Category: Madhya Pradesh

  • MP: भोजशाला में बसंत पंचमी की तैयारियां तेज…कमिश्नर-आईजी पहुंचे धार, दोनों पक्षों से की बात

    MP: भोजशाला में बसंत पंचमी की तैयारियां तेज…कमिश्नर-आईजी पहुंचे धार, दोनों पक्षों से की बात


    धार।
    आगामी बसंत पंचमी (Basant Panchami) को लेकर मध्य प्रदेश के धार के भोजशाला (Bhojshala, Dhar) क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इंदौर कमिश्नर और आईजी (Commissioner and IG) ने हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों के साथ बैठक की। बताया जाता है कि इंदौर कमिश्नर डॉ. सुदामा खंडे और आईजी इंदौर अनुराग सिंह सोमवार को धार पहुंचे और सर्किट हाउस में हिन्दू-मुस्लिम समाज (Hindu-Muslim society) के प्रतिनिधि मंडलों से अलग-अलग बंद कमरे में चर्चा की।


    दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ बात

    बताया जाता है कि बैठक में हिंदू समाज की ओर से गोपाल शर्मा और अशोक जैन मौजूद रहे जबकि मुस्लिम समाज की ओर से शहर काजी वकार सादिक, हाजी मुजीब कुरेशी, सोहेल निसार, जावेद अंजुम साहब एवं सदर अब्दुल समद समेत कुल 8 प्रतिनिधि मौजूद रहे।


    क्या बोला हिन्दू पक्ष?

    भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने बताया कि प्रशासन के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक रही। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि मां सरस्वती की पूजा सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड रूप से होगी। उनके पास पूर्व का आदेश मौजूद है जिसे ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को सौंप दिया गया है। बाद में जोड़े गए सप्लीमेंट्री आदेश से उनका कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने मांग की कि पूजा के समय मंदिर और परिसर पूरी तरह खाली रखा जाना चाहिए।


    मुस्लिम पक्ष ने क्या कहा?

    वहीं इस बैठक के बाद मुस्लिम समाज सदर अब्दुल समद ने संवाददाताओं से कहा कि पहले भी मुस्लिम समाज ने प्रशासन का सहयोग किया है। मुस्लिम समाज का रुख साफ है कि नमाज पढ़ी जाएगी लेकिन वह सांकेतिक और सीमित संख्या में होगी। सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने शांति बनाए रखने और भ्रामक गतिविधियों पर रोक लगाने की अपील की।


    क्या बोले आईजी?

    आईजी अनुराग सिंह ने दोनों पक्षों के साथ बैठक के बाद कहा कि बातचीत बहुत शांतिपूर्ण और सुखद माहौल में हुई है। प्रशासन दोनों पक्षों द्वारा रखे गए सुझावों पर गंभीरता से विचार करके ही अगला कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि किसी भी हाल में शहर का माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और सुरक्षा के लिए हर जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। वर्तमान में प्रशासन और समाज के लोग भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के आने वाले नए आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि; बोले– युवाओं के लिए अनंत प्रेरणास्रोत है उनका शौर्य

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि; बोले– युवाओं के लिए अनंत प्रेरणास्रोत है उनका शौर्य


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भारतीय इतिहास के महान योद्धा, त्याग और बलिदान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके अदम्य साहस और देशप्रेम को नमन करते हुए उन्हें भारतीय अस्मिता का रक्षक बताया।

    शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि महाराणा प्रताप मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले महानायक थे। उनका जीवन वीरता, पराक्रम और संघर्ष की एक ऐसी गाथा है, जो हर पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि महाराणा प्रताप ने कठिन परिस्थितियों में भी कभी झुकना स्वीकार नहीं किया और अपने संकल्पों से मुगल साम्राज्य को चुनौती दी।

    युवाओं के मार्गदर्शक हैं उनके आदर्श डॉ. यादव ने आगे कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन और उनके आदर्श वर्तमान समय के युवाओं के लिए अनंत प्रेरणास्रोत हैं। उनका संघर्ष और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हमें यह सिखाती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि महाराणा प्रताप के दिखाए गए मार्ग और उनके वीरतापूर्ण संघर्ष से आने वाली पीढ़ियाँ सदैव मार्गदर्शन प्राप्त करती रहेंगी। उल्लेखनीय है कि मेवाड़ के महान शासक महाराणा प्रताप का निधन 19 जनवरी 1597 को हुआ था। आज उनकी पुण्यतिथि पर देश भर में उन्हें याद कर नमन किया जा रहा है।

  • बिजली उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले: समाधान योजना में अब तक 281 करोड़ का सरचार्ज माफ, ऊर्जा मंत्री ने 31 जनवरी तक बढ़ाई 100% छूट की अवधि

    बिजली उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले: समाधान योजना में अब तक 281 करोड़ का सरचार्ज माफ, ऊर्जा मंत्री ने 31 जनवरी तक बढ़ाई 100% छूट की अवधि


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार की ‘समाधान योजना 2025-26’ बकायादार बिजली उपभोक्ताओं के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के प्रति उपभोक्ताओं के भारी उत्साह को देखते हुए ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रथम चरण की अवधि को 31 जनवरी 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब तक इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं ने अपने पुराने बिजली बिलों के बोझ को कम किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक 653 करोड़ 60 लाख रुपये की मूल राशि जमा हो चुकी है, जबकि उपभोक्ताओं को राहत देते हुए 281 करोड़ 54 लाख रुपये का सरचार्ज अधिभार माफ किया गया है।

    12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने उठाया लाभ ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया कि पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई इस योजना में अब तक 12 लाख 77 हजार 753 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। योजना का मुख्य उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को राहत देना है जिनका बिल 3 माह से अधिक समय से बकाया है। “जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं” के सिद्धांत पर आधारित इस योजना में पहले चरण के तहत बकाया बिल एकमुश्त जमा करने पर 60 से 100 प्रतिशत तक की सरचार्ज माफी दी जा रही है।

    तीनों विद्युत वितरण कंपनियों का रिपोर्ट कार्ड योजना का लाभ प्रदेश की तीनों वितरण कंपनियों के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर देखा गया है मध्य क्षेत्र कंपनी: यहाँ 4.02 लाख उपभोक्ताओं ने 411.49 करोड़ रुपये की मूल राशि जमा की और 218.44 करोड़ का सरचार्ज माफ हुआ। पूर्व क्षेत्र कंपनी: यहाँ 4.39 लाख उपभोक्ताओं ने 130.50 करोड़ जमा किए और 45.41 करोड़ की छूट पाई। पश्चिम क्षेत्र कंपनी: यहाँ 4.35 लाख उपभोक्ताओं ने 111.61 करोड़ की मूल राशि जमा कर 17.69 करोड़ का सरचार्ज माफ कराया।

    फरवरी से शुरू होगा दूसरा चरण, कम हो जाएगी छूट ऊर्जा मंत्री ने अपील की है कि उपभोक्ता 31 जनवरी तक प्रथम चरण का लाभ उठा लें, क्योंकि इसके बाद 1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक द्वितीय और अंतिम चरण चलेगा। दूसरे चरण में सरचार्ज माफी का प्रतिशत घटकर 50 से 90 फीसदी रह जाएगा। अतः अधिकतम लाभ के लिए जनवरी अंत तक भुगतान करना ही समझदारी होगी।

    कैसे लें योजना का लाभ? योजना में शामिल होने के लिए प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। उपभोक्ता बिजली कंपनी के ऐप, कॉमन सर्विस सेंटर CSC एमपी ऑनलाइन या नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। रेलू एवं कृषि उपभोक्ता: कुल बकाया राशि का 10% जमा कर पंजीयन करा सकते हैं। र-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता: कुल बकाया राशि का 25% जमा कर योजना का लाभ ले सकते हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NDRF के स्थापना दिवस पर दीं शुभकामनाएँ; बोले- जवानों का साहस और सेवा भाव गर्व का विषय

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NDRF के स्थापना दिवस पर दीं शुभकामनाएँ; बोले- जवानों का साहस और सेवा भाव गर्व का विषय


    भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल NDRF के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के सभी अधिकारियों और जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। सोमवार को जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में NDRF द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और उनके समर्पण की सराहना की।

    ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के ध्येय को किया नमन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि NDRF ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के पावन ध्येय वाक्य के साथ कार्य करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि चाहे भीषण प्राकृतिक आपदा हो या कोई अन्य विषम परिस्थितियाँ, यह बल हमेशा संकट के समय रक्षक बनकर खड़ा रहता है। मुख्यमंत्री ने बल की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में बचाव कार्यों के लिए NDRF का समर्पण अनुकरणीय है।

    साहस और सेवा भाव पर जताया गौरव मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में जवानों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि NDRF के जवानों का अदम्य साहस, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और निस्वार्थ सेवा भाव न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित करता है। संकट की हर घड़ी में अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा करने का उनका संकल्प प्रेरणादायी है। उल्लेखनीय है कि NDRF स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 19 जनवरी को मनाया जाता है। देश में आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए इस बल का गठन किया गया था, जिसने समय-समय पर अपनी विशेषज्ञता से हजारों लोगों की जान बचाई है।

  • उज्जैन में बदमाशों का दुस्साहस: घर के बाहर खड़ी कारोबारी की 11 लाख की कार फूंकी; एक ने लगाई आग

    उज्जैन में बदमाशों का दुस्साहस: घर के बाहर खड़ी कारोबारी की 11 लाख की कार फूंकी; एक ने लगाई आग


    उज्जैन । महाकाल की नगरी उज्जैन में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। शहर के भार्गव नगर इलाके में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात बदमाशों ने सरेराह गुंडागर्दी का ऐसा नंगा नाच दिखाया, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने एक कपड़ा कारोबारी के घर के बाहर खड़ी कीमती कार को आग के हवाले कर दिया। वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जहाँ एक बदमाश आग लगा रहा था, वहीं उसका साथी मोबाइल से इस पूरी घटना का वीडियो बना रहा था, जिससे यह मामला आपसी रंजिश या दहशत फैलाने की साजिश प्रतीत हो रहा है।

    सीसीटीवी में कैद हुई लाइव वारदात पूरी घटना भार्गव नगर निवासी कारोबारी नरेश धनवानी के घर के बाहर रात करीब ढाई बजे घटित हुई। उनकी हुंडई वर्ना कार क्रमांक एमपी 13 पी 1313 घर के बाहर पार्क थी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि दो युवक बाइक पर सवार होकर आते हैं। एक बदमाश बाइक से उतरता है और कार पर कोई ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर माचिस मार देता है। देखते ही देखते कार आग के गोले में तब्दील हो जाती है। इस दौरान बाइक पर बैठा दूसरा बदमाश भागने के बजाय स्थिर होकर अपने मोबाइल से आगजनी का वीडियो रिकॉर्ड करता रहा, मानो वह अपनी इस करतूत का ‘जश्न’ मना रहा हो।

    पूरी तरह जलकर खाक हुई 11 लाख की कार धमाके और आग की लपटें देख कारोबारी के परिजनों की नींद खुली और वे आनन-फानन में बाहर आए। तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँचती और आग पर काबू पाया जाता, तब तक 11 लाख रुपये मूल्य की कार पूरी तरह जलकर लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी थी। गनीमत यह रही कि आग की लपटें घर के भीतर तक नहीं पहुँची, अन्यथा कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी।

    रंजिश या दहशत फैलाने की कोशिश? घटना के बाद से क्षेत्र के निवासियों में डर का माहौल है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। वीडियो बनाने की मंशा यह संकेत देती है कि आरोपी इसे किसी को डराने के लिए साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते थे या सोशल मीडिया पर रील बनाकर दहशत फैलाना चाहते थे। पुलिस कारोबारी के पुराने विवादों और व्यावसायिक रंजिश के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। नीलगंगा थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

  • पांगरी बांध परियोजना: अब बच्चों ने संभाली आंदोलन की कमान; CM को लिखा पत्र, माँगा जमीन का दोगुना मुआवजा

    पांगरी बांध परियोजना: अब बच्चों ने संभाली आंदोलन की कमान; CM को लिखा पत्र, माँगा जमीन का दोगुना मुआवजा


    बुरहानपुर । मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में पांगरी बांध परियोजना को लेकर चल रहा विवाद अब एक भावुक मोड़ पर पहुँच गया है। अपनी पुश्तैनी जमीन और आजीविका बचाने की जंग लड़ रहे किसानों के बाद अब उनके मासूम बच्चों ने भी आंदोलन के मैदान में कदम रख दिया है। रविवार को प्रभावित किसानों के छोटे-छोटे बच्चों ने हाथों में विरोध की तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम पत्र लिखकर अपनी व्यथा सुनाई। बच्चों की एक ही मांग है हमारी जमीन का सही दाम दो, हमें दोगुना मुआवजा दो।

    अनोखे प्रदर्शनों के बाद भी सरकार मौन मुआवजे की मांग को लेकर पांगरी बांध प्रभावित किसान लंबे समय से संघर्षरत हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के कारण आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसान इससे पहले अपनी बात सरकार तक पहुँचाने के लिए ‘पत्थर खाओ आंदोलन’, ‘भैंस के आगे बीन बजाना’ और ‘अर्धनग्न प्रदर्शन’ जैसे कई अनूठे तरीके अपना चुके हैं। इन तमाम कोशिशों के बावजूद जब शासन-प्रशासन की नींद नहीं टूटी, तो अब घर के नौनिहालों ने अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए मोर्चा खोल दिया है।

    हाथों में तख्तियां और आँखों में भविष्य की चिंता रविवार का नजारा बेहद हृदयविदारक था, जब स्कूल जाने की उम्र वाले बच्चे अपने माता-पिता के साथ आंदोलन स्थल पर डटे नजर आए। बच्चों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर मुख्यमंत्री से गुहार लगाते संदेश लिखे थे। बच्चों का कहना है कि उनकी जमीन ही उनके भविष्य का आधार है; यदि उसका उचित मुआवजा नहीं मिला, तो उनकी पढ़ाई और जीवन पर संकट आ जाएगा। उन्होंने पत्र के माध्यम से मांग की है कि वर्तमान बाजार दर के हिसाब से जमीन का दोगुना मुआवजा दिया जाए ताकि विस्थापन के बाद परिवार दोबारा खड़ा हो सके।

    बढ़ता दबाव और प्रशासनिक चुनौती किसानों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत उनकी बर्बादी से न चुकाई जाए। बच्चों के आंदोलन में कूदने से इस मामले ने अब मानवीय और नैतिक रूप ले लिया है, जिससे जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर बच्चों के प्रदर्शन की तस्वीरें वायरल होने के बाद अब इस मुद्दे पर प्रदेश भर की नजरें टिकी हैं। पांगरी बांध परियोजना का भविष्य फिलहाल अधर में नजर आ रहा है, क्योंकि किसान अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन बच्चों की पुकार पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या प्रशासन संवाद का कोई नया रास्ता खोज पाता है।

  • कृषि मंत्री के गृह जिले मुरैना में मिट्टी परीक्षण; का बड़ा खेल: 3000 फर्जी किसानों के नाम पर करोड़ों का घपला, तेलंगाना तक जुड़े तार

    कृषि मंत्री के गृह जिले मुरैना में मिट्टी परीक्षण; का बड़ा खेल: 3000 फर्जी किसानों के नाम पर करोड़ों का घपला, तेलंगाना तक जुड़े तार


    मुरैना । मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना के गृह जिले मुरैना से भ्रष्टाचार का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ मिट्टी परीक्षण के नाम पर कागजों में ही खेती और किसान पैदा कर दिए गए। हैरानी की बात यह है कि निजी लैबों ने अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर मुरैना में बैठकर शहडोल, भिलाई, नागदा और यहाँ तक कि तेलंगाना के किसानों के नाम पर फर्जी ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ जारी कर दिए। इस बड़े फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी खजाने को लाखों-करोड़ों की चपत लगाने की आशंका जताई जा रही है।

    निजी हाथों में कमान और शुरू हुआ भ्रष्टाचार का खेल उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले वर्ष मिट्टी परीक्षण की जिम्मेदारी निजी लैबों को सौंप दी थी। इसका उद्देश्य किसानों को उनके खेत की मिट्टी की गुणवत्ता की सटीक जानकारी देना था, ताकि वे सही उर्वरकों का उपयोग कर सकें। लेकिन निजी लैब संचालकों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया। उन्होंने न तो खेत देखे और न ही मिट्टी के नमूने लिए, बल्कि दफ्तरों में बैठकर ही किसान, खेत और फसलों का फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर लिया।

    हजारों किलोमीटर दूर के किसानों का मुरैना में ‘परीक्षण’ जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे सरकारी सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी हैं। मुरैना की इन लैबों ने तीन हजार से अधिक ऐसे किसानों के सॉइल हेल्थ कार्ड जारी किए हैं, जिनका वजूद ही जिले में नहीं है। इनमें मध्य प्रदेश के अन्य जिलों जैसे शहडोल और नागदा के अलावा छत्तीसगढ़ के भिलाई और दक्षिण भारत के राज्य तेलंगाना तक के फर्जी नाम शामिल हैं। सवाल यह उठता है कि हजारों किलोमीटर दूर के खेतों की मिट्टी परीक्षण के लिए मुरैना कैसे पहुँची और अधिकारियों ने बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान की फाइलें कैसे आगे बढ़ा दीं?

    कृषि विभाग और लैब संचालकों की मिलीभगत यह पूरा फर्जीवाड़ा कृषि विभाग के अधिकारियों और निजी लैब संचालकों की गहरी मिलीभगत का नतीजा माना जा रहा है। सरकार प्रति सॉइल हेल्थ कार्ड लैब को एक निश्चित राशि का भुगतान करती है। इसी राशि को डकारने के लिए कागजों पर फर्जी किसानों की फौज खड़ी कर दी गई। कृषि मंत्री के गृह जिले में ही इस तरह का खेल होने से विभाग में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में सरकार क्या कार्रवाई करती है। क्या केवल छोटी मछलियों पर गाज गिरेगी या इस सिंडिकेट को चलाने वाले बड़े अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा? इस खुलासे के बाद अब पूरे प्रदेश में संचालित निजी लैबों की जांच की मांग उठने लगी है।

  • ग्वालियर-इटावा हाईवे पर सुरक्षा का 'कवच': पेड़ों पर चमकेंगे रेडियम रिफ्लेक्टर, बेसहारा पशुओं को भी पहनाई जाएगी सुरक्षा बेल्ट

    ग्वालियर-इटावा हाईवे पर सुरक्षा का 'कवच': पेड़ों पर चमकेंगे रेडियम रिफ्लेक्टर, बेसहारा पशुओं को भी पहनाई जाएगी सुरक्षा बेल्ट


    भिंड । ग्वालियर-इटावा नेशनल हाईवे 719 पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और वाहन चालकों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए भिंड यातायात पुलिस ने एक सराहनीय मुहिम शुरू की है। हाईवे किनारे स्थित जानलेवा बन चुके पेड़ों के कारण होने वाले हादसों को देखते हुए अब उन पर ट्री स्टर्ड रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हाईवे पर अक्सर हादसों का कारण बनने वाले बेसहारा पशुओं की सुरक्षा और उनसे होने वाली टक्करों को रोकने के लिए भी विशेष योजना तैयार की गई है।

    हादसे से सबक लेकर शुरू हुआ अभियान इस विशेष अभियान की शुरुआत हाल ही में हुए एक सड़क हादसे से सबक लेते हुए की गई है। दरअसल, कुछ दिनों पहले ग्वालियर-इटावा हाईवे पर एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे एक विशाल पेड़ से टकरा गई थी। गनीमत रही कि कार के एयरबैग समय पर खुल गए और उसमें सवार महिला की जान बच गई। इस घटना के बाद यातायात पुलिस ने उन सभी स्थानों और पेड़ों को चिह्नित किया, जो रात के अंधेरे या धुंध में वाहन चालकों को नजर नहीं आते और हादसों का सबब बनते हैं।

    क्वारी नदी पुल से सूर्या होटल तक बिछाया सुरक्षा जाल यातायात पुलिस द्वारा संचालित यह अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इटावा रोड स्थित क्वारी नदी पुल से लेकर ग्वालियर रोड स्थित सूर्या होटल तक के क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े पेड़ों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। ये रिफ्लेक्टर रात के समय वाहनों की लाइट पड़ते ही चमक उठते हैं, जिससे चालक को दूर से ही सड़क की सीमा और किनारे लगे पेड़ों का आभास हो जाता है। इससे तेज रफ्तार वाहनों के सड़क से उतरकर टकराने की आशंका काफी कम हो गई है।

    पशुओं पर भी लगेगा रेडियम, सुरक्षित होगा सफर पेड़ों के साथ-साथ हाईवे पर आवारा घूमने वाले मवेशी भी एक बड़ी चुनौती हैं। पुलिस प्रशासन ने निर्णय लिया है कि हाईवे पर विचरण करने वाले बेसहारा पशुओं के गले या सींगों पर भी रेडियम रिफ्लेक्टर बेल्ट लगाए जाएंगे। अक्सर रात में काले या गहरे रंग के पशु सड़क के बीच में बैठे होने पर दिखाई नहीं देते, जिससे भीषण दुर्घटनाएं होती हैं। रेडियम बेल्ट लगने से दूर से ही चालक को पशु की मौजूदगी का पता चल जाएगा। यातायात पुलिस का यह दोहरा सुरक्षा चक्र हाईवे पर होने वाली जनहानि को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा।

  • मैहर में नशे पर बड़ी कार्रवाई: 40 लाख का गांजा जब्त, भूंसे के नीचे छिपाकर रखा था चार क्विंटल मादक पदार्थ

    मैहर में नशे पर बड़ी कार्रवाई: 40 लाख का गांजा जब्त, भूंसे के नीचे छिपाकर रखा था चार क्विंटल मादक पदार्थ


    मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी चोट करते हुए गांजे की भारी खेप बरामद की है। उचेहरा थाना क्षेत्र के सखौंहा खुर्द गांव में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने भूंसे के नीचे छिपाकर रखा गया करीब चार क्विंटल गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 40 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उचेहरा थाना पुलिस को लंबे समय से क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना मिल रही थी। इसी कड़ी में मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात विशेष टीम गठित कर सखौंहा खुर्द गांव में छापा मारा गया। यह कार्रवाई गांव निवासी रामाधार चौधरी के घर पर की गई, जहां मादक पदार्थ छिपाए जाने की आशंका जताई गई थी।

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर के एक हिस्से में रखे भूंसे को हटाकर तलाशी ली, तो उसके नीचे प्लास्टिक की 15 बोरियां रखी हुई मिलीं। जब बोरियों को खोलकर देखा गया, तो उनमें गांजा भरा हुआ पाया गया। तौल करने पर कुल गांजे का वजन करीब चार क्विंटल निकला। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने से पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने मौके से आरोपी रामाधार चौधरी को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद उसे एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से गांजे के अवैध कारोबार में संलिप्त था और इसे आसपास के जिलों सहित अन्य राज्यों में खपाने की तैयारी में था। हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप का माहौल है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि गांव में इतनी बड़ी मात्रा में गांजा लंबे समय से छिपाकर रखा गया था, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उचेहरा थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी का संबंध किसी अंतरराज्यीय नशा तस्करी गिरोह से है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

  • मैहर में मानवता शर्मसार: घूमने निकली 14 वर्षीय किशोरी से तीन दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, जंगल में बनाया बंधक

    मैहर में मानवता शर्मसार: घूमने निकली 14 वर्षीय किशोरी से तीन दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, जंगल में बनाया बंधक

    मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जहाँ एक 14 वर्षीय किशोरी सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई है। अमरपाटन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में तीन अज्ञात बदमाशों ने किशोरी को बंधक बनाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।दोस्तों के साथ गई थी घूमने जानकारी के अनुसार, कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली किशोरी शनिवार को अपने दो दोस्तों के साथ घर से घूमने के लिए निकली थी। इसी दौरान रास्ते में तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने डरा-धमकाकर किशोरी के दोस्तों को वहां से भगा दिया या उन्हें किनारे कर किशोरी को जबरन बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपी उसे पास के एक घने जंगल की ओर ले गए।

    जंगल में दरिंदगी और जख्मी हालत में वापसी पीड़िता के अनुसार, सुनसान जंगल का फायदा उठाकर तीनों अज्ञात युवकों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। दरिंदगी की इस घटना के बाद आरोपी पीड़िता को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद दहशत और सदमे में डूबी किशोरी किसी तरह अगले दिन यानी रविवार को लहूलुहान और जख्मी हालत में अपने घर पहुंची। अपनी बेटी की हालत देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई जिसके बाद किशोरी ने आपबीती सुनाई। पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल जांच परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना अमरपाटन थाना पुलिस को दी।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट POCSO Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पीड़िता को तत्काल उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और घटना स्थल के आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दरिंदों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कठोरतम सजा दी जाए।