Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर में ई-वाहनों को बढ़ावा: पहला चार्जिंग स्टेशन शुरू, 15 रुपए प्रति यूनिट पर मिलेगी सुविधा

    ग्वालियर में ई-वाहनों को बढ़ावा: पहला चार्जिंग स्टेशन शुरू, 15 रुपए प्रति यूनिट पर मिलेगी सुविधा



    ग्वालियर।  शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए नगर निगम ने पहला ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन शुरू कर दिया है। अब शहर के ई-वाहन चालक पेट्रोल पंप की तरह आसानी से अपने वाहनों को चार्ज करा सकेंगे। यहां ₹15 प्रति यूनिट के हिसाब से चार्जिंग की सुविधा मिलेगी।

    यह चार्जिंग स्टेशन सिटी सेंटर स्थित तरुण पुष्कर के पास स्थापित किया गया है। इसका उद्घाटन गुरुवार को ग्वालियर की महापौर शोभा सिकरवार ने किया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त संघप्रिय सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

    नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहनों को देखते हुए यह सुविधा शुरू की गई है, ताकि वाहन चालकों को चार्जिंग के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।

    पेट्रोल पंप की तरह होगी चार्जिंग
    नगर निगम की सहायक यंत्री (विद्युत) अभिलाषा बघेल ने बताया कि यह स्टेशन पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस है और यहां पेट्रोल पंप की तरह चार्जिंग गन का उपयोग किया जाएगा। वाहन चालक अपने ई-वाहन को चार्जिंग गन से कनेक्ट कर चार्ज करा सकेंगे।

    चार्जिंग पूरी होने के बाद मशीन में इस्तेमाल हुई बिजली की यूनिट और कुल राशि स्क्रीन पर दिखाई देगी। भुगतान करने के बाद कर्मचारी चार्जिंग गन हटा देंगे। इससे प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनी रहेगी।

    45 मिनट में 80 प्रतिशत बैटरी चार्ज
    यह चार्जिंग स्टेशन 60 KVA क्षमता का है। इसकी मदद से बड़ी इलेक्ट्रिक कार की करीब 80 प्रतिशत बैटरी लगभग 45 मिनट में चार्ज हो सकती है। इससे शहर में ई-वाहन चलाने वालों को तेज और सुविधाजनक चार्जिंग सुविधा मिल सकेगी।

    एक साथ दो वाहन होंगे चार्ज
    इस स्टेशन पर एक समय में दो ई-वाहनों को चार्ज किया जा सकता है। इससे व्यस्त समय में भी वाहन चालकों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

    शहर में पांच स्थानों पर बनेंगे चार्जिंग स्टेशन
    नगर निगम ने शहर में कुल पांच स्थानों को ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन के लिए चिन्हित किया है। फिलहाल इनमें से तीन स्थानों पर स्टेशन चालू हो चुके हैं।

    इनमेंतरुण पुष्कर, सिटी सेंटर,नगर निगम मुख्यालय के पास मल्टीलेवल पार्किंग (सिटी सेंटर) मल्टीलेवल पार्किंग कंपूशामिल हैं। बाकी स्थानों पर भी जल्द ही चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जाने की योजना है।

    पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम
    नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से प्रदूषण में कमी आएगी और शहर का पर्यावरण बेहतर होगा। इसी उद्देश्य से शहर में धीरे-धीरे चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।

  • हाईकोर्ट का अहम आदेश: महिला को सुरक्षा के साथ ससुराल भेजा, पति-ससुर को सम्मानजनक व्यवहार की सख्त हिदायत

    हाईकोर्ट का अहम आदेश: महिला को सुरक्षा के साथ ससुराल भेजा, पति-ससुर को सम्मानजनक व्यवहार की सख्त हिदायत


    ग्वालियर। पारिवारिक विवाद से जुड़े एक मामले में बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अहम आदेश देते हुए एक महिला को सुरक्षा व्यवस्था के साथ उसके ससुराल लौटने की अनुमति दी। अदालत ने साथ ही महिला के पति और ससुर को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार करें और किसी भी प्रकार की प्रताड़ना न करें। कोर्ट ने महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था भी लागू की है।

    यह मामला हैबियस कॉर्पस याचिका के रूप में अदालत के सामने आया था। याचिकाकर्ता प्रदीप राठौर ने कोर्ट में आरोप लगाया था कि उसकी बहन प्रियंका राठौर को उसके पति नरेंद्र राठौर और ससुर द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि परिवार के लोगों को उससे संपर्क करने नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते मामला अदालत तक पहुंचा।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने महिला, उसके पति और अन्य संबंधित पक्षों को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के दौरान सभी पक्ष अदालत में उपस्थित हुए और जजों ने महिला सहित सभी की बात विस्तार से सुनी।

    सुनवाई के दौरान प्रियंका राठौर ने अदालत के सामने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि पति और ससुर अक्सर उन्हें परेशान करते हैं और कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि एक बार उसके पति ने उसे सीढ़ियों से धक्का देने की कोशिश भी की थी, जिससे वह काफी भयभीत हो गई थी।

    हालांकि, महिला ने अदालत को यह भी बताया कि उसका 8 वर्षीय बेटा है और वह अपने बेटे के भविष्य और परिवार को बचाने की कोशिश करना चाहती है। इसी कारण उसने फिलहाल ससुराल वापस जाकर रिश्तों को सुधारने और विवाद सुलझाने का एक मौका देने की इच्छा जताई।

    दूसरी ओर, महिला के पति नरेंद्र राठौर, जो एक बैंक में मार्केटिंग से जुड़े कार्य करते हैं, ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में अपनी पत्नी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेंगे और उसे किसी प्रकार की हानि नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि वे परिवार को साथ लेकर चलना चाहते हैं।

    महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अदालत ने एक विशेष व्यवस्था भी की है। कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता अंजली ज्ञानानी और जनकगंज थाने की महिला आरक्षक अंतिमा तिवारी तथा आरती लोधी को छह महीने के लिए “शौर्य दीदी” के रूप में नियुक्त किया है। इनकी जिम्मेदारी होगी कि वे समय-समय पर महिला से संपर्क कर उसकी स्थिति की जानकारी लें और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि महिला के साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना या दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करनी होगी।

    इस आदेश को घरेलू विवाद के मामलों में महिला सुरक्षा और पारिवारिक समाधान के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है, जहां अदालत ने एक ओर महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की है तो दूसरी ओर परिवार को भी संबंध सुधारने का अवसर दिया है।

  • भोपाल: सूखी सेवनिया स्टेशन पर 'ट्रेन हादसा' छत काटकर निकाले गए यात्री, NDRF और रेलवे की जॉइंट मॉक ड्रिल में दिखा रेस्क्यू का दम!

    भोपाल: सूखी सेवनिया स्टेशन पर 'ट्रेन हादसा' छत काटकर निकाले गए यात्री, NDRF और रेलवे की जॉइंट मॉक ड्रिल में दिखा रेस्क्यू का दम!


    भोपाल। राजधानी के नजदीक सूखी सेवनिया रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह ठीक 11 बजे एक बड़े रेल हादसे की ‘इमरजेंसी कॉल’ ने पूरे मंडल को अलर्ट मोड पर ला दिया। सूचना थी कि स्टेशन के पास एक ट्रेन पटरी से उतर गई है और कोच एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए हैं। देखते ही देखते मौके पर हूटर बजाती दुर्घटना राहत ट्रेनें (ART) और NDRF की टीमें पहुँच गईं। यह नजारा भोपाल रेल मंडल द्वारा आयोजित एक फुल स्केल मॉक ड्रिल का था, जिसका उद्देश्य आपदा के समय रिस्पांस टाइम और तालमेल को परखना था।

    रेस्क्यू ऑपरेशन: गैस कटर से काटी गई ट्रेन की छत
    मॉक ड्रिल को इतना वास्तविक रूप दिया गया था कि ड्रिल के दौरान ट्रेन के कोचों को एक-दूसरे के ऊपर चढ़ा हुआ दिखाया गया। अंदर फंसे ‘यात्रियों’ को बचाने के लिए टीमों ने निम्नलिखित कदम उठाए:

    कटर का इस्तेमाल: कोच के भीतर फंसे यात्रियों तक पहुँचने के लिए NDRF की टीम ने हाइड्रोलिक और गैस कटर का उपयोग कर खिड़कियों के शीशे तोड़े और ट्रेन की छत को काटकर रास्ता बनाया।
     बोगी के नीचे फंसे डमी यात्रियों को निकालने के लिए आधुनिक ‘हाई-प्रेशर एयरबैग्स’ का सहारा लिया गया, जिससे भारी-भरकम कोच को उठाकर रास्ता बनाया गया।बाहर निकाले गए यात्रियों को तुरंत मौके पर मौजूद रेलवे मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार दिया और एम्बुलेंस के जरिए ‘अस्पताल’ रवाना किया।

    अफसरों की मौजूदगी: डीआरएम ने खुद परखा रिस्पांस टाइम
    इस पूरी ड्रिल के दौरान भोपाल रेल मंडल के प्रबंधक (DRM) पंकज त्यागी अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बचाव कार्य की बारीकियों का निरीक्षण किया और टीमों के तालमेल को सराहा।ड्रिल में रेलवे के आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP), मेडिकल विंग और NDRF के जवानों ने एक साथ काम किया।स्टेशन मास्टर से सूचना मिलने के बाद राहत ट्रेनों के पहुँचने और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने तक का समय ‘गोल्डन ऑवर’ के मानकों के अनुरूप रहा।

    सुरक्षा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास है। सूखी सेवनिया में हुई यह मॉक ड्रिल इस बात का प्रमाण है कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में हमारी रेलवे और राहत टीमें कम से कम समय में जान-माल की रक्षा करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

  • शिवपुरी में दबंगई: पुरानी रंजिश में पिता-पुत्रों ने युवक को लाठी-डंडों से पीटा, सरेराह गोली चलाने का भी सनसनीखेज आरोप

    शिवपुरी में दबंगई: पुरानी रंजिश में पिता-पुत्रों ने युवक को लाठी-डंडों से पीटा, सरेराह गोली चलाने का भी सनसनीखेज आरोप

    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिल्लारपुर में आपसी रंजिश के चलते खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। यहाँ एक ही परिवार के तीन सदस्यों (पिता और उसके दो बेटों) ने मिलकर एक युवक पर प्राणघातक हमला कर दिया। घटना के दौरान न केवल लाठी डंडों का इस्तेमाल हुआ बल्कि पीड़ित पक्ष ने आरोपियों पर दहशत फैलाने के लिए गोली चलाने की कोशिश करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    घर के बाहर खड़े युवक पर अचानक हमला
    प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 11 मार्च की दोपहर करीब 3:30 बजे की है। ग्राम सिल्लारपुर निवासी 30 वर्षीय कांतेश ओझा अपने घर के बाहर खड़े थे तभी गाँव के ही प्रमोद केवट अपने दो बेटों शिवम केवट और सागर केवट के साथ वहाँ पहुँच गए। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी जिसे लेकर आरोपियों ने पहुँचते ही गाली गलौज शुरू कर दी। जब कांतेश ने अभद्र भाषा का विरोध किया तो पिता और बेटों ने आपा खो दिया और सुनियोजित तरीके से उन पर हमला बोल दिया।

    परिजनों ने बीच बचाव कर बचाई जान

    आरोपियों ने कांतेश को घेरकर लाठी डंडों और लात घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हमले में कांतेश के बाएं हाथ की कलाई पीठ और दाहिने पैर की पिंडली में गंभीर चोटें आई हैं। चीख पुकार सुनकर कांतेश की पत्नी छाया ओझा और माँ हसमुखी ओझा तुरंत मौके पर पहुँचीं। महिलाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर बीच बचाव किया तब कहीं जाकर आरोपी वहाँ से हटे। भागते समय आरोपियों ने पीड़ित परिवार को पुलिस के पास जाने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

    गोली चलाने के आरोप से सनसनी
    इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब घायल के भाई हरगोविंद झा ने सनसनीखेज दावा किया कि विवाद के दौरान आरोपियों ने गोली चलाने का भी प्रयास किया था ताकि इलाके में दहशत पैदा की जा सके। घटना के तुरंत बाद घायल कांतेश को 108 एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल ले जाया गया जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने करैरा थाने पहुँचकर आपबीती सुनाई।

    पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी प्रमोद केवट शिवम केवट और सागर केवट के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। थाना पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। इस घटना के बाद से गाँव में तनाव का माहौल है जिसे देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है।

  • ग्वालियर में सीजन की सबसे गर्म रात, न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री; अगले 3-4 दिन और बढ़ेगी गर्मी

    ग्वालियर में सीजन की सबसे गर्म रात, न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री; अगले 3-4 दिन और बढ़ेगी गर्मी


    ग्वालियर । ग्वालियर में मौसम लगातार करवट बदल रहा है और गर्मी का असर अब दिन के साथ-साथ रातों में भी साफ महसूस होने लगा है। बुधवार की रात इस सीजन की अब तक की सबसे गर्म रात के रूप में दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार शहर का न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान है। इसके साथ ही हवा में नमी की मात्रा भी काफी कम हो गई है, जिससे वातावरण में गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जा रहा है।

    दिन के समय भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को ग्वालियर का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरुवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को गर्मी का अहसास करा दिया। सुबह 10 बजे के बाद से ही धूप इतनी तीखी हो गई कि लोगों को बाहर निकलने में परेशानी होने लगी। दोपहर होते-होते गर्मी का असर और बढ़ गया, जिसके कारण शहर की सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही दिखाई दी।

    भीषण गर्मी के चलते लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। दोपहर के समय बाजारों और प्रमुख सड़कों पर भी अपेक्षाकृत सन्नाटा देखने को मिला। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण लोगों को खासा असहज महसूस करना पड़ रहा है। मौसम में आए इस बदलाव का असर दैनिक जीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।

    मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले तीन से चार दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना रह सकता है। तापमान में ज्यादा राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम है। विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। विशेष रूप से किसानों को भी अपनी फसलों का ध्यान रखने के लिए कहा गया है, क्योंकि तापमान में बढ़ोतरी का असर खेती पर भी पड़ सकता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने भी लोगों को इस मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए लोगों को अधिक मात्रा में तरल पदार्थ जैसे पानी, नींबू पानी, छाछ और अन्य पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी और गर्मी के दुष्प्रभावों से बचाव किया जा सकेगा।

    इसके अलावा डॉक्टरों ने दोपहर के समय हल्का भोजन करने की सलाह दी है और खाने में ऐसी चीजों को शामिल करने को कहा है जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो। फल, सलाद और दही जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर और शरीर को पूरी तरह ढककर निकलना चाहिए, ताकि सीधे धूप के संपर्क से बचा जा सके।

    ग्वालियर में मार्च के महीने में ही इस तरह की गर्मी लोगों के लिए चिंता का विषय बन रही है। यदि तापमान में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक तीखी हो सकती है। ऐसे में नागरिकों को मौसम के प्रति सतर्क रहते हुए अपनी दिनचर्या और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी होगा।

  • मध्य प्रदेश में गैस सिलेंडर को लेकर हाहाकार: सर्वर क्रैश से एजेंसियों पर लंबी लाइनें, नर्मदापुरम में दुकानें बंद होने की कगार पर, छतरपुर में कालाबाजारी

    मध्य प्रदेश में गैस सिलेंडर को लेकर हाहाकार: सर्वर क्रैश से एजेंसियों पर लंबी लाइनें, नर्मदापुरम में दुकानें बंद होने की कगार पर, छतरपुर में कालाबाजारी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इन दिनों घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत से आम लोगों से लेकर व्यापारियों तक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस बुकिंग का ऑनलाइन सर्वर क्रैश होने के कारण हालात और भी बिगड़ गए हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन नंबर नहीं लगने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसका असर होटल, ढाबों और ठेला कारोबारियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर सिर्फ एक दो सिलेंडर का स्टॉक बचा है, जबकि छोटे फूड वेंडर्स के पास गैस लगभग खत्म हो चुकी है। ऐसे में खाने पीने की चीजों के दाम भी बढ़ने लगे हैं, जिसका सीधा असर रमजान और शादी ब्याह के सीजन पर पड़ रहा है।
    प्रदेश के नर्मदापुरम में स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। शहर की प्रसिद्ध चौपाटी, जो खान पान और छोटे कारोबारियों के लिए मुख्य केंद्र मानी जाती है, वहां इन दिनों सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति ठप होने के कारण कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद करने को मजबूर हो चुके हैं। जिनके पास थोड़ी बहुत गैस बची है, उनका कहना है कि एक दो दिन में स्टॉक खत्म हो जाएगा और उन्हें भी दुकानें बंद करनी पड़ेंगी।

    चौपाटी के दुकानदारों का कहना है कि उनका पूरा कारोबार गैस सिलेंडर पर निर्भर है। यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। यहां काम करने वाले कर्मचारी और छोटे वेंडर्स भी इस स्थिति से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उनकी दैनिक आय इसी काम पर निर्भर है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी देशों में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिसका असर गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर भी पड़ रहा है।

    इधर छतरपुर में गैस की कमी का फायदा उठाकर कालाबाजारी का मामला सामने आया है। यहां घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण करने की सूचना मिलने पर प्रशासन ने कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि एक रिटायर्ड शिक्षक श्यामलाल अहिरवार ने अपने घर में गैस सिलेंडरों का स्टॉक जमा कर रखा था।

    सूचना मिलते ही तहसीलदार और खाद्य विभाग की टीम ने वार्ड क्रमांक तीन स्थित विश्वनाथ कॉलोनी में छापा मारा और घर के अंदर रखे 25 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त कर लिए। इनमें से तीन सिलेंडर भरे हुए पाए गए, जबकि बाकी खाली थे। प्रशासन ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

    गैस की कमी और बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति को जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को राहत मिल सके और कालाबाजारी पर भी सख्त रोक लगाई जा सके।

  • उज्जैन पहुंचे यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बाबा महाकाल के दर्शन कर शयन आरती में हुए शामिल

    उज्जैन पहुंचे यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बाबा महाकाल के दर्शन कर शयन आरती में हुए शामिल


    उज्जैन । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य गुरुवार को मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन पहुंचे। उज्जैन पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी, बेटा और अन्य सहयोगी भी मौजूद रहे। मंदिर पहुंचने पर महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उनका स्वागत और सम्मान किया गया।

    मंदिर परिसर में पहुंचकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नंदी हॉल में बैठकर कुछ समय ध्यान लगाया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन दिखाई दिए। इस दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं और पुजारियों ने भी उनका स्वागत किया। भगवान महाकाल के दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर में आयोजित शयन आरती में भी भाग लिया और विधि विधान से पूजा अर्चना की।

    दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बाबा महाकाल के दरबार में आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें बाबा महाकाल की संध्या और शयन आरती में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने भगवान महाकाल से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे उन्हें और देश के सभी लोगों को सेवा का अवसर देते रहें और इसी तरह अपने दरबार में बुलाते रहें।

    इस दौरान उन्होंने विकास के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। डिप्टी सीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार मध्य प्रदेश के साथ साथ उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी तेजी से विकास कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

    उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खासतौर पर महाकाल की भस्म आरती और शयन आरती में शामिल होना श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का यह दौरा भी धार्मिक आस्था से जुड़ा रहा, जिसमें उन्होंने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेकर प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की।

  • सिंगरौली में छात्र की हत्या से भड़का जनाक्रोश, उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन फूंका; आंसू गैस छोड़कर हालात काबू में

    सिंगरौली में छात्र की हत्या से भड़का जनाक्रोश, उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन फूंका; आंसू गैस छोड़कर हालात काबू में


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में 15 वर्षीय छात्र की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। मोरवा थाना क्षेत्र में लापता छात्र का शव जंगल में मिलने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना से नाराज भीड़ ने देर रात थाने के सामने जमकर हंगामा किया और एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

    जानकारी के अनुसार साईं नगर वार्ड क्रमांक 8 निवासी 15 वर्षीय पवन शाह 9 मार्च की रात करीब साढ़े नौ बजे घर से बाहर निकला था। वह बिना बताए घर से गया और फिर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजनों ने मोरवा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और अपहरण की आशंका जताई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्र की तलाश शुरू कर दी थी।

    इसी बीच पुलिस को जंगल में एक शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान पवन शाह के रूप में की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि छात्र की बेरहमी से हत्या की गई थी और आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में फेंक दिया था। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार इस मामले में सुधांशु गुप्ता और मोहम्मद इरशाद को गिरफ्तार किया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। रामनिवास शाह ने भी मृतक के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी का गठन किया है, जो तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच करेगा।

    उधर छात्र की हत्या की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देर रात बड़ी संख्या में लोग मोरवा थाने के सामने जमा हो गए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और आक्रोशित लोगों ने एक पुलिस वाहन में आग लगा दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद किसी तरह भीड़ को तितर-बितर किया गया।

    घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि हत्या के इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

  • MP: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल की बेटी सुरक्षि का निधन, नेताओं ने व्यक्त किया दुख

    MP: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल की बेटी सुरक्षि का निधन, नेताओं ने व्यक्त किया दुख


    बैतूल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) भाजपा के अध्यक्ष (BJP president) और बैतूल विधायक (Betul MLA) हेमंत खंडेलवाल (Hemant Khandelwal) और उनकी पत्नी ऋतु खंडेलवाल की बेटी सुरभि (Daughter Surbhi) का बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं और उनका अंतिम संस्कार शाम 5 बजे बैतूल में किया गया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बेटी एक स्पेशल चाइल्ड थीं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के तमाम नेताओं ने इस दुखद घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अफसोस जताया है और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने के लिए प्रार्थना की है।

    प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ‘भाजपा के माननीय प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जी की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल का बीमारी के कारण निधन अत्यंत पीड़ादायक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत को शांति तथा परिजनों को संबल प्रदान करें। ॐ शांति!’

    उधर केंद्रीय कृषि मंत्री और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुख जताते हुए लिखा, ‘भारतीय जनता पार्टी, मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल जी की बेटी सुरभि खंडेलवाल के निधन का समाचार हृदय व्यथित करने वाला है। बेटी का जाना घर को सूना कर देता है। इस गहन दुःख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं हेमंत जी और शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर बेटी की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ॐ शांति।’

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बारे में दुख व्यक्त करते हुए लिखा, ‘मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष माननीय हेमंत खंडेलवाल जी की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और मर्मांतक है। इस कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएँ श्री हेमंत जी एवं समस्त शोकाकुल परिवार के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस बारे में शोक जताते हुए लिखा, ‘मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल जी की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल जी के निधन का समाचार अत्यंत हृदय विदारक है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति और संबल प्रदान करे। ॐ शांति।

    प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट ने लिखा कि ‘भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल जी की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल जी के असामयिक निधन का समाचार सुनकर मन अत्यंत दुखी हैं। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने परमधाम में स्थान व शोकाकुल परिवारजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति’

    प्रदेश के एक अन्य मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने बिटिया को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ‘भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है। ईश्वर बिटिया की आत्मा को शांति दें एवं शोक संतप्त परिजनों को इस वज्रपात को सहने की शक्ति दें। ॐ शांति।’

    इंदौर के महापौर पुष्य मित्र भार्गव ने लिखा, ‘भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल जी की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। इस दुःख की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएँ श्री हेमंत खंडेलवाल जी एवं समस्त शोकाकुल परिवार के साथ हैं। प्रभु से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति’

  • MP: खरगोन में महिला ने पहले 3 मासूमों को कुएं में फेंका, फिर खुद भी कूदी…. तीनों बच्चों की मौत

    MP: खरगोन में महिला ने पहले 3 मासूमों को कुएं में फेंका, फिर खुद भी कूदी…. तीनों बच्चों की मौत


    खरगोन।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन जिले (Khargone District) के सनावद थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां पर एक महिला (Woman) ने अपने तीन मासूम बच्चों ( 3 Innocent Children) को कुएं में फेंक दिया और फिर खुद भी कुएं में कूद गई। जिसके बाद तीनों बच्चों की तो पानी में डूबने से मौत हो गई, लेकिन महिला बच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर पति का कहना है कि महिला के साथ उसका कोई विवाद नहीं हुआ था।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला नानी बाई ने अपने दो साल के बेटे अर्जुन और चार वर्षीय पुत्र करण को खेत में बने कुएं में फेंक दिया। इसके बाद वह खुद भी अपने लगभग 15 दिन के शिशु को लेकर कुएं में कूद गई। पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि यह घटना सनावद थाना क्षेत्र के ग्राम मलगांव और भोमवाड़ा के बीच स्थित एक खेत में हुई।


    खुद बाहर निकली, बच्चों की हो गई मौत

    हालांकि बताया जा रहा है कि नानी बाई तैरना जानती थी। उसने कुएं के भीतर मौजूद रस्सी और सीढ़ी के सहारे किसी तरह बाहर निकलने में सफलता पा ली, लेकिन उसके तीनों बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई।


    घटना के समय महिला का पति काम पर गया था

    घटना की सूचना मिलते ही सनावद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटना के समय महिला का पति कालू मजदूरी के लिए खेतों में गया हुआ था। कालू ने पुलिस को बताया कि वह अपने लगभग 20 साथियों के साथ खंडवा जिले के पिपलूद क्षेत्र से मजदूरी के लिए यहां आया हुआ था और सभी मजदूर गेहूं काटने का काम कर रहे थे। मजदूर खेत के पास ही अस्थायी रूप से रह रहे हैं।


    पति बोला- पत्नी के साथ नहीं हुआ था कोई विवाद

    महिला के पति ने बताया कि बुधवार सुबह करीब सात बजे वह अन्य मजदूरों के साथ खेत में गेहूं काटने चला गया था। कुछ समय बाद उसे घटना की सूचना मिली। कालू के अनुसार उसका अपनी पत्नी नानी बाई के साथ किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ था। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है।