Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल में सड़क सुधार के बीच बड़ा संकट: ज्योति कॉम्प्लेक्स की दुकानों में भरा सीवेज, लगा जाम

    भोपाल में सड़क सुधार के बीच बड़ा संकट: ज्योति कॉम्प्लेक्स की दुकानों में भरा सीवेज, लगा जाम


    भोपाल भोपाल के व्यस्त एमपी नगर इलाके में स्थित ज्योति टॉकीज चौराहे के पास धंसी सड़क की मरम्मत का काम शुरू होते ही बुधवार को बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। सीवेज लाइन के काम के दौरान नाले का पानी बंद किए जाने से ज्योति कॉम्प्लेक्स की करीब 150 दुकानों में गंदा पानी भर गया, जिससे व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बदबूदार पानी अचानक बेसमेंट और दुकानों में घुसने से दुकानदारों को दुकानें छोड़कर बाहर आना पड़ा।

    स्थिति बिगड़ती देख आक्रोशित व्यापारियों ने ज्योति टॉकीज से बोर्ड ऑफिस जाने वाले एकमात्र रास्ते को कुछ समय के लिए बंद कर दिया। पहले से ही बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज की ओर आने वाला मार्ग सड़क मरम्मत के कारण बंद है, ऐसे में दोनों तरफ से रास्ते बाधित होने से इलाके में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। चेतक ब्रिज, एमपी नगर जोन-1 और जोन-2 से आने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और लोगों को लगभग दो किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।

    दरअसल, सड़क मरम्मत के दौरान पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने नाले का पानी बंद कर दिया था। इससे सीवेज लाइन पर दबाव बढ़ गया और पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। देखते ही देखते चेंबर ओवरफ्लो हो गए और गंदा पानी सीधे कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में भरने लगा। ज्योति कॉम्प्लेक्स में कई मोबाइल और अन्य व्यापारिक दुकानें बेसमेंट में संचालित होती हैं, इसलिए व्यापारियों को बड़ा नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और टैंकरों की मदद से बेसमेंट में भरे गंदे पानी को बाहर निकालने का काम शुरू किया। देर रात तक मरम्मत और सफाई का काम चलता रहा। गुरुवार को ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नगर निगम की टीम पूरे दिन मौके पर नजर रखेगी।

    वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस ने इलाके में ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया है, ताकि मरम्मत कार्य के दौरान यातायात प्रभावित न हो। अधिकारियों का कहना है कि सड़क और सीवेज लाइन को स्थायी रूप से ठीक करने के लिए यह काम किया जा रहा है।

    गौरतलब है कि पिछले साल भारी बारिश के दौरान एमपी नगर की इसी मुख्य सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया था। उस समय सड़क पर करीब 8 फीट गहरा और लगभग 10 फीट चौड़ा गड्ढा बन गया था, जिसमें एक कार तक समा सकती थी। तब अस्थायी मरम्मत कराई गई थी, लेकिन बाद में पीडब्ल्यूडी ने पूरे हिस्से को मजबूती से दोबारा बनाने का फैसला किया। कई बार टेंडर प्रक्रिया के बाद अब जाकर सड़क सुधार का काम शुरू हुआ है।

  • एमपी में गर्मी ने दिखाए तेवर, 40 डिग्री सेल्सियस पहुंचा पारा, भोपाल-इंदौर-उज्जैन में बढ़ी गर्मी

    एमपी में गर्मी ने दिखाए तेवर, 40 डिग्री सेल्सियस पहुंचा पारा, भोपाल-इंदौर-उज्जैन में बढ़ी गर्मी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेजी से असर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को इस सीजन में पहली बार प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रतलाम सबसे गर्म शहर रहा। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई बड़े शहरों में भी गर्मी के तेवर तेज दिखाई दिए।

    मौसम विभाग के अनुसार, तेज गर्मी के बीच 14 और 15 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है। इन दिनों बारिश, बादल छाने और गरज-चमक की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के प्रभाव के कारण विभाग ने दो दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है।

    बुधवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्मी का असर देखने को मिला। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर और उज्जैन में 37.7 डिग्री, भोपाल में 36.4 डिग्री तथा जबलपुर में 36.5 डिग्री तापमान रहा।

    अन्य शहरों में भी पारा तेजी से बढ़ा। रतलाम में तापमान 40 डिग्री दर्ज किया गया। नर्मदापुरम में 39.9 डिग्री, धार में 39.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 38.4 डिग्री, खजुराहो में 38.2 डिग्री और गुना में 38.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा दमोह, मंडला, उमरिया, सागर, खरगोन, खंडवा और श्योपुर में भी अधिकतम तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक रहा। मार्च में पहली बार इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया है।

    दूसरे सप्ताह से तेज हुई गर्मी
    प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह से ही गर्मी का असर बढ़ने लगा है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और इंदौर संभाग के शहरों में तापमान अधिक दर्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी इन क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। हवा में नमी कम है और यह रेगिस्तानी इलाकों से होकर मध्य प्रदेश तक पहुंच रही है, जिससे गर्मी बढ़ रही है।

    इन जिलों में बदलेगा मौसम
    14 मार्च: ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, मुरैना, श्योपुर और भिंड।
    15 मार्च: ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम और बैतूल।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार अप्रैल और मई में प्रदेश में हीट वेव यानी लू चलने की संभावना है। अनुमान है कि करीब 15 से 20 दिन तक लू का असर रह सकता है। आमतौर पर पिछले 10 वर्षों में 15 मार्च के बाद गर्मी तेज होती थी, लेकिन इस बार मार्च की शुरुआत में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

  • ग्वालियर में बेटे ने पिता और बेटी को बेरहमी से पीटा, गृहस्थी का सामान महिला मित्र के घर ले गया

    ग्वालियर में बेटे ने पिता और बेटी को बेरहमी से पीटा, गृहस्थी का सामान महिला मित्र के घर ले गया



    ग्वालियर । ग्वालियर की पुरानी छावनी बाथम मोहल्ला में एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 72 वर्षीय रामदास तोमर और उनकी बेटी मोहिनी तोमर अपने ही बेटे राजेश तोमर की हिंसक हरकतों का शिकार बन गए। आरोप है कि राजेश ने अपनी महिला मित्र रेखा बाथम के लिए पूरे परिवार और गृहस्थी को जोखिम में डालते हुए घर से सभी कीमती सामान अपने साथ ले लिया और पिता-पुत्री को जमकर पीटा।

    रामदास तोमर ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उनका बेटा राजेश शराब पीने का आदी बन चुका है और अक्सर घर में मारपीट करता है। उनकी बहू और बच्चों के साथ भी वह अक्सर मारपीट करता था। इस बार राजेश ने परिवार की गैरमौजूदगी में घर से पूरे गृहस्थी का सामान निकाल लिया। जब रामदास और उनकी बेटी मोहिनी सामान लेने उनके घर गए, तो राजेश ने उन्हें पीटा। इस दौरान उसकी महिला मित्र रेखा बाथम ने भी बेटी पर हमला किया। घटना के बाद पिता-पुत्री को मानसिक और शारीरिक चोटें आईं, और उन्हें स्थानीय पुलिस के पास शिकायत दर्ज करानी पड़ी।

    पुलिस ने बताया कि रेखा बाथम बाथम मोहल्ला में रहती है और राजेश उसका टेंपो चलाता है। घटना के समय रेखा के बच्चे और परिवार अपने गांव गए हुए थे, जिससे राजेश को मौका मिला और उसने रात के समय घर से दो बार सामान भरकर ले गया। केवल एक ड्रम और टब जैसी कुछ वस्तुएं छोड़ दी गईं।

    रामदास ने बताया कि राजेश की महिला मित्र के लिए अति लगाव ने उसे परिवार और जिम्मेदारियों से दूर कर दिया। अपने पिता और बेटी के साथ हिंसा करने के बाद राजेश ने गृहस्थी का सामान अपने प्रेम संबंध के घर पहुंचा दिया। पुलिस ने कहा कि इस मामले में पिता की शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है और आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

    पुरानी छावनी थाना पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी और उसकी महिला मित्र की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साथ ही, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी है ताकि परिवार और समाज दोनों सुरक्षित रह सकें।

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना परिवारिक संबंधों में आए तनाव, अविवेकपूर्ण संबंध और व्यक्तिगत लालच का एक गंभीर उदाहरण है। इसके साथ ही यह समाज और समुदाय के लिए चेतावनी भी है कि अविवेकपूर्ण निर्णय और गलत संगति किस हद तक हिंसा और पारिवारिक विवाद में बदल सकते हैं।

  • भोपाल में निगम की सख्ती: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालिका के खिलाफ कार्रवाई

    भोपाल में निगम की सख्ती: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालिका के खिलाफ कार्रवाई



    नई दिल्ली। भोपाल नगर निगम ने कल्पना नगर स्थित कम्यूनिटी हॉल को लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। निगम को कॉलोनीवासियों द्वारा सूचना मिली थी कि इस भवन में अवैध रूप से मदरसा संचालित किया जा रहा है। शिकायत के बाद नगर निगम के जोन 15 के अमले और अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वार्ड 64 में स्थित कम्यूनिटी हॉल को खाली कराया।

    निगम अधिकारियों के अनुसार, कम्यूनिटी हॉल में मदरसा संचालित होने की जानकारी मिलने पर जोनल अधिकारी ठाकुर सिंह ने संचालिका रूशदा सुल्तान को पहले नोटिस जारी किया था। नोटिस के बावजूद मदरसा संचालिका ने भवन खाली नहीं किया, जिसके बाद बुधवार को निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाया और कम्यूनिटी हॉल को कब्जे से मुक्त करवा दिया।

    नगर निगम की इस कार्रवाई से कॉलोनीवासियों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों का कहना है कि निगम ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं देगा और शहर में किसी भी सरकारी या सार्वजनिक भवन पर अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    निगम की यह कार्रवाई न केवल अवैध कब्जों को समाप्त करने के लिए बल्कि सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण और कानूनी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भविष्य में भी निगम ऐसे मामलों पर सतर्कता बनाए रखेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।

    इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि भोपाल नगर निगम शहर में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

  • भोपाल संभाग में डेवलपमेंट प्लान पर एसीएस की बैठक: पानी की समस्या और नगरीय विकास पर जोर, विधायकों ने ग्रीष्मकालीन पानी संकट उजागर किया

    भोपाल संभाग में डेवलपमेंट प्लान पर एसीएस की बैठक: पानी की समस्या और नगरीय विकास पर जोर, विधायकों ने ग्रीष्मकालीन पानी संकट उजागर किया


    भोपाल। भोपाल संभाग की विकास योजनाओं और शासकीय नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय कुमार शुक्ला ने बुधवार को कमिश्नर ऑफिस में अहम बैठक की। बैठक में संभाग के विभिन्न जिलों से जुड़े कलेक्टर, जिपं सीईओ और विधायकों ने हिस्सा लिया। मुख्य चर्चा का केंद्र पानी से जुड़े मुद्दे, पेयजल आपूर्ति, अधोसंरचना विकास और स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग रहा।

    बैठक में भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधायक भगवानदास सबनानी, सांची विधायक प्रभुराम चौधरी, शमशाबाद विधायक सूर्यप्रकाश मीणा, नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा और बैरसिया विधायक विष्णु खत्री उपस्थित रहे। अन्य जिलों के विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

    एसीएस शुक्ला ने पानी आपूर्ति, नल-जल योजना और जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में नागरिकों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि समूह पेयजल योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करना प्राथमिकता होनी चाहिए। शुक्ला ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों और विधायकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें और उनके द्वारा उठाए गए स्थानीय मुद्दों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

    स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हुए शुक्ला ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और आंगनवाड़ियों की संचालन मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए। किसी भी कमी या अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

    अधोसंरचना और नगरीय विकास के तहत, उन्होंने अमृत-2.0 योजना के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण होने के बाद सड़कों और सार्वजनिक ढांचों को जीर्ण-शीर्ण अवस्था में न छोड़ा जाए। शहरों की बाहरी सीमाओं पर बहुद्देश्यीय विकास परियोजनाओं का निर्माण समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि शहरी विकास नियोजित रूप में हो।

    बैठक में दोहरा प्रभार वाले अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि वे संबंधित कार्यस्थलों पर नियमित समीक्षा के लिए उपस्थित रहें और किसी प्रकार की बाधा रोकें। साथ ही, बांधों और अधिग्रहीत भूमि का शीघ्र नामांतरण संबंधित विभागों के नाम करने के निर्देश भी दिए गए।

    एसीएस शुक्ला ने स्पष्ट किया कि शहरों के विकास और नागरिक सुविधाओं के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय अनिवार्य है। बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

  • भोपाल में निगम की सख्त कार्रवाई: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालन की शिकायत पर भवन कराया खाली

    भोपाल में निगम की सख्त कार्रवाई: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालन की शिकायत पर भवन कराया खाली


    भोपाल। भोपाल नगर निगम ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कल्पना नगर स्थित एक कम्यूनिटी हॉल को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई कॉलोनीवासियों की शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सामुदायिक उपयोग के लिए बने इस भवन पर कब्जा कर वहां मदरसे का संचालन किया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार यह मामला वार्ड क्रमांक 64 के कल्पना नगर इलाके का है, जहां लंबे समय से कम्यूनिटी हॉल में निजी गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम को लिखित शिकायत देकर बताया था कि जिस भवन का उपयोग क्षेत्र के सामाजिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों के लिए होना चाहिए, वहां अवैध रूप से मदरसा चलाया जा रहा है, जिससे कॉलोनीवासियों को असुविधा हो रही है।

    शिकायत मिलने के बाद नगर निगम के जोन क्रमांक 15 के अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद संबंधित संचालिका को भवन खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। जोनल अधिकारी ठाकुर सिंह की ओर से संचालिका रूशदा सुल्तान को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कम्यूनिटी हॉल से तत्काल सामान हटाकर भवन खाली कर दिया जाए।

    हालांकि तय समय सीमा बीतने के बाद भी जब भवन खाली नहीं किया गया तो निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। बुधवार को अतिक्रमण निरोधक दस्ते और जोन क्रमांक 15 के अमले ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने कम्यूनिटी हॉल में रखा सामान हटवाया और भवन को पूरी तरह खाली कराकर नगर निगम के कब्जे में ले लिया।

    कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सामुदायिक भवनों का उपयोग केवल सार्वजनिक और सामाजिक कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन भवनों का निजी उपयोग करती पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों की लगातार निगरानी की जा रही है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। निगम ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे अन्य मामलों की भी जांच कर सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि सामुदायिक भवनों का उपयोग उनके वास्तविक उद्देश्य के अनुसार ही हो सके।

  • महाकुंभ की ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा ने बॉयफ्रेंड फरमान से रचाई शादी: केरल मंदिर में लिए फेरे, परिवार से खतरे के चलते पुलिस से मांगी सुरक्षा

    महाकुंभ की ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा ने बॉयफ्रेंड फरमान से रचाई शादी: केरल मंदिर में लिए फेरे, परिवार से खतरे के चलते पुलिस से मांगी सुरक्षा


    नई दिल्ली। महाकुंभ 2025 में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुई मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली युवती मोनालिसा भोंसले एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनकी निजी जिंदगी को लेकर है। मोनालिसा ने केरल में अपने बॉयफ्रेंड फरमान खान के साथ मंदिर में शादी कर ली है। शादी से पहले दोनों तिरुवनंतपुरम के थंपानूर पुलिस स्टेशन पहुंचे और सुरक्षा की मांग की। मोनालिसा ने पुलिस को बताया कि वह बालिग हैं और अपनी मर्जी से फरमान के साथ शादी कर रही हैं, लेकिन उन्हें अपने परिवार से खतरा है, खासकर पिता जबरन उन्हें वापस घर ले जाना चाहते हैं।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों ने बयान दिया कि वे पिछले कुछ महीनों से एक-दूसरे को जानते हैं और अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं। इसके बाद दोनों ने मंदिर में सादगी से शादी कर ली। बताया जा रहा है कि मोनालिसा इन दिनों अपनी डेब्यू फिल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर” की शूटिंग के सिलसिले में केरल आई हुई थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात फरमान खान से हुई। दोनों फिल्म से जुड़े काम के दौरान करीब आए और दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। फरमान खान के मुताबिक शुरुआत में उन्होंने रिश्ते को लेकर हिचक दिखाई थी, लेकिन बाद में दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और शादी करने का फैसला कर लिया।

    मोनालिसा ने बताया कि उनके परिवार वाले गांव में ही किसी अन्य व्यक्ति से उनकी शादी कराना चाहते थे, जो उन्हें मंजूर नहीं था। इसी वजह से उन्होंने अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी दबाव में नहीं हैं और अपनी इच्छा से फरमान के साथ नई जिंदगी शुरू कर रही हैं।

    हालांकि इस शादी के बाद विवाद भी खड़ा हो गया है। मोनालिसा को फिल्म में मौका देने वाले फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए इस पूरे मामले को “लव जिहाद” बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस लड़की को उन्होंने मौका देने के लिए कर्ज लेकर फिल्म बनाई, उसने अचानक शादी कर उनके सपनों को तोड़ दिया। हालांकि इस मामले में मोनालिसा या फरमान की ओर से निर्देशक के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    गौरतलब है कि मोनालिसा भोंसले को पहचान प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान मिली थी। वह अपने परिवार के साथ वहां रुद्राक्ष की माला बेचने गई थीं। इसी दौरान एक कंटेंट क्रिएटर ने उनका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो तेजी से वायरल हो गया। उनकी मुस्कान और सादगी लोगों को इतनी पसंद आई कि वह देखते ही देखते इंटरनेट सेंसेशन बन गईं। बाद में बढ़ती भीड़ और परेशानी के कारण वह महाकुंभ छोड़कर घर लौट आई थीं, लेकिन उसी वायरल वीडियो ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी और उन्हें फिल्म में काम करने का मौका मिल गया। अब उनकी शादी की खबर ने एक बार फिर उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

  • भोपाल के 6 अस्पतालों पर 'तालाबंदी' की तलवार: 1 अप्रैल से संचालन पर रोक की चेतावनी; बिना रिन्यूअल इलाज करने पर होगी कानूनी स्ट्राइक

    भोपाल के 6 अस्पतालों पर 'तालाबंदी' की तलवार: 1 अप्रैल से संचालन पर रोक की चेतावनी; बिना रिन्यूअल इलाज करने पर होगी कानूनी स्ट्राइक



    भोपाल। राजधानी भोपाल में लाइसेंस नवीनीकरण (Renewal) की अनदेखी करने वाले निजी अस्पतालों पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय ने शहर के 6 प्रमुख अस्पतालों को कड़ा नोटिस जारी करते हुए अल्टीमेटम दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि 31 मार्च 2026 तक इन अस्पतालों ने पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया, तो 1 अप्रैल से इनका संचालन पूरी तरह अवैध माना जाएगा और इन्हें सील करने की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    इन 6 अस्पतालों की बढ़ी मुश्किलें: नोटिस की लिस्ट
    स्वास्थ्य विभाग की रडार पर आए इन अस्पतालों ने तय समय-सीमा में आवेदन नहीं किया थाजहरा अस्पताल: लालघाटी चौराहा।सरदार पटेल अस्पताल: मोतिया तालाब रोड।राय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर: कैपिटल पेट्रोल पंप के पास।हेल्थ केयर हॉस्पिटल: बीडीए कॉलोनी, गोदरमऊ (गांधीनगर)।भगवती गौतम अस्पताल: दानिश कुंज, कोलार रोड।सचिन ममता अस्पताल: सोनागिरी, पिपलानी।

    लापरवाही भारी: ढाई महीने की मोहलत, फिर भी नहीं जागे संचालक
    सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा के अनुसार, निजी अस्पतालों और क्लिनिकों को एनएचएस (NHS) पोर्टल पर आवेदन करने के लिए करीब ढाई महीने का पर्याप्त समय दिया गया था।
    नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन: मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 के तहत बिना वैध पंजीयन के किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्था का संचालन नियमों के खिलाफ है।

    3 साल का लाइसेंस: आमतौर पर 1 अप्रैल से अगले तीन वर्षों के लिए लाइसेंस जारी किया जाता है, जिसके लिए रिन्यूअल की प्रक्रिया अनिवार्य है।

    31 मार्च के बाद क्या होगा? प्रशासन का सख्त रुख
    स्वास्थ्य विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि1 अप्रैल से इन 6 अस्पतालों का संचालन पूरी तरह ‘अवैध’ घोषित किया जा सकता है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी निजी अस्पताल मानकों का पालन करें, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके।

    स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर नियमों को ताक पर रखना अब इन अस्पतालों को भारी पड़ने वाला है। 31 मार्च की रात इन संचालकों के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ जैसी होगी—या तो कागजी प्रक्रिया पूरी करें, अन्यथा 1 अप्रैल की सुबह अस्पताल के गेट पर स्वास्थ्य विभाग का ताला लगा मिल सकता है।

    मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma)
    भोपाल न्यूज, सीएमएचओ भोपाल नोटिस, निजी अस्पताल रिन्यूअल, डॉ. मनीष शर्मा, नर्सिंग होम एक्ट एमपी, भोपाल हेल्थ अपडेट, जहरा अस्पताल लालघाटी, राय हॉस्पिटल भोपाल, स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई 2026।

  • भोपाल: मंडप से उठा गैंगस्टर दूल्हा! इल्लीगल गैंग बनाकर पुजारी का किया था अपहरण; शादी के खर्च के लिए मांगे थे 8 लाख

    भोपाल: मंडप से उठा गैंगस्टर दूल्हा! इल्लीगल गैंग बनाकर पुजारी का किया था अपहरण; शादी के खर्च के लिए मांगे थे 8 लाख


    भोपाल।  राजधानी की कोहेफिजा पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग और ब्लैकमेलिंग कांड का पर्दाफाश करते हुए ‘इल्लीगल’ गैंग के सरगना आकाश उर्फ भूरा हड्डी को उसके अपने ही शादी समारोह से गिरफ्तार कर लिया है। 12 मार्च को होने वाली अपनी शादी की रकम जुटाने के लिए आकाश ने अपने साथियों और एक युवती के साथ मिलकर एक पुजारी का अपहरण किया और उसे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर 8 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।

    साजिश: युवती को ढाल बनाकर घर में घुसी गैंग
    पुलिस जांच के अनुसार, फरियादी पुजारी आरोपी आकाश उपाध्याय का किराएदार है। आरोपियों ने पुजारी को ‘सॉफ्ट टारगेट’ मानकर यह जाल बुना:

    हनीट्रैप का जाल: सोमवार रात गिरोह की एक युवती ने पुजारी का दरवाजा खटखटाया और अंदर घुसते ही शोर मचाना शुरू कर दिया।

    बंधक बनाकर मारपीट: तुरंत बाद 10-15 बदमाश कमरे में घुसे और पुजारी पर रेप की कोशिश का आरोप लगाकर उसे पीटना शुरू किया। आरोपी उसे जबरन वाहन में डालकर तौफीक उर्फ शूटर के कमरे पर ले गए और वहां बंधक बना लिया। आरोपियों ने पुजारी के साथ युवती की झूमाझटकी का वीडियो भी शूट किया, जिसे वायरल करने की धमकी देकर 8 लाख रुपये मांगे गए।

    एक्शन: निकाह से पहले पुलिस की ‘एंट्री’
    पुजारी के भाई ने डर के मारे पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए, जिसके बाद आरोपियों ने पुजारी को छोड़ा। मुक्त होते ही पीड़ित सीधे कोहेफिजा थाने पहुँचा।बुधवार दोपहर जब मुख्य आरोपी आकाश उर्फ भूरा हड्डी एयरपोर्ट रोड स्थित एक गार्डन में अपनी शादी की रस्मों में व्यस्त था, तभी पुलिस ने दबिश देकर उसे मंडप से उठा लिया।पुलिस ने आकाश सहित चार आरोपियों (रामजी ठाकुर, आकाश उपाध्याय और अन्य) को गिरफ्तार कर दो दिन की रिमांड पर लिया है। गैंग की युवती और अन्य सदस्य फिलहाल फरार हैं।

    आरोपी का प्रोफाइल: 35 केस और ‘इल्लीगल’ गैंग
    टीआई केजी शुक्ला के मुताबिक, आकाश उर्फ भूरा हड्डी एक आदतन अपराधी हैउस पर पहले से हत्या और लूट जैसे 35 संगीन मामले दर्ज हैं। वह हाल ही में गांधीनगर मर्डर केस में जमानत पर बाहर आया था।वह ‘इल्लीगल’ नाम से गैंग चलाता है, जिसमें 15 से ज्यादा युवक और युवतियां शामिल हैं, जो शहर में संगठित रूप से ब्लैकमेलिंग का धंधा करते हैं।

  • भोपाल: राष्ट्रीय स्तर के हारमोनियम वादक ने की खुदकुशी; नाबालिग मंगेतर से रेप केस में जेल से आने के बाद था तनाव में, पिता की प्रतिष्ठा का था गम

    भोपाल: राष्ट्रीय स्तर के हारमोनियम वादक ने की खुदकुशी; नाबालिग मंगेतर से रेप केस में जेल से आने के बाद था तनाव में, पिता की प्रतिष्ठा का था गम



    भोपाल। राजधानी के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में एक प्रतिभाशाली हारमोनियम वादक विवेक तिवारी (24) ने मंगलवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। विवेक हाल ही में अपनी नाबालिग मंगेतर के साथ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के गंभीर मामले में जेल से जमानत पर बाहर आया था। बुधवार सुबह अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    प्रतिष्ठा का बोझ: पुजारी पिता और ‘राष्ट्रीय सम्मान’ का साया
    विवेक तिवारी केवल एक सामान्य युवक नहीं था, बल्कि हारमोनियम वादन में उसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल चुका था।विवेक के पिता गांव के मंदिर में पुजारी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि विवेक इस बात को लेकर गहरे मानसिक तनाव में था कि उसके ऊपर लगे ‘रेप’ के आरोपों से उसके पुजारी पिता की समाज में प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।करीब 6 महीने जेल में रहने के बाद विवेक मात्र 20 दिन पहले ही रिहा हुआ था। घर लौटने के बाद से ही वह गुमसुम और तनावग्रस्त रहने लगा था।यह कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब नवंबर 2025 में विवेक के खिलाफ उसकी नाबालिग मंगेतर के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ। दोनों परिवारों के बीच सहमति थी कि लड़की के बालिग होते ही दोनों का विवाह कर दिया जाएगा, लेकिन इससे पहले ही मामला पुलिस तक पहुँच गया।

    पारिवारिक विवाद

    रेप की शिकायत के बाद जब पीड़िता के माता-पिता विवेक के घर पहुँचे, तो वहां जमकर विवाद हुआ। इस दौरान विवेक की माँ और बहन पर पीड़िता के परिजनों के साथ मारपीट और धमकी देने का भी मामला दर्ज किया गया था।

    पुलिस कार्रवाई: सुसाइड नोट गायब, कमरा सील
    बिलखिरिया टीआई उमेश चौहान के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।पुलिस ने विवेक के कमरे को सील कर दिया है और एफएसएल (FSL) टीम की मौजूदगी में कमरे की विस्तृत तलाशी ली जाएगी।फिलहाल परिजनों की स्थिति बयान देने योग्य नहीं है। पुलिस जल्द ही उनके और पीड़िता के परिवार के विस्तृत बयान दर्ज कर आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि करेगी।