Category: Madhya Pradesh

  • जबलपुर में अतिक्रमण कार्रवाई के दौरान दुकानदार की मौत, परिजन और व्यापारियों ने थाने के सामने शव रख कर किया प्रदर्शन

    जबलपुर में अतिक्रमण कार्रवाई के दौरान दुकानदार की मौत, परिजन और व्यापारियों ने थाने के सामने शव रख कर किया प्रदर्शन


    जबलपुर । शहर के बरगी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक दुकानदार की मौत हो जाने से तनाव की स्थिति पैदा हो गई। परिजनों और व्यापारियों ने प्रशासन पर दबाव बढ़ाने का आरोप लगाया और विरोध स्वरूप थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया तभी प्रदर्शन शांत हुआ।

    घटना बरगी थाना अंतर्गत पटेल चौराहे की बताई जा रही है। मंगलवार शाम को राजस्व और पुलिस की टीम कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान दुकानदार को हार्ट अटैक आ गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोग भड़क उठे। परिजनों का आरोप था कि प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान अत्यधिक दबाव बनाया जिससे दुकानदार की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।

    दुकानदार की मौत की खबर फैलते ही आसपास के व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने बरगी थाने के बाहर इकट्ठा होकर जोरदार विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने थाने के सामने शव रखकर नारेबाजी की और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन का रवैया अत्यधिक कठोर था और इससे मौत हुई है।

    विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के प्रयास किए। बरगी थाना प्रभारी ने लोगों को आश्वासन दिया कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद लोगों का गुस्सा कुछ हद तक शांत हुआ और प्रदर्शन समाप्त हुआ।

    इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उचित सावधानियां बरती गईं या नहीं। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की जा रही थी लेकिन परिजनों का आरोप है कि दबाव और तनाव के कारण दुकानदार की तबीयत बिगड़ गई।

    अब इस मामले की जांच की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है। जांच में यह देखना होगा कि कार्रवाई के दौरान नियमों का पालन हुआ या नहीं और क्या प्रशासन की गलती से मौत हुई है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि अतिक्रमण हटाने के दौरान सुरक्षा और चिकित्सा आपातकालीन इंतजाम थे या नहीं।

    अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और उसके दौरान हुई मौत ने शहर में गर्मागरम बहस छेड़ दी है। लोग प्रशासन की कार्रवाई और जिम्मेदारी पर सवाल उठा रहे हैं जबकि प्रशासन मामले की जांच और निष्पक्षता की बात कर रहा है।

  • फेसबुक पर राकेश बनकर दोस्ती, असल में निकला फैजान; 24 वर्षीय युवती ने लव जिहाद, बलात्कार और धर्मांतरण के आरोपों में FIR दर्ज कराई

    फेसबुक पर राकेश बनकर दोस्ती, असल में निकला फैजान; 24 वर्षीय युवती ने लव जिहाद, बलात्कार और धर्मांतरण के आरोपों में FIR दर्ज कराई


    भोपाल। राजधानी में एक बार फिर लव जिहाद और दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करोंद क्षेत्र की 24 वर्षीय युवती ने छोला थाने में आरोपी फैजान पुत्र रमजान के खिलाफ बलात्कार, धमकी, ब्लैकमेल और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने बलात्कार के मामले में तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि लव जिहाद और धर्मांतरण के एंगल की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2022 में फेसबुक पर आरोपी ने खुद को राकेश कुशवाह बताकर दोस्ती की। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार और शारीरिक संबंधों में बदल गई। कुछ समय बाद महिला को पता चला कि आरोपी का असली नाम फैजान है और वह हिंदू नाम का उपयोग कर संपर्क कर रहा था। जब महिला ने दूरी बनाने की कोशिश की, तो आरोपी ने अपने भाई यूनुस के जरिए उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने यूनुस के खिलाफ पहले भी छोला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

    इस बीच, फैजान हत्या के एक अन्य मामले में जेल में था और दिसंबर 2025 में रिहाई के बाद फिर से महिला से संपर्क करने लगा। महिला के इनकार करने पर फैजान ने उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं और जबरन बलात्कार किया। पीड़िता ने बताया कि 10 फरवरी 2026 को फैजान महिला को जबरन कहीं ले जा रहा था, तभी जेल रोड पर एक होटल के पास दुकानदारों की मदद से वह बच निकली। इसके बाद बजरंग दल के सदस्यों की सहायता से महिला थाने पहुंची और पूरी घटना की शिकायत की।

    युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने लगातार ब्लैकमेल किया और उसे सोशल मीडिया पर भी परेशान किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 बलात्कार 506 आपराधिक धमकी 354 और अन्य संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।

    लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों की जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर भी मदद की अपील की है, जबकि पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की गुहार लगाई है। इस घटना ने शहर में सुरक्षा और सोशल मीडिया पर पहचान छुपाकर संबंध बनाने के खतरों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

  • आय से अधिक संपत्ति मामला: पूर्व डिप्टी डायरेक्टर की 11.81 करोड़ की संपत्ति PMLA के तहत अटैच

    आय से अधिक संपत्ति मामला: पूर्व डिप्टी डायरेक्टर की 11.81 करोड़ की संपत्ति PMLA के तहत अटैच


    जबलपुर । मध्यप्रदेश के भोपाल जोनल ऑफिस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जगदीश सरवटे के खिलाफ PMLA 2002 के तहत 11.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को प्रोविजनल रूप से अटैच किया गया है। यह कार्रवाई भोपाल जोनल ऑफिस की ओर से आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई थी जिसमें संपत्ति के स्रोत और उसके दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

    जगदीश सरवटे मध्यप्रदेश के जबलपुर में आदिम जाति कल्याण विभाग में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात रहे हैं। उनके खिलाफ यह मामला आय से अधिक संपत्ति के संदेह पर दर्ज किया गया था। आरोप है कि उनके पास घोषित आय से कहीं अधिक संपत्ति पाई गई है जिसके चलते विभाग ने PMLA की धाराओं के तहत यह कठोर कदम उठाया है।

    आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अचल संपत्तियों को प्रोविजनल रूप से अटैच किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि संपत्ति के वैध दस्तावेज और स्रोत की पुष्टि होने पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    यह कार्रवाई EOW की पिछली कार्रवाई से जुड़ी हुई है जब जबलपुर EOW की टीम ने छापेमारी के दौरान करोड़ों की संपत्ति के साथ बाघ की खाल भी बरामद की थी। उस जांच में EOW को आरोपी की आय से अधिक करोड़ों रुपए की संपत्ति मिलने की जानकारी मिली थी।

    अब इस मामले में PMLA के तहत अटैचमेंट की प्रक्रिया पूरी की गई है जिससे आरोपी की संपत्ति को किसी भी तरह की बिक्री या हस्तांतरण से रोक दिया गया है। PMLA 2002 के तहत अटैचमेंट का अर्थ है कि संपत्ति को अस्थायी रूप से सीज कर दिया जाता है ताकि जांच पूरी होने तक उसका उपयोग या हेरफेर न हो सके।

    इस मामले में EOW की जांच जारी है और आगे की जांच में यह देखा जाएगा कि आरोपी ने संपत्ति के स्रोत को सही तरीके से दिखाया या नहीं। यदि जांच में आरोप साबित होते हैं तो आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ संपत्ति को फॉरफिट भी किया जा सकता है। मामले की गूंज अब पूरे राज्य में सुनाई दे रही है क्योंकि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाती है।

  • खंडवा के धरमपुरी गौशाला में भूख-प्यास से गायों की मौत, कलेक्टर ने इंजीनियर-डॉक्टर को नोटिस जारी किया

    खंडवा के धरमपुरी गौशाला में भूख-प्यास से गायों की मौत, कलेक्टर ने इंजीनियर-डॉक्टर को नोटिस जारी किया


    खंडवा । जिले से करीब 25 किलोमीटर दूर धरमपुरी की नंद मोहन समिति गौशाला में एक महीना से लगातार गायों की मौत का सिलसिला चल रहा है। बुधवार को गौशाला के पास लगभग छह गायों के शव और छह के कंकाल मिलने से मामला सार्वजनिक हुआ तो जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। सरकारी अनुदान से संचालित इस गौशाला में गायों की मौत की खबर फैलते ही कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया।

    जांच के दौरान गौशाला की स्थिति बेहद खराब मिली। फर्श टूटा हुआ पानी की टंकी लीकेज में और चरनौई भूमि पर चारे की बजाय गेहूं की फसल उगती हुई दिखी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृत गायों के शवों को दफनाने की बजाय वन विभाग की जमीन पर खुले में छोड़ दिया गया था। इससे प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई और कलेक्टर ने संबंधित इंजीनियरों और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

    कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि धरमपुरी की गौशाला मुख्य मार्ग से लगभग 4 किलोमीटर दूर है। वहां पहले भी कुछ गायों के मृत और बचे हुए कंकाल मिलने की शिकायत आई थी। उस समय निरीक्षण के बाद गौशाला के संचालकों और ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव को बेहतर प्रबंधन के निर्देश दिए गए थे। साथ ही हर महीने गौशाला का दौरा करने वाले डॉक्टर को भी नोटिस जारी किया गया है।

    गौशाला के संचालक जब कलेक्टर से पूछे गए तो नंद मोहन गौशाला के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के सदस्य आशीष बरोले ने कहा कि आसपास के गांवों के लोग मृत गायों को यहां छोड़ जाते हैं हम क्या कर सकते हैं। इस बयान के बाद ग्रामीणों ने आरोपों को गलत बताया और कहा कि गायों की मौत गौशाला के खराब प्रबंधन और खाने-पीने की कमी से हुई है।

    पशु चिकित्सा विभाग के उप-संचालक हेमंत शाह ने बताया कि गायों की मौत एक दिन में नहीं हुई बल्कि लगभग 15 दिनों के अंतराल में यह घटना सामने आई है। मौके पर सिर्फ एक गाय का शव मिला जबकि अन्य के कंकाल पाए गए जिन्हें सही तरीके से डिस्पोजल कराया गया। उन्होंने कहा कि पूरी जांच की रिपोर्ट कलेक्टर को दे दी गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।मामले की जांच जिला प्रशासन द्वारा जारी है और अब इस गौशाला के प्रबंधन पानी-चारे की व्यवस्था और विभागीय लापरवाही की जाँच की जा रही है।

  • MP: रेप केस में पुलिस की कार्यप्रणाली पर HC ने जताई नाराजगी, लगाई फटकार

    MP: रेप केस में पुलिस की कार्यप्रणाली पर HC ने जताई नाराजगी, लगाई फटकार


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने दुष्कर्म मामले में सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली (Police Working) पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने डीएनए रिपोर्ट (DNA Report) में आरोपी के निर्दोष पाए जाने के बावजूद असली आरोपी की तलाश शुरू न करने पर पुलिस विभाग को आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने डीजीपी से पूछा कि क्या उनके अधीनस्थ अधिकारियों को दोबारा प्रशिक्षण की जरूरत है या आम जनता ऐसे ही पुलिस की कानूनी जानकारी की कमी का खामियाजा भुगतती रहे।

    बार एंड बेंच में छपी खबर के मुताबिक, मामला बैतूल जिले का है। आरोपी को 10 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ चालान पेश किया जा चुका था। दिसंबर 2025 में आई डीएनए रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि आरोपी नाबालिग पीड़िता से जन्मे बच्चे का जैविक पिता नहीं है। इसके बावजूद पुलिस ने वास्तविक आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।


    अदालत की टिप्पणी- पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण की जरूरत

    10 फरवरी को जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन से पूछा कि डीएनए रिपोर्ट के बाद आगे क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने पाया कि एसपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। आदेश में कहा गया कि यह स्थिति राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण पर गंभीर सवाल खड़े करती है।


    डीएनए जांच में आरोपी को क्लीन चिट

    कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि दो अन्य दुष्कर्म मामलों में भी शुरुआती तौर पर गिरफ्तार किए गए आरोपी बाद में डीएनए जांच में निर्दोष पाए गए, लेकिन पुलिस ने समय रहते वास्तविक आरोपियों की तलाश में सक्रियता नहीं दिखाई। पीठ ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर गंभीर नहीं है।

    हालांकि, कोर्ट ने एसपी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई का आदेश नहीं दिया, बल्कि डीजीपी से यह विचार करने को कहा कि क्या विभाग को सक्षम और विधिक रूप से प्रशिक्षित अधिकारियों की आवश्यकता है? कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आगे की जांच ट्रायल कोर्ट से अनुमति लेकर की जाए, क्योंकि चार्जशीट दाखिल होने के बाद आगे की जांच के लिए न्यायालय की अनुमति आवश्यक है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों में निर्धारित है।


    जमानत अर्जी खारिज

    कोर्ट ने कहा कि चूंकि बच्चा जीवित है, इसलिए सभी संभावित संदिग्धों के रक्त नमूने लेकर जैविक पिता की पहचान सुनिश्चित की जाए। जहां तक जमानत का सवाल है, कोर्ट ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी। पीठ ने कहा कि केवल डीएनए रिपोर्ट के आधार पर पीड़िता के बयान को खारिज नहीं किया जा सकता। चूंकि अभी पीड़िता का साक्ष्य दर्ज नहीं हुआ है, इसलिए इस स्तर पर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। बता दें कि आरोपी की ओर से अधिवक्ता प्रदीप सिंह चौहान ने पैरवी की, जबकि राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता स्वाति जॉर्ज उपस्थित रहीं।

  • एमपी में सर्दी की विदाई शुरू, 15 से ज्यादा शहरों में पारा 30°C के पार, रातें भी हुईं गर्म

    एमपी में सर्दी की विदाई शुरू, 15 से ज्यादा शहरों में पारा 30°C के पार, रातें भी हुईं गर्म


    भोपाल। पहाड़ों पर बर्फबारी जारी है, लेकिन मध्य प्रदेश में ठंड अब ढलान पर है। प्रदेश के 15 से अधिक शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। रात का तापमान भी बढ़कर अधिकांश स्थानों पर 10 डिग्री से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिन हल्की ठंड बनी रह सकती है, लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

    13 और 16 फरवरी को एक्टिव होंगे सिस्टम, असर सीमित
    मौसम विभाग के अनुसार 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। इन सिस्टम का असर पहाड़ी इलाकों में अधिक रहेगा, जबकि मध्य प्रदेश में इनका प्रभाव सीमित ही रहने की उम्मीद है। हालांकि, मौजूदा सिस्टम के चलते प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्के बादल छाए हुए हैं। बुधवार को कुछ जिलों में मौसम का मिजाज बदला नजर आया और गुरुवार को भी बादल छाए रह सकते हैं।

    हल्की ठंड का एक और छोटा दौर संभव
    मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ों पर जारी बर्फबारी और सिस्टम के गुजरने के बाद बर्फ पिघलने से मौसम में हल्का बदलाव आ सकता है। इससे प्रदेश में हल्की सर्दी का एक और छोटा दौर देखने को मिल सकता है।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमान
    14 फरवरी – कुछ जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। बारिश की कोई चेतावनी नहीं। दिन में बादल छा सकते हैं।
    15 फरवरी – सीमित जिलों में हल्का कोहरा संभव। बारिश का अलर्ट नहीं।

    इन जिलों में 30°C के पार पहुंचा पारा
    शुक्रवार को धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर और सिवनी समेत 15 शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। रात के तापमान की बात करें तो गुरुवार-शुक्रवार की रात नर्मदापुरम और सागर में पारा 17 डिग्री या उससे अधिक रहा।

    सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खजुराहो में 8.6 डिग्री, मंदसौर में 9.7 डिग्री, कटनी के करौंदी में 10 डिग्री, रीवा में 10.2 डिग्री और राजगढ़ में 10.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से अधिक रहा।

  • ग्वालियर में सुसाइड का सनसनीखेज वीडियो: मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा पति…प्रेम विवाह के 6 माह बाद पत्नी ने लगाई फांसी

    ग्वालियर में सुसाइड का सनसनीखेज वीडियो: मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा पति…प्रेम विवाह के 6 माह बाद पत्नी ने लगाई फांसी


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहाँ प्यार में मिले धोखे ने एक महिला को मौत गले लगाने पर मजबूर कर दिया। बहोड़ापुर इलाके की रहने वाली वैष्णवी उर्फ प्राची ने सिरौल थाना क्षेत्र स्थित ‘ईस्ट मैरेडियन मल्टी’ के अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौत को गले लगाने से पहले प्राची ने अपने मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें उसने सिसकते हुए अपनी मौत का जिम्मेदार अपने पति राजू उर्फ सत्यनारायण भदौरिया और उसके परिवार को ठहराया है।

    मंदिर में रचाई थी शादी फिर खुला कड़वा सच करीब 6 महीने पहले प्राची ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर पुरानी छावनी निवासी राजू से मंदिर में शादी की थी। दोनों ने स्टांप पर भी अपने रिश्ते को प्रमाणित किया था और किराये के फ्लैट में साथ रह रहे थे। प्राची को लगा था कि उसने अपना संसार बसा लिया है लेकिन जल्द ही उसके सामने एक ऐसा सच आया जिसने उसके पैरों तले जमीन खिसका दी। उसे पता चला कि राजू पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं।

    ससुराल में मारपीट और आखिरी फैसला पति की पहली शादी की सच्चाई जानने के बाद जब प्राची न्याय मांगने के लिए राजू के घर पहुंची तो वहां सहानुभूति के बजाय उसे प्रताड़ना मिली। परिजनों का आरोप है कि राजू की पहली पत्नी और उसके पिता ने प्राची के साथ जमकर मारपीट की। इसी अपमान और धोखे से आहत होकर प्राची अपने फ्लैट पर वापस आई और पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया।

    पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही सिरौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के हाथ वह वीडियो भी लगा है जिसे प्राची ने मरने से ठीक पहले बनाया था। पुलिस अब इस मामले में आरोपी पति और उसके परिजनों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।

  • ऑल इंडिया मुशायरे में दबंगई, गला दबाकर शायर को पीटा, नकदी और सामान लूटने का आरोप

    ऑल इंडिया मुशायरे में दबंगई, गला दबाकर शायर को पीटा, नकदी और सामान लूटने का आरोप


    खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा उस समय अफरातफरी और हिंसा में बदल गया जब मंच पर ही एक पत्रकार और शायर पर कथित रूप से जानलेवा हमला कर दिया गया। 8 फरवरी 2026 की देर रात जम जम मार्केट में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के नामवर शायर शामिल हुए थे। कार्यक्रम शांतिपूर्वक चल रहा था और श्रोता शायरी का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक माहौल बिगड़ गया।

    बताया गया है कि कार्यक्रम में बतौर शायर आमंत्रित अबूबकर जिया, जो पेशे से पत्रकार भी हैं, ने जब अपनी प्रस्तुति दी तो श्रोताओं ने उन्हें सराहा। इसी दौरान रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच 25 से 30 लोगों का एक समूह मंच पर चढ़ आया। आरोप है कि इन लोगों ने कार्यक्रम रोकने की कोशिश की और आयोजकों से सवाल किया कि उन्हें सम्मान क्यों नहीं दिया गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंच पर पहुंचे कुछ लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान अबूबकर जिया को निशाना बनाया गया। उनके साथ धक्का मुक्की की गई, गला दबाने का प्रयास किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। स्थिति कुछ समय के लिए इतनी गंभीर हो गई कि वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसे हालात बन गए।

    पीड़ित का आरोप है कि हमले के दौरान उनकी जेब में रखे करीब 3200 रुपये नकद, प्रेस कार्ड, एक पेन और हाथ घड़ी भी छीन ली गई। साथ ही उनके साथ मारपीट कर अपमानजनक व्यवहार किया गया। घटना ने कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाई और शहर में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए।

    मौके पर मौजूद कुछ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। जिला सदर और पार्षद रियाजुद्दीन, पार्षद वारिस चौबे, पार्षद असलम, पार्षद शकील वक्त, पार्षद पति अदीब बावा, एडवोकेट शाहरुख मिर्जा और पत्रकार रईस खान सहित अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर अबूबकर जिया को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें पीछे के रास्ते से कार्यक्रम स्थल से हटाया गया।

    घटना के बाद अबूबकर जिया ने थाना कोतवाली खरगोन में आवेदन देकर संबंधित लोगों के खिलाफ लूट, मारपीट, जानलेवा हमले और गाली गलौज की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।इस घटना ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार की हिंसक घटना से शहर के बुद्धिजीवी और साहित्य प्रेमी आहत हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • दतिया में नाबालिग की शादी पर प्रशासन का शिकंजा: बारात का पीछा कर किया रेस्क्यू, टेंट-डीजे-हलवाई पर भी FIR

    दतिया में नाबालिग की शादी पर प्रशासन का शिकंजा: बारात का पीछा कर किया रेस्क्यू, टेंट-डीजे-हलवाई पर भी FIR


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया जिले में बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती का परिचय दिया है। ग्राम खटोला में एक नाबालिग बालिका का विवाह संपन्न होने और विदाई की तैयारी की गुप्त सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल बालिका को रेस्क्यू किया गया बल्कि विवाह में सहयोग करने वाले टेंट हाउस डीजे और हलवाई संचालकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    जानकारी के अनुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय को सूचना मिली थी कि गांव में नाबालिग लड़की की शादी कर दी गई है और विदाई की रस्म पूरी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत दतिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनीत त्रिपाठी और थाना उनाव की पुलिस टीम संयुक्त रूप से मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक विदाई हो चुकी थी और बारात रवाना हो चुकी थी।

    प्रशासनिक टीम ने बिना समय गंवाए विदाई के काफिले का पीछा किया। रास्ते में घेराबंदी कर लौटती बारात को रोका गया और दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में बालिका की उम्र कानूनी विवाह आयु से कम पाई गई। इसके बाद बालिका को तत्काल रेस्क्यू कर थाना उनाव लाया गया जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई।

    कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बार कार्रवाई का दायरा केवल परिजनों तक सीमित नहीं रखा गया बल्कि विवाह आयोजन में सहयोग देने वाले सभी पक्षों को भी जिम्मेदार माना गया है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत विवाह में भोजन बनाने वाले हलवाई पंडाल लगाने वाले टेंट संचालक और डीजे मालिक के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

    कलेक्टर ने जिले के सभी टेंट हाउस संचालकों हलवाइयों डीजे ऑपरेटरों और पंडितों को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने निर्देशित किया है कि भविष्य में किसी भी शादी की बुकिंग लेने से पहले वर-वधू के आयु संबंधी प्रमाण पत्र जैसे जन्म प्रमाण पत्र या अंकसूची का सत्यापन अनिवार्य रूप से करें। यदि किसी आयोजन में नाबालिग की शादी पाई गई तो सेवा प्रदाताओं को भी कानूनी कार्रवाई और जेल का सामना करना पड़ेगा।

    प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से जिले में स्पष्ट संदेश गया है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की है कि ऐसी किसी भी सूचना को तत्काल प्रशासन तक पहुंचाएं ताकि समय रहते बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

  • सीहोर में बिजली चोरी पकड़ते ही भड़का उपभोक्ता, स्मार्ट मीटर उखाड़कर तोड़ा; विभागीय टीम से बदसलूकी का वीडियो वायरल

    सीहोर में बिजली चोरी पकड़ते ही भड़का उपभोक्ता, स्मार्ट मीटर उखाड़कर तोड़ा; विभागीय टीम से बदसलूकी का वीडियो वायरल


    सीहोर । मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। रूटीन चेकिंग के दौरान जब टीम ने एक उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करते पकड़ा तो आरोपी ने आपा खो दिया और साक्ष्य मिटाने के इरादे से मीटर ही उखाड़कर फेंक दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग की टीम क्षेत्र में स्मार्ट मीटर की निगरानी और नियमित जांच के लिए पहुंची थी। इसी दौरान एक मकान में लगे स्मार्ट मीटर में संदिग्ध गतिविधि पाई गई। तकनीकी जांच में मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से बिजली उपयोग करने के संकेत मिले। टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की संबंधित उपभोक्ता भड़क उठा।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी ने पहले टीम की कार्रवाई का विरोध किया और फिर दीवार पर लगे स्मार्ट मीटर को जबरन उखाड़कर जमीन पर पटक दिया जिससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि यह कदम कथित रूप से चोरी के साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उठाया गया। इसके बाद आरोपी ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें ड्यूटी करने से रोकने की कोशिश की।

    घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। वायरल वीडियो में आरोपी को आक्रामक रवैये में देखा जा सकता है जबकि विभागीय कर्मचारी स्थिति संभालने का प्रयास करते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

    विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर सरकारी संपत्ति है और उसे नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और कार्य में बाधा डालना भी दंडनीय है। विभाग द्वारा संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ बिजली अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी तरह की दबंगई या विरोध के बावजूद कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं स्थानीय पुलिस से भी संपर्क कर मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि बिजली चोरी रोकने की कार्रवाई के दौरान विभागीय कर्मचारियों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।