Category: Madhya Pradesh

  • भिंड में फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड को गोली, हालत गंभीर: चोरी रोकते समय बदमाशों ने फायर किया

    भिंड में फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड को गोली, हालत गंभीर: चोरी रोकते समय बदमाशों ने फायर किया

    भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार रात एक गंभीर वारदात हुई। क्रम्पटन फैक्ट्री में तैनात सुरक्षा गार्ड Majid Ali को चोरी रोकने के प्रयास के दौरान बदमाशों ने गोली मार दी। गोली सीधे गार्ड के सिर में लगी जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

    जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात करीब 1:57 बजे मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन-चार बदमाश फैक्ट्री के मुख्य प्रवेश द्वार से घुसे। ड्यूटी पर मौजूद मजीद अली ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने पिस्टल से उस पर फायर कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसी मोटरसाइकिल से फरार हो गए।

    गोली की आवाज सुनकर फैक्ट्री में तैनात अन्य सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री प्रबंधन को सूचित किया। घायल मजीद अली को तुरंत बिरला अस्पताल ग्वालियर में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर बताई है।

    मालनपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है लेकिन देर रात तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। मालनपुर थाना प्रभारी Pradeep Soni से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।

    मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में पिछले कुछ समय से आपराधिक घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। पिछले सप्ताह भी क्षेत्र में दो गुटों के बीच फायरिंग और हिंसा की घटनाएं हुई थीं। इस बार फैक्ट्री के सुरक्षा गार्ड को निशाना बनाने की घटना ने कर्मचारियों और प्रबंधन में डर और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। फैक्ट्री के आसपास अतिरिक्त पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

  • MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रतलाम में स्कूल संचालिका से पूछताछ, अभ्यर्थियों ने माउस तक नहीं छुआ एक घंटा

    MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रतलाम में स्कूल संचालिका से पूछताछ, अभ्यर्थियों ने माउस तक नहीं छुआ एक घंटा


    रतलाम । मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2024 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। रतलाम पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दो टीमों को अलग अलग दिशा में तैनात किया है। सबसे बड़े परीक्षा केंद्र रतलाम पब्लिक स्कूल में स्कूल संचालिका संयोगिता सिंह से पूछताछ की गई। पुलिस ने पूरे स्कूल का नक्शा तैयार किया, जिसमें परीक्षा के दौरान सभी कमरों, रास्तों और स्टाफ की उपस्थिति का विवरण शामिल है।

    एसपी अमित कुमार ने बताया कि जांच के लिए SIT गठित की गई है। एक टीम भोपाल गई है, जहां परीक्षा से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जैसे सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज इकट्ठा किए जा रहे हैं। दूसरी टीम 12 संदिग्ध अभ्यर्थियों की तलाश में भिंड और मुरैना की ओर गई है। पुलिस को कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, जिनके आधार पर जांच को और तेज कर दिया गया है।

    जांच में सामने आया कि 12 अभ्यर्थियों ने परीक्षा बहुत असामान्य तरीके से पूरी की। दो घंटे की परीक्षा में पहले एक घंटे तक माउस तक हाथ नहीं लगाया और चुपचाप बैठे रहे। इसके बाद 15 मिनट और 30 मिनट में 100 प्रश्न हल कर दिए। इससे पहले ये सभी अभ्यर्थी अन्य पुलिस भर्ती में शामिल हुए थे, लेकिन उनके अंक 50 से कम थे। इस बार इन्हें 90 से अधिक अंक मिले और 100 पर्सेंटाइल हासिल हुई।

    जानकारी के मुताबिक सभी 12 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर किसी एक व्यक्ति ने मदद दी थी। ये अभ्यर्थी अलग अलग तारीख और शिफ्ट में परीक्षा देने आए, लेकिन मदद करने वाला वही था और केंद्र भी एक ही था।परीक्षा का आयोजन मुंबई की कंपनी एप्टेक लिमिटेड ने किया था। यह कंपनी पहले उत्तर प्रदेश, असम, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में पेपर लीक और स्क्रीन शेयरिंग के मामलों में ब्लैकलिस्टेड हो चुकी है।

    रतलाम पब्लिक स्कूल में लगभग 4500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच भोपाल, इंदौर, रतलाम समेत 11 शहरों में आयोजित हुई। रतलाम केंद्र को पहली बार इस परीक्षा के लिए चुना गया था। ईएसबी ने बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आने के बाद स्कूल को आगामी परीक्षाओं के लिए बैन कर दिया है।

    इस मामले में 2 मार्च को भोपाल थाने में शून्य पर केस दर्ज किया गया। केस डायरी रतलाम ट्रांसफर की गई और असल मर्ग कायम किया गया। पुलिस सभी तथ्यों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
    CSO सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि SIT की दो टीमें अलग अलग जिम्मेदारियों के साथ काम कर रही हैं। एक टीम तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है, जबकि दूसरी टीम आगे की जांच में मदद कर रही है।

  • मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट पर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का खतरा, 6 विधायक पलटें तो हाथ से जा सकती है सीट

    मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट पर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का खतरा, 6 विधायक पलटें तो हाथ से जा सकती है सीट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में 19 जून 2026 को तीन राज्यसभा सीटें खाली होने वाली हैं। इनमें से दो सीटें भाजपा के डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन के नाम हैं जबकि कांग्रेस की सीट पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह  के पास थी। हालांकि दिग्विजय सिंह ने पहले ही राज्यसभा जाने से इनकार कर दिया है और अपनी सीट खाली करने की घोषणा की है।

    दिग्विजय के इनकार के बाद कांग्रेस के भीतर इस सीट के लिए कई छोटे बड़े नेताओं ने दावेदारी शुरू कर दी है। पार्टी के अंदर इस सीट को जीतने को लेकर टेंशन का माहौल है। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि यदि 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर दें तो यह सीट भाजपा के हाथ में जा सकती है। बताया जा रहा है कि भाजपा विधायकों को अगले चुनाव की टिकट और अन्य ऑफर देकर क्रॉस वोटिंग के लिए प्रेरित कर सकती है।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा हर जगह तोड़फोड़ का प्रयास करती है लेकिन कांग्रेस मजबूत है और राज्यसभा सीट पार्टी की ही रहेगी। वहीं बीजेपी के अभिलाष पांडे का कहना है कि उनके पास पर्याप्त संख्या में विधायक हैं और भाजपा अपने काम पर भरोसा रखती है।

    इस बार तीन सीटों पर चुनाव में 230 विधायक वोटिंग करेंगे। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 58 वोटों की जरूरत होगी। कांग्रेस के पास फिलहाल 65 विधायक हैं जिनमें से एक विधायक अब भाजपा के साथ हैं। विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन हाईकोर्ट द्वारा शून्य कर दिया गया है इसलिए यदि सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली तो कांग्रेस के पास 63 विधायक ही रहेंगे। ऐसे में यदि 5 से 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर देते हैं तो सीट हाथ से जा सकती है।

    भाजपा के पास विधानसभा में 164 विधायक हैं बीना विधायक के समर्थन से संख्या 165 हो सकती है। इसके अलावा बीएपी के एक मात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार का वोट भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    क्रॉस वोटिंग का इतिहास भी सामने है। 2022 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में क्रॉस वोटिंग हुई थी। विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को केवल 79 वोट मिले थे जबकि अपेक्षित संख्या 103 थी। 2020 के राज्यसभा चुनाव में भी दिग्विजय सिंह 52 वोटों की आवश्यकता के बावजूद 57 वोट लेकर जीत गए थे।

    राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष होते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक चुनते हैं। हर दो साल में राज्यसभा का एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। कुल 245 सीटों में से 233 पर अप्रत्यक्ष चुनाव होते हैं। चुनाव में जीत के लिए विधायकों की संख्या और सीटों के आधार पर कोटा तय होता है। एक विधायक का वोट मूल्य 100 माना जाता है।

    इस बार कांग्रेस में दिग्विजय सिंह वाली सीट पर अनुसूचित जाति वर्ग के नेताओं जैसे प्रदीप अहिरवार और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को भी दावेदारी में शामिल किया गया है। पार्टी के भीतर सीट को सुरक्षित करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है लेकिन क्रॉस वोटिंग का खतरा लगातार चर्चा में बना हुआ है।

  • ग्वालियर में HPV वैक्सीन लगने के बाद 5 किशोरियों की तबीयत बिगड़ी, सिविल अस्पताल में भर्ती; परिजन बोले बिना जानकारी वैक्सीन लगाई गई

    ग्वालियर में HPV वैक्सीन लगने के बाद 5 किशोरियों की तबीयत बिगड़ी, सिविल अस्पताल में भर्ती; परिजन बोले बिना जानकारी वैक्सीन लगाई गई

    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में सर्वाइकल कैंसर बचाव अभियान के तहत HPV वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीन लगवाने के बाद पांच किशोरियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रभावित बच्चियां पिछोर के बारकरी जिगनिया गांव की रहने वाली बताई जा रही हैं। उनका नाम क्रमशः अनजली, पूनम, रजनी, भारती और रेखा है।

    मिली जानकारी के अनुसार सभी बच्चियां 14 वर्ष की उम्र पूरी कर चुकी थीं और राज्य सरकार के मुफ्त वैक्सीनेशन अभियान के तहत टीका लगवाया गया था। वैक्सीन लगने के कुछ ही समय बाद सभी बच्चियों को चक्कर, उल्टी और कमजोरी जैसी शिकायतें हुईं। तुरंत उन्हें डबरा के सिविल अस्पताल डबरा में भर्ती कराया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी जांच की और इलाज के बाद स्थिति में सुधार हुआ।

    परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने उनकी सहमति और जानकारी के बिना ही वैक्सीन लगा दी। उनका कहना है कि यदि उन्हें पहले जानकारी दी जाती तो वह टीका लगवाने से पहले तैयार हो सकते थे। परिवार का यह भी कहना है कि वैक्सीन के बाद उनकी बच्चियों की अचानक तबीयत बिगड़ना चिंता का विषय है और इस पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

    मध्य प्रदेश सरकार ने फरवरी मार्च 2026 में 14 15 वर्ष की लगभग 8 लाख किशोरियों को मुफ्त HPV वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू किया है। यह वैक्सीन बाजार में लगभग 4000 रुपये प्रति डोज की कीमत वाली है, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। इसका मुख्य उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर से बचाव करना है, जो महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर माना जाता है और HPV वायरस के संक्रमण से होता है।

    स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वैक्सीन सुरक्षित है और सभी जरूरी मानक का पालन करते हुए लगाई जाती है। वहीं इस घटना की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि क्या वैक्सीन के बाद होने वाली समस्याएं वैक्सीन से संबंधित थीं या किसी अन्य कारण से हुईं। विभाग ने आश्वस्त किया है कि सभी प्रभावित बच्चियों का उचित इलाज किया जा रहा है और उन्हें पूर्ण स्वास्थ्य लाभ दिलाया जाएगा।

    विशेषज्ञों के अनुसार HPV वैक्सीन से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम संभव है और यह किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। परिजनों और स्वास्थ्य अधिकारियों को बेहतर सूचना और जागरूकता के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

  • इंदौर के विजयनगर में पुलिस की हाईटेक निगरानी: 40 से ज्यादा CCTV कैमरे लगे, जल्द 150 कैमरों से होगी पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग

    इंदौर के विजयनगर में पुलिस की हाईटेक निगरानी: 40 से ज्यादा CCTV कैमरे लगे, जल्द 150 कैमरों से होगी पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में अपराध पर लगाम लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस लगातार नई तकनीकों का सहारा ले रही है। इसी कड़ी में शहर के व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्रों में गिने जाने वाले विजयनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने हाईटेक निगरानी व्यवस्था शुरू की है। क्षेत्र में फिलहाल 40 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिनके माध्यम से पूरे इलाके की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में इन कैमरों की संख्या बढ़ाकर 150 से अधिक करने की योजना भी तैयार की गई है।

    जानकारी के मुताबिक इन सभी कैमरों का कंट्रोल सीधेमध्य प्रदेश पुलिस के विजय नगर पुलिस स्टेशन से किया जा रहा है। खास बात यह है कि थाना प्रभारी के कक्ष में ही एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है जहां से पुलिसकर्मी लगातार कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस व्यवस्था के जरिए पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रख सकती है और किसी भी घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर सकती है।

    विजयनगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि आधुनिक तकनीक के इस इस्तेमाल से अपराधियों पर नजर रखना आसान हो गया है। उनके अनुसार सीसीटीवी कैमरे अपराध रोकने और वारदात के बाद आरोपियों की पहचान करने में बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं। कैमरों के माध्यम से न केवल क्षेत्र की निगरानी की जा रही है बल्कि कई मामलों में अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया है।

    पुलिस अब इस निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। अगले चरण में क्षेत्र के घरों अस्पतालों मॉल दुकानों और अन्य निजी संस्थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी पुलिस के कंट्रोल रूम से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। यदि यह योजना सफल होती है तो पूरे विजयनगर क्षेत्र की निगरानी एक ही जगह से संभव हो सकेगी। इससे पुलिस को किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

    थाना प्रभारी के मुताबिक कैमरे लगने के बाद क्षेत्र में चोरी और अन्य अपराधों की घटनाओं में कमी देखने को मिली है। कई मामलों में कैमरों में कैद फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे कैमरों की संख्या बढ़ेगी वैसे-वैसे अपराधियों के लिए क्षेत्र में वारदात करना और भी मुश्किल हो जाएगा।

    फिलहाल पुलिस का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द विजयनगर थाना क्षेत्र में 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि पूरे इलाके के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सके। पुलिस का कहना है कि इस हाईटेक निगरानी व्यवस्था से न केवल अपराध पर नियंत्रण मिलेगा बल्कि आम लोगों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

  • मुरैना बालिका सुधार गृह से दो नाबालिग सहित तीन फरार: वार्डन पर हमला कर छीनी चाबी, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    मुरैना बालिका सुधार गृह से दो नाबालिग सहित तीन फरार: वार्डन पर हमला कर छीनी चाबी, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

    मुरैना । मध्य प्रदेश के Morena जिले में स्थित बालिका सुधार गृह से फरार होने की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। Badokhar स्थित बालिका सुधार गृह से एक बालिग महिला और दो नाबालिग बालिकाएं वार्डन पर हमला कर चाबी छीनकर फरार हो गईं। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पुलिस तीनों की तलाश में जुट गई है।

    मिली जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है। उस समय सुधार गृह में तैनात महिला वार्डन सो रही थी। इसी दौरान वहां रह रही एक बालिग महिला और दो नाबालिग बालिकाओं ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि एक बालिका ने वार्डन की गर्दन दबा दी जबकि दूसरी ने उसके हाथ पर चोट पहुंचाई। दोनों ने मिलकर वार्डन के साथ मारपीट की और उसके पास मौजूद मुख्य गेट की चाबी छीन ली। इसके बाद तीनों ने गेट का ताला खोला और मौके से फरार हो गईं।

    वार्डन ने खुद को छुड़ाने के बाद शोर मचाया लेकिन तब तक तीनों परिसर से निकल चुकी थीं। घटना की जानकारी मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। वार्डन की शिकायत के आधार पर स्टेशन रोड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है।

    पुलिस ने फरार बालिकाओं और महिला की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सर्च अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि तीनों किस दिशा में भागीं और किस रास्ते से बाहर निकलीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही तीनों को पकड़ लिया जाएगा।

    सूत्रों के मुताबिक फरार हुई दो नाबालिग बालिकाएं महज एक दिन पहले ही सुधार गृह में लाई गई थीं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने कम समय में उन्होंने भागने की योजना कैसे बना ली। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बाहरी मदद या पहले से बनाई गई साजिश तो नहीं थी।

    घटना के बाद सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी मुरैना के सुधार गृहों से फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिससे सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस सुधार गृह में मौजूद अन्य बालिकाओं से भी पूछताछ कर रही है ताकि फरार हुई तीनों के बारे में कोई सुराग मिल सके।

    पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार महिला और दोनों नाबालिगों को पकड़कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सुरक्षा में चूक कहां हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

  • पति की हत्या कर पेड़ पर लटकाया, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की वारदात

    पति की हत्या कर पेड़ पर लटकाया, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की वारदात


    सतना। एमपी के सतना में पुलिस ने एक युवक की हत्या का खुलासा किया है। पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति राजाभइया को शराब पिलाकर गला घोंट दिया और आत्महत्या दिखाने के लिए शव पेड़ से लटका दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर दिया है।
    मध्य प्रदेश के सतना जिले में पुलिस ने एक हत्या की गुत्थी सुलझा ली है जिसे पहले आत्महत्या समझा जा रहा था। 5 मार्च को जंगल में एक शख्स की लाश पेड़ से लटकी पाई गई थी। पोस्टमार्टम से पता चला कि शख्स की गला घोंटकर हत्या की गई थी। जांच में खुलासा हुआ है कि मृतक की पत्नी रामबाई ने अपने प्रेमी बाबूलाल के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। दोनों ने पहले उसे शराब पिलाकर बेसुध किया फिर गला घोंटकर मार डाला और शव को पेड़ पर लटका दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
    सोची-समझी साजिश के तहत किया गया कत्ल

    पहली नजर में वारदात को आत्महत्या माना जा रहा था। यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया कत्ल निकला। युवक की पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
    हत्या का मामला दर्ज

    दरअसल, 5 मार्च की सुबह मोटवा-बरहा के जंगल में एक व्यक्ति का शव फंदे पर लटका मिला था। शुरुआत में मामला खुदकुशी का लग रहा था, लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो पुलिस के होश उड़ गए। युवक की मौत फंदे पर लटकने से पहले ही गला घोंटने की वजह से हो चुकी थी।

    थाना प्रभारी आदित्य नारायण सिंह धुर्वे ने इसके बाद तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
    सोशल मीडिया पर फोटो देख चीख पड़े परिजन

    मृतक की पहचान शुरू में नहीं हो सकी थी, लेकिन पुलिस ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की।

    इसे देखकर जैतवारा के किटहा गांव के लोगों ने उसकी पहचान राजाभइया डोहर (45) के रूप में की। परिजनों ने बताया कि 2 मार्च को राजाभइया अपनी पत्नी रामबाई के साथ मजदूरी के लिए निकला था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा और पत्नी अकेले घर आई थी।
    बेवफाई और कत्ल की खौफनाक कहानी

    जांच में पुलिस को पता चला कि मृतक की पत्नी रामबाई का कोठी क्षेत्र के रहने वाले बाबूलाल चौधरी (40) के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। पुलिस ने जब दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

  • महाकाल भस्म आरती: भांग चंदन और बेलपत्र से सजा बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, गूंजे जय महाकाल के जयकारे

    महाकाल भस्म आरती: भांग चंदन और बेलपत्र से सजा बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, गूंजे जय महाकाल के जयकारे


    उज्जैन । धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के आयोजित भस्म आरती के दौरान भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर तड़के करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए जिसके बाद विधि-विधान से भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान बाबा महाकाल का भव्य और दिव्य श्रृंगार किया गया जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

    मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध दही घी शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विशेष पूजन संपन्न किया गया। पूरे अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि से गूंजता रहा जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।

    अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया। बाबा को चंदन का त्रिपुंड और त्रिनेत्र से अलंकृत किया गया वहीं भांग और बेलपत्र से भी विशेष सजावट की गई। सुगंधित पुष्पों और मालाओं से सजे भगवान महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनमोहक नजर आ रहा था। इसके बाद भस्म अर्पण की परंपरा निभाई गई। भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया।

    कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म रमाई गई। यह परंपरा महाकाल मंदिर की सबसे विशेष और प्राचीन परंपराओं में से एक मानी जाती है। भस्म आरती के बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुण्डमाल रुद्राक्ष की माला और विभिन्न प्रकार के सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। इसके साथ ही कई आभूषणों से भगवान का अलंकरण किया गया जिससे उनका स्वरूप और भी दिव्य दिखाई दे रहा था।

    तड़के आयोजित इस भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में हर ओर जय महाकाल के जयकारे गूंज रहे थे जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के पास पहुंचकर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं भी व्यक्त कीं और बाबा से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।

    उज्जैन के महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु इस अद्भुत परंपरा को देखने और बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए यहां पहुंचते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से बाबा महाकाल के दर्शन और आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

  • एमपी में मार्च में ही तेज हुई गर्मी, बढ़ा तापमान, धार जिला रहा सबसे अधिक गर्म

    एमपी में मार्च में ही तेज हुई गर्मी, बढ़ा तापमान, धार जिला रहा सबसे अधिक गर्म


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस वर्ष गर्मी ने समय से पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मार्च महीने की शुरुआत में ही कई जिलों में तापमान 38 से 39 डिग्री तक पहुंच गया है, जो सामान्य से लगभग 4 से 6 डिग्री अधिक माना जा रहा है। हवा की दिशा में बदलाव के कारण प्रदेश में गर्मी तेजी से बढ़ी है और आने वाले दिनों में इसके और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

    हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मी
    मौसम विभाग के अनुसार इस समय हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। हवा में नमी भी बहुत कम है। इसके साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली हवाएं प्रदेश तक पहुंच रही हैं, जो अपने साथ अधिक गर्मी लेकर आती हैं। सामान्यत: मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का असर दिखाई देता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है और महीने की शुरुआत में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    15 मार्च के बाद और तेज होगा गर्मी का असर
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद प्रदेश में गर्मी का असर और अधिक बढ़ सकता है। कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचने या उससे आगे निकलने की संभावना जताई जा रही है।

    दूसरे सप्ताह से ही बदले मौसम के तेवर
    मार्च के दूसरे सप्ताह से ही प्रदेश में गर्मी के तेवर तीखे नजर आने लगे हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में तापमान सामान्य से लगभग 6 डिग्री तक अधिक दर्ज किया गया है। वहीं अन्य संभागों में भी 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी देखी गई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में भी गर्मी का असर बढ़ता हुआ महसूस किया जा रहा है।

    धार में सबसे अधिक दर्ज हुआ तापमान
    बीते मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान धार जिले में 39 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा सागर में 38.9 डिग्री, रतलाम में 38.8 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.8 डिग्री, खजुराहो में 38.3 डिग्री, गुना में 38.1 डिग्री तथा दमोह और टीकमगढ़ में 38 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में भी बढ़ा पारा
    प्रदेश के बड़े शहरों में भी तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। ग्वालियर में 37.2 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, जबलपुर में 36.6 डिग्री और भोपाल में 36.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं अधिकांश अन्य शहरों में तापमान 34 डिग्री या उससे अधिक बना रहा।

  • भोपाल में 14 मार्च को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन: होली और रंगपंचमी के बीच साहित्य का रंग

    भोपाल में 14 मार्च को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन: होली और रंगपंचमी के बीच साहित्य का रंग


    भोपाल। होली और रंगपंचमी के उत्सव के बीच राजधानी भोपाल में इस बार साहित्यिक रंग भी घुलेंगे। शहर के सोमवारा स्थित भवानी चौक में 14 मार्च, शनिवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम रात 8 बजे से शुरू होगा। इसमें देश के विभिन्न शहरों से आए कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को वीर रस, हास्य और व्यंग्य से सराबोर करेंगे।

    इस आयोजन का आयोजन हिंदू उत्सव समिति, भोपाल कर रही है। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि होली और रंगपंचमी केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और साहित्यिक अभिव्यक्ति का भी उत्सव है। इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए हर साल की तरह इस बार भी कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

    कवि सम्मेलन का संचालन सुप्रसिद्ध सबरस कवि शशिकांत यादव ‘शशि’ (देवास) करेंगे। मंच पर वीर रस की कविताओं से कविता तिवारी (लखनऊ), राम भदावर (जयपुर) और सूर्यकांत चतुर्वेदी (भोपाल) श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुतियों से दिनेश ‘देसी घी’ (शाजापुर), मुन्ना बैट्री (मंदसौर) और अमित शुक्ला (प्रयागराज) मंच को हल्का और मनोरंजक बनाएंगे।

    कार्यक्रम के संयोजक और हिंदू उत्सव समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल चौधरी पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे। समिति ने नागरिकों और साहित्य प्रेमियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर इस सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लें।

    इस कवि सम्मेलन के माध्यम से केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि साहित्य और संस्कृति के प्रति लोगों की रुचि को बढ़ावा मिलेगा। होली के रंगों के साथ यह साहित्यिक आयोजन भोपालवासियों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा।