    यह घटना बैतूल जिले में शादी समारोह के दौरान हुई थी जब फोटो खींचने को लेकर विवाद बढ़ गया और युवकों के बीच झगड़ा इतनी गंभीर स्थिति तक पहुंच गया कि एक युवक की हत्या हो गई पूरे मामले की जांच और सबूतों के आधार पर अदालत ने स्पष्ट रूप से दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया

    अदालत की इस कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि कानून के सामने कोई भी अपराध बेशिफा नहीं रह सकता चाहे विवाद कितनी भी मामूली क्यों न लगे पुलिस और न्याय व्यवस्था की सतर्कता और तेज कार्रवाई ने मामले को निष्पक्ष ढंग से सुलझाने में मदद की है

  • मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना में अंतिम मौका जल्द करें लाभ उठाएं बकाया बिल चुकाने का

    मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना में अंतिम मौका जल्द करें लाभ उठाएं बकाया बिल चुकाने का


    भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर रही है इस दूसरे एवं अंतिम चरण में शामिल होने के लिए उपभोक्ताओं के पास अब केवल पांच दिन शेष हैं यह चरण 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा और इस दौरान उपभोक्ता सरचार्ज में छूट का लाभ उठा सकते हैं

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जो उपभोक्ता तीन माह से अधिक के बकाया बिल के मामले में हैं वे जल्द से जल्द योजना में शामिल हों और अपना बकाया बिल एकमुश्त जमा करें इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को 90 प्रतिशत तक सरचार्ज माफी का लाभ मिलेगा

    इस योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना और बकाया वसूली की प्रक्रिया को सुगम बनाना है योजना के अंतिम चरण में शामिल होने से उपभोक्ता बड़ी राशि की बचत कर सकते हैं और अपने बकाया बिल को नियमित कर सकते हैं मध्यप्रदेश सरकार ने इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है ताकि बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिल सके

    संचालक ऋषि गर्ग ने यह भी कहा कि इस योजना में शामिल होने की अंतिम तिथि करीब है इसलिए उपभोक्ताओं को समय रहते योजना का लाभ उठाने की सलाह दी जाती है ताकि वे सरचार्ज माफी के साथ अपने बिल का भुगतान कर सकें यह कदम सरकार की जनता हितैषी नीतियों और उपभोक्ता कल्याण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है

  • रामलला के दर पर पहुंचे दिग्विजय सिंह: पहली बार अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन, बोले काफी अच्छा लगा

    रामलला के दर पर पहुंचे दिग्विजय सिंह: पहली बार अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन, बोले काफी अच्छा लगा


    भोपाल । मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या स्थित भगवान राम मंदिर में पहली बार श्रीरामलला के दर्शन किए अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के बाद यह उनका पहला दौरा था दर्शन के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर आकर काफी अच्छा लगा उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी जल्द स्वस्थ हों और हमारा नेतृत्व करते रहें

    पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1 लाख 11 हजार रुपए का चंदा दिया था और मंदिर के पूरा होने के बाद दर्शन करने की इच्छा जताई थी अब मंदिर पूरा हो गया है तो वे दर्शन करने आए हैं उनके इस कदम से कांग्रेस के भीतर और राज्य में सियासी हलचल भी बढ़ गई है

    दिग्विजय सिंह के रामलला दर्शन पर सियासत गरमाई पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि राम मंदिर बीजेपी की बपौती नहीं है राघोगढ़ में भी भगवान राम विराजमान हैं वहां उनके नाम की ज्योति जलती है राम मंदिर निर्माण के लिए दिग्विजय सिंह ने चेक से राशि दी थी और मंदिर पूरा होने पर दर्शन करने आए हैं भगराम राम सबके हैं

    वहीं बीजेपी प्रवक्ता डॉ हितेष बाजपेयी ने कहा कि दिग्विजय सिंह चतुर और उद्देश्य परख राजनीति करते हैं राज्यसभा की सीट पर चुनाव होने वाला है और इसी उद्देश्य को लेकर वे पहुंचे होंगे उन्होंने कहा कि वैसे कांग्रेस और राम मंदिर का दृष्टिकोण विरोधाभाषी रहा है

    इस तरह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का रामलला दर्शन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा का विषय बन गया है उनके कदम ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी समीकरणों को भी नई दिशा दी है