Category: Madhya Pradesh

  • मंत्रालय में मार्च माह के प्रथम कार्य दिवस पर हुआ सामूहिक राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान गायन

    मंत्रालय में मार्च माह के प्रथम कार्य दिवस पर हुआ सामूहिक राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान गायन


    भोपाल। मार्च माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर मंत्रालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्र गीत वंदे मातरम और राष्ट्र गान जन गण मन का सामूहिक गायन किया। यह कार्यक्रम मंत्रालय के सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित किया गया।

    सामूहिक गान के दौरान पुलिस बैंड ने मधुर धुनों के माध्यम से कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सचिव एम. रघुराज मंत्रालय वल्लभ भवन सतपुड़ा विंध्याचल भवन के अधिकारी कर्मचारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

    इस आयोजन का उद्देश्य कर्मचारियों में राष्ट्रीय भावना को जागृत करना और शासकीय कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता को बढ़ावा देना बताया गया। अधिकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान गाकर देशभक्ति की अनुभूति साझा की।

  • विद्युत समाधान योजना 2025-26 की अवधि 31 मार्च तक बढ़ी, एकमुश्त भुगतान पर 90% तक सरचार्ज माफी

    विद्युत समाधान योजना 2025-26 की अवधि 31 मार्च तक बढ़ी, एकमुश्त भुगतान पर 90% तक सरचार्ज माफी


    भोपाल। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है कि मध्यप्रदेश सरकार की विद्युत समाधान योजना 2025-26 के द्वितीय एवं अंतिम चरण की अवधि 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। पहले यह योजना 28 फरवरी तक लागू थी। अब तीन माह से अधिक समय से बकाया रखने वाले उपभोक्ता 31 मार्च तक एकमुश्त भुगतान कर 90 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट का लाभ ले सकेंगे।

    ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया कि योजना की शुरुआत 3 नवम्बर 2025 को की गई थी। इसका उद्देश्य ऐसे उपभोक्ताओं को राहत देना है जो सरचार्ज की अधिक राशि के कारण मूलधन जमा नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने अपील की है कि जो उपभोक्ता अभी तक योजना से नहीं जुड़ पाए हैं वे निर्धारित अवधि के भीतर पंजीयन कराकर इस विशेष छूट का लाभ उठाएं।

    21 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत

    28 फरवरी 2026 तक 21 लाख 67 हजार बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले चुके हैं। योजना के तहत कुल 1043 करोड़ 53 लाख रुपये की राशि जमा हुई है जबकि 388 करोड़ 77 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया है।मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तहत 6 लाख 38 हजार जमादार लाभार्थियों ने पंजीयन कराया। कंपनी को 616 करोड़ 42 लाख रुपये की मूल राशि प्राप्त हुई और 285 करोड़ 39 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया।

    इसी प्रकार पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 8 लाख से अधिक लाभार्थियों ने लाभ लिया। यहां 222 करोड़ 82 लाख रुपये जमा हुए और 73 करोड़ 7 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया। वहीं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 7 लाख 29 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाया। कंपनी के खाते में 204 करोड़ 29 लाख रुपये जमा हुए और 30 करोड़ 31 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया।

    एकमुश्त भुगतान पर अधिक लाभ

    समाधान योजना जल्दी आएं एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। एकमुश्त भुगतान करने पर 70 से 90 प्रतिशत तक तथा किस्तों में भुगतान करने पर 50 से 60 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट दी जा रही है।योजना में शामिल होने के लिए उपभोक्ताओं को संबंधित विद्युत वितरण कंपनी के पोर्टल पर पंजीयन करना होगा।
    घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 25 प्रतिशत राशि जमा कर पंजीयन कराना होगा। विस्तृत जानकारी संबंधित कंपनी की वेबसाइट या विद्युत वितरण केंद्र से प्राप्त की जा सकती है। सरकार का मानना है कि यह योजना बकायादार उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है और समय पर भुगतान की संस्कृति को भी बढ़ावा दे रही है।

  • डालर चने के दाम पर किसानों का गुस्सा, ट्रैक्टरों से हाईवे जाम

    डालर चने के दाम पर किसानों का गुस्सा, ट्रैक्टरों से हाईवे जाम


    खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में डालर चने के कम दाम को लेकर किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। किसानों ने बावड़ी बस स्टैंड के पास चित्तौड़गढ़-भुसावल राजमार्ग पर ट्रैक्टर खड़े कर रास्ता जाम कर दिया और जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि डालर चने का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। वर्तमान में 6 से 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी हो रही है, जबकि उनकी मांग है कि भाव कम से कम 10 से 12 हजार रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए। किसानों के मुताबिक उत्पादन लागत, बीज, खाद और मजदूरी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए मौजूदा दर घाटे का सौदा साबित हो रही है।

    ट्रैक्टरों से रोका यातायात

    आक्रोशित किसानों ने अपने ट्रैक्टर सड़क पर खड़े कर हाईवे पूरी तरह जाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात बाधित हो गया। यात्री बसें, ट्रक और अन्य वाहन घंटों फंसे रहे। स्थिति की जानकारी मिलते ही एसडीएम वीरेंद्र कटारे और कर्नाटक टीआई बीएल मंडलोई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश की। बाद में किसानों और प्रशासन के बीच मंडी परिसर में बातचीत शुरू हुई।

    वाजिब दाम नहीं तो आंदोलन तेज होगा
    प्रदर्शन कर रहे किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि डालर चने के दाम में बढ़ोतरी नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर समर्थन मूल्य बढ़ाना चाहिए, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। फिलहाल प्रशासन किसानों से संवाद कर रास्ता निकालने का प्रयास कर रहा है। हालांकि किसानों के तेवर देखते हुए यह मुद्दा क्षेत्र में बड़ा आंदोलन बन सकता है।

  • जन्मदिन पर अपराधी को कंधे पर बैठाया, टीआई दर्शन शुक्ला निलंबित; सीएम डॉ. मोहन यादव की सख्त कार्रवाई

    जन्मदिन पर अपराधी को कंधे पर बैठाया, टीआई दर्शन शुक्ला निलंबित; सीएम डॉ. मोहन यादव की सख्त कार्रवाई


    भोपाल/मुरैना। मध्यप्रदेश में पुलिस की छवि को धक्का पहुंचाने वाले एक वायरल वीडियो पर मुख्यमंत्रीमोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए मुरैना जिले के जौरा थाना प्रभारी निरीक्षक दर्शन शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में टीआई शुक्ला कथित बाइक चोर गिरोह के सरगनालवकुश शर्मा के कंधे पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। बताया गया कि यह वीडियो थाना परिसर में मनाए गए जन्मदिन समारोह का है, जहां केक काटा गया और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे।

    सीएम के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई
    मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कड़ी नाराजगी जताई और शासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश के बाद मुरैना एसपी कार्यालय से निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश में उल्लेख है कि 28 फरवरी 2026 को थाना प्रभारी जौरा निरीक्षक दर्शन शुक्ला अपने जन्मदिन समारोह के दौरान आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति लवकुश शर्मा के साथ उपस्थित थे।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लवकुश शर्मा पर थाना कोतवाली क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी और थाना जौरा क्षेत्र में शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसे मामले दर्ज हैं। ऐसे व्यक्ति के साथ थाना परिसर में जश्न मनाना पुलिस आचरण संहिता के विपरीत माना गया।

    पुलिस रेगुलेशन का उल्लंघन
    आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह आचरण मध्यप्रदेश पुलिस रेगुलेशन के पैरा 64(3)(11) का उल्लंघन है और इससे पुलिस की निष्पक्ष छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसी आधार पर निरीक्षक दर्शन शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

    निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र, मुरैना निर्धारित किया गया है। उन्हें बिना लिखित अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और प्रत्येक गणना में उपस्थित रहना अनिवार्य रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

    कर्तव्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों द्वारा किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या आपराधिक तत्वों से निकटता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई पुलिस महकमे के लिए कड़ा संकेत मानी जा रही है कि शासन अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी को स्वीकार नहीं करेगा।

  • नागलवाड़ी में पहली कृषि कैबिनेट, लोक देवता भीलट देव से समृद्धि की कामना

    नागलवाड़ी में पहली कृषि कैबिनेट, लोक देवता भीलट देव से समृद्धि की कामना


    भोपाल/बड़वानी। किसान कल्याण वर्ष के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश सरकार की पहली कृषि कैबिनेट की शुरुआत आस्था और परंपरा के वातावरण में हुई। मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्रि परिषद के सदस्यों ने बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित भीलट देव मंदिर में निमाड़ मालवा के लोक देवता भीलट देव के दर्शन कर प्रदेश के किसानों की सुख समृद्धि की कामना की। सतपुड़ा की सुरम्य पहाड़ियों पर बसे इस तपोभूमि में आयोजित कैबिनेट बैठक ने विकास और संस्कृति के समन्वय का संदेश दिया।

    दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि निमाड़ मालवा क्षेत्र के आराध्य भीलट देव के आशीर्वाद से जो भी निर्णय लिए जाएंगे, वे किसानों और प्रदेशवासियों के हित में होंगे। मुख्यमंत्री ने निमाड़ क्षेत्र को मां नर्मदा का वरदान बताते हुए कहा कि नर्मदा के जल से सिंचित यह भूमि किसानों को समृद्ध और प्रगतिशील बना रही है। सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से बड़वानी सहित पूरे निमाड़ क्षेत्र में खेती को नई मजबूती मिली है।

    उन्होंने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उत्पादन कम हो सकता है, लेकिन इससे मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ेगी और दीर्घकाल में उत्पादन क्षमता में स्थायी वृद्धि होगी। किसानों की आर्थिक उन्नति को ही प्रदेश की समग्र उन्नति का आधार बताते हुए उन्होंने कृषि सुधारों को सरकार की प्राथमिकता बताया।

    मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की भव्यता और सकारात्मक ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि सतपुड़ा की वादियों में बसा नागलवाड़ी का यह धाम आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण है। मंदिर के जीर्णोद्धार में संत श्री सियाराम बाबा के योगदान का भी उन्होंने स्मरण किया। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री और मंत्रि परिषद सदस्यों ने सामूहिक रूप से मंदिर परिसर में फोटो भी खिंचवाया।

    कैबिनेट बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने निमाड़ क्षेत्र की कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में प्राकृतिक खेती के प्रभावी मॉडल, वोकल फॉर लोकल, केला विकास मॉडल, डॉलर चना की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला, बड़वानी मिर्च प्लास्टर, तिल को उभरती फसल के रूप में प्रोत्साहन, गन्ना आधारित आर्थिक मॉडल, मिशन सिकलसेल उन्मूलन और वन्य ग्राम समृद्धि अभियान जैसी थीम प्रस्तुत की गईं। बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने विभिन्न कृषि पहलों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया।

    नागलवाड़ी में आयोजित यह पहली कृषि कैबिनेट केवल प्रशासनिक बैठक नहीं रही, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सरकार परंपरा, प्रकृति और प्रगति को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है। लोक आस्था के आंगन से शुरू हुआ यह संकल्प किसानों की समृद्धि और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • देश में सबसे पहले होलिका दहन महाकाल मंदिर में, वैदिक मंत्रो के साथ जलेगी होली; आरती का समय बदलेगा

    देश में सबसे पहले होलिका दहन महाकाल मंदिर में, वैदिक मंत्रो के साथ जलेगी होली; आरती का समय बदलेगा


    उज्जैन । देश में होली का पर्व इस बार महाकालेश्वर मंदिर में सबसे पहले मनाया जाएगा। सोमवार को होने वाले इस पर्व में परंपरा अनुसार भगवान महाकाल को केवल एक किलो हर्बल गुलाल प्रतीकात्मक रूप से अर्पित किया जाएगा। संध्या आरती के दौरान पुजारी भगवान को गुलाल अर्पित करेंगे जिसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर परिसर में गोबर के उपलों से बनी होलिका का दहन किया जाएगा।

    सुरक्षा कारणों से इस बार भी आम श्रद्धालुओं को होलिका दहन स्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिर प्रशासन ने पूर्व में हुई आग की घटनाओं को देखते हुए विशेष सावधानी बरती है। होलिका दहन के दौरान संभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

    धुलेंड़ी पर विशेष शृंगार और भस्म आरती

    महाकाल मंदिर में धुलेंड़ी का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को गुलाल लगाया जाएगा। इसके बाद भगवान का भांग और चंदन से विशेष शृंगार किया जाएगा। मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा के अनुसार महाकाल मंदिर में सबसे पहले होली मनाने की यह प्राचीन परंपरा है जिसमें भगवान को प्रतीकात्मक रूप से गुलाल अर्पित किया जाता है।

    आरती के समय में बदलाव

    महाकाल मंदिर में साल में दो बार भगवान की दिनचर्या में बदलाव होता है। कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से ठंड के अनुसार आरती का समय तय होता है जबकि चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से गर्मी के अनुसार आरती का समय बदला जाता है। इस बार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 3 मार्च होली के दूसरे दिन से भगवान महाकाल की दिनचर्या में बदलाव आएगा।

    इस दिन से गर्मी की शुरुआत मानी जाती है। भगवान महाकाल को ठंडे जल से स्नान कराया जाएगा। ठंडे जल से स्नान का क्रम शरद पूर्णिमा तक रहेगा। इस दौरान प्रतिदिन होने वाली पांच में से तीन आरती का समय भी बदल जाएगा।

  • होली के अवसर पर कोटा–जबलपुर स्पेशल ट्रेन में बढ़ाई गई सुविधा, 17 डिब्बों के साथ चलेगी

    होली के अवसर पर कोटा–जबलपुर स्पेशल ट्रेन में बढ़ाई गई सुविधा, 17 डिब्बों के साथ चलेगी

    जबलपुर: होली के त्योहारी मौसम में यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए पश्चिम मध्य रेल ने कोटा–जबलपुर होली स्पेशल ट्रेन में 5 अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। इस कदम के बाद विशेष ट्रेन अब कुल 17 डिब्बों के साथ चलेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था 1 से 4 मार्च के बीच लागू रहेगी, ताकि त्योहार के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

    अतिरिक्त कोचों में 3 स्लीपर, 1 एसी-3 टियर और 1 एसी-3 टियर सह एसी-2 टियर कोच शामिल किए गए हैं। इस वृद्धि के बाद ट्रेन की कुल संरचना में 6 सामान्य श्रेणी, 5 स्लीपर, 2 वातानुकूलित श्रेणी और 2 बैठक श्रेणी के डिब्बे उपलब्ध रहेंगे। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों की लंबी वेटिंग सूची कम करना और सुरक्षित व आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करना है।

    गाड़ी संख्या 09806 कोटा से जबलपुर के लिए 1 और 3 मार्च को शाम 6:30 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 6:55 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 09805 2 और 4 मार्च को सुबह 9:10 बजे जबलपुर से रवाना होकर रात 10:15 बजे कोटा पहुंचेगी। रेलवे के अनुसार इस विशेष सेवा से मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच त्योहारी सीजन में आवागमन और भी आसान होगा।

    त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेल समय-समय पर विशेष सेवाएं शुरू करती रही है। इस बार भी यात्रियों की भारी मांग और अग्रिम आरक्षण की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि होली के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक, छात्र और परिवार अपने गृह नगर जाते हैं, जिससे नियमित ट्रेनों पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में विशेष ट्रेन और अतिरिक्त कोच यात्रियों के लिए राहत का कदम साबित होंगे।

    यात्रियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। कई यात्रियों का कहना है कि पिछले वर्षों में होली के समय टिकट मिलना मुश्किल हो जाता था। इस बार अतिरिक्त कोच जुड़ने से यात्रा अधिक सुविधाजनक और आरामदायक होगी। रेलवे प्रशासन ने भी यात्रियों से अपील की है कि वे समय पर स्टेशन पहुंचें और टिकट केवल आधिकारिक बुकिंग प्लेटफॉर्म से ही खरीदें।

    रेलवे का यह कदम न केवल त्योहार के मौसम में सुविधा सुनिश्चित करता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और आराम को भी प्राथमिकता देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विशेष ट्रेन और अतिरिक्त कोचों की व्यवस्था से भीड़भाड़ कम होगी और यात्रा में व्यवधान नहीं आएगा। इस प्रकार, कोटा–जबलपुर होली स्पेशल ट्रेन त्योहारी सीजन में यात्रियों की बड़ी राहत साबित होगी।

  • भोपाल में फिर बम की धमकी से दहशत, 15 दिन में दूसरी बार People’s University खाली, बम निरोधक दस्ता अलर्ट

    भोपाल में फिर बम की धमकी से दहशत, 15 दिन में दूसरी बार People’s University खाली, बम निरोधक दस्ता अलर्ट

    मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया जब People’s University को बम से उड़ाने की धमकी मिली। 15 दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब यूनिवर्सिटी को निशाना बनाते हुए धमकी भरा ईमेल भेजा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया।

    निशातपुरा थाना क्षेत्र स्थित इस निजी विश्वविद्यालय को ईमेल के जरिए धमकी दी गई। जैसे ही प्रबंधन को इसकी जानकारी मिली, तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। एहतियातन बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची और पूरे कैंपस की सघन तलाशी शुरू की गई। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यूनिवर्सिटी परिसर को खाली करा लिया गया ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।

    बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां हर कोने की बारीकी से जांच कर रही हैं। भवनों, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और हॉस्टल क्षेत्रों की तलाशी ली जा रही है। साथ ही तकनीकी टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाने में जुटी है।

    इससे पहले 19 फरवरी को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला था जिसमें कॉलेज भवन में सायनाइड जहर वाले बम रखने का दावा किया गया था और एक निश्चित समय पर विस्फोट की बात कही गई थी। उस समय व्यापक जांच के बाद धमकी को अफवाह पाया गया था। हालांकि घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

    अब 15 दिन के भीतर दोबारा मिली धमकी ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन भी छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

    लगातार मिल रही धमकियों से छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है और पूरी जांच प्रक्रिया सावधानीपूर्वक जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं यह शरारती तत्वों की हरकत तो नहीं या इसके पीछे कोई संगठित साजिश है।

    राजधानी में शैक्षणिक संस्थानों को मिल रही ऐसी धमकियां सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। फिलहाल सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • छिंदवाड़ा में मौत का मंजर, पति पत्नी की कुचलकर मौत के बाद हाईवे जाम, तीन घंटे ठप रहा यातायात

    छिंदवाड़ा में मौत का मंजर, पति पत्नी की कुचलकर मौत के बाद हाईवे जाम, तीन घंटे ठप रहा यातायात

    छिंदवाड़ा /मध्य प्रदेश के Chhindwara जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सौंसर नागपुर मार्ग पर स्थित सतनूर के पास नेशनल हाईवे 547 पर आरटीओ बैरियर के नजदीक एक तेज रफ्तार ट्रक ने पति पत्नी को कुचल दिया जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग सन्न रह गए और देखते ही देखते गुस्से की लहर फैल गई।

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी आक्रोश फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में आरटीओ की सख्ती और अव्यवस्थित कार्रवाई के कारण आए दिन सड़क पर अव्यवस्था की स्थिति बनती है जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बैरियर के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं और अचानक ब्रेक लगाने या दिशा बदलने से हादसों का खतरा बना रहता है।

    दंपति की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने नेशनल हाईवे 547 पर चक्काजाम कर दिया और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि भीड़ ने आरटीओ के एक वाहन में तोड़फोड़ भी कर दी। हालात ऐसे बन गए कि दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।

    मौके पर शुरुआती दौर में केवल चार पुलिसकर्मी मौजूद थे जो बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में असमर्थ नजर आए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हादसे के बाद संबंधित अधिकारी और कथित दलाल मौके से गायब हो गए जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। भीड़ लगातार जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती रही।

    लोगों का कहना है कि यदि बैरियर पर व्यवस्था दुरुस्त होती और यातायात को सुचारू रूप से संचालित किया जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरटीओ की कार्यप्रणाली की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

    करीब तीन घंटे की मशक्कत और समझाइश के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया। आश्वासन दिया गया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद धीरे धीरे जाम खुला और यातायात सामान्य हो सका।

    यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए असहनीय त्रासदी बन गया बल्कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं ताकि भविष्य में किसी और को अपनी जान न गंवानी पड़े।

  • मार्च में तपने लगा मध्य प्रदेश, खरगोन में पारा 35°C के पार, रंगपंचमी पर बारिश की संभावना

    मार्च में तपने लगा मध्य प्रदेश, खरगोन में पारा 35°C के पार, रंगपंचमी पर बारिश की संभावना


    भोपाल । मार्च ने आते ही तेवर दिखा दिए हैं। महीने के पहले ही दिन प्रदेश में तेज धूप ने तापमान को ऊंचाई पर पहुंचा दिया। निमाड़ क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे ज्यादा दिखा, जहां इंदौर संभाग के खरगोन में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी दिनभर तेज धूप के कारण गर्मी महसूस की गई।

    अगले चार दिन और बढ़ेगा पारा

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। मार्च की शुरुआत साफ मौसम और तीखी धूप के साथ हुई, जिससे दिन के तापमान में उछाल आया है। पचमढ़ी को छोड़ दें तो प्रदेश के लगभग सभी शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया।

    धार, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, श्योपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सतना और सिवनी जैसे शहरों में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। वहीं शनिवार-रविवार की रात भी अपेक्षाकृत गर्म रही। जबलपुर में रात का तापमान 19.3 डिग्री और सतना में 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार, नर्मदापुरम, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया और मलाजखंड में रात का पारा 17 डिग्री से ऊपर रहा।

    रंगपंचमी पर बदल सकता है मौसम

    भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 4 मार्च को एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बनने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर दो दिन बाद मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। इसके प्रभाव से रंगपंचमी के आसपास या उससे पहले प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

    हालांकि इस सिस्टम के गुजरने के साथ ही दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि मार्च से मई के बीच प्रदेश में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। गर्मी का असर मार्च से ही दिखने लगेगा, जबकि हीट वेव की तीव्रता अप्रैल और मई में ज्यादा रहने की आशंका है।

    अप्रैल-मई में चरम पर होगी गर्मी

    मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अप्रैल और मई सबसे ज्यादा तपेंगे। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का प्रभाव बना रहेगा। फिलहाल मार्च की शुरुआत ने ही संकेत दे दिए हैं कि इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा तीखी रहने वाली है, और आने वाले दिनों में तापमान का ग्राफ और ऊपर जा सकता है।