Category: Madhya Pradesh

  • खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी

    खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भाजपा नेता और पूर्व पार्षद जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मृत्यु के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मृत्यु से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में उन्होंने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये पर कर्ज वसूली और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो बयान लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

    मृत्यु से पहले बनाए गए वीडियो को जांच का अहम आधार माना जा रहा है। वीडियो में चौधरी ने कहा कि वे लंबे समय से भारी आर्थिक दबाव में थे और लगातार मानसिक उत्पीड़न झेल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग पचास लाख रुपये के लेनदेन को लेकर वे पिछले पांच वर्षों से ब्याज चुका रहे थे इसके बावजूद उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार यह मानसिक तनाव इतना बढ़ गया था कि वे पूरी तरह टूट चुके थे।

    चौधरी ने वीडियो में यह भी कहा कि कर्ज और सामाजिक दबाव के कारण उनकी बेटी का रिश्ता टूट गया। उन्होंने बताया कि उन पर कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था लेकिन अन्य लेनदारों ने इस तरह का दबाव नहीं बनाया। उनका आरोप था कि भुगतान को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ा।

    जानकारी के अनुसार आनंद नगर स्थित लव कुश नगर सेक्टर तीन निवासी चौधरी मंगलवार सुबह करीब दस बजे घर से निकले और कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले आनंद नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब चार घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सकरगाये वहां से चले गए।

    सूत्रों के अनुसार चौधरी लंबे समय से आर्थिक और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी बहन के घर भोजन कर रहे थे और कर्ज के बोझ के चलते पारिवारिक संबंधों में भी दूरी आ गई थी। उनके बेटे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है जबकि बेटी उच्च शिक्षित है। हर महीने पांच से दस तारीख के बीच ब्याज चुकाने का दबाव रहता था और दस फरवरी को भुगतान की अंतिम तिथि बताई जा रही थी। मित्रों से आर्थिक मदद की कोशिश की गई लेकिन सहायता नहीं मिल सकी। आरोप है कि भुगतान न करने की स्थिति में मकान बिकवाने की चेतावनी दी जा रही थी।

    घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंच गए और शोक व्यक्त किया। हालांकि परिवार के कुछ सदस्य मौके पर मौजूद नहीं थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी बनेगा पं. दीनदयाल उपाध्याय उद्यान, बर्राई में प्रतिमा अनावरण व सांदीपनि विद्यालय प्रवेश समारोह

    भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी बनेगा पं. दीनदयाल उपाध्याय उद्यान, बर्राई में प्रतिमा अनावरण व सांदीपनि विद्यालय प्रवेश समारोह


    भोपाल। एकात्म मानववाद के जनक पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर राजधानी भोपाल के बर्राई क्षेत्र को दो महत्वपूर्ण सौगातें मिलीं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से निर्मित उद्यान का शुभारंभ किया तथा उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर सांदीपनि विद्यालय में विद्यार्थियों का प्रवेश समारोह भी आयोजित हुआ जहां बच्चों का स्वागत गुलाब के फूल देकर किया गया।

    स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह उद्यान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी स्थान बनेगा। उन्होंने कहा कि यह पार्क पर्यावरण की दृष्टि से क्षेत्र के लिए श्रेष्ठ स्थल होगा जहां बच्चे युवा और बुजुर्ग सभी सुबह-शाम समय व्यतीत कर सकेंगे। पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा समाज को उनके आदर्शों और विचारों की निरंतर प्रेरणा देती रहेगी।

    उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य तय करना आवश्यक है। जब तक लक्ष्य निर्धारित नहीं होगा तब तक सफलता संभव नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं और विद्यार्थियों को भी विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए आगे आना चाहिए।

    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत में व्यक्ति नहीं बल्कि गुणों की पूजा होती है। जो व्यक्ति अपने जीवन को राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित करता है वही पूजनीय बनता है। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने सादगी विद्वत्ता और राष्ट्रसेवा के माध्यम से जो विचार दिए वे आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रहे हैं।

    श्री तोमर ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय की स्थापना भी उसी विचारधारा का परिणाम है जिसमें सबका साथ सबका विकास की भावना निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 में विकसित भारत के साक्षी बनने वाले ये विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय चिंतन को जनमानस तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास को नई गति मिली है। उन्होंने झागरिया में स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा की।

    यह आयोजन न केवल एक उद्यान और प्रतिमा के अनावरण तक सीमित रहा बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति लक्ष्य निर्धारण और समाज सेवा की भावना जगाने का संदेश भी देता नजर आया।

  • वंदे मातरम की अनिवार्यता पर सियासत तेज, BJP का कांग्रेस पर हमला कांग्रेस ने किया पलटवार

    वंदे मातरम की अनिवार्यता पर सियासत तेज, BJP का कांग्रेस पर हमला कांग्रेस ने किया पलटवार


    भोपाल । वंदे मातरम की अनिवार्यता को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम अनिवार्य किए जाने के निर्देश जारी होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं।

    बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जिन्ना के सामने घुटने टेक दिए थे और मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम को अनिवार्य नहीं किया। शर्मा ने कहा कि जिस दिन वंदे मातरम के जयघोष के साथ देश को आजादी मिली, उसी दिन इसे अनिवार्य कर देना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने इसकी अनिवार्यता समाप्त कर दी और इसके कई अंश हटा दिए।

    मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी वंदे मातरम को देश के लिए मंत्र बताते हुए कहा कि इसे बहुत पहले अनिवार्य हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश में कई सुधार कर रहे हैं और यह भी उसी दिशा में एक कदम है।

    वहीं कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। कांग्रेस नेता और पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि वंदे मातरम हमेशा से कार्यक्रमों का हिस्सा रहा है और यह आजादी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं थे, वे आज राष्ट्रभक्ति का प्रमाण पत्र बांट रहे हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि मदरसों के नाम पर राजनीति की जा रही है, जबकि वहां भी वंदे मातरम गाया जाता है।

    कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि वंदे मातरम के सम्मान पर कभी आपत्ति नहीं रही, लेकिन कुछ शब्दों को लेकर पहले आपत्तियां थीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन गाने या न गाने का प्रश्न व्यक्तिगत और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है।

    केंद्र सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रपति और राज्यपाल के कार्यक्रमों सहित सभी सरकारी आयोजनों में वंदे मातरम अनिवार्य होगा। तिरंगा फहराने के अवसर पर भी इसे गाया जाएगा। निर्देशों में छह अंतरों वाला पूरा संस्करण शामिल करने, जन गण मन से पहले वंदे मातरम बजाने और सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य करने की बात कही गई है। इसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है। इन निर्देशों के बाद प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

  • 12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि

    12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि


    भोपाल। लोक निर्माण से लोक कल्याण के विजन को सशक्त आधार देने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा 12 फरवरी 2026 को भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तत्वावधान में आयोजित होगा जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

    लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यशाला निर्माण क्षेत्र से जुड़े अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग परियोजना क्रियान्वयन इकाई मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के लगभग 2 000 अभियंता और तकनीकी अधिकारी भाग लेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण कैलेंडर और परियोजना प्रबंधन पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा। साथ ही परियोजना प्रबंधन प्रणाली 2.0 PMS 2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली का प्रदर्शन और औपचारिक शुभारंभ भी होगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई तथा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

    मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ क्षमता निर्माण हरित भवन अवधारणा आधुनिक निर्माण तकनीक गुणवत्ता नियंत्रण और निर्माण क्षेत्र में नवाचार जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। इसके अतिरिक्त श्री विक्रांत सिंह तोमर द्वारा क्षमता निर्माण विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा विकसित परियोजना प्रबंधन प्रणाली पोर्टल 2.0 एक उन्नत डिजिटल प्रणाली है जिसके माध्यम से निर्माण कार्यों का पारदर्शी सुव्यवस्थित और दक्ष क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रणाली में प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायित्व स्वीकृति और समय सीमा स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगी जिससे सतत निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

    प्रक्रिया नियंत्रण प्रणाली के अंतर्गत सभी आवश्यक अभिलेख और स्वीकृतियाँ पूर्ण होने के बाद ही अगले चरण की अनुमति दी जाएगी। साथ ही स्वचालित पत्र निर्माण सुविधा विभागीय पत्राचार को त्वरित और कागजरहित बनाएगी। यह कार्यशाला प्रदेश के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता दक्षता और तकनीकी सुदृढ़ता को नई दिशा देगी तथा अभियंताओं को आधुनिक तकनीक और सतत विकास के सिद्धांतों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।

  • मुख्यमंत्री की पहल पर स्वीकृत इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन परियोजना को मिली नई रफ्तार

    मुख्यमंत्री की पहल पर स्वीकृत इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन परियोजना को मिली नई रफ्तार

    इंदौर। मध्य प्रदेश में इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड चार लेन सड़क परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है। परियोजना के अंतर्गत विभिन्न तहसीलों के कुल 20 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसके बदले प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों को मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। मुआवजा राशि निर्धारण में किसानों को उचित मुआवजा देने हेतु बिक्री छाँट की प्रक्रिया अपनाई गई, ताकि किसानों को अधिकतम मुआवजा प्रदान किया जा सके।

    इंदौर जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार को जानकारी दी गई कि परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के बदले कुल 626 करोड़ 49 लाख 76 हजार 436 रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है। वहीं इस परियोजना से जुड़े कुल 662 प्रभावित खातेदार/परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। निर्धारित मुआवजा के वितरण का कार्य भी प्रारम्भ कर दिया गया है।

    ये गांव शामिल

    बताया गया कि परियोजना के तहत हातोद और सांवेर तहसील के 20 गांव शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से बुढ़ानिया, हातोद, सगवाल, कांकरिया बोडिया, जंबूड़ी सरवर, जिन्दाखेड़ा, रतनखेड़ी, बीबी खेड़ी, पिपलिया कायस्थ, हरियाखेड़ी, खतेडिया, रंगकराडिया, कछालिया, बलघारा, पोटलोद, टुमनी, मगरखेड़ी, चित्तौड़ा, बालरिया और रालामंडल गांव शामिल है।

    किसानों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ

    भूमि अधिग्रहण के बदले दी जा रही मुआवजा राशि से प्रभावित किसानों और परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। साथ ही यह परियोजना क्षेत्र के विकास, परिवहन सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह सड़क धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने विशेषकर सिंहस्थ के लिए भी मददगार होगी।

    विकास को मिलेगी नई दिशा

    इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन बनने से दोनों शहरों के बीच आवागमन आसान होगा। इसमें रोड के दोनों और सर्विस रोड बनाये जाने का भी प्रावधान रखा गया है साथ ही कई स्थानों पर अंडर पास एवं डक्ट भी बनाये जाएँगे ।इससे औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

  • भोपाल वृत्‍त के लगभग 3 लाख उपभोक्‍ताओं को जनवरी में दो करोड़ से अधिक की छूट

    भोपाल वृत्‍त के लगभग 3 लाख उपभोक्‍ताओं को जनवरी में दो करोड़ से अधिक की छूट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्य क्षेत्र में 5 लाख 20 हजार 457 स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ डे छूट का लाभ प्रदान करते हुए जनवरी 2026 में कुल 3 करोड़ 61 लाख 26 हजार की रियायत प्रदान की गई है। इसमें भोपाल शहरी एवं ग्रामीण वृत्‍त के 2 लाख 97 हजार 813 उपभोक्‍ताओं को 2 करोड़ 10 लाख 66 हजार रुपये की दिन के टैरिफ में छूट मिली है।

    जनसम्पर्क अधिकारी राजेश पाण्डेय ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर टाइम ऑफ डे छूट के तहत यह रियायत प्रदान की गई है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटरिंग पहल के अंतर्गत माह जनवरी 2026 के दौरान यह छूट प्रदान की गई है। दिन के टैरिफ में स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है।

    कंपनी ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर में स्‍मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करें और स्‍मार्ट मीटर लगवाने से न घबराएं। स्‍मार्ट मीटर उनके लिए हर तरह से फायदेमंद है और स्‍मार्ट मीटर की सटीक रीडिंग और बिलिंग के साथ ही कार्यप्रणाली में भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है।

    स्मार्ट मीटर से बिजली उपभोक्‍ताओं को ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद मिलती है। स्‍मार्ट मीटर बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती। ऐप से मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित किया जा सकता है। उपभोक्‍ताओं को ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बनाया जा सकता है। उपभोक्‍ता ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन मोबाइल एप के द्वारा किसी भी समय कहीं से भी देख सकते हैं। स्‍मार्ट मीटर ऊर्जा की खपत को कम करने में सहायक होकर पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करता है।

  • सावधान! इंटरनेट से मिले 'लोन एजेंट' ने लगाया ढाई लाख का चूना; ग्वालियर में मकान बनाने के लिए कर्ज ले रहे युवक के साथ फ्रॉड

    सावधान! इंटरनेट से मिले 'लोन एजेंट' ने लगाया ढाई लाख का चूना; ग्वालियर में मकान बनाने के लिए कर्ज ले रहे युवक के साथ फ्रॉड


    ग्वालियर। शहर के मुरार थाना क्षेत्र में एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के साथ ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर ₹2.5 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने अपने मकान निर्माण के लिए फंड की तलाश में इंटरनेट पर ‘लोन एजेंट’ सर्च किया था, लेकिन उसे क्या पता था कि गूगल सर्च का यह नतीजा उसकी जमा-पूंजी भी छीन लेगा। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर साइबर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।

    मूल रूप से कैलारस मुरैना के रहने वाले अवधेश शिवहरे वर्तमान में ग्वालियर की सीपी कॉलोनी में किराए से रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि जनवरी की शुरुआत में उन्होंने गूगल पर लोन के लिए सर्च किया था। इस दौरान मिले एक नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताया और लोन प्रक्रिया के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और सैलरी स्लिप जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल कर लिए।

    जालसाजों ने ठगी के लिए ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का सहारा लिया। 6 से 13 जनवरी के बीच हुई इस साजिश में पीड़ित के पास गुरुग्राम स्थित आईडीएफसी IDFC बैंक के नाम से ₹6.49 लाख का फर्जी लोन स्वीकृति संदेश भी भेजा गया। इसके बाद ठग ने पीड़ित को विश्वास में लेकर कहा कि वह क्रेडिट कार्ड के जरिए इस पर ‘टॉपअप’ दिला सकता है। इस प्रक्रिया के लिए ₹2.5 लाख की ‘सिक्योरिटी डिपॉजिट’ मांगी गई, जिसे पीड़ित ने झांसे में आकर ट्रांसफर कर दिया। रकम मिलते ही आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया।

    मुरार थाना पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह फर्जी कॉल और सोशल इंजीनियरिंग का मामला लग रहा है। साइबर टीम उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही है जहाँ राशि ट्रांसफर की गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि आधिकारिक बैंकिंग पोर्टल के अलावा किसी भी अनजान व्यक्ति को दस्तावेज देना या अग्रिम भुगतान करना हमेशा वित्तीय जोखिम को न्यौता देता है।

  • बीना विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल मामले में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष नेता प्रतिपक्ष ने पेश किए सबूत

    बीना विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल मामले में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष नेता प्रतिपक्ष ने पेश किए सबूत

    भाेपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक रहीं निर्मला सप्रे के दलबदल मामले में मंगलवार को मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के समक्ष अहम सुनवाई हुई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखते हुए दलबदल से जुड़े कथित सबूत प्रस्तुत किए।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विधानसभा से यह स्पष्ट करने को कहा था कि अब तक क्या कार्रवाई की गई है। विधानसभा की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि प्रकरण विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष विचाराधीन है और उस पर सक्रिय रूप से कार्रवाई चल रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि दलबदल से जुड़े मामलों में 90 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाना चाहिए।

    भाजपा मंच से सदस्यता ग्रहण करने के प्रमाण पेश

    उमंग सिंघार ने दावा किया कि उन्होंने स्पीकर के समक्ष ऐसे पुख्ता प्रमाण रखे हैं, जिनसे यह साबित होता है कि विधायक निर्मला सप्रे ने भाजपा के मंच से सार्वजनिक रूप से सदस्यता ग्रहण की थी। इसके साथ ही उनके बयान और अन्य दस्तावेज भी सौंपे गए हैं, जो दलबदल की पुष्टि करते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने उम्मीद जताई कि विधानसभा अध्यक्ष संवैधानिक दायित्व निभाते हुए इस मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध निर्णय लेंगे।

    हाईकोर्ट में 27 फरवरी को अगली सुनवाई

    इस दलबदल प्रकरण से जुड़ी याचिकाओं पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। इससे पहले चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सर्राफ की डबल बेंच के समक्ष सरकार की ओर से बताया गया था कि मामला स्पीकर के पास विचाराधीन है। हाईकोर्ट ने 15 जनवरी को सरकार के इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए फिलहाल कोई अंतिम आदेश नहीं दिया था और स्थगन याचिका स्वीकार कर ली थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होनी है। तब तक यह देखा जाएगा कि विधानसभा अध्यक्ष इस पर कोई निर्णय लेते हैं या नहीं।

    भाजपा पर टालमटोल का आरोप

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इस मामले को जानबूझकर टाल रही है, क्योंकि उसे उपचुनाव से डर है। उन्होंने कहा कि भाजपा को आशंका है कि यदि बीना सीट पर उपचुनाव हुए तो कांग्रेस की जीत तय है, इसी वजह से निर्णय में देरी की जा रही है। सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा कोर्ट में अपने जवाबों के जरिए कानून की व्याख्या को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।

    10–15 दिनों में फैसले की उम्मीद

    विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने कहा कि अध्यक्ष सभी पक्षों को सुन रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले 8 से 15 दिनों के भीतर इस मामले में निर्णय आ जाएगा। कांग्रेस पार्टी ने भरोसा जताया है कि लोकतंत्र और संविधान की मर्यादा के अनुसार सच्चाई के आधार पर फैसला लिया जाएगा।

  • ग्वालियर में एयरफोर्स ऑफिसर से 'डिजिटल डकैती': 2 क्रेडिट कार्ड से ठगों ने उड़ाए ₹1.66 लाख, एक साथ खरीदे 8 मोबाइल

    ग्वालियर में एयरफोर्स ऑफिसर से 'डिजिटल डकैती': 2 क्रेडिट कार्ड से ठगों ने उड़ाए ₹1.66 लाख, एक साथ खरीदे 8 मोबाइल


    ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्थित महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन में पदस्थ एक ज्वाइंट वारेंट ऑफिसर साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। शातिर ठगों ने अधिकारी के दो अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर महज कुछ ही मिनटों में ₹1.66 लाख की ऑनलाइन खरीदारी कर डाली। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित अधिकारी ने न तो किसी के साथ अपना ओटीपी OTP साझा किया और न ही किसी संदिग्ध कॉल पर कोई जानकारी दी। पुलिस को अंदेशा है कि यह पूरा खेल मोबाइल में भेजी गई एक घातकAPKफाइल के जरिए रचा गया है।

    मूल रूप से जम्मू के रहने वाले अधिकारी ऋषि नरगोवाजो वर्तमान में महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन में तैनात हैंउनके साथ यह घटना 6 फरवरी की रात घटित हुई। रात करीब 10:11 बजे अचानक उनके मोबाइल पर ट्रांजैक्शन के मैसेज आने शुरू हुए। ठगों ने उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के क्रेडिट कार्ड से ₹95,020 और इंडसइंड बैंक के कार्ड से ₹70,753 की चपत लगाई।

    अगले दिन जब अधिकारी बैंक पहुंचेतो पता चला कि इन पैसों से कुल 8 महंगे मोबाइल फोन खरीदे गए हैं। अधिकारी ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराईजिसके बादई-जीरो एफआईआरके माध्यम से मामला महाराजपुरा थाने भेजा गया है।

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि अधिकारी के मोबाइल पर कोई संदिग्ध लिंक याAPKफाइल आई होगीजिसे अनजाने में ओपन करने से उनके फोन का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला गया। इससे ठगों ने बिना कॉल किए ही ओटीपी और कार्ड की डिटेल्स हैक कर लीं। फिलहालसाइबर सेल उस आईडी और डिलीवरी एड्रेस को ट्रैक कर रही हैजहाँ इन 8 मोबाइल फोनों को मंगवाया गया है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि किसी भी अनजान लिंक या फाइल को ओपन करना वित्तीय जोखिम का कारण बन सकता है।

  • जंगली हाथी पहुंचा अनूपपुर नगर, वन अमला नदारद

    जंगली हाथी पहुंचा अनूपपुर नगर, वन अमला नदारद


    अनूपपुर, । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में पिछले 50 दिनों से डेरा डाले हुए हाथियों के दल में से एक दंतैल हाथी सोमवार सुबह शहरी क्षेत्र में पहुंच गया। यह हाथी जिला मुख्यालय अनूपपुर से महज 1 किलोमीटर दूर आरटीओ कार्यालय के पीछे विचरण करता देखा गया। इस दौरान वन विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी दोपहर तक मौके पर नहीं पहुंचा था।

    हाथी को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। ग्रामीणों ने हाथी को अपने गांव और खेतों की ओर आने से रोकने के लिए आग जलाकर और पटाखे फोड़कर उसे भगाने का प्रयास किया। चारों तरफ से घिरने के कारण हाथी आक्रामक हो गया और बार-बार भीड़ की ओर दौड़ लगा रहा था, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने वन विभाग की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि पूर्व में इसी तरह की अनदेखी के कारण जैतहरी में दो लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

    जानकारी के अनुसार, यह नर हाथी रविवार रात सेंदुरी से रेलवे लाइन और तिपान नदी पार कर बेलापार पहुंचा था। सोमवार सुबह इसने अनूपपुर-जैतहरी मुख्य मार्ग पार किया और आरटीओ ऑफिस के पीछे पलास के जंगलों में आ गया। वर्तमान में यह घनी आबादी वाले हर्री-बर्री गांव से मात्र 1 किलोमीटर दूर है।

    हाथियों का जोड़ा धनगवां के जंगल में छिपे

    बताया गया कि हाथियों का यह समूह 9 दिन पहले दो हिस्सों में बंट गया था। दो हाथियों का जोड़ा फिलहाल धनगवां बीट के जंगल में स्थिर है, जबकि यह दंतैल हाथी सोनमोहरी के रास्ते फसलों को रौंदते हुए शहर के करीब आ पहुंचा है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि हाथी की मौजूदगी और ग्रामीणों की भारी भीड़ के बीच वन अमले की अनुपस्थिति किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है। उनका मानना है कि यदि समय रहते हाथी को सुरक्षित गलियारे की ओर नहीं मोड़ा गया, तो रिहायशी इलाकों में जनहानि का खतरा बढ़ सकता है।