Category: Madhya Pradesh

  • MP: देवास में जज का रास्ता रोकना BJP नेता को पड़ा महंगा, घर-पोल्ट्री फार्म पर चला बुलडोजर… केस भी दर्ज

    MP: देवास में जज का रास्ता रोकना BJP नेता को पड़ा महंगा, घर-पोल्ट्री फार्म पर चला बुलडोजर… केस भी दर्ज


    देवास।
    एमपी (MP) के देवास (Dewas) में एक कथित भाजपा नेता (BJP Leader) को न्यायाधीश (Judge) का रास्ता रोकना काफी महंगा पड़ा। प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। तीन लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मिलकर कार्रवाई करते हुए आरोपी के मकान के अवैध हिस्सों और पोल्ट्री फार्म पर बुलडोजर (Bulldozer) चला दिया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर की गई है।


    बुलडोजर ऐक्शन भी हुआ

    देवास में जज प्रसन्न सिंह बेहरावत और भाजपा नेता पंकज धारू के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की है। नगर निगम, तहसीलदार और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्यवाही करते हुए पंकज घारू के उज्जैन रोड बायपास स्थित पोल्ट्री फार्म पर किए गए अवैध निर्माण को हटा दिया। भोपाल रोड स्थित उसके अवैध मकान को भी जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान मक्सी रोड क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।


    अभद्र भाषा में बातचीत के आरोप

    घटना मंगलवार को देवास के जयश्री नगर क्षेत्र में हुई थी। न्यायाधीश कार से न्यायालय की ओर जा रहे थे। इस दौरान पंकज घारू और उसके 2 से 3 साथियों ने स्कॉर्पियो वाहन सड़क के बीच खड़ा कर रास्ता रोक दिया। न्यायाधीश ने ड्यूटी पर जाने की बात ही और वाहन हटाने का आग्रह किया। इस पर आरोपितों ने अभद्र भाषा में बातचीत की। इस दौरान न्यायाधीश ने मोबाइल से वाहन का फोटो लेने का प्रयास किया तो उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया।


    वायरल हुआ था वीडियो

    इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में एक युवक न्यायाधीश को कार में बैठने से रोकता हुआ दिखाई दे रहा है। आरोपी जज पर ही FIR की धमकी देता सुनाई दे रहा है। स्थिति बिगड़ती देख न्यायाधीश ने किसी तरह वहां से निकलने की कोशिश की। इसके बाद जब वे वापस अपनी कार में बैठकर आगे बढ़ने लगे तो आरोपितों ने उनका घेराव कर दरवाजा खोलने से रोका और धमकी दी।


    आरोप भी लगाए

    बाद में जज साहब ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को वारदात की जानकारी दी। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोपी पंकज धारू ने कहा कि एक दिन पहले मजिस्ट्रेट की गाड़ी से एक बच्चे को टक्कर लगी थी, जिसमें वह घायल हुआ। बच्चे के इलाज को लेकर चर्चा के दौरान विवाद हुआ। पंकज ने दावा किया कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।


    पहले ही दिए थे नोटिस

    आरोपी पंकज ने यह भी दावा है कि बाद में समझौते के लिए फोन आया, लेकिन उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि सरकारी जमीन पर लंबे समय से किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए कई बार नोटिस दिए गए थे। लेकिन पालन नहीं होने पर यह कदम उठाया गया है। बुलडोजर चलाने की कार्रवाई विधिवत की गई है। बाइपास पर पोल्ट्री फार्म करीब सवा से डेढ़ बीघा जमीन पर बनाया गया था।


    कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

    पोल्ट्री फार्म की जमीन की कीमत दो करोड रुपए से अधिक बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, नगर निगम और राजस्व अमला मौजूद रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


    जज साहब ने दर्ज कराई थी शिकायत

    थाना प्रभारी अमित सोलंकी ने बताया कि देवास ग्रीन कॉलोनी क्षेत्र में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रसन्न बहरावत ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गाड़ी निकालने को लेकर भाजपा नेता पंकज धारू और उनके साथियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस शिकायत के आधार पर नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने आरोपी पंकज धारू, भीम धारू एवं अन्य के खिलाफ सात से अधिक गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

  • MP: लाड़ली बहना योजना के पंजीकरण दोबारा शुरू करने की मांग… HC ने खारिज की याचिका

    MP: लाड़ली बहना योजना के पंजीकरण दोबारा शुरू करने की मांग… HC ने खारिज की याचिका


    नई दिल्ली।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Scheme) में दोबारा पंजीकरण शुरू करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज (PIL Rejected) कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि किसी योजना का संचालन कैसे करना है ये सरकार के जिम्मे में आता है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की बेंच ने ये फैसला सुनाया। जनहित याचिका रतलाम के पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने दायर की थी।

    सकलेचा ने मांग की थी कि राज्य सरकार द्वारा किए गए वादे के मुताबिक, हर लाभार्थी को 3,000 रुपये प्रति माह दिया जाए, नए लाभार्थियों का दोबारा पंजीयन शुरू करने और न्यूनतम पात्रता उम्र को 21 से घटाकर 18 किया जाए। उन्होंने याचिका में कहा था कि योजना के जारी रहने के बावजूद 20 अगस्त 2023 से नए पंजीकरण पर रोक लगाना मनमाना और भेदभावपूर्ण था। याचिका में कहा गया था कि पंजीयन रोके जाने से 21 वर्ष का उम्र पूरी कर चुकी कई महिलाएं योजना का लाभ नहीं उठा पा रही हैं।


    राज्य सरकार ने दी ये दलील

    वहीं सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी कि यह एक नीतिगत फैसला था और योजना का लाभ लेने वाली या चाहने वाली किसी भी महिला ने अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलील में दम न होने की बात कही और साथ ही ये माना कि राज्या सरकार का फैसला मनमाना और भेदभावपूर्ण नहीं था। कोर्ट ने कहा कि ‘योजना कब शुरू करनी है और इसे कब बंद करना है इसकी तारीख तय करना सरकार का काम है। हम एक ऐसे शख्स (याचिकाकर्ता) के कहने पर इसपर विचार नहीं कर सकते जो कि खुद योजना का लाभार्थी नहीं है।’


    क्या है लाडली बहना योजना?

    लाड़ली बहना योजना बीजेपी सरकार ने 2023 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले शुरू की थी। मौजूदा समय में, मध्य प्रदेश की 1.26 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को इस योजना के तहत हर महीने 1500 रुपये मिलते हैं। सरकार का कहना है कि 2028 तक इस राशि को बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया जाएगा।


    बीते महीने ही जारी की गई है 32वीं किस्त

    बीते महीने ही महिलाओं को 1500-1500 रुपये की सौगात दी गई है। आपको बता दें कि इस योजना की किस्त राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी जो कि नवंबर महीने से लागू है पहले किस्त के रूप में 1250 रुपये दिए जाते थे।

  • MP: खंडवा में BJP नेता ने जहर खाकर की खुदकुशी…. कांग्रेस नेता पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

    MP: खंडवा में BJP नेता ने जहर खाकर की खुदकुशी…. कांग्रेस नेता पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

    खंडवा। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा (Khandwa) में कर्ज के बोझ तले दबे एक भाजपा नेता (BJP leader) और पूर्व पार्षद द्वारा कथित तौर पर सल्फास की गोलियां खाकर खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। मंगलवार को भाजपा नेता जितेंद्र चौधरी (Jitendra Chaudhary) उर्फ जीतू की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में उन्होंने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये (Congress leader Ganesh Sakargaye) पर कर्ज वसूली को लेकर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक रंग ले सकता है। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


    बेटी का रिश्ता टूट गया था

    भाजपा नेता जीतू चौधरी ने अपने कथित अंतिम वीडियो संदेश में कहा कि वे लंबे समय से आर्थिक दबाव और सामाजिक अपमान का सामना कर रहे थे। उनके अनुसार, गणेश सकरगाये से करीब 50 लाख रुपये का लेन-देन था और वे पिछले पांच वर्षों से ब्याज चुका रहे थे। इसके बावजूद उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि इस विवाद के कारण उनकी बेटी का रिश्ता टूट गया था। चौधरी ने वीडियो में दावा किया कि उन पर कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था, लेकिन अन्य लेनदारों ने उन्हें इस तरह प्रताड़ित नहीं किया।


    गणेश सकरगाये के घर जाकर खाईं सल्फास की गोलियां

    सूत्रों के मुताबिक, आनंद नगर स्थित लव कुश नगर सेक्टर-3 निवासी जितेंद्र चौधरी मंगलवार सुबह करीब 10 बजे घर से निकले और सीधे गणेश सकरगाये के घर पर पहुंच गए। वहीं उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं, तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने सकरगाये से अस्पताल ले जाने की बात कही। उन्हें पहले आनंद नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब चार घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सकरगाये वहां से चले गए।


    कर्ज के बोझ के चलते पत्नी से भी बढ़ गई थी दूरी

    परिचितों के अनुसार, जितेंद्र चौधरी लंबे समय से भारी कर्ज और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी बहन के घर खाना खा रहे थे। कर्ज के बोझ के चलते पत्नी से भी दूरी बढ़ गई थी। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की सभी एंगल से जांच की जा रही है। वीडियो बयान, कथित लेन-देन, मोबाइल डेटा और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार

    एमपी में बादलों का डेरा, दिन का तापमान गिरा, हल्की ठंड बरकरार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर बदलते मिजाज का अंदाज दिखाया है। पश्चिमी विक्षोक्ष और ट्रफ के असर से बुधवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में बादल छाए रहे, जिससे दिन का तापमान गिरावट पर आ गया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, अगले पांच दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होंगे। हालांकि फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन बादल बनी रहने की संभावना है। सिस्टम के असर के कारण फिलहाल बादल छाए हैं। आने वाले दिनों में दिन और रात का तापमान बढ़ने का रुझान रहेगा।

    सर्दी का असर और आगे का मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है और कई राज्यों में हल्की बारिश भी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट का दौर भी आ सकता है, लेकिन ठंड ज्यादा तेज नहीं होगी। रात का तापमान ज्यादातर शहरों में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमान
    13 फरवरी – कुछ जिलों में हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छाए रह सकते हैं।
    14 फरवरी – हल्का से मध्यम कोहरा कुछ जिलों में बने रह सकता है। बारिश की संभावना नहीं है।

    न्यूनतम तापमान की जानकारी
    मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-रविवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 5 डिग्री से नीचे गिर गया। यहां न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य स्थानों पर तापमान इस प्रकार रहा:
    पचमढ़ी: 7.4 डिग्री
    कटनी (करौंदी): 8.4 डिग्री
    अमरकंटक (अनूपपुर): 9.1 डिग्री
    मंदसौर: 9.1 डिग्री
    खजुराहो: 9.2 डिग्री
    दतिया: 9.9 डिग्री

    बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान
    ग्वालियर: 13 डिग्री
    उज्जैन-जबलपुर: 13.5 डिग्री
    भोपाल-इंदौर: 13.6 डिग्री

  • उज्जैनः सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में लगाएंगे आस्था की डुबकी, विश्व की रहेगी निगाह

    उज्जैनः सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में लगाएंगे आस्था की डुबकी, विश्व की रहेगी निगाह


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व (Simhastha Mahaparva) का आयोजन विश्व के लिए अद्वितीय है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस महापर्व पर विश्व की निगाह रहेगी। सिंहस्थ-2028 मध्य प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के पवित्र अनुष्ठानों में शामिल हो सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार देर शाम उज्जैन में सिंहस्थ 2028 अंतर्गत मंत्री मंडलीय समिति से अनुशंसित अधोसरंचना के प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में अलग-अलग विभागों के माध्यम से सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर समीक्षा की। उन्होंने उज्जैनवासियों से सेवाभाव की तरह कार्य करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराएं।


    मुख्यमंत्री ने की किसानों की फसल की चिंता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा के दौरान गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी पर घाट निर्माण के दौरान किसानों को पानी की उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। इसके लिए नर्मदा जल की आपूर्ति की जाए। वतर्मान में गेहूं की फसल को सिंचाई के लिए एक पानी की और जरुरत होगी। इसके लिए शिप्रा नदी में जल प्रवाह सुनिश्चित बनाए रखे।

    उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि सभी अधिकारी गंभीरता के साथ काम करें। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और संजय दुबे को निर्देश दिए है कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के काम में किसी भी तरह की रुकावट न आए। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास पर भी सिंहस्थ सेल गठित कर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाये और जिन विभागों में अधिकारियों की कमी है, वहाँ पदस्थापना तत्काल की जाए।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अनुभवी अधिकारियों के लिए यदि सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारिेयों को रखना है तो उसके लिए भी नियमानुसार कार्यवाही कर तत्काल रुप से उन्हें रखा जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए अब रिवर्स कैलेंडर बनाकर निर्माण कार्य तीव्र गति से पूर्ण करें। वर्तमान समय से लेकर सिंहस्थ-2028 तक दो वर्षाकाल का समय आने वाला है। इसलिए समय-सीमा में काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना अनिवार्य है।

    उन्होंने विभिन्न निर्माण एजेसिंयों द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की, साथ ही निर्देश दिए कि जो निर्माण एजेंसियां काम कर रही है उनके संसाधनों की भी लगातार मॉनीटरिंग हो। वर्तमान समय माइक्रों मैनेजमेंट से नैनो मैनेजमेंट की ओर जाने का है। युद्ध स्तर की तैयारियां शुरु करना है। सभी अधिकारी 24 घंटे-07 दिन सक्रिय रहें। सिंहस्थ 2028 को बेहतर प्रबंधन के साथ करने के लिए उज्जैन जिले के सभी नागरिकों को जिम्मेदारी के भाव के साथ काम करने के लिए प्रेरित करें, उनको यह लगना चाहिए कि यह हमारा व्यक्तिगत काम है। इसके लिए सभी नागरिकों में जिम्मेदारी के साथ समर्पण का भाव भी पैदा करने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रचलित निर्माण कार्यों की समय-समय पर मॉनीटरिंग हो। उन्होंने सिंहस्थ के संदर्भ में विभागों को समन्वयपूर्वक कार्य करने और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अधिकारियों को निर्देश

    1. सिंहस्थ-2028 के लिए होम स्टे, धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज आदि में व्यवस्थाओं केलिए आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए।
    2. उज्जैन शहर से जोड़ने वाले आसपास के गांव में होम स्टे की व्यवस्था के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाए। सिंहस्थ-2028 मेला क्षेत्र में आंतरिक और बाहरी व्यवस्थाओं की अलग-अलग रूपरेखा बनाएं। सिंहस्थ मेले की बाहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी समस्त जगहों की मैपिंग की जाए।
    3. उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारी में बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन में महाशिवरात्रि, श्रावण, नागपंचमी एवं अन्य त्योहारों पर व्यवस्थाओं को प्रायोगिक रूप से बनाए और उसके अनुभवों का लाभ लेते हुए सिंहस्थ के भीड प्रबंधन कार्य योजना बने।
    4. उज्जैन शहर से जुड़ने वाले दूसरे जिलों के वैकल्पिक मार्गों का चयन कर लें और इन मार्गों को गुगल मैपिंग के साथ उन्नयन भी कराया जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन में इन मार्गों का उपयोग हो सके। साथ ही उज्जैन शहर के महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी चयन करें, जिससे भीड़ प्रबंधन आसानी से हो सके।
    5. श्री मंगलनाथ, श्री भूखीमाता रामघाट के आसपास घाटों को जोड़ने वाले मार्गों को चिन्हित कर उन्नयन करें। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के बाहर सामाजिक सामुदायिक भवन, स्कूल, कॉलेज धर्मशाला बनाने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करें।
    6. सिंहस्थ 2028 के लिए काम कर रही निर्माण एजेंसी जो समय पर काम पूरा करें उनको प्रोत्साहन स्वरूप व्यवस्था भी बना कर दें।

    समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, जितेन्द्र पंड्या, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, सिंहस्थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • भोपाल में प्रशासनिक ढांचे का बड़ा बदलाव! बनेगा कमिश्नर-कलेक्ट्रेट का नया आधुनिक परिसर

    भोपाल में प्रशासनिक ढांचे का बड़ा बदलाव! बनेगा कमिश्नर-कलेक्ट्रेट का नया आधुनिक परिसर



    नई दिल्ली। भोपाल में प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में जल्द ही कमिश्नर और कलेक्ट्रेट की नई अत्याधुनिक बिल्डिंग बनाई जाएगी। इसके साथ ही आईजी पुलिस कार्यालय, नजूल अधिकारी बैरागढ़ और भोपाल शहर के अन्य महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालयों के लिए भी नए भवन प्रस्तावित हैं।

    इस संबंध में बुधवार को संभागायुक्त संजीव सिंह की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्माण की रूपरेखा, शिफ्टिंग प्रक्रिया और विभागवार जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।

    15 विभागों को खाली करने होंगे दफ्तर
    पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में 15 विभागों को अपने वर्तमान कार्यालय खाली करने होंगे। संभागायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे शिफ्टिंग के लिए स्पष्ट टाइम लिमिट तय करें ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके।

    उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने स्टाफ की संख्या के आधार पर आवश्यक स्थान का निर्धारण जल्द से जल्द करे। साथ ही एक जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर सके।

    नए परिसर में क्या होगा खास?
    योजना के तहत कलेक्टर कार्यालय के सामने स्थित शासकीय कार्यालयों की जगह एक समेकित प्रशासनिक परिसर विकसित किया जाएगा। इसमें शामिल होंगे।

    नवीन आयुक्त कार्यालय

    कलेक्टर कार्यालय भोपाल

    आईजी पुलिस कार्यालय

    नजूल अधिकारी बैरागढ़

    भोपाल शहर के अन्य शासकीय कार्यालय

    संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि योजना में कोई नया कार्यालय जोड़ा नहीं जाएगा और न ही किसी वर्तमान कार्यालय को बाहर रखा जाएगा।

    मुख्यालय स्तर से मांगी गई शिफ्टिंग की जानकारी
    बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी विभाग अपने-अपने मुख्यालय स्तर पर शिफ्टिंग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि प्रक्रिया में देरी न हो। कलेक्टर कार्यालय से प्रभावित विभागों की सूची तैयार कर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    बैठक में हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर चंद्रमौली शुक्ला, संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त राजस्व किरण गुप्ता, एडीएम पी.सी. शाक्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों से उनके कर्मचारियों की संख्या और आवश्यक स्पेस की विस्तृत जानकारी ली गई।
  • भोपाल में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण: 10 लेन सड़क के लिए हटेंगी झुग्गियां, पुनर्वास को लेकर बढ़ी चिंता

    भोपाल में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण: 10 लेन सड़क के लिए हटेंगी झुग्गियां, पुनर्वास को लेकर बढ़ी चिंता



    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल में नेशनल हाईवे-146 पर अयोध्या बायपास को 10 लेन में विकसित करने की महत्वाकांक्षी परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है। आशाराम तिराहा से रत्नागिरी तिराहे तक लगभग 16 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है। परियोजना के तहत आनंद नगर में एक फ्लाईओवर का निर्माण भी प्रस्तावित है। प्रशासन का दावा है कि इससे शहर में यातायात का दबाव कम होगा और भोपाल को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

    हालांकि, इस विकास कार्य की आड़ में कई परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के चलते अब तक 146 दुकानों को हटाया जा चुका है। इसके अलावा तीन धार्मिक स्थलों, एक वार्ड कार्यालय और एक पुलिस चौकी को भी स्थानांतरित किया जा रहा है। अब बारी केसर बस्ती की है, जहां करीब 90 झुग्गियों को हटाने की तैयारी की जा रही है।

    प्रशासन द्वारा झुग्गीवासियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जिससे बस्ती में रहने वाले परिवारों में चिंता का माहौल है। इन परिवारों का कहना है कि वे पिछले लगभग 50 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और उनके पास वैकल्पिक आवास की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रभावित लोगों का आरोप है कि न तो उन्हें उचित मुआवजे की स्पष्ट जानकारी दी गई है और न ही पुनर्वास की ठोस योजना बताई गई है।

    बस्ती के रहवासियों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन बिना पुनर्वास के उन्हें हटाना अन्याय होगा। उनका तर्क है कि अचानक बेघर होने की स्थिति में बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित होगी। कई परिवार दिहाड़ी मजदूरी या छोटे-मोटे काम करके अपना जीवनयापन करते हैं, ऐसे में दूर किसी अज्ञात स्थान पर बसाए जाने से उनकी आजीविका पर भी संकट खड़ा हो सकता है।

    मामले को लेकर स्थानीय राजनीतिक नेताओं ने भी हस्तक्षेप किया है। कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला, मोहित सक्सेना और रीतेश सोनी सहित अन्य प्रतिनिधि केसर बस्ती पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उनका कहना है कि विकास आवश्यक है, लेकिन गरीबों को उजाड़कर नहीं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पहले प्रत्येक प्रभावित परिवार के पुनर्वास और उचित मुआवजे की लिखित एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, उसके बाद ही हटाने की कार्रवाई की जाए।

    यह मामला एक बार फिर विकास और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन का सवाल खड़ा करता है। बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शहर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होती हैं, लेकिन इनके कारण प्रभावित होने वाले लोगों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। पुनर्वास नीति के तहत प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास, बुनियादी सुविधाएं और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

    अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। क्या चौड़ीकरण की रफ्तार के बीच विस्थापित होने वाले परिवारों को न्याय मिल पाएगा, या विकास की दौड़ में उनकी आवाज दबकर रह जाएगी यह आने वाला समय ही तय करेगा।

  • कृषक कल्याण वर्ष 2026 में खेतों तक पहुंच रहा कृषि रथ आधुनिक यंत्रों और नई तकनीक से किसानों को किया जा रहा जागरूक

    कृषक कल्याण वर्ष 2026 में खेतों तक पहुंच रहा कृषि रथ आधुनिक यंत्रों और नई तकनीक से किसानों को किया जा रहा जागरूक


    भोपाल। राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत प्रदेशभर में कृषि रथों का भ्रमण जारी है। इसी क्रम में नरसिंहपुर जिले के सभी छह विकासखंडों में कृषि रथ संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक उन्नत यंत्रों और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी सीधे उनके गांव तक पहुंचाना है। कृषि विभाग द्वारा कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है ताकि खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके।

    नरसिंहपुर जिले में कृषि रथ के जरिए किसानों को ई विकास प्रणाली अंतर्गत ई टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग और उन्नत खेती की तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है। जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

    कृषि रथ के माध्यम से किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन कीट एवं रोग प्रबंधन और फसल विविधीकरण के बारे में जानकारी दी जा रही है। किसानों को यह बताया जा रहा है कि खेती को केवल परंपरागत तरीके से करने के बजाय इसे लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाना जरूरी है। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना सहित अन्य विभागीय योजनाओं का प्रचार प्रसार भी इस अभियान का हिस्सा है।

    नरवाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को समझाया जा रहा है कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है और वायु प्रदूषण फैलता है। इसके स्थान पर सुपर सीडर हैप्पी सीडर जीरो टिलेज सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल स्ट्रॉ रीपर और रीपर कम बाइंडर जैसे आधुनिक यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे यंत्र खेत की तैयारी नरवाई प्रबंधन और बोनी जैसे तीन कार्य एक साथ कर सकते हैं। इससे समय और लागत दोनों की बचत होती है और पैदावार में भी वृद्धि होती है।

    इसी तरह रतलाम जिले में भी कृषि रथ के माध्यम से कृषि एवं संबद्ध विषयों पर किसानों को जानकारी दी जा रही है। उद्यानिकी पशुपालन आत्मा और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ किसानों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल से किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो रहा है जिससे नवीन और वैज्ञानिक तकनीकों का लाभ गांव स्तर तक पहुंच रहा है।

    प्रदेश में संचालित यह अभियान किसानों को आत्मनिर्भर और तकनीक आधारित खेती की ओर प्रेरित कर रहा है। माना जा रहा है कि कृषि रथ की यह पहल न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा देगी। राज्य शासन की यह कोशिश ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

  • जयपुर इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में मध्यप्रदेश की दमदार उपस्थिति 9 एमएसएमई इकाइयों ने स्टोन उद्योग में दिखाई ताकत

    जयपुर इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में मध्यप्रदेश की दमदार उपस्थिति 9 एमएसएमई इकाइयों ने स्टोन उद्योग में दिखाई ताकत


    भोपाल। मध्यप्रदेश की स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने जयपुर में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में प्रभावशाली सहभागिता दर्ज कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। 5 से 8 फरवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में देश और विदेश से बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि व्यापारी और क्रेता शामिल हुए। इस मंच पर मध्यप्रदेश की कुल 9 स्टोन आधारित इकाइयों ने अपने उत्पादों और नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया।

    ग्वालियर से 6 इकाइयों ने भागीदारी की जिनमें तंवर स्टोन इंडस्ट्रीज जैन स्टोन इंडस्ट्रीज के आर स्टोन इंडस्ट्रीज महाकाय इंडस्ट्रीज अभ्युदय इंटरप्राइजेज और श्री साईं राम स्टोन शामिल हैं। कटनी से एमके ग्रेनाइट एंड मार्बल कंपनी और श्री राम मार्बल्स ने प्रतिनिधित्व किया जबकि इंदौर से द राईट एंगल्स ने प्रदर्शनी में हिस्सा लिया। इन सभी इकाइयों को मध्यप्रदेश शासन के एमएसएमई विभाग द्वारा विभागीय सहयोग प्रदान किया गया। चयनित उद्यमों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गईं ताकि वे अपने उत्पादों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकें।

    इकाइयों का चयन मुख्यालय स्तर पर एमएसएमई विभाग के माध्यम से किया गया। चयन के लिए उत्पादों की गुणवत्ता नवाचार क्षमता बाजार संभावनाएं और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना में शामिल होना प्रमुख आधार रहे। स्टोन इंडस्ट्रीज के उत्पादों की विविधता और उनकी वैश्विक मांग को ध्यान में रखते हुए इन इकाइयों को मंच प्रदान किया गया।

    प्रदर्शनी के दौरान उद्यमियों ने ग्रेनाइट मार्बल और अन्य प्राकृतिक पत्थरों से बने उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन किया। देश विदेश से आए व्यापारिक प्रतिनिधियों और क्रेताओं के साथ सार्थक व्यावसायिक संवाद स्थापित किए गए। इस सहभागिता से मध्यप्रदेश की विशाल स्टोन धरोहर और उत्पादन क्षमता का परिचय व्यापक स्तर पर हुआ। कई आगंतुकों ने प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन की सराहना की।

    यह पहल केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही बल्कि स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। इससे निर्यात संभावनाओं के विस्तार के साथ साथ नए व्यापारिक समझौतों की राह भी खुली है। साथ ही महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और छोटे उद्योगों को सशक्त बनाने की दिशा में भी यह प्रयास अहम माना जा रहा है।

    माना जा रहा है कि एमएसएमई विभाग की यह पहल प्रदेश में उद्यमिता को नई गति देगी। स्टोन उद्योग मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भागीदारी से रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। जयपुर में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट में प्रदेश की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मध्यप्रदेश का स्टोन उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है और आने वाले समय में निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

  • भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर बढ़ते हादसों से नाराज़ संत समाज, बड़े आंदोलन की चेतावनी

    भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर बढ़ते हादसों से नाराज़ संत समाज, बड़े आंदोलन की चेतावनी


    भिंड । मध्यप्रदेश के भिंड जिले में ग्वालियर भिंड नेशनल हाईवे 719 को लेकर संत समाज ने मोर्चा खोल दिया है। हाईवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों और केंद्र सरकार के हालिया बजट में इसके निर्माण या उन्नयन के लिए कोई प्रावधान न किए जाने से नाराज़ संत समाज ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

    दरअसल, इस मुद्दे पर हाल ही में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल पूछा गया था। सवाल सुनते ही मंत्री नाराज़ हो गए और बिना जवाब दिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में ही छोड़कर चले गए। इस घटनाक्रम के बाद मामला और गरमा गया है। संत समाज और स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से इस हाईवे की बदहाल स्थिति के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं की जा रही है।

    अखिल भारतीय संत समिति के जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज ने ऐलान किया है कि अब यह आंदोलन निर्णायक होगा। उन्होंने कहा कि देश के शंकराचार्य, मठ मंदिरों के महंत और साधु संत सड़कों पर उतरेंगे। अगले 20 से 25 दिनों में व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

    संत समाज का आरोप है कि ग्वालियर भिंड हाईवे पर हर साल होने वाली मौतें सरकारी फाइलों में केवल आंकड़े बनकर रह जाती हैं। जब तक इस मार्ग के निर्माण या चौड़ीकरण का कार्य शुरू नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है और यातायात के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। बढ़ते हादसों ने लोगों में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इस चेतावनी के बाद क्या कदम उठाती है।