Category: Madhya Pradesh

  • प्रहलाद पटेल के साथ दिल्ली में मिले सीएम मोहन यादव, सरसों और तुअर किसानों को बड़ी राहत

    प्रहलाद पटेल के साथ दिल्ली में मिले सीएम मोहन यादव, सरसों और तुअर किसानों को बड़ी राहत

    नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा किसानों की फसलों से जुड़ी समस्याओं और उनकी आय बढ़ाने के उपाय थे।

    बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि यह चर्चा मुख्यतः सरसों और तुअर की फसल से संबंधित रही। लंबे समय से लंबित सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना को हरी झंडी दे दी गई है। इसका लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों में मिलेगा और यह उनके लिए बड़ी राहत साबित होगी। इससे प्रदेश के लाखों सरसों उत्पादक किसानों को बाजार मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि मिल सकेगी।

    इसके अलावा, तुअर की पूरी फसल 100 प्रतिशत सरकारी खरीद के तहत खरीदी जाएगी। शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को इस योजना का स्वीकृति पत्र भी सौंपा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम मध्य प्रदेश के दलहन उत्पादन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा।

    दिल्ली में हुई इस बैठक की पृष्ठभूमि में एमपी विधानसभा का हालिया बजट सत्र भी रहा। सत्र के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयानों से सीएम और उनके बीच अंदरूनी मतभेद नजर आए थे। इसके बाद पिछले हफ्ते सीएम मोहन यादव, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने अलग-अलग समय पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। हालांकि इस बार कैलाश विजयवर्गीय निजी कार्यक्रम में व्यस्त रहे और बैठक में शामिल नहीं हो पाए।

    बैठक में यह भी तय किया गया कि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। इसमें मध्य प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इस वर्ष में मूंग, उड़द, सोयाबीन और अन्य तिलहनों पर विशेष फोकस रहेगा। सरकार किसानों के लिए योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन और बेहतर निगरानी भी सुनिश्चित करेगी।

    शिवराज-मोहन-प्रहलाद की यह बैठक किसानों के हितों के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि भावांतर भुगतान योजना और तुअर की पूरी सरकारी खरीद से किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और राज्य में दलहन उत्पादन में तेजी आएगी।

    प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार मिलकर किसानों की आय बढ़ाने, फसल की सही कीमत सुनिश्चित करने और उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। यह बैठक किसानों के लिए वास्तविक राहत और लंबे समय से प्रतीक्षित निर्णयों का परिणाम साबित होगी।

  • भोपाल: LLB छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, महीने भर से कॉलेज से कटी थी अंकिता, परिजनों से कहती रही- 'पढ़ाई में मन नहीं लग रहा'

    भोपाल: LLB छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, महीने भर से कॉलेज से कटी थी अंकिता, परिजनों से कहती रही- 'पढ़ाई में मन नहीं लग रहा'


    भोपाल। राजधानी के अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक छात्रा के आत्मघाती कदम ने सबको झकझोर कर रख दिया। 17 वर्षीय अंकिता थापा, जो एलएलबी (LLB) प्रथम वर्ष की छात्रा थी, ने अपने ही कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का खुलासा तब हुआ जब देर रात परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे मौत की असली वजह अब भी रहस्य बनी हुई है।अंकिता के व्यवहार में पिछले कुछ समय से आए बदलावों ने परिजनों को चिंतित कर रखा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी।

    कॉलेज से किनारा

    अंकिता पिछले करीब एक महीने से कॉलेज नहीं जा रही थी। वह घर पर ही रह रही थी और उसने खुद को बाहरी दुनिया से सीमित कर लिया था।एएसआई मनोज सिंह के अनुसार, अंकिता अक्सर अपने माता-पिता से शिकायत करती थी कि उसका “पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है।” हालांकि, उसने पढ़ाई के अलावा किसी अन्य परेशानी या किसी के द्वारा प्रताड़ित किए जाने का जिक्र कभी नहीं किया।

    उलझी गुत्थी: सुसाइड नोट न मिलने से बढ़ा सस्पेंस
    पुलिस के लिए यह मामला फिलहाल एक अबूझ पहेली बना हुआ है।अंकिता की एक जुड़वा बहन और एक छोटा भाई है। जुड़वा बहन के साथ उसका गहरा लगाव था, ऐसे में परिवार का हर सदस्य इस बात से हैरान है कि अंकिता ने अपने मन की बात किसी से साझा क्यों नहीं की।पुलिस अब अंकिता के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि परिजनों के विस्तृत बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह कदम केवल पढ़ाई के तनाव की वजह से था या इसके पीछे कोई और गहरा कारण छिपा है।

  • भोपाल के जवाहर चौक में 5 दुकानों के छज्जे गिरे, मेट्रो निर्माण पर दुकानदारों का विरोध

    भोपाल के जवाहर चौक में 5 दुकानों के छज्जे गिरे, मेट्रो निर्माण पर दुकानदारों का विरोध


    भोपाल। शहर के जवाहर चौक इलाके में गुरुवार दोपहर अचानक 5 दुकानों के छज्जे गिरने से अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों और वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सभी दुकानदार अपनी जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे।

    मौके पर विधायक भगवान दास सबनानी और पार्षद जगदीश यादव भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों से बातचीत कर तत्काल राहत और मामले की जांच के निर्देश दिए।

    मेट्रो निर्माण को कारण मान रहे दुकानदार
    धन्यवाद की गई दुकानों में शामिल हैं:

    2 फोटो फ्रेम की दुकानें

    1 ऑटोमोबाइल की दुकान

    1 कपड़ा दुकान

    1 स्पोर्ट्स आइटम की दुकान

    दुकानदारों ने बताया कि ये दुकाने लगभग 40 साल पुरानी हैं और लंबे समय से स्थानीय व्यापार कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सामने मुख्य सड़क पर चल रहा मेट्रो निर्माण कार्य इस हादसे का कारण हो सकता है।

    क्षेत्र में मची अफरा-तफरी
    घटना के समय दुकानदार और राहगीर अचानक गिरी छज्जों की आवाज सुनकर दौड़ पड़े। प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा किया।

    दुकानदारों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण उनके ऊपर खतरा मंडरा गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मेट्रो निर्माण कार्य को प्रभावित दुकानों के आसपास सुरक्षित तरीके से कराया जाए और नुकसान की भरपाई की जाए।

    अधिकारियों ने की जांच शुरू
    नगर निगम और मेट्रो परियोजना अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। छज्जों के गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम भी बुलाने की योजना है।

    विधायक और पार्षद ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर राहत प्रदान करने और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।

    जनता में सुरक्षा को लेकर चिंता
    स्थानीय लोग भी इस घटना से चिंतित हैं और मांग कर रहे हैं कि मेट्रो निर्माण के दौरान उचित सुरक्षा उपायों को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़क और बाजार क्षेत्र में रोजाना भारी भीड़ रहती है, ऐसे में यह हादसा भविष्य में बड़ा संकट खड़ा कर सकता है।

    कीवर्ड:
    भोपाल जवाहर चौक छज्जा गिरना, मेट्रो निर्माण भोपाल, दुकानों का नुकसान, विधायक भगवान दास सबनानी, पार्षद जगदीश यादव, नगर निगम भोपाल, सुरक्षा लापरवाही मेट्रो, 5 दुकानों का हादसा, मध्यप्रदेश क्राइम न्यूज, बाजार सड़क हादसा

  • पिता को जेल से छुड़ाकर लाया बेटा, उसी की बात से आहत होकर खा लिया जहर: खंडवा में 22 वर्षीय युवक की मौत

    पिता को जेल से छुड़ाकर लाया बेटा, उसी की बात से आहत होकर खा लिया जहर: खंडवा में 22 वर्षीय युवक की मौत


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के छैगांवमाखन थाना क्षेत्र के ग्राम हरसवाड़ा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 22 वर्षीय युवक प्रवीण मंडलोई (गुर्जर) ने कथित रूप से सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार सुबह उसने जहर निगला था और इलाज के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

    परिजनों के अनुसार, प्रवीण अपने पिता को चोरी के आरोप में जेल से जमानत पर छुड़वाकर घर लाया था, लेकिन उसी रात पिता से हुई कहासुनी के बाद उसने यह कदम उठा लिया।

    इंदौर में डेयरी पर करता था काम
    मृतक के मामा भगवान गुर्जर ने बताया कि प्रवीण इंदौर में एक दूध डेयरी पर नौकरी करता था। कुछ दिनों पहले उसके पिता कैलाश मंडलोई को गांव के कोटवार के घर चोरी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।यह खबर मिलने पर प्रवीण तुरंत इंदौर से अपने गांव पहुंचा। परिवार के लोगों ने उसे सलाह दी कि पिता की जमानत करवा लो, शायद वह सुधर जाएं। इसके बाद प्रवीण ने बुधवार को करीब 10 हजार रुपए खर्च कर पिता की जमानत कराई और उन्हें घर लेकर आया।

    गांव के बाहर बैठकर पीने लगा शराब
    परिवार वालों के मुताबिक, शाम को जब प्रवीण अपने पिता को लेकर गांव पहुंचा तो रास्ते में ही पिता ने शराब खरीद ली और पीने बैठ गया। बेटे ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि परिवार की पहले ही बदनामी हो चुकी है, इसलिए अब शराब छोड़ दें और गलत रास्ते से दूर रहें।

    पिता के शब्दों से टूट गया बेटा
    जब पिता ने उसकी बात नहीं मानी, तो प्रवीण ने कहा कि अगर आप शराब नहीं छोड़ोगे तो मैं मर जाऊंगा। इस पर पिता ने कथित रूप से जवाब दिया। जा तू मर जा, मैं तो शराब पीना नहीं छोड़ूंगा।बताया जा रहा है कि पिता के इन शब्दों से प्रवीण गहरे आहत हो गया। अगले दिन गुरुवार सुबह उसने सल्फास खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिवार उसे जिला अस्पताल खंडवा लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    कोरोना में हो चुका था मां का निधन
    परिजनों के मुताबिक, प्रवीण के परिवार में अब केवल एक बहन और पिता ही हैं। उसकी मां का निधन कोरोना काल में हो चुका था। इसके बाद से ही प्रवीण परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था।वह खेती-बाड़ी का काम भी देखता था और जरूरत पड़ने पर इंदौर जाकर नौकरी करता था।

    फसल कटाई के लिए रुका था गांव प्रवीण बुधवार रात ही वापस इंदौर काम पर जाने वाला था, लेकिन परिजनों ने उसे यह कहकर रोक लिया कि गेहूं और चने की फसल कट गई है, उसे बेचकर चला जाना। प्रवीण ही पूरे घर की खेती-बाड़ी संभालता था, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस फसल को काटने के लिए वह रुका है, वही उसकी जिंदगी की आखिरी फसल साबित होगी।

  • भारत मंडपम में अमृत मित्र महोत्सव: महिला सशक्तिकरण और शहरी विकास का संगम

    भारत मंडपम में अमृत मित्र महोत्सव: महिला सशक्तिकरण और शहरी विकास का संगम


    नई दिल्ली । नई दिल्ली में 13 मार्च को आयोजित होने वाले अमृत मित्र महोत्सव में देशभर से स्व-सहायता समूह की महिलाएँ शामिल होंगी। मध्यप्रदेश की लगभग 300 महिलाएँ इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए भाग लेंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि राज्य के 55 नगरीय निकायों में 312 स्व-सहायता समूहों की 1 028 महिलाओं को अमृत मित्र के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन महिलाओं ने जल गुणवत्ता परीक्षण सार्वजनिक उद्यानों के रख-रखाव और केंद्र सरकार के पेड़ों के लिए महिलाएं कार्यक्रम के तहत पौधरोपण एवं सुरक्षा के कार्यों को सफलतापूर्वक निभाया है।

    यह महोत्सव भारत मंडपम नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है और इसमें उत्तर प्रदेश हरियाणा महाराष्ट्र राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों से भी अमृत मित्र महिलाएँ सम्मिलित होंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देना और शहरी विकास में उनके योगदान को रेखांकित करना है।

    केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर इस अवसर पर जल संरक्षण स्वच्छता और शहरी प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित करेंगे। यह न केवल महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देगा बल्कि महिला नेतृत्व के माध्यम से सतत शहरी विकास की संकल्पना को भी सुदृढ़ करेगा।

    आयुक्त संकेत भोंडवे ने नई दिल्ली जा रही सभी अमृत मित्र महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल शहरी विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश की महिलाएँ इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य के नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी।

    अमृत मित्र पहल के तहत महिलाएँ केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय मंच पर भी शहरी विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को निभा रही हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण और शहरी प्रबंधन के संगम का प्रतीक बनकर सामने आई है। आयोजन में सहभागिता से महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा और शहरी क्षेत्रों में सतत विकास के लिए उनका नेतृत्व और अधिक सशक्त होगा।

  • जबलपुर में एटीएम ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: मदद के बहाने बदलता था कार्ड, 66 एटीएम कार्ड और स्कूटी जब्त

    जबलपुर में एटीएम ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: मदद के बहाने बदलता था कार्ड, 66 एटीएम कार्ड और स्कूटी जब्त


    जबलपुर।  शहर में एटीएम से पैसे निकालने आए लोगों को मदद का झांसा देकर उनका कार्ड बदलने और खातों से पैसे निकालने वाले शातिर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से शहर के अलग-अलग एटीएम में वारदात को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने उसके पास से 66 एटीएम कार्ड, नकदी, स्कूटी और सोने की झुमकी बरामद की है।

    यह कार्रवाई गोरखपुर और केंट थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार शाम की। आरोपी के खिलाफ शहर के चार अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज थे। पुलिस ने ठगी से निकाली गई 3 लाख 68 हजार रुपए की रकम को संबंधित बैंक खातों में होल्ड भी करवा दिया है।

    मदद के नाम पर करता था ठगी
    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी एटीएम में आने वाले लोगों को मदद करने का प्रस्ताव देता था। वह विशेष रूप से बुजुर्ग या एटीएम इस्तेमाल में अनजान लोगों को निशाना बनाता था। बातचीत के दौरान वह उनका एटीएम पिन देख लेता और मौका मिलते ही उनका कार्ड बदल देता था।इसके बाद वह बदले हुए कार्ड के जरिए नजदीकी एटीएम से पैसे निकालता या खरीदारी करता था।

    बुजुर्ग के खाते से निकाले 1.06 लाख
    इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 80 वर्षीय बीएस सिडाम, निवासी थम्मन कॉम्प्लेक्स ने गोरखपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर 2025 को छोटी लाइन स्थित एसबीआई एटीएम में एक युवक ने मदद का बहाना बनाकर उनका कार्ड बदल लिया। बाद में उनके खाते से 1 लाख 6 हजार 160 रुपए निकाल लिए गए।

    कई थानों में दर्ज हैं केस
    जांच में पता चला कि आरोपी ने शहर के कई इलाकों में इसी तरह की वारदातें की थीं।केंट थाना क्षेत्र में रोहित सेन (34) के खाते से 59 हजार 300 रुपए निकाले गए।ओमती थाना क्षेत्र में रसीद उद्दीन (60) के खाते से 1 लाख 18 हजार 80 रुपए की ठगी हुई।बेलबाग थाना क्षेत्र में विजय कुमार चौधरी (47) के खाते से 47 हजार रुपए निकाले गए।इन सभी मामलों में आरोपी ने एटीएम में कार्ड बदलकर ही ठगी की थी।

    सीसीटीवी से मिला सुराग
    लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। टीम ने एटीएम के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की।

    जांच के आधार पर पुलिस ने विनोद गौतम (28) निवासी तिलक वार्ड, रेलवे स्टेशन के पास, जिला सिवनी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

    बड़ी संख्या में कार्ड और सामान बरामद
    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 66 एटीएम कार्ड, 5500 रुपए नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई जुपिटर स्कूटी और करीब 55 हजार रुपए कीमत की सोने की झुमकी जब्त की है।

    अन्य मामलों के खुलासे की उम्मीद
    पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में शहर और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य एटीएम ठगी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि एटीएम में अजनबी लोगों से मदद न लें और अपना पिन किसी को न बताएं, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

    जबलपुर एटीएम ठगी, एटीएम कार्ड बदलकर ठगी, विनोद गौतम गिरफ्तार, गोरखपुर थाना जबलपुर, केंट थाना जबलपुर, एटीएम फ्रॉड केस, 66 एटीएम कार्ड बरामद, जुपिटर स्कूटी जब्त, एटीएम ठग गिरफ्तार, मध्यप्रदेश क्राइम न्यूज

  • भिण्ड में नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर मामला दर्ज, आरोपी फरार

    भिण्ड में नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर मामला दर्ज, आरोपी फरार


    भिण्ड । भिण्ड जिले के लहार अनुभाग के रौन थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता कक्षा आठवीं की छात्रा है और हाल ही में गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया।

    जानकारी के अनुसार पीड़िता की मोहल्ले में रहने वाली दो सगी बहनों के साथ दोस्ती थी। दोनों बहनें अक्सर उसे अपने घर बुलाती थीं। इसी दौरान उन्होंने अपने भाई Sahil से उसकी पहचान कराई। परिजनों का आरोप है कि एक दिन दोनों बहनों ने किशोरी को घर बुलाकर कमरे में अकेला छोड़ दिया और बाहर चली गईं। इसी दौरान साहिल ने उसके साथ जबरन गलत संबंध बनाए और किसी को बताने पर बदनाम करने की धमकी दी।

    पीड़िता के परिजन ने बताया कि उन्होंने साहिल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन आरोपी साहिल फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन जारी है।

    घटना ने इलाके में सुरक्षा और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी संसाधन लगाए जा रहे हैं और पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। यह मामला स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बन गया है क्योंकि ऐसे अपराधों में त्वरित कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है।

  • बैतूल में आदिवासी भूमि अधिकारों को लेकर जयस का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

    बैतूल में आदिवासी भूमि अधिकारों को लेकर जयस का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


    बैतूल । बैतूल जिले में आदिवासी भूमि अधिकारों को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के लोगों ने रानी दुर्गावती ऑडिटोरियम में सभा आयोजित की जिसमें संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की गई।

    सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर बैतूल कलेक्ट्रेट का रुख किया। वहां उन्होंने राज्यपाल के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से आदिवासी भूमि संरक्षण जमीन हड़पने के खिलाफ सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा को सुनिश्चित करने की मांग की गई।

    कार्यकर्ताओं का कहना था कि पिछले वर्षों में आदिवासी भूमि से जुड़े मुद्दों पर प्रशासनिक कार्रवाई में देरी और कानूनी रूप से सही संरक्षण न होने के कारण कई समुदाय प्रभावित हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत आदिवासी भूमि के संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों को प्राथमिकता दी जाए।

    आदिवासी समाज के लोग और युवा कार्यकर्ता इस प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश देना चाहते हैं कि वे अपने अधिकारों के लिए सतत जागरूक हैं और उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए जिससे प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक उनकी मांगों का प्रभावी संदेश पहुंचा।

  • बैतूल में नरोत्तम मिश्रा ने सुरभि खंडेलवाल को दी श्रद्धांजलि

    बैतूल में नरोत्तम मिश्रा ने सुरभि खंडेलवाल को दी श्रद्धांजलि


    बैतूल । बैतूल मध्यप्रदेश में गुरुवार को पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दुखद निधन के शोक में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के निवास पर पहुंचकर उनकी पुत्री सुरभि खंडेलवाल को श्रद्धांजलि दी अर्पित की।

    मिश्रा ने खंडेलवाल परिवार से मुलाकात कर इस कठिन समय में संवेदना व्यक्त की और परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने दिवंगत सुरभि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कुछ समय तक परिवार के साथ बैठकर शोक व्यक्त किया।

    इस दौरान उन्होंने कहा कि परिवार इस दुखद समय में अकेला नहीं है और पार्टी एवं समाज उनके साथ खड़ा है। मिश्रा की यह श्रद्धांजलि स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव का अवसर भी बनी।

    खंडेलवाल परिवार ने मिश्रा के इस दुख साझा करने के कदम की सराहना की और कहा कि उनके साथ मौजूदगी से परिवार को कुछ सांत्वना मिली।

    यह घटना बैतूल में राजनीति और समाज के बीच मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक बनकर सामने आई, जहां नेता अपने संवेदनशील दृष्टिकोण से परिवार के दुःख में साझीदार बने।

  • बैतूल के घोघरा में चार साल से बंद नल-जल योजना, ग्रामीण नदी और कुएं पर निर्भर

    बैतूल के घोघरा में चार साल से बंद नल-जल योजना, ग्रामीण नदी और कुएं पर निर्भर

    बैतूल । बैतूल जिले के आदिवासी बहुल भीमपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत चोहटा पोपटी के अंतर्गत आने वाले ग्राम घोघरा में नल-जल योजना पिछले चार वर्षों से ठप पड़ी हुई है। इस वजह से ग्रामीणों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए आज भी प्राकृतिक स्रोतों नदी और कुएं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि योजना के तहत बोरवेल और ट्यूबवेल का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके साथ ही पाइपलाइन बिछा दी गई है और संपवेल का निर्माण भी तैयार है। बावजूद इसके योजना को शुरू नहीं किया गया है जिससे गांव के लोग अब भी कठिन परिस्थितियों में जलापूर्ति के लिए प्रयासरत हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि पानी की कमी खासकर गर्मियों में गंभीर रूप ले लेती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन गई है। पंचायत और स्थानीय प्रशासन से बार-बार संपर्क के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

    वहीं ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग जल्द ही इस योजना को चालू करके गांव में सुरक्षित और नियमित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि योजना शुरू होने से ग्रामीणों का जीवन आसान होगा और स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से भी राहत मिलेगी।