Category: Madhya Pradesh

  • भारत-EU ट्रेड डील अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर', राज्यों को मिलेगा समृद्धि का नया मार्ग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    भारत-EU ट्रेड डील अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर', राज्यों को मिलेगा समृद्धि का नया मार्ग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और यूरोपियन यूनियन बीच हुए ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते न्यू ट्रेड डील का पुरजोर स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को मीडिया को जारी एक विशेष संदेश में इस समझौते को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह ‘न्यू ट्रेड डील’ न केवल देश के निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि इसका सीधा और सकारात्मक लाभ राज्यों की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा।

    आयात में कमी और निर्यात में आएगी क्रांति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समझौते की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत के लिए अपने आयात को नियंत्रित करना और स्वदेशी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। यूरोपियन यूनियन के साथ हुई यह डील इसी दिशा में एक प्रभावी कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस समझौते से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय वस्तुओं की पहुंच सुगम होगी, जिससे देश के भीतर वस्तुओं की कीमतों में कमी आएगी और आम जनता के लिए उत्पाद सस्ते होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह डील हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था को वह मजबूती प्रदान करेगी, जिसकी कल्पना प्रधानमंत्री मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प में की गई है।

    विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी की ओर बढ़ते कदम वैश्विक कूटनीति और आर्थिक उतार-चढ़ाव का जिक्र करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि आज जब दुनिया के कई विकसित देशों में आर्थिक अस्थिरता का वातावरण बना हुआ है, तब प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने डेढ़ अरब की आबादी वाले भारत को एक सुरक्षित और विकासशील आर्थिक धुरी के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अब विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर है और यूरोपियन यूनियन के साथ व्यापारिक संबंधों का यह नया अध्याय इस लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्प्रेरक का कार्य करेगा।

    राज्यों के लिए विकास के नए द्वार मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस ट्रेड डील का लाभ केवल केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग और हस्तशिल्प क्षेत्रों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा। निर्यात की नई संभावनाओं से राज्यों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय राजस्व में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ऐतिहासिक कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए इसे ‘समृद्ध भारत’ की दिशा में एक निर्णायक प्रहार बताया।

  • भोपाल में नाली का पानी भी ‘शुद्ध’! जल सुनवाई में निगम की बड़ी लापरवाही, 6 वार्ड में चौंकाने वाला रियलिटी चेक

    भोपाल में नाली का पानी भी ‘शुद्ध’! जल सुनवाई में निगम की बड़ी लापरवाही, 6 वार्ड में चौंकाने वाला रियलिटी चेक


    भोपाल। भोपाल में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर एक हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई है। नगर निगम की जल सुनवाई के दौरान नाली के गंदे पानी को भी महज 15 सेकंड की जांच में ‘पीने लायक’ बता दिया गया। यह दावा किसी आम व्यक्ति का नहीं, बल्कि खुद निगम के अमले का है। एक चर्चित मीडिया संस्थान की टीम ने भोपाल के 6 वार्ड कार्यालयों में जाकर जल सुनवाई का रियलिटी चेक किया, जहां हालात बेहद चिंताजनक नजर आए।

    टीम जब अलग-अलग वार्ड दफ्तरों में पहुंची तो सामने आया कि पानी की जांच प्रशिक्षित विशेषज्ञों की बजाय टाइम कीपर, प्यून और डेली वेज कर्मचारी कर रहे हैं। अधिकांश जगहों पर सिर्फ क्लोरीन टेस्ट कर पानी को ‘शुद्ध’ घोषित कर दिया गया, जबकि पानी से बदबू आ रही थी और वह साफ तौर पर नाली से लिया गया था।

    वार्ड 70: नाली के पानी को 15 सेकंड में क्लीन चिट
    पंजाबी बाग स्थित वार्ड 70 कार्यालय में निगम कर्मचारी ने नाली से लाए गए पानी की सिर्फ क्लोरीन जांच की और उसे पीने योग्य बता दिया। हैरानी की बात यह रही कि पानी में बदबू थी, फिर भी उसे सुरक्षित करार दिया गया।

    वार्ड 44: टाइम कीपर कर रहा जांच, क्लोरीन को बताया कैल्शियम
    सुभाष नगर वार्ड में टाइम कीपर और श्रमिक पानी की जांच करते मिले। एक स्थानीय निवासी ने बदबूदार और मटमैले पानी की शिकायत की, लेकिन कर्मचारियों ने सिर्फ क्लोरीन टेस्ट कर पानी को सही बता दिया। जब सवाल उठाया गया तो जवाब मिलायहीं तक जांच होती है।

    वार्ड 60: नाली का पानी ‘पीने लायक’, सच सामने आया तो बचते दिखे कर्मचारी
    अवधपुरी वार्ड में भी नाली के पानी को क्लीन चिट दी गई। जब कर्मचारियों को बताया गया कि यह नाली का पानी है, तो वे खुद उसे पीने से कतराने लगे। एक कर्मचारी ने यहां तक कहा कि अगर नाली का न पता होता तो पी लेता।

    जल सुनवाई की जरूरत क्यों पड़ी?
    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 28 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशभर में हर मंगलवार जल सुनवाई के आदेश दिए थे। निर्देशों में पानी की गुणवत्ता जांच के लिए 11 पैरामीटर (रंग, स्वाद, पीएच, हार्डनेस, टीडीएस आदि) और ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया टेस्ट शामिल हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा।

    शिकायतें बहुत, सुनवाई नाम मात्र
    प्रेम नगर, भेल, करोंद और अयोध्या एक्सटेंशन जैसे इलाकों में गंदे पानी की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कहीं पाइपलाइन सीवेज से गुजर रही है तो कहीं टंकियां महीनों से साफ नहीं हुईं, लेकिन जल सुनवाई में सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है।

    एक्सपर्ट्स की चेतावनी
    विशेषज्ञों का कहना है कि पेयजल की जांच केवल प्रशिक्षित केमिस्ट या लैब असिस्टेंट ही कर सकते हैं। इस काम में टाइम कीपर, प्यून या सुपरवाइजर को लगाना जनता की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ है और भविष्य में बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा कर सकता है। कुल मिलाकर, भोपाल की जल सुनवाई फिलहाल कागजी साबित हो रही है, जहां नाली का पानी भी पीने लायक घोषित किया जा रहा है। अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो हालात गंभीर हो सकते हैं।

  • स्वास्थ्य सेवाओं में 'सुपरफास्ट' बदलाव: डिप्टी सीएम ने दिए विशेषज्ञों की भर्ती और नए मेडिकल कॉलेजों के समय पर संचालन के निर्देश

    स्वास्थ्य सेवाओं में 'सुपरफास्ट' बदलाव: डिप्टी सीएम ने दिए विशेषज्ञों की भर्ती और नए मेडिकल कॉलेजों के समय पर संचालन के निर्देश

    भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुधारने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की हर स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए ताकि मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

    विशेषज्ञों की कमी होगी दूर डिप्टी सीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट’ के रूप में सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 1377 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया में से 500 विशेषज्ञों की सूची प्राप्त हो चुकी है, जिनकी नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सीधा लाभ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में मिलेगा। साथ ही, नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती में आ रही प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करने के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश भी सामान्य प्रशासन विभाग को भेजे गए हैं।

    कैंसर उपचार और बुनियादी ढांचे का विस्तार प्रदेश के मरीजों को इलाज के लिए बाहर न भटकना पड़े, इसके लिए ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए गए हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि अधोसंरचना विकास और अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता समय-सीमा में सुनिश्चित की जाए।

    तीन नए मेडिकल कॉलेजों का आगाज उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बुधनी, छतरपुर और दमोह में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का संचालन आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रस्तावित है। इसके लिए नेशनल मेडिकल कमीशन के मापदंडों के अनुसार फर्नीचर उपकरण और शैक्षणिक मैनपावर की भर्ती का कार्य पूर्ति चरण में है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण किसी भी निर्माण कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सीएम-डे केयर योजना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन के लिए बजट उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

  • नरसिंहपुर में तेज रफ्तार का कहर: अनियंत्रित होकर पलटी कार, चार दोस्त गंभीर रूप से घायल

    नरसिंहपुर में तेज रफ्तार का कहर: अनियंत्रित होकर पलटी कार, चार दोस्त गंभीर रूप से घायल


    नरसिंहपुर । शहर के बायपास रोड स्थित महर्षि स्कूल के पास सोमवार की रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर कई बार पलट गई। हादसे के वक्त कार में चार किशोर सवार थे, जो इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को कार से बाहर निकाला और तत्काल जिला अस्पताल पहुँचाया।

    घायलों का उपचार और स्थिति हादसे में घायल किशोरों की पहचान कृष्णा तिवारी, अंश दुबे, सहज राजपूत और अर्णव जाट के रूप में हुई है। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान दो किशोरों की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई। डॉक्टरों ने तत्काल उनका सीटी स्कैन कराने के बाद बेहतर इलाज और न्यूरो केयर की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें लक्ष्मी नारायण अस्पताल रेफर कर दिया है। शेष दो घायलों का उपचार जिला अस्पताल में ही जारी है। राहत की बात यह है कि ताजा अपडेट के अनुसार फिलहाल चारों की स्थिति स्थिर बनी हुई है।

    जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मामले को संज्ञान में ले लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार अधिक थी, जिसके कारण चालक मोड़ पर संतुलन खो बैठा। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या दुर्घटना तकनीकी खराबी की वजह से हुई या फिर मानवीय लापरवाही इसका मुख्य कारण थी। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। बायपास रोड पर बढ़ते हादसों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यहाँ सुरक्षा संकेतक लगाने की मांग भी की है।

  • पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा विदिशा का उदयपुर: सरकार ने दी 'विरासत गांव' की सौगात, चार प्राचीन धरोहरें राज्य संरक्षित घोषित

    पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा विदिशा का उदयपुर: सरकार ने दी 'विरासत गांव' की सौगात, चार प्राचीन धरोहरें राज्य संरक्षित घोषित


    विदिशा । मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत में अब एक और सुनहरा अध्याय जुड़ने जा रहा है। विदिशा जिले की गंजबसौदा तहसील में स्थित ऐतिहासिक गांव ‘उदयपुर’ को मध्य प्रदेश सरकार ने ‘विरासत गांव  के तौर पर विकसित करने का बड़ा फैसला लिया है। यह कदम न केवल इस प्राचीन क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित करेगा, बल्कि इसे देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों की सूची में भी अग्रणी स्थान दिलाएगा।

    उदयपुर अपनी भव्य स्थापत्य कला और समृद्ध इतिहास के लिए दुनिया भर के पुरातत्व प्रेमियों के बीच प्रसिद्ध है। यहाँ का भव्य ‘नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर’ पहले से ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित राष्ट्रीय स्मारक है। अब इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय ने गांव की चार अन्य महत्वपूर्ण धरोहरों को ‘राज्य संरक्षित स्मारक’ के रूप में अधिसूचित कर दिया है। सरकार की इस योजना के तहत उदयसागर तालाब, प्राचीन गणेश मंदिर और ऐतिहासिक बावड़ी जैसे स्थलों का विशेष जीर्णोद्धार और संरक्षण किया जाएगा।

    विरासत गांव के तौर पर विकसित होने से यहाँ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य यहाँ आने वाले पर्यटकों को मध्य प्रदेश की पौराणिक और शिवकालीन वास्तुकला से रूबरू कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि गंजबसौदा के उदयपुर में वो तमाम खूबियाँ मौजूद हैं जो इसे खजुराहो या ओरछा जैसी पहचान दिला सकती हैं। संरक्षण की इस पहल से उदयपुर की प्राचीन गलियां, मंदिर और जल संरचनाएं एक बार फिर अपने पुराने वैभव को प्राप्त कर सकेंगी।

  • मसीहा बने डिप्टी सीएम: सड़क किनारे तड़प रहे घायल बालक के लिए रुकवाया काफिला, सरकारी वाहन से भेजा अस्पताल

    मसीहा बने डिप्टी सीएम: सड़क किनारे तड़प रहे घायल बालक के लिए रुकवाया काफिला, सरकारी वाहन से भेजा अस्पताल


    भोपाल। राजनीति के व्यस्त गलियारों के बीच मानवता की एक बेहद मार्मिक और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने एक सड़क दुर्घटना में घायल बालक की जान बचाकर संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की है। यह वाकया उस समय हुआ जब श्री शुक्ल सागर प्रवास से वापस भोपाल लौट रहे थे। विदिशा-भोपाल मार्ग पर जैसे ही उनकी नजर एक अचेत अवस्था में पड़े बालक पर पड़ी, उन्होंने बिना एक पल की देरी किए तत्काल अपना काफिला रुकवा दिया।

    घटनास्थल पर पहुँचकर उप मुख्यमंत्री ने देखा कि बालक अंकित कुमार यादव गंभीर रूप से घायल है और उसे तत्काल इलाज की आवश्यकता है। एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय श्री शुक्ल ने अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को किनारे रखा और अपने ही काफिले के ‘फॉलो वाहन’ से बालक को तुरंत निकटतम अस्पताल रवाना किया। इतना ही नहीं, उन्होंने स्वयं संबंधित जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और मेडिकल स्टाफ को फोन कर घायल बच्चे के उपचार के लिए विशेष निर्देश दिए।

    उप मुख्यमंत्री की इस तत्परता का सुखद परिणाम यह रहा कि बालक अंकित को ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज मिल सका। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण अब बालक का स्वास्थ्य स्थिर है और उसकी जान खतरे से बाहर है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम अब आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी कर रही है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उप मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की जा रही है, जो यह संदेश देता है कि पद और पावर से ऊपर किसी की जान बचाना सबसे बड़ा धर्म है।

  • MP मॉर्निंग न्यूज़: मोहन कैबिनेट की बड़ी बैठक, 100% सैलरी का तोहफा और 60 हजार करोड़ का बिजली प्रोजेक्ट

    MP मॉर्निंग न्यूज़: मोहन कैबिनेट की बड़ी बैठक, 100% सैलरी का तोहफा और 60 हजार करोड़ का बिजली प्रोजेक्ट


    भोपाल । कैबिनेट बैठक और कर्मचारियों को सौगात आज शाम 4 बजे मंत्रालय में होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। सबसे ज्यादा चर्चा सरकारी कर्मचारियों के 100% वेतन वाले प्रस्ताव पर है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार अब भर्ती के पहले साल से ही पूरा वेतन देने और प्रोबेशन पीरियड परिवीक्षा अवधि के पुराने नियमों को खत्म करने पर विचार कर रही है। यदि इस पर मुहर लगती है, तो हजारों नए कर्मचारियों का सालों का इंतजार खत्म होगा।

    बिजली सेक्टर में ऐतिहासिक कदम मुख्यमंत्री आज 4000 मेगावाट बिजली आपूर्ति के लिए एक बड़े एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे। अनूपपुर जिले में नए पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिसमें करीब 60,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश होगा। इससे न केवल 2030-31 तक राज्य की बिजली मांग पूरी होगी, बल्कि लगभग 8000 लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इसमें अडानी पावर और टोरेंट पावर जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

    खेलो एमपी यूथ गेम्स का रंगारंग शुभारंभ राजधानी भोपाल का टीटी नगर स्टेडियम आज शाम 630 बजे युवा ऊर्जा से सराबोर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का उद्घाटन करेंगे। समारोह में मशहूर गायक कैलाश खेर अपनी प्रस्तुति देंगे। 28 खेलों में प्रदेश भर के 1 लाख से अधिक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे, जो राज्य के खेल इतिहास में एक जनआंदोलन की तरह उभरा है।

    बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल आम जनता के लिए आज मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रविवार और गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद आज बैंक खुलने थे, लेकिन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की हड़ताल के कारण ताले नहीं खुलेंगे। बैंक कर्मचारी 5-डे वर्किंग हर शनिवार छुट्टी की मांग पर अड़े हैं। प्रदेश की 7000 से अधिक शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा, हालांकि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन जारी रहेंगे।

    सियासी हलचल दिल्ली में कांग्रेस की मंथन संगठन को मजबूत करने के लिए एमपी कांग्रेस के दिग्गज जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने दिल्ली में आलाकमान के साथ बैठक की। निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द जिला कार्यकारिणी का गठन किया जाए और निष्क्रिय जिलाध्यक्षों पर गाज गिर सकती है।

  • महाकाल के मस्तक पर सजा त्रिशूल: माघ शुक्ल नवमी पर बाबा का दिव्य भांग श्रृंगार, भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब

    महाकाल के मस्तक पर सजा त्रिशूल: माघ शुक्ल नवमी पर बाबा का दिव्य भांग श्रृंगार, भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब


    उज्जैन । धर्म और आस्था की नगरी उज्जैन में आज माघ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मंगलवार तड़के ठीक 4 बजे जब मंदिर के कपाट खोले गए, तो पूरा परिसर ‘जय महाकाल’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा को दिव्य स्नान कराया गया।

    आज की भस्म आरती विशेष थी क्योंकि बाबा महाकाल के मस्तक पर चंदन का त्रिपुंड और भांग से त्रिनेत्र बनाया गया, साथ ही त्रिशूल अर्पित कर उनका मनमोहक श्रृंगार किया गया। भस्म अर्पण की प्रक्रिया से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और विशेष मंत्रोच्चार के बीच भगवान का आह्वान हुआ। कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को सूती वस्त्र से ढांककर भस्म रमाई गई, जो श्रद्धालुओं के लिए किसी साक्षात ईश्वरीय अनुभव से कम नहीं था।

    श्रृंगार के अगले चरण में बाबा को शेषनाग का रजत मुकुट, मुण्डमाल और रुद्राक्ष की मालाएं धारण कराई गईं। सुगंधित पुष्पों और आभूषणों से सुसज्जित महाकाल के इस रूप को देख भक्त भाव-विभोर हो उठे। मंदिर के नंदी हॉल में विराजमान नंदी महाराज के कानों में अपनी मनोकामनाएं कहते श्रद्धालु आशीर्वाद मांगते नजर आए। भस्म आरती के दौरान उमड़े इस जनसैलाब ने यह सिद्ध कर दिया कि अवंतिका नगरी में महाकाल की महिमा अपरंपार है। इस भव्य आरती के साथ ही मंदिर में मंगलवार के अन्य विशेष अनुष्ठानों की शुरुआत हुई।

  • MP में कुदरत के दोहरे तेवर: कड़ाके की ठंड के बीच 28 जिलों में बारिश का अलर्ट, 4.9 डिग्री तक लुढ़का पारा

    MP में कुदरत के दोहरे तेवर: कड़ाके की ठंड के बीच 28 जिलों में बारिश का अलर्ट, 4.9 डिग्री तक लुढ़का पारा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इस समय कुदरत के दोहरे तेवर देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां कोहरे और शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया हैवहीं दूसरी तरफ अब बारिश की दस्तक ने ठंड की तीव्रता को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, प्रदेश के ऊपर इस समय साइक्लोनिक सर्कुलेशन चक्रवातीय परिसंचरण और एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। इस सिस्टम के प्रभाव से अगले दो दिन यानी 27 और 28 जनवरी को प्रदेश के 28 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

    मौसम के इस बदले मिजाज के कारण तापमान में 4.9 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा संभाग समेत कई इलाकों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कड़ाके की ठंड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजगढ़ में पारा गिरकर 6.6 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि दतिया, शिवपुरी और पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थलों में भी रात का तापमान 8 डिग्री के आसपास बना हुआ है। ग्वालियर में पारा 7.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जिससे उत्तर मध्य प्रदेश में कंपकंपी बढ़ गई है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 30 जनवरी को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से न केवल जनवरी के अंतिम दिन बल्कि फरवरी की शुरुआत भी बारिश और बूंदाबांदी के साथ हो सकती है। बारिश होने के कारण रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट आने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में ठंड का अहसास और ज्यादा तीखा होगा।

    इन इलाकों में रहें सावधान आज यानी 27 जनवरी को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड, मुरैना और सागर जैसे संभागों में बारिश का येलो अलर्ट है। वहीं कल 28 जनवरी को पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों जैसे जबलपुर, शहडोल, सीधी, रीवा और कटनी में पानी गिरने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • शहडोल में बेखौफ अपराधी: देवलौंद में ASI पर हमला, खाकी पर लगातार वार से कानून-व्यवस्था तार-तार

    शहडोल में बेखौफ अपराधी: देवलौंद में ASI पर हमला, खाकी पर लगातार वार से कानून-व्यवस्था तार-तार


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। जिले में लगातार पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की बढ़ती घटनाएं यह साफ कर रही हैं कि अपराधियों के मन से वर्दी का खौफ खत्म होता जा रहा है। ताजा सनसनीखेज मामला देवलौंद थाना क्षेत्र का है जहाँ बाणसागर बाजार में एक ज्वेलरी शॉप को लेकर हुए आपसी विवाद को सुलझाने गए सहायक उप निरीक्षक ASI महेश झा पर सरेआम हमला कर दिया गया।

    घटना के वक्त एएसआई महेश झा दोनों पक्षों को समझाइश देकर शांति व्यवस्था कायम करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन तभी मौके पर मौजूद सुनील सोनी नामक व्यक्ति ने अपना आपा खो दिया और ड्यूटी पर तैनात अधिकारी पर हमला बोल दिया। इस झड़प में पुलिसकर्मी को चोटें आई हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील सोनी को हिरासत में ले लिया है और उस पर शासकीय कार्य में बाधा डालने व जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। हालांकि आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर ही पलटवार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।

    हैरानी की बात यह है कि शहडोल में पुलिस पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम पर नजर डालें तो हाल ही में बस स्टैंड पर ड्यूटी कर रहे महेश पाठक को एक बस ने कुचल दिया था वहीं ब्यौहारी में विवाद सुलझाने गए प्रधान आरक्षक और आरक्षक के साथ बस मालिकों द्वारा अभद्रता की गई थी। इसके साथ ही पुलिस लाइन में एक आरक्षक द्वारा सुसाइड की घटना ने विभाग के अंदरूनी तनाव और बाहरी चुनौतियों को उजागर कर दिया है।

    जिले में कानून की रक्षा करने वालों पर हो रहे इन हमलों ने आम जनता के मन में असुरक्षा का भाव भर दिया है। जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या होगा? फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी इस मामले को और गंभीर बना रही है। क्या यह हमलों का सिलसिला पुलिस की नरम कार्यप्रणाली का नतीजा है या प्रशासनिक ढिलाई का? यह एक बड़ा सवाल है।