Category: Madhya Pradesh

  • प्रधानमंत्री मोदी के क्रांतिकारी विकास मार्ग पर अग्रसर मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के क्रांतिकारी विकास मार्ग पर अग्रसर मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    मध्यप्रदेश । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल को अपनाते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में वरिष्ठ संपादक एवं लेखक पद्मश्री श्री आलोक मेहता द्वारा रचित पुस्तक ‘रिवॉल्यूशनरी राज – नरेन्द्र मोदी: 25 इयर्स’ कॉफी टेबल बुक ग्रहण करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर देशी-विदेशी निवेश को आकर्षित कर औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, स्टार्ट-अप्स, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएँ प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जा रही हैं।

    यह भेंट-वार्ता दिल्ली से दावोस स्विट्ज़रलैंड में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने से पूर्व हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में पुस्तकों और पठन-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन निर्माण योजना में पुस्तकालयों का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पत्रकारों, साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक कलाकारों को सामाजिक जागरूकता के लिए हर संभव सहयोग, सहायता एवं प्रोत्साहन देती रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तक में उल्लिखित समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं में अनुशासन तथा आत्मनिर्भर विकसित भारत के प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने के लिए वे पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पुस्तक की विस्तृत भूमिका केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा लिखे जाने को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री शाह, प्रधानमंत्री के संकल्पों को क्रियान्वित करते हुए आतंकवाद और नक्सल समस्या से प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं, जिससे देश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में यह पुस्तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इसे शिक्षण संस्थानों व पुस्तकालयों तक पहुँचाया जाना चाहिए।उल्लेखनीय है कि पुस्तक का प्रकाशन शुभी पब्लिकेशंस द्वारा किया गया।

  • इंदौर में प्रदूषित जल आपूर्ति मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति गठि

    इंदौर में प्रदूषित जल आपूर्ति मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति गठि


    इंदौर। इंदौर नगर में हाल ही में सामने आए प्रदूषित जल आपूर्ति के गंभीर घटनाक्रम को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की विस्तृत समीक्षा निष्कर्ष और भविष्य के लिए ठोस अनुशंसाएं तैयार करने के उद्देश्य से राज्य शासन ने एक उच्चस्तरीय राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं।

    राज्य स्तरीय समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ल करेंगे। समिति में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि तथा आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोडवे को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। वहीं आयुक्त इंदौर संभाग श्री सुदाम खाड़े को समिति का सदस्य-सचिव नामित किया गया है।समिति का मुख्य कार्य इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित प्रदूषित जल आपूर्ति की घटना के वास्तविक कारणों का गहन परीक्षण करना होगा। इसके अंतर्गत घटना से जुड़े सभी आवश्यक तथ्यों की जांच की जाएगी साथ ही यह भी देखा जाएगा कि प्रशासनिक तकनीकी अथवा प्रबंधन स्तर पर कहां और किस प्रकार की चूक हुई।

    समिति को यह अधिकार दिया गया है कि वह घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर सके। इसके साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव और अनुशंसाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी। जांच के दौरान समिति ऐसे अन्य विषयों को भी शामिल कर सकेगी जो जांचाधीन मामलों में आवश्यक या अनुषांगिक माने जाएं।जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए समिति को संबंधित विभागों से आवश्यक अभिलेख प्रतिवेदन और जानकारी प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर समिति द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण भी किया जा सकेगा ताकि जमीनी हकीकत का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके।

    राज्य सरकार ने समिति को यह निर्देश दिए हैं कि वह अपनी जांच यथाशीघ्र पूरी करे और अधिकतम एक माह की अवधि के भीतर अपना विस्तृत प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करे। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई जिम्मेदारी तय करने और सुधारात्मक कदम उठाए जाने की संभावना है।गौरतलब है कि इंदौर जैसे बड़े नगर में जल आपूर्ति से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन पर असर डालती है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा गठित यह समिति न केवल इस घटना की तह तक पहुंचने का प्रयास करेगी बल्कि भविष्य में सुरक्षित और स्वच्छ जल आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।

  • भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी

    भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी के छोला मंदिर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रहने के ठिकाने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक पति इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
    शादी के 14 महीने और मौत का मंजर मृतक महिला और आरोपी पति हेमराज जो पेशे से सब्जी का ठेला लगाता है दोनों की यह दूसरी शादी थी। महज 14 महीने पहले ही दोनों एक-दूसरे के साथ वैवाहिक बंधन में बंधे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ समय से दोनों के बीच रहने की जगह को लेकर अनबन चल रही थी। हेमराज चाहता था कि वे अपने पैतृक गांव में जाकर रहें जबकि पत्नी भोपाल शहर को छोड़कर गांव जाने के लिए तैयार नहीं थी।विवाद ने लिया हिंसा का रूप घटना वाले दिन इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई।
    विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर हेमराज ने अपनी पत्नी का गला दबा दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घबराया नहीं बल्कि उसने खुद ही पत्नी के मायके वालों को फोन कर घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार सूचना मिलते ही छोला थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पति को पकड़ लिया गया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके बाद हत्या की धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल: केंद्रीय जेल की महिला प्रहरी पर जानलेवा हमला; सिर पर वार कर बीच सड़क पर फेंका फरार आरोपी की तलाश शुरू

    भोपाल: केंद्रीय जेल की महिला प्रहरी पर जानलेवा हमला; सिर पर वार कर बीच सड़क पर फेंका फरार आरोपी की तलाश शुरू


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने केंद्रीय जेल में पदस्थ एक महिला प्रहरी कमला शर्मा पर जानलेवा हमला कर दिया। वारदात इतनी बर्बर थी कि हमले के बाद लहूलुहान हालत में महिला को बीच सड़क पर फेंक दिया गया। इस हमले में कमला शर्मा के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    हमले की वजह 4 लाख की ठगी और पुरानी रंजिश पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले का मुख्य आरोपी अमन खान है जो पीड़िता की साथी जेल प्रहरी का बेटा ही है। बताया जा रहा है कि घायल कमला शर्मा का पोता और आरोपी अमन खान आपस में दोस्त थे। अमन खान ने कमला शर्मा के पोते को बहला-फुसलाकर उससे 4 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी। इस मामले में कमला शर्मा ने कुछ दिन पहले ही अमन के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने उन पर यह जानलेवा हमला किया। वारदात के बाद से आरोपी फरार है जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।

    आज की अन्य बड़ी खबरें

    जबलपुर में स्टेट GST का छापा: 1.11 करोड़ की वसूली जबलपुर में लोहा और सीमेंट व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया जब स्टेट जीएसटी की टीम ने 3 फर्मों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच के दौरान कर चोरी पकड़े जाने पर विभाग ने मौके पर ही 1 करोड़ 11 लाख रुपये की वसूली की है।

    विधायक पर पत्थर से हमला 3 के खिलाफ मामला दर्ज प्रदेश में कानून व्यवस्था का हाल यह है कि अब जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं। एक ताजा मामले में बदमाशों ने एक विधायक के वाहन पर पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में 3 नामजद बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

    नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ अपनों का ही मोर्चा सत्ता के गलियारों में भी खींचतान जारी है। एक नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ उनकी ही पार्टी कांग्रेस के पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए भ्रष्टाचार और तानाशाही के आरोप लगाए हैं।
  • MP में तकनीकी क्रांति: अब रोबोट और 'अमृत रेखा' ऐप रोकेंगे पानी का प्रदूषण; इंदौर की त्रासदी

    MP में तकनीकी क्रांति: अब रोबोट और 'अमृत रेखा' ऐप रोकेंगे पानी का प्रदूषण; इंदौर की त्रासदी


    भोपाल । मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में अब पानी की शुद्धता और पाइपलाइन की सेहत की निगरानी इंसान नहीं बल्कि रोबोट करेंगे। इंदौर में दूषित पानी से हुई जनहानि के बाद सबक लेते हुए नगरीय प्रशासन विभाग ने जल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सुरक्षा कवच तैयार किया है। सरकार ने अमृत रेखा पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया है जिसके माध्यम से राज्य की जल आपूर्ति प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाया जा रहा है। अमृत रेखा ऐप: पाइपलाइन का ‘डिजिटल एक्स-रे’ अमृत रेखा पोर्टल पर प्रदेश के सभी 413 नगरीय निकायों के वाटर सप्लाई और सीवेज नेटवर्क की मैपिंग अपलोड की जाएगी।
    इस ऐप के जरिए अधिकारी रियल-टाइम में यह देख पाएंगे कि पाइपलाइन कहाँ से गुजर रही है और कहाँ सीवर लाइन के साथ क्रॉसिंग पॉइंट है। इससे उन संभावित क्षेत्रों का पहले से पता चल जाएगा जहाँ लीकेज की वजह से पानी दूषित होने का खतरा सबसे ज्यादा है। रोबोटिक डिटेक्शन: लीकेज का सटीक समाधान नई व्यवस्था के तहत जमीन के अंदर बिछी पुरानी और जटिल पाइपलाइनों के अंदर छोटे रोबोट भेजे जाएंगे। ये रोबोट सेंसर और कैमरों की मदद से उन बारीक दरारों और लीकेज का भी पता लगा लेंगे जो मानवीय आंखों से देखना संभव नहीं होता। यह तकनीक न केवल पानी की बर्बादी रोकेगी बल्कि सीवेज के गंदे पानी को पीने के पानी में मिलने से भी रोकेगी।

    आंकड़ों में सुधार की स्थिति नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा चलाए गए अभियान के तहत प्रदेश भर में पाइपलाइनों की गहन जांच की गई:चिह्नित लीकेज: राज्य भर में कुल 5,219 रिसाव के मामले सामने आए।तुरंत कार्रवाई: इनमें से 4,893 लीकेज को तत्काल प्रभाव से ठीक कर दिया गया है।सील्ड ट्यूबवेल भूजल स्रोतों की जांच के दौरान 58 ट्यूबवेल का पानी दूषित पाया गया जिन्हें प्रशासन ने तुरंत सील कर दिया ताकि लोग बीमार न पड़ें। इंदौर की घटना से लिया सबक हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण कई लोगों की मौत हो गई थी। इस त्रासदी ने जल वितरण प्रणाली की खामियों को उजागर किया था। ‘अमृत रेखा’ और रोबोटिक तकनीक के आने से अब पुरानी पाइपलाइनों के टूटने या उनमें सीवेज मिलने की स्थिति में सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा जिससे समय रहते समाधान किया जा सकेगा।

  • शंकराचार्य के अपमान पर जबलपुर में बवाल: कांग्रेस ने फूँका सीएम योगी का पुतला; मौनी अमावस्या स्नान विवाद

    शंकराचार्य के अपमान पर जबलपुर में बवाल: कांग्रेस ने फूँका सीएम योगी का पुतला; मौनी अमावस्या स्नान विवाद


    जबलपुर । प्रयागराज में मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को रोके जाने और उनके साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। इस घटना के विरोध में आज जबलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। क्या है पूरा विवाद? बीते 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने परंपरागत राजसी स्नान शाही स्नान के लिए रथ पर सवार होकर संगम तट की ओर जा रहे थे।
    इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उनके रथ को रोक दिया। इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। इस अपमान से आहत होकर शंकराचार्य ने संगम स्नान करने से इनकार कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। कांग्रेस का हमला: हिंदू आस्था और सनातन परंपरा पर प्रहार जबलपुर में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को साधु-संतों का घोर अपमान बताया। कांग्रेस पार्षद दल के सचेतक अयोध्या तिवारी ने कहा “एक तरफ भाजपा खुद को सनातन की रक्षक बताती है वहीं दूसरी तरफ देश के सर्वोच्च धर्मगुरुओं में से एक शंकराचार्य जी को उनके संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। योगी सरकार का यह व्यवहार अक्षम्य है।

    कांग्रेस पार्षद संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि मौनी अमावस्या जैसे पवित्र दिन पर संतों को रोकना और उनके शिष्यों के साथ बदसलूकी करना हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में माफी नहीं मांगी गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन केवल जबलपुर तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे। जबलपुर की सड़कों पर आज भारी गहमागहमी देखी गई और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

  • सीधी में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटा रेत से भरा हाइवा; क्लीनर की दर्दनाक मौत

    सीधी में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटा रेत से भरा हाइवा; क्लीनर की दर्दनाक मौत

    सीधी । मध्यप्रदेश में तेज रफ्तार वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सीधी जिले से सामने आया है जहां देर रात रेत से लदा एक अनियंत्रित हाइवा ट्रक पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में ट्रक के क्लीनर की मौके पर ही दबने से मौत हो गई जबकि ड्राइवर की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

    गांधी चौक इलाके में मची अफरा-तफरी यह हादसा सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांधी चौक से अस्पताल चौक की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेत से भरा हाइवा ट्रक काफी तेज रफ्तार में था। जैसे ही वह गांधी चौक बाजार क्षेत्र के पास पहुँचा चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और ट्रक बीच सड़क पर ही पलट गया। टक्कर और पलटने की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग सहम गए।

    क्लीनर की मौके पर मौत ड्राइवर की हालत नाजुक हादसे में हाइवा के क्लीनर की ट्रक के नीचे दबने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं ट्रक का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और राहत कार्य शुरू किया। घायल ड्राइवर को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर कर दिया गया है।

    जांच में जुटी पुलिस मंगलवार सुबह घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाया ताकि यातायात सुचारु हो सके। सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा केवल रफ्तार की वजह से हुआ या वाहन में कोई तकनीकी खराबी आई थी।

  • एमपी में सियासी घमासान: प्रीतम लोधी के बयान पर कांग्रेस का 'मुंहतोड़' पलटवार गौमांस

    एमपी में सियासी घमासान: प्रीतम लोधी के बयान पर कांग्रेस का 'मुंहतोड़' पलटवार गौमांस


    भोपाल। मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में उस समय सरगर्मी बढ़ गई जब बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी के एक कथित विवादित बयान पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने लोधी को मर्यादा में रहने की नसीहत देते हुए चेतावनी दी है कि यदि भाषा पर संयम नहीं रखा गया तो कांग्रेस इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को सनातन विरोधी करार दिया है।

    मानक अग्रवाल की चेतावनी राजनीति का गिर रहा है स्तर बीजेपी विधायक के जूते वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मानक अग्रवाल ने कहा प्रीतम लोधी संयम बरतें और तमीज से बात करें। इस तरह की भाषा का प्रयोग करेंगे तो उन्हें भागने की जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि राजनीति का परिदृश्य गिरता जा रहा है और बीजेपी सरकार डॉ. अंबेडकर की सोच को दबाना चाहती है। ग्वालियर में 14 मार्च को होने वाले दलित संगठनों के कूच पर उन्होंने आगाह किया कि यदि शहर में अराजकता फैली तो उसकी जिम्मेदार केवल सरकार होगी।

    बीजेपी का बचाव आक्रोश निजी पर बरैया के बोल भी गलत बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने प्रीतम लोधी के बयान को उनका निजी मत बताया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि फूल सिंह बरैया की बातों से प्रदेश का एक-एक व्यक्ति आक्रोशित है। सिसौदिया ने कांग्रेस से अपील की कि वे दलित संगठनों के आंदोलन में बहरूपिया बनकर न घुसें और किसी भी प्रकार का उपद्रव न करें। उन्होंने दावा किया कि जितना सम्मान बीजेपी ने बाबा साहेब को दिया है उतना किसी ने नहीं दिया।

    गौमांस मामले पर घिरी सरकार दिग्विजय पर भी वार भोपाल नगर निगम BMC स्लॉटर हाउस गौमांस मामले में भी राजनीति गरमा गई है। मानक अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार खुद गौमांस का निर्यात करा रही है और SIT का गठन सिर्फ मामले को रफा-दफा करने के लिए किया गया है। उन्होंने महापौर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके जवाब में राजपाल सिसौदिया ने कहा कि सरकार गौवंश संरक्षण के लिए संकल्पित है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दिग्विजय सिंह के दौरों को लेकर भी दोनों दल भिड़ गए। जहाँ मानक अग्रवाल ने उनके एक्टिव होने को कांग्रेस के लिए फायदेमंद बताया वहीं बीजेपी ने उन्हें मिस्टर बंटाढार’ कहते हुए तंज कसा कि उनके सक्रिय होने से बची-कुची कांग्रेस भी खत्म हो जाएगी।

  • ग्वालियर JAH में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर: 700 आउटसोर्स कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गंदगी और अव्यवस्था के बीच सिसक रहे मरीज

    ग्वालियर JAH में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर: 700 आउटसोर्स कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गंदगी और अव्यवस्था के बीच सिसक रहे मरीज


    ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल के सबसे बड़े जीवनदायिनी संस्थान जयारोग्य अस्पताल JAH में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह पटरी से उतर गई हैं। अस्पताल की सुरक्षा सफाई और वार्ड व्यवस्था संभालने वाले लगभग 700 आउटसोर्स कर्मचारी मंगलवार से अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल पर चले गए हैं। ‘एजाइल सिक्युरिटी फोर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के अधीन काम करने वाले इन कर्मचारियों के अचानक मोर्चे पर उतरने से अस्पताल परिसर में कचरे के ढेर लग गए हैं वहीं स्ट्रेचर और वार्ड बॉय न मिलने के कारण मरीजों के परिजन उन्हें हाथों में उठाकर ले जाने को मजबूर हैं।

    वादाखिलाफी से फूटा कर्मचारियों का गुस्सा हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का आरोप है कि एजाइल कंपनी उनके हकों का शोषण कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है और पिछले 2 साल का एरियर भी बकाया है। कंपनी द्वारा बोनस का भुगतान भी नहीं किया गया है। कर्मचारियों के अनुसार नवंबर 2025 में भी उन्होंने इन्हीं मांगों को लेकर आंदोलन किया था तब कंपनी प्रबंधन ने लिखित आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करवाई थी। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी जब वादा पूरा नहीं हुआ तो कर्मचारियों ने एक बार फिर ‘आर-पार’ की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

    अस्पताल की लाइफलाइन ठप मरीजों का बुरा हाल जयारोग्य अस्पताल में रोजाना हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुँचते हैं। हड़ताल के कारण सफाईकर्मी सुरक्षा गार्ड वार्ड बॉय स्ट्रेचर बॉय और फार्मेसी कर्मचारियों ने काम छोड़ दिया है। इसका सीधा असर अस्पताल की सफाई व्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ा है। ओटी OT और वार्डों में स्ट्रेचर न मिलने से गंभीर मरीजों को शिफ्ट करने में भारी परेशानी आ रही है। सुरक्षा गार्डों की अनुपस्थिति से अस्पताल की व्यवस्थाएं अनियंत्रित हो रही हैं और फार्मेसी काउंटर पर दवाओं के वितरण में भी बाधा आ रही है।

    मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन हड़ताली कर्मचारियों ने दोटूक शब्दों में कहा है कि इस बार वे केवल आश्वासन से नहीं मानेंगे। जब तक वेतन विसंगतियां दूर नहीं होतीं एरियर का भुगतान नहीं किया जाता और बोनस की राशि खाते में नहीं आती तब तक काम बंद रहेगा। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्थाएं जुटाने की कोशिश कर रहा है लेकिन इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की कमी को पूरा करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। यदि यह गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ तो अंचल की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है।

  • गर्लफ्रेंड के शौक और अय्याशी के लिए बने लुटेरे: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दंपती को लूटने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार, 500 कैमरों ने खोला राज

    गर्लफ्रेंड के शौक और अय्याशी के लिए बने लुटेरे: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दंपती को लूटने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार, 500 कैमरों ने खोला राज


    रतलाम। अपनी प्रेमिकाओं पर पैसे उड़ाने और शराब की लत को पूरा करने के लिए अपराध की राह चुनने वाले एक शातिर गिरोह का रतलाम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक दंपती के साथ डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले छह आरोपियों को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में दो शादीशुदा हैं जबकि चार कुंवारे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि लूट की रकम का बड़ा हिस्सा आरोपियों ने अपनी अय्याशी और गर्लफ्रेंड पर खर्च कर दिया। पुलिस ने इनके पास से लूटा गया कुछ माल और वारदात में इस्तेमाल बाइक जब्त की है।

    अवैध कट से पीछा कर दंपती को बनाया निशाना वारदात 5 जनवरी 2026 की है जब सांवलिया रूंडी निवासी राकेश मईड़ा अपनी पत्नी संगीता के साथ बाइक पर सवार होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के वालारूंडी क्षेत्र में एक अवैध कट से दाखिल हुए थे। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार छह बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू किया। सुनसान जगह देखकर बदमाशों ने दंपती के आगे अपनी बाइक अड़ा दी और डरा-धमकाकर उन्हें रोक लिया। लुटेरों ने दंपती से 23 हजार 900 रुपये नकद मोबाइल फोन और चांदी की दो चूड़ियां लूट लीं और फरार हो गए। चूंकि आरोपियों की संख्या पांच से अधिक थी इसलिए पुलिस ने इसे डकैती की श्रेणी में रखते हुए मामला दर्ज किया।

    हॉस्टल में मिली सिम और 500 कैमरों का जाल एसपी अमित कुमार के निर्देशन और प्रशिक्षु डीएसपी अनीशा जैन के नेतृत्व में गठित टीम ने इस चुनौतीपूर्ण मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर भागने के रास्तों तक करीब 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसी बीच पुलिस को एक अहम सुराग मिला। लूटे गए मोबाइल की सिम सागोद रोड स्थित एक हॉस्टल के पास सक्रिय पाई गई। जब पुलिस वहां पहुँची तो पता चला कि एक छात्र उस सिम का इस्तेमाल कर रहा है जिसे वह सिम सड़क पर गिरी हुई मिली थी। इस सुराग ने पुलिस को आरोपियों के हुलिए और उनके भागने की दिशा की पुष्टि कर दी।

    तालाब किनारे झोपड़ी में छिपा था गिरोह कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपी बांगरोद क्षेत्र में एक तालाब की पाल पर झोपड़ियां बनाकर छिपे हुए हैं। पुलिस ने दबिश देकर कैलाश फतेहसिंह उर्फ फतिया दिनेश उर्फ कालू बाबूलाल सतीश और लखन को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे लूट के पैसों से शराब पीते थे और अपनी गर्लफ्रेंड्स के महंगे शौक पूरे करते थे। पुलिस को आरोपियों के पास से महज 6,350 रुपये ही बरामद हुए क्योंकि शेष राशि वे अय्याशी में उड़ा चुके थे। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पुलिस ने बाजना और बांसवाड़ा राजस्थान क्षेत्र के रहने वाले आरोपियों को जेल भेज दिया है। इनमें कैलाश 24 फतेहसिंह 25 दिनेश 22 बाबूलाल 20 सतीश 24 और लखन 20 शामिल हैं। इनके पास से पुलिस ने चांदी की चूड़ियां कीमत 6 हजार और वारदात में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की है। एसपी अमित कुमार ने इस सफलता के लिए टीम की सराहना की है।