Category: Madhya Pradesh

  • एमपी में मौसम ने ली करवट, उत्तर में छाए बादल, तापमान में गिरावट, 26-29 मार्च को सक्रिय होंगे दो नए सिस्टम

    एमपी में मौसम ने ली करवट, उत्तर में छाए बादल, तापमान में गिरावट, 26-29 मार्च को सक्रिय होंगे दो नए सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। सोमवार को प्रदेश के उत्तरी हिस्सों उज्जैन, सागर और ग्वालियर-चंबल संभाग में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में दिन का पारा 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जबकि बाकी क्षेत्रों में गर्मी का असर बना रहा।

    26-29 मार्च के बीच फिर बदलेगा मौसम

    मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को गर्मी का असर रहेगा, लेकिन 26 और 27 मार्च को प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। 26 मार्च को उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिसका असर ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में दो दिन तक दिखाई देगा। इसके बाद 29 मार्च को एक और सिस्टम एक्टिव होने की संभावना है, जिससे अप्रैल की शुरुआत भी आंधी-बारिश के साथ हो सकती है।

    बारिश थमी, अब बढ़ने लगी गर्मी
    पिछले दिनों प्रदेश में लगातार चार दिन तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई। इसके थमते ही तापमान में तेजी आने लगी है। सोमवार को रायसेन सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    इन जिलों में दर्ज हुआ ज्यादा तापमान

    नर्मदापुरम में 37.4 डिग्री, रतलाम में 36.4 डिग्री, गुना और खरगोन में 36.2 डिग्री, खजुराहो में 36 डिग्री, नरसिंहपुर में 35.4 डिग्री, धार में 35.3 डिग्री, खंडवा में 35.1 डिग्री और उमरिया में 35 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    बड़े शहरों का हाल

    पांच प्रमुख शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां पारा 35 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री, जबलपुर में 34.2 डिग्री और ग्वालियर में 29.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। बता दें कि हाल ही में सक्रिय मजबूत सिस्टम के कारण प्रदेश के 45 जिलों में आंधी-बारिश हुई, जिनमें 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी से केला, पपीता और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचा है। धार और खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर देखने को मिला।

  • मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

    मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया


    भोपाल।
    केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार देर शाम मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसी राम सिलावट और विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी उपस्थित थे।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सोशल मीडिया एक्स पर उक्त जानकारी साझा करते हुए आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ आत्मीय एवं सार्थक भेंट हुई। उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर राज्य के समावेशी विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रदेश की प्रगति को और गति देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई।

    सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में ‘स्टेट एआई मिशन’ की शुरुआत, सुशासन को अधिक सशक्त, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की एक दूरदर्शी पहल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विज़न को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह मिशन कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बेहतर निर्णय क्षमता और जनकल्याण को नई गति देगा।


    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवार के निवास पहुंचकर व्यक्त की शोक संवेदना

    इससे पहले केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निवास पहुंचे और उनकी सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल के असामयिक निधन होने अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने खंडेलवाल से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

  • मध्य प्रदेश बहुत जल्द लॉन्च करेगा अपना स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्य प्रदेश बहुत जल्द लॉन्च करेगा अपना स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात् आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर का सर्वाधिक संभावनाशील सेक्टर है। शासन-प्रशासन व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार भी आगे बढ़ रही है। अब इस दिशा में एआई की मदद ली जाएगी। हम बहुत जल्द मध्य प्रदेश का अपना ‘स्टेट एआई मिशन’ लॉन्च करने जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह एक लक्ष्य केंद्रित मिशन होगा। इस मिशन से शासन प्रणाली में कसावट और सुप्रबंधन लाने के प्रयास किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन के जरिए नागरिक सेवाओं और सुविधाओं को और भी सिविक-फ्रेंडली बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नई-नई तकनीकों से जुड़कर प्रदेश में नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 में एआई तकनीक के लिए ढांचागत विकास किया जाएगा। वर्तमान एआई पहलों को एकीकृत कर आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वित्त वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा तथा वित्त वर्ष 2028-29 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा।


    जयपुर में मिले 5,055 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बताया कि बीते शनिवार को जयपुर प्रवास के दौरान वहां निवेशकों से वन-टू-वन मीटिंग की। इस दौरान निवेशकों ने मध्य प्रदेश के प्रति अगाध स्नेह और अपनत्व जताया। विभिन्न औद्योगिक समूहों, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, फूड-प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही। सीआईआई राजस्थान के अध्यक्ष एवं न्यूरोइक्विलिब्रियम के एमडी रजनीश भंडारी ने स्वागत भाषण में मध्य प्रदेश की नीतियों एवं उसके क्रियान्वयन की तारीफ की। प्रमुख उद्योगपतियों मनीष गुप्ता (चेयरमैन, इनसोलेशन एनर्जी), महावीर प्रताप शर्मा (चेयरमैन, राजस्थान एंजेल्स) और केएल जैन (अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस इन्टरैक्टिव सेशन में बेहद सकारात्मक संवाद के बाद सरकार को वहां के निवेशकों से 5,055 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे लगभग 3,530 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जयपुर में मिले निवेश प्रस्ताव के यह आंकड़े बताते हैं कि देश-विदेश के निवेशकों के बीच मध्य प्रदेश की साख और हमारी औद्योगिक नीतियों के प्रति विश्वास कितनी तेजी से बढ़ रहा है।


    139 दिन लगातार चलेगा तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्र देश में तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान गत 19 मार्च से प्रारंभ हो चुका है। बीते दो अभियानों को अच्छा प्रतिसाद मिला। इस दौरान प्रदेश में नये कुंए, बावड़ियों, अमृत सरोवरों, तालाबों के साथ-साथ पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्भरण और सूखी नदियों के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये। बीते साल खंडवा जिले में जल संचयन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीसरे अभियान में करीब 2500 करोड़ रुपये से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचयन कार्य किए जाएंगे। बीते सालों की तरह इस वर्ष भी जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्य किये जायेंगे। साथ-साथ नदियों, तालाबों, बावडियों और कुओं का जीर्णोद्धार भी मिशन मोड में किया जायेगा। नदियों के उद्गम क्षेत्रों में हरित विकास के लिये गंगोत्री हरित योजना में कार्य किये जायेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे जल गंगा संवर्धन अभियान को केंद्र सरकार से भी सराहना और समर्थन मिला है। जल बचाने के लिए देशभर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों में मध्यप्रदेश का जल गंगा संवर्धन अभियान अव्वल श्रेणी में आया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले वर्ष 2024 में करीब 30 दिन, दूसरे वर्ष 2025 में 120 दिन यह अभियान चलाया। मौजूदा साल में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक कुल 139 दिन तक लगातार यह अभियान चलाया जाएगा।


    3 से 5 अप्रैल तक बनारस में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन

    मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को बताया कि आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (बनारस) में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन किया जायेगा। यह वीर विक्रमादित्य के महात्म्य के दिनों-दिन बढ़ता प्रभाव है।


    उज्जैन में नैवेद्य लोक का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को बताया कि उन्होंने हाल ही में उज्जैन में नैवेद्य लोक का लोकार्पण किया है। यह मालवांचल के व्यंजनों को एक प्लेटफार्म देने का प्रयोगात्मक प्रयास है। इसे इंदौर की छप्पन दुकानों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां कुल 108 दुकानें हैं, जो विभिन्न मालवी व्यंजनों का रसास्वादन कराती हैं।


    अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवस

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते सप्ताह आनंद विभाग के अधीन राज्य आनंद संस्थान द्वारा भोपाल में अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवस मनाया गया। वे स्वयं इस आयोजन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारे मनुष्यगत मनोभावों को अभिव्यक्त करने मनोरंजक का माध्यम बना। सरकार सबके जीवन में खुशहाली लाने के लिए ही तो काम कर रही है। इस प्रकार के आयोजनों से हमारी कार्यक्षमता और कार्यदक्षता सहित जीवन में खुशहाली भी बढ़ती है।

  • मप्र में 13 दिन से ठप पड़ी कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई ठप…. आज से होगी शुरू, आदेश जारी

    मप्र में 13 दिन से ठप पड़ी कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई ठप…. आज से होगी शुरू, आदेश जारी


    भोपाल।
    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते मध्य प्रदेश में पिछले 13 दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद पड़ी हुई है। मंगलवार से इसकी सप्लाई शुरू हो सकती है। दरअसल, सोमवार देर रात राज्य सरकार ने होटल-रेस्टोरेंट समेत ढाबों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई के आदेश जारी कर दिए हैं।

    आदेश के मुताबिक होटल, रेस्टोरेंट और कैर्ट्स को नौ प्रतिशत कमर्शियल एलपीजी सप्लाई दी जाएगी, जबकि ढाबा और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को सात प्रतिशत गैस मिलेगी। इसके अलावा कैटर्स और अन्य उद्योगों को भी सिलेंडर देने के निर्देश दिए गए हैं।

    कमर्शियल गैस की सप्लाई 13 दिन तक ठप रहने से प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित रहे। कई होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए थे, तो कई जगह मेन्यू बदलना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि डीजल भट्टी और इंडक्शन के जरिए काम चलाना पड़ा, जिसमें छोटे ढाबे और स्ट्रीट फूड वेंडर्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

    बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन में 10 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर देने का प्रावधान है, लेकिन सप्लाई के स्पष्ट आदेश नहीं मिलने से प्रदेश में गैस की किल्लत हो गई। इसी कारण होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट गहरा गया।

    गैस संकट को लेकर एक दिन पहले यानी रविवार को होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी से मुलाकात कर गैस की निर्बाध सप्लाई बहाल करने की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने आदेश जारी किए। भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने कहा कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर पहुंच गया था। अब इस फैसले से राहत मिलेगी।


    घरेलू उपभोक्ताओं को भी सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के दिये निर्देश

    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरूण शमी ने सोमवार को सिलेंडर की वितरण व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।

    उन्होंने कहा कि शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को आवश्यकता की 100 प्रतिशत गैस की आपूर्ति की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए विशेष छूट के निर्देश भी जारी किये हैं। इसके अतिरिक्त राज्यो को 10 प्रतिशत अधिक आवंटन की पेशकश की है जो पीएनजी प्रणाली की ओर बदलाव का समर्थन करने वाले सुधारो से जुड़ा है। मंत्रालय द्वारा पीएनजी गैस के आवेदन तथा शुरूआत के बीच के समय को कम करने के निर्देश भी दिये हैं।

    अपर मुख्य सचिव शमी ने बताया कि ऑइल कंपनियो के प्रतिनिधि के अनुसार पूर्व मे जहां 84 प्रतिशत उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग करवा रहे थे, वह संख्या बढकर 90 प्रतिशत से अधिक हो गयी है। कंपनियो ने मोबाइल एप, एसएमएस, व्हाट्सएप तथा आईवीआरएस कॉल द्वारा गैस बुकिंग की सुविधा प्रदान की है। उपभोक्ता बुकिंग के लिए इन डिजिटल माध्यम का प्रयोग करें तथा अनावश्यक रूप से एजेंसी पर जाने से बचे।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश मे एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश मे 1844 स्थानों पर कार्यवाही कर 2717 सिलेंडर जब्त किये गए। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी तथा घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता के सम्बन्ध में ऑयल कंपनियों से समन्वय के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गयी है, जो प्रदेश में कामर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी करेगी।

    एसीएस रश्मि अरुण शमी ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओ से आग्रह किया है कि वे उपलब्धता अनुसार पीएनजीके कनेक्शन लें। उन्होंने कहा कि पीएनजी की आपूर्ति लगातार बनी हुई है और आगे भी जारी रहेगी। पेट्रोल, डीजल, घरेलू पीएनजी तथा सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है और इनकी आपूर्ति भी निरंतर एवं बिना कटौती के जारी रहेगी।

    ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है तथा प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट एवं वितरकों के गोदाम में पर्याप्त सिलेण्डर उपलब्ध हैं। घरेलू उपभोक्ताओं से अपील की गयी है कि विगत अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद पुनः बुकिंग करायें।

    प्रशासन द्वारा वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह भी दी गयी है। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रदेश में घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति जारी है, उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अफवाहों से भ्रमित न हों। देश की रिफायनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं तथा पश्चिम एशिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

    सिलेण्डर बुकिंग संबंधित शिकायत/सुझाव हेतु इन टोल फ्री नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है
    – भारत गैस हेल्पलाइन नंबर – 1800-22-4344 (टोल फ्री)
    – इंडेन गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)
    – एचपी गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)

  • भोपाल नगर निगम का 3938.45 करोड़ रुपये का बजट पारित…..कोई नया टैक्स नहीं

    भोपाल नगर निगम का 3938.45 करोड़ रुपये का बजट पारित…..कोई नया टैक्स नहीं


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में महापौर मालती राय ने सोमवार को नगर निगम का बजट पेश किया। इसमें शहर के विकास कार्यों के लिए 3938 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नगर निगम ने बजट में शहरवासियों पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है।

    बजट में भोपाल ‘शहर सरकार’ ने कई नए वादे भी किए है। हालांकि, पिछले दो साल से किए जा रहे 7 हेरिटेज गेट, गीता भवन बनाने जैसे वादे अब भी अधूरे हैं। एक साल में सिर्फ दो हेरिटेज गेट के लिए भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे और होशंगाबाद रोड पर भूमिपूजन हुआ है। मंत्री-विधायकों की आपत्ति के बाद प्रॉपर्टी या जल कर बढ़ाने की संभावना कम ही है। पिछली बार कुल 3611 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था।

    इधर, बजट में इस बार टैक्स नहीं बढ़ाया गया है, लेकिन वार्डों में परिसीमन शुल्क बढ़ाने की तैयारी है। ऐसे में कई उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ेगा। दोपहर 12 बजे से शाम 7.30 बजे के बीच पक्ष-विपक्ष में नोक-झोंक की स्थिति बनी। हालांकि, बहुमत के आधार पर बजट पारित कर दिया गया।

    इधर, भोपाल नगर निगम के बजट ने शहर की राजनीति को गरमा दिया है। नए बजट के साथ ही पुराने बजट के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने जहां अधूरे कामों और खर्च पर बड़ा हमला बोला है, वहीं महापौर ने विकास कार्यों के जारी रहने का दावा करते हुए आरोपों को खारिज किया है।

    पुराने बजट पर विपक्ष का बड़ा आरोप नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि पिछले बजट का बड़ा हिस्सा अब तक खर्च नहीं हो पाया। उनके अनुसार, कुल बजट का करीब 65% हिस्सा शेष है, जबकि केवल 45% राशि का ही उपयोग हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि खर्च हुई राशि में भी स्थिति चिंताजनक है। सिर्फ 10% काम ही जमीनी स्तर पर शुरू हो पाए हैं, जबकि 90% प्रोजेक्ट अब तक शुरू नहीं हुए। जकी ने इसे पुराने वादों का दोहराव बताते हुए कहा कि जिन योजनाओं पर पहले काम नहीं हुआ, उन्हीं को दोबारा बजट में शामिल कर दिया गया है।


    कागजी बजट, जनता को नहीं मिल रहा लाभ

    नेता प्रतिपक्ष जकी ने कहा कि बजट में कई मद ऐसे हैं, जिनमें पहले भी राशि स्वीकृत हुई, लेकिन न तो काम शुरू हुए और न ही पूरे किए गए। उनके मुताबिक, योजनाओं के नाम पर सिर्फ राशि आवंटित की जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत में काम नजर नहीं आ रहे। उन्होंने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजस्व वसूली पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे निगम की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। साथ ही पार्षद निधि की फाइलें लंबे समय से टेंडर प्रक्रिया में अटकी होने का मुद्दा भी उठाया, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।


    महापौर ने कहा- विकास कार्य जारी

    वहीं महापौर मालती राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नगर निगम का 3,938 करोड़ 45 लाख 28 हजार रुपये का बजट शहर के विकास और सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि भोपाल की पहचान को ध्यान में रखते हुए बड़ा तालाब, छोटा तालाब और शाहपुरा लेक के सौंदर्यीकरण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही निगम कर्मचारियों के हित में दुर्घटना सहायता और पुरस्कार राशि बढ़ाने जैसे फैसले लिए गए हैं।


    टैक्स में राहत, योजनाओं पर फोकस

    महापौर ने स्पष्ट किया कि जलकर, संपत्ति कर और सीवेज कर में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुराने वादों पर काम जारी है। विसर्जन कुंड और प्रवेश द्वार निर्माण प्रगति पर हैं, म्यूजियम के लिए जमीन की तलाश जारी है और कैंपियन ग्राउंड में छोटा स्टेडियम लगभग तैयार हो चुका है। इसके अलावा घर-घर पानी कनेक्शन योजना की प्रक्रिया जारी है और सोलर पैनल प्रोजेक्ट के जरिए निगम के खर्च को कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है।


    इस बार मेयर, अध्यक्ष-एमआईसी मेंबर के लिए फंड नहीं

    भोपाल नगर निगम के इस बार के बजट में मेयर, अध्यक्ष, एमआईसी मेंबर और जोन अध्यक्ष के लिए कोई फंड नहीं रखा गया है। पिछले बजट में मेयर के लिए 10 करोड़ रुपए, अध्यक्ष के लिए पांच करोड़ रुपये और एमआईसी मेंबर के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान था, लेकिन विभाग के हालिया आदेश के बाद इस बार बजट में इन फंड्स की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।


    सदन में गोमांस को लेकर हुआ हंगामा

    इससे पहले, बैठक में गोमांस को लेकर हंगामा चला। प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी ने गोमांस और स्लॉटर हाउस पर पहला प्रश्न किया। इस पर एमआईसी मेंबर आरके सिंह बघेल ने जवाब दिया। इस दौरान महापौर और नेता प्रतिपक्ष के बीच नोंक-झोंक हुई। भाजपा के सीनियर पार्षद सुरेंद्र बाडिका और विलास राव घड़गे ने भी गोमांस के मुद्दे पर विरोध जताया। सभी ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

    इस बीच, नईं पार्किंग व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव, कंडम (बेकार) वाहनों को हटाने का प्रस्ताव पास किया गया। वहीं, लिगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) हटाने का प्रस्ताव पास नहीं हो पाया। विपक्ष की नेता शबिस्ता जकी ने गोमांस का मुद्दा उठाया।

  • चैत्र नवरात्रि 2026 में कन्फ्यूजन खत्म एक ही दिन पड़ रही अष्टमी और नवमी जानिए पूजा का सही मुहूर्त

    चैत्र नवरात्रि 2026 में कन्फ्यूजन खत्म एक ही दिन पड़ रही अष्टमी और नवमी जानिए पूजा का सही मुहूर्त

    नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि का पर्व हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है और इसमें अष्टमी तथा नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है इन दोनों दिनों में भक्त कन्या पूजन कर व्रत का पारण करते हैं लेकिन वर्ष 2026 में स्थिति कुछ अलग बन रही है जिससे कई लोगों के मन में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है दरअसल इस बार अष्टमी और नवमी दोनों तिथियां एक ही दिन पड़ रही हैं जिसके कारण यह सवाल उठ रहा है कि पूजा किस दिन करना अधिक शुभ रहेगा

    पंचांग के अनुसार 26 मार्च 2026 को अष्टमी तिथि सुबह 11 बजकर 47 मिनट तक रहेगी इसके बाद नवमी तिथि आरंभ हो जाएगी यही कारण है कि इस दिन दोनों तिथियों का विशेष संयोग बन रहा है चूंकि राम नवमी की पूजा परंपरागत रूप से मध्याह्न काल में की जाती है इसलिए 26 मार्च का दिन इस दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है ज्योतिष विद्वानों के अनुसार जब नवमी तिथि मध्याह्न में उपस्थित होती है तो उसी दिन राम नवमी मनाना अधिक शुभ माना जाता है

    ऐसे में 26 मार्च को सुबह के समय अष्टमी की पूजा और कन्या पूजन करना उत्तम रहेगा इस दिन सुबह 6 बजकर 16 मिनट से 7 बजकर 48 मिनट तक का समय विशेष रूप से शुभ माना गया है इस दौरान माता की पूजा अर्चना और कन्या पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है इसके बाद नवमी तिथि शुरू होते ही भगवान श्रीराम की पूजा की जा सकती है

    राम नवमी की पूजा का शुभ समय 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक रहेगा इस अवधि में मध्याह्न का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है जो लगभग 12 बजकर 27 मिनट पर आता है मान्यता है कि इसी समय भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था इसलिए इस समय पूजा करने का विशेष महत्व होता है

    हालांकि कुछ लोग उदया तिथि को अधिक महत्व देते हैं ऐसे में वे 27 मार्च 2026 को राम नवमी मनाना उचित मानते हैं इस दिन भी नवमी तिथि सुबह 10 बजकर 6 मिनट तक रहेगी और पूजा का समय लगभग वही रहेगा जो 26 मार्च को है यानी सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक पूजा की जा सकती है

    कुल मिलाकर इस वर्ष अष्टमी और नवमी का संयोग एक ही दिन होने के कारण 26 मार्च का महत्व अधिक बढ़ गया है यही वजह है कि अधिकांश लोग इसी दिन दोनों पर्व मनाना पसंद करेंगे हालांकि परंपराओं और व्यक्तिगत मान्यताओं के अनुसार कुछ लोग 27 मार्च को भी राम नवमी मना सकते हैं

    इस विशेष संयोग में सबसे जरूरी बात यह है कि पूजा पूरे श्रद्धा और विश्वास के साथ की जाए क्योंकि सच्ची भक्ति ही भगवान तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग है चाहे आप 26 मार्च को पूजा करें या 27 मार्च को यदि विधि विधान और आस्था के साथ आराधना की जाए तो निश्चित रूप से शुभ फल की प्राप्ति होती है

  • कोठी विवाद में डॉ. गोविंद सिंह का जवाब, धरना प्रदर्शन पर उठे सवालों का खंडन

    कोठी विवाद में डॉ. गोविंद सिंह का जवाब, धरना प्रदर्शन पर उठे सवालों का खंडन


    भिंड । लहार विधानसभा क्षेत्र में कोठी विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। विधायक अम्बरीश शर्मा के धरना प्रदर्शन के दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह पर लगाए गए सरकारी रास्ते पर अवैध निर्माण के आरोपों को लेकर राजनीति गर्म हो गई है। इस मामले में डॉ. गोविंद सिंह ने सख्त शब्दों में पलटवार किया और कहा कि उनके ऊपर लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं और तथ्यों से परे हैं।

    डॉ. गोविंद सिंह ने स्पष्ट किया कि जिस जमीन पर उनके बेटे और भाई के नाम से कोठी बनी हुई है यदि यह सरकारी रास्ते पर बनी साबित होती है तो वह स्वयं अपने हाथों से रास्ता खुलवा देंगे। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में उन्होंने कभी कोई गलत कार्य नहीं किया है और न ही ऐसे किसी कार्य का समर्थन करेंगे। उन्होंने तात्कालीन कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए बताया कि सर्वे गलत तरीके से कराया गया। उनके अनुसार दो अलग-अलग सर्वे रिपोर्ट सामने आई हैं जिनमें पहली रिपोर्ट को बदलकर दूसरी तैयार की गई जो कई सवाल खड़े करती है।

    डॉ. सिंह ने विधायक अम्बरीश शर्मा की भाषा शैली पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की भाषा का उपयोग करना उचित नहीं है। विधायक द्वारा जेसीबी से खुद कोठी तोड़ने की बात कहना उनके दबंगई रवैये को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें कोर्ट से स्टे मिला हुआ है। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों के आधार पर आदेश दिए हैं ऐसे में धरना प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश न्यायोचित नहीं है। डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि यह लड़ाई अदालत में लड़ी जा रही है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

    वहीं विधायक अम्बरीश शर्मा ने अपने धरना प्रदर्शन के दौरान गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि लहार स्थित डॉ. गोविंद सिंह की कोठी उस स्थान पर बनी है जहां से दलित और पिछड़ा वर्ग की बस्ती मझतौरा मोहल्ला का सरकारी रास्ता निकलता है। उन्होंने दावा किया कि इस रास्ते का सर्वे नंबर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है और करीब डेढ़ साल पहले हुई प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट हो गया था कि रास्ता कोठी के भीतर आता है।

    विधायक ने कहा कि संबंधित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट और स्थानीय सिविल न्यायालय में अपना पक्ष रखा लेकिन कहीं से राहत नहीं मिली। एसडीएम कोर्ट ने भी दलित बस्ती के पक्ष में निर्णय देते हुए रास्ता खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने सरकारी रास्ते पर अवैध रूप से कोठी का निर्माण कराया और मांग की कि निर्माण हटाकर बस्ती के लोगों के लिए रास्ता तुरंत खोला जाए।

    इस विवाद ने इलाके में राजनीतिक उबाल पैदा कर दिया है। दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया है। डॉ. गोविंद सिंह ने यह भी कहा कि वे हमेशा कानून और न्यायपालिका का पालन करते आए हैं और मामले का निपटारा अदालत के आदेशों के अनुसार होना चाहिए।

    कोठी विवाद ने लहार विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच भी सवाल खड़े कर दिए हैं। भले ही धरना प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी हो लेकिन डॉ. गोविंद सिंह ने यह साफ कर दिया है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

  • मां त्रिपुर सुंदरी का पंचमेवा श्रृंगार, श्रद्धालुओं में उमड़ा आस्था का सैलाब

    मां त्रिपुर सुंदरी का पंचमेवा श्रृंगार, श्रद्धालुओं में उमड़ा आस्था का सैलाब


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के परमहंसी गंगा आश्रम श्रीवनम की पहाड़ियों पर नवरात्र का पावन पर्व अपने चरम पर है। इस पावन अवसर पर नवरात्र के पांचवे दिन श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष और अद्भुत दृश्य देखने को मिला। राजराजेश्वरी मां त्रिपुर सुंदरी का पंचमेवा से श्रृंगार किया गया। काजू, किशमिश, बादाम, अंजीर और पिस्ता से मां के आभूषण और वस्त्रों को सजाया गया। इस अनोखे और आकर्षक श्रृंगार ने पूरे आश्रम परिसर को भक्ति और आस्था के रंगों से भर दिया।

    श्रद्धालु सुबह से ही आश्रम में पहुंचना शुरू हो गए थे। हर ओर उत्साह का माहौल नजर आ रहा था। भक्तों की आँखों में आस्था झलक रही थी और वे माता के दिव्य रूप को निहारते हुए उनके आशीर्वाद की कामना कर रहे थे। पंचमेवा के श्रृंगार में मां के आभूषण और वस्त्रों की सजावट इतनी मनमोहक थी कि हर भक्त मंत्रमुग्ध हो गया। विशेष रूप से काजू, किशमिश, बादाम, अंजीर और पिस्ता से बने गहनों और वस्त्रों ने मां के रूप को और भी दिव्य और मोहक बना दिया।

    मान्यता है कि राजराजेश्वरी मां त्रिपुर सुंदरी की साधना से भक्तों को भोग और मोक्ष दोनों का फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि नवरात्र के इन दिनों श्रद्धालु विशेष रूप से इस स्थान की ओर आकर्षित होते हैं। आश्रम में लगी भव्य सजावट और मां के पंचमेवा श्रृंगार को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे हैं। हर कदम पर भक्तों की श्रद्धा और भक्ति का अनुभव किया जा सकता है।

    श्रीवनम आश्रम की पहाड़ियों पर यह दृश्य अत्यंत मनोहारी था। मां के श्रृंगार के चारों ओर रंग-बिरंगे फूलों की सजावट और दीपों की रौशनी ने वातावरण को और भी पवित्र बना दिया। श्रद्धालु न केवल मां के दर्शन कर रहे थे बल्कि पंचमेवा श्रृंगार की अद्भुत कला और सजीवता की सराहना भी कर रहे थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इस दिव्य अनुभव में लीन थे।

    भक्तों का कहना था कि इस पंचमेवा श्रृंगार ने न केवल मां के रूप को अद्भुत बना दिया बल्कि उनके मन को भी शांति और आनंद से भर दिया। यह अनुभव उन्हें जीवनभर याद रहेगा। इस अवसर पर आश्रम के महंत और पुजारी ने भी मां को विशेष भोग अर्पित किया और पंचमेवा के आभूषणों का महत्व समझाते हुए श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन दिया।

    पूरे परिसर में भक्ति का माहौल देखने लायक था। मंदिर के गर्भगृह से लेकर बाहरी हिस्सों तक हर जगह श्रद्धालुओं की श्रद्धा और उत्साह की चमक दिखाई दे रही थी। पंचमेवा के श्रृंगार के दर्शन करने वाले श्रद्धालु अपने हाथ जोड़कर मां के चरणों में शीश झुकाते और आशीर्वाद प्राप्त कर रहे थे। यही नवरात्र की असली भक्ति और आनंद की अनुभूति है।

    आस्था और भक्ति की इस अनूठी परंपरा ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं के दिलों को भी छू लिया। पंचमेवा श्रृंगार के माध्यम से मां त्रिपुर सुंदरी का दिव्य रूप भक्तों के सामने उतारा गया और उन्होंने इस अवसर को जीवन का अद्भुत अनुभव माना।

  • IPL 2026 और महिला क्रिकेट में MP की उपलब्धियां, MPCA ने खिलाड़ी मंच तैयार किया

    IPL 2026 और महिला क्रिकेट में MP की उपलब्धियां, MPCA ने खिलाड़ी मंच तैयार किया

    ग्वालियर । ग्वालियर में महाआर्यमन राव सिंधिया ने मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन MPCA की उपलब्धियों और आईपीएल 2026 में MP के खिलाड़ियों के चयन पर खुशी जताई। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस बार IPL में मध्यप्रदेश के 10 से ज्यादा खिलाड़ी खेल रहे हैं।

    महाआर्यमन राव सिंधिया ने कहा कि यह सफलता MPCA और MPL की टीमवर्क का परिणाम है जिन्होंने क्रिकेट को लेकर मिलकर मेहनत की। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि महिला क्रिकेट में भी MP का नाम चमक रहा है। MPCA से तीन महिलाएं इंडिया क्रिकेट टीम के लिए सिलेक्ट हुई हैं।

    इस अवसर पर महाआर्यमन सिंधिया ग्वालियर में जनता से मिलने पहुंचे और उन्होंने अशोकनगर में लगाए गए स्वास्थ्य कैंप में शामिल होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों से स्वास्थ्य कैंप में कई ऑपरेशन और जांच कार्य हो रहे हैं।

    MPCA अध्यक्ष ने आगे कहा कि MPL और MPCA ने सभी खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया है जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल दिखाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और टीमवर्क की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरी टीम के प्रयासों का परिणाम है।

    महाआर्यमन सिंधिया के अनुसार IPL 2026 और महिला क्रिकेट में MP की उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। उन्होंने कहा कि MPCA के प्रयासों से क्रिकेट के सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिल रहे हैं जिससे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊँचा हो रहा है। यह बयान MP क्रिकेट के लिए उत्साह और गर्व का क्षण है जो खिलाड़ियों अधिकारियों और समर्थकों के लिए बड़ी खुशी लेकर आया है।

  • बैतूल में शहीद दिवस पर तीन किमी पदयात्रा: युवाओं ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को दी श्रद्धांजलि

    बैतूल में शहीद दिवस पर तीन किमी पदयात्रा: युवाओं ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को दी श्रद्धांजलि


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल में शहीद दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत अभियान के तहत तीन किलोमीटर लंबी पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन थी जिसमें बड़ी संख्या में युवा सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी और मेरा भारत के स्वयंसेवक शामिल हुए पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारे लगाए और शहर भ्रमण करते हुए एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। युवाओं का उत्साह और जोश पूरे आयोजन में साफ झलक रहा था।

    इस अवसर पर शहीदों भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इसके अलावा अभियान के तहत 21 मार्च को “एक योद्धा ऐसा भी” विषय पर रील प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें युवाओं ने वीर सपूतों पर आधारित रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं और बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

    22 मार्च को स्वच्छता सम्मान कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इसमें स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों के साथ शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम आयोजन का भावनात्मक महत्व बढ़ाने वाला साबित हुआ। आयोजकों ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता को बढ़ावा देना था।

    ऐसे आयोजन युवाओं को प्रेरित करते हैं और उन्हें समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने में मदद करते हैं। बैतूल में इस प्रकार की पदयात्रा और कार्यक्रम युवाओं को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत करने और सामाजिक योगदान के महत्व को समझाने का एक प्रभावशाली प्रयास साबित हुआ।