Category: Madhya Pradesh

  • किसानों के आगे झुकी सरकार उज्जैन सिंहस्थ लैंड पूलिंग योजना पूरी तरह निरस्त 2028 कुंभ से पहले बड़ा फैसला

    किसानों के आगे झुकी सरकार उज्जैन सिंहस्थ लैंड पूलिंग योजना पूरी तरह निरस्त 2028 कुंभ से पहले बड़ा फैसला


    उज्जैन/भोपाल । मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए उज्जैन में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए लाई गई विवादास्पद लैंड पूलिंग योजना’ को आधिकारिक रूप से निरस्त कर दिया है। मंगलवार को सरकार द्वारा जारी आदेश के बाद उन हजारों किसानों ने राहत की सांस ली है जो पिछले कई महीनों से अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।

    विरोध की ज्वाला और आंदोलन की चेतावनी

    इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण भारतीय किसान संघ का कड़ा रुख रहा। किसान संघ ने स्पष्ट कर दिया था कि वे किसी भी कीमत पर अपनी पुश्तैनी जमीन सरकार को स्थायी निर्माण के लिए नहीं देंगे। 18 नवंबर को हुए ‘डेरा डालो घेरा डालो’ आंदोलन के बाद सरकार ने मौखिक रूप से योजना निरस्त करने की बात कही थी लेकिन बाद में केवल संशोधन का पत्र जारी किया गया। इस वादाखिलाफी से नाराज किसानों ने 26 दिसंबर से पुनः उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी थी जिसके दबाव में अंततः सरकार को पूर्ण निरस्तीकरण का आदेश जारी करना पड़ा।

    अपनों ने भी उठाए थे सवाल

    सरकार के लिए स्थिति तब और असहज हो गई जब सत्तापक्ष के भीतर से ही विरोध के स्वर उठने लगे। उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर साफ कहा था कि यह योजना किसान हित में नहीं है। उन्होंने यहाँ तक चेतावनी दे दी थी कि यदि योजना रद्द नहीं हुई तो वे स्वयं किसानों के साथ आंदोलन में बैठने को मजबूर होंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के इस दबाव ने सरकार को पुनर्विचार के लिए विवश किया।

    क्या थी लैंड पूलिंग योजना और क्यों था विरोध

    अगला सिंहस्थ मेला वर्ष 2028 में आयोजित होना है। इसके लिए सरकार चाहती थी कि सिंहस्थ क्षेत्र में आने वाली किसानों की निजी भूमि पर स्थायी निर्माण और बुनियादी ढांचा विकसित किया जाए। इसके लिए लैंड पूलिंग नीति लाई गई थी।

    किसानों के विरोध के मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे

    स्थायी कब्जा बनाम अस्थायी उपयोग दशकों से परंपरा रही है कि सिंहस्थ के लिए किसान केवल 5-6 महीनों के लिए अपनी जमीन सरकार को उपयोग हेतु देते थे और मेला समाप्त होने पर जमीन वापस मिल जाती थी। लैंड पूलिंग के तहत जमीन का स्वरूप स्थायी रूप से बदल जाता। रोजी-रोटी का संकट किसानों को डर था कि स्थायी निर्माण के बाद वे खेती नहीं कर पाएंगे जिससे उनकी आजीविका छिन जाएगी।
    अधिकारों का हनन किसान अपनी जमीन पर मालिकाना हक खोने को तैयार नहीं थे।

    निष्कर्ष पुरानी परंपरा ही रहेगी बरकरार

    अब योजना निरस्त होने के बाद 2028 के सिंहस्थ मेले के लिए पुरानी व्यवस्था ही लागू रहने की संभावना है। सरकार अब किसानों से आपसी सहमति और किराए के आधार पर ही मेले के समय जमीन का उपयोग कर सकेगी। यह निर्णय न केवल किसानों की बड़ी जीत माना जा रहा है बल्कि इसे आगामी चुनावों और क्षेत्रीय संतुलन को साधने के सरकारी प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।

  • उज्जैन में हैवानियत की हदें पार मासूम की हत्या के आरोपी रियाज का पुलिस ने निकाला जुलूस वकीलों का केस लड़ने से इनकार

    उज्जैन में हैवानियत की हदें पार मासूम की हत्या के आरोपी रियाज का पुलिस ने निकाला जुलूस वकीलों का केस लड़ने से इनकार


    उज्जैन/खाचरोद । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। खाचरोद तहसील के एक गाँव में 9 साल की मासूम बच्ची की हत्या के आरोपी रियाज खान का पुलिस ने मंगलवार को सार्वजनिक रूप से जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपी के चेहरे पर खौफ साफ देखा जा सकता था वहीं पुलिस और आम जनता के बीच आरोपी के प्रति गहरा गुस्सा नजर आया।

    क्या है पूरी घटना

    9 साल की मासूम बच्ची अपनी नानी के घर छुट्टियां बिताने आई थी। वह घर के बाहर खेल रही थी तभी पड़ोस में रहने वाला रियाज खान उसे बहला-फुसलाकर उठा ले गया। आरोपी ने मासूम के साथ दुष्कर्म करने का असफल प्रयास किया। जब बच्ची ने खुद को बचाने के लिए शोर मचाया तो हैवान बने रियाज ने उसे चुप कराने के लिए एक बोरी में बंद कर दिया और मोगरी भारी डंडे से उस पर तब तक वार किए जब तक वह अधमरी नहीं हो गई।

    शातिर आरोपी की चाल और डॉक्टरों का खुलासा
    वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बेहद शातिराना खेल खेला। वह खुद बच्ची को लहूलुहान हालत में उठाकर परिजनों के पास पहुँचा और दावा किया कि वह छत से गिर गई है। हालाँकि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बच्ची के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान देखकर साफ कर दिया कि यह हादसा नहीं बल्कि हमला है। गंभीर हालत में बच्ची को रतलाम के जीएमसी अस्पताल रेफर किया गया जहाँ उसकी स्थिति देख नर्सिंग स्टाफ और पुलिसकर्मियों की आँखें भी नम हो गईं। अंततः संघर्ष करते हुए मासूम ने दम तोड़ दिया।

    भागने की कोशिश में हुआ घायल

    पुलिस जब आरोपी रियाज को घटनास्थल का मुआयना कराने ले गई थी तो उसने पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया। इसी दौरान वह गिर गया और उसके पैर में चोट आई जिसके कारण वह जुलूस के दौरान लंगड़ाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रियाज पूछताछ में ‘साइको किलर’ की तरह व्यवहार कर रहा था लेकिन पुख्ता सबूतों के सामने उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

    वकीलों ने किया बहिष्कार
    इस जघन्य अपराध ने कानूनी बिरादरी को भी एकजुट कर दिया है। स्थानीय वकीलों ने सामूहिक निर्णय लिया है कि कोई भी वकील इस दरिंदे का केस नहीं लड़ेगा। समाज के हर वर्ग से आरोपी को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग उठ रही है।

    सोशल मीडिया और जनता का संदेश

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें पुलिस आरोपी को पैदल ले जा रही है। लोग पुलिस की इस कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।

  • MP: भारी विरोध के बाद उज्जैन सिंहस्थ की लैंड पूलिंग योजना निरस्त, आदेश जारी

    MP: भारी विरोध के बाद उज्जैन सिंहस्थ की लैंड पूलिंग योजना निरस्त, आदेश जारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने मंगलवार को उज्जैन में सिंहस्थ (कुंभ मेले) (Ujjain Simhastha (Kumbh Mela) के लिए लाई गई लैंड पूलिंग योजना (Land pooling scheme) को पूरी तरह से निरस्त कर दिया। सरकार की ओर से इस संबंध में एक आदेश जारी किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने यह फैसला भारतीय किसान संघ (बीकेएस) की लगातार मांग और 26 दिसंबर से फिर से आंदोलन की चेतावनी के बाद लिया।

    उज्जैन उत्तर से सत्तारूढ़ भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा (MLA Anil Jain Kaluheda) ने भी मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) को पत्र लिखकर योजना को किसान हित में निरस्त करने की मांग की थी और किसानों के आंदोलन में शामिल होने की मजबूरी जताई थी।

    अगला सिंहस्थ मेला 2028 में आयोजित किया जाएगा। इसे देखते हुए मोहन यादव सरकार ने स्थायी निर्माण के लिए किसानों की जमीन हासिल करने की यह नीति शुरू की थी जबकि पहले किसानों से सिंहस्थ के लिए केवल 5 से 6 महीनों के लिए ही जमीन ली जाती थी, इसलिए किसान संगठन इसका कड़ा विरोध कर रहे थे।

    भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने इस योजना को लेकर विरोध किया था। बीकेएस के आह्वान पर 18 नवंबर को ‘डेरा डालो, घेरा डालो’ आंदोलन की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने लैंड पूलिंग अधिनियम को निरस्त करने की घोषणा की‌ थी। हालांकि बाद में इसे केवल संशोधित करने का पत्र जारी किया गया था। इससे किसान नाराज हो गए थे।

    किसानों ने नए सिरे से अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा कर दी थी। मध्य प्रदेश के राज्यपाल के आदेशानुसार, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपसचिव की ओर से हस्ताक्षरित आदेश में उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित नगर विकास योजना क्रमांक 8, 9, 10, 11 को संशोधित करने वाले प्रस्ताव को लोकहित में अब पूर्ण रूप से निरस्त करने की बात कही गई है।

  • MP में अस्थायी पद होंगे स्थायी, मोहन कैबिनेट ने सेवा भर्ती नियमों में बदलाव को दी मंजूरी

    MP में अस्थायी पद होंगे स्थायी, मोहन कैबिनेट ने सेवा भर्ती नियमों में बदलाव को दी मंजूरी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने विभिन्न परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के लिए राहतों का ऐलान करते हुए राज्य की कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा सुधार करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक (Cabinet meeting) में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में स्वीकृत स्थाई और अस्थाई पदों में भेदभाव को समाप्त करने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने अस्थाई पदों को स्थाई में बदलने के लिए सेवा भर्ती नियम में जरूरी प्रावधान करने पर भी मुहर लगाई है।

    कैबिनेट ने अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना के डूब प्रभावितों के लिए 1,782 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को मंजूरी दी। डूब प्रभावितों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में प्रावधान किए गए 1656 करोड़ रुपये के अतिरिक्त 1,782 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया। सिंचाई और जलविद्युत की परियोजनाएं अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों में चल रही हैं।

    अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना 5,512 करोड़ रुपये की है। इससे 71 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी और 125 मेगावाट बिजली पैदा होगी। इन तीनों परियोजनाओं से कुल 13,873 परिवार प्रभावित होंगे, जिन्हें विशेष पैकेज के तहत प्रति परिवार 12.50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। एससी और एसटी के 50 हजार परिवारों को अतिरिक्त राशि दी जाएगी।

    कैबिनेट ने 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में विभाग स्तर पर 10 लाख या उससे अधिक के कार्यों पर मुहर लगाई है। इसके तहत 693 करोड़ 76 लाख रुपये के लगभग 3810 काम होंगे। भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के मेंटिनेंस के लिए भी 2025-26 के दौरान 90 करोड़ 67 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है।

    कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को साल 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के लिए 905 करोड़ 25 लाख रुपये को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में स्वीकृत स्थायी और अस्थायी पदों के विभेदीकरण को खत्म करने की मंजूरी दी। इस दिशा में स्वीकृत अस्थायी पदों को स्थायी पदों में बदलने के लिए सेवा भर्ती नियम में जरूरी प्रावधान करने को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने वन विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए 48 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

  • शादी से 12 दिन पहले ग्वालियर के वकील ने फांसी लगाई; मां का दावा- SI प्रेमिका के कमरे में आरक्षक को आपत्तिजनक हालत में देखा था

    शादी से 12 दिन पहले ग्वालियर के वकील ने फांसी लगाई; मां का दावा- SI प्रेमिका के कमरे में आरक्षक को आपत्तिजनक हालत में देखा था


    ग्वालियर । यह सनसनीखेज मामला ग्वालियर के गोले का मंदिर थाना क्षेत्र के आदर्श पुरम इलाके का है। श्योपुर जिले के मूल निवासी वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ग्वालियर में किराए के मकान में रहते थे।
    मां का फोन नहीं उठाया फिर
    वकील मृत्युंजय ने रविवार रात अपनी मां शिव कुमारी चौहान का फोन अटेंड नहीं किया। चिंतित मां ने तुरंत ग्वालियर में मृत्युंजय के दोस्तों को इसकी जानकारी दी। सोमवार की सुबह जब दोस्त मृत्युंजय के किराए के घर पहुंचे तो उन्होंने उसे अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया। सूचना मिलते ही गोले का मंदिर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।

    शादी से पहले मिला धोखा

    मृत्युंजय की मां शिव कुमारी चौहान ने ग्वालियर पहुंचकर पुलिस को बताया कि उनका बेटा पिछले पांच साल से मुरैना में तैनात एक महिला SI के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था। यह संबंध काफी गंभीर था और दोनों ने इसी महीने की 30 दिसंबर को शादी करने की योजना बनाई थी। हर शनिवार को मृत्युंजय मुरैना में SI के क्वार्टर पर जाता था। मां ने खुलासा किया कि आत्महत्या से ठीक पहले मृत्युंजय ने उन्हें फोन किया और बताया कि उसके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है।

    आपत्तिजनक हालत में आरक्षक

    वकील की मां के बयान के अनुसार मृत्युंजय ने उन्हें बताया था कि शुक्रवार रात वह महिला SI को सरप्राइज देने के लिए अचानक मुरैना उसके क्वार्टर पहुंच गया। जब वह कमरे के अंदर गया तो वहां महिला SI के अलावा एक आरक्षक भी मौजूद था। मृत्युंजय ने देखा कि आरक्षक और महिला SI आपत्तिजनक हालत में थे और कमरे से शराब की बदबू भी आ रही थी। जब मृत्युंजय ने आरक्षक को फटकारा तो उनके बीच विवाद और मारपीट भी हुई। बाद में महिला SI ने आरक्षक को वहां से भगा दिया।

    डिप्रेशन में आकर की खुदकुशी

    इस घटना से मृत्युंजय गहरे सदमे और डिप्रेशन में आ गया था। मां ने फोन पर उसे काफी समझाने की कोशिश की लेकिन इस भावनात्मक आघात के कारण सोमवार सुबह उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने फिलहाल मृत्युंजय के कमरे की तलाशी ली है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वे मृतक के परिजनों के बयान मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य सभी तथ्यों के आधार पर इस संवेदनशील मामले की गहन विवेचना करेंगे।

  • लैंड पूलिंग का विरोध: BJP MLA अनिल जैन कालूहेड़ा ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा; CM मोहन यादव को पत्र

    लैंड पूलिंग का विरोध: BJP MLA अनिल जैन कालूहेड़ा ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा; CM मोहन यादव को पत्र


    उज्जैन।विधायक ने सरकार पर साधा निशाना उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र जिसका हिस्सा सिंहस्थ कुंभ क्षेत्र भी है के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने राज्य सरकार की लैंड पूलिंग योजना को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी ही पार्टी और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक आधिकारिक पत्र लिखा है।

    सीएम को लिखे पत्र की मुख्य बातें

    विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में एक पुरानी बैठक का हवाला दिया है। उन्होंने बताया कि17 नवंबर को भोपाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल और किसान संघ के साथ आपकी सीएम की मौजूदगी में एक बैठक हुई थी। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि लैंड पूलिंग एक्ट वापस लिया जाएगा। इस निर्णय के बाद किसान संघ ने उज्जैन में एक उत्सव रैली भी की थी जिसमें विधायक कालूहेड़ा स्वयं शामिल हुए थे।

    किसानों के समर्थन में आंदोलन की चेतावनी

    विधायक ने आगे आरोप लगाया कि बाद में उन्हें प्रशासन प्रेस और किसान संघ से पता चला कि पूर्व में लिए गए निर्णय के विपरीत लैंड पूलिंग योजना यथावत है। इस कारण किसान संघ ने योजना के विरोध में 26 दिसंबर को आंदोलन करने का निर्णय लिया है। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने मुख्यमंत्री को स्पष्ट करते हुए कहा है मैं भी किसानों के सम्मान में इस आंदोलन में शामिल रहूंगा। आप से आग्रह है कि किसानों के हित में उचित निर्णय करें।

    अन्य प्रमुख माँगे

    लैंड पूलिंग योजना को वापस लेने के साथ ही विधायक कालूहेड़ा ने मुख्यमंत्री से कुछ अन्य महत्वपूर्ण माँगे भी की हैं आवासीय लाभ सिंहस्थ की जमीन पर जो लोग अब तक बस चुके हैं उन्हें आवासीय प्रयोजन का लाभ दिया जाए। जमीन मुक्त कराना उक्त जमीन को सिंहस्थ प्रयोजन से मुक्त कराया जाए। सड़क चौड़ीकरण पिपलिनाका क्षेत्र की 3 सड़कों के चौड़ीकरण की योजना पर पुन विचार किया जाए। विधायक कालूहेड़ा का यह कदम दर्शाता है कि वह लैंड पूलिंग के मुद्दे पर अपने क्षेत्र के किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं और अपनी ही सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने को भी तैयार हैं।

  • MP पुलिस को बड़ी सफलता बालाघाट के जंगल से नक्सलियों का ₹11.57 लाख का 'खजाना' और भारी हथियार बरामद

    MP पुलिस को बड़ी सफलता बालाघाट के जंगल से नक्सलियों का ₹11.57 लाख का 'खजाना' और भारी हथियार बरामद


    बालाघाट । मध्य प्रदेश पुलिस को यह बड़ी सफलता आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली गोपनीय जानकारियों के आधार पर प्राप्त हुई है। बालाघाट पुलिस ने एक प्रेस नोट में बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों से उनके सहयोगियों और जंगल में छिपाए गए डंप गुप्त ठिकाने के संबंध में लगातार पूछताछ की जा रही थी इसी पूछताछ के आधार पर बालाघाट के विभिन्न जंगलों में छिपाकर रखे गए ₹11 57 385/- ग्यारह लाख सत्तावन हजार तीन सौ पचासी रुपये नगद की बरामदगी की गई। पुलिस के अनुसार यह बालाघाट क्षेत्र में नक्सलियों से की गई अब तक की सबसे बड़ी कैश रिकवरी है।
    भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जब्त
    नगदी के अलावा आत्मसमर्पण किए हुए नक्सलियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल के डंप से भारी मात्रा में युद्ध सामग्री भी जब्त की है। बरामदगी में निम्नलिखित प्रमुख सामग्रियां शामिल हैं
    श्रेणीबरामदगी की संख्या/मात्राराइफल4 सेमी-ऑटोमैटिक राइफल 1 बोल्ट एक्शन राइफल 8 पम्प एक्शन सिंगल शॉट राइफलविशेष हथियार1 ग्रेनेड लॉन्चर1 हैंड मेड देशी कट्टागोला-बारूद451 राउंड कारतूस 26 मैगजीनविस्फोटक/IED16 किलो विस्फोटक सामग्री 5 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर 500 ग्राम बारूद 1 क्लेमोर माइन्स पाइपइलेक्ट्रॉनिक सामान4 मोटोरोला मैन पैक सेट 1 कैमरा 1 वोल्ट मीटर 4 बैटरी सेल अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसअन्य सामग्री22 नग मेटल स्पाइक्स 2 किलो बोल्ट व छर्रे इसके अतिरिक्त पुलिस को नक्सल वर्दी पिड्डु बैग टेंट बनाने का सामान राशन सामग्री हथियार मेंटेनेंस सामग्री ड्रिल मशीन और महत्वपूर्ण नक्सल साहित्य भी प्राप्त हुआ है।

    नक्सल विरोधी अभियान को मिली गति

    यह सफलता ऐसे समय में मिली है जब मध्य प्रदेश में नक्सल विरोधी अभियान निर्णायक दौर में है। हाल ही में मुठभेड़ में मारे जाने के डर से मध्य प्रदेश में बचे हुए अंतिम 2 नक्सलियों पक उर्फ सुधाकर और ACM रोहित उर्फ मंगलू ने 11 दिसंबर को शासन की नीतियों पर विश्वास जताते हुए आत्मसमर्पण किया था। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में इस साल अब तक सबसे ज्यादा 13 हार्डकोर सशस्त्र वर्दीधारी नक्सलियों ने संविधान के प्रति निष्ठा जताते हुए आत्मसमर्पण किया है। वहीं सुरक्षाबलों द्वारा 10 हार्डकोर नक्सलियों को धराशायी भी किया गया है। बालाघाट पुलिस की यह कार्रवाई राज्य में नक्सलवाद की कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

  • दिल दहला देने वाला अपराध उज्जैन में 9 साल की मासूम से रेप की कोशिश  बर्बर पिटाई के बाद मौत  पड़ोसी गिरफ्तार

    दिल दहला देने वाला अपराध उज्जैन में 9 साल की मासूम से रेप की कोशिश बर्बर पिटाई के बाद मौत पड़ोसी गिरफ्तार


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जहां एक 9 साल की मासूम बच्ची को पड़ोसी की हैवानियत का शिकार होना पड़ा। उज्जैन जिले के खाचरोद तहसील के एक गांव में रविवार को यह जघन्य अपराध हुआ।

    छुट्टी पर नानी के घर आई थी बच्ची

    प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूल की छुट्टी होने के कारण पीड़ित बच्ची अपनी दो बड़ी बहनों के साथ अपनी नानी के घर आई हुई थी। रविवार के दिन नानी और बड़ी बहनें छत पर बैठी थीं जबकि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो नानी ने उसकी बहन को उसे देखने भेजा लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद परिवार के लोग बच्ची को खोजने लगे।

    पड़ोसी ने रची झूठ की कहानी

    इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला रियाज खान नामक युवक अपने घर से बच्ची को बेहोशी की हालत में उठाकर लाया। उसने परिवार वालों को गुमराह करने की कोशिश करते हुए यह झूठी कहानी सुनाई कि बच्ची छत से गिर गई है। लेकिन जब परिवार ने बच्ची को देखा तो वे हतप्रभ रह गए। बच्ची का चेहरा बुरी तरह सूजा हुआ था और उसके सिर नाक व आंख पर गहरी चोटें थीं जिनसे खून बह रहा था। परिवार तुरंत बच्ची को खाचरोद अस्पताल ले गया जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रतलाम रेफर कर दिया। रतलाम के अस्पताल में सोमवार को इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।

    चिल्लाने पर बोरी में भरकर पीटा

    पुलिस द्वारा की गई जांच में आरोपी रियाज खान के अपराध की पूरी क्रूरता सामने आई। खाचरोद एसडीओपी आकांक्षा बिछोटे ने बताया कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी तभी पड़ोसी रियाज उसे बहला-फुसलाकर अपने घर में ले गया। उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की।

    जब बच्ची चीखने-चिल्लाने लगी और हाथ-पैर पटकने लगी तो गुस्से में आकर आरोपी ने उसे धक्का दे दिया जिससे वह जमीन पर गिरकर बेसुध हो गई। इसके बाद आरोपी की हैवानियत यहीं नहीं रुकी। उसने बच्ची को एक बोरी में बंद कर दिया और मोगरी से लगातार वार किए। आरोपी ने बच्ची को मरा समझकर उसे वहीं छोड़ दिया और घर से बाहर निकल गया।कुछ देर बाद जब वह लौटा तो उसने देखा कि बच्ची की सांसें चल रही हैं। इसके बाद उसने अपनी गलती छिपाने के लिए बच्ची को उसकी नानी के पास ले जाकर छत से गिरने का मनगढ़ंत किस्सा सुनाया।

    पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी

    डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि बच्ची को लगी चोटें छत से गिरने से नहीं हुई हैं बल्कि किसी भारी वस्तु से पीटने के कारण लगी हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम को रियाज खान के घर भेजकर सबूत जुटाए। सबूतों और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने रियाज को संदिग्ध मानकर उससे पूछताछ शुरू की।
    पुलिस की सख्ती पर आरोपी टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी रियाज ने स्वीकार किया कि घर में कोई नहीं थाऔर बच्ची को अकेला पाकर उसने गलत काम करने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर उसने उसे धक्का दिया और बाद में बोरी में भरकर मोगरी से पीटा। पुलिस ने आरोपी रियाज खान को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है और लोग आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

  • MP: बालाघाट के जंगल से नक्सली डंप से लाखों रुपये बरामद, भारी मात्रा में हथियार भी मिले

    MP: बालाघाट के जंगल से नक्सली डंप से लाखों रुपये बरामद, भारी मात्रा में हथियार भी मिले


    बालाघाट।
    मध्य प्रदेश पुलिस (Madhya Pradesh Police) को हाल ही में उस वक्त एक बड़ी सफलता मिली, जब उसने बालाघाट (Balaghat) में नक्सलियों (Naxalites) से अबतक की सबसे बड़ी रिकवरी की। इस दौरान पुलिस ने जंगलों में छुपाकर रखी गई माओवादियों की करीब साढ़े ग्यारह लाख रुपए की नगद राशि बरामद (Cash Amount Recovered) की। पुलिस ने इस कार्रवाई को आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर अंजाम दिया।

    इस बारे में एक प्रेस नोट जारी करते हुए बालाघाट पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से उनके सहयोगियों एवं जंगल मे छिपाए गए डंप के संबध मे लगातार पूछताछ की जा रही है। इसी दौरान आत्मसमर्पित नक्सलियों से पूछताछ के आधार पर बालाघाट के विभिन्न जंगलों में डम्प करके छिपाए गए 11 लाख 57 हजार 385 रुपए नगद की रिकवरी की गई, जो बालाघाट में नक्सलियों से की गई अब तक की सबसे बडी कैश रिकवरी है।

    पुलिस ने बताया कि इसके अलावा आत्मसमर्पण किए हुए नक्सलियों की निशादेही से बालाघाट के विभिन्न जंगल से भारी मात्रा मे डम्प किए गए रायफल, पिस्टल, एम्युनेशन, ग्रेनेड लॉन्चर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, IED निर्माण सामग्री एवं विस्फोटक सहित अन्य सामग्रियां जब्त की गई हैं।


    इन हथियारों व विस्फोटक सामग्री की हुई बरामदगी

    4 सेमीऑटोमैटिक राइफल, 1 ग्रेनेड लॉन्चर, 1 बोल्ट एक्शन राइफल, 8 पम्प एक्शन सिंगल शॉट राइफल, 1 हैंड मेड देशी कट्टा, 5 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 1 वोल्ट मीटर, 4 बैटरीसेल, 451 राउंड कारतूस, 26 मैगजीन, 1 क्लेमोर माइन्स पाइप, 500 ग्राम बारूद, 16 किलो विस्फोटक सामग्री, 22 नग मेटल स्पाइक्स, 2 किलो बोल्ट व छर्रे, 4 मोटोरोला मैन पैक सेट, 1 कैमरा व बड़ी संख्या में अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस।

    इसके अलावा दैनिक उपयोग कि सामग्री टेंट बनाने का सामान, नक्सल वर्दी, पिड्डु बैग, नक्सल साहित्य, राशन सामग्री, खाना पकाने का सामान, हथियार मेंटेनेंस सामग्री, ड्रिल मशीन, अन्य सामग्री भी बरामद हुई है।


    आखिरी दो नक्सलियों ने किया था आत्मसमर्पण

    बता दें कि मध्यप्रदेश में नक्सल विरोधी सर्चिग अभियान के दौरान मुठभेड़ में मारे जाने के डर से 11 दिसंबर को मध्यप्रदेश में बचे हुए अंतिम 2 नक्सलियों DVCM दीपक उर्फ सुधाकर एवं ACM रोहित उर्फ मंगलू ने भी आत्मसमर्पण कर दिया था। उन्होंने यह कदम शासन की नीतियों पर विश्वास जताते हुए किया था। पुलिस के अनुसार मध्यप्रदेश में इस साल अब तक सबसे ज्यादा 13 हार्डकोर सशस्त्र वर्दीधारी नक्सलियों ने भारत के संविधान पर अपनी निष्ठा जताते हुए हथियार त्याग कर आत्मसमर्पण किया है, जबकि 10 हार्डकोर नक्सलियों को सुरक्षाबलों द्वारा धराशायी कर दिया गया है।

    भारत सरकार द्वारा नक्सलवाद के उन्मूलन हेतु मार्च 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग अभियानों के परिणाम स्वरूप मध्य प्रदेश से सक्रिय सशस्त्र नक्सलवाद को समाप्त किया जा चुका है।

  • MP: उज्जैन में 9 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म की कोशिश, बोरी में भरकर पीटा, मौत

    MP: उज्जैन में 9 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म की कोशिश, बोरी में भरकर पीटा, मौत

    उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन जिले (Ujjain district) में 9 साल की मासूम (A 9-year-old Innocent Girl) के साथ दरिंदगी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। आरोपी एक पड़ोसी युवक है जिसने बच्ची क साथ दुष्कर्म की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर आरोपी ने उसे बोरी में भरा और मोगरी से इतना पीटा की वह बेहोश हो गई। बच्ची के परिजन जब उसे तलाशने लगे तो आरोपी उसे लेकर पहुंचा और बोला कि वह छत से गिर गई है। बच्ची को गंभीर हालत में रतलाम के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उज्जैन जिले के खाचरोद तहसील के एक गांव में रविवार को स्कूल की छुट्टी होने के कारण बच्ची अपनी दो बहनों के साथ नानी के घर आई थी। नानी और बड़ी बहनें छत पर बैठी थीं। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। वह काफी देर तक घर नहीं आई तो नानी ने उसकी बहन को उसे देखने भेजा लेकिन वह कहीं नहीं दिखी। इसके बाद परिवार के लोग बच्ची को खोजने लगे।

    इसी दौरान पड़ोस का रियाज खान अपने घर से बेहोश बच्ची को उठाकर लाया। उसने कहा कि बच्ची छत से गिर गई है। परिवार ने देखा कि बच्ची का मुंह सूजा था। बच्ची के सिर, नाक और आंख पर चोट लगी थी। घावों से खून निकल रहा था। परिजन उसे लेकर खाचरोद अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे रतलाम रेफर कर दिया। इसके बाद उसे रतलाम ले जाया गया जहां इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई।

    पुलिस ने बताया कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान बच्ची को पड़ोसी घर में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। इस दौरान बच्ची चीखने चिल्लाने और हाथ-पैर पटकने लगी। गुस्से में आकर आरोपी ने बच्ची को धक्का दे दिया। आरोपी ने चिल्लाने पर बच्ची को बोरी में बंद कर दिया। फिर मोगरी से लगातार वार किए। आरोपी बच्ची को मरा समझकर घर से बाहर निकल गया।

    बाद में वह लौटा तो देखा कि बच्ची की सांस चल रही है। फिर वह बच्ची को उसकी नानी के पास ले गया और छत से गिरने की झूठी कहानी सुनाई। खाचरोद एसडीओपी आकांक्षा बिछोटे ने कहा की डॉक्टर से बात करने पर पता चला कि बच्ची को चोट छत से गिरने से नहीं वरन किसी भारी वस्तु से पीटने से हुई है। पुलिस ने डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम को भेजकर रियाज के घर से सबूत इकट्ठा किए।

    इसके बाद पुलिस ने आरोपी रियाज को संदिग्ध मानकर उसके साथ पूछताछ शुरू की। सख्ती पर वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल लिया। आरोपी रियाज ने बताया कि घर में कोई नहीं था। बच्ची को अकेला पाकर गलत काम करने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर उसने धक्का दे दिया। इससे वह जमीन पर गिरकर बेसुध हो गई। बाद में उसने बच्ची को बोरी में भरकर मोगरी से पीटा।