Category: Madhya Pradesh

  • SIR में धांधली का डर: MP कांग्रेस अलर्ट मोड में, 19 से 22 जनवरी तक रोज दावे-आपत्ति पर नजर रखने के निर्देश

    SIR में धांधली का डर: MP कांग्रेस अलर्ट मोड में, 19 से 22 जनवरी तक रोज दावे-आपत्ति पर नजर रखने के निर्देश


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन–SIR को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। दावे-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान संभावित गड़बड़ियों को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने गंभीर आशंका जताई है और पार्टी संगठन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में हेरफेर कर वोट चोरी की कोशिश कर सकती है, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बेहद जरूरी है।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि 19 जनवरी से 22 जनवरी तक दावे-आपत्ति की प्रक्रिया पर रोजाना नजर रखी जाए। पार्टी ने सभी जिला, ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर के पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में फॉर्म भरने की स्थिति, नाम जोड़ने या काटने की गतिविधियों की प्रतिदिन जानकारी जुटाएं और उसे संगठन के वरिष्ठ स्तर तक पहुंचाएं। कांग्रेस का कहना है कि किसी भी कीमत पर यह सुनिश्चित किया जाए कि न तो कोई गलत नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाए और न ही किसी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया जाए।

    कांग्रेस ने विशेष रूप से फॉर्म-7 को लेकर सतर्क रहने को कहा है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक फॉर्म-7 ही मान्य है। यदि कहीं भी बाहर छपे हुए या अनधिकृत फॉर्म-7 का इस्तेमाल होता दिखाई दे, तो उस पर तत्काल आपत्ति दर्ज कराई जाए और इसकी सूचना संबंधित निर्वाचन अधिकारी के साथ-साथ पार्टी संगठन को भी दी जाए। कांग्रेस का आरोप है कि पूर्व में भी इसी तरह के फॉर्म का दुरुपयोग कर मतदाता सूची से नाम हटाने के प्रयास किए गए हैं। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे बूथ स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएं और आम मतदाताओं, खासकर कमजोर, वंचित और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों की मदद करें। यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से काटा गया हो या काटने का प्रयास हो रहा हो, तो तुरंत दावे-आपत्ति की प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कराई जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है।

    ये निर्देश ऐसे समय जारी किए गए हैं, जब SIR के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में लाखों नाम कटने को लेकर प्रदेशभर में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला बता रही है, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और नियमों के तहत की जा रही है। बावजूद इसके कांग्रेस का मानना है कि सतर्कता में ही सुरक्षा है और किसी भी स्तर पर ढिलाई भारी पड़ सकती है। कांग्रेस ने साफ किया है कि 22 जनवरी 2026 दावे-आपत्ति की अंतिम तिथि है। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो वह सड़क से लेकर आयोग तक हर स्तर पर आवाज उठाएगी।

  • बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव आज: नामांकन में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत मप्र के 20 दिग्गज नेता बनेंगे प्रस्तावक-समर्थक

    बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव आज: नामांकन में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत मप्र के 20 दिग्गज नेता बनेंगे प्रस्तावक-समर्थक


    भोपाल । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी प्रक्रिया के तहत आज नई दिल्ली में नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जिसमें मध्य प्रदेश की भूमिका अहम रहने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत राज्य के 20 वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावक और समर्थक के रूप में भाग लेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार मौजूदा कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को ही सर्वसम्मति से पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है।

    बीजेपी के संगठनात्मक चुनावों की यह प्रक्रिया पार्टी के संविधान के तहत संपन्न की जा रही है। आज होने वाले नामांकन कार्यक्रम में देशभर से वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। मध्य प्रदेश से दिल्ली पहुंचे नेताओं का दल इस चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएगा और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्ताव पेश करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे, जो प्रदेश के लिए संगठनात्मक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

    मध्य प्रदेश से दिल्ली जाने वाले नेताओं में 5 मंत्री, 5 केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, 4 सांसद—जिनमें दो राज्यसभा सांसद शामिल हैं—और 5 अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता शामिल हैं। यह दल न केवल नामांकन प्रक्रिया में शामिल होगा, बल्कि आगामी दो दिनों तक दिल्ली में रहकर पार्टी के केंद्रीय कार्यक्रमों में भी भाग लेगा। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ इन नेताओं की मौजूदगी को आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी नामांकन प्रक्रिया में शामिल होंगे। इसके अलावा वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री राकेश सिंह भी दिल्ली पहुंचे हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार खटीक, दुर्गादास उईके और सावित्री ठाकुर शामिल हैं। इन सभी नेताओं की मौजूदगी से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस चुनाव को पूरी तरह सर्वसम्मति और संगठनात्मक एकजुटता के साथ संपन्न करना चाहता है।

    सांसदों की बात करें तो फग्गन सिंह कुलस्ते, विष्णुदत्त शर्मा, सुमित्रा बाल्मीकि, कविता पाटीदार के साथ-साथ वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया, लाल सिंह आर्य, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव और ओमप्रकाश धुर्वे भी दिल्ली में मौजूद हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी पहले से ही दिल्ली में रहकर पार्टी गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि नामांकन प्रक्रिया में एक ही उम्मीदवार का नाम सामने आता है, तो औपचारिक चुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी और नितिन नवीन को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया जा सकता है। यह चुनाव न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती का संदेश देगा, बल्कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

  • JE से मारपीट पड़ी महंगी: सकरा गांव में बिजली कंपनी का सख्त एक्शन, पिटाई करने वालों की सप्लाई कटी

    JE से मारपीट पड़ी महंगी: सकरा गांव में बिजली कंपनी का सख्त एक्शन, पिटाई करने वालों की सप्लाई कटी


    जबलपुर । जबलपुर जिले के पाटन तहसील अंतर्गत सकरा गांव में बिजली कंपनी ने अनुशासन और कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश देते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जूनियर इंजीनियर के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद विभाग ने न सिर्फ बकायादार उपभोक्ताओं बल्कि मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ भी कड़ा कदम उठाते हुए उनकी बिजली सप्लाई तत्काल प्रभाव से बंद कर दी। इस कार्रवाई से पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अवैध रूप से बिजली उपयोग करने वालों में हड़कंप मच गया।

    दरअसल, बिजली बिल की वसूली और अवैध कनेक्शनों की जांच के लिए जूनियर इंजीनियर मनोज दुबे सकरा गांव पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ उपभोक्ताओं द्वारा बिल जमा करने को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात JE मनोज दुबे के साथ कुछ लोगों ने हाथापाई की, जिससे विभागीय कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। घटना की जानकारी मिलते ही बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

    घटना के अगले ही दिन बिजली कंपनी की टीम सकरा गांव पहुंची और विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान जिन उपभोक्ताओं पर बिजली बिल बकाया था, उनकी लाइन काट दी गई। वहीं, जिन लोगों पर JE से मारपीट का आरोप है, उनकी विद्युत सप्लाई भी बिना किसी देरी के बंद कर दी गई। कार्रवाई के दौरान अवैध कनेक्शनों की भी जांच की गई और कई स्थानों पर बिजली चोरी के मामले सामने आए, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

    बिजली सप्लाई कटते ही गांव में हड़कंप की स्थिति बन गई। कई उपभोक्ता बिजली कर्मचारियों से लाइन जोड़ने की गुहार लगाते नजर आए, जबकि कुछ लोग कार्रवाई से बचने के प्रयास करते दिखे। विभागीय अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि बिना बिल भुगतान और अवैध कनेक्शन के बिजली उपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।

    बिजली कंपनी फिलहाल “समाधान शिविर” अभियान के तहत उपभोक्ताओं को बकाया बिल जमा करने और अपनी समस्याओं के समाधान का अवसर भी दे रही है, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि राजस्व वसूली और कर्मचारियों की सुरक्षा दोनों ही उनकी प्राथमिकता हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता नवनीत राठौर, शिशिर शताक्षी, सहायक अभियंता शुभम तंतुवाय, स्वर्ण सिंह मनकोटिया तथा कनिष्ठ अभियंता पवन यादव सहित विभागीय अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल जमा करें और किसी भी प्रकार के विवाद से बचें, ताकि इस तरह की कठोर कार्रवाई की नौबत न आए।

  • एमपी के हरदा में दबंगई: आदिवासी किसान को बेरहमी से पीटा, थूककर किया अपमानित; खुद को बताया करणी सेना का सदस्य

    एमपी के हरदा में दबंगई: आदिवासी किसान को बेरहमी से पीटा, थूककर किया अपमानित; खुद को बताया करणी सेना का सदस्य


    हरदा । मध्य प्रदेश के हरदा जिले से सामाजिक सौहार्द और मानवता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। रहटगाँव थाना क्षेत्र के ग्राम कपासी में दबंगों ने एक आदिवासी किसान और उसके साथियों के साथ न केवल बर्बरतापूर्वक मारपीट की, बल्कि उन्हें थूककर अपमानित भी किया। हमलावरों ने खुद को करणी सेना का सदस्य बताते हुए इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की और पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद से स्थानीय आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त है।

    विवाद की जड़ और हमला घटना 18 जनवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे की है। पीड़ित किसान अपने खेत पर सिंचाई कार्य की देखरेख कर रहा था। इसी दौरान टेमागांव–कपासी मार्ग पर एक स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक बार-बार चक्कर लगा रहे थे। जब किसान ने उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए वहां रुकने का कारण पूछा, तो युवकों ने शालीनता दिखाने के बजाय गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि बाइक पर पीछे बैठे युवक ने खेत की बाड़ से लकड़ी उखाड़कर किसान पर हमला कर दिया, जिससे उसके बाएं हाथ में गंभीर चोट आई।

    योजनाबद्ध तरीके से बुलाई गई भीड़ पीड़ित के अनुसार, प्राथमिक हमले के बाद मोटरसाइकिल सवार युवक ने फोन करके अपने अन्य साथियों को मौके पर बुलाया। कुछ ही देर में एक फोर व्हीलर वाहन से करीब आठ लोग वहां पहुंचे, जिनमें से एक की पहचान टिमरनी निवासी योगेन्द्र सिंह मौर्य के रूप में हुई है। इन सभी लोगों ने निहत्थे किसान को घेर लिया और सामूहिक रूप से मारपीट शुरू कर दी। जब किसान के दोस्त मनोज उइके और सुदामा धुर्वे उसे बचाने आए, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी जमकर मारपीट की। अमानवीय कृत्य और धमकी हमलावरों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। खुद को करणी सेना का रसूखदार सदस्य बताते हुए उन्होंने आदिवासी किसान को डराया-धमकाया और जबरन माफी मंगवाई।

    अमानवीयता की हद तो तब पार हो गई जब एक आरोपी ने बीच-बचाव करने आए मनोज उइके पर थूककर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। जाते-जाते आरोपियों ने पीड़ितों को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस हमले में किसान के सीने, पीठ और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, वहीं मनोज के कान और पैर में चोट लगी है। पुलिसिया कार्रवाई घटना के बाद घायलों ने साहस दिखाते हुए रहटगाँव थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर योगेन्द्र सिंह मौर्य और अन्य अज्ञात साथियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

  • बोर्ड परीक्षा में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस: कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, नकल पर कड़ी नजर, छात्रों की सुविधा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता

    बोर्ड परीक्षा में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस: कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, नकल पर कड़ी नजर, छात्रों की सुविधा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता



    भिंड। जिले में आगामी 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में कलेक्टर भिंड की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में केंद्राध्यक्ष एवं सहायक केंद्राध्यक्षों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के जीवन का अहम पड़ाव होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुविधा, परीक्षा की पारदर्शिता और नकलमुक्त वातावरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    कलेक्टर ने माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बैठने की समुचित व्यवस्था, निर्बाध बिजली, स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी केंद्र नहीं होना चाहिए, जहां विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी हो।

    नकल पर सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर ने कहा कि नकल चाहे किसी भी रूप में हो, उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए केंद्राध्यक्षों को स्वयं सतर्क रहने और परीक्षा ड्यूटी में लगे समस्त स्टाफ को पूरी तरह अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए। प्रश्न पत्र वितरण से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन तक प्रत्येक चरण में कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए।

    उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं की सीलिंग और अनसीलिंग प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि केंद्राध्यक्षों की सूची का पुनः परीक्षण कर केवल योग्य, अनुभवी और जिम्मेदार अधिकारियों को ही यह दायित्व सौंपा जाए।

    कलेक्टर ने सहायक केंद्राध्यक्षों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे मुख्य केंद्राध्यक्ष के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करें। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

    उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी परीक्षा केंद्र से यदि लापरवाही या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, परीक्षा प्रभारी सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

  • भोपाल के युवक के साथ राजस्थान में हैवानियत: बंधक बनाकर पीटा, बीयर की बोतल में पेशाब पिलाने का आरोप

    भोपाल के युवक के साथ राजस्थान में हैवानियत: बंधक बनाकर पीटा, बीयर की बोतल में पेशाब पिलाने का आरोप



    भोपाल। प्यार की तलाश में राजस्थान गए भोपाल के एक 18 वर्षीय युवक के साथ रूह कंपा देने वाली बर्बरता का मामला सामने आया है। युवक को न सिर्फ तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, बल्कि अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए उसे बीयर की बोतल में भरकर कथित तौर पर पेशाब पिलाया गया। आरोपियों ने इस खौफनाक कृत्य का वीडियो बनाकर पीड़ित के परिजनों को भेजकर उन्हें डराने की कोशिश की है।
    हनीट्रैप जैसा जाल: प्रेमिका ने कॉल कर बुलाया था गांव
    मामला भोपाल के कोलार इलाके का है। पीड़ित युवक का प्रेम-प्रसंग झालावाड़ (राजस्थान) के दांगीपुरा क्षेत्र की एक युवती से चल रहा था। युवती कुछ दिन पहले भोपाल आई थी, जिसे उसके परिजन समझा-बुझाकर वापस ले गए थे। साजिश के तहत तीन दिन पहले युवती से ही युवक को कॉल करवाया गया और उसे मिलने के लिए राजस्थान बुलाया गया। जैसे ही युवक वहां पहुँचा, युवती के परिजनों और ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और बंधक बना लिया।

    वीडियो भेजकर दी चुनौती, दहल गए परिजन
    हैरानी की बात यह है कि आरोपियों के मन में कानून का कोई खौफ नहीं था। उन्होंने युवक को पीटते हुए और उसे जबरन तरल पदार्थ (पेशाब) पिलाते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे युवक के परिवार को भेज दिया। वीडियो देखने के बाद रविवार दोपहर बदहवास परिजन कोलार थाने पहुँचे और मदद की गुहार लगाई।

    एक्शन में पुलिस: MP से राजस्थान तक घेराबंदी
    मामले की गंभीरता और युवक की जान को खतरा देखते हुए भोपाल पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला:
    इंटरस्टेट को-ऑर्डिनेशन: कोलार पुलिस ने तुरंत राजगढ़ की कालीपीठ पुलिस से संपर्क साधा, क्योंकि यह इलाका राजस्थान बॉर्डर से सटा है।

    रेस्क्यू ऑपरेशन: कोलार टीआई संजय सोनी के मुताबिक, राजगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम झालावाड़ के दांगीपुरा के लिए रवाना कर दी गई है।

    प्राथमिकता: पुलिस का पहला लक्ष्य युवक को सुरक्षित मुक्त कराना और उसे उपचार दिलाना है। राजस्थान पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है।युवक की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है।

    हालांकि घटना राजस्थान की है, लेकिन हमने अपनी टीमें रवाना कर दी हैं और राजस्थान पुलिस के समन्वय से आरोपियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    युवक की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। हालांकि घटना राजस्थान की है, लेकिन हमने अपनी टीमें रवाना कर दी हैं और राजस्थान पुलिस के समन्वय से आरोपियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। संजय सोनी, थाना प्रभारी, कोलार (भोपाल)
  • मध्यप्रदेश में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

    मध्यप्रदेश में सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार होगा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

    विदिशा।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं महामार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विदिशा जिला मुख्यालय में शनिवार को सड़कों के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने यहां 4,400 करोड़ रुपए की सड़कों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर गडकरी ने 13,000 करोड़ रुपए की लागत से कोटा से दिल्ली-मुंबई तक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की भी घोषणा की।

    मध्यप्रदेश की सड़कों के विकास के लिए विशेष प्रावधान
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मांग पर मध्यप्रदेश की सड़क परियोजनाओं के लिए 1,600 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। इसमें से 400 करोड़ रुपए विशेष रूप से विदिशा संसदीय क्षेत्र की शहरी और आंतरिक सड़कों के निर्माण के लिए आवंटित किए जाएंगे।गडकरी ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से नई सड़कें बनाई जाएंगी जिससे प्रदेश के सभी हिस्सों में यातायात सुगम और तेज़ होगा।

    अत्याधुनिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का शिलान्यास
    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने विदिशा में अत्याधुनिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का भी शिलान्यास किया। यह केंद्र सड़क सुरक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।नितिन गडकरी ने कहा कि प्रदेश में चारों ओर मजबूत सड़क नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे न केवल यातायात सुगमता बढ़ेगी, बल्कि उद्योग और व्यापार को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और जनता से कहा कि सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति जागरूकता बनाए रखना जरूरी है

  • मुरैना में किन्नर के घर 30 लाख की डकैती, बदमाश फरसी में बात कर रहा था

    मुरैना में किन्नर के घर 30 लाख की डकैती, बदमाश फरसी में बात कर रहा था


    मुरैना।मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह में शनिवार रात एक बड़ी डकैती की घटना सामने आई। किन्नर राबिया के घर 8 से 10 नकाबपोश और हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर 22 तोला सोना 4 किलो चांदी और करीब 4 लाख रुपये नकद समेत कुल लगभग 30 लाख रुपये का माल लूट लिया।

    हथियारबंद बदमाशों की वारदात
    सूत्रों के अनुसार रात करीब 2 बजे बदमाशों ने छत के रास्ते घर में प्रवेश किया। गैस कटर से छत का दरवाजा काटकर अंदर घुसे और दूसरी मंजिल से सीधे नीचे आए। उन्होंने घर में मौजूद राबिया और तीन अन्य किन्नर चेलों को कट्टे की नोक पर बंधक बना लिया।

    सीसीटीवी और फरसी में बातचीत
    लूटपाट के दौरान बदमाशों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले लिया ताकि उनकी पहचान नहीं हो सके। जानकारी मिली है कि बदमाश फरसी में बात कर रहे थे जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि उनका कोई बाहरी गिरोह से संबंध हो सकता है।

    पुलिस जांच में जुटी
    मुरैना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम और स्थानीय थाने के अधिकारी घर का मुआयना कर रहे हैं। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और जल्द ही बदमाशों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का आश्वासन दिया है।

  • जबलपुर में रफ्तार का कहर: तेज कार ने 12 मजदूरों को रौंदा, 2 की मौके पर मौत, 7 की हालत नाजुक

    जबलपुर में रफ्तार का कहर: तेज कार ने 12 मजदूरों को रौंदा, 2 की मौके पर मौत, 7 की हालत नाजुक



    जबलपुर। जबलपुर में रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। बरेला थाना क्षेत्र के एकता चौक पर तेज रफ्तार कार ने सड़क डिवाइडर की रेलिंग साफ कर रहे 12 मजदूरों को कुचल दिया। इस भीषण हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
    घायलों में से 7 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। सभी को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।

    जानकारी के मुताबिक, हादसा दोपहर करीब 2 बजे हुआ। मजदूर डिवाइडर में लगी लोहे की जालियों की सफाई का काम पूरा करने के बाद सड़क किनारे बैठकर लंच कर रहे थे। इसी दौरान बरेला से जबलपुर की ओर आ रही तेज रफ्तार सफेद कार ने अचानक नियंत्रण खो दिया और मजदूरों को टक्कर मारते हुए मौके से फरार हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एकता चौक के पास करीब 24 मजदूर काम कर रहे थे।

    भोजन के समय अचानक कार के चपेट में आने से चारों ओर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और डायल 108 को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनिल पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भिजवाया।

    घायल मजदूर महंत उइके ने बताया कि कार इतनी तेज थी कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। “अचानक कार सामने आई और हमारे साथियों को कुचलते हुए भाग गई। जब तक कुछ समझ पाते, कई लोग सड़क पर लहूलुहान पड़े थे,” उन्होंने बताया।

    बरेला थाना प्रभारी अनिल पटेल ने बताया कि फरार कार चालक की तलाश तेज कर दी गई है। आसपास लगे CCTV कैमरों और टोल नाकों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    रीवा में भी सड़क हादसा, एक की मौत
    उधर, रीवा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के हिनौता मोड़ पर भी रविवार को एक और दर्दनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार एम्बुलेंस ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिसमें ज्ञानेंद्र रावत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुलदीप रावत गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का इलाज अस्पताल में जारी है।लगातार हो रहे इन हादसों ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • बैतूल में राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आया अज्ञात व्यक्ति, सिर ट्रेन में फंसने से दर्दनाक मौत

    बैतूल में राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आया अज्ञात व्यक्ति, सिर ट्रेन में फंसने से दर्दनाक मौत

    बैतूल।मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शनिवार को एक दर्दनाक रेल हादसा हुआ। आमला रेलवे स्टेशन के अंतर्गत परसोडा रेलवे ट्रैक पर राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में एक अज्ञात व्यक्ति आ गया। हादसे में मृतक का सिर इंजन में फंस गया और वह लगभग चार किलोमीटर तक ट्रेन के साथ आमला स्टेशन तक चला गया, जबकि उसका धड़ घटनास्थल पर ही ट्रैक पर पड़ा मिला।

    रेलवे सुरक्षा बल ने पहुंचकर किया निकासी का प्रयास
    हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल RPF मौके पर पहुंच गया। हालांकि, राजकीय रेल पुलिस और सिविल पुलिस करीब दो घंटे बाद ही घटना स्थल पर पहुँची, जिससे रेल व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए।रेलवे कर्मचारियों की मदद से इंजन में फंसे मृतक के सिर को बाहर निकाला गया। इस दर्दनाक घटना से आमला और आसपास के लोगों में शोक और चिंता व्याप्त है।

    घटना की जांच शुरू
    मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। रेलवे और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा ट्रेन के रफ्तार और व्यक्ति की अनदेखी का नतीजा माना जा रहा है।रेल यात्रियों और स्थानीय लोगों को इस ट्रैक के पास सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।