Category: Madhya Pradesh

  • बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अर्पित किया नमन

    बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अर्पित किया नमन


    नई दिल्ली । बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती के अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने उन्हें सादर पूर्वक नमन करते हुए उनके राष्ट्रनिष्ठ जीवन, अडिग सिद्धांतों और स्वाभिमानपूर्ण नेतृत्व का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जी ने राष्ट्र, धर्म और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया और उनका यह योगदान सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

    श्री अमित शाह ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जी ऐसे जननेता थे, जिन्होंने कभी भी परिस्थितियों के दबाव में अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनका जीवन मूल्यनिष्ठ राजनीति, स्पष्ट विचार और निडर अभिव्यक्ति का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि बालासाहेब जी का व्यक्तित्व केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था, बल्कि वे पूरे देश के राष्ट्रप्रेमियों के लिए समान रूप से आदरणीय और प्रिय बने रहे। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जी ने समाज में स्वाभिमान की भावना को जागृत किया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जनमानस को दिशा देने का कार्य किया। उनका विचार और संघर्ष आज भी युवाओं तथा समाज के विभिन्न वर्गों को राष्ट्रसेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रेरित करता है।

    श्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा, “बालासाहेब ठाकरे जी ने राष्ट्र, धर्म और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। परिस्थितियाँ कैसी भी हों, सिद्धांतों से कभी समझौता न करने वाले बालासाहेब जी महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश के राष्ट्रप्रेमियों के लिए सदैव प्रिय बने रहेंगे। बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर उन्हें सादर पूर्वक नमन।” बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर देशभर में उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री का यह संदेश उनके विचारों, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति को सम्मान देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का संदेश भी है।

  • लोकतंत्र की मजबूती का संकल्प: मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर दिलाई शपथ

    लोकतंत्र की मजबूती का संकल्प: मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर दिलाई शपथ


    मध्य प्रदेश । 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देते हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में अधिकारी-कर्मचारियों को मतदाता शपथ दिलाई। इस अवसर पर मंत्रालय वल्लभ भवन सहित सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारियों ने पूरे उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर शासकीय सेवकों के बीच मतदान के महत्व और निष्पक्ष चुनाव की अनिवार्यता को रेखांकित करना रहा।

    मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शपथ दिलाते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और इसकी मजबूती प्रत्येक नागरिक की जागरूक भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारी-कर्मचारियों को शपथ दिलाई कि वे देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। शपथ में यह भी दोहराया गया कि अधिकारी-कर्मचारी निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा किसी भी प्रकार के प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

    मुख्य सचिव जैन ने कहा कि मतदान केवल अधिकार ही नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण नागरिक कर्तव्य भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शासकीय सेवकों की भूमिका समाज के लिए उदाहरण प्रस्तुत करने की होती है। यदि अधिकारी-कर्मचारी स्वयं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग और प्रतिबद्ध रहेंगे, तो आम नागरिकों में भी मतदान के प्रति विश्वास और जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की सभी को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह दिवस लोकतंत्र के प्रति हमारी निष्ठा को और अधिक मजबूत करेगा। कार्यक्रम के दौरान परिसर में सकारात्मक और प्रेरणादायी वातावरण देखने को मिला। अधिकारी-कर्मचारियों ने एक स्वर में शपथ लेकर लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। आयोजन ने यह संदेश दिया कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासनिक तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, के.सी. गुप्ता, शिवशेखर शुक्ला सहित मंत्रालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा-विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी एवं पुलिस अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में मनाते हुए यह संकल्प लिया कि वे अपने आचरण और कार्य से लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाएंगे। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि मजबूत लोकतंत्र की नींव जागरूक मतदाता और जिम्मेदार प्रशासन से ही रखी जा सकती है।

  • नीमच में काल बना बेकाबू ट्रेलर: बाइक सवार दो युवकों को 50 फीट तक घसीटा, रूह कंपा देने वाले हादसे में दोनों की मौत

    नीमच में काल बना बेकाबू ट्रेलर: बाइक सवार दो युवकों को 50 फीट तक घसीटा, रूह कंपा देने वाले हादसे में दोनों की मौत


    नीमच । मध्य प्रदेश के नीमच जिले में गुरुवार रात एक ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने प्रत्यक्षदर्शियों के कलेजे दहला दिए। कैंट थाना क्षेत्र के भरभड़िया फंटे पर एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सीमेंट से लदा यह भारी-भरकम ट्रेलर बाइक और उस पर सवार युवकों को करीब 50 फीट तक घसीटता चला गया। इस दर्दनाक मंजर में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, उनके शरीर ट्रेलर के टायरों के नीचे बुरी तरह कुचल गए।

    हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाइक को रौंदने के बाद बेकाबू ट्रेलर सड़क किनारे लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए पास के एक खेत में जा घुसा। इस दौरान ट्रेलर की चपेट में बिजली का खंभा भी आ गया, जिससे 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन में जोरदार स्पार्किंग हुई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि हाईटेंशन तार की चपेट में आने से कोई और बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन शॉर्ट सर्किट के धमाकों ने मौके पर मौजूद लोगों में दहशत भर दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही सीएसपी किरण चौहान और कैंट थाना प्रभारी निलेश अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रेलर के भारी वजन के नीचे शव इस कदर फंस गए थे कि उन्हें निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी। एम्बुलेंस और डायल 112 की टीम ने राहत कार्य करते हुए क्षत-विक्षत शवों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल भिजवाया। फिलहाल पुलिस के पास मृतकों की शिनाख्त को लेकर कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं मिले हैं, इसलिए बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भरभड़िया फंटे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर अनियंत्रित गति से चलने वाले भारी वाहनों के कहर को उजागर कर दिया है।

  • शहडोल पुलिस लाइन में सनसनी: ड्यूटी पर तैनात आरक्षक ने सर्विस राइफल से खुद को उड़ाया, मौके पर मिला टूटा मोबाइल

    शहडोल पुलिस लाइन में सनसनी: ड्यूटी पर तैनात आरक्षक ने सर्विस राइफल से खुद को उड़ाया, मौके पर मिला टूटा मोबाइल



    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां पुलिस लाइन में नाइट ड्यूटी पर तैनात एक युवा आरक्षक ने आत्मघाती कदम उठाते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। रक्षित केंद्र आरएआई में पदस्थ आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और ड्यूटी के दौरान बढ़ते तनाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त की है जब शिशिर सिंह राजपूत नाइट ड्यूटी पर तैनात थे। वे अपनी कुर्सी पर बैठे हुए थे, तभी अचानक उन्होंने अपनी 7.62 एमएम सर्विस राइफल को अपने सिर से सटाकर ट्रिगर दबा दिया। गोली सिर के आर-पार निकल गई और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण आरक्षक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गोली की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद अन्य कर्मचारी घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। मामले की सूचना मिलते ही एसपी रामजी श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

    घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने पर पुलिस को आरक्षक का मोबाइल फोन टूटा हुआ मिला है। प्रारंभिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि खुदकुशी जैसा खौफनाक कदम उठाने से ठीक पहले आरक्षक मोबाइल पर किसी से बात कर रहे थे। पुलिस को संदेह है कि बातचीत के दौरान शिशिर किसी गहरी मानसिक वेदना या आवेश में आ गए थे, जिसके चलते उन्होंने पहले अपना फोन तोड़ा और फिर तत्काल खुद को गोली मार ली। यह आवेश व्यक्तिगत कारणों से था या विभागीय दबाव से, इसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। एसपी रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है और मोबाइल के डेटा को रिकवर करने की कोशिश की जाएगी ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके। फिलहाल, इस घटना के बाद पुलिस लाइन में शोक की लहर व्याप्त है और सहकर्मी इस आकस्मिक क्षति से स्तब्ध हैं।

  • जहाँ देवी का मंदिर है, वहाँ इबादत कैसे स्वीकार होगी? भोजशाला विवाद पर विधायक रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान

    जहाँ देवी का मंदिर है, वहाँ इबादत कैसे स्वीकार होगी? भोजशाला विवाद पर विधायक रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान


    भोपाल । मध्य प्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद में अब सियासी बयानबाजी ने तूल पकड़ लिया है। बसंत पंचमी के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूजा और नमाज दोनों की अनुमति दिए जाने के बाद, भाजपा के प्रखर विधायक रामेश्वर शर्मा ने एक बड़ा और तीखा बयान जारी किया है। उन्होंने सीधे तौर पर मुस्लिम समुदाय से सद्भावना की अपील करते हुए सवाल उठाया है कि जिस स्थान पर देवी का अधिष्ठान है, वहाँ की गई इबादत का क्या अर्थ है।

    विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने संबोधन में तर्क दिया कि इबादत और आस्था के बीच एक स्पष्ट समझ होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मुसलमानों को स्वयं यह समझना चाहिए कि जहाँ मां वाग्देवी सरस्वती का प्राचीन मंदिर है, वहाँ आपकी इबादत कैसे स्वीकार हो सकती है? हमारे सनातनी समाज की यह मांग सदियों से रही है कि जहाँ विद्या की देवी माँ सरस्वती विराजमान हैं, उस पवित्र स्थल पर केवल पूजन और अर्चना ही होनी चाहिए।’ शर्मा ने आगे जोड़ा कि स्वयं मुस्लिम समाज के मान्यताओं में भी यह उल्लेख मिलता है कि मंदिर परिसर के भीतर की गई इबादत जायज नहीं होती, ऐसे में इस मुद्दे को राजनीति से प्रेरित करने के बजाय समझदारी से सुलझाना चाहिए।

    ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए विधायक ने याद दिलाया कि भोजशाला का निर्माण महान राजा भोज ने माँ सरस्वती की आराधना और ज्ञान के केंद्र के रूप में किया था। उन्होंने कहा कि यह विद्या की देवी का मंदिर है और इसे अनावश्यक विवादों में नहीं घसीटना चाहिए। ‘माँ जगत जननी की निरंतर पूजा-अर्चना हमारा अधिकार है। हम इसके लिए लोकतंत्र की चौखट पर भी जाएंगे और सर्वोच्च न्यायालय से भी बार-बार प्रार्थना करेंगे कि यहाँ केवल सनातन परंपरा का निर्वहन हो,’ उन्होंने स्पष्ट किया।

    रामेश्वर शर्मा का यह बयान ऐसे संवेदनशील समय में आया है जब धार प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बसंत पंचमी पर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग समय और स्थान नियत किए हैं। जहाँ एक ओर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूजा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विधायक की इस अपील ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबको मिलकर माँ सरस्वती की आरती-पूजा होने देनी चाहिए ताकि धार्मिक सौहार्द बना रहे और इतिहास के साथ न्याय हो सके।

  • ग्वालियर में सनसनीखेज खुलासा: अपहरण नहीं, लुटेरी दुल्हन गैंग की थी साजिश; शादी के चंद घंटों बाद 2 लाख लेकर हुई फरार

    ग्वालियर में सनसनीखेज खुलासा: अपहरण नहीं, लुटेरी दुल्हन गैंग की थी साजिश; शादी के चंद घंटों बाद 2 लाख लेकर हुई फरार


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश शहर के व्यस्ततम इलाके दाल बाजार में गुरुवार को दिनदहाड़े कार का कांच तोड़कर एक युवती के अपहरण की जिस घटना ने पूरे ग्वालियर को दहला दिया था, उसकी हकीकत सामने आते ही पुलिस और जनता दोनों हैरान हैं। जिसे लोग किडनैपिंग समझ रहे थे, वह दरअसल लुटेरी दुल्हन गैंग की एक सोची-समझी और फिल्मी अंदाज में रची गई साजिश निकली। पुलिस ने इस मामले में गैंग के एक सदस्य को दबोच लिया है, जिसके पास से ठगी के 90 हजार रुपये बरामद हुए हैं हालांकि मुख्य आरोपी दुल्हन और उसके अन्य साथी फिलहाल फरार हैं।

    इस पूरी साजिश की पटकथा शिवपुरी लिंक रोड निवासी महेंद्र पाराशर के घर से शुरू हुई। महेंद्र अपने मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे की शादी को लेकर चिंतित थे। इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए मुरैना निवासी राकेश शर्मा ने उन्हें झांसे में लिया। राकेश ने एक लड़की से शादी कराने का सौदा 2 लाख रुपये में तय किया। इसके बाद बंटी धाकड़ और हीरा ठाकुर नामक बिचौलियों ने महेंद्र को पूनम गौर उर्फ डॉली नाम की युवती से मिलवाया और उसे बंटी की साली बताया। महेंद्र ने बेटे के भविष्य की खातिर अपनी जमा-पूंजी से 2 लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए।

    शादी की औपचारिकताएं पूरी करने और नोटरी कराने के बाद जब महेंद्र अपने बेटे और नई नवेली बहू डॉली को कार से लेकर घर लौट रहे थे, तभी कोतवाली थाना क्षेत्र के दाल बाजार में साजिश का अगला हिस्सा शुरू हुआ। अचानक एक एक्टिवा और बाइक पर सवार चार नकाबपोश युवकों ने कार को ओवरटेक कर रोका। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने कार का कांच फोड़ा और दुल्हन को जबरन अपने साथ खींचकर ले गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे देख हर कोई सहम गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी की और सीसीटीवी खंगाले। जांच के दौरान जैसे ही कड़ियां जुड़ीं, अपहरण की यह कहानी ठगी के बड़े नेटवर्क में बदल गई। पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया, जिसने कबूला कि यह किडनैपिंग नहीं बल्कि दुल्हन को सुरक्षित भगाने का एक नाटक था ताकि परिवार पुलिस में शिकायत न कर सके। पकड़े गए आरोपी के पास से लूटी गई रकम के 90 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं।

    फिलहाल, पुलिस ने फरियादी महेंद्र पाराशर की शिकायत पर मुख्य सूत्रधार राकेश शर्मा, बंटी धाकड़, हीरा ठाकुर और लुटेरी दुल्हन पूनम गौर सहित 4 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश का मामला दर्ज कर लिया है। ग्वालियर पुलिस की कई टीमें अब इस संगठित गिरोह के बाकी सदस्यों और ‘डॉली’ की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर शादी के नाम पर होने वाले इस तरह के संगठित अपराधों के प्रति समाज को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

  • धार की भोजशाला में आस्था का संगम: बसंत पंचमी पर अखंड पूजन और जुमे की नमाज के बीच सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम

    धार की भोजशाला में आस्था का संगम: बसंत पंचमी पर अखंड पूजन और जुमे की नमाज के बीच सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम


    धार । मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले धार जिले में आज बसंत पंचमी के पावन पर्व पर एक अनूठा और संवेदनशील दृश्य देखने को मिल रहा है। मां वाग्देवी (सरस्वती) की आराधना और धार्मिक सद्भाव की चुनौती के बीच, भोजशाला परिसर में सूर्योदय के साथ ही हिंदू पक्ष द्वारा अखंड पूजा का अनुष्ठान प्रारंभ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के पालन में प्रशासन ने एक ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की है, जहां एक ओर मंत्रोच्चार की गूंज है, तो दूसरी ओर नमाज की शांतिपूर्ण अदायगी के लिए समय निर्धारित किया गया है।

    सूर्योदय की पहली किरण के साथ ही हिंदू समुदाय के श्रद्धालुओं ने मां वाग्देवी की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया। गुरुवार रात से ही भोजशाला में उत्सव का माहौल बन गया था, जब पूरी श्रद्धा के साथ मां वाग्देवी के चित्र को परिसर के भीतर स्थापित किया गया। आज सुबह से ही यहां महाआरती, धर्मसभा और भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जो सूर्यास्त तक अनवरत जारी रहेगा। श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है और पूरा क्षेत्र ‘जय सरस्वती माता’ के उद्घोष से गुंजायमान है।

    हालांकि, आज शुक्रवार होने के कारण स्थिति अधिक संवेदनशील है। न्यायिक निर्देशों के तहत, हिंदू समुदाय की अखंड पूजा के बीच ही दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मुस्लिम पक्ष को जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई है। इसके लिए प्रशासन ने परिसर के भीतर एक निश्चित स्थान और सीमित संख्या तय की है। नमाजियों और पूजा करने वालों के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं, ताकि दोनों पक्षों के बीच किसी भी प्रकार का टकराव न हो और दोनों अपनी-अपनी धार्मिक परंपराओं का निर्वाह बिना किसी व्यवधान के कर सकें।

    इस दोहरे आयोजन को देखते हुए धार शहर को पूरी तरह से एक अभेद्य छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा की कमान किसी किलेबंदी से कम नहीं है, जहां 8000 से अधिक पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं। सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 13 एसपी रेंज के अधिकारियों के साथ 25 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 67 एसडीओपी और 107 नगर निरीक्षकों की फौज तैनात है। इसके अतिरिक्त, आरएएफ की 8 प्लाटून और सीआरपीएफ के जवानों ने मोर्चा संभाल रखा है। महिला पुलिसकर्मियों की भी भारी तैनाती की गई है ताकि भीड़ नियंत्रण में कोई चूक न हो।

    प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अक्षरशः पालन करा रहे हैं। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। धार की यह धरा आज केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और आपसी समन्वय की एक बड़ी परीक्षा का केंद्र बनी हुई है। शाम तक चलने वाले इस अखंड पूजन और नमाज के शांतिपूर्ण समापन को लेकर पूरा प्रशासन मुस्तैद है, ताकि भोजशाला की ऐतिहासिक गरिमा और सामाजिक समरसता अक्षुण्ण बनी रहे।

  • भोपाल में एक बाइक पर सात युवक सवार: गौहर महल के पास वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग तेज

    भोपाल में एक बाइक पर सात युवक सवार: गौहर महल के पास वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग तेज


    भोपाल । भोपाल में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक स्प्लेंडर बाइक पर सात युवक सवार दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो वीआईपी रोड स्थित गौहर महल क्षेत्र का बताया जा रहा है, जो रेतघाट इलाके के निकट आता है। वीडियो में दिख रहे अधिकांश युवक नाबालिग बताए जा रहे हैं, लेकिन इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

    वायरल क्लिप 21 जनवरी की बताई जा रही है और इसकी लंबाई केवल 12 सेकंड है। इसमें साफ देखा जा सकता है कि एक ही दोपहिया वाहन पर सात युवक सफर कर रहे हैं, जो सामान्य यातायात नियमों के खिलाफ है। इतना ही नहीं, इस तरह की हरकतों से न केवल सवारों की जान खतरे में होती है, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी यह बेहद जोखिम भरा है।

    इससे पहले भी ग्वालियर से इसी तरह का वीडियो सामने आ चुका है, जिसमें सात नाबालिगों ने एक बाइक पर खतरनाक स्टंट किए थे।

    ग्वालियर वीडियो में नाबालिग तेज रफ्तार में बाइक चला रहे थे और यह घटना सोमवार रात की बताई गई थी, जबकि वीडियो मंगलवार सुबह वायरल हुआ था।

    भोपाल के वायरल वीडियो को लेकर लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ रही है। सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है और सवाल उठाए हैं कि आखिर कैसे इतनी संख्या में युवक बिना किसी रोक-टोक के सड़क पर ऐसे खतरनाक प्रयोग कर रहे हैं।

    किसी भी तरह की पुष्टि नहीं, फिर भी खतरा बढ़ता जा रहा
    हालांकि वीडियो की सत्यता और सटीक तारीख की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, फिर भी यह घटना युवा सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • भोपाल में खाद्य भवन निर्माण के लिए 150 पेड़ कटेंगे, विरोध में कर्मचारी-पर्यावरणविद् ने किया 'चिपको आंदोलन'

    भोपाल में खाद्य भवन निर्माण के लिए 150 पेड़ कटेंगे, विरोध में कर्मचारी-पर्यावरणविद् ने किया 'चिपको आंदोलन'


    भोपाल । भोपाल में अब एक बार फिर पेड़ कटाने का विवाद उभर आया है। अयोध्या बायपास और रत्नागिरी के बाद अब एमपी नगर में खाद्य भवन निर्माण के लिए लगभग 150 पेड़ काटे जाने की तैयारी है। ये पेड़ करीब 50 साल पुराने हैं और स्थानीय पर्यावरणविद्, कर्मचारी और आम नागरिक इस कदम के विरोध में हैं। गुरुवार को कर्मचारियों ने पेड़ों से चिपककर ‘चिपको आंदोलन’ किया और खुले तौर पर पेड़ कटाने का विरोध जताया।
    इस आंदोलन में कई महिला कर्मचारी भी हाथों में तख्तियां लेकर शामिल हुईं।

    जानकारी के अनुसार, वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने 64 करोड़ रुपए के बजट से सभी दफ्तरों को एक जगह शिफ्ट करने के लिए नए 6 मंजिला भवन का प्रस्ताव तैयार किया है। इस भवन का निर्माण एमपी नगर स्थित नाप-तौल नियंत्रक कार्यालय की जमीन पर होना है। अनुमान है कि सभी सुविधाओं सहित इस परियोजना पर 90 से 100 करोड़ रुपए तक खर्च आएगा। यह विवाद इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि वेयर हाउसिंग, खाद्य संचालनालय और नाप-तौल विभाग के अपने भवन हैं, जबकि केवल नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) ही किराए के दफ्तर में संचालित हो रहा है।

    वर्तमान में इसी जगह पर नाप-तौल मुख्यालय स्थित है। संभागीय और जिला कार्यालय पहले ही जेके रोड पर स्थानांतरित कर दिए गए हैं। यह पुरानी बिल्डिंग लगभग 50 साल पुरानी है, लेकिन अभी भी अच्छी स्थिति में है। नाप-तौल विभाग ने भी लगभग तीन महीने पहले पास में ही जमीन शासन से मांगी थी, जिससे यह सवाल उठता है कि नए भवन के लिए पेड़ काटना क्यों जरूरी है।

    वहीं दूसरी ओर, विध्यांचल भवन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का संचालनालय है, जबकि वेयर हाउसिंग की अपनी बड़ी बिल्डिंग गौतम नगर में मौजूद है।

    यानी विभाग के पास पहले से ही भवन और सुविधाएँ हैं, फिर भी नए 6 मंजिला भवन का प्रस्ताव क्यों बनाया जा रहा है, यह विवाद का मुख्य मुद्दा बन रहा है।

    इस मामले में विरोध तेज होने पर अब उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस घटना की जांच के लिए कदम उठाया है। सरकार ने ADG (मेरठ जोन) भानु भास्कर की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, जिसे 5 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ

    मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ


    भोपाल।भोपाल में 27 जनवरी 2026 की शाम खेल और युवा ऊर्जा का भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। खेलो एमपी यूथ गेम्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा किया जाएगा। यह भव्य समारोह शाम 6:30 बजे से टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें खेलों की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और देश के जाने-माने पार्श्व गायक कैलाश खेर की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स की तैयारी व्यापक स्तर पर की गई है। प्रदेश में ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं, जबकि जिला और संभाग स्तरीय मुकाबले प्रगति पर हैं, जो 25 जनवरी 2026 तक संपन्न हो जाएंगे। इसके बाद राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतिस्पर्धा में उतरेंगी।मंत्री श्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह को पूरी तरह खेलों की भावना और युवा उत्साह पर आधारित रखा गया है। कैलाश खेर की संगीतमय प्रस्तुति के साथ-साथ इंडियाज़ गॉट टैलेंट फेम डांस ट्रूप द्वारा ऊर्जावान नृत्य, खेलों के इतिहास पर आधारित नृत्य-नाटिका और भव्य आतिशबाजी आयोजन को यादगार बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम खेल, संस्कृति और युवा शक्ति का जीवंत संगम होगा।

    खेलो एमपी यूथ गेम्स की एक बड़ी विशेषता यह है कि देश में पहली बार खेल विभाग और सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के समन्वय से इतने बड़े स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि इस मॉडल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आए हैं। यह प्रयोग भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में मध्यप्रदेश का अहम कदम माना जा रहा है।खिलाड़ियों के चयन और सहभागिता को पारदर्शी बनाने के लिए डैशबोर्ड आधारित ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली अपनाई गई है। अब तक एक लाख से अधिक खिलाड़ी पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीयन से लेकर परिणामों तक की पूरी प्रक्रिया रीयल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए की जा रही है।

    राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 31 जनवरी 2026 तक चलेंगी, जिनमें कुल 28 खेल शामिल हैं। खेलों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न शहरों-भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम-में उनकी स्थानीय परंपरा और लोकप्रियता के अनुसार किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रोबॉल को भी विशेष स्थान दिया गया है।मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स प्रदेश के युवाओं को प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं और यह आयोजन मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।