Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’: अमित शाह होंगे शामिल, अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत और विकास पर होगा मंथन

    ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’: अमित शाह होंगे शामिल, अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत और विकास पर होगा मंथन


    ग्वालियर।पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में एक भव्य और बहुआयामी आयोजन किया जा रहा है। अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समिट को राज्य के औद्योगिक विकासनिवेश संभावनाओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

    राज्य सरकार और संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह समिट अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और विकास दृष्टि को समर्पित रहेगा। आयोजन में देश-विदेश से उद्योगपतिनिवेशकनीति विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी भाग लेंगे। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करना हैसाथ ही ग्वालियर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता से सामने लाना है।

    अटल जी के जीवन पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी

    समिट के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगाजो अटल बिहारी वाजपेयी के संपूर्ण जीवन और योगदान को दर्शाएगी। इस प्रदर्शनी में उनके जन्मशिक्षाराजनीतिक संघर्षप्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदर्शनी को छह अलग-अलग खंडों में विभाजित किया गया हैजिनमें से एक खंड पूरी तरह अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और विचारों को समर्पित होगा।

    ग्वालियर और अटल जी का गहरा संबंध

    ग्वालियर को अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक शहर माना जाता है। यहीं स्थित उनका पैतृक निवास आज भी संरक्षित हैजहां एक पुस्तकालय संचालित किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसारअटल जी के व्यक्तित्व और विचारधारा के निर्माण में ग्वालियर की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनका इस शहर से भावनात्मक जुड़ाव बना रहा।

    ग्वालियर वॉल बनेगी प्रमुख आकर्षण

    समिट में प्रदर्शनी का एक प्रमुख हिस्सा ग्वालियर वॉल होगाजिसमें शहर की ऐतिहासिक धरोहरोंपर्यटन स्थलोंसंगीत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया जाएगा। इसके माध्यम से ग्वालियर को एक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावामध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को मॉडल्स और विजुअल प्रेजेंटेशन के जरिए दिखाया जाएगा।

    उद्योग और निवेश को मिलेगा मंच

    समिट में उद्योग और निवेश से जुड़े विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। एक अलग खंड में राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियोंनिवेश प्रक्रियाभूमि आवंटनप्रोत्साहन योजनाओं और प्रशासनिक सहयोग की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य निवेशकों और उद्योगपतियों को सीधे संवाद का अवसर प्रदान करना हैताकि वे राज्य में निवेश को लेकर स्पष्ट निर्णय ले सकें।

    क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट केवल एक औद्योगिक सम्मेलन नहीं हैबल्कि यह अटल बिहारी वाजपेयी की विरासतग्वालियर की ऐतिहासिक पहचान और मध्य प्रदेश के विकास मॉडल को एक साथ प्रस्तुत करने का मंच है। यह आयोजन राज्य के लिए आर्थिक विकासरोजगार सृजन और सांस्कृतिक संरक्षण-तीनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट के जरिए ग्वालियर एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी ऐतिहासिक सांस्कृतिक और आर्थिक भूमिका को मजबूती से प्रस्तुत करने जा रहा है।

  • जबलपुर में बीजेपी नेत्री का नेत्रहीन महिला से अभद्र व्यवहार धर्म परिवर्तन विवाद पर वीडियो वायरल

    जबलपुर में बीजेपी नेत्री का नेत्रहीन महिला से अभद्र व्यवहार धर्म परिवर्तन विवाद पर वीडियो वायरल


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में बीजेपी की जिला उपाध्यक्ष अंजू भार्गव का एक विवादास्पद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में अंजू भार्गव ने एक नेत्रहीन महिला से अभद्र व्यवहार किया है। यह घटना 20 दिसंबर को जबलपुर के गोरखपुर क्षेत्र स्थित एक चर्च परिसर में हुई थी। बताया गया है कि अंजू भार्गव और अन्य हिंदू संगठन के लोग कथित तौर पर धर्म परिवर्तन का विरोध कर रहे थे।
    उनका आरोप था कि चर्च में नेत्रहीन बच्चों का धर्म परिवर्तन किया जा रहा था। इस दौरान एक नेत्रहीन महिला के साथ अंजू भार्गव की बहस हो गई और वीडियो में अंजू भार्गव महिला का मुंह दबाते हुए उसे अपशब्द कहती नजर आ रही हैं। वायरल वीडियो में यह भी दिखाया गया कि भार्गव ने महिला का हाथ पकड़कर धक्का-मुक्की की और कहा कि अगले जन्म में भी वह अंधी ही रहेगी।

    इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा को घेरते हुए पार्टी पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे क्रूरता का उदाहरण बताते हुए भाजपा की आलोचना की और कहा कि पार्टी अपनी कथनी और करनी में अंतर दिखा रही है।

    भाजपा की चुप्पी

    इस मामले पर अभी तक भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि इस घटना के बाद से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी जारी है।

    पुलिस का बयान

    इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने बीच-बचाव करते हुए स्थिति को शांत करने की कोशिश की लेकिन वीडियो में जो दिखाया गया वह पूरे मामले को और संवेदनशील बना रहा है।यह घटना मध्य प्रदेश में धार्मिक और राजनीतिक माहौल को और तंग कर सकती है जहां धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दे अक्सर विवादों का कारण बनते हैं।

  • महाकाल मंदिर में 31 दिसंबर को भस्म आरती ऑफलाइन बुकिंग बंद 1 जनवरी से चलायमान दर्शन होंगे

    महाकाल मंदिर में 31 दिसंबर को भस्म आरती ऑफलाइन बुकिंग बंद 1 जनवरी से चलायमान दर्शन होंगे


    उज्जैन । उज्जैन महाकाल मंदिर में नए साल के मौके पर भक्तों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए 31 दिसंबर को भस्म आरती की ऑफलाइन बुकिंग व्यवस्था बंद रहेगी। साथ ही 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक ऑनलाइन बुकिंग भी ब्लॉक कर दी जाएगी ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि 31 दिसंबर को अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नए साल 2026 के मौके पर महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों की अत्यधिक संख्या की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए दर्शन की व्यापक योजना बनाई गई है।

    जनवरी को चलायमान दर्शन

    जनवरी को दर्शनार्थियों को कार्तिकेय मंडपम से चलायमान दर्शन कराया जाएगा। यह दर्शन सुबह 4:15 बजे से शुरू होंगे और भस्म आरती के बाद सामान्य दर्शन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद सामान्य दर्शनार्थियों को चारधाम मंदिर से शक्तिपथ के रास्ते त्रिवेणी संग्रहालय द्वार से महाकाल महालोक होते हुए मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
    दर्शन के बाद श्रद्धालु आपातकालीन निर्गम द्वार से मंदिर के बाहर निकलकर बड़ा गणेश मंदिर और हरसिद्धि चौराहा होते हुए पुनः चारधाम मंदिर लौटेंगे। महाकाल मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सूचित किया है कि इस व्यवस्था का पालन करके वे अधिक सुविधा और आराम से दर्शन कर सकेंगे। इस विशेष व्यवस्था से श्रद्धालुओं को मंदिर में दिक्कत नहीं होगी और सभी को दर्शन का अवसर मिलेगा।

  • इंदौर में अनोखी पहल: इंसानों के लिए बंद, पक्षियों के लिए खुला गार्डन बना शहरी बर्ड हैबिटेट

    इंदौर में अनोखी पहल: इंसानों के लिए बंद, पक्षियों के लिए खुला गार्डन बना शहरी बर्ड हैबिटेट


    इंदौर।मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने वाली एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। शहर के सत्यदेव नगर क्षेत्र में एक ऐसा अनोखा गार्डन विकसित किया गया है, जो पूरी तरह पक्षियों के लिए समर्पित है। इस गार्डन की सबसे खास बात यह है कि यहां आम लोगों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित है, ताकि पक्षियों को बिना किसी बाधा के सुरक्षित वातावरण और प्राकृतिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके। करीब एक बीघा भूमि पर विकसित यह बर्ड गार्डन जनसहयोग से तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य शहरीकरण के कारण लगातार कम होते पक्षी आवास को बचाना और शहर में ही उनके लिए सुरक्षित ठिकाना तैयार करना है। गार्डन में 300 से अधिक फलदार पौधे लगाए गए हैं, जिनमें अंजीर, आम, जामुन, बेर, शहतूत सहित करीब 30 किस्म के वृक्ष शामिल हैं।

    हाईब्रिड पौधों से मिलेगा सालभर भोजन
    इस बर्ड गार्डन में लगाए गए सभी पौधे हाईब्रिड किस्म के हैं, जो सामान्य पौधों की तुलना में जल्दी फल देने लगते हैं। जानकारों के अनुसार, ये पौधे डेढ़ से दो साल के भीतर फल देना शुरू कर देंगे, जिससे पक्षियों को पूरे साल प्राकृतिक भोजन उपलब्ध रहेगा। फलदार पेड़ों की बहुलता के कारण यहां विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के आने की संभावना बढ़ गई है।

    पानी और सुरक्षा की भी पूरी व्यवस्था

    सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि पक्षियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गार्डन में पानी की भी विशेष व्यवस्था की गई है। यहां एक कमल कुंड तालाब बनाया गया है, जिसमें मछलियां छोड़ी गई हैं। इसका उद्देश्य जल आधारित पक्षियों, विशेषकर किंगफिशर जैसे पक्षियों को आकर्षित करना है। हाल ही में इस क्षेत्र में किंगफिशर के दिखने की पुष्टि भी हुई है, जिसे इस पहल की शुरुआती सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

    एक पेड़ से निकला बड़ा विचार

    इस गार्डन की अवधारणा वार्ड पार्षद अभिषेक शर्मा बबलू के व्यक्तिगत अनुभव से निकली। उनके घर के सामने वर्षों पुराना एक शहतूत का पेड़ है, जिस पर नियमित रूप से कोयल और अन्य पक्षी आते रहे हैं। इसी अनुभव से उन्हें यह विचार आया कि यदि शहर में ऐसे और स्थान विकसित किए जाएं, तो पक्षियों को भोजन और आश्रय के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इस विचार को जब स्थानीय रहवासियों के साथ साझा किया गया, तो सभी ने सहयोग के लिए हाथ बढ़ाया।

    पूरी तरह जनसहयोग से हुआ विकास

    गार्डन के निर्माण में नगर निगम से पौधे नहीं लिए गए। स्थानीय नागरिकों ने अपनी ओर से पौधे उपलब्ध कराए, जिनकी कीमत 300 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक बताई जा रही है। नगर निगम की भूमिका केवल रख-रखाव तक सीमित रखी गई है। खास बात यह है कि फिलहाल लगाए गए सभी पौधों का सर्वाइवल रेट 100 प्रतिशत बताया जा रहा है।

    प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का समर्थन

    इस पहल को शहर के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का भी समर्थन मिला है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और उद्यान प्रभारी राजेंद्र राठौर ने इस प्रयास की सराहना की है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गार्डन का उद्घाटन करते हुए शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के बर्ड गार्डन विकसित करने की घोषणा की है।

    पर्यावरण और शहर के लिए मिसाल
    शहरी विकास के इस दौर में सत्यदेव नगर का यह बर्ड गार्डन यह संदेश देता है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक साथ चल सकते हैं। यह पहल न केवल पक्षियों की सुरक्षा और जैव विविधता को बढ़ावा देगी, बल्कि नागरिकों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना भी मजबूत करेगी। आने वाले समय में यह मॉडल इंदौर के साथ-साथ अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

  • इंदौर में 23 दिसंबर को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची ऑनलाइन देख सकेंगे अपना नाम; त्रुटि पर शिकायत का मौका

    इंदौर में 23 दिसंबर को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची ऑनलाइन देख सकेंगे अपना नाम; त्रुटि पर शिकायत का मौका


    इंदौर। इंदौर जिले में आगामी 23 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। यह कदम विशेष गहन पुनरीक्षण एसआइआर प्रक्रिया के तहत उठाया जा रहा है जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करना है। इस सूची में इंदौर जिले के सभी मतदाता अपना नाम देख सकेंगे। यदि किसी का नाम सूची से कट गया है या उसमें कोई त्रुटि है तो वे उसे सुधारने के लिए शिकायत दर्ज करवा सकेंगे।

    इस प्रक्रिया के तहत जिले के सभी 2625 बूथों पर मतदाता सूची देखी जा सकेगी। इसके अलावा ऑनलाइन भी मतदाता अपनी जानकारी जांच सकते हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मतदाता सूची में शामिल सभी मतदाताओं के अलावा अनुपस्थित स्थानांतरित और मृतक मतदाताओं की जानकारी भी उपलब्ध होगी।

    नाम कटने या त्रुटि पर शिकायत की प्रक्रिया

    ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावे और आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सभी बूथों पर बूथ लेवल आफिसर बीएओ दावे और आपत्तियों की सुनवाई करेंगे। यह प्रक्रिया 22 जनवरी तक चलेगी। जिन मतदाताओं का नाम सूची से हट गया है वे अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। सुनवाई के दौरान रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इआरओ और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एइआरओ दस्तावेजों की जांच करेंगे और यदि आवश्यकता पड़ी तो संबंधित मतदाता के नाम को सूची में वापस जोड़ा जाएगा।

    राजनीतिक दलों के साथ बैठक

    अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवजीवन विजय पंवार ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की बैठक भी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा सूची को सभी मतदान केंद्रों पर चस्पा किया जाएगा और संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजकर जानकारी दी जाएगी।

    मैपिंग से बाहर रहने वाले मतदाता

    जिले में कुल 24 लाख 20 हजार 170 मतदाता हैं। इनमें से 1.33 लाख मतदाताओं की मैपिंग 2003 की सूची से नहीं हो पाई है। ऐसे मतदाताओं को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 11 प्रकार के दस्तावेज दिखाने होंगे ताकि उनकी पहचान प्रमाणित हो सके। इन मतदाताओं को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा और सात दिन बाद उनकी सुनवाई शुरू की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत निर्वाचन आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी मतदाता की जानकारी सही और अपडेटेड हो ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की त्रुटि या धोखाधड़ी की संभावना न रहे।

  • मध्य प्रदेश विधानसभा होगी पेपरलेस: दिल्ली से आए विशेषज्ञ विधायकों को देंगे ऑनलाइन कार्यवाही की ट्रेनिंग

    मध्य प्रदेश विधानसभा होगी पेपरलेस: दिल्ली से आए विशेषज्ञ विधायकों को देंगे ऑनलाइन कार्यवाही की ट्रेनिंग


    मध्य प्रदेश। विधानसभा को आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य में विधानसभा की कार्यवाही को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में मंगलवार को भोपाल में विधायकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें उन्हें ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से विधानसभा कार्यवाही संचालित करने की जानकारी दी जाएगी। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन NeVA परियोजना के तहत आयोजित किया जा रहा है। विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार, यह सत्र मंगलवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर सभागार में होगा। इसमें प्रदेश के विधायक भाग लेंगे और उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से जुड़े विभिन्न संसदीय कार्यों की प्रक्रिया समझाई जाएगी।

    दिल्ली से आई विशेषज्ञों की टीम

    इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए संसदीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली से विशेषज्ञों की एक टीम भोपाल पहुंची है। ये विशेषज्ञ विधायकों को बताएंगे कि किस प्रकार मोबाइल टैबलेट, लैपटॉप या अन्य डिजिटल उपकरणों के माध्यम से विधानसभा की कार्यवाही में भाग लिया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान लाइव डेमो के जरिए डिजिटल सिस्टम का उपयोग भी दिखाया जाएगा, ताकि विधायकों को व्यवहारिक अनुभव मिल सके।विशेषज्ञों द्वारा विधायकों को यह सिखाया जाएगा कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रश्न कैसे दर्ज करें, विधेयकों का अध्ययन कैसे करें और सदन की कार्यसूची, रिपोर्ट एवं अन्य दस्तावेजों तक तुरंत कैसे पहुंचें।

    कागज से मिलेगी छुटकारा

    NeVA परियोजना के लागू होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही में कागजों का इस्तेमाल लगभग समाप्त हो जाएगा। प्रश्नोत्तर काल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, विधेयकों की प्रतियां, कार्यसूची, मतदान प्रक्रिया और उपस्थिति से संबंधित सभी जानकारियां डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि दस्तावेजों के रखरखाव और रिकॉर्ड प्रबंधन में भी आसानी होगी।विधानसभा सचिवालय का मानना है कि डिजिटल कार्यप्रणाली से सदन की पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यवाही अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी।

    क्या है NeVA प्लेटफॉर्म

    NeVA यानी नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन एक ऐसा डिजिटल सिस्टम है, जिसके माध्यम से विधानसभा की पूरी कार्यवाही रियल-टाइम में दर्ज की जाती है। इस प्लेटफॉर्म पर विधायकों को व्यक्तिगत लॉगिन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे सदन से जुड़े सभी दस्तावेज, प्रस्ताव और रिपोर्ट तुरंत देख सकते हैं।यह परियोजना वन नेशन, वन एप्लिकेशन की अवधारणा पर आधारित है, जिसका उद्देश्य देश की संसद और सभी राज्य विधानसभाओं को एक समान डिजिटल प्रणाली से जोड़ना है।

    चरणबद्ध तरीके से होगा लागू
    विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों के अनुसार, प्रशिक्षण के बाद चरणबद्ध तरीके से पेपरलेस कार्यप्रणाली को पूरी तरह लागू किया जाएगा। शुरुआती चरण में तकनीकी सहायता टीम भी तैनात रहेगी, ताकि विधायकों को किसी भी तरह की तकनीकी परेशानी न हो।अधिकारियों का कहना है कि विधायकों की सुविधा और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए डिजिटल सिस्टम को धीरे-धीरे पूरी तरह लागू किया जाएगा।

    क्यों अहम है यह कदम

    विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे विधानसभा की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। कागजों की खपत कम होने से लागत में भी कमी आएगी।मध्य प्रदेश विधानसभा का यह डिजिटल बदलाव आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है और देश की विधायी प्रक्रिया को आधुनिक स्वरूप देने में सहायक होगा।

  • इंडिगो की उड़ानें फिर से शुरू होने से भोपाल में हवाई यात्री बढ़े, टूटा पुराना रिकॉर्ड

    इंडिगो की उड़ानें फिर से शुरू होने से भोपाल में हवाई यात्री बढ़े, टूटा पुराना रिकॉर्ड


    भोपाल । इस माह इंडिगो की उड़ानों के अचानक रद्द होने के कारण भोपाल में हवाई यातायात पर गहरा असर पड़ा था। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था और उन्होंने जमकर हंगामा भी किया था। हालांकि अब इंडिगो की सभी उड़ानें फिर से बहाल हो चुकी हैं और इसका सीधा असर यात्रियों की संख्या पर देखने को मिल रहा है। रविवार को भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर एक नया रिकॉर्ड बना जब एक ही दिन में 6000 से ज्यादा यात्रियों ने हवाई सफर किया।
    यह आंकड़ा एयरपोर्ट के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इंडिगो की उड़ानों के बहाल होने से यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इस महीने जब इंडिगो की उड़ानें रद्द हो रही थीं तब रोजाना के यात्री केवल 3000 के करीब थे लेकिन अब यह संख्या दोगुनी होकर 6000 के पार पहुँच गई है।

    भोपाल में अब हवाई यात्रा केवल उच्च वर्ग के नहीं बल्कि मध्यम वर्ग के लोगों में भी सामान्य हो गई है। पहले जहां लोग मुख्यत ट्रेन से यात्रा करते थे अब विमान में सफर करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। दरअसल तीन से चार साल पहले तक भोपाल से विमान यात्रा करने वाले यात्री कम हुआ करते थे लेकिन अब लोग बढ़े हुए किराए के बावजूद भी हवाई यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    भोपाल से दिल्ली तक की ट्रेन कनेक्टिविटी बहुत सरल और सुलभ है फिर भी हवाई यात्रा की ओर रुझान बढ़ा है। भोपाल से दिल्ली तक की पांच नियमित और एक साप्ताहिक उड़ानें उपलब्ध हैं जिनमें 90 प्रतिशत तक पैसेंजर लोड देखा जा रहा है। यह कनेक्टिविटी अब यात्रियों की प्राथमिकता बन गई है जो यात्री संख्या में वृद्धि का मुख्य कारण है।

  • शिवपुरी में आदिवासियों का मतांतरण कराने का मामलाहिंदू संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने ढहाया अवैध चर्च

    शिवपुरी में आदिवासियों का मतांतरण कराने का मामलाहिंदू संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने ढहाया अवैध चर्च


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास तहसील के कुछ गांवों में आदिवासी और भील परिवारों का कथित रूप से मतांतरण कराकर उन्हें ईसाई धर्म में परिवर्तित किया जा रहा था। यह मामला तब सामने आया जब हिंदू संगठनों ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। इन संगठनों का आरोप है कि यह प्रक्रिया अवैध तरीके से की जा रही थी और इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।

    हिंदू संगठनों की सक्रियता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
    हिंदू संगठनों ने गुढाल डांग गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन को इस बारे में सूचित किया। पुलिस वन विभाग और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर वहां बन रहे एक चर्च को देखा जो अवैध रूप से निर्माणाधीन था। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस चर्च को ढहा दिया और इसके निर्माण से जुड़े लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी।

    कथित मतांतरण और प्रशासन की भूमिका

    इस मामले में हिंदू संगठनों का कहना है कि आदिवासी और भील परिवारों को विभिन्न लालच देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के गतिविधियां समाज में अस्थिरता और धार्मिक तनाव उत्पन्न कर सकती हैं। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और यह सुनिश्चित किया कि ऐसे किसी भी अवैध धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा न मिले।

    प्रशासन की ओर से कदम उठाए गए

    प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता दिखाई और अवैध चर्च को ढहाने के साथ-साथ मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति या समूह ने इस प्रकार की गतिविधि की है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इस इलाके में किसी तरह का धार्मिक विवाद उत्पन्न न हो और शांति बनाए रखी जाए।

    शिवपुरी जिले के बदरवास तहसील में आदिवासी और भील परिवारों के कथित मतांतरण के मामले ने एक बार फिर से धार्मिक असहमति और समाज में सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता को उजागर किया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध चर्च को ढहा दिया है और अब मामले की जांच चल रही है। यह घटना इस बात का संदेश देती है कि किसी भी अवैध गतिविधि के खिलाफ प्रशासन सख्त कदम उठाएगा और समाज में शांति बनाए रखने के लिए कार्य करेगा।

  • MP: सतना में नवनिर्मित सड़क को मंत्री ने जूते से रगड़ा तो उखड़ गई डामर… रद्द किया टेंडर

    MP: सतना में नवनिर्मित सड़क को मंत्री ने जूते से रगड़ा तो उखड़ गई डामर… रद्द किया टेंडर


    सतना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) में PWD के भ्रष्टाचार की पोल उस वक्त खुल गई है, जब नवनिर्मित डामर की सड़क (Newly Constructed Road) प्रदेश की राज्यमंत्री के पैरों की मार/चोट भी नहीं सह सकी। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी (Pratima Bagri) ने जब नवनिर्मित डामर की सड़क पर अपना पैर रगड़ा, तो डामर उखड़कर बिखर गया। सड़क की यह दुर्दशा देख मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर ही PWD के कार्यपालन यंत्री की क्लास लगा दी और ठेकेदार राजेश कैला का टेंडर तत्काल निरस्त करने का फरमान सुना दिया है।


    सड़क पर पैर रगड़ते ही उखड़ गया डामर

    दरअसल मामला कोठी तहसील के पोड़ी-मनकहरी मार्ग का है। यहाँ लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। रविवार शाम जब मंत्री प्रतिमा बागरी नैना कोठी क्षेत्र से गुजर रही थीं, तो चमचमाती नई सड़क देख उन्होंने काफिला रुकवा दिया। मंत्री गाड़ी से उतरीं और गुणवत्ता परखने के लिए सड़क पर पैर रखा। हल्की सी रगड़ लगते ही डामर की परत उखड़कर अलग हो गई। यह देख मंत्री ने अफसरों से पूछा शर्म आनी चाहिए! जो सड़क मेरे पैर रखने भर से खिसक रही है, वो भारी वाहनों का बोझ कैसे सहेगी? यह निर्माण नहीं, शुद्ध लीपापोती है।


    मॉनिटरिंग करने वाले सो रहे थे क्या?

    निरीक्षण के दौरान यह साफ हो गया कि पूरी सड़क मानकों के विपरीत बनी है। मंत्री ने मौके पर है फोन पर अफसरों से तीखे सवाल किए है। आपकी निगरानी में ऐसा घटिया काम कैसे हुआ?”जिन सब-इंजीनियर्स (Sub-Engineers) की ड्यूटी मॉनिटरिंग पर थी, वे कहां थे?”मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी पैसे की बर्बादी और गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    राज्यमंत्री ने सिर्फ फटकार नहीं लगाई, बल्कि स्पष्ट अल्टीमेटम भी दिया। उन्होंने मीडिया को बताया की संविदाकार राजेश कैला का अनुबंध तुरंत निरस्त करने के निर्देश दिए है। जिस इंजीनियर ने आंखें मूंदकर यह सड़क बनने दी और निरीक्षण नहीं किया, उस पर विभागीय कार्रवाई हो। मंत्री ने दो टूक कहा, मैंने EE को निर्देश दिए हैं। यदि वे ठेकेदार और दोषी इंजीनियर पर कार्रवाई नहीं करते, तो मैं PWD मंत्री से आग्रह करूँगी कि सीधे EE के विरुद्ध ही कार्रवाई की जाए। मंत्री के इस औचक निरीक्षण और ‘ऑन द स्पॉट’ फैसले से जिले के निर्माण विभागों और ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।

  • MP: सिक्स लेन रोड व गौ अभ्यारण्य की मांग… ग्वालियर में साधु-संत करेंगे टोल फ्री आंदोलन

    MP: सिक्स लेन रोड व गौ अभ्यारण्य की मांग… ग्वालियर में साधु-संत करेंगे टोल फ्री आंदोलन


    ग्वालियर।
    ग्वालियर भिंड हाईवे (Gwalior Bhind Highway) को सिक्स लेन बनाने, सड़क हादसों पर रोक और गौ अभ्यारण (Cow Sanctuary) की मांग को लेकर संत समाज अब खुलकर आंदोलन के रास्ते पर उतर रहा है। इसी कड़ी में 29 दिसंबर को बरेठा टोल प्लाजा पर संत सभा के साथ एक दिवसीय टोल फ्री आंदोलन (Toll-free movement) किया जाएगा। भिंड जिले के कालिका माता मंदिर बघेली बहादुरपुरा में अखिल भारतीय संत समिति के तत्वावधान में संत समाज की बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 29 दिसंबर, सोमवार को मालनपुर टोल प्लाजा पर संत सभा होगी। इसी दिन “नो रोड, नो टोल” थीम पर एक दिवसीय सांकेतिक टोल फ्री आंदोलन किया जाएगा और आगे के आंदोलन की रणनीति का उद्घोष किया जाएगा। संत समाज जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज ने बताया कि संत समाज पहले संवाद के माध्यम से समाधान चाहता है।

    इसी उद्देश्य से सोमवार सुबह 10 बजे भिंड कलेक्टर के साथ बैठक होगी। बैठक में जिले में प्रस्तावित गौ अभ्यारण में अब तक कोई ठोस प्रगति न होने, ग्वालियर भिंड हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय, तथा भिंड जिले की जनता की भावनाओं से राज्य और केंद्र सरकार को अवगत कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

    संत कालीदास महाराज ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि मानव जीवन और गौ वंश की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो संत समाज इस “धर्म युद्ध” में किसी भी त्याग से पीछे नहीं हटेगा। संत समाज ने सभी वर्गों से अपील की कि वे जाति धर्म से ऊपर उठकर गौ संरक्षण और सड़क सुरक्षा के इस अभियान में साथ खड़े हों। बैठक में बड़ी संख्या में संत समाज की उपस्थिति रही।