Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पुलिस ने किया बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का इस्तेमाल

    इंदौर में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पुलिस ने किया बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का इस्तेमाल


    नई दिल्ली।  दिल्ली के ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन की आग अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। शनिवार को भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भर में कांग्रेस कार्यालयों का घेराव किया, जिससे इंदौर में यह विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया।

    इंदौर में पथराव और पुलिस कार्रवाई
    इंदौर में जब भाजयुमो कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय (गांधी भवन) का घेराव करने पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उनकी भिड़ंत हो गई। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर पत्थर, पानी की बोतलें, तेल की थैलियां, और संतरे-टमाटर फेंके। इस दौरान सुरक्षा में तैनात सब इंस्पेक्टर आरएस बघेल के सीने पर एक बड़ा पत्थर लगने से वह घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    स्थिति बेकाबू होने के बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करने वाले कार्यकर्ताओं पर ठंडे पानी की बौछारें छोड़ीं, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई।

    भोपाल और ग्वालियर में विरोध प्रदर्शन
    भोपाल में भी सैकड़ों भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

    ग्वालियर में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने विशाल रैली निकाली और राहुल गांधी का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।

    विरोध प्रदर्शन की जड़
    इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत दिल्ली के भारत मंडपम में हुए यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन से हुई। इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी की थी। भाजपा ने इसे राष्ट्रविरोधी बताते हुए कड़ी आलोचना की, जबकि कांग्रेस इसे बेरोजगारी और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने का तरीका बता रही है।

    उज्जैन में भाजपा और कांग्रेस का आमना-सामना
    उज्जैन में भी भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी का पुतला फूंका और कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात था और कांग्रेस नेता अमरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यकर्ताओं पर हमले की कोशिश की थी।

    जबलपुर में भी विरोध
    जबलपुर में यूथ कांग्रेस के समर्थन में प्रदर्शन हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर कांग्रेस कार्यालय के पास जाने की कोशिश की। इसके बाद वहां भी पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा और 10 थानों की पुलिस को तैनात किया गया।

    दिल्ली में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन के बाद, मध्य प्रदेश में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा और विरोध प्रदर्शन की घटनाओं ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए विभिन्न शहरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाई है, लेकिन दोनों दलों के बीच बढ़ते तनाव और नोकझोंक ने इस विवाद को और जटिल बना दिया है।

  • भोपाल आईटी पार्क में करंट से माली की मौत, खुले तार ने ली 60 वर्षीय कर्मचारी की जान

    भोपाल आईटी पार्क में करंट से माली की मौत, खुले तार ने ली 60 वर्षीय कर्मचारी की जान


    भोपाल के स्थानीय आईटी पार्क में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया यहां खुले पड़े बिजली के तार की चपेट में आने से 60 वर्षीय माली की मौत हो गई घटना दोपहर लगभग 12 बजे की बताई जा रही है मृतक कर्मचारी नियमित रूप से परिसर के बगीचे की देखरेख करता था और उसी दौरान यह हादसा हो गया

    जानकारी के अनुसार मलखान सिंह पार्के परिसर के एक कोने में काम के सिलसिले में गया था पार्क के किनारे स्थित दीवार के पास जमीन पर एक बिजली का तार खुला पड़ा था जैसे ही वह उस स्थान पर पहुंचा उसका संपर्क तार से हो गया और उसे तेज करंट लगा झटका इतना जबरदस्त था कि वह बुरी तरह झुलसकर वहीं गिर पड़ा

    कुछ समय बाद एक सहकर्मी की नजर जमीन पर अचेत अवस्था में पड़े मलखान पर पड़ी उसने तुरंत अन्य कर्मचारियों को सूचना दी और घायल को आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया गंभीर हालत में उसे Hamidia Hospital में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई

    घटना की सूचना मिलते ही Gandhi Nagar थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हादसा खुले और असुरक्षित बिजली तार के संपर्क में आने से हुआ पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तार वहां कब से पड़ा था और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी किस विभाग या ठेकेदार की थी

    दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया घटना के बाद मृतक के परिवार में शोक की लहर है वहीं आईटी पार्क जैसे संवेदनशील और व्यस्त परिसर में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं

    स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली तार को सुरक्षित किया जाता या नियमित निरीक्षण होता तो यह हादसा टल सकता था विशेषज्ञों के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर विद्युत सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है खासकर उन स्थानों पर जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी और आगंतुक आते हैं

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह देखा जा रहा है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी इस हादसे ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि छोटी सी चूक भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है

  • ग्वालियर में भाजपा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन

    ग्वालियर में भाजपा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन


    ग्वालियर। दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस युवा इकाई द्वारा किए गए हंगामे के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भा.ज.यु.मो.) ने ग्वालियर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला दहन किया। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन का विरोध करते हुए पार्टी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की।

    नदी गेट से कांग्रेस कार्यालय तक रैली:
    भा.ज.यु.मो. ने संभाग स्तर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। रैली नदी गेट चौराहे से शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय तक निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी, लेकिन कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करते नजर आए। दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस कार्यालय के बाहर झंडे लहराते हुए नारेबाजी की।

    दो घंटे तक तनावपूर्ण माहौल:
    करीब दो घंटे तक ग्वालियर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इसके बाद भा.ज.यु.मो. के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया और युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रतीक तिवारी ने राहुल गांधी का पुतला दहन किया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रधानमंत्री का पुतला दहन करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल के हस्तक्षेप से वे ऐसा नहीं कर सके। पुलिस ने मौके पर तैनाती बढ़ाई और पुतला ले जाते हुए कार्यकर्ताओं को रोका।

    कांग्रेस का पलटवार:
    कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने भाजपा के प्रदर्शन को हताशा करार दिया। उन्होंने कहा, “जनता के मुद्दों पर बात करने की बजाय विपक्ष के नेताओं के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियां करना अनुचित है।” सुनील शर्मा ने इस घटना की निंदा की और भाजपा को जवाबी हमला किया।

    पुलिस की स्थिति:
    सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पुलिस की मौजूदगी में सभी गतिविधियां शांतिपूर्वक संपन्न हुईं और किसी भी बड़े विवाद की स्थिति नहीं बनी। एहतियात के तौर पर कांग्रेस कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया था।

  • भोपाल आईटी पार्क में माली की करंट से मौत: पेशाब करने गए थे, खुले तार की चपेट में आकर झुलसे

    भोपाल आईटी पार्क में माली की करंट से मौत: पेशाब करने गए थे, खुले तार की चपेट में आकर झुलसे


    भोपाल। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे भोपाल के आईटी पार्क में एक बुजुर्ग माली की करंट लगने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, 60 वर्षीय मलखान सिंह आईटी पार्क में माली का काम करते थे। पौधों को पानी देने के बाद वे पास के गार्डन के एक कोने में पेशाब करने गए थे, जहां एक खुला हुआ तार पड़ा था। इस तार की चपेट में आते ही वे गंभीर रूप से झुलस गए।

    आसपास मौजूद उनके साथियों ने उन्हें झुलसी हुई हालत में देखा और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    घटना के बाद गांधी नगर पुलिस ने बताया कि मलखान सिंह को उनके साथी ने सबसे पहले देखा था, जो तार की चपेट में आने के बाद जमीन पर गिर गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शनिवार की दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और संबंधित विभाग से खुले तारों की स्थिति पर जवाब तलब किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

  • मिलने बुलाया, फिर सरेराह पिटाई, पुलिस ने आरोपी को किया हिरासत में

    मिलने बुलाया, फिर सरेराह पिटाई, पुलिस ने आरोपी को किया हिरासत में


    भोपाल। भाई की सलाह पर एक छात्रा ने आरोपी को मिलने के लिए बुलाया, लेकिन जैसे ही वह मौके पर पहुंचा, छात्रा के भाई और भाभी ने उसे सरेराह पीट दिया। घटना के बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस ने बताया कि पीड़िता के परिवार ने औपचारिक एफआईआर दर्ज कराने से इनकार किया, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी के खिलाफ धारा 151 (शांति भंग) के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह मामला परिवार के आंतरिक विवाद का प्रतीत होता है, लेकिन कानून के अनुसार हर कदम उठाया जा रहा है।

    घटना स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी पहचान और पिटाई की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है। साथ ही, परिवार और पीड़िता से बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को भी उजागर करता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और अपराधी को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

    इस घटना से यह संदेश जाता है कि विवादों का समाधान हाथापाई या हिंसा से नहीं, बल्कि कानून और संवाद से होना चाहिए।

  • भोपाल में तलवार लेकर महिलाओं पर हमला करने वाले का पुलिस ने निकाला जुलूस, आरोपी निकला पूर्व नायब तहसीलदार

    भोपाल में तलवार लेकर महिलाओं पर हमला करने वाले का पुलिस ने निकाला जुलूस, आरोपी निकला पूर्व नायब तहसीलदार


    भोपाल के अयोध्या नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों को लेकर हुए विवाद ने उस समय भयावह रूप ले लिया जब एक व्यक्ति ने महिलाओं पर तलवार से हमला कर दिया घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और पुलिस ने मुख्य आरोपी अशोक सिंह चौहान तथा उसके ड्राइवर नफीस अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गिरफ्तारी के बाद दोनों का कांता श्रवण कॉलोनी में जुलूस निकाला गया जहां स्थानीय लोगों ने खुलकर अपना गुस्सा जाहिर किया

    पिपलानी थाना पुलिस द्वारा आरोपी का रिकॉर्ड खंगालने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए अशोक सिंह चौहान पहले बैतूल में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ रह चुका है करीब डेढ़ साल पहले एक प्रकरण में निलंबन के बाद उसने प्रशासनिक सेवा छोड़ दी थी बाद में उसने सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में पेट्रोल पंप शुरू किया लेकिन पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहले से तीन गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं

    घटना के संबंध में पुलिस का कहना है कि कॉलोनी में आवारा कुत्तों को हटाने को लेकर विवाद चल रहा था इसी दौरान बहस बढ़ी और आरोपी ने तलवार निकालकर महिलाओं पर हमला कर दिया हमले में कुछ महिलाओं को चोटें आईं जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी और उसके ड्राइवर को हिरासत में लिया पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है साथ ही पूर्व में दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जा रही है

    कांता श्रवण कॉलोनी में निकाले गए जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे लोगों ने आरोपी के खिलाफ नारेबाजी की और कड़ी सजा की मांग की पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित रखा गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो

    स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से दबंगई दिखाता रहा है और रसूख के दम पर लोगों को धमकाता था इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है वहीं पुलिस का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी

    यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के आचरण पर भी सवाल खड़े करता है विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक पदों पर रह चुके लोगों से सामाजिक जिम्मेदारी की अपेक्षा अधिक होती है ऐसे में इस प्रकार की हिंसक घटना समाज के लिए चिंताजनक है फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पीड़ितों को न्याय मिले तथा क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह कायम रहे

  • मऊगंज में आरटीओ चेकिंग के दौरान भड़का गुस्सा, ड्राइवरों ने अस्थायी ढांचे को जलाया

    मऊगंज में आरटीओ चेकिंग के दौरान भड़का गुस्सा, ड्राइवरों ने अस्थायी ढांचे को जलाया


    मऊगंज जिले के हनुमना आरटीओ चेकिंग पॉइंट पर शुक्रवार देर शाम उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब ट्रक ड्राइवरों ने आरटीओ कर्मचारियों पर अवैध वसूली और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आक्रोशित ड्राइवरों ने चेक पोस्ट के पास बनी कर्मचारियों की अस्थायी झोपड़ी और कुर्सियों को आग के हवाले कर दिया

    घटना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा के समीप हनुमना बॉर्डर की बताई जा रही है यहां नियमित रूप से आरटीओ द्वारा चेकिंग की जाती है शुक्रवार को जांच के दौरान कर्मचारियों ने दो ट्रकों को रोककर दस्तावेजों की जांच शुरू की इसी बीच ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि उनसे नियमों के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है

    ड्राइवरों का कहना था कि चेकिंग के नाम पर बार बार वाहनों को रोका जाता है और बिना किसी स्पष्ट कारण के आर्थिक दबाव बनाया जाता है इसी आरोप को लेकर मौके पर बहस शुरू हुई जो कुछ ही देर में उग्र रूप ले बैठी देखते ही देखते अन्य ट्रक चालक भी वहां जमा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया

    आक्रोशित भीड़ ने कर्मचारियों के अस्थायी ढांचे को निशाना बनाया और वहां रखी कुर्सियों व अन्य सामान को बाहर निकालकर आग लगा दी आगजनी से कुछ समय के लिए अफरा तफरी की स्थिति बन गई हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है

    घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया पुलिस ने भीड़ को समझाकर हटाया और आग पर काबू पाया इसके बाद क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया ताकि दोबारा तनाव न बढ़े

    प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं अधिकारियों का कहना है कि यदि अवैध वसूली के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी वहीं आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान भी की जा रही है सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी

    यह घटना सीमा क्षेत्र में चल रही चेकिंग व्यवस्था और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था से इस तरह के विवादों को कम किया जा सकता है साथ ही ड्राइवरों और अधिकारियों के बीच संवाद की कमी भी ऐसे टकराव को जन्म देती है

    हनुमना बॉर्डर पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है लेकिन घटना ने परिवहन व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है

  • हेमंत कटारे का इस्तीफा : मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं, कांग्रेस में सियासी हलचल

    हेमंत कटारे का इस्तीफा : मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं, कांग्रेस में सियासी हलचल


    भिंड। हेमंत कटारे, भिंड जिले की अटेर सीट से कांग्रेस विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष, के इस्तीफे ने सियासत में हलचल मचा दी है। एक दिन पहले उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दिया था। इस विवाद के बीच कटारे ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि उनकी ताकत किसी पद से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से आती है।

    कटारे ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस उनके स्वर्गीय पिता की विरासत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ समय बिताना उनका अधिकार है और इसे लेकर किसी साजिश की बात नहीं है। उन्होंने विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि सोमवार से वे सदन में पूरी तैयारी और दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहेंगे और सरकार के भ्रष्टाचार, गोमांस मुद्दा, इंदौर के भागीरथपुरा, शंकराचार्य के अपमान और जहरीली हवा-पानी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर आवाज उठाएंगे। अंत में उन्होंने कहा, “मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं, वही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।”

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कटारे ने अपने ट्वीट और पोस्ट में सारी बातें साफ कर दी हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता के विश्वास से ही काम करता है और कटारे ने जो कहना था, सार्वजनिक रूप से कह दिया है।

    कांग्रेस में जारी चर्चाओं पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया। चौधरी ने कहा कि कटारे की नियुक्ति अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने की थी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें पद दिया था। इसलिए इस्तीफा स्वीकार करने का अधिकार भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास ही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुई बैठक में इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर प्रक्रिया जारी है।

    चौधरी ने यह भी कहा कि पार्टी की आंतरिक प्रक्रिया को हर बार सार्वजनिक करना संभव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कटारे ने इस्तीफा किन परिस्थितियों में दिया, इसकी जानकारी पार्टी नेतृत्व को दे दी गई है और जो संदेह थे, उनका जवाब उन्होंने ट्वीट के माध्यम से दे दिया।

    प्रदेश प्रभारी ने दोहराया कि कांग्रेस में संवाद की परंपरा कायम है और हर कार्यकर्ता से बातचीत जारी रहती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में भी संवाद जारी है और अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व ही करेगा।

  • बैतूल में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: माता-पिता ने छोटे बेटे को बचाने के लिए अपने ऊपर लेट गए, आरोपी ने उन्हें भी मार डाला

    बैतूल में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: माता-पिता ने छोटे बेटे को बचाने के लिए अपने ऊपर लेट गए, आरोपी ने उन्हें भी मार डाला


    बैतूल जिले के सावंगा गांव में बुधवार-गुरुवार की रात एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया 25 वर्षीय मानसिक रोगी युवक दीपक ने अपने माता-पिता और छोटे भाई की निर्मम हत्या कर दी यह घटना पूरे गांव में सनसनी फैला रही है

    घटना के अनुसार, दीपक उस समय मानसिक रूप से अस्थिर था और अचानक उसने अपने छोटे भाई दिलीप पर लोहे की सब्बल से हमला शुरू कर दिया यह देखकर उसकी माता कमलती धुर्वे और पिता हंसू धुर्वे ने छोटे बेटे को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गए लेकिन आरोपी ने उन्हें भी मार डाला

    उस रात घर में मौजूद पांच वर्षीय प्रशांत परते जो अपने नाना-नानी के घर पर रहा करता था ने चश्मदीद होकर सब देखा प्रशांत के पिता सुखचंद परते ने बताया कि बच्चा उस वक्त पूरी घटना के बीच सुरक्षित जगह पर छिपा हुआ था दीपक ने अपने भांजे पर भी हमला करने की कोशिश की थी लेकिन वह बच गया दुख की बात यह है कि पालतू बिल्ली भी आरोपी की हिंसक कार्रवाई की शिकार हो गई

    स्थानीय पुलिस ने बताया कि मृतकों में दीपक के माता-पिता और छोटे भाई शामिल हैं घटना के तुरंत बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपी को हिरासत में लिया गया पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अचानक हिंसक क्यों हुआ और उसके मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति क्या थी

    सावंगा गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं कई लोगों ने बताया कि दीपक पहले से मानसिक रोगी था लेकिन इतनी हिंसा की उम्मीद किसी ने नहीं की घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और सहम पैदा कर दिया पुलिस प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त गश्ती बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है

    विशेषज्ञ मानते हैं कि मानसिक रोगियों के लिए समय पर चिकित्सकीय देखभाल न होना और परिवार की सुरक्षा के उपाय न होना ऐसे हादसों की संभावना बढ़ा सकता है बच्चे और बुजुर्ग इस तरह की हिंसा में सबसे ज्यादा असुरक्षित होते हैं घटना के चश्मदीद पांच वर्षीय प्रशांत का बयान पुलिस जांच में अहम साबित हो सकता है

    बैतूल के इस दर्दनाक कांड ने पूरे जिले में सवाल खड़े कर दिए हैं कि मानसिक रोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और समाज की जागरूकता कितनी महत्वपूर्ण है प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों को सख्त से सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा

  • जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर

    जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर


    जबलपुर के सिहोरा के आजाद चौक में गुरुवार रात हुए विवाद के बाद से माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ लेकिन पुलिस की सतत गश्ती जारी रही लोग दहशत में थे लेकिन आवागमन सामान्य रूप से चलता रहा शुक्रवार और शनिवार की सुबह पुलिस की कई टीमों ने 10 और हंगामा करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया ये आरोपी हिंदू पक्ष से हैं और इन पर दूसरे वर्ग के धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने का आरोप है

    इससे पहले ही पुलिस ने 49 लोगों को गिरफ्तार किया था अब तक कुल 59 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है वहीं कुछ और आरोपियों की तलाश जारी है पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है

    शुक्रवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया पुलिस ने बताया कि मामला शांतिपूर्ण बनाने के लिए यह आवश्यक था

    पुलिस ने घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की कई असामाजिक तत्व घटना को अंजाम देकर फरार हो गए ऐसे लोगों की पहचान भी की जा रही है इस काम में स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और अन्य अधिकारियों को लगाया गया है

    मामला गुरुवार रात का है जब सिहोरा के आजाद चौक में दो पक्षों में विवाद हुआ देखते ही देखते दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए और एक दूसरे पर पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी भगदड़ के हालात बन गए मौके पर सिहोरा समेत आसपास के थानों की पुलिस पहुंची भीड़ को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया गया

    पुलिस ने रात में ही उपद्रवियों की पहचान कर ली थी इनमें किशोर और अधिक उम्र के लोग शामिल थे कुछ को सिहोरा में ही छोड़ दिया गया जबकि लगभग 25 से 30 आरोपियों को बस से शहर के थानों में ले जाकर गिरफ्तारी और अन्य कार्रवाई की गई

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और किसी भी परिस्थिति में कानून व्यवस्था को बनाए रखना प्राथमिकता है दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनावी या धार्मिक तनाव के समय ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए सतत निगरानी और समय पर कार्रवाई जरूरी है