Category: Madhya Pradesh

  • खजुराहो में आकार ले रहा ‘विरासत वन’, 17 एकड़ में प्रकृति-संस्कृति का अनूठा संगम; बंगाल के कलाकार गढ़ रहे जीवंत मूर्तियां

    खजुराहो में आकार ले रहा ‘विरासत वन’, 17 एकड़ में प्रकृति-संस्कृति का अनूठा संगम; बंगाल के कलाकार गढ़ रहे जीवंत मूर्तियां


    खजुराहो /पर्यटन नगरी खजुराहो अब केवल अपने विश्वप्रसिद्ध मंदिरों के लिए ही नहीं बल्कि प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी पहल के लिए भी पहचानी जाने वाली है। खजुराहो के खर्रोही क्षेत्र में 17 एकड़ भूमि पर विरासत वन विकसित किया जा रहा है जो हरियाली जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बनेगा। यह वन खास तौर पर बच्चों और युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है ताकि वे घूमते-घूमते जंगल पर्यावरण और प्रकृति के महत्व को खुद समझ सकें।

    विरासत वन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पारंपरिक उद्यान की तरह नहीं बल्कि एक लिविंग क्लासरूम के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां लगाए गए पेड़-पौधे वन्यजीवों की आकृतियां और थीम आधारित वन क्षेत्र बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर सीखने का अवसर देंगे। वन विभाग की इस पहल के तहत एक समय के बंजर भू-भाग को हरित स्वरूप में बदल दिया गया है जो अब पर्यावरण संरक्षण का मिसाल बन रहा है।विरासत वन में आधुनिक तकनीक का भी खास इस्तेमाल किया गया है। यहां पेड़ों और प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। जैसे ही कोई बच्चा या पर्यटक क्यूआर कोड स्कैन करेगा उससे जुड़ी जानकारी सीधे मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगी। इसमें उस पेड़ या पौधे का नाम उसकी प्रजाति औषधीय गुण पर्यावरण में भूमिका और उससे जुड़े रोचक तथ्य डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। इससे बच्चों में तकनीक के माध्यम से सीखने की रुचि भी बढ़ेगी।

    इस वन को और आकर्षक बनाने के लिए जंगल के जानवरों की जीवंत मूर्तियां भी स्थापित की जा रही हैं। खास बात यह है कि इन मूर्तियों को अंतिम रूप देने के लिए बंगाल से आए अनुभवी कलाकार काम कर रहे हैं। कलाकारों द्वारा बनाई जा रही ये मूर्तियां इतनी वास्तविक होंगी कि देखने वालों को जंगल में होने का अहसास कराएंगी। अधिकारियों के अनुसार इस मूर्तिकला का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और जल्द ही यह वन पूरी तरह तैयार होकर लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।विरासत वन में 200 से अधिक प्रजातियों के 25 हजार से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। यहां अलग-अलग विषयों पर आधारित वन विकसित किए गए हैं जिनमें नवग्रह वन नक्षत्र वन सप्तऋषि वन लक्ष्मी वन औषधीय वन और जैव विविधता वन शामिल हैं। हर वन का अपना अलग महत्व और उद्देश्य है जिससे भारतीय संस्कृति ज्योतिष आयुर्वेद और प्रकृति के गहरे संबंध को समझा जा सके।

    वन विभाग का मानना है कि विरासत वन न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा बल्कि पर्यटन को भी नया आयाम देगा। खजुराहो आने वाले पर्यटक अब मंदिरों के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण से जुड़े इस विशेष केंद्र का भी अनुभव ले सकेंगे। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने में अहम भूमिका निभाएगी।

  • खंडवा के 7 गांवों में ज़हरीला पानी बना अभिशाप, फ्लोराइड संकट पर कांग्रेस हमलावर; बीजेपी विधायक मीडिया सवालों से बचते नजर आए

    खंडवा के 7 गांवों में ज़हरीला पानी बना अभिशाप, फ्लोराइड संकट पर कांग्रेस हमलावर; बीजेपी विधायक मीडिया सवालों से बचते नजर आए


    खंडवा । मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पीने के पानी को लेकर एक गंभीर स्वास्थ्य संकट सामने आया है। किल्लौद ब्लॉक के सात गांवों में लोग लंबे समय से फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। पानी में फ्लोराइड की मात्रा खतरनाक स्तर तक पहुंचने के बावजूद न तो प्रशासन ने ठोस कदम उठाए और न ही जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है।

    कांग्रेस ने खंडवा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किल्लौद ब्लॉक के ग्रामीण कई दिनों से दूषित और फ्लोराइड युक्त पानी पी रहे हैं जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी केवल औपचारिकता निभाते हुए हैंडपंप और ट्यूबवेल पर लाल निशान लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। न तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीणों की मेडिकल जांच कराई गई और न ही पीने के सुरक्षित पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई।कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है जैसा कि हाल ही में इंदौर में देखने को मिला। नेताओं ने कहा कि हादसे के बाद नेता और अधिकारी पीड़ित परिवारों के यहां पहुंचकर संवेदनाएं जताते हैं लेकिन समय रहते अगर व्यवस्था सुधारी जाए तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। कांग्रेस का आरोप है कि ग्रामीणों की सेहत के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है।

    इस पूरे मामले पर जब स्थानीय बीजेपी विधायक नारायण पटेल से मीडिया ने सवाल पूछे तो उनका रवैया और भी विवादों में आ गया। पहले अन्य मुद्दों पर मीडिया से बातचीत करने वाले विधायक जैसे ही किल्लौद ब्लॉक में फ्लोराइड युक्त पानी का सवाल सामने आया बिना कोई जवाब दिए वहां से चले गए। मीडियाकर्मी लगातार सवाल पूछते रहे लेकिन विधायक ने चुप्पी साधे रखी। उनके इस रवैये ने न केवल विपक्ष बल्कि आम लोगों में भी नाराजगी बढ़ा दी है।ग्रामीणों का कहना है कि फ्लोराइड की अधिक मात्रा ने उनकी जिंदगी मुश्किल कर दी है। कई गांवों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा 2.0 से 5.0 पीपीएम तक पाई गई है जबकि सुरक्षित सीमा इससे कहीं कम मानी जाती है। इसके चलते लोग फ्लोरोसिस दांत गिरने आंखों की रोशनी कमजोर होने बाल सफेद होने और जोड़ों में असहनीय दर्द जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई परिवारों में बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

    ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। साफ पानी की मांग और स्वास्थ्य जांच की अपील सिर्फ आश्वासनों तक सीमित रह गई है।यह मामला केवल पानी की गुणवत्ता का नहीं बल्कि शासन-प्रशासन की जवाबदेही और संवेदनशीलता का भी है। सवाल यह है कि क्या किसी बड़ी जनहानि के बाद ही कार्रवाई होगी या फिर समय रहते ग्रामीणों को इस धीमे जहर से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल किल्लौद के गांवों में रहने वाले लोग उम्मीद और चिंता के बीच अपनी जिंदगी जीने को मजबूर हैं।

  • ग्वालियर में देर रात बाइक सवार बदमाशों का तांडव, डंडों से एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियों के कांच फोड़े

    ग्वालियर में देर रात बाइक सवार बदमाशों का तांडव, डंडों से एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियों के कांच फोड़े


    ग्वालियर /मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में देर रात बाइक सवार बदमाशों ने जमकर आतंक मचाया। थाना क्षेत्र में रात करीब एक बजे तीन बदमाशों ने सड़कों पर उत्पात मचाते हुए घरों के बाहर और सड़क किनारे खड़ी एक दर्जन से अधिक गाड़ियों के कांच तोड़ दिए। अचानक हुई इस तोड़फोड़ से इलाके में दहशत का माहौल बन गया और सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो टूटे कांच देखकर सन्न रह गए।

    घटना ग्वालियर थाना क्षेत्र के रामटापुरा इलाके से शुरू हुई, जहां से बाइक सवार बदमाश सेवा नगर होते हुए किला गेट तक पहुंचे। इस पूरे रास्ते में जहां-जहां उन्हें कार, लोडिंग वाहन या अन्य गाड़ियां खड़ी मिलीं, उन्होंने बिना किसी डर के डंडों से उनके शीशे तोड़ दिए। बदमाश लगातार चलते रहे और पीछे तबाही के निशान छोड़ते गए।सुबह जब वाहन मालिकों ने अपनी गाड़ियों को देखा तो कई कारों के आगे और साइड के कांच टूटे हुए थे। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    इस मामले में एक अहम सुराग उस समय मिला जब रामटापुरा इलाके में लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बदमाश बाइक से उतरकर हाथ में डंडा लिए दौड़ रहे हैं और एक घर के बाहर खड़ी लोडिंग गाड़ी के कांच बेरहमी से तोड़ रहे हैं। वीडियो में बदमाशों की हरकतें इतनी बेखौफ नजर आईं कि लोगों में नाराजगी और डर दोनों बढ़ गए।सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में बदमाशों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन्होंने इस वारदात को क्यों अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे कोई आपसी रंजिश, नशे की हालत या किसी अन्य कारण की भूमिका तो नहीं है।

    गाड़ी मालिकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं आम लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। उनका आरोप है कि रात के समय पुलिस गश्त और निगरानी मजबूत होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का दुस्साहस न कर सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चारों संदिग्धों के खिलाफ वाहन क्षति और सार्वजनिक शांति भंग करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ाई जाएगी।

  • रतलाम में गोमांस तस्करी के शक पर चक्काजाम: हिंदू संगठनों का दो घंटे प्रदर्शन, एक संदेही हिरासत में

    रतलाम में गोमांस तस्करी के शक पर चक्काजाम: हिंदू संगठनों का दो घंटे प्रदर्शन, एक संदेही हिरासत में


    रतलाम (म.प्र.)। मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में मंगलवार सुबह गोमांस तस्करी के शक को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाइक से गोमांस ले जाने के आरोप में बाजना बस स्टैंड पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित रहा और आम लोगों को रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें रात में ही सूचना मिली थी कि शहर में अवैध रूप से गोमांस का परिवहन किया जा रहा है। सुबह कार्यकर्ता संदिग्ध वाहनों की तलाश में निकल पड़े और बाजना बस स्टैंड पर एक बाइक को घेर लिया। उनके अनुसार बाइक पर मांस से भरे कट्टे थे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे इलाके का वातावरण तनावपूर्ण हो गया।सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और हाट चौकी प्रभारी पंकज राजपूत सहित अन्य पुलिस कर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से बात कर उन्हें समझाया और मांस की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। लगभग दो घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मौके पर तीन से चार बाइक थीं, जिनमें से तीन बाइक सवार भागने में सफल हो गए। पुलिस ने एक बाइक को पकड़ लिया, लेकिन चालक फरार हो गया। जांच में पकड़े गए मांस के दो कट्टों में से एक को पशु चिकित्सालय भेजा गया, जबकि दूसरा कट्टा मौके पर रखा गया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह मांस भैंस के बच्चों का पाया गया।डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति की पहचान रतलाम जिले के रावटी निवासी लालचंद पिता देवचंद के रूप में हुई है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने प्रारंभिक बयान में दावा किया कि उसने मांस रतलाम की एक लाइसेंसी दुकान से खरीदा और गांव में आयोजित कार्यक्रम के लिए ले जा रहा था।

    पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच जारी है और मांस की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होगी।रतलाम में यह घटना स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रही। हिंदू संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखेंगे, जबकि पुलिस ने आश्वासन दिया कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

  • राष्ट्रीय युवा दिवस पर मध्यप्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार: सीएम बोले—नशा छोड़ो, योग और अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाओ

    राष्ट्रीय युवा दिवस पर मध्यप्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार: सीएम बोले—नशा छोड़ो, योग और अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाओ


    भोपाल। स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में युवा जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया। सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक प्रदेशभर के शासकीय और निजी शिक्षण संस्थानों में एक साथ सूर्य नमस्कार और प्राणायाम कराया गया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में योग अनुशासन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा।

    राजधानी भोपाल के सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी विद्यार्थियों के साथ सूर्य नमस्कार किया। इस अवसर पर सीएम ने युवाओं को नशे और बुरी आदतों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि आज का युवा तेजी से गलत आदतों की ओर बढ़ रहा है जो न केवल उनके व्यक्तिगत विकास बल्कि समाज के भविष्य के लिए भी खतरा है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा योग करने की सलाह दी और कहा कि अगर पूरा योग संभव न हो तो केवल सूर्य नमस्कार को भी दैनिक जीवन में शामिल करना पर्याप्त है।सीएम मोहन यादव ने युवाओं में घटती पढ़ाई की आदत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बीच पुस्तकें पढ़ने की आदत कमजोर हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल पाठ्यक्रम की किताबें ही नहीं बल्कि रुचि और प्रेरणा के अनुसार साहित्य पढ़ें। उन्होंने युवाओं को खेलकूद योग और अध्ययन को संतुलित जीवनशैली का हिस्सा बनाने की भी सलाह दी।

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करते हुए सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कह-गर्व से कहिए हम हिंदू हैं। इस बयान पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी।प्रदेश के अन्य जिलों में भी सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन हुआ। रायसेन में लगभग तीन हजार बच्चों ने एक साथ सूर्य नमस्कार किया उज्जैन के दशहरा मैदान में करीब 1500 विद्यार्थियों ने योगाभ्यास किया। ग्वालियर में 2000 से अधिक स्थानों पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कराया गया जिसमें प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी भाग लिया।

    हालांकि कुछ जिलों में आयोजन में अधिकारियों की उपस्थिति कम रही। रतलाम में जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी अनुपस्थित रहे जबकि भिंड में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दूरी बनाए रखी। इसके बावजूद प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों सामाजिक संगठनों और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने कार्यक्रम की सफलता और महत्व को रेखांकित किया।राष्ट्रीय युवा दिवस के इस अवसर पर सामूहिक सूर्य नमस्कार और योगाभ्यास ने युवाओं को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए प्रेरित किया बल्कि अनुशासन अध्ययन और सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश भी दिया।

  • इंदौर में ऐतिहासिक चरण पादुका यात्रा: हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा, 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब

    इंदौर में ऐतिहासिक चरण पादुका यात्रा: हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा, 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब


    इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर इंदौर महानगर में धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता का भव्य दृश्य देखने को मिला। पूरे शहर में दिनभर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन हुआ, जबकि शाम को दास हनुमान बगीची से निकली चरण पादुका यात्रा ने श्रद्धा और आस्था का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इस यात्रा में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और जय सियाराम व हनुमानजी के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

    करीब ढाई किलोमीटर लंबी यह भव्य यात्रा चार घंटे से अधिक समय में संपन्न हुई। यात्रा दास हनुमान बगीची से प्रारंभ होकर बड़ा गणपति, टोरी कार्नर, लोहारपट्टी, कैलाश मार्ग, पंचकुईया और भूतेश्वर महादेव होते हुए पुनः दास हनुमान बगीची पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 200 से अधिक स्वागत मंच और भव्य तोरण द्वार बनाए गए थे। जगह-जगह पुष्पवर्षा, प्रसाद वितरण और फलाहार की व्यवस्था ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।यात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य हेलिकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा रही, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। फूलों की वर्षा के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते, झूमते-थिरकते हुए भक्ति में लीन नजर आए। बैंड-बाजे, भजन मंडलियां, हनुमत ढोल, धार्मिक झांकियां, अश्वारोही बालक और ऊंटों की उपस्थिति ने यात्रा को भव्य और अविस्मरणीय बना दिया।

    इस ऐतिहासिक चरण पादुका यात्रा में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। संत-महंत, महामंडलेश्वर, किन्नर समाज की मंडली और गौशालाओं के प्रतिनिधियों की सहभागिता ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया।इससे पहले सुबह से ही इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला शुरू हो गई थी। दूधिया ग्राम में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए RSS के अखिल भारतीय व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने मातृ शक्ति और समाज की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति शक्ति और करुणा का संतुलन सिखाती है और समय आने पर समाज को अपने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए संगठित होना चाहिए।

    सम्मेलनों में संत-समाज ने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। मातृ शक्ति से जुड़े वक्ताओं ने पंच परिवर्तन और कुटुंब व्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रमों में बच्चों और युवाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। दुर्गावाहिनी से जुड़ी बालिकाओं ने शस्त्र कला का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान खींचा।आयोजन के समापन पर भारत माता की आरती और समरसता भोज का आयोजन किया गया। संघ पदाधिकारियों के अनुसार, महानगर में आयोजित 251 हिंदू सम्मेलनों में लगभग 12 लाख लोगों की सहभागिता रही। आगामी 18 जनवरी को शेष सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा, जबकि 14 से 20 जनवरी तक जय सियाराम बाबा की प्रतिमा का प्रकटोत्सव भी मनाया जाएगा। यह आयोजन इंदौर के सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक यादगार अध्याय बन गया है।

  • शहडोल: जहां छात्राएं हो रही हैं लापता, उसी गर्ल्स हॉस्टल में अश्लील गानों पर रील, शिक्षा परिसर पर उठे गंभीर सवाल

    शहडोल: जहां छात्राएं हो रही हैं लापता, उसी गर्ल्स हॉस्टल में अश्लील गानों पर रील, शिक्षा परिसर पर उठे गंभीर सवाल


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के सोहागपुर क्षेत्र स्थित माता शबरी शासकीय कन्या शिक्षा परिसर कंचनपुर एक बार फिर विवादों में है। यहां के गर्ल्स हॉस्टल से दो छात्राओं के लापता होने की घटना के बाद अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। एक वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक शिक्षिका और छात्राएं स्कूल ड्रेस में क्लासरूम के अंदर अश्लील भोजपुरी गाने पर डांस करते हुए रील बना रही हैं। इस वीडियो ने न केवल शिक्षा परिसर की मर्यादा को सवालों के घेरे में डाल दिया है बल्कि परिसर की सुरक्षा और अनुशासन पर भी गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं।

    वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि छात्राएं स्कूल ड्रेस में क्लासरूम में मौजूद हैं और एक शिक्षिका उनके साथ लोकप्रिय भोजपुरी गाने पतली कमरिया मोरी हाय-हाय पर ठुमके लगाती दिख रही हैं। क्लासरूम जैसा पवित्र शैक्षिक स्थान इस तरह की गतिविधियों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता जिससे अभिभावकों और समाज में नाराजगी फैल गई है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब शिक्षिका खुद इस प्रकार का व्यवहार करेंगी तो छात्राओं पर इसका क्या असर पड़ेगा।

    गौरतलब है कि इसी शिक्षा परिसर से 28 दिसंबर 2025 को कक्षा 12वीं की एक छात्रा हॉस्टल से मामा के साथ घर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंची। इस मामले में तत्कालीन हॉस्टल अधीक्षिका सुलोचना बट्टे की शिकायत पर सोहागपुर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था। पुलिस अभी तक इस मामले की जांच कर रही थी कि 8 जनवरी 2026 को कक्षा 10वीं की एक और छात्रा के लापता होने की घटना सामने आई। इस छात्रा ने अपने नाना और दो सहेलियों के साथ हॉस्टल में प्रवेश किया था लेकिन छात्रा बाद में सहेलियों से कहकर बाहर निकली और फिर लौटकर नहीं आई।

    रोल कॉल के दौरान उसकी अनुपस्थिति का पता चलने पर प्रबंधन में हड़कंप मच गया। इसके बाद प्रिंसिपल देवेंद्र श्रीवास्तव ने भी सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई जिस पर पुलिस ने फिर से अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी।इन घटनाओं के बीच शिक्षिका का यह वायरल वीडियो पूरे शिक्षा परिसर की साख पर बट्टा लगा रहा है। इस मामले पर सहायक आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा का कहना है कि वीडियो संभवत 26 जनवरी की तैयारी के दौरान का हो सकता है जब बच्चे प्रैक्टिस कर रहे थे। हालांकि उन्होंने मामले की गंभीरता से लिया और कहा कि जांच की जाएगी और उचित कार्यवाही की जाएगी।

  • जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दूधमनिया में एक युवक के जन्मदिन की पार्टी ने जानलेवा मोड़ ले लिया। शराब के नशे में धुत होकर युवक हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। यह घटना उस वक्त हुई जब युवक अपने रिश्तेदार के यहां जन्मदिन मनाने गया था और अत्यधिक शराब सेवन के बाद उसने पास ही गुजर रही हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ने की साहसिक, लेकिन खतरनाक हरकत कर दी।

    युवक इतनी ऊंचाई तक पहुंच गया कि नीचे उतरने से इंकार कर दिया। इस घटना को देखकर गांववाले घबराए और तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। जैसे ही पुलिस को खबर मिली, राजेन्द्रग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उतरा। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस ने विद्युत विभाग से संपर्क किया और हाईटेंशन लाइन की सप्लाई बंद कराई। इसके बाद रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।

    घंटों की कड़ी मशक्कत और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। अंत में युवक को समझाइश देने के बाद उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुलिस और प्रशासन की तत्परता से जान बचाई जा सकी, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि नशे में युवकों को किसी भी तरह की जोखिम से बचाना कितना जरूरी है।

  • गूगल रिव्यू से कमाई का झांसा: ठगों ने वर्किंग वुमन ऐश्वर्या से की 5 लाख की ठगी

    गूगल रिव्यू से कमाई का झांसा: ठगों ने वर्किंग वुमन ऐश्वर्या से की 5 लाख की ठगी


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक और साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने एक महिला को गूगल रिव्यू के नाम पर बड़ी रकम का लालच देकर ठग लिया। बरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें महिला ने बताया कि साइबर ठगों ने उन्हें गूगल रिव्यू के बदले अच्छी कमाई का वादा किया और धीरे-धीरे करीब 5 लाख रुपये की ठगी कर ली।

    पीड़िता, ऐश्वर्या नामदेव, एक वर्किंग वुमन हैं जो हैदराबाद की एक निजी कंपनी में डाटा एनालिस्ट के तौर पर काम करती हैं और वर्क फ्रॉम होम करती हैं। कुछ समय पहले उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि गूगल पर रिव्यू लिखकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। इस लालच में फंसकर ऐश्वर्या ने ठगों के साथ संपर्क किया और एक टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ीं।

    शुरुआत में ठगों ने उन्हें छोटे-मोटे मुनाफे का वादा कर विश्वास जीता। इसके बाद ठगों ने ऐश्वर्या को और ज्यादा निवेश करने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे उन्होंने करीब 5 लाख रुपये निवेश कर दिए। लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुकी हैं तो उन्होंने बरेला थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस अब साइबर ठगों की तलाश कर रही है। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसे किसी भी ऑफर पर विश्वास न करें जो घर बैठे बड़ी कमाई का वादा करता हो। साथ ही साइबर ठगी से बचने के लिए अनजान लिंक या ग्रुपों में निवेश करने से बचें।

  • ग्वालियर: रिटायर्ड अधिकारी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ 12 लाख की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

    ग्वालियर: रिटायर्ड अधिकारी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ 12 लाख की ठगी, पुलिस जांच में जुटी


    ग्वालियर । साइबर क्राइम के प्रति पुलिस और सरकार की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला ग्वालियर का सामने आया है, जहां रिटायर्ड रजिस्ट्रार अधिकारी से एक करोड़ 12 लाख रुपए की ठगी हो गई। ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर चार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए।

    दरअसल, रिटायर्ड अधिकारी बिहारी लाल गुप्ता 75 को साइबर अपराधियों ने पुलिस अधिकारी बनकर फंसाया। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में अरेस्ट करने का डर दिखाते हुए उन्हें झांसे में लिया और डिजिटल अरेस्ट का हवाला देकर एक करोड़ 12 लाख रुपये की ठगी कर डाली। ठगी का एहसास तब हुआ जब गुप्ता साहब ने हाल ही में साइबर जागरूकता से संबंधित एक वीडियो देखा। वीडियो में ठगी के तरीके और सावधानियां बताई गई थीं, जिससे उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।

    16 नवंबर 2025 को ठगों का पहला कॉल आया था, जबकि गुप्ता साहब ने 3 जनवरी 2026 तक ठगों के साथ आखिरी ट्रांजैक्शन किया।जब गुप्ता साहब को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का एक और उदाहरण है, जो साइबर अपराधियों के बढ़ते मंसूबों को दर्शाता है।