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  • MP Gas Crisis: मध्य प्रदेश में 2 दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप, होटल-रेस्टोरेंट और शादियों पर संकट; कैटरर्स बोले-इमरजेंसी जैसी स्थिति

    MP Gas Crisis: मध्य प्रदेश में 2 दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप, होटल-रेस्टोरेंट और शादियों पर संकट; कैटरर्स बोले-इमरजेंसी जैसी स्थिति


    भोपाल। ईरान-इजराइल युद्ध के असर का प्रभाव अब मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से राज्य में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह ठप है, जिसके कारण होटल-रेस्टोरेंट कारोबार, कैटरिंग सर्विस और शादी समारोहों पर बड़ा असर पड़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि हालात ऐसे बन गए हैं जैसे किसी इमरजेंसी का सामना करना पड़ रहा हो।

    सबसे ज्यादा परेशानी होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को हो रही है। कई जगहों पर गैस खत्म होने के कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को हो रही है। कई जगहों पर गैस खत्म होने के कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है। वहीं जिन परिवारों में शादी समारोह होने वाले हैं, वे भी चिंता में हैं। कैटरर्स का कहना है कि केवल भोपाल में ही अगले 20 दिनों में एक हजार से ज्यादा शादियां होने वाली हैं। अगर गैस सिलेंडर की सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई तो आयोजन प्रभावित हो सकते हैं।

    सराफा कारोबार पर भी असर
    कमर्शियल गैस की कमी का असर सिर्फ होटल और शादियों तक सीमित नहीं है। सोना-चांदी के आभूषण बनाने वाले कारीगरों का काम भी प्रभावित होने लगा है। भोपाल सराफा एसोसिएशन के अनुसार शहर में करीब 3 हजार कारीगर काम करते हैं और हर कारीगर को महीने में औसतन 3 सिलेंडर की जरूरत पड़ती है।
    इस हिसाब से सराफा कारोबार में हर महीने करीब 9 हजार सिलेंडर का उपयोग होता है, यानी रोजाना लगभग 300 सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। सप्लाई रुकने से कारीगरों का काम ठप पड़ने लगा है।

    ऑनलाइन बुकिंग में भी आ रही दिक्कत
    इधर घरेलू गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुकिंग के दौरान कई लोगों को “बिलर टेंपरेरी डाउन” का मैसेज दिखाई दे रहा है, जिससे बुकिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। इससे कई उपभोक्ता सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।

    चाय भी हुई महंगी
    गैस सिलेंडर की कीमतों और सप्लाई संकट का असर छोटे दुकानदारों पर भी पड़ने लगा है। सीहोर में पहले 5 रुपए में मिलने वाली कट चाय अब 7 रुपए में मिल रही है। दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलेंडर महंगे होने और सप्लाई प्रभावित होने के कारण उन्हें मजबूरी में चाय के दाम बढ़ाने पड़े हैं।

    कारोबारियों की मांग
    होटल और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शादी समारोह, होटल व्यवसाय और छोटे कारोबारियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से कई सेक्टर प्रभावित हो रहे हैं। होटल-रेस्टोरेंट, कैटरिंग, सराफा कारीगर और छोटे दुकानदार सभी इस संकट से जूझ रहे हैं। कारोबारियों ने सरकार और गैस कंपनियों से जल्द सप्लाई बहाल करने की मांग की है।

  • मप्र कैबिनेट ने दी मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 33,240 करोड़ रुपये स्वीकृत

    मप्र कैबिनेट ने दी मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 33,240 करोड़ रुपये स्वीकृत


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही मंत्रि-परिषद ने कल्याणकारी योजनाओं सहित विभिन्न सात विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं की आगामी 5 वर्षों तक निरंतरता के लिए लगभग 33 हजार 240 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।

    प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री यंग इंटनर्स फॉर गुड-गवर्नेंस प्रोगाम को भी मंजूरी दी है। सिंगरौली के चितरंगी में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित कुल 7 नवीन पदों के सृजन की भी मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने मैहर, कैमोर जिला कटनी और निमरानी जिला खरगोन में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 3 औषधालय खोलने सहित चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ के 51 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है।

    उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा “मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम” को 3 वर्ष के लिए क्रियान्वयन के लिए लगभग 190 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग को अग्रिम कार्यवाही तथा प्रक्रिया निर्धारण कर नियमों एवं निर्देशों को जारी कर क्रियान्वयन के लिए अधिकृत किया गया है।

    निःशक्त जन को वृत्तिकर से छूट की निरंतरता की स्वीकृति
    काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश वृत्तिकर अधिनियम, 1995 के अंतर्गत निःशक्त जन को वृत्तिकर से छूट को 31 मार्च, 2030 तक निरंतर किये जाने की स्वीकृति दी गयी गई है।


    7 जिलों के लिए “एक जिला-एक उत्पाद” परियोजना का अनुमोदन

    उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा “एक जिला-एक उत्पाद” परियोजना अंतर्गत चयनित 07 जिलों में पारंपरिक व विशिष्ट उत्पाद के सरंक्षण, विकास और विपणन हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आगामी 5 वर्षों में 37.50 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस परियोजना में चयनित 07 जिलों में सीधी जिले में दरी एवं कारपेट, दतिया में गुड़, अशोकनगर में चंदेरी, हाथकरघा वस्त्र, भोपाल मे जरी-जरदोजी एवं जूट उत्पाद (जैसे पर्स आदि), धार में बाग प्रिंट, सीहोर में लकड़ी के खिलौने तथा उज्जैन में बटिक प्रिंट में आगामी 5 वर्षों के लिए 37.50 करोड़ रूपये की डी.पी.आर, तैयार की गयी है।इस परियोजना से स्थानीय शिल्पकारों, बुनकरों और कारीगरों को प्रशिक्षण, डिजिटलीकरण, ब्रांडिंग, विपणन तथा बाजार उपलब्धता जैसी सुविधायें प्रदान की जाएगी। यह परियोजना प्रदेश में स्थानीय उद्यमिता को बढावा, रोजगार सृजन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।


    सिंगरौली में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित 7 पदों की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने चितरंगी जिला सिंगरौली में व्यवहार न्यायालय की स्थापना के लिए व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड का एक नवीन पद और उनके कार्यालयीन अमले के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 नवीन पद सहित कुल 7 नवीन पदों का सृजन किये जाने की स्वीकृत प्रदान की है।


    मैहर, कैमोर और निमरानी में 3 नये औषधालयों को मंजूरी

    मंत्रि-परिषद ने भारत सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (इएसआईसी) द्वारा मैहर (जिला-मैहर), कैमोर (जिला कटनी), तथा निमरानी (जिला खरगौन) में 3 नये औषधालयों को खोलने एवं चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ के 51 पदों का सृजन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मैहर, कैमोर तथा निमरानी में नये कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय खोलने एवं नये पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे रजिस्टर्ड 15,686 श्रमिकों एवं उन पर आश्रित लगभग 62,744 परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।

    इसके साथ ही मंत्रि-परिषद् द्वारा निर्णय लिया गया कि रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत वितरण अधोसंरचना के उन्नयन, यथा वितरण हानियों में कमीं तथा वितरण प्रणाली सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण और विकास कार्यों के लिए प्राप्त केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य की वितरण कंपनियों को राज्य शासन द्वारा अनुदान के स्थान पर अंशपूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी।स्कीम के अंतर्गत माह नवम्बर 2024 तक ऋण के रूप में प्रदत्त राशि 887 करोड़ 91 लाख रुपये को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में प्रदान किए जाने का अनुमोदन किया गया।

    वहीं, मंत्रि-परिषद् द्वारावित्त विभाग की लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया के अन्तर्गत 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि (01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) के लिए निरंतरता के लिए कुल 63 करोड़ 76 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मंत्रि-परिषद द्वारा खनिज साधन विभाग के अंतर्गत “खनिज अधिभार का रक्षित निधि में अतंरण” योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखे जाने के लिए 6090 करोड़ 12 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

    मंत्रि परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की 31 मार्च 2031 तक निरंरता एवं सुचारू संचालन के लिये 7,127 करोड़ 38 लाख रूपये और योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय अंतर्गत संचालित 10 योजनाओं की 31 मार्च, 2031 तक निरंतरता के लिए 2,064 करोड़ 62 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। वहीं, जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के विकास और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति सहित अन्य कार्यों से संबंधित योजनाओं की वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता के लिए कुल राशि 1,645 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गयी है।

    मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता के लिए 3,773 करोड़ रुपये और एमएसएमई विभाग के अंतर्गत प्रोत्साहन व्यवसाय निवेश सवंर्धन/सुविधा प्रदाय योजना और स्टार्ट-अप पॉलिसी का क्रियान्वयन योजना सहित अन्य कार्यों की आगामी 5 वर्षों तक निरंतरता के लिए 11,361 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

  • रानी दुर्गावती अभयारण्य बनेगा चीतों का तीसरा घर : मोहन यादव

    रानी दुर्गावती अभयारण्य बनेगा चीतों का तीसरा घर : मोहन यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नौरादेही का रानी दुर्गावती अभयारण्य चीतों का तीसरा घर बनने जा रहा है। जल्द ही वहां भी चीते छोड़े जाएंगे।

    मुख्यमंत्री यादव ने मंगलवार को मंत्रिपरिषद् की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में चीते तेजी से फल-फूल रहे हैं। हाल ही में पांच नये शावकों की आमद से चीतों का परिवार और भी समृद्ध हुआ है। सरकार करीब दो महीने बाद रानी दुर्गावती अभयारण्य में भी चीते छोड़ने जा रही है। इससे मध्य प्रदेश में चीतों के तीन घर तैयार हो जाएंगे। हम मगर/घड़ियाल और कछुए भी विभिन्न जल क्षेत्रों में मुक्त करेंगे, ताकि हमारी जैव सम्पदा और भी समृद्ध हो सके।

    यादव ने कहा कि टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर सफलता का परचम लहराया है। खेलने वाले कुल 20 देश, 55 मैच और विजेता- भारत, यह आंकड़े बताते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम ने दृढ़ संकल्प, साहस और पराक्रम से यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ियों ने पूरे विश्व में देश का मान-सम्मान बढ़ाया है।

    मुख्यमंत्री ने संघ लोक सेवा आयोग-2026 के हालिया घोषित रिजल्ट में मध्य प्रदेश के दो होनहार अभ्यर्थियों द्वारा टॉप टेन अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त करने पर दोनों ही अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के कई विद्यार्थियों का यूपीएससी की परीक्षा में आईएएस, आईपीएस, आईआरएस इत्यादि कई पदों पर चयन हुआ है। हमारे विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में चयनित होकर प्रदेश का नाम रौशन कर रहे हैं।

    उन्होंने मंत्रियों से कहा कि मध्य प्रदेश में जल संचयन के लिए चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल द्वारा सराहना की गई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने गत 05 मार्च को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा था कि मध्य प्रदेश सामुदायिक सहभागिता से जल संरक्षण और सतत् जल प्रबंधन देश के सामने श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मध्य प्रदेश में 250 से अधिक नदियां हैं। मध्य प्रदेश बांधों की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। जल संचयन के प्रोत्साहन के लिए भारत सरकार भी जल इस दिशा में जनभागीदारी से ऐसा ही कदम बढ़ाने जा रही है।

    यादव ने बताया कि इस अभियान के प्रथम चरण में 2.79 लाख से अधिक जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कर महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। दूसरे चरण में भी मध्यप्रदेश में 72 हजार 647 जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं और 64 हजार 395 जल संरचना निर्माण कार्य फिलहाल प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस साल 19 मार्च 2026 से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में दस्तावेजों के डिजिटल पंजीयन का काम शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश में प्रति वर्ष करीब 16 लाख से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन किया जाता है। यह एक बड़ा काम है पर हम इसे समय-सीमा में ही पूरा करेंगे। संपदा 2.0 प्रणाली से दस्तावेजों का पूर्णत: पेपरलेस ई- पंजीयन शुरु कर दिया है। यह व्यवस्था नागरिकों को त्वरित सेवाएं देने के साथ-साथ प्रशासन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करेगी। संपदा प्रणाली से ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की सुविधा प्रदान कर पूरी प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिक बनाया गया है। इस प्रणाली में कोई भी व्यक्ति कहीं से भी ई-स्टॉम्प तैयार कर सकता है। यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं उपार्जन पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने जा रही है। साथ ही दलहन उत्पादन को प्रोत्साहन के लिए उड़द की खरीद पर भी 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने जा रही है। उड़द की खरीद पर बोनस देने के मामले में मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसने यह कदम उठाया है। गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अवधि 10 मार्च 2026 रखी गई थी। मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


    खाड़ी देशों में वर्तमान स्थिति के मद्देनजर हेल्पलाइन-कंट्रोल रूम स्थापित

    पश्चिम एशिया के हालात का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे मध्य प्रदेश के निवासियों की सहायता के लिए मध्य प्रदेश भवन नई दिल्ली में एवं भोपाल के वल्लभ भवन (मंत्रालय) में 24×7 हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई है। मध्य प्रदेश के निवासी जो खाड़ी देशों में अध्ययन, नौकरी, व्यवसाय, पर्यटन, इत्यादि के लिए गए और वर्तमान परिस्थतियों में किसी प्रकार की सहायता की अपेक्षा करते हों तो वे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। मध्यप्रदेश के लोगों की सकुशल स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए हम सभी कदम उठा रहे हैं। अब तक हजारों लोगों की सकुशल स्वदेश वापसी हो चुकी है।

  • मप्र में कमर्शियल गैस का संकट गहराया, कई शहरों में बुकिंग बंद, होटल-रेस्टोरेंट पर असर

    मप्र में कमर्शियल गैस का संकट गहराया, कई शहरों में बुकिंग बंद, होटल-रेस्टोरेंट पर असर


    भोपाल।
    ईरान पर जारी अमेरिकी-इजराइल सैन्य कार्रवाई के बीच वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। इसका असर अब मध्य प्रदेश में भी दिखने लगा है। प्रदेश के कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी गई है, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है।

    एलपीजी एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके गुप्ता के मुताबिक भोपाल में सोमवार से कमर्शियल सिलेंडर जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इस रोक से छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए कुछ परेशानी होना सामान्य है और प्रशासन इस बात पर नजर रख रहा है कि कमर्शियल सप्लाई बंद होने के बाद घरेलू सिलेंडरों का दुरुपयोग व्यावसायिक कामों में न हो। वहीं प्रदेश सरकार का कहना है कि घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।


    अब 25 दिन बाद ही बुक होगा अगला सिलेंडर

    घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब उपभोक्ता पिछली डिलीवरी की तारीख से 25 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकेंगे, जबकि पहले यह अवधि 21 दिन थी। तेल कंपनियों का दावा है कि घरेलू गैस की सप्लाई में कोई कमी नहीं है और स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है।


    गैस एजेंसियों पर लंबी लाइनें, लोगों की परेशानी बढ़ी

    हालांकि अधिकारियों के दावों के बीच गैस एजेंसियों पर घरेलू सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने सिलेंडर मिलने में देरी की शिकायत की है। एक उपभोक्ता अंजू विश्वकर्मा ने बताया कि स्लिप मिलने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। वहीं जयपाल बागड़े ने कहा कि एजेंसी से गैस लेने का समय दिया गया था, लेकिन बाद में अगले दिन आने को कहा गया।


    कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से व्यापारियों में चिंता

    कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से होटल-रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। दुकानदार राजकुमार जैन ने बताया कि व्यापारियों के पास केवल एक-दो दिन का ही स्टॉक बचा है। यदि जल्द सप्लाई शुरू नहीं हुई तो कारोबार प्रभावित हो सकता है। व्यापारिक संगठनों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।


    भोपाल: 2000 से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट संकट में

    भोपाल में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने से होटल-रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल और मंत्री अजय देवनानी के अनुसार शहर के करीब 2000 होटल-रेस्टोरेंट कमर्शियल गैस पर निर्भर हैं। शादी-समारोह के सीजन में बड़े होटल एक बार में 10-15 सिलेंडर तक और छोटे होटल 2-4 सिलेंडर तक इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल कुछ जगह स्टॉक बचा है, लेकिन दो-तीन दिन में खत्म होने की आशंका है।

    सराफा एसोसिएशन के मुताबिक गैस संकट का असर सोना-चांदी के करीब 3000 कारीगरों पर भी पड़ सकता है, जिन्हें रोज करीब 300 सिलेंडर की जरूरत होती है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने ऑयल कंपनियों, गैस एजेंसियों और व्यापार संगठनों की बैठक बुलाकर जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


    ग्वालियर: कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग बंद

    ग्वालियर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है। ग्वालियर-चंबल LPG फेडरेशन के अनुसार फिलहाल केवल अस्पताल और इमरजेंसी सेवाओं को ही सिलेंडर दिए जा रहे हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी में 5-6 दिन का समय लग रहा है। होटल संचालकों का कहना है कि गैस नहीं मिलने पर कारोबार प्रभावित होगा और कई लोग इंडक्शन चूल्हे जैसे विकल्प तलाश रहे हैं।

    इंदौर: फिलहाल राहत, लेकिन बढ़ सकती है परेशानी
    इंदौर में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद है। घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी 4-5 दिन में हो रही है। इंदौर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी के अनुसार अभी होटल इंडस्ट्री को बड़ा संकट नहीं आया है, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति गंभीर हो सकती है। होटल संचालकों ने इस मुद्दे पर बैठक बुलाने और मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी की है।


    जबलपुर: होटल व्यवसाय पर असर शुरू

    जबलपुर में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने गैस सप्लाई कम होने की शिकायत की है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर में गैस सप्लाई सीमित कर दी गई है, जिससे कारोबार प्रभावित हो सकता है।


    उज्जैन: रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

    उज्जैन में दो दिन से कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। कलेक्टर रोशन सिंह के अनुसार फिलहाल कमर्शियल गैस केवल अस्पताल और स्कूलों को दी जा रही है। घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग अब 25 दिन बाद होगी और डिलीवरी में 5-7 दिन लग सकते हैं। एजेंसियों के अनुसार घबराहट में लोग बड़ी संख्या में बुकिंग करा रहे हैं।


    प्रदेश में रोज इतनी गैस सप्लाई

    भोपाल: करीब 15 हजार सिलेंडर
    इंदौर: करीब 25 हजार
    जबलपुर: 20-25 हजार
    ग्वालियर: करीब 20 हजार
    सागर: 6-8 हजार
    छोटे जिलों में: करीब 2 हजार सिलेंडर रोज
    एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अनुसार मध्यप्रदेश में सवा करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता हैं।

    सरकार का दावा: सप्लाई सामान्य

    कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक है और घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है। सरकार ने लोगों से अफवाहों से बचने और अधिकृत जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।


    जमाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू

    केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू किया है। इसके तहत गैस को चार श्रेणियों में बांटा गया है—
    घरेलू रसोई गैस और सीएनजी को पूरी सप्लाई
    खाद कारखानों को लगभग 70% गैस
    बड़े उद्योगों को लगभग 80% गैस
    छोटे उद्योग, होटल और रेस्टोरेंट को भी पुरानी खपत के आधार पर करीब 80% गैस

  • ग्वालियर में लव मैरिज विवाद: नर्स से शादी के लिए 15 लाख दहेज की मांग, परिवार पर हमला

    ग्वालियर में लव मैरिज विवाद: नर्स से शादी के लिए 15 लाख दहेज की मांग, परिवार पर हमला



    ग्वालियर।  हजीरा स्थित राधा-कृष्ण विहार कॉलोनी में सोमवार शाम लव मैरिज के बीच बड़ा विवाद सामने आया। युवक अभय मौर्य और नर्स युवती के परिवार ने शादी तय कर ली थी, लेकिन अभय के माता-पिता और मामा ने 15 लाख रुपए का दहेज मांग डाला। जब युवती के भाई कृष्णा ने रकम देने से इनकार किया, तो अभय के परिवार ने युवती, उसके भाई और मां को सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और घर में तोड़फोड़ की।

    घटना की पूरी कहानी
    युवती की बहन नर्स है और वह अभय मौर्य से शादी करना चाहती थी। दोनों परिवारों ने शुरुआत में शादी के लिए हामी भर दी थी, लेकिन धीरे-धीरे अभय के परिजन दूरी बनाने लगे। युवती ने बातचीत की तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, लेकिन अभय लगातार कहता रहा कि चिंता मत करो, शादी होगी।

    दहेज न देने पर हिंसा
    सोमवार को अभय के पिता राघवेंद्र, मां सुनीता और मामा अनिल निगम युवती के घर पहुंचे। बातचीत में उन्होंने शादी के लिए 15 लाख रुपए दहेज की मांग की, और कहा कि रकम दिए बिना शादी नहीं होगी। युवती के भाई कृष्णा और माता ने यह मांग अस्वीकार कर दी। इसी पर बात इतनी बिगड़ी कि अभय के मामा ने कृष्णा और उनकी मां पर हमला कर दिया, डंडों से मारपीट की। युवती को भी बचाने आई बहन को चोटें आईं। घर में तोड़फोड़ भी की गई।

    मारपीट का विवरण
    कृष्णा के मुंह में डंडा लगने से सूजन।

    मां की उंगलियों और हाथों में चोटें।

    बहन को भी सड़क पर पीटा गया।

    घर में पथराव और तोड़फोड़।

    कृष्णा का कहना है कि अभय के मामा इस घटना के सबसे बड़े जिम्मेदार हैं, और अगर अभय को पता चलता तो यह नहीं होने देता।

    पुलिस कार्रवाई
    सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने कहा कि युवती के परिवार पर हमला हुआ है और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह विवाद प्रेम विवाह और दहेज मांग के कारण हुआ।

  • मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: 33,240 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी, मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स प्रोग्राम शुरू होगा

    मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: 33,240 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी, मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स प्रोग्राम शुरू होगा


    भोपाल। मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रि परिषद ने विभिन्न विभागों की योजनाओं को आगामी पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए करीब 33 हजार 240 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की।

    बैठक में युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम को मंजूरी दी गई। इस योजना के तीन वर्ष के क्रियान्वयन के लिए लगभग 190 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्यक्रम के तहत युवाओं को शासन प्रशासन की कार्यप्रणाली से जोड़कर नीति निर्माण और सुशासन की प्रक्रियाओं में भागीदारी का अवसर दिया जाएगा।

    कैबिनेट ने मध्यप्रदेश वृत्तिकर अधिनियम 1995 के तहत दिव्यांगजनों को वृत्तिकर से दी जा रही छूट को 31 मार्च 2030 तक जारी रखने का भी निर्णय लिया। इससे प्रदेश के हजारों दिव्यांग नागरिकों को आर्थिक राहत मिलती रहेगी।

    प्रदेश में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक जिला एक उत्पाद परियोजना के तहत सात जिलों को शामिल करने का निर्णय लिया गया। इसमें सीधी में दरी कारपेट दतिया में गुड़ अशोकनगर में चंदेरी हाथकरघा वस्त्र भोपाल में जरी जरदोजी और जूट उत्पाद धार में बाग प्रिंट सीहोर में लकड़ी के खिलौने तथा उज्जैन में बटिक प्रिंट को बढ़ावा दिया जाएगा। इस परियोजना के लिए आगामी पांच वर्षों में 37.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे जिससे स्थानीय कारीगरों और बुनकरों को प्रशिक्षण ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराया जाएगा।

    न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सिंगरौली जिले के चितरंगी में व्यवहार न्यायालय स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित कुल सात नए पदों का सृजन किया जाएगा।

    स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मैहर कैमोर कटनी और निमरानी खरगोन में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के तीन नए औषधालय खोलने का निर्णय लिया गया है। इन औषधालयों के लिए चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के 51 पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे लगभग 15 686 पंजीकृत श्रमिकों और उनके करीब 62 744 आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

    कैबिनेट ने ग्रामीण और खनिज क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी बड़ा फैसला लिया। खनिज अधिभार निधि के तहत ग्रामीण अवसंरचना पेयजल आपूर्ति और सड़क विकास कार्यों के लिए 6 090 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।

    इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए 7 127 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की 10 योजनाओं के लिए 2 064 करोड़ रुपये जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं के लिए 1 645 करोड़ रुपये और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के लिए 3 773 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।

    उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई विभाग की निवेश संवर्धन और स्टार्ट अप नीति के क्रियान्वयन हेतु 11 361 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इन फैसलों को प्रदेश के आर्थिक विकास रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • भिंड में NH-719 पर भीषण टक्कर: लग्जरी कार का एयरबैग बचा चालक की जान, सभी यात्री सुरक्षित

    भिंड में NH-719 पर भीषण टक्कर: लग्जरी कार का एयरबैग बचा चालक की जान, सभी यात्री सुरक्षित


    भिंड भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 719 पर मंगलवार दोपहर को एक जोरदार सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक लग्जरी कार और यात्री बस आमने-सामने टकरा गए। हादसे के वक्त कार का एयरबैग खुलने से चालक की जान बच गई, जबकि सभी यात्री सुरक्षित रहे।

    जानकारी के अनुसार, दुर्घटना दोपहर करीब पौने दो बजे हुई। ग्वालियर की ओर तेज रफ्तार से आ रही लग्जरी कार लगभग 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही थी। भिंड से ग्वालियर की ओर जा रही यात्री बस भी 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार में थी। ओवरटेक के प्रयास के दौरान दोनों वाहन आमने-सामने भिड़ गए।

    हादसे में कार का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। लेकिन एयरबैग खुलने के कारण चालक गंभीर चोटिल होने से बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल कार सवार को बाहर निकाला और डायल 112 पर सूचना दी।

    मौके पर पहुंची फर्स्ट रिस्पॉन्स टीम (FRV) और पुलिस ने तुरंत दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटाकर यातायात सुचारू किया। सभी यात्री सुरक्षित थे और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    हादसे के कारणों में तेज रफ्तार और ओवरटेक की कोशिश मुख्य वजह बताई जा रही है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से हाईवे पर सतर्क रहने और नियमों का पालन करने की अपील की है।

    इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर गति नियंत्रण और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है।

  • उज्जैन में शीतला सप्तमी: मंदिरों में महिलाओं की भारी भीड़, ठंडे भोग से मांगी परिवार की सुख-समृद्धि

    उज्जैन में शीतला सप्तमी: मंदिरों में महिलाओं की भारी भीड़, ठंडे भोग से मांगी परिवार की सुख-समृद्धि


    उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन में मंगलवार को शीतला सप्तमी पर श्रद्धालुओं ने मां शीतला का विधिपूर्वक पूजन किया। सुबह से ही शहर के प्रमुख शीतला माता मंदिरों और आसपास के मंदिरों में महिलाओं की भारी भीड़ नजर आई। महिलाएं अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए ठंडे भोग और ठंडाई अर्पित कर रही थीं।

    मंदिरों में भक्तिमय माहौल
    शहर के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से महिलाएं दर्शन और पूजा के लिए पहुंच रही थीं। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना का क्रम लगातार चलता रहा, और भक्तिमय वातावरण में महिलाएं भक्ति भाव से माता के दर्शन में लीन रही।

    सात दिनों तक चलती है पूजा परंपरा
    श्रद्धालु संतोष मालवीय ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है। इसके अनुसार, एक दिन पहले भोजन तैयार किया जाता है और रात करीब एक बजे माता को भोग अर्पित किया जाता है। माता को ठंडा भोग अर्पित करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और किसी प्रकार की परेशानी नहीं आती।

    मंदिरों में महिलाएं देर रात से ही पूजा के लिए जुटने लगती हैं और सात दिनों तक लगातार माता के दर्शन करती हैं।

    रोगों से मुक्ति और स्वास्थ्य की कामना
    श्रद्धालु शिल्पा मित्तल ने बताया कि शीतला माता की पूजा विशेषकर चैत्र कृष्ण सप्तमी या अष्टमी को की जाती है। इस दिन घर में नया भोजन नहीं बनाया जाता, बल्कि पहले दिन तैयार पकवान जैसे मीठे चावल, दही और पूड़ी माता को अर्पित किए जाते हैं।

    इस पूजा से चेचक और अन्य चर्म रोगों से रक्षा होती है और आरोग्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि माता का आशीर्वाद घर में स्वास्थ्य और समृद्धि बनाए रखता है।

    बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं
    पूजा के दौरान महिलाएं हर दिन सुबह मंदिर पहुंचकर माता को जल और भोग अर्पित करती हैं। छठे दिन विशेष भोजन लाकर सामूहिक पूजा की जाती है और सातवें दिन विधि-विधान से समापन पूजा होती है।

    वर्षों पुरानी इस परंपरा को उज्जैन की महिलाएं आज भी पूर्ण श्रद्धा और आस्था के साथ निभा रही हैं। इस अवसर पर महिलाएं अपने घर से ठंडाई और भोग तैयार कर मंदिर पहुंचीं और माता से परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना की।

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  • जबलपुर में गुजराती मोहल्ले की झुग्गियों में भीषण आग: 50 सालों से बसे परिवारों की रोजी-रोटी राख, 6 दमकलों ने पाया काबू

    जबलपुर में गुजराती मोहल्ले की झुग्गियों में भीषण आग: 50 सालों से बसे परिवारों की रोजी-रोटी राख, 6 दमकलों ने पाया काबू


    जबलपुर  जबलपुर के अधारताल थाना क्षेत्र स्थित गुजराती मोहल्ले में मंगलवार तड़के लगभग सुबह 5 बजे भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैल गई कि कुछ ही मिनटों में 8 से 10 झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की 6 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

    रात के समय हुआ हादसा, लोग सो रहे थे
    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अधिकांश लोग उस समय झोपड़ियों में सो रहे थे। अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। लोग किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकले, लेकिन उनका सारा घरेलू सामान, पुराने कपड़े और लाखों रुपए का स्टॉक जलकर राख हो गया।

    पुराने कपड़े बेचकर करते थे गुजारा
    गुजराती मोहल्ले में करीब 15 परिवार पिछले 50 सालों से अपने प्लॉट पर झुग्गियों में रह रहे हैं। ये परिवार पुराने कपड़े बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं। आग इतनी भीषण थी कि सभी झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।

    10 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान
    पीड़ित परिवारों ने बताया कि इस हादसे में उनका करीब 10 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। उनका जीवन, रोजी-रोटी और बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई।

    कविता गुजराती ने आंसू भरी आंखों से बताया, “रात के वक्त अचानक आग लगी, बच्चे चीखने लगे। हमारी जीवनभर की जमापूंजी और बच्चों का भविष्य सब खाक हो गया। तन में जो कपड़े पहने हैं, वही बचा है।”

    बुजुर्ग महिला शशि गुजराती ने कहा, “मेरे 25 साल के बेटे की मौत के बाद भी मैं भीख मांगकर गुजारा करती थी। पाई-पाई जोड़कर जो 15 हजार रुपए बचाए थे, वह भी आग में जल गए।”

    दमकलकर्मियों की कड़ी मशक्कत
    घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली, हालांकि हादसे के दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

    राहत और आगे की तैयारी
    प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक राहत उपायों की योजना बनाने की बात कही है। आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

  • जबलपुर में शिया समुदाय का जोरदार प्रदर्शन: खामेनेई के समर्थन में नारे, अमेरिका-इजराइल पर गुस्सा, प्रधानमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप की मांग

    जबलपुर में शिया समुदाय का जोरदार प्रदर्शन: खामेनेई के समर्थन में नारे, अमेरिका-इजराइल पर गुस्सा, प्रधानमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप की मांग


    जबलपुर। सोमवार देर रात जबलपुर की सड़कों पर सैकड़ों शिया समुदाय के लोग अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में प्रदर्शन करते नजर आए। लोग हाथों में खामेनेई की तस्वीरें और मोमबत्तियां लेकर “तुम कितने खामेनेई मारोगे, हर घर से अब खामेनेई निकलेगा, शिया-सुन्नी भाई-भाई, अल्लाह हू अकबर” जैसे नारे लगा रहे थे। यह रैली बेलबाग और फूटाताल चौराहे से मुमताज बिल्डिंग तक करीब दो किलोमीटर लंबी रही।

    प्रदर्शन में शामिल लोगों ने इजराइल और अमेरिका के प्रति गहरी नाराजगी जताई। शिया समुदाय ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को युद्ध का जिम्मेदार बताया। अंजुमन निदा-ए-इस्लाम के बैनर तले आयोजित इस रैली में लोगों ने देश की राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि खामेनेई की शहादत ने पूरे मुस्लिम समुदाय को गहरा झकझोर दिया है।

    जबलपुर के जव्वार हुसैन जैदी ने कहा कि अमेरिका और इजराइल द्वारा की गई युद्ध कार्रवाई पूरी तरह से गलत है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाकर युद्ध रोकवाए क्योंकि युद्ध में हमेशा आम जनता का ही नुकसान होता है।

    प्रदर्शनकारी सकीना फातिमा ने कहा कि वे फिलिस्तीन और ईरान के प्रति दुखी हैं और खामेनेई का बदला चाहते हैं। उनका कहना था कि खामेनेई ने शिया और सुन्नी समुदाय को भाई-भाई बताते हुए मुस्लिम एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खामेनेई के हत्यारे को कड़ी सजा मिले और अमेरिकी नेतृत्व को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

    सैयद उरोज अली ने कहा कि खामेनेई किसी एक मुसलमान के नहीं बल्कि पूरे मुस्लिम समुदाय के नेता थे। उन्होंने बताया कि समुदाय उनकी मिशन को आगे बढ़ाएगा और अन्याय के खिलाफ खड़ा रहेगा, चाहे वह शिया हो या सुन्नी, हिंदी मुसलमान हो या देवबंदी। प्रदर्शनकारी प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कह रहे थे कि उन्होंने शांतिपूर्ण जुलूस निकालने की अनुमति दी।

    शिया समुदाय ने प्रधानमंत्री से भी आग्रह किया कि अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाएं। उनका कहना था कि देश का 36 करोड़ मुसलमान प्रधानमंत्री के फैसले की ओर देख रहा है और उन्हें अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने शांति बहाली और मध्य-पूर्व में जारी युद्ध रोकने की भी मांग की।