Category: Madhya Pradesh

  • महाशिवरात्रि पर सीएम डॉ. मोहन यादव का संदेश: भोलेनाथ की कृपा से प्रदेश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना

    महाशिवरात्रि पर सीएम डॉ. मोहन यादव का संदेश: भोलेनाथ की कृपा से प्रदेश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना


    भोपाल। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। भक्ति और आस्था के इस महापर्व पर मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ से समस्त प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, त्याग और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने वाला उत्सव है, जो समाज को आध्यात्मिक रूप से जोड़ता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में लिखा कि भगवान भोलेनाथ की भक्ति के महापर्व महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। देवाधिदेव महादेवजी से प्रार्थना है कि हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि शिव की आराधना जीवन में संयम, धैर्य और समर्पण की भावना को मजबूत करती है। यह पर्व हमें बुराइयों से दूर रहकर सदाचार और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

    महाशिवरात्रि के अवसर पर राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में भक्ति का वातावरण छाया हुआ है। शिवालयों में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। कई स्थानों पर रात्रि जागरण और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया है। उपवास रखकर श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव से भोलेनाथ की आराधना में लीन हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर भोपाल के प्रसिद्ध बड़वाले महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि भक्तगण सुगमता से दर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री की उपस्थिति को लेकर मंदिर परिसर में अतिरिक्त उत्साह और ऊर्जा का माहौल है।

    प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी महाशिवरात्रि को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित अनेक शहरों के प्रमुख शिव मंदिरों में आकर्षक सजावट और भव्य अनुष्ठानों का आयोजन हो रहा है। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक समरसता और एकता का संदेश भी दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भगवान शिव का जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी संतुलित और करुणामय बने रहने की प्रेरणा देता है। उनका त्याग, तप और लोककल्याण की भावना समाज के लिए आदर्श है। महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व हम सभी के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आए, यही कामना है। महाशिवरात्रि के इस शुभ अवसर पर पूरा मध्य प्रदेश शिवमय हो गया है और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण गूंज रहा है।

  • MP: अशोकनगर में पूर्व MLA जजपाल जज्जी के भांजे ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या

    MP: अशोकनगर में पूर्व MLA जजपाल जज्जी के भांजे ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या


    अशोकनगर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के अशोक नगर जिले (Ashok Nagar district) में पूर्व विधायक जजपाल सिंह जज्जी (Jajpal Singh Jajji) के भांजे ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वारदात के समय घर पर परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। सभी लोग एक सगाई कार्यक्रम में गए थे। वारदात देहात थाना क्षेत्र के इंग्लेखेड़ी गांव की है। मृतक की पहचान 26 वर्षीय गुरतेज पुत्र बिजेंदर सिंह संधू के रूप में हुई है। घर में काम करने वाले एक कर्मचारी ने गोली चलने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंचा, जहां गुरतेज खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला।

    कमरे में खून से लथपथ गुरतेज को देखकर कर्मचारी घबरा गया। वह तुरंत ट्रैक्टर से सगाई कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा। होटल में परिवार को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन घर पहुंचे। बताया जा रहा है कि युवक ने अपने बड़े भाई की 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक से चलाई है। गोली माथे पर लगी है, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। युवक खेती किसानी का काम करता था। घटना के वक्त युवक के पिता डबरा में थे।

    परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम
    देहात थाना प्रभारी भुवनेश शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। आज परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम होगा। फोरेंसिक टीम ने सबूत जांच के लिए लैब भेजा गया है।

    परिजनों और परिचितों से पूछताछ
    देहात थाना प्रभारी ने बताया कि युवक ने आत्महत्या किन कारणों से की, इसका फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। परिजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

  • MP: ट्रेन अटेंडेंट की मदद से हो रही थी दुर्लभ कछुओं की तस्करी…. AC कोच से 311 कछुए बरामद

    MP: ट्रेन अटेंडेंट की मदद से हो रही थी दुर्लभ कछुओं की तस्करी…. AC कोच से 311 कछुए बरामद


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में वन्यजीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (Madhya Pradesh State Tiger Strike Force- STSF) ने रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (Railway Protection Force- RPF) और भोपाल वन मंडल के साथ संयुक्त कार्रवाई में 19322 पटना-इंदौर एक्सप्रेस (Patna-Indore Express) के एसी फर्स्ट क्लास कोच से 311 दुर्लभ और संरक्षित कछुए बरामद किए। यह कार्रवाई संत हिरदाराम रेलवे स्टेशन पर की गई।

    कोच अटेंडेंट की मदद से तस्करी
    जांच में सामने आया कि यह अंतरराज्यीय गिरोह उत्तर प्रदेश की नदियों, खासकर गंगा और गोमती व उनकी सहायक धाराओं से कछुओं को पकड़कर एसी फर्स्ट क्लास कोच के जरिए मध्य प्रदेश लाता था। आरोप है कि कोच अटेंडेंट (रेलवे कर्मचारी) की मदद से कछुओं को छिपाकर ले जाया जाता था। बरामद कछुए कोच अटेंडेंट अजय सिंह राजपूत के कब्जे से मिले, जो कथित तौर पर गिरोह के लिए कूरियर का काम कर रहा था।


    बेहद खराब कंडीशन में कैद थे कछुए

    एक रिपोर्ट के मुताबिक- जब्त प्रजातियों में क्राउन रिवर टर्टल, इंडियन टेंट टर्टल और इंडियन रूफ्ड टर्टल शामिल हैं। ये सभी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित हैं। अधिकारियों के मुताबिक कछुओं को बेहद खराब और दमघोंटू परिस्थितियों में पैक किया गया था, जिससे कई निर्जलित और तनावग्रस्त हो गए थे।


    बड़े नेटवर्क के खुलासे की संभावना

    आगे की जांच में टीम उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंची, जहां साढ़े 17 वर्षीय एक किशोर को हिरासत में लेकर भोपाल के सुधार गृह भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, सुल्तानपुर और अमेठी जैसे जिलों में सक्रिय था।

    गिरोह का मास्टरमाइंड देवास निवासी आसिफ खान बताया जा रहा है, जिसे 10 फरवरी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में वित्तपोषकों और गुजरात-महाराष्ट्र तक फैले नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।


    तस्करी करने वाले को क्या सजा मिलती है

    विशेषज्ञों का कहना है कि कछुए जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनके अवैध शिकार से नदियों का संतुलन बिगड़ता है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजातियों की तस्करी पर सात साल तक की सजा और न्यूनतम 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अधिकारियों के अनुसार, रेलवे मार्गों का इस्तेमाल कर कई वर्षों से यह रैकेट संचालित हो रहा था। हालिया कार्रवाई से बड़े नेटवर्क के उजागर होने की उम्मीद है।

  • MP में फिर बदलेगा मौसम: 18-19 फरवरी को बारिश के आसार, पहले बढ़ेगा तापमान

    MP में फिर बदलेगा मौसम: 18-19 फरवरी को बारिश के आसार, पहले बढ़ेगा तापमान



    भोपाल । पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। IMD के भोपाल केंद्र ने 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के उत्तरी हिस्से ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के 8 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर शामिल हैं। इनसे सटे जिलों में बादल छाए रहने की स्थिति बनेगी।

    फरवरी में तीसरी बार बरसात की संभावना
    अगर अनुमान के मुताबिक बारिश होती है, तो फरवरी महीने में यह तीसरा मौका होगा जब प्रदेश में बारिश का दौर देखने को मिलेगा। महीने की शुरुआत में ही कई जिलों में ओलावृष्टि, बारिश और आंधी आई थी, जिससे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल सर्वे भी कराया था।

    नया सिस्टम करेगा असर
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, लेकिन उसका असर पहाड़ी राज्यों तक सीमित है, जहां बर्फबारी हो रही है। मध्य प्रदेश में केवल हल्के बादल नजर आ रहे हैं। 16 फरवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसका प्रभाव एमपी पर भी पड़ेगा।

    अभी रात में हल्की सर्दी
    प्रदेश में फिलहाल हल्की ठंड का असर बना हुआ है। रात और सुबह के समय सर्दी महसूस की जा रही है। ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हो रहा है, जबकि दिन का तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच सकता है।

    शनिवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य शहरों में पारा 10 डिग्री से अधिक रहा। पांच प्रमुख शहरों में तापमान इस प्रकार रहा—भोपाल 14.2 डिग्री, इंदौर 13.6 डिग्री, ग्वालियर 12.8 डिग्री, उज्जैन 15.7 डिग्री और जबलपुर 14.6 डिग्री सेल्सियस। वहीं कटनी के करौंदी, सतना के चित्रकूट, शहडोल के कल्याणपुर, छतरपुर के नौगांव और रीवा में तापमान 10 से 11 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमान
    16 फरवरी: कुछ जिलों में हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, हालांकि दिन में बादल छाए रह सकते हैं।
    17 फरवरी: हल्के कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। इस दिन भी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन आसमान में बादलों की मौजूदगी रहेगी।

  • मासूम जान ने चुना मौत का रास्ता: भोपाल के सूखी सेवनिया में किशोरी ने घर में की खुदकुशी, सुसाइड नोट न मिलने से उलझी गुत्थी!

    मासूम जान ने चुना मौत का रास्ता: भोपाल के सूखी सेवनिया में किशोरी ने घर में की खुदकुशी, सुसाइड नोट न मिलने से उलझी गुत्थी!


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सूखी सेवनिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दुखद घटना घटी, जहाँ एक 15 साल की किशोरी ने अपने घर के कमरे में दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त किशोरी घर में अकेली थी और उसके माता-पिता अपने काम पर गए हुए थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक आत्मघाती कदम उठाने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

    छोटे भाई ने देखा खौफनाक मंजर
    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका के माता-पिता फेरी लगाकर प्लास्टिक का सामान बेचने का काम करते हैं और रोज की तरह शुक्रवार सुबह भी काम पर निकल गए थे। दोपहर के समय जब छोटा भाई घर पहुँचा, तो उसने अपनी बहन को कमरे में पंखे से लटके हुए देखा। बहन की यह हालत देख मासूम भाई सहम गया और उसने तुरंत फोन कर अपने माता-पिता को इस भयावह स्थिति की जानकारी दी। शोर सुनकर इकट्ठा हुए पड़ोसियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    जांच में जुटी पुलिस, कारणों पर सस्पेंस
    घटनास्थल पर पहुँची पुलिस को कमरे से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने जब परिजनों से प्रारंभिक पूछताछ की, तो उन्होंने किसी भी तरह के घरेलू विवाद या किशोरी को डांट-फटकार लगाने जैसी बात से साफ इनकार किया है। बताया जा रहा है कि किशोरी ने पांचवीं कक्षा के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी और वह घर के कामों में हाथ बटाती थी। सुसाइड नोट न होने और परिजनों के बयानों के चलते पुलिस के लिए यह मामला एक रहस्य बन गया है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
    शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल, पुलिस किशोरी के मोबाइल फोन और उसके दोस्तों से पूछताछ करने की योजना बना रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह पिछले कुछ दिनों से किसी मानसिक तनाव में थी।

  • देवास में नरवाई जलाने पर अर्थदंड का प्रावधान, किसानों को सतर्क रहने की हिदायत

    देवास में नरवाई जलाने पर अर्थदंड का प्रावधान, किसानों को सतर्क रहने की हिदायत


    देवास जिले में गेंहू की फसल कटाई के बाद खेतों में शेष नरवाई या फसल अवशेष जलाने पर अब अर्थदंड लगाया जाएगा। जिले के कलेक्टर रितुराज सिंह ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में पंचायत स्तर तक समिति बनाकर नरवाई जलाने की निगरानी करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।

    जिले में गेंहू की फसल पकने के कारण कटाई के बाद खेतों में अवशेष बच जाते हैं। कई किसान इन्हें साफ-सफाई के लिए जलाते हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण और आग लगने का खतरा रहता है। कलेक्टर ने कहा कि अवशेष जलाना न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि इससे पर्यावरण और स्थानीय समुदाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

    निर्देशों के अनुसार प्रत्येक पंचायत में समिति गठित की जाएगी जो खेतों में अवशेष जलाने की गतिविधियों पर निगरानी रखेगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ अर्थदंड लगाया जाएगा। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई को जलाने के बजाय खेतों में दहन रहित तरीकों का उपयोग करें, जैसे मल्चिंग, कंपोस्टिंग या मशीनों द्वारा कटाई और अवशेष निपटान।

    कलेक्टर रितुराज सिंह ने कहा कि प्रशासन इस दिशा में सख्ती बरतेगा और नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा। इसके तहत एसडीएम नियमित निगरानी करेंगे और पर्यावरण संरक्षण के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।यह कदम किसानों और प्रशासन को पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित कृषि प्रथाओं की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

  • श्रद्धा और आस्था का केंद्र: सिद्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर उमड़ेगा आस्था का सागर

    श्रद्धा और आस्था का केंद्र: सिद्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर उमड़ेगा आस्था का सागर


    बैतूल जिले के भैंसदेही में पूर्णा नदी के पवित्र तट पर स्थित प्राचीन सिद्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धा और उत्साह का केंद्र बन चुका है। सदियों पुराना यह मंदिर अपनी रहस्यमयी किंवदंती, अधूरे निर्माण और चमत्कारी मान्यताओं के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।

    मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने महाशिवरात्रि की तैयारियों में जुटकर इंतजाम किए हैं। विशेष रूप से सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, पूजा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अनुमान है कि इस वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां पहुँचेंगे और रात्रि में शिवलिंग के दर्शन और अभिषेक के लिए उपस्थित होंगे।

    स्थानीय लोगों और पुरातन मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर कभी अधूरा रह गया था और इसे पूर्ण करने का श्राप माना जाता है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का विश्वास चमत्कारी घटनाओं और आस्था के कारण अटूट है। महाशिवरात्रि के दौरान यहां सुबह से ही भक्तों की कतारें लग जाती हैं। रात्रि जागरण, विधि-विधान से पूजा और बेलपत्र, धतूरा, दूध, घी और जल से अभिषेक की परंपरा यहां निभाई जाती है।

    मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है। प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और आसपास के क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं और मेडिकल सुविधा की व्यवस्था की गई है। स्थानीय व्यवसायियों और पर्यटन विभाग ने भी इस अवसर को देखते हुए तैयारियां पूरी कर रखी हैं।

    स्थानीय आस्था और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में शिवलिंग पर विधिपूर्वक अभिषेक करने से मनोकामनाओं की पूर्ति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति होती है। महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु रातभर जागरण करते हैं और संपूर्ण दिन व्रत रखते हैं।

    सिद्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर की विशिष्टता न केवल इसके ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व में है बल्कि इसके आसपास के प्राकृतिक वातावरण और पूर्णा नदी के पवित्र तट की शांति में भी निहित है। यही कारण है कि श्रद्धालु यहां दूर-दूर से आते हैं और मंदिर की इस अनोखी आस्था और अनुभव का हिस्सा बनते हैं।

  • मुरैना में एमपी ट्रांसको का जीवन रक्षा संकल्प 220 केवी सब स्टेशन पर सीपीआर प्रशिक्षण से सशक्त हुए कर्मचारी

    मुरैना में एमपी ट्रांसको का जीवन रक्षा संकल्प 220 केवी सब स्टेशन पर सीपीआर प्रशिक्षण से सशक्त हुए कर्मचारी


    भोपाल /मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा प्रदेश भर में कार्यस्थलों को सुरक्षित और आपात स्थितियों के लिए तैयार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में मुरैना स्थित 220 केवी सब स्टेशन पर सीपीआर एवं अन्य जीवन रक्षक तकनीकों पर आधारित एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रेड क्रॉस सोसायटी तथा शासकीय जिला चिकित्सालय मुरैना के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्युत तंत्र से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐसी जीवन रक्षक दक्षताओं से लैस करना है जिनसे किसी आकस्मिक परिस्थिति में तुरंत सहायता प्रदान कर किसी की जान बचाई जा सके।

    कार्यक्रम के संयोजक ग्वालियर के अधीक्षण अभियंता श्री राजीव तोतला तथा कार्यपालन अभियंता श्री सीके जैन ने इस अवसर पर कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि मानवीय संवेदनशीलता का विस्तार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रशिक्षित कर्मियों में से कोई एक भी व्यक्ति अपने जीवनकाल में किसी जरूरतमंद की जान बचाने में सफल होता है तो यह प्रशिक्षण पूर्णतः सार्थक सिद्ध होगा। उनके अनुसार तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय तत्परता का समावेश ही संस्था की वास्तविक शक्ति है।

    कार्यशाला में नियमित एवं आउटसोर्स दोनों प्रकार के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में उपस्थित कर्मियों ने प्रशिक्षण को गंभीरता से ग्रहण किया और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की आवश्यकता को समझा। प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल व्यास और उनकी विशेषज्ञ टीम ने प्रतिभागियों को सीपीआर की संपूर्ण प्रक्रिया का चरणबद्ध अभ्यास कराया। मानव पुतलों के माध्यम से हृदय गति रुकने की स्थिति में छाती पर दाब देने की सही तकनीक श्वास प्रदान करने की विधि तथा समय प्रबंधन के महत्व को विस्तार से समझाया गया।

    डॉ व्यास ने बताया कि दुर्घटना या अचानक हृदयाघात की स्थिति में प्रारंभिक कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि सही तरीके से और सही समय पर सीपीआर दिया जाए तो व्यक्ति के जीवित बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक प्रतिभागी को विशेषज्ञों की निगरानी में स्वयं अभ्यास करने का अवसर दिया गया ताकि वे केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रहें बल्कि व्यावहारिक दक्षता भी अर्जित करें।

    कार्यक्रम में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया। विद्युत उपकेंद्रों और ट्रांसमिशन लाइन में कार्यरत कर्मचारियों को अक्सर जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करना पड़ता है। ऐसे में प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक तकनीकों का ज्ञान उनके लिए अनिवार्य हो जाता है। यह पहल न केवल कर्मचारियों के आत्मविश्वास को बढ़ाती है बल्कि कार्यस्थल को अधिक सुरक्षित और उत्तरदायी बनाती है।

    मुरैना में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर प्रदेश स्तर पर चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसके अंतर्गत सभी जिला मुख्यालयों पर स्थित ट्रांसमिशन इकाइयों में इसी प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इस प्रयास से स्पष्ट है कि कंपनी केवल विद्युत आपूर्ति तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। जीवन की रक्षा से बड़ा कोई कर्तव्य नहीं और इसी भावना के साथ यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है।

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल से प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की शिष्टाचार भेंट

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल से प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की शिष्टाचार भेंट


    भोपाल :मंगुभाई पटेल से प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी.के. मिश्रा ने शनिवार को भोपाल स्थित लोकभवन में सौजन्य भेंट की। यह मुलाकात आत्मीय वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें राज्य और केंद्र से जुड़े विभिन्न समसामयिक एवं विकासात्मक विषयों पर सार्थक चर्चा की गई।

    भेंट के दौरान प्रशासनिक समन्वय, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रदेश में चल रही प्रमुख योजनाओं, सामाजिक सरोकारों और जनहितकारी पहलों की जानकारी साझा की। वहीं डॉ. मिश्रा ने केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं तथा विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार रखे।

    मुलाकात के अवसर पर डॉ. मिश्रा ने राज्यपाल श्री पटेल को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। राज्यपाल श्री पटेल ने भी सौहार्दपूर्ण भाव से डॉ. मिश्रा का स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्रम् भेंट किया। साथ ही, मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक साँची स्तूप की प्रतिकृति स्मृति-चिह्न के रूप में प्रदान की।

    यह सौजन्य भेंट राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय तथा विकासात्मक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चर्चा के दौरान प्रशासनिक सहयोग को और सुदृढ़ बनाने तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर संवाद बनाए रखने पर भी सहमति बनी।लोकभवन में आयोजित यह मुलाकात सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में संपन्न हुई, जिसने राज्य एवं केंद्र के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने का संदेश दिया

  • शिवपुरी हॉस्टल के तीन छात्र भागे, मुंबई में हीरो बनने का सपना, पुलिस ने समय रहते ढूंढा

    शिवपुरी हॉस्टल के तीन छात्र भागे, मुंबई में हीरो बनने का सपना, पुलिस ने समय रहते ढूंढा


    शिवपुरी /मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नौहरी चक स्थित राजपूत हॉस्टल से बुधवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में तीन नाबालिग छात्र अचानक लापता हो गए। परिजन और हॉस्टल प्रशासन के चिंता में पड़ते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। कोतवाली थाना पुलिस ने 80 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर छात्रों की लोकेशन गुना तक ट्रेस की और वहां से उन्हें सकुशल बरामद कर लिया।

    जांच में सामने आया कि तीनों छात्र हॉस्टल से अपनी मर्जी से मुंबई जाने निकले थे, ताकि वहां जाकर हीरो बनने का सपना पूरा कर सकें। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की और देर शाम उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

    परिजनों ने बताया कि बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही उन्होंने आसपास के बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और रिश्तेदारों के यहां खोजबीन की, लेकिन रात तक किसी तरह की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित की और पूरे मामले को गंभीरता से लिया।

    पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बच्चों की जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बनाई गई विशेष टीम ने शिवपुरी और गुना के 50 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जांच में पता चला कि तीनों छात्र गुना की ओर गए हैं।

    सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम गुना पहुंची और वहां बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले। आखिरकार तीनों छात्र गुना रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित पाए गए। पुलिस ने बताया कि छात्र पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी कोई हानि नहीं हुई। अब तीनों को उनके परिवार के पास लौटा दिया गया है।

    यह घटना इस बात का उदाहरण है कि नाबालिग छात्रों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है। सुरक्षा उपायों और सीसीटीवी निगरानी की मदद से एक बड़ी अनहोनी टल गई और तीनों बच्चों को सुरक्षित घर लौटाया जा सका।