Category: Madhya Pradesh

  • सीहोर में 1.97 लाख मतदाताओं के नाम 2003 से बेमेल, निर्वाचन विभाग ने शुरू किया घर-घर सत्यापन सुधार का मौका, 7 फरवरी को अंतिम सूची

    सीहोर में 1.97 लाख मतदाताओं के नाम 2003 से बेमेल, निर्वाचन विभाग ने शुरू किया घर-घर सत्यापन सुधार का मौका, 7 फरवरी को अंतिम सूची


    सीहोर। सीहोर जिले में मतदाता सूची को पारदर्शी और शुद्ध बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी विसंगति सामने आई है। जिले के लगभग 1 लाख 97 हजार मतदाताओं के नाम और डेटा 2003 की पुरानी मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहे, जिससे निर्वाचन आयोग का पोर्टल इन प्रविष्टियों को स्वीकार नहीं कर रहा है। यह गड़बड़ी जिले की चारों विधानसभाओंसीहोर, आष्टा, बुदनी और इछावर में पाई गई है।
    मुख्य कारण:
    मतदाताओं के नाम, पिता या पति के नाम की वर्तनी में त्रुटि, डेटा एंट्री में तकनीकी खामी या गलत मिलान की वजह से पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पा रहा है। अकेले सीहोर विधानसभा क्षेत्र में 44 हजार से अधिक मतदाताओं का डेटा असंगत पाया गया है।

    निर्वाचन विभाग की कार्रवाई:
    निर्वाचन शाखा ने अब बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को निर्देशित किया है कि वे प्रभावित मतदाताओं के घर-घर जाकर नोटिस दें और सही जानकारी एकत्रित करें। यह कार्य पहले से शुरू हो चुका है।

    आपत्ति की सुनवाई और अंतिम सूची:
    एसआईआर (दावा-आपत्ति) प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति की सुनवाई 31 जनवरी तक होगी। इसके बाद 7 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

    मतदाता क्या करें:
    जिन मतदाताओं का डेटा 2003 की सूची से मेल नहीं खा रहा है, वे बीएलओ को अपने आधार कार्ड, पहचान पत्र या अंकसूची जैसे दस्तावेज दिखाकर मौके पर नाम, पिता/पति का नाम और पता सुधारवा सकते हैं।

    तहसीलदार अमित सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने गणना पत्रक भरा था और जिनका डेटा पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पा रहा है, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

  • भिंड के शहीद हवलदार की अंतिम विदाई: 6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने रोना-धोना बंद करने की दी हिम्मत

    भिंड के शहीद हवलदार की अंतिम विदाई: 6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने रोना-धोना बंद करने की दी हिम्मत

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान हुए हादसे में शहीद हुए भिंड के हवलदार शैलेंद्र सिंह भदौरिया का शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव चितावली (अटेर) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शहीद के 6 वर्षीय बेटे भावेश ने पिता को मुखाग्नि दी, वहीं शहीद की पत्नी शिवानी ने अदम्य साहस दिखाते हुए लोगों से कहा, “रोना-धोना बंद करो, कुछ नहीं होगा।”

    जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

    सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी। डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरने से शैलेंद्र सिंह समेत 10 जवान शहीद हुए थे।

    पत्नी का दर्दनाक लेकिन साहसी रुख
    शहीद की पत्नी शिवानी ने अपने पति के शव के पास बैठकर बार-बार बलाएं लेकर अपने पति के गाल चूमा और सभी को हिम्मत दी। उनका यह साहस देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी की रात शैलेंद्र से आखिरी कॉल पर शैलेंद्र ने कहा था कि उन्हें डर लग रहा है। उन्होंने सपना देखा था कि उनकी बेटियाँ पढ़ाई के बावजूद सफल नहीं हो रही हैं, और परिवार शादी के लिए परेशान है। शिवानी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि रिटायरमेंट के बाद प्लॉट बेचकर बेटियों की शादी कर देंगे, लेकिन शैलेंद्र ने कहा, “मुझे बहुत डर लग रहा है, कुछ होने वाला है।”

    इसके बाद उनकी शहादत की खबर आई।

    परिवार की शौर्य गाथा: दादा भी थे शहीद
    शैलेंद्र के पिता हनुमत सिंह ने गर्व और आंसूओं के साथ बताया कि उनके तीनों बेटे सेना में हैं और शैलेंद्र उनके दूसरे बेटे थे। उन्होंने कहा कि उनका दादा भी 1972 में शहीद हुए थे, और आज उनका बेटा भी देश के लिए शहीद हुआ है।

    शहीद के बड़े भाई देव सिंह ने कहा कि परिवार को दुख है, लेकिन फौजी होने पर गर्व भी है। उन्होंने बताया कि वे तीनों भाई सेना में सेवा कर चुके हैं और देश रक्षा में शैलेंद्र की शहादत पर उन्हें गर्व है।

    अंतिम यात्रा में भावुक माहौल
    अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने फूलों की वर्षा की और “शैलेंद्र सिंह भदौरिया अमर रहें” के नारे लगाए। शमशान घाट पर जब मासूम भावेश ने पिता का शव देखा तो वह फूट-फूटकर रो पड़ा और मुखाग्नि देने से पहले पिता से लिपट गया। इस मौके पर मेजर अक्षय कुमार, एसडीएम शिवानी अग्रवाल, तहसीलदार जगन सिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

    ब्रिगेडियर अमित वर्मा ने कहा कि पूरा आर्मी परिवार शहीद के परिजनों के साथ खड़ा है और परिवार को मिलने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

  • खंडवा में हैवानियत: आदिवासी महिला से 2 महीने तक 'ब्लैकमेलिंग और रेप', विरोध करने पर बेटे को भी पीटा

    खंडवा में हैवानियत: आदिवासी महिला से 2 महीने तक 'ब्लैकमेलिंग और रेप', विरोध करने पर बेटे को भी पीटा


    खंडवा । खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र से रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक 40 वर्षीय भील समाज की महिला को डरा-धमकाकर और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने का भय दिखाकर पिछले दो महीनों से लगातार अपनी हवस का शिकार बनाया जा रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
    वारदात का घटनाक्रम: असीरगढ़ से बोरगांव तक दरिंदगी
    पुलिस जांच और पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी तसलीम खां (निवासी: खिराला) ने पिछले दो महीनों से महिला का जीवन नर्क बना रखा था
    दिसंबर 2025 आरोपी महिला को अपनी ईको कार में बैठाकर असीरगढ़ के जंगलों में ले गया। वहां जान से मारने की धमकी देकर पहली बार दुष्कर्म किया और चुपके से महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं।
    ब्लैकमेलिंग का दौर: इन्हीं तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने महिला को सुक्ता डेम के जंगलों में ले जाकर कई बार शारीरिक शोषण किया।
    23 जनवरी 2026 हैवानियत की हद तब पार हो गई जब आरोपी उसे बोरगांव स्थित एक चिप्स फैक्ट्री के पीछे ले गया और वहां फिर से दुष्कर्म किया।
    बेटे के साथ मारपीट और खुलासा
    लगातार हो रहे शोषण से टूट चुकी पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने बेटे को आपबीती सुनाई। जब बेटे ने अपनी मां के सम्मान की रक्षा के लिए आरोपी से तस्वीरों के बारे में सवाल किया, तो तसलीम खां ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि उसके साथ बर्बरता से मारपीट भी की।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई: इन धाराओं में फंसा आरोपी
    पंधाना टीआई दिलीप देवड़ा ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई। चूंकि आरोपी जानता था कि महिला अनुसूचित जनजाति (ST) से है, इसलिए केस को और अधिक गंभीरता से लिया गया है।

    दर्ज की गई मुख्य धाराएं
    भारतीय न्याय संहिता (BNS) 64(1), 64(2)(M) दुष्कर्म और गंभीर प्रताड़ना भारतीय न्याय संहिता (BNS) 115(2), 296(B), 351(3) मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी एट्रोसिटी एक्ट SC/ST अधिनियम जातिगत आधार पर उत्पीड़न पुलिस ने आरोपी तसलीम खां को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़िता की काउंसलिंग व मेडिकल जांच कराई गई है।एक जागरूक नागरिक के तौर पर: अगर आपके आसपास ऐसी कोई भी घटना घटित हो रही है, तो चुप न रहें। पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 या महिला हेल्पलाइन 181 पर तुरंत सूचना दें।
  • तराना में नमाज के बाद हंगामा: CCTV में कैद हुआ उपद्रव, 6 उपद्रवियों पर नामजद FIR दर्ज

    तराना में नमाज के बाद हंगामा: CCTV में कैद हुआ उपद्रव, 6 उपद्रवियों पर नामजद FIR दर्ज


    उज्जैन/तराना। मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के तराना शहर में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद माहौल गरमा गया। शहर के नई बाखल क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर उपद्रव मचाया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। हालांकि उपद्रवियों की यह पूरी करतूत पास ही लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। घटना से आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने एकजुट होकर थाने का घेराव किया और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है।

    घटना का विवरण और पुलिस की कार्रवाई

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को नमाज के बाद अचानक कुछ युवकों ने क्षेत्र में हुड़दंग शुरू कर दिया।नामजद FIR पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर 6 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।पहचान की प्रक्रिया: पुलिस वीडियो फुटेज को खंगाल रही है ताकि भीड़ में शामिल अन्य उपद्रवियों के चेहरों की पहचान कर उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके।वर्तमान स्थिति: घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।

    स्थानीय निवासियों में रोष

    नई बाखल के निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई न हो बल्कि कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में शांति भंग न हो सके। पुलिस ने जनता को आश्वस्त किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

    एक अन्य दुखद घटना: कुएं में मिली मां-बेटे की लाश

    तराना में मचे उपद्रव के बीच जिले से एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक महिला और उसके 3 माह के मासूम बच्चे की लाश कुएं में तैरती मिली है। जांच जारी: पुलिस इस मामले में उलझी हुई है कि यह आत्महत्या है, कोई दुखद हादसा या फिर सोची-समझी हत्या। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया गया है।

  • बड़ा रेल हादसा टला: मक्सी के पास मालगाड़ी के 2 टुकड़े, पटरी टूटने से हुआ एक्सीडेंट

    बड़ा रेल हादसा टला: मक्सी के पास मालगाड़ी के 2 टुकड़े, पटरी टूटने से हुआ एक्सीडेंट


    इंदौर। मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में शनिवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते रह गया। उज्जैन से गुना की ओर जा रही एक मालगाड़ी मक्सी रेलवे स्टेशन के पास अचानक पटरी से उतर गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि ट्रेन झटके के साथ दो हिस्सों में बंट गई। गनीमत यह रही कि यह एक मालगाड़ी थी जिसके कारण कोई जनहानि नहीं हुई। अगर यही स्थिति किसी यात्री ट्रेन के साथ होती तो परिणाम भयावह हो सकते थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना का मुख्य कारण रेलवे पटरी का टूटना माना जा रहा है। कड़ाके की ठंड के कारण अक्सर पटरियों में दरार आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं अंदेशा है कि यहाँ भी ऐसा ही कुछ हुआ होगा।

    घटनाक्रम और वर्तमान स्थिति

    लोकेशन मक्सी रेलवे स्टेशन के पास, शाजापुर जिला। रूट उज्जैन-गुना रेल खंड। प्रभाव मालगाड़ी के पटरी से उतरते ही वैगनों के बीच का कपलिंग टूट गया और ट्रेन दो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित हो गई। इससे इस रूट पर रेल यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है।

    रेलवे की कार्रवाई

    हादसे की सूचना मिलते ही रतलाम और भोपाल मंडल के वरिष्ठ रेलवे अधिकारी अपनी तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। तकनीकी जांच रेलवे की टीम ट्रैक और वैगनों की बारीकी से जांच कर रही है। पटरी टूटने के दावों की पुष्टि के लिए फोरेंसिक नमूने लिए जा रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन क्रेन और हाइड्रोलिक मशीनों की मदद से पटरी से उतरे वैगनों को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। यातायात बहाली अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता ट्रैक को जल्द से जल्द क्लियर कर यातायात सामान्य करने की है। अधिकारियों का बयान: “हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह पटरी टूटने के कारण हुआ या किसी तकनीकी खराबी की वजह से। फिलहाल कोई हताहत नहीं है।

  • कुबरेश्वर धाम में भिखारियों से ठगी नकली नोट देकर हजारों की चिल्लर ले उड़े शातिर

    कुबरेश्वर धाम में भिखारियों से ठगी नकली नोट देकर हजारों की चिल्लर ले उड़े शातिर


    सीहोर मध्य प्रदेश के सीहोर जिले स्थित प्रसिद्ध कुबरेश्वर धाम में ठगी की एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है जहां मंदिर परिसर में जीवनयापन करने वाले गरीब वृद्ध और दिव्यांग भिखारियों को शातिर ठग ने अपना शिकार बनाया आरोपी ने नकली दो सौ रुपये के नोट देकर उनसे हजारों रुपये की चिल्लर ऐंठ ली और मौके से फरार हो गयायह मामला मंडी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है जानकारी के अनुसार सोमवार देर शाम कुछ अज्ञात लोग कुबरेश्वर धाम परिसर में पहुंचे और वहां मौजूद भिखारियों से बातचीत करने लगे इसी दौरान काले कोट में आए एक व्यक्ति ने कहा कि उसकी पत्नी मंदिर में चिल्लर चढ़ाना चाहती है और उसे छोटे नोटों व सिक्कों की जरूरत है

    भिखारियों ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया आरोपी ने उन्हें दो सौ रुपये के नकली नोट थमाए और बदले में उनसे करीब आठ से दस हजार रुपये की चिल्लर ले ली इसके बाद वह तेजी से वहां से निकल गयाकुछ समय बाद जब पीड़ितों ने उन नोटों का उपयोग करने की कोशिश की तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ एक भिखारी जब नाश्ता खरीदने दुकान पर पहुंचा तो दुकानदार ने नोट को नकली बताकर लौटा दिया इसके बाद अन्य भिखारियों ने भी अपने पास मौजूद नोटों की जांच की तो सभी नोट नकली निकले

    पीड़ितों का कहना है कि आरोपी ने उनकी मजबूरी और लाचारी का फायदा उठाया उन्होंने बताया कि गरीबी असहायता और डर के कारण वे पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करा सके जिससे आरोपी बेखौफ होकर भाग निकलास्थानीय लोगों का कहना है कि कुबरेश्वर धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं इसी भीड़ में कई गरीब लोग भीख मांगकर गुजारा करते हैं और इसी भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व अपराध को अंजाम देते हैं

    घटना के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने कुबरेश्वर धाम परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और गरीबों को न्याय मिल सकेइस मामले में मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर ने बताया कि अभी तक किसी भी भिखारी की ओर से थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है हालांकि पुलिस क्षेत्र में निगरानी बढ़ाएगी ताकि ऐसे शातिरों पर नजर रखी जा सके

  • एमपी एसटीएफ का बड़ा प्रहार: इंदौर में पकड़ी गईं 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें, खरगोन के दो तस्कर गिरफ्तार

    एमपी एसटीएफ का बड़ा प्रहार: इंदौर में पकड़ी गईं 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें, खरगोन के दो तस्कर गिरफ्तार


    भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने अवैध हथियारों के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। शनिवार, 24 जनवरी को एसटीएफ इंदौर की दो विशेष टीमों ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें और मैगजीन जब्त की हैं। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जो अवैध हथियारों की बड़ी खेप खपाने की फिराक में थे।

    यह पूरी कार्रवाई एसटीएफ इंदौर के उप पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सिंह चौहान के कुशल निर्देशन में अंजाम दी गई। एसटीएफ को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि अवैध शस्त्रों की तस्करी से जुड़े कुछ लोग शहर में सक्रिय हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए दो विशेष टीमों का गठन किया गया और संदिग्धों की घेराबंदी शुरू की गई।

    एसटीएफ की सर्जिकल स्ट्राइक

    एसटीएफ की टीमों ने बताए गए स्थान पर जाल बिछाया और दो संदिग्धों को रोककर उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें मई मैगजीन बरामद हुईं।आरोपियों की पहचान: पकड़े गए दोनों आरोपी ग्राम बोराड़िया, थाना भिकनगांव जिला खरगोन के रहने वाले हैं। अवैध व्यापार जब आरोपियों से हथियारों के संबंध में दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी वैध लाइसेंस पेश नहीं कर सके। खरगोन का यह क्षेत्र अवैध हथियार निर्माण के लिए कुख्यात रहा है, ऐसे में एसटीएफ अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।

    टीम में शामिल जांबाज अधिकारी

    प्रथम टीम इंस्पेक्टर रमेश चौहान, प्रधान आरक्षक भूपेन्द्र गुप्ता और आरक्षक विवेक द्विवेदी।द्वितीय टीम प्रधान आरक्षक आदर्श दीक्षित, आरक्षक देवराज बघेल और आरक्षक देवेन्द्र सिंह।

    जांच के दायरे में सप्लाई नेटवर्क

    एसटीएफ अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि ये अत्याधुनिक हथियार किसे सप्लाई किए जाने थे। पुलिस को अंदेशा है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। आरोपियों से पूछताछ में उनके अंतरराज्यीय नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • सशक्त बेटी, समृद्ध मध्य प्रदेश: राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटियों को दी शुभकामनाएं

    सशक्त बेटी, समृद्ध मध्य प्रदेश: राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटियों को दी शुभकामनाएं


    भोपाल । राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सभी बेटियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। मुख्यमंत्री ने बेटियों को राष्ट्र और समाज की आधारशिला बताते हुए उनके सशक्तिकरण के प्रति अपनी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। शनिवार 24 जनवरी को जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियाँ केवल हमारे घरों की रौनक ही नहीं बल्कि हमारी गौरवशाली संस्कृति मानवीय संवेदनाओं और भविष्य के उज्ज्वल भारत की नींव हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जब बेटियों को सही शिक्षा सुरक्षा और समान अवसर मिलते हैं तो वे अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्र को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का सामर्थ्य रखती हैं।

    बेटियां हमारी संस्कृति और भविष्य की आधारशिला

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ावा देते हुए कहा आज हमारी बेटियां शिक्षा और तकनीक से लेकर खेल के मैदान तक हर क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। मैं कामना करता हूँ कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करें। मध्य प्रदेश सरकार हर बेटी को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है।

    मध्य प्रदेश: बेटियों के लिए अनुकूल नीतियां

    मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार लाड़ली लक्ष्मी जैसी अभिनव योजनाओं के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा और विवाह तक सहायता सुनिश्चित कर रही है। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां हर बालिका स्वयं को सुरक्षित महसूस करे और उसे विकास के पर्याप्त अवसर मिलें। राष्ट्रीय बालिका दिवस के इस मौके पर प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बेटियों के अधिकारों, उनके पोषण और शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

  • जननायक को नमन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न स्व. कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

    जननायक को नमन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न स्व. कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि


    भोपाल। सामाजिक न्याय के पुरोधा और जननायक के नाम से विख्यात भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कर्पूरी ठाकुर के सादगीपूर्ण जीवन और पिछड़ों के उत्थान के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए उन्हें सामाजिक समानता का सच्चा प्रतीक बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा गरीबों, शोषितों और वंचितों के कल्याण के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर जी द्वारा किया गया त्याग और अटूट समर्पण हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है। उनका सादगीपूर्ण राजनीतिक जीवन हमें सदैव निष्काम समाज सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

    सामाजिक न्याय के प्रणेता थे कर्पूरी ठाकुर

    स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का भारतीय राजनीति में स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें उनकी ईमानदारी और दलितों-पिछड़ों के अधिकारों की वकालत के लिए जाना जाता है।सामाजिक समानता: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि कर्पूरी ठाकुर ने शासन व्यवस्था में समानता लाने के जो बीज बोए थे, उन्हीं पर चलते हुए आज की सरकारें वंचितों के सशक्तिकरण का कार्य कर रही हैं।

    भारत रत्न का सम्मान मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा उन्हें भारत रत्न मरणोपरांत से सम्मानित करना, उनके संघर्षों और भारतीय लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान का सच्चा सम्मान है। मुख्यमंत्री के इस नमन ने प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में कर्पूरी ठाकुर की विरासत और उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को पुन दोहराया है।

     सामाजिक न्याय के पुरोधा और जननायक के नाम से विख्यात भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कर्पूरी ठाकुर के सादगीपूर्ण जीवन और पिछड़ों के उत्थान के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए उन्हें सामाजिक समानता का सच्चा प्रतीक बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा गरीबों, शोषितों और वंचितों के कल्याण के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर जी द्वारा किया गया त्याग और अटूट समर्पण हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है। उनका सादगीपूर्ण राजनीतिक जीवन हमें सदैव निष्काम समाज सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

    सामाजिक न्याय के प्रणेता थे कर्पूरी ठाकुर

    स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का भारतीय राजनीति में स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें उनकी ईमानदारी और दलितों-पिछड़ों के अधिकारों की वकालत के लिए जाना जाता है।सामाजिक समानता: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि कर्पूरी ठाकुर ने शासन व्यवस्था में समानता लाने के जो बीज बोए थे, उन्हीं पर चलते हुए आज की सरकारें वंचितों के सशक्तिकरण का कार्य कर रही हैं।

    भारत रत्न का सम्मान मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा उन्हें भारत रत्न मरणोपरांत से सम्मानित करना, उनके संघर्षों और भारतीय लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान का सच्चा सम्मान है। मुख्यमंत्री के इस नमन ने प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में कर्पूरी ठाकुर की विरासत और उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को पुन दोहराया है।

  • MP में ड्रग माफियाओं पर कसेगा शिंकजा, मोहन सरकार ने 3 साल का बड़ा एक्शन प्लान किया तैयार

    MP में ड्रग माफियाओं पर कसेगा शिंकजा, मोहन सरकार ने 3 साल का बड़ा एक्शन प्लान किया तैयार


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में ड्रग माफियाओं के खिलाफ मोहन यादव सरकार ने तीन साल का विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत राज्य के प्रमुख शहरों में ड्रग सप्लाई नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस महानिदेशक डीजीपी कैलाश मकवाना की अध्यक्षता में गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक हुई। उन्होंने बताया कि पिछले साल शुरू किया गया राज्य पुलिस का ड्रग्स आर ए डिस्टेंस अभियान काफी सफल रहा। डीजीपी ने कहा जिस तरह राज्य नक्सलवाद से मुक्त हुआ वैसे ही ड्रग्स के खिलाफ भी निर्णायक कार्रवाई करनी होगी।

    डिमांड और सप्लाई चेन पर फोकस

    डीजीपी ने बताया कि अगले तीन साल में मंदसौर, नीमच, रतलाम, भोपाल, इंदौर और अन्य प्रभावित इलाकों में ड्रग तस्करी की डिमांड और सप्लाई चेन तोड़ी जाएगी। शैक्षणिक संस्थानों के पास नशीले पदार्थों की बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध लगाने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग और सामाजिक संगठनों के सहयोग से रोडमैप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले कैमिकल्स का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए भी सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इस तीन वर्षीय योजना में ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ना, ड्रग डिमांड को कम करना और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना प्रमुख लक्ष्य हैं।

    तस्करों की संपत्ति जब्त

    डीजीपी के अनुसार 2025 में राज्य में 1,44,025 किलोग्राम ड्रग्स कुल कीमत 347 करोड़ रुपए जब्त कर नष्ट किया गया। इसके अलावा ड्रग तस्करों के खिलाफ SAFEMA एक्ट के तहत 301.41 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। मंदसौर और नीमच जिले इस कार्रवाई से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।